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संघ प्रमुख मोहन भागवत बोले, भाजपा पर आरएसएस का नियंत्रण नहीं, कहीं कोई झगड़ा नहीं

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर समझाया है कि अपने घरों में अपनी भाषा, परंपरा, वेशभूषा और संस्कृति बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तकनीक और आधुनिकता शिक्षा के विरोधी नहीं हैं। शिक्षा केवल जानकारी नहीं है; यह व्यक्ति को सुसंस्कृत बनाने के बारे में है। नई शिक्षा नीति में पंचकोसीय शिक्षा के प्रावधान शामिल हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) सही दिशा में एक कदम है। बेहतर समाज का निर्माण संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर आरएसएस द्वारा 100 वर्ष की संघ यात्रा – 'नए क्षितिज' के तहत अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गुरुवार को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने परिवार को एकजुट करने के तरीके भी बताए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक-दूसरे के पर्व-त्योहारों में शामिल होकर सामाजिक एकता मजबूत होती है, साथ ही प्रेम और करुणा बढ़ती है। कानूनी व्यवस्था पर भरोसा संघ प्रमुख ने कहा कि विवाद या भड़काऊ स्थिति में कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए, बल्कि कानूनी व्यवस्था पर भरोसा करना चाहिए। हमारे देश की विविध संस्कृति में विभिन्न जाति, पंथ, और समुदाय के लोग रहते हैं. इन सबके बीच सौहार्द बनाए रखने और संबंध मजबूत करने के लिए एक-दूसरे के पर्व-त्योहारों में सम्मिलित होना बहुत जरूरी है। समाज में समरसता उन्‍होंने समझाया कि ऐसा करने से सामाजिक दूरियां घटती हैं और विश्वास बढ़ता है। इसके साथ ही समाज में प्रेम और करुणा की भावना पनपती है। दूसरों की खुशियों में शामिल होने से समाज में समरसता आती है और आपसी भेद-भाव कम होते हैं। कहीं कोई झगड़ा नहीं: आरएसएस प्रमुख संघ प्रमुख ने कहा, 'हमारा हर सरकार, राज्य सरकारों और केंद्र सरकारों, दोनों के साथ अच्छा समन्वय है। लेकिन कुछ व्यवस्थाएं ऐसी भी हैं, जिनमें कुछ आंतरिक विरोधाभास हैं। कुल मिलाकर व्यवस्था वही है, जिसका आविष्कार अंग्रेजों ने शासन करने के लिए किया था। इसलिए, हमें कुछ नवाचार करने होंगे। फिर, हम चाहते हैं कि कुछ हो। भले ही कुर्सी पर बैठा व्यक्ति हमारे लिए पूरी तरह से समर्पित हो, उसे यह करना ही होगा और वह जानता है कि इसमें क्या बाधाएं हैं। वह ऐसा कर भी सकता है और नहीं भी। हमें उसे वह स्वतंत्रता देनी होगी। कहीं कोई झगड़ा नहीं है।' उन्होंने कहा कि यह सच नहीं है कि आरएसएस भाजपा के लिए फैसले लेता है। जेपी नारायण से लेकर प्रणब मुखर्जी तक, लोगों ने हमारे बारे में अपना नजरिया बदला है। इसलिए हमें किसी के नजरिए में बदलाव की संभावना से कभी इनकार नहीं करना चाहिए। हम भाजपा के लिए फैसले नहीं लेते: संघ प्रमुख आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमारे यहां मत भेद हो सकता है, लेकिन मन भेद नहीं है। क्या आरएसएस सब कुछ तय करता है? यह पूरी तरह से गलत है। ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता। मैं कई सालों से संघ चला रहा हूं और वे सरकार चला रहे हैं। इसलिए हम केवल सलाह दे सकते हैं, निर्णय नहीं ले सकते। अगर हम निर्णय ले रहे होते, तो क्या इसमें इतना समय लगता? हम निर्णय नहीं लेते।

मंत्री सारंग ने कहा- मध्यप्रदेश की सभी पैक्स समितियां डब्ल्यू.डी.आर.ए. की सदस्य बनेंगी

भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था से गांव व किसान को जोड़ने की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जो जन-धन योजना लागू की है, इसका मुख्य उद्देश्य गांव व किसान को देश की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है। इसके सकारात्मक परिणाम आज हमारे सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व एवं केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में निरंतर “सहकार से समृद्धि’’ के मूल मंत्र को साकार करने की दिशा में अग्रसर है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इसका अनुसरण करते हुए हम स्वर्णिम मध्यप्रदेश के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नवाचार के विभिन्न माध्यमों का प्रयोग करते हुए प्रदेश की प्रगति के लिये काम कर रहे हैं। मंत्री श्री सारंग अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में भांडागारण विकास और विनियामक प्राधिकरण के माध्यम से सहकारी संस्थाओं के व्यवसाय विविधिकरण पर अपेक्स बैंक, सहकारिता विभाग एवं विनियामक प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि जब तक अर्थव्यवस्‍था आम आदमी के दरवाजे से नहीं निकलेगी, तब तक मजबूती नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हम किसानों को समृद्ध करना चाहते हैं, तो पहले हमें पैक्स (प्राथमिक कृषि सहाकारी समितियों) को समृद्ध बनाने की दिशा में प्रयास करने होंगे। यह कार्यशाला निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगी। श्री सारंग ने कहा कि जिला बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से अपेक्षा करता हॅूं कि वे मध्यप्रदेश की प्रत्येक पैक्स को डब्ल्यू.आर.डी.ए. (भांडागारण विकास और विनियामक प्राधिकरण) का सदस्य बनाने के प्रयास आज से ही आरंभ कर दें, जिससे कि आगे चलकर प्रदेश के किसानों को दूरदराज अंचलों में परेशान न होना पड़े व अपने नजदीकी डब्ल्यू.आर.डी.ए. के सदस्य वेयर हाउस में अपनी उत्पाद को सुरक्षित रख लाभान्वित हों, जब तक भण्डारण व्यवस्थित नहीं होगी, तब तक किसानों को उसका फायदा नहीं मिल सकेगा । कार्यशाला में श्री सारंग ने अपेक्स बैंक द्वारा प्रकाशित मानक परिचालन प्रक्रिया वेयर हाउसिंग डेव्हलेपमेंट एण्ड रेग्यूलेटरी अथॉरिटी की योजनान्तर्गत वेयर हाउस पंजीकरण की पुस्तक का विमोचन भी किया तथा प्रदेश में गोदाम बनाने की योजना पर कार्य करने के लिये स्टेट वेयर हाउसिंग प्रबंध संचालक श्री अनुराग वर्मा, म.प्र. राज्य सहकारी संघ के प्रबंध संचालक श्री ऋतुराज रंजन तथा सहकारिता विभाग के नवाचार प्रकोष्ठ के संयुक्त आयुक्त श्री महेन्द्र दीक्षित को अधिकृत किया। आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के दौरान हम किसानों को प्रशिक्षित करें कि वे अपने उत्पाद को कैसे बेहतर ढंग से रख सकते हैं और डिजीटली किस प्रकार बेच सकते हैं, आज की यह कार्यशाला एग्रो प्रोसेसिंग व मार्केंटिंग की दिशा में अत्यन्त उपयोगी है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो इस प्रकार की कार्यशाला हम संभाग व जिला स्तर पर भी आयोजित करेंगे। कार्यशाला में श्री अरूण कुमार श्रीवास्तव, सदस्य, डब्ल्यू.डी. आर.ए. ने कहा कि वर्ष 2051 तक हमारे देश की जनसंख्या 170 करोड़ हो जायेगी व मध्यप्रदेश की लगभग 12 करोड़, जो देश का लगभग 6.3 प्रतिशत होगी। मध्यप्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन लगभग 338 लाख मी.टन है, जो भारत के खाद्यान्न उत्पादन का लगभग 12.10 प्रतिशत है। भारत वर्ष 2051 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा। उन्होंने कहा कि इस मान से प्रदेश में वेयर हाउस के गोदामों के लिये एक सुनियोजित योजना बनाने की दिशा में प्रयास किये जायें। सी.डब्ल्यू.सी. क्षेत्रीय प्रबंधक श्री रामकुमार ने बताया कि यदि केन्द्रीय वेयर हाउसिंग में डब्ल्यू.डी.आर.ए. के अन्तर्गत देश के 50 हजार गोदाम यदि रजिस्टर्ड हो जायें तो किसान आपके द्वार तक आ जायेंगे। इससे आपकी साख भी बढ़ेगी और किसान के साथ आप भी हमारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे, हमारा उद्देश्य वेयर हाउस केन्द्रों को लाभ का केन्द्र बनाना है। इससे किसानों के उत्पाद सुरक्षित होंगे और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से भी बचा जा सकता है। कार्यशाला में श्री विनीत गुप्ता, नेशनल ई-रिपोजिटरी लिमिटेड, श्री जसवीर गोदारा, एवीपी सीसीआरएल, श्री संजय अग्रवाल ने अपनी डिजीटल व्यवसाय प्रणाली पर विचार व्यक्त किये। कार्यशाला में सहकारिता विभाग के संयुक्त/उप/सहायक आयुक्त, जिला बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वेयर हाउस व एफपीओ के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

