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त्योहार में खलल: उपद्रवियों ने गणेश पंडाल में मचाया बवाल, इलाके में तनाव

जांजगीर-चांपा जिले के कुरदा गांव में असामाजिक तत्वों ने गणेश पंडाल में जमकर उपद्रव किया . नशे में धुत युवकों ने पंडाल पहुंचकर अंदर रखे पूजा सामग्री और साउंड सिस्टम को बाहर फेंक दिया. इसका विरोध करने पर समिति के सदस्यों से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी. आरोप है कि उन्होंने समिति सदस्य राजू महंत से पैसे और गाड़ी लूटने की भी कोशिश की. घटना को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बन गई है. सूचना के बाद मौके पर पहुंची चांपा पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई. मामले में दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है. वहीं घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

दिव्यांग भर्ती घोटाले पर सरकार का बड़ा एक्शन, बनेगा ठोस सिस्टम

जयपुर राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में लगातार उजागर हो रही धांधलियों और गड़बड़ियों के बीच राज्य सरकार अब दिव्यांग कोटे से नियुक्त कर्मचारियों की जांच के लिए एक्टिव मोड में आ गई है। सरकार ने सभी विभागों में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों के दस्तावेज और मेडिकल सर्टिफिकेट की दोबारा जांच कराने का निर्णय लिया है। यह जांच अधिकृत मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में बने मेडिकल बोर्ड द्वारा की जाएगी। कार्मिक विभाग के शासन सचिव कृष्णकांत पाठक के अनुसार पहले चरण में पिछले पांच वर्षों में दिव्यांग कोटे से चयनित सभी कर्मचारियों की जांच होगी। इसके बाद पूरे प्रदेश में कार्यरत अन्य दिव्यांग कर्मचारियों की भी मेडिकल जांच और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। अगर जांच में किसी भी कर्मचारी के दिव्यांगता प्रमाण पत्र या दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कार्मिक विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। इतना ही नहीं संदिग्ध मामलों में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को भी शिकायत दी जाएगी। इस कदम की पृष्ठभूमि में हाल ही में उजागर हुए पेपर लीक घोटाले और उसके दौरान सामने आए फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र हैं। एसओजी की जांच में सामने आया कि कई अभ्यर्थियों ने फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर सरकारी नौकरियां हासिल कीं। जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में गठित विशेष मेडिकल बोर्ड ने जांच में पाया कि 29 कर्मचारियों में से 24 ने फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी हासिल की थी। इनमें टीचर, एएनएम, स्टेनोग्राफर समेत विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारी शामिल थे। सरकार के इस फैसले से साफ है कि अब फर्जीवाड़े के जरिए नौकरी करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है, जिससे भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सके।

Allu Arjun शोक में डूबे, दादी के निधन पर Ram Charan ने रोकी शूटिंग

  तेलुगु इंडस्ट्री से बूरी खबर सामने आ रही है. पैन इंडिया स्टार अल्लू अर्जुन के घर में मातम पसर गया है. दरअसल, एक्टर की दादी और तेलुगु के दिग्गज अभिनेता अल्लू रामलिंगैया की पत्नी अल्लू कनकरत्नम गरु का आज सुबह निधन हो गया है. उन्होंने 94 साल की उम्र में अंतिम सांस ली है. एक्टर की दादी के निधन से इंडस्ट्री में भी सन्नाटा पसर गया है. मिली जानकारी के मुताबिक, अल्लू अर्जुन की दादी 94 साल की थीं. अल्लू कनकरत्नम गरु पिछले कुछ वक्त से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं. उन्होंने बीती रात करीब 1.45 बजे इस दुनिया को अलविदा कह दिया है. फैंस और तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के लोग अल्लू परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं. उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर कोकापेट में किया जाएगा. बता दें कि अल्लू अर्जुन की दादी के निधन की खबर सामने आते ही इंडस्ट्री में हर ओर मायूसी छा गई है. बताया जा रहा है कि पवन कल्याण और नागाबाबू, अभी एक मीटिंग के लिए कहीं दूर हैं. वो कल अल्लू के परिवार से मिलने जाएंगे. राम चरण और अल्लू अर्जुन ने भी दुखद खबर मिलते ही अपने शूट कैंसल कर दिए हैं. राम चरण ने कैंसिल की शूटिंग एक्टर अल्लू अर्जुन की दादी के निधन की खबर मिलते ही उनके पोते और सुपरस्टार राम चरण ने मैसूर में चल रही अपनी आगामी फिल्म ‘पेद्दी’ की शूटिंग तुरंत रद्द कर दिया है. वो जल्द ही हैदराबाद पहुंचेंगे. अल्लू अर्जुन इस समय मुंबई में एटली की फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं, वह भी जल्द ही हैदराबाद जाएंगे.

