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एक्सप्रेस वे हादसे में आगरा के अधिकारी की मौत

आगरा आगरा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और वर्तमान में कलेक्ट्रेट में अपर नगर मजिस्ट्रेट का चार्ज संभाल रहे एसडीएम राजेश जायसवाल की लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसे में मौत हो गई। एसडीएम अपनी कार से वापस लौट रहे थे। इटावा के पास एक्सप्रेस वे पर दर्दनाक हादसे में उनकी जान चली गई। जानकारी के अनुसार, राजेश जायसवाल की कार  इटावा के पास एक्सप्रेस वे पर अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। राजेश जायसवाल किरावली में एसडीएम के पद पर तैनात थे। और वर्तमान में कलेक्ट्रेट में अपर नगर मजिस्ट्रेट का चार्ज संभाल रहे थे। हादसे के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे की पूरी जांच की जा रही है। राजेश जायसवाल का निधन प्रशासनिक सेवा में एक प्रमुख नुकसान माना जा रहा है।  

बारिश बनी आफत: खेतों में डूबीं फसलें, सड़कें-जिंदगी प्रभावित

जयपुर राजस्थान में मानसून का दौर लगातार सक्रिय बना हुआ है और मौसम विभाग ने 10 सितंबर तक राज्य में यलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बांसवाड़ा जिले में सबसे ज्यादा 5 इंच तक बारिश दर्ज की गई, वहीं झालावाड़, बूंदी, कोटा और जयपुर समेत अन्य जिलों में भी झमाझम बरसात हुई। भारी वर्षा के चलते कुछ जिलों में दुखद घटनाएं भी सामने आईं। सलूंबर के झल्लारा क्षेत्र में एक शिक्षक बाइक समेत नदी में बह गए, वहीं भीलवाड़ा जिले के बड़लियास थाना क्षेत्र में नदी में नहाने गई दो युवतियां पानी का स्तर अचानक बढ़ने से डूब गईं। नदियों और नालों में तेज बहाव ने ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मानसून टर्फ लाइन गंगानगर, शिवपुरी और दमोह होते हुए लो-प्रेशर सिस्टम तक गुजर रही है, जिसके चलते बारिश का दौर जारी है। इसके अलावा एक अन्य टर्फ मध्यप्रदेश से दक्षिणी पंजाब की ओर सक्रिय है, जो राजस्थान में बारिश बढ़ाने का कारण बन रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के इस सक्रिय चरण में राज्यभर में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके चलते सड़कों पर जलभराव, फसल नुकसान और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों के लिए निगरानी बढ़ा दी है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बारिश का असर और अधिक गंभीर हो सकता है, इसलिए सभी को सतर्क और सावधान रहना जरूरी है।

जस्टिस शम्भू सिंह नहीं रहे, इंदौर हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश का आज होगा अंतिम संस्कार

इंदौर राजगढ़ जिले की खिलचीपुर तहसील के ग्राम ढाबला निवासी और इंदौर हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायमूर्ति शम्भू सिंह (85) का गुरुवार देर रात निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और इंदौर के अरविंदो अस्पताल में भर्ती थे। परिवार के अनुसार जस्टिस शम्भू सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर 1 बजे पैतृक गांव ढाबला में होगा। निधन की खबर फैलते ही गांव और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग गांव पहुंचकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। निष्पक्षता और सादगी के लिए जाने जाते थे जस्टिस शम्भू सिंह अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान निष्पक्ष फैसलों, ईमानदार छवि और सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए पहचाने जाते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। 2004 में लड़ा था लोकसभा चुनाव वर्ष 2004 में उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में राजगढ़ लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन क्षेत्र में उनकी पहचान न्यायप्रिय और सरल स्वभाव वाले नेता के रूप में बनी रही। न्यायिक और राजनीतिक जगत में शोक उनके निधन से न्यायिक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को गहरा आघात पहुंचा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।  