पंजाब बाढ़ में हरसंभव सहायता का भरोसा, नायब सैनी ने लिखा पत्र

पंजाब  पंजाब में लगातार बारिश का कहर जारी है। इसके कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ आ गई है। इसी बीच हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने पंजाब में आई बाढ़ का दुख जताया है और हर संभंव मदद करने का वादा किया है। इस संदर्भ में सीएम सैनी ने पंजाब के सीएम भगवंत मान को पत्र लिखा है। पत्र में सीएम सैनी ने लिखा है कि पंजाब में आई बाढ़ की स्थिति के कारण उत्पन्न कठिनाइयों को जानकर मुझे अत्यंत दुःख हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में हमारे पंजाब के भाई-बहन गहरा कष्ट झेल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा सरकार और यहाँ की लगभग 2 करोड़ 80 लाख जनता इस कठिन समय में पंजाब के साथ मजबूती से खड़ी है। सीएम सैनी ने पत्र में कहा है कि यदि आपको किसी भी प्रकार की सहायता, राहत सामग्री, बचाव दल, चिकित्सा सेवा या अन्य संसाधनों की आवश्यकता हो, तो कृपया निःसंकोच मुझे सूचित करें। उन्होंने भरोसा जताया कि हर संभव मदद तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी ताकि इस संकट की घड़ी में प्रभावित हर व्यक्ति को शीघ्र राहत मिल सके। 

उज्जैन में होगी चिड़ियाघर-सह-सफारी केंद्र की स्थापना

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में गुरूवार को मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन समिति और ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर समिति के बीच एमओयू हुआ। चिड़ियाघरों, रेस्क्यू सेंटर्स और सफारी में रखे गए वन्यजीवों के पुर्नवास, संरक्षण, पशु स्वास्थ्य और कल्याण में सहयोग करना इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य है, इस दिशा में संयुक्त प्रयास‍किए जाएंगे। उज्जैन में प्रस्तावित चिड़ियाघर-सह-सफारी केंद्र की स्थापना के लिए तकनीकी सहायता सहित वन कर्मियों, पशु चिकित्सकों और हाथी महावतों के लिए विशेष क्षमता-निर्माण और कौशल उन्नयन के कार्यक्रम संचालित होंगे। साथ ही पशु चिकित्सा अस्पताल और नैदानिक ​​प्रयोगशालाओं सहित उन्नत वन्यजीव स्वास्थ्य और बचाव बुनियादी ढांचे का सहयोगात्मक विकास भी किया जाएगा। बाघों की आबादी के आणविक आनुवंशिक विश्लेषण के लिए मिलेगी प्रयोगशाला सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए इस एमओयू के अंतर्गत प्रदेश के चिड़ियाघर संस्थानों के लिए एकीकृत डिजिटल चिड़ियाघर प्रबंधन सूचना प्रणाली का डिजाइन और विकास किया जाएगा। संरक्षण योजना और साक्ष्य-आधारित वन्यजीव प्रबंधन के लिए, विशेष रूप से चिडि़याघर के बाघों (Pantheratigris) की आबादी के आणविक आनुवंशिक विश्लेषण के लिए ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर की उन्नत प्रयोगशाला की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। वन्यजीवों को प्रभावित करने वाली बीमारियों की रोकथाम, निदान और उपचार के लिए भी संयुक्त अनुसंधान आरंभ होंगे। यह एमओयू दो साल की अवधि के लिए लागू रहेगा। समझौते के अनुक्रम में ग्रीन्स सेंटर तकनीकी प्रोटोकॉल, पशु चिकित्सा पद्धतियों और पशु कल्याण मानकों की समीक्षा कर, इस संबंध में सलाह राज्य शासन के वन विभाग को दे सकेगा। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुए एमओयू हस्ताक्षर और आदान-प्रदान अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी.एन. अम्बाड़े, ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के डॉ. बृज किशोर गुप्ता, श्री अनुपम जैन और श्री संदीप दीक्षित उपस्थित रहे।  