श्राद्ध पक्ष: पूर्वजों की कृपा पाने हेतु इन जगहों पर जलाएं दीपक

पितृ पक्ष भारतीय धर्म और संस्कृति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। यह ऐसा समय होता है जब हम अपने पूर्वजों, पितरों को याद करते हैं और उनके लिए तर्पण, श्राद्ध आदि कर्मकांड करते हैं। पितृ पक्ष का उद्देश्य पितरों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करना है। माना जाता है कि इस अवधि में अगर सही विधि से पितरों का सम्मान किया जाए और उनकी नाराजगी दूर की जाए, तो परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। इस दौरान विशेष पूजा, तर्पण और दान-पुण्य कार्य किए जाते हैं ताकि पितरों की आत्मा को मोक्ष और शांति मिले। पितरों की प्रसन्नता के लिए दीपक जलाना एक प्राचीन और प्रभावशाली उपाय माना जाता है। यह दीपक न केवल अंधकार दूर करता है बल्कि पितरों की आत्मा को भी प्रकाश और ऊर्जा प्रदान करता है। नदी के किनारे नदियों के तट पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। पवित्र नदियां पितरों के लिए मोक्षदायक होती हैं। यहां दीपक जलाने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद मिलता है। संभव हो तो गंगा या यमुना जैसी पवित्र नदियों के किनारे तर्पण और दीपक जलाएं। मंदिरों के प्रांगण जहां भगवान शिव, विष्णु या अन्य प्रमुख देवताओं के मंदिर हों, वहां दीपक जलाने से पितरों की शांति होती है। मंदिर का वातावरण शुद्ध होता है और यह पितरों को प्रसन्न करने का उत्तम स्थान माना जाता है। पेड़-पौधों के नीचे वृक्षों के नीचे दीपक जलाना भी शुभ होता है। विशेष रूप से पीपल, बरगद और अशोक के पेड़ पितृओं के लिए पूजनीय माने जाते हैं। इन स्थानों पर दीपक जलाने से पितरों की कृपा मिलती है। अपने घर के मंदिर या पूजा स्थान पर घर के मंदिर या पूजा कक्ष में भी दीपक जलाना जरूरी होता है। यहां नियमित रूप से दीपक जलाकर पितरों का स्मरण करें और उनकी सेवा करें। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है। पितृ तर्पण स्थल कुछ स्थान ऐसे होते हैं जो पितृ तर्पण के लिए प्रसिद्ध हैं, जैसे प्रयागराज, हरिद्वार, काशी। यदि संभव हो तो ऐसे तीर्थ स्थलों पर जाकर दीपक जलाना अत्यंत लाभकारी रहता है।