PAK पर मिसाइल हमले की तैयारी में थे 15 MiG-29K, इंडियन नेवी का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय नौसेना ने अपनी ताकत का जबरदस्त प्रदर्शन किया. वाइस एडमिरल तरुण सोबती, डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (DCNS) ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान  एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पर 15 मिग-29के फाइटर जेट्स तैनात थे.  मध्य प्रदेश के डॉ. अंबेडकर नगर में आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित तीनों सेनाओं के 'रण संवाद-2025' में नौसेना की त्वरित और दृढ़ कार्रवाइयों के बारे में बताया. पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 7 से 10 मई 2025 तक ऑपरेशन सिंदूर चला था. पहलगाम हमले से शुरुआत ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें हिंदू पुरुषों को निशाना बनाकर 26 पर्यटकों की हत्या की गई. 'द रेसिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने जिम्मेदारी ली, जो लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी है.  भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद समर्थन का आरोप लगाया. 7 मई को भारत ने मिसाइल हमले शुरू किए, जो पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 स्थानों पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. पाकिस्तान ने दावा किया कि हमले नागरिक क्षेत्रों पर हुए, जिसमें 31 मौतें हुईं. भारत ने कहा कि केवल आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया गया. यह ऑपरेशन 10 मई को समाप्त हुआ, लेकिन इससे पहले तनाव बढ़ा, जिसमें ड्रोन और मिसाइल हमले हुए. नौसेना का रोल समुद्री ब्लॉकेड और निगरानी में था. वाइस एडमिरल सोबती ने बताया कि नौसेना का द्विवार्षिक थिएटर-लेवल एक्सरसाइज TROPEX पहले से ही पश्चिमी समुद्री तट पर संपत्तियों को तैनात कर चुका था. 96 घंटों के अंदर सभी ऑपरेशनल जहाज समुद्र में तैनात हो गए. हम बंदरगाह लौटे, गोला-बारूद की पूर्ति की (क्योंकि जहाज हमेशा पूरी तरह लोड नहीं होते) और सभी जहाजों व पनडुब्बियों को तैयार करके फिर समुद्र में उतर गए.   आईएनएस विक्रांत का रोल: 15 मिग-29के के साथ ताकत का प्रतीक ऑपरेशन का केंद्र था आईएनएस विक्रांत. भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर. इस पर 15 मिग-29के फाइटर जेट्स तैनात थे, जो डिस्ट्रॉयर, फ्रिगेट्स और पनडुब्बियों वाले टास्क फोर्स का बैकबोन बने. विक्रांत कराची के दक्षिण में अंतरराष्ट्रीय जल में तैनात होकर डी फैक्टो ब्लॉकेड स्थापित किया, जिससे पाकिस्तानी नौसेना अपने बंदरगाहों तक सीमित हो गई. वाइस एडमिरल सोबती ने कहा कि हमने विक्रांत पर 15 मिग-29के चढ़ाए और समुद्र में तैयार हो गए. उद्देश्य फॉरवर्ड और डिटरेंट पोस्चर बनाए रखना था, ताकि विरोधी नौसेना हमें, हमारे व्यापार मार्गों, आर्थिक जीवनरेखाओं या तट को धमकी न दे सके. यह रणनीति सफल रही. उन्होंने कहा कि हम सफल रहे, क्योंकि हम पाकिस्तानी नौसेना को तट के पास बांध सके. उनके पास मैन्युवर की आजादी नहीं थी, वे बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर सके. हमने वह पोस्चर बनाए रखा. नौसेना की उपस्थिति सैटेलाइट, विमान, UAVs और तटीय रडार से समुद्री डोमेन अवेयरनेस से मजबूत हुई, जिससे पाकिस्तानी यूनिट्स बिना सीधे लड़ाई के निष्क्रिय हो गईं. नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर: बिना बॉर्डर क्रॉस किए लक्ष्य हासिल ऑपरेशन सिंदूर ने नौसेना की 'नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर' क्षमता दिखाई, जिसमें एडवांस्ड इंटेलिजेंस, लॉन्ग-रेंज मिसाइल्स और अनमैनेड सिस्टम्स से रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल किया. सोबती ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से नौसेना के अलावा पूरी सशस्त्र सेनाओं ने कई सबक सीखे. कुछ उपाय लागू हो चुके, बाकी तेजी से हो रहे हैं.      लॉन्ग-रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक: दुश्मन क्षेत्र में न घुसते हुए लैंड और सी टारगेट्स को प्रभावित करने की क्षमता बढ़ानी होगी .     काउंटर-ड्रोन सिस्टम्स: लो-कॉस्ट UAVs का खतरा बढ़ा है, जैसे रेड सी और एडेन गल्फ में हूती हमलों में. मिलियन डॉलर के महंगे SAMs से लो-कॉस्ट UAVs को नष्ट करना महंगा है. हमें काउंटर-UAV सिस्टम विकसित करने होंगे.     इलेक्ट्रोमैग्नेटिक मैनेजमेंट: काउंटर-UAV जैमर्स से नौसेना के रडार प्रभावित हो सकते हैं. जहाज पहले से उपकरणों से भरे हैं, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वातावरण घना है.  नए ट्रांसमिटिंग सिस्टम्स जोड़ने से अपनी रडार क्षमता बाधित हो सकती है.  भविष्य के युद्धों के लिए सबक नौसेना की भूमिका समुद्री ब्लॉकेड में थी, जो पाकिस्तानी नौसेना को कराची बंदरगाह तक सीमित रखी. सोबती ने कहा कि नौसेना के कर्मी रैरिंग टू गो थे. एस्केलेशन लैडर कंट्रोल्ड था, क्योंकि मिलिट्री और पॉलिटिकल एम जल्द हासिल हो गया. अगर विरोधी बढ़ाता, तो हम तैयार थे. 