राज्य की हरियाली संवारने में अहम भूमिका निभा रही हैं जीविका दीदियां

-2019 में शुरू जल-जीवन-हरियाली अभियान को दीदियों ने दिया जनांदोलन का रूप – ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण दोनों को मिल रही मजबूती पटना, बिहार में सामाजिक परिवर्तन की अग्रदूत बनीं जीविका दीदियां, जिन्होंने शराबबंदी, दहेज प्रथा और बाल-विवाह जैसी बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाकर गांव-गांव में नई सोच जगाई है, अब पर्यावरण बचाने की मुहिम में भी सक्रिय हो गई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा वर्ष 2019 में आरंभ किया गया जल-जीवन-हरियाली अभियान आज पूरे राज्य में जनांदोलन के रूप में खड़ा है। इस अभियान को सफल बनाने में जीविका दीदियों ने हरित जीविका-हरित बिहार कार्यक्रम के अंतर्गत करोड़ों पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण की ऐतिहासिक पहल की है। चार करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए राज्य के ग्यारह लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी एक करोड़ चालीस लाख से अधिक दीदियों ने अब तक चार करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए हैं। पौधों की लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए दीदी की नर्सरी की शुरुआत की गई। आज जीविका दीदियों द्वारा संचालित नर्सरियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं की श्रम भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में भी नेतृत्व का कार्य कर रही हैं। 987 दीदी की नर्सरी संचालित जीविका, मनरेगा और वन एवं पर्यावरण विभाग के सहयोग से पूरे राज्य में अब तक 987 दीदी की नर्सरियां संचालित हो चुकी हैं। इनमें 677 नर्सरियां जीविका व मनरेगा की साझेदारी से और 310 नर्सरियां वन विभाग के सहयोग से चल रही हैं। गौर करने वाली बात है कि 2019-20 में इनकी संख्या मात्र 350 थी, जो पांच साल में करीब तीन गुना बढ़ गई है। लाखों पौधों की आपूर्ति और करोड़ों की आय दीदी की नर्सरी से विभिन्न प्रजातियों के औसतन 20 हजार पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं। हर वर्ष जून से अक्टूबर के बीच बड़े पैमाने पर पौधों का वृक्षारोपण होता है। वर्तमान में नर्सरियों में तीन फीट से अधिक ऊंचाई वाले 68 लाख 80 हजार पौधे और तीन फीट से कम ऊंचाई वाले एक करोड़ 19 लाख 48 हजार से अधिक पौधे उपलब्ध हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 95.32 लाख पौधों की बिक्री से 18.27 करोड़ रुपये की आय हुई थी।अबतक कुल 67 करोड़ रुपये की आमदनी नर्सरी संचालक दीदियों को हुई है। 97 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2024-25 में हरित जीविका-हरित बिहार अभियान के तहत 82 लाख पौधे लगाए गए। वहीं, वर्ष 2025-26 के लिए जीविका दीदियों ने 97 लाख पौधारोपण का लक्ष्य तय किया है। जून माह से चल रहे अभियान में अब तक 23 लाख से अधिक पौधे लगाए भी जा चुके हैं। गौरतलब है कि जीविका दीदियों के प्रयास से न केवल बिहार का पर्यावरण और हरियाली बढ़ रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की सतत आजीविका भी सुदृढ़ हो रही है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के साथ अब बिहार की महिलाएं पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी भागीदार बन चुकी हैं।

