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जहरीली शराब पीने से महाराष्ट्र में 15 की मौत, कई गंभीर; प्रशासन में मचा हड़कंप

 पुणे  महाराष्‍ट्र में चौंकाने वाली घटना सामने आई है. पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में जहरीली शराब पीने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्‍य की हालत गंभीर बताई जा रही है. पिंपरी-चिंचवाड़ के दापोडी और फुगेवाड़ी इलाके में आठ लोगों ने दम तोड़ा, जबकि पुणे के काले पड़ल इलाके में तीन और हडपसर इलाके में दो लोगों की मौत हुई. घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है और प्रभावित इलाकों में जांच तेज कर दी गई है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जहरीली शराब आरोपी योगेश वानखेडे ने तैयार की थी, जो कथित तौर पर अवैध शराब कारोबार से जुड़ा हुआ है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।  जानकारी के अनुसार, यह जहरीली और स्पिरिट युक्त शराब योगेश वानखेडे नाम के व्यक्ति ने तैयार की थी. इस शराब को पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ के अलग-अलग इलाकों में बेची गई थी. दापोडी, फुगेवाड़ी, हडपसर और काले पड़ल इलाके में लोगों ने यह शराब पी. कुछ समय बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ गई और मुंह से झाग निकलने लगा. इसके कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई. इलाज के लिए ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया. योगेश वानखेडे एक अवैध शराब विक्रेता बताया जा रहा है. उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।  पुलिस का अलग राग फुगेवाड़ी इलाके में अवैध हाथभट्टी और देसी शराब के अड्डे धड़ल्ले से चलने के कारण स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है और दबी जुबान में चर्चा है कि ये मौतें जहरीली शराब के कारण हुई हैं, लेकिन दापोडी पुलिस ने इसे अफवाह बताया है. शुरुआती जांच के बाद दावा किया है कि ये सभी मौतें अलग-अलग और स्वतंत्र कारणों से हुई हैं।  पुलिस की नजर में मौत की वजह क्‍या? पुलिस के अनुसार, पांडुरंग फुगे (57) की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है. विजय राठौड़ (31) और राजेंद्र राठौड़ (34) दो सगे भाइयों की मौत दिल का दौरा पड़ने से होने की आशंका है. राजेंद्र राजपूत (51) की मौत बाथरूम में चक्कर खाकर गिरने की वजह से हुई. अकबर पठान (52) पिछले 15 वर्षों से अत्यधिक शराब पीने के आदी थे। 

अंग्रेजी शराब ठेकेदार की मनमानी एमआरपी से ज्यादा वसूली करने का आरोप

राजेंद्र ग्राम /छबिलाल  जिले के पुष्पराजगढ़ में अधिकृत अंग्रेजी शराब ठेकेदार पर मनमानी तरीके से शराब बेचने के गंभीर आरोप लगाया जा रहा हैं की अंग्रेजी शराब ठेकेदार के द्वारा बोतल में लिखी एमआरपी से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं और लाइसेंस दुकान की बजाय पुष्पराजगढ़ के कई गांव में अंग्रेजी शराब दुकान का संचालन कराकर शराब की बिक्री की जा रही है ग्रामीणों ने बताया कि बोतल पर छपी कीमत से ज्यादा 50 रूपए से 100 रूपए तक अधिक लिए जा रहे हैं विरोध करने पर ठेकेदार के कर्मचारी अभद्रता व्यवहार करते हैं एवं गांव – गांव में शराब पहुंचा कर बिक्री की जाती है जैसे करपा, सरई, लीला टोला, बेनिवारी,व तीर्थ नगरी अमरकंटक जैसे स्थान में शराब पहुंचा कर विक्रय की जाती है।और समय की अवहेलना भी करते हुए रात 10:00 के बाद भी बिक्री जारी रहती है जबकि नियमानुसार 10:00 बजे दुकान बंद हो जानी चाहिए शराब ठेकेदार के लोग शाम होते ही गांव में घुस जाते हैं युवा नशे की लत में पड़े रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है की एमआरपी रेट में ही शराब बिक्री किया जाए नहीं तो शराब दुकान ही बंद किया जाए इस तरीके का आरोप लगाते हुए शासन से उचित निष्पक्ष जांच करते हुए अंग्रेजी शराब संचालन करने की मांग की गई है।