पूर्व RBI गवर्नर उर्जित पटेल को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में बड़ी भूमिका

नई दिल्ली रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल को इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर के तौर पर उनके कार्यकाल को देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण माना जाता है।  उनकी यह नियुक्ति तीन वर्षों के लिए होगी।   अप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ कैबिनेट की सहमति के बाद उर्जित पटेल को इस बेहद महत्वपूर्ण पद के लिए चुना गया और केंद्र सरकार के 28 अगस्त के नोटिफिकेशन में इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने दिसबंर 2018 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर के पद से इस्तीफा दिया था। उनका कार्यकाल सितंबर 2019 तक था, लेकिन इसके पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। वे एनआईपीएफपी के चेयरमैन के रूप में भी काम कर चुके हैं। 

हंगामे के बीच झारखंड विधानसभा की कार्यवाही ठप, स्पीकर का विशेष आग्रह

रांची झारखंड विधानसभा के पूरक मानसून सत्र की कार्यवाही बीते गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने सदन में भोजनावकाश के बाद सभा की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह सदन तृतीय मानसून सत्र के रूप में 1 अगस्त से 7 अगस्त, 2025 तक आहूत था परंतु बीच सत्र में दिशोम गुरू शिबू सोरेन के निधन के आलोक में 4 अगस्त, 2025 को सदन स्थगित की गयी। पुन: सदन नेता का प्रस्ताव प्राप्त होने पर 22 अगस्त 2025 से 28 अगस्त, 2025 तक के लिए तृतीय (मानसून) पूरक सत्र 2025 चल कर आज समाप्त हुआ। सत्र में कुल 324 प्रश्न हुए स्वीकृत विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस सत्र में कुल 324 प्रश्न स्वीकृत की गयी, जिसमें 107 अल्पसूचित, 183 तारांकित तथा 34 अतारांकित प्रश्न शामिल है। शून्यकाल की कुल 70 सूचनाएं स्वीकृत हुई, कुल 21 निवेदन प्राप्त हुए। कुल 34 ध्यानाकर्षण प्राप्त हुए, जिसमें से 20 स्वीकृत हुए तथा 4 ध्यानाकर्षण सदन में उत्तरित हो पाये। इस सत्र में कुल 34 गैर सरकारी संकल्प प्राप्त हुए। महतो ने कहा कि इस सत्र में प्रथम अनुपूरक बजट, सहित 5 अन्य राजकीय विधेयक, झारखण्ड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, झारखण्ड व्यावसायिक शिक्षण संस्थान (शुल्क विनियमन) विधेयक, झारखण्ड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक, झारखण्ड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (विशेष छूट) विधेयक तथा झारखण्ड प्लेटफॉर्म आधारित गिग श्रमिक (निबंधन और कल्याण), विधेयक, 2025 सदन में उपस्थापित किया तदोपरांत सदन द्वारा पारित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्लेटफॉर्म आधारित गिग श्रमिक विधेयक से झारखण्ड के वर्तमान सरकार का सामाजिक न्याय एवं सामाजिक सुरक्षा की प्रतिबद्धता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। गिग श्रमिकों की पहचान, लाखों युवाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, कानूनी सुरक्षा, प्लेटफॉर्म कंपनियों की जवाबदेही तय करने के लिए लाये गये विधेयक एवं सदन द्वारा पारित एक मिशाल कायम करेगा। यह विधेयक झारखण्ड के गिग श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं न्यायपूर्ण अवसरों की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा। मैं समझता हूं कि यह कानून अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बन सकता है। झारखण्ड व्यावसायिक शिक्षण संस्थान शुल्क विनियमन विधेयक राज्य में तेजी से बढ़ती निजी शिक्षा, निजी संस्थानों की फीस संरचना और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बनेगा। प्रश्नकाल में जनता की आवाज को प्राथमिकता दे अध्यक्ष ने कहा कि झारखण्ड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक, 2025 के माध्यम से राज्य के कोचिंग संस्थानों को एक व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह ढांचे के अंतर्गत लाने का प्रयास है। इस विधेयक के माध्यम से विद्यार्थियों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा, शूल्क पर नियंत्रण, गुणवतापूर्ण शिक्षा का वातावरण, मानसिक स्वास्थ्य के साथ डीजिटल प्रणाली को बढ़ावा देगा जिससे अभिभावकों का विश्वास बढ़ेगा तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। महतो ने कहा कि सदन की कार्यवाही के बीच एक पीड़ादायक परिणाम भी सामने आती है जिसको आज इस अवसर पर साझा करना आवश्यक हो जाता है। यह देखा जा रहा है कि कई माननीय सदस्यगण अनेक बार अपनी जनप्रतिबद्धता और स्थानीय समस्याओं की अपेक्षा दलगत निर्देशों को प्राथमिकता देने लगते है। जब जनादेश से चुने गये हम सब जनप्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं को पीछे छोड़कर केवल पार्टी कमांड का पालन करते है तो यह सदन के लिए, लोकतंत्र के लिए बहुत उचित प्रतित नहीं होता है। लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा तभी बनी रह सकती है जब प्रत्येकसदस्य अपना दायित्व जनता के प्रति निष्पक्षता से पालन करे। आज यह आग्रह करना चाहूंगा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता की आवाज को प्राथमिकता कम से कम प्रश्नकाल में जरूर दे। उन्होंने कहा कि मैं यहां सदन के प्रथम निर्वाचित भारतीय अध्यक्ष विट्ठल भाई जी के संसदीय अनुशासन को स्मरण करना चाहूंगा। उनका मानना था कि 'सदन की शक्ति उसके परम्परा और अनुशासन में है यदि नियमों का पालन न हो, तो यह केवल बहस का मंच रह जायेगा न की एक लोकतांत्रिक संस्था'। महतो ने कहा कि यह सदन झारखण्ड राज्य के निर्माता, समाज सुधारक, वंचितों, दबे-कुचलों, शोषितों, आदिवासियों के हक हकूक के लिए हमेशा अपना जीवन निछावर करने वाले दिशोम गुरू शिबू सोरेन को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' प्रदान करने के लिए प्रस्ताव सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया। इस निमित्त भी यह सत्र ऐतिहासिक साबित होगा। सत्र के संचालन में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद, नेता प्रतिपक्ष, सभी दलों के नेता और सभी माननीय सदस्यों का जो सहयोग मुझे प्राप्त हुआ इसके लिए मैं धन्यवाद देना चाहता हूं। राज्य सरकार के समस्त अधिकारियों, विधान सभा सचिवालय के पदाधिकारी / कर्मी, पुलिस बल और मीडिया का भी आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस सत्र को सफल बनाने के लिए अपना योगदान दिया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष महतो ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।  