आपकी त्वचा भी हो सकती है बेदाग

अगर आपको मॉडल्स या अभिनेत्रियों की सुंदरता या फिर अपने दोस्तों व सहकर्मियों की बेदाग त्वचा को देखकर ईष्र्या होती हो और उनकी तुलना में खुद को अनाकर्षक समझती हों, तो अब आपको अपने कमियों को लेकर अपनी नींद गंवाने की जरूरत नहीं है। अगर आपने बड़ी ईमानदारी से क्लींजिंग, मॉयस्चराइजिंग व नियमित रूप से स्किन ट्रीटमेंट किया है, लेकिन उनसे कोई मदद नहीं मिली है, तो आपके पास और भी विकल्प है। इसके लिए आपको निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना होगा… अच्छी नींद लेना त्वचा की क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया कार्य के दौरान कठिन होती है, जबकि नींद के दौरान यह प्रक्रिया अच्छी तरह पूरी होती है। इसलिए अगर आप रात को पूरी नींद नहीं सोती है, तो न सिर्फ आपके रूप पर इसका असर होता है बल्कि आंखों के आसपास काले धब्बे भी आने लगते है। व्यायाम नियमित रूप से व्यायाम करने से न सिर्फ मन तरोताजा बना रहता है, बल्कि पूरे शरीर को आवश्यक ऊर्जा मिलती है और रक्त का संचार तेज होता है। कहने की आवश्यकता नहीं है कि इससे त्वचा में भी निखार भी आता है या यूं कहे कि संपूर्ण स्वास्थ्य और सुंदरता पर गहरा असर होता है। लेकिन कुछ स्त्रियों में इसके विपरीत प्रभाव को भी देखा जाता है। जैसे- चेहरे के त्वचा का फटना, रैशेज पड़ना आदि के रूप में। यहां यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि इस प्रकार की त्वचा संबंधी समस्याएं व्यायाम के चलते नहीं होतीं। आपको वर्कआउट से पहले, इसके दौरान और इसके बाद में किस तरह त्वचा की देखभाल की जाए, आपको इसका पता होना जरूरी है। तनाव प्रबंधन हालांकि तनाव से त्वचा संबंधी समस्याएं सीधे तौर पर नहीं हो सकतीं, लेकिन पहले से मौजूद समस्याओं को बढ़ाने में इसका योगदान जरूर हो सकता है। वैसी तरकीब, जिनके इस्तेमाल से आपको तनाव से मुक्ति मिलती हो, उन्हे आजमाइए। आपको इसके लिए घंटों योग व ध्यान का अभ्यास करने की जरूरत नहीं है। बल्कि इसके लिए नियमित रूप से आप चंद लम्हे ऐसे निकालें, जिसमें खुद को रिलैक्स कर सकें। उचित खानपान संतुलित आहार, ताजे फल व ताजी सब्जियां खाने और निम्नलिखित बातों पर अमल करने से निश्चित रूप से आप स्वस्थ रहेगी व आपकी त्वचा चमकती रहेगी। स्वस्थ आहार में विटमिंस व मिनरल्स शामिल होते है। खास तौर पर विटमिन ए, सी व ई, जो कि मुलायम त्वचा के लिए बहुत जरूरी हैं। चॉकलेट व चिकनाईयुक्त भोजन संतुलित मात्रा में लें और जिन चीजों में आयोडीन की मात्रा अधिक हो, उनके अधिक इस्तेमाल से भी बचें, क्योंकि इससे त्वचा पर बुरा असर पड़ता है। धूम्रपान से हर हालत में बचें। यह त्वचा में निखार लाने की दिशा में दुश्मन की तरह काम करता है। खूब पानी पिएं एक सामान्य व्यक्ति के लिए कम से कम 12-14 ग्लास पानी प्रतिदिन पीना आवश्यक होता है जिसमें सभी प्रकार के पेय शामिल है। जीवन के लिए पानी अत्यावश्यक है और इसे उचित मात्रा में पीना सभी अंगों व तंत्रों, जिसमें त्वचा भी शामिल है, के लिए जरूरी है। प्यास के अलावा शरीर में पानी की कमी से शारीरिक थकान व त्वचा में निखार की कमी भी होती