शराब सिंडिकेट की बढ़ती मनमानी पर लगाम, क्यूआर कोड से होगी डिजिटल निगरानी

शराब सिंडिकेट की मनमानी पर लगाम शराब दुकानों पर क्यूआर कोड का डिजिटल पहरा 10 दिन तक आबकारी विभाग का विशेष सर्च ऑपरेशन क्यूआर कोड चस्पा न करने वाले लायसेंसियों पर गिरेगी गाज भोपाल आबकारी आयुक्त मध्यप्रदेश द्वारा प्रदेश की मदिरा दुकानों पर हो रही मनमानी वसूली और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए अब तकनीक और सख्ती करने का निर्णय लिया है। विभाग के संज्ञान में आया है कि कई जिलों में शराब की दुकानों पर न केवल अधिकतम विक्रय मूल्य एमआरपी से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं, बल्कि प्रतिस्पर्धा के चलते न्यूनतम विक्रय मूल्य एमएसपी से कम पर भी मदिरा बेची जा रही है। इस गंभीर अनियमितता को विभागीय निर्देशों की खुली अवहेलना मानते हुए आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने अब हर मदिरा दुकान पर 'क्यूआर कोड' चस्पा करना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को सशक्त बनाएगी, जिससे वे मौके पर ही अपने स्मार्टफोन से स्कैन कर ब्रांड की वास्तविक और कानूनी दरों का सत्यापन कर सकेंगे। आयुक्त सक्सेना ने कहा कि अब हर मदिरा दुकान पर ई-आबकारी पोर्टल द्वारा जनरेटेड क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य है। इसे स्कैन करते ही उपभोक्ता के मोबाइल पर संबंधित जिले की रेट लिस्ट खुल जाएगी। कोई दुकान संचालक यदि निर्धारित एमएसपी से कम या एमआरपी से ज्यादा पर बिक्री करता है, तो मध्यप्रदेश राजपत्र की कंडिका 21.2 एवं 21.3 के तहत उसके विरुद्ध लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। उपभोक्ता अब सीधे मौके पर ही रेट का मिलान कर सकेंगे। आबकारी आयुक्त सक्सेना ने कहा कि यह कदम उपभोक्ताओं को पारदर्शी सेवाएं देने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से जिला अधिकारियों को विशेष क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें दुकानों के प्रमुख हिस्सों पर लगाना होगा। कोई लायसेंसी यदि इन नियमों की अनदेखी करता है या निर्धारित दरों से अलग बिक्री करता पाया जाता है, तो उसे भारी दंड का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मदिरा उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर उत्पाद उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी पारदर्शिता को जमीन पर उतारने के लिए प्रदेश भर में 28 अप्रैल 2026 से 7 मई 2026 तक एक विशेष 10 दिवसीय जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट 11 मई तक अनिवार्य रूप से तलब की गई है। मदिरा दुकानों पर विक्रय मूल्यों के सत्यापन हेतु चस्पा किये जाने वाले क्यूआर कोड सम्बन्धी निर्देश 1. क्यूआर कोड को ए-3 आकार के स्टिकर पेपर पर प्रिंट कराया जाये। 2. पेपर न्यूनतम 250 जीएसएम की गुणवत्ता का होना चाहिए। 3. स्टिकर में ग्लू पर्याप्त गुणवत्ता/मात्रा का होना चाहिए, जिससे इसे एक बार चस्पा होने पर निकाला न जा सके। 4. प्रत्येक मदिरा दुकान हेतु 5 क्यूआर कोड प्रिंट कराये जाएं :- I. 3 क्यूआर कोड को अभी मदिरा दुकान के ऐसे स्थानों पर चस्पा कराये जाएँ जहाँ से अधिकतम उपभोक्ताओं द्वारा इन्हें आसानी से स्कैन किया जा सके। II. शेष 2 क्यूआर कोड को भविष्य में आवश्यकता हेतु सुरक्षित रखा जाए, जिन्हें पूर्व में चस्पा क्यूआर कोड फटने अथवा क्षतिग्रस्त होने पर पुनः चस्पा कराया जाए। 5. क्यूआर कोड विभाग द्वारा प्रिंट कराये जाकर मदिरा दुकानों पर चस्पा कराये जाएँ, जिसका स्टेशनरी हेतु निर्धारित कोषालय शीर्ष से भुगतान किया जाये। 6. सम्बंधित वृत्त प्रभारी द्वारा मदिरा दुकान के क्यूआर कोड को स्कैन किया जाकर यह परिक्षण कर लिया जाए कि इसके माध्यम से मदिरा के विक्रय मूल्य (एमएसपी एवं एमआरपी) की जानकारी प्रदर्शित हो रही है। 7. क्यूआर कोड चस्पा होने पर, सम्बंधित वृत प्रभारी से मदिरा दुकान की फोटो प्राप्त की जाए जिसमे क्यूआर कोड प्रदर्शित हों। समस्त दुकानों पर उक्त कार्यवाही होने पर कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र इस कार्यालय को प्रेषित किया जाए।  