मेसी का बड़ा ऐलान: इंटरनेशनल फुटबॉल से रिटायरमेंट, घर में खेलेंगे फेयरवेल मैच

ब्यूनस आयर्स फुटबॉल के सबसे बड़े स्टार में से एक लियोनल मेसी ने एक बड़ा इशारा दे दिया है कि अर्जेंटीना के साथ उनका सफर आखिर दौर में पहुंच रहा है. 38 साल के मेसी ने Apple TV से बात करते हुए कहा कि 4 सितंबर को ब्यूनस आयर्स में वेनेजुएला के खिलाफ होने वाला वर्ल्ड कप क्वालिफायर शायद उनका आखिरी घरेलू मैच हो सकता है.  अर्जेंटीना पहले ही 2026 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर चुका है और 35 अंकों के साथ साउथ अमेरिकन टेबल में टॉप पर है. लेकिन मेसी के लिए ब्यूनर्स आयर्स के एस्टादियो मोन्यूमेंटल (Estadio Monumental) में होने वाला यह मैच सिर्फ एक कंपटीशन भर नहीं है, बल्कि यह उनके लिए बड़ा इमोशनल मोमेंट होगा.  ल‍ियोनेल मेसी ने अपने फेयरवेल मैच के बारे में क्या कहा?  मेसी ने इंटर मियामी की लीग्स कप सेमीफाइनल में ऑरलैंडो सिटी को हराने के बाद कहा- यह मेरे लिए खास होने वाला है, बहुत ही खास मैच होगा, क्योंकि यह मेरा आखिरी क्वालिफायर गेम है. मुझे नहीं पता इसके बाद कोई फ्रेंडली या और मैच होंगे या नहीं…. पर हां, यह मैच मेरे लिए बहुत खास है और इसी वजह से मेरा पूरा परिवार मेरे साथ होगा. मेरी पत्नी, मेरे बच्चे, मेरे माता-पिता, मेरे भाई-बहन और मेरी पत्नी की तरफ से जितने रिश्तेदार हो सकें. इसके बाद क्या होगा, यह मैं नहीं जानता, लेकिन अभी हमारा ध्यान इसी पर है.  कैसा है मेसी का वर्ल्ड कप क्वाल‍िफायर में रिकॉर्ड  मेसी का वर्ल्ड कप क्वालिफायर में 193 मैच खेले हैं और रिकॉर्ड 31 गोल किए हैं. इसी दौरान उन्होंने अर्जेंटीना के लिए कई यादगार प्रदर्शन भी किए. 2022 में कतर वर्ल्ड कप जीतना उनके इंटरनेशनल करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही, जिसने उन्हें फुटबॉल इतिहास के महान खिलाड़ियों में हमेशा के लिए जगह दिला दी.  मेसी 9 सितंबर को इक्वाडोर के खिलाफ होने वाले अगले क्वालिफायर मैच में भी खेलने की उम्मीद है, लेकिन वह मैच बाहर (अवे) होगा. ऐसे में 4 सितंबर को ब्यूनस आयर्स में होने वाला मुकाबला शायद आखिरी मौका होगा जब स्थानीय फैन्स उन्हें वर्ल्ड कप क्वालिफायर में खेलते देख पाएंगे.  अगर यह सचमुच उनका आखिरी मैच होता है, तो यह अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास का एक अहम अध्याय बंद कर देगा. हालांकि मेसी ने अभी तक इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है.  फुटबॉल इत‍िहास में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल गोल  क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पुर्तगाल) – 221 मैच, 138 गोल  लियोनल मेसी (अर्जेंटीना) – 193 मैच, 112 गोल  अली दाई (ईरान) – 148 मैच , 108 गोल सुनील छेत्री (भारत) – 155 मैच  95 गोल  रोमेलू लुकाकू (बेल्जियम) – 124 मैच खेले, 89 गोल कैसे होते हैं फुटबॉल के क्वाल‍िफायर मैच?  कॉनमेबोल (South American Football Confederation) साउथ अमेर‍िकी में फुटबॉल से संबध‍ित देशों को चलाने वाली एक गवर्न‍िंग बॉडी है. इसी तरह हर महाद्वीप की गवर्न‍िंंग बॉडी हैं.   कॉनमेबोल के द‍िशा न‍िर्देश में वर्ल्ड कप क्वालिफायर 7 सितंबर 2023 से शुरू हुए और सितंबर 2025 में खत्म होंगे.  हिस्सा लेने वाले देश अर्जेंटीना, बोलीविया, ब्राजील, चिली, कोलंबिया, इक्वाडोर, पराग्वे, पेरू, उरुग्वे और वेनेजुएला.  कैसे होते हैं क्वाल‍िफाइंग मैच  हर टीम बाकी 9 टीमों से एक-एक मैच घर (होम) और बाहर (अवे) खेलेगी. यानी कुल 18 मैच. 18 राउंड के बाद जो टीमें टॉप-6 में रहेंगी, वे सीधे FIFA World Cup 2026 के लिए क्वालिफाई कर लेंगी. जो टीम सातवें नंबर पर रहेगी, उसे FIFA Play-Off Tournament खेलना होगा. 