है। हार्मोस का प्रभाव तनाव के लिए जिम्मेदार कॉर्टिजॉल से लेकर एंड्रोजेन जैसे सेक्स हार्मोस का आपकी त्वचा पर जबरदस्त असर होता है। हार्मोस के स्त्राव में गड़बड़ी से तैलीय ग्रंथि सक्रिय होती है और अधिक मात्रा में सीबम का निर्माण होने लगता है, जिससे कील-मुंहासे वाले बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिल सकता है। नियमित नुस्खा सप्ताह में कम से कम एक बार स्क्रबिंग व फेस मास्क के उपयोग के अलावा नियमित रूप क्लींजिंग, से टोनिंग और मॉयस्चराइजिंग कराना जरूरी है। अपूर्णता का प्रबंधन व इलाज कुछ दाग को पंच द्वारा निकाला जा सकता है। इस प्रक्रिया में दाग या धब्बों को सबक्यूटेनियस लेयर तक नीचे ले जाया जाता है, जिससे त्वचा में एक प्रकार का छिद्र हो जाता है और स्किन ग्रा़फ्ट द्वारा जिसे भरा जाता है। सबसाइजन एक ऐसी तकनीक है, जिसमें उन जगहों के ऊतकों, जहा पर किसी तरह के दाग या धब्बे नहीं होते, को लेकर सर्जिकल प्रोब किया जाता है और इस तरह दाग या धब्बों को मिटा दिया जाता है। चिकनाईमुक्त त्वचा चेहरे पर अगर कील-मुंहासे हों, तो खूबसूरती बुरी तरह प्रभावित होती है। इनसे छुटकारा पाने के लिए बोटॉक्स, रिस्टाइलेन/वैकल्पिक फिलर इंजेक्शन्स आदि तरह का इलाज किया जाता है। विभिन्न प्रकार के फॉर्मूलेशन्स, जिन्हे सुई के माध्यम से त्वचा के अंदर प्रवेश कराया जाता है, से काले धब्बों से मुक्ति मिलती है और चेहरे में निखार आ जाता है। गंभीर शल्य क्रियाएं त्वचा संबंधी समस्याओं के गंभीर मामलों में ट्रांसप्लांट जैसी तकनीक आजमाई जा सकती है, जिससे न सिर्फ घाव वाली जगहों को फायदा पहुंचता है, बल्कि चेहरे में निखार भी आता है। इस प्रक्रिया में एक तरह से मेडिकल ग्राफ्टिंग की जाती है। जिस ऊतक से ट्रांसप्लांट किया जाता है, उसे स्किन ग्राफ्ट कहते है, जिससे चोटिल त्वचा को बदल दिया जाता है। मल्टीक्लियर एक परिष्कृत फोटोथेरेपिटिक सिस्टम है, जिसमें कई प्रकार की गड़बड़ियों से निजात पाने के लिए डॉक्टर कंप्यूटर के इस्तेमाल द्वारा प्रकाश की वेंवलेंथ में अंतर लाते हुए इलाज करते है। अलग-अलग तरह की समस्याओं के लिए डॉक्टर उपयुक्त वेवलेंथ का प्रयोग करते है। इस विधि में चंद सेकेंड ही लगता है और इसमें किसी प्रकार की तकलीफ भी नहीं होती। इलाज की पूरी प्रक्रिया में कुल 5 से 8 मिनट का समय लगता है। स्टेच मार्क्स, विटिलिगो, सोरिएसिस व सफेद दाग आदि के इलाज के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है। त्वचा की देखभाल के लिए 20 मिनट का रुटीन… 1. अपनी त्वचा के प्रकार को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त क्लींजिंग से अपने चेहरे को धोएं। इसका लोशन लगाने के लिएआप कॉटन बॉल या कपड़े को प्रयोग में ला सकती है। 2. दो मिनट तक अपने चेहरे पर गर्म पानी का भाप लें। 3. गर्म पानी से ही मास्क को उतारे फिर चेहरे पर मिनरल वॉटर का छींटा मारे। 4. पानी में ताजगी व रिलैक्स प्रदान करने वाले तेल की कुछ बूंदें डालने के बाद स्नान करे। आप अपनी आंखों पर इस्तेमाल की हुई हर्बल टी-बैग्स, खीरा या आलू के छिलके आदि का भी इस्तेमाल कर सकती है। ऐसी कुछ चीज … Read more