बिना नंबर की बोलेरो में 19 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त, सनेह उर्फ शनि सिंह गिरफ्तार—एक आरोपी फरार

बिना नंबर की बोलेरो में 19 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त, सनेह उर्फ शनि सिंह गिरफ्तार—एक आरोपी फरार राजेन्द्रग्राम  थाना राजेन्द्रग्राम पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए बिना नंबर की बोलेरो वाहन से 19 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की है। इस कार्रवाई में एक आरोपी सनेह उर्फ शनि सिंह (पिता सत्यलाल सिंह, निवासी चूंदरोड, थाना कोटर, जिला सतना) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 22 अप्रैल 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक सफेद रंग की बोलेरो वाहन में दो व्यक्ति अवैध अंग्रेजी शराब लेकर अमरकंटक की ओर बिक्री के उद्देश्य से जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई और ग्राम डाकिया टोला मेन रोड पर घेराबंदी कर निगरानी शुरू की। कुछ ही देर बाद राजेन्द्रग्राम की ओर से एक संदिग्ध बिना नंबर की बोलेरो वाहन आती हुई दिखाई दी। पुलिस वाहन को देखकर चालक ने गति बढ़ा दी और भागने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन का पीछा किया और घुसरवार के पास उसे रोक लिया। इस दौरान वाहन में सवार एक व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे व्यक्ति को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सनेह उर्फ शनि सिंह बताया। पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई करते हुए बोलेरो वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन के पीछे रखे 19 कार्टून बरामद किए गए, जिनमें विभिन्न ब्रांड की अंग्रेजी शराब भरी हुई थी। जप्त शराब का विवरण इस प्रकार है— 08 पेटी स्टाक कंपनी की बियर (650 एमएल) कुल 96 नग, मात्रा 62.400 लीटर 01 पेटी मैजिक मोमेंट अंग्रेजी शराब (180 एमएल) कुल 48 नग, मात्रा 8.640 लीटर 02 पेटी किंगफिशर स्ट्रॉन्ग बियर (केन 500 एमएल) कुल 48 नग, मात्रा 24 लीटर 02 पेटी गोवा व्हिस्की (180 एमएल) कुल 100 नग, मात्रा 18 लीटर 02 पेटी रॉयल स्टेज व्हिस्की (180 एमएल) कुल 96 नग, मात्रा 17.280 लीटर 04 पेटी मैकडॉवेल नंबर-1 व्हिस्की (180 एमएल) कुल 192 नग, मात्रा 34.560 लीटर इस प्रकार कुल 164.880 लीटर अंग्रेजी शराब, जिसकी अनुमानित कीमत 89,868 रुपये है, जब्त की गई। साथ ही अवैध परिवहन में प्रयुक्त बिना नंबर की बोलेरो वाहन को भी जप्त किया गया। पुलिस ने आरोपी सनेह उर्फ शनि सिंह के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत अपराध क्रमांक 105/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनूपपुर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी पुष्पराजगढ़ के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक पी.सी. कोल के नेतृत्व में की गई। इस दौरान सउनि अवधलाल अहिरवार, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र सिंह, आरक्षक राजेन्द्र प्रसाद यादव एवं आरक्षक धीरज तिल्गाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा फरार आरोपी की तलाश जारी है तथा क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