RCB का ऐलान: चिन्नास्वामी भगदड़ पीड़ितों के हर परिवार को मिलेगा वित्तीय सहायता

नई दिल्ली  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने जून में एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ में जान गंवाने वालों के लिए बड़ा ऐलान किया है। आरसीबी मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देगी। हर परविार को 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। विक्ट्री परेड के दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए। फ्रेंचाइजी ने शनिवार को आरसीबी केयर्स के तहत आर्थिक सहायता की घोषणा की। रजत पाटीदार की अगुवाई वाली आरसीबी ने 3 जून 2025 को आईपीएल खिताब जीता था। यह आरसीबी की पहली आईपीएल ट्रॉफी थी। इसके बाद, फ्रेंचाइजी ने अगले दिन विक्ट्री परेड आयोजित की, जिसमें बड़ी तादाद में फैंस आरसीबी के होम ग्राउंड एम चिन्नास्वामी पहुंचे। उसी दौरान स्टेडियम के बाहर भगदड़ मचने से मातम पसर गया। आरसीबी ने एक इमोशनल पोस्ट में कहा, ‘’4 जून 2025 को हमारा दिल टूटा। हमने आरसीबी परिवार के 11 सदस्यों को खो दिया। वे हमारा हिस्सा थे। हमारे शहर, हमारे समुदाय और हमारी टीम को अनोखा बनाने वाली चीजों का हिस्सा। उनकी अनुपस्थिति हम सभी की यादों में हमेशा रहेगी।" फ्रेंचाइजी ने आगे कहा, ‘’उनके द्वारा छोड़े गए खालीपन को कोई भी सहयोग कभी नहीं भर सकता। लेकिन एक शुरुआत के रूप में और गहरे सम्मान के साथ आरसीबी ने उनके परिवारों को 25-25 लाख रुपये देने का फैसला किया है। यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं बल्कि करुणा, एकता और निरंतर देखभाल का वादा है। यह आरसीबी केयर्स की भी शुरुआत है। एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता जो सार्थक कार्यों के लिए समर्पित है। उनकी स्मृति को सम्मान देते हुए आगे का हर कदम यह दर्शाएगा कि फैंस क्या महसूस करते हैं, क्या उम्मीद करते हैं और क्या चाहते हैं।" आरसीबी ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2025 के फाइनल में पंजाब किंग्स को छह रनों से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया और 18 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया। आरसीबी ने निर्धारित 20 ओवरों में 190/9 का स्कोर बनाया था और जवाब में श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम सात विकेट के नुकसान पर 184 रन ही बना सकी। क्रुणाल पांड्या और भुवनेश्वर कुमार ने फाइनल में पंजाब किंग्स के दो-दो खिलाड़ियों को आउट किया।

झटका बनाम हलाल विवाद पर बड़ा कदम, अब दुकान के बाहर लगेगा स्पष्ट बोर्ड

  जयपुर राजधानी जयपुर में अवैध मीट की दुकानों को बंद किया जाएगा। साथ ही जिन दुकानों पर कमर्शियल पट्टे हैं उन्हें अनिवार्य रूप से दुकान के बाहर यह स्पष्ट लिखने के निर्देश दिए गए हैं कि दुकान में झटके का मीट है या हलाल का। जयपुर की महापौर सौम्या गुर्जर ने कहा है कि  अब से केवल उन्हीं दुकानों को मीट बिक्री का लाइसेंस मिलेगा जो कमर्शियल पट्टे पर होंगी व  प्रत्येक दुकान को अपने बाहर बोर्ड लगाकर स्पष्ट करना होगा कि वो 'झटका मीट शॉप' है या 'हलाल मीट शॉप'। उन्होंने कहा कि  शहर में आवासीय कॉलोनियों में अनियंत्रित रूप से मीट की दुकानें खुल संचालय हो रही हैं, जिससे क्षेत्रवासियों को असुविधा होती है। गंदगी और बदबू भी फैलती है, साथ ही झटका और हलाल मीट की दुकान की स्पष्ट जानकारी नहीं होने से जन भावनाएं भी आहत होती हैं। महापौर ने कहा कि लोग चाहते हैं कि किसी की धार्मिक भावना आहत न हो इस वजह से मीट की दुकानों पर झटका और हलाल लिखा हुआ होना चाहिए, ताकि जो जिस तरह का मीट इस्तेमाल करते हैं, उन्हें वही मीट मिले।  उन्होंने बताया कि पूर्व में दिए निर्देशों के बाद कुछ दुकानों पर झटका और हलाल अंकित किया भी गया है, लेकिन जिन पर नहीं लिखा गया है।  सौम्या गुर्जर ने बताया कि पिछले काफी असरे से स्थानीय रिहायशी कॉलोनियों में संचालित मीट की दुकानों का विरोध हो रहा है।  ऐसे स्थान पर दुर्गंध आती है और महिलाओं का निकलना मुश्किल हो जाता है। स्कूल, मंदिर से 100 मीटर दूरी का प्रस्ताव सरकार को भेजा उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां स्कूल या मंदिर है, वहां इस तरह की गतिविधियों को नहीं देखा जा सकता। ऐसे में राज्य सरकार को लिखा गया है कि ऐसी तमाम दुकानें मंदिर और स्कूल से तकरीबन 100 मीटर दूर हो। इस पर राज्य सरकार जनता के हित में ही फैसला लेगी। गौरतलब है कि निगम प्रशासन ने करीब एक साल पहले भी ऐसा ही निर्णय लिया था, लेकिन इसे पूरी तरह लागू नहीं किया जा सका है। इसे लेकर समय-समय पर सियासी बयानबाजी जरूर सामने आती है। अब निगम ने इस मामले में सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: MBBS-BDS कोर्स में अब मान्य होगा एडिट ऑप्शन