10 दिन बाद प्रदेश लौटेंगे मुख्यमंत्री साय, समर्थकों में जबरदस्त उत्साह

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने कार्यकाल का पहला 10 दिवसीय विदेश दौरा पूरा करने के बाद वापस लौटेंगे. वे कल यानी 30 अगस्त को रायपुर पहुंचेंगे. उनके वापस लौटने पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर रायपुर शहर जिला भाजपा ने भव्य स्वागत की तैयारियां की है. इसे लेकर रायपुर शहर जिला भाजपा की गुरुवार को एक तैयारी बैठक हुई. बैठक में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहे. दोनों भाजपा नेताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहने का आह्वान किया गया है. भाजपा की तैयारी विमानतल से मुख्यमंत्री निवास तक स्वागत रैली निकालने की है. कार्यक्रम में भाजपा के पधाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे. बता दें कि मुख्यमंत्री साय ने 10 दिवसीय दौरे पर जापान और साउथ कोरिया पहुंचे. यहां उन्होंने जापान की ओसाका में वर्ल्ड एक्सपो में उद्योगपतियों से मुलाकात की. इसके अलावा उन्होंने सियोल में दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े व्यापार संगठन इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) के चेयरमैन जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट किम की ह्यून से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने विदेशी निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित किया.

डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा ने हासिल किया दूसरा स्थान, वेबर ने जीता गोल्ड