जमीन की रजिस्ट्री पर रोक से किसानों में रोष, 120 गांव प्रभावित

रायपुर राजधानी और आसपास के 120 गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री और बटांकन पर रोक लगा दी गई है। पांच प्रोजेक्टों के निर्माण के लिए लगी रोक की वजह से तकरबीन तीन हजार से ज्यादा किसान अपनी जमीन न तो बेच पा रहे हैं और न ही खरीद पा रहे हैं। करीब दो महीने से यह रोक प्रभावी है। इसके चलते ग्रामीणों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि शासन के परिपत्र के अनुसार किसी भी विभाग को प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण का आशय पत्र मिलते ही खरीदी-बिक्री रोकना अनिवार्य है। इसी कड़ी में अब तक पांच बड़े प्रोजेक्ट सामने आए हैं। नवा रायपुर में 12.5 किमी नई सड़क, जमीन खरीदी-बिक्री पर रोक रायपुर के नवा रायपुर के लेयर वन और टू में 12.5 किमी लंबी नई सड़क बनाई जा रही है, जो पलौद, कोटनी, तांदुल, पीता, बंजारी और कुरूं गांवों से होकर गुजरेगी। सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। मुआवजे से पहले जमीन की खरीदी-बिक्री, नामांतरण और डायवर्सन पर रोक लगा दी गई है, ताकि भारतमाला प्रोजेक्ट की तरह फर्जीवाड़ा न हो। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने कहा कि मुआवजा के समय सभी दस्तावेजों की गहन जांच होगी और गड़बड़ी मिलने पर भुगतान रोका जाएगा। खरसिया, नया रायपुर परमलकसा रेल लाइन पहला प्रोजेक्ट खरसिया, नया रायपुर परमलकसा रेल लाइन है। यह तिल्दा, आरंग, अभनपुर और खरोरा ब्लाक के 35 गांवों से होकर गुजरेगी। गांवों की भूमि पर लगी खरीदी-बिक्री की रोक जल्द ही हटाई जाएगी। रेलवे ने भरोसा दिलाया है। प्रोजेक्ट का फाइनल ट्रेस मैप बनाकर राज्य के राजस्व विभाग को सौंप दिया गया है। जल्द ही रेलवे लाइन के दोनों ओर निर्धारित 10-10 मीटर जमीन को सुरक्षित रखते हुए बाकी भूमि पर से रोक हटा दी जाएगी। रायपुर, बलौदाबाजार मार्ग का चौड़ीकरण दूसरा प्रोजेक्ट रायपुर, बलौदाबाजार मार्ग का चौड़ीकरण है। जिसके लिए निमोरा-1, सिलतरा, जरौंदा, आमासिवनी, सेमरिया-2, खरोरा, नरदहा, कनकी, खपरीडीह खुर्द, भठिया, खैरा सहित कुल 36 गांव कर जमीन खरीदी बिक्री पर रोक लगी है। प्रोजेक्ट के तहत 100-100 मीटर दायरे में सड़क किनारे की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। पीडब्ल्यूडी ने बलौदा बाजार मार्ग चौड़ीकरण का प्लान तैयार कर शासन को भेज दिया है। अंतिम स्वीकृति के बाद अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होगी। परियोजना के पहले चरण में रायपुर विधानसभा जीरो प्वांट से बलौदाबाजार तक 53.1 किलोमीटर की फोर लेन सड़क बनाई जाएगी। विशाखापट्टनम से रायपुर तक एचपीसीएल की पाइपलाइन तीसरा प्रोजेक्ट विशाखापट्टनम से रायपुर तक एचपीसीएल की पाइपलाइन है। इसके लिए आरंग तहसील के कुम्हारी, गौरभाठ, भलेरा, खपरी, चरौदा, मंदिरहसौद क्षेत्र के 15 से ज्यादा गांवों में खरीदी-बिक्री रोकी गई है। विशाखापट्टनम-रायपुर पाइपलाइन परियोजना के तहत पेट्रोलियम पदार्थ परिवहन के लिए छत्तीसगढ़ में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा पाइपलाइन बिछाई जाएगी। भूमि उपयोग के अधिकार के लिए गावों के किसानों को नोटिस दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि भूमियों पर पाइपलाइन बिछाने के लिए उपयोग का अधिकार अर्जित होने पर जमीन का स्वामित्व और भूमि पर कब्जा भूमि मालिक का ही रहेगा। लेकिन, किसान यहां पर किसी भी जमीन पर निर्माण नहीं कर सकेंगे। नगर विकास योजना: नया विहार चौथा प्रोजेक्ट नवा रायपुर में बरौदा, रमचंडी, रीको, मंदिरहसौद, सेरीखेड़ी और नकटी गांव जमीन खरीदी बिक्री पर रोक लगाई है। इसके बीच 436 हेक्टेयर भूमि पर ''''नया विहार'''' नगर विकास योजना विकसित की जा रही है। इस योजना में भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को विकसित प्लाट दिए जाएंगे और आम जनता के लिए भी प्लाट उपलब्ध होंगे। इस क्षेत्र में अंडरग्राउंड बिजली, पाइपलाइन से गैस आपूर्ति, चौड़ी सड़कें, वाई-फाई, और सीवरेज प्लांट जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। परियोजनाओं की प्रगति पर पिछले कुछ महीनों से रोक लगी थी। वजह यह है कि भारतमाला परियोजना में मुआवजा घोटालों के बाद प्रशासन का सतर्क हो गया है। शासन ने इस अनुभव से सबक लेते हुए रेल लाइन के प्रस्तावित मार्ग में आने वाली जमीन पर पूर्व में ही खरीदी-बिक्री रोक दी थी, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता को टाला जा सके। जिला प्रशासन ने इन गांवों की जमीनों की खरीदी-बिक्री, बंटाकन, सीमांकन आदि पर रोक लगा दी है। यह रोक एक-दो माह पहले लगाई गई है और प्रस्तावित प्रोजेक्ट पर काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इससे इन गांवों के जरूरतमंद किसान, ग्रामीण और अन्य लोग परेशान हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दीं ऋषि पंचमी की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को ऋषि पंचमी के अवसर पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वेदों के ज्ञान और मानवता के कल्याण के लिए जीवन समर्पित करने वाले सप्तऋषियों कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ जी के चरणों में कोटिश: नमन किया। उन्होंने मध्यप्रदेश के साथ संपूर्ण जगत के कल्याण के लिए प्रार्थना की है।  