नई एक्साइज पॉलिसी की मंजूरी, अब इस शहर के पेट्रोल पंप पर मिलेगी शराब

 चंडीगढ़ चंडीगढ़ में अब शराब खरीदना और भी आसान हो जाएगा. चंडीगढ़ प्रशासन ने नई एक्साइज पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी दे दी है. इस नई नीति में बड़ा बदलाव ये है कि अब शराब सिर्फ पुरानी ठेकों पर ही नहीं, बल्कि पेट्रोल पंपों, शॉपिंग मॉल्स और लोकल मार्केट्स में भी बिक सकेगी. इसके अलावा बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर्स भी विदेशी शराब, वाइन और बीयर बेच सकेंगे।  इसके साथ ही सरकार ने कुछ जरूरी नियम भी बनाए हैं. अब हर शराब की दुकान पर डिजिटल पेमेंट (कार्ड और POS मशीन) अनिवार्य कर दिया गया है. बार, होटल और रेस्टोरेंट में अल्कोहल मीटर (शराब जांचने वाली मशीन) लगाना भी जरूरी होगा, ताकि लोग जिम्मेदारी से शराब पी सकें. कुल मिलाकर नई नीति में सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता और बेहतर नियंत्रण पर भी जोर दिया गया है।  डिजिटल पेमेंट होगा जरूरी नई नीति में पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करने के लिए कई तकनीकी प्रावधान किए गए हैं। अब सभी शराब दुकानों पर डिजिटल पेमेंट की सुविधा अनिवार्य होगी, जिसमें कार्ड और पीओएस मशीन का उपयोग करना जरूरी रहेगा। इसके साथ ही बार, होटल और रेस्टोरेंट में अल्कोहल मीटर लगाने का प्रावधान किया गया है, ताकि शराब की मात्रा और गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन का मानना है कि इन कदमों से जिम्मेदारी के साथ शराब सेवन को बढ़ावा मिलेगा और नियमों के पालन में भी आसानी होगी। नई नीति में 97 दुकानों को मंजूरी नई एक्साइज नीति के तहत चंडीगढ़ में कुल 97 शराब दुकानों को मंजूरी दी गई है। भारतीय शराब, बीयर और वाइन की कीमतों में अधिकतम 2 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। इसके अलावा शराब की सप्लाई करने वाले वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है, जिससे परिवहन प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके। बोटलिंग प्लांट को सप्ताह में छह दिन संचालन की अनुमति दी गई है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों और लाइव मॉनिटरिंग के जरिए पूरी व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। पारदर्शिता और नियंत्रण पर फोकस प्रशासन का कहना है कि नई नीति से जहां लोगों को शराब खरीदने में सुविधा मिलेगी, वहीं अवैध गतिविधियों पर भी रोक लगेगी। संगठित खुदरा स्थानों पर बिक्री की अनुमति मिलने से उपभोक्ताओं को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल मिलेगा। सरकार का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है। माना जा रहा है कि यह नीति उपभोक्ताओं की सुविधा, राजस्व वृद्धि और नियंत्रण व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायक साबित होगी।  चंडीगढ़ में कुल 97 शराब की दुकानें मंजूर की गई हैं. भारतीय शराब, बीयर और वाइन पर अधिकतम 2 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. शराब ले जाने वाली गाड़ियों में GPS ट्रैकिंग लगाना अनिवार्य होगा. बोतलिंग प्लांट अब हफ्ते में 6 दिन काम कर सकेंगे. CCTV और लाइव मॉनिटरिंग के जरिए निगरानी सख्त की जाएगी।  सरकार का कहना है कि नई पॉलिसी से लोगों को शराब आसानी से मिल सकेगी और साथ ही अवैध कामों पर भी लगाम लगेगी. प्रशासन का उद्देश्य इससे न केवल शराब की खरीद को आसान बनाना है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित करना है. संगठित खुदरा स्थानों पर बिक्री की अनुमति से उपभोक्ताओं को एक सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिलेगा, जहां वे आसानी से शराब खरीद सकेंगे। 

संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई: 10 हजार रुपये से अधिक की देशी मदिरा जब्त

बलौदाबाजार संयुक्त टीम ने 10 हजार रुपए से अधिक की देशी मदिरा किया जब्तआबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा दो प्रकरणों में 10900 रुपए मूल्य के 19.62 बल्क लीटर देशी मदिरा जब्त किया गया। प्राप्त जानकारी के. अनुसार ग्राम सुंदरी (स) में आरोपी चेतन पिता राजकुमार मनहरे उम्र 25 वर्ष सा. सुंदरी के कब्जे से देशी मदिरा के 84 पाव कुल 15.12 बल्क लीटर जब्त की गई। देशी मदिरा का बाजार मूल्य 8,400/- रूपये होना पाया गया। इसी प्रकार आरोपी सतवंतीन बाई पति जोहार लाल मनहरे उम्र 54 वर्ष सा. सुंदरी (स) के कब्जे से 25 पाव देशी मदिरा मसाला कुल 4.5 बल्क लीटर जब्त की गई। देशी मदिरा का बाजार मूल्य 2,500 रूपये होना पाया गया। कुल दोनो प्रकरणों की जप्ती 19.62 बल्क लीटर है एवं बाजार मूल्य 10,900/- रूपये है। आरोपी चेतन पिता राजकुमार मनहरे उम्र 25 वर्ष सा. सुंदरी के विरूद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (2) 59 (क) एवं आरोपिया सतवंतीन बाई पति जोहार लाल मनहरे उम्र 54 वर्ष सा. सुंदरी (स) के विरूद्ध 34 (1) ख का प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया।  कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश कुमार सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक दिनेश कुमार साहू, पी. माधव राव, पुलिस बल में विष्णु खटकर, भानु एवं नगर सैनिक कमल वर्मा, दुर्गेश्वरी कुर्रे, राजकुमारी पैकरा शामिल रहे।

छत्तीसगढ़ में होली के दिन नहीं खुलेंगी शराब दुकानें, सरकार का बड़ा फैसला

रायपुर छत्तीसगढ़ में होली पर्व को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। होली के दिन प्रदेशभर में सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी। इस संबंध में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार 4 मार्च 2026 को होली त्योहार के अवसर पर पूरे राज्य में शुष्क दिवस (ड्राई डे) घोषित किया गया है। इस दिन देशी-विदेशी मदिरा की सभी फुटकर दुकानें, बार और शराब से संबंधित अन्य प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। किसी भी दुकान के खुले पाए जाने या अवैध रूप से शराब बिक्री करने पर संबंधित संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने जिला आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएं और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करें। होली के मद्देनजर यह कदम सामाजिक शांति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि त्योहार सौहार्द और सुरक्षित वातावरण में मनाया जा सके। प्रदेशवासियों से भी अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ होली मनाएं।