ज्यूरिख भारत के स्टार भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में हुए डायमंड लीग फाइनल में दूसरा स्थान हासिल किया. नीरज का फाइनल में बेस्ट थ्रो 85.01 मीटर रहा. जर्मनी के जूलियन वेबर चैम्पियन बनने में कामयाब रहे. वेबर का बेस्ट थ्रो 91.51 मीटर रहा. मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियन नीरज ने 2022 में डायमंड लीग फाइनल जीतकर डायमंड ट्रॉफी अपने नाम की थी. जबकि 2023 और 2024 में नीरज दूसरे स्थान पर रहे थे. फाइनल में नीरज चोपड़ा का पहला प्रयास कुछ खास नहीं रहा और वो 84.35 का ही थ्रो कर पाए. दूसरी ओर जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.37 मीटर का थ्रो करके लीड बना ली. वेबर ने दूसरा थ्रो और जबरदस्त किया और उसमें उन्होंने 91.51 मीटर की दूरी हासिल की. यानी वेबर ने अपने पर्सनल बेस्ट में फिर सुधार किया. दूसरी ओर नीरज का दूसरा थ्रो कुछ खास नहीं रहा और वो 82.00 मीटर की दूरी ही हासिल कर पाए. नीरज चोपड़ा का तीसरा अटेम्प्ट फाउल रहा. भारतीय खिलाड़ी से उम्मीद थी कि वो चौथे प्रयास में अच्छा करेंगे, लेकिन इस बार भी नीरज ने फाउल किया. नीरज का पांचवां प्रयास भी बेकार गया. यानी वो फिर फाउल कर बैठे. छठे प्रयास में नीरज ने कुछ जोर लगाया जिसके चलते वो केशोर्न वाल्कॉट को पछाड़ दूसरे स्थान पर पहुंचे. नीरज ने आखिरी प्रयास में 85.01 मीटर का थ्रो किया, जो उनका इस फाइनल में बेस्ट थ्रो रहा. नीरज चोपड़ा का डायमंड लीग फाइनल प्रदर्शन: पहला प्रयास: 84.35 मीटर दूसरा प्रयास: 82.00 मीटर तीसरा प्रयास: फाउल चौथा प्रयास: फाउल पांचवां प्रयास: फाउल छठा प्रयास: 85.01 मीटर फाइनल में सभी 7 खिलाड़ियों के बेस्ट थ्रो- 1. जूलियन वेबर (जर्मनी): 91.51 मीटर 2. नीरज चोपड़ा (भारत): 85.01 मीटर 3. केशोर्न वाल्कॉट (त्रिनिदाद एंड टोबैगो): 84.95 मीटर 4. एंडरसन पीटर्स (ग्रेनाडा): 82.06 मीटर 5. जूलियस येगो (केन्या): 82.01 मीटर 6. एंड्रियन मर्डारे (मोल्दोवा): 81.81 मीटर 7. साइमन वीलैंड (स्विट्जरलैंड): 81.29 मीटर diamond leagueनीरज चोपड़ा ने इस सीजन में दो डायमंड लीग प्रतियोगिताओं में भाग लिया. दोहा लेग में नीरज ने अपने करियर का बेस्ट थ्रो (90.23 मीटर) किया, लेकिन वो दूसरे स्थान पर रहे थे. फिर पेरिस लेग में 88.16 मीटर के थ्रो के साथ नीरज ने जीत हासिल की. फाइनल में अपनी जगह पक्की करने के बाद नीरज ने सिलेसिया और ब्रुसेल्स लेग से बाहर रहने का विकल्प चुना.  नीरज चोपड़ा ने कुल 15 अंकों के साथ डायमंड लीग फाइनल में जगह बनाई. डायमंड लीग के किसी लेग में पहले स्थान पर रहने के लिए 8 प्वाइंट्स, दूसरे स्थान पर रहने के लिए 7 अंक, तीसरे स्थान पर रहने के लिए 6 प्वाइंट्स और चौथे स्थान पर रहने के लिए 5 अंक दिए जाते हैं. डायमंड लीग फाइनल में विजेता को क्या मिलता है? डायमंड लीग फाइनल के विजेता को डायमंड ट्रॉफी म‍िलती है. साथ ही उसे 30 हजार डॉलर से पचास हजार डॉलर तक की इनामी राशि मिलती है. इसके अलावा वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के लिए उसे वाइल्ड कार्ड भी मिलता है. कुल मिलाकर नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग फाइनल से पहले छह टूर्नामेंट्स में भाग लिया. इनमें से चार में उन्होंने जीत हासिल की है, जबकि दो में दूसरे स्थान पर रहे. डायमंड लीग फाइनल के बाद अब नीरज चोपड़ा की निगाहें अगले महीने होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2025 पर टिकी हैं, जहां वो अपने खिताब का बचाव करना चाहेंगे. बता दें कि वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 13 से 21 सितंबर तक जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित की जाएगी.