महोदय, शिक्षिका 12 बजे स्कूल आती हैं और दो बजे घर लौट जाती हैं

–    नाम छुपाने की शर्त पर सिवान के रघुनाथपुर के एक ग्रामीण ने दर्ज कराई है विभाग में शिकायत –    लिखा, शिक्षिका का परिवार दबंग है, नाम उजागर होने पर हो सकता है मेरी जान को खतरा     पटना, शिक्षा विभाग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को ग्रामीणों के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति और कार्यकलापों को लेकर कई तरह की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। ऐसी एक शिकायत सिवान के रघुनाथपुर स्थित हाई स्कूल सह इंटर कॉलेज, निखती कलां से प्राप्त हुई है। यह शिकायत वहां के एक स्थानीय ग्रामीण ने वहां कार्यरत एक शिक्षिका सुश्री गीतांजलि के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराई है।        उक्त ग्रामीण का कहना है कि शिक्षिका गीतांजलि का निवास विद्यालय से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर है। किंतु उन्होंने अपने एक नज़दीकी रिश्तेदार  जो विद्यालय से लगभग 500 मीटर दूरी पर रहते हैं। शिक्षिका ने उनके घर पर अपना मोबाइल रख छोड़ा है। उसी रिश्तेदार द्वारा प्रतिदिन उनकी हाजिरी मोबाइल ऐप से बनाई जाती है, जबकि शिक्षिका विद्यालय में समय पर उपस्थित नहीं रहतीं। वह कभी 11 बजे तो कभी 12 बजे स्कूल आती हैं। कभी आती ही नहीं हैं और दोपहर 2 से 3 बजे ही विद्यालय से चली जाती हैं। जब प्रधानाध्यापक ने उनके खिलाफ सख्ती दिखाई, तो उक्त शिक्षिका एवं उनके रिश्तेदारों द्वारा प्रधानाध्यापक को ही जान से मारने की धमकी देने लगे।      इस व्यक्ति ने विद्यालय के कुछ फोटो भी बतौर साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं जिससे उसके आरोपों की पुष्टि होती है। शिक्षा विभाग की जांच में पाया गया कि उक्त शिक्षिका ने अपनी कई दिनों की हाजिरी एक ही पृष्ठभूमि यानी बैकग्राउंड में बनाई गई है। किसी दिन सुबह और शाम की हाजिरी की फोटो में कपड़े भी अलग-अलग हैं। कभी-कभी तो शिक्षिका की जगह किसी पुरुष का फोटो भी हाजिरी में दर्ज है। उनका हाजिरी लोकेशन भी हमेशा 400 मीटर से अधिक दूरी दर्शाता रहा है। उक्त शिकायतकर्ता का कहना है कि इस विषय की जानकारी बीआरसी और जिलास्तर के पदाधिकारियों को भी है, लेकिन दबंग रिश्तेदारों के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उसने यह भी बताया है कि इस मामले में स्थानीय स्तर पर शिकायत करने पर मेरी सुरक्षा को खतरा है। इस वजह से निवेदन किया गया है कि इस शिकायत को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाए और साक्ष्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए।

अनमोल सिनेमा पर 31 अगस्त को होगा ‘पुष्पा 2 : द रूल’ का प्रीमियर

मुंबई,  ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा 2 : द रूल’ का प्रीमियर अनमोल सिनेमा पर 31 अगस्त को होगा।  सुकुमार के निर्देशन में बनी फिल्म ‘पुष्पा 2 : द रूल’ का प्रीमियर अनमोल सिनेमा पर 31 अगस्त को शाम 7 बजे होगा।इस फिल्म में अल्लू अर्जुन और रश्मिका मंदाना की अहम भूमिका है। फिल्म के प्रीमियर के बारे में बात करते हुए रश्मिका मंदाना ने कहा, “श्रीवल्ली का किरदार निभाना मेरे लिए बेहद खास अनुभव रहा है, क्योंकि उसमें एक शांत ताकत और गहराई है। पुष्पा 2 में वो पहले से कहीं ज़्यादा मुखर होती है।वह अब सिर्फ साथ निभाने वाली नहीं पत्नी नहीं है, बल्कि जब वक़्त आता है, तो डटकर साथ खड़ी होती है। एक सीन में वो पुष्पा के लिए आवाज़ उठाती है, और वह पल न सिर्फ़ उनके रिश्ते का प्रतीक है, बल्कि उनकी अपनी सोच और हिम्मत की भी। यह बदलाव दिखाना मेरे लिए बहुत ही सशक्त और सच्चा अनुभव रहा।” निर्देशक सुकुमार ने कहा, “सिनेमा लोगों से कई स्तरों पर जुड़ता है, और टेलीविज़न उस अनुभव को उनके सबसे निजी स्पेस यानी घर तक लेकर आता है। यह फिल्म मेरे दिल के बेहद क़रीब है, जिसकी हर फ्रेम, हर जज़्बात, प्यार और जुनून से बुना गया है। मैं चाहता हूं कि लोग अपने परिवार के साथ बैठकर पुष्पा का यह सफर फिर से महसूस करें ।एक्शन, इमोशन और ड्रामा को फिर से जीएँ, और उसे अपने घर में आराम से बैठकर खुलकर एन्जॉय करें।”