मुरैना में नकली शराब का बड़ा खुलासा, 600 लीटर स्प्रिट, राइफल और कारतूस समेत कई सामान बरामद

मुरैना  माता बसैया थाना पुलिस ने नाका गांव में आसन नदी किनारे बीहड़ क्षेत्र में नकली शराब बनाने का प्लांट पकड़ा है। यहां बड़ी मात्रा में अवैध शराब और नकली शराब बनाने की सामग्री मिली है। पुलिस ने मौके से सात आरोपितों को भी गिरफ्तार किया है। माता बसैया थाना प्रभारी अरुण कुशवाह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। आसन नदी किनारे बीहड़ के सुनसान क्षेत्र में झोपड़ी बनाकर अवैध शराब बनाने का कारोबार चल रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर दबिश दी। 1000 लीटर अवैध शराब बरामद मौके से 1000 लीटर अवैध शराब बरामद की गई है। इसके अलावा 600 लीटर ओपी (स्प्रिट) केमिकल भी मिला है, जिससे नकली शराब बनाई जा रही थी। आरोपितों के पास से 12 बोर की राइफल और चार कारतूस भी बरामद किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खपाया जाता था यहां तैयार की जाने वाली नकली शराब को ग्रामीण क्षेत्रों में खपाया जाता था। शराब नकली न लगे, इसके लिए उसे हूबहू उन्हीं कार्टनों में पैक किया जाता था, जिनमें आबकारी विभाग के ठेकों की शराब आती है। सातों आरोपितों के खिलाफ आबकारी एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।  

न्यू ईयर सेलिब्रेशन में झारखंडियों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, तीन दिन में करोड़ों की शराब बिकी

रांची नए साल के जश्न ने झारखंड में शराब की बिक्री के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 31 दिसंबर की रात राज्यभर में जश्न, पार्टियों और नाइट सेलिब्रेशन का असर सीधा शराब की दुकानों पर दिखा, जहां देर रात तक भारी भीड़ लगी रही। तीन दिनों में 65 करोड़ रुपये की शराब बिकी 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक राज्य में लगभग 65 करोड़ रुपये के शराब की बिक्री का अनुमान है। झारखंड शराब व्यापारी संघ के प्रदेश महासचिव सुबोध कुमार जायसवाल ने बताया कि तीन दिनों में बिक्री 65 से 70 करोड़ रुपये के बीच रही। उन्होंने कहा कि मांग के अनुरूप पूरी बिक्री नहीं हो पाई। सर्वाधिक बिक्री 31 दिसंबर को हुई, जब पूरे राज्य में लगभग 30 करोड़ रुपये की शराब बिकी। पिछले वर्ष 60 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई थी कहा जा रहा है कि यह पिछले साल 31 दिसंबर की तुलना में लगभग ढाई करोड़ रुपये अधिक है। पिछले वर्ष इसी मौके पर तीन दिनों में लगभग 60 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई थी।  

मालीघोरी गांव में ड्राई डे पर शराब की तस्करी पकड़ाई, पुलिस ने की कड़ी कार्रवाई

बालोद ड्राई डे पर भी अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम मालीघोरी में गुरुवार देर रात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 498 पव्वा अवैध शराब जब्त की। यह जखीरा गांव के निवासी खिलेश गौतम के घर से बरामद हुआ है। गांव में शराब पकड़े जाने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ड्राई डे पर भी खुलेआम शराब बेची जा रही थी और बेचने वाला दबंगई कर रहा था। इस बात से नाराज होकर ग्रामीण लामबंद हो गए। देखते ही देखते गांव का माहौल बिगड़ गया और गांव छावनी में तब्दील हो गया। शिकायत मिलते ही बालोद थाने की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने खिलेश गौतम के घर से शराब का जखीरा जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। गांव के लोग इस कार्रवाई को लेकर संतुष्ट नजर आए, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक अवैध शराबखोरी पर रोकथाम को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कारोबार फल-फूल रहा है।