चुनावी सर्वे: NDA को मिली बड़ी बढ़त, BJP का अकेला प्रदर्शन पर्याप्त नहीं

 नई दिल्ली देश में अगर आज आम चुनाव हो जाएं तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए की सीटें बढ़कर 324 हो जाएंगी. यही नहीं, बीजेपी की सीटें भी 240 से बढ़कर 260 हो जाएंगी. हालांकि पार्टी बहुमत के जादुई आंकड़े 272 से नीचे ही रहेगी. इंडिया टुडे और सी-वोटर के 'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे में ये नतीजे निकलकर आए हैं.   ये सर्वे देश के सभी राज्यों और लोकसभा क्षेत्रों में 1 जुलाई से 14 अगस्त 2025 के बीच हुआ. हर आयु वर्ग जाति, धर्म, लिंग वाले 54 हजार 788 लोग इसमें शामिल हुए. इसके अलावा पिछले 24 हफ्तों में 1 लाख 52 हजार 38 लोगों से भी राय ली गई थी. उसका विश्लेषण भी इसमें शामिल किया गया. इस तरह कुल 2 लाख 6 हजार 826 लोगों की राय से तैयार हुए मूड ऑफ द नेशन के नतीजे. हालांकि इन आंकड़ों में भी मोटे तौर पर 3 प्रतिशत और बारीक स्तर पर 5 प्रतिशत का मार्जिन एरर हो सकता है. MOTN सर्वे में पूछा गया कि अगर आज लोकसभा चुनाव हुए तो परिणाम क्या होगा, किस गठबंधन को कितनी सीटें मिलेंगी? सर्वे में सामने आया कि NDA को 324 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि INDIA ब्लॉक को 208 सीटें मिल सकती हैं, जबकि अन्य के खाते में 11 सीटें जा सकती हैं. हालांकि 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए को 293 सीटें मिली थीं, जबकि INDIA ब्लॉक के खाते में 234 सीटें आई थीं. फरवरी-2025 में सर्वे किया गया था, जिसमें एनडीए को 343 सीटें और INDIA ब्लॉक को 188 सीटें मिलने का अनुमान था. आज चुनाव हुए तो किसको कितने वोट? अगर गठबंधन वाइज वोट शेयर की बात करें तो सर्वे के मुताबिक NDA गठबंधन को 46.7%, INDIA ब्लॉक को 40.9% और अन्य को 12.4% वोट शेयर मिल सकता है. 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए को 43% वोट शेयर मिला था, जबकि INDIA ब्लॉक को 40% वोट मिला था. फरवरी में हुए सर्वे में एनडीए को 47% और INDIA ब्लॉक को 41% वोट शेयर मिलने का अनुमान था. आज चुनाव हुए तो किसको कितनी सीट? सर्वे में ये पूछा गया कि अगर आज लोकसभा चुनाव हो जाएं तो किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी. सर्वे में सामने आया कि बीजेपी को 260 , कांग्रेस को 97 और अन्य को 186 सीटें मिलने का अनुमान है. 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 240, कांग्रेस को 99 सीटें मिली थीं. फरवरी में हुए सर्वे में बीजेपी को 281 सीटें और कांग्रेस को 78 सीटें मिलने का अनुमान था. पार्टी वाइज वोट शेयर की बात करें तो सर्वे के मुताबिक बीजेपी के खाते में 40.6%, कांग्रेस के खाते में 20.8% और अन्य के खाते में 38.6%  वोट जा सकते हैं.