बिलासपुर नीट यूजी की काउंसलिंग प्रक्रिया और आवंटन के खिलाफ दायर याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। इसके साथ ही आगे की प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है। छत्तीसगढ़ के डीएमई द्वारा जारी मेरिट लिस्ट को वैध मानते हुए हाईकोर्ट ने उसके आधार पर की गई सीट आवंटन प्रक्रिया को मान्य किया है। नीट यूजी की काउंसलिंग में एक अभ्यर्थी द्वारा प्रथम चरण की काउंसलिंग में सीजीडीएमई द्वारा दिए गए श्रेणी, संवर्ग इत्यादि में एडिट ऑप्शन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि ऑप्शन के उपरांत कैटिगरी, संवर्ग इत्यादि को बदलने की सुविधा को अमान्य किया जाए। साथ ही इसके आधार पर 12 अगस्त को जारी मेरिट लिस्ट को भी मान्य न करने की मांग की गई थी। सीजीडीएमई का पक्ष और पूरे प्रकरण को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया। 23 अगस्त 2025 को काउंसलिंग का प्रथम चरण सपन्न हो गया है। केंद्रीय एजेंसी, चिकित्सा काउंसलिंग समिति (एमसीसी) द्वारा काउंसलिंग की द्वितीय चरण की तिथि आगे बढ़ाई गई है। अत: राज्य की काउंसलिंग का दूसरा राउंड जो कि पूर्व में 27 अगस्त से प्रारंभ होने वाला था, कोभी एमसीसी द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार आगे बढ़ाया गया है। डीएमई ऑफिस की वेबसाइट पर 26 अगस्त को ही एमसीसी द्वारा जारी सूचना के साथ यह सूचना प्रकाशित कर दी गई थी। अगली काउंसलिंग की तिथि जल्द जारी होगी एमसीसी से काउंसलिंग की नई तिथि के दिशा-निर्देश प्राप्त होने पर द्वितीय चरण एवं आगामी चरणों की नई समय सारणी डीएमई द्वारा तत्काल जारी की जाएगी। नई समय सारणी के लिए अभ्यर्थियों को सीजीडीएमई की वेबसाइट का समय-समय पर अवलोकन करते रहने की सलाह दी गई है।

बीमारियों का प्रकोप थमने का नाम नहीं, जालंधर में फिर मिले 4 मरीज

जालंधर  वैस्ट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले न्यू गौतम नगर में डायरिया और अन्य बीमारियों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को चार और नए मरीज मिले जिन्हें तुरंत एंबुलैंस के जरिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इसके साथ ही प्रभावित रोगियों की संख्या लगभग 40 तक पहुंच गई है। इलाके के पार्षद गुरजीत सिंह घुम्मन दिनभर वार्ड में सक्रिय दिखाई दिए और स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की टीमों के साथ सहयोग करते नजर आए। स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया प्रभावित इलाकों में विशेष कैंप लगाए हैं, वहीं नगर निगम की टीमें सीवरेज ब्लॉकेज को खोलने, सुपर सक्शन और जेटिंग मशीनों से सफाई कराने और गंदे पानी की सप्लाई से जुड़े फॉल्ट दूर करने में जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पीने का पानी टैंकरों के माध्यम से उपलब्ध करवाया जा रहा है। बीमारी फैलने का मुख्य कारण प्रवासी श्रमिकों के क्वार्टर जब प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया तो पाया कि न्यू गौतम नगर और इसी वार्ड में आती पंजपीर कॉलोनी और अन्यों में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों के क्वार्टर बने हुए हैं। इन क्वार्टरों में एक साथ कई लोग रहते हैं लेकिन सफाई व्यवस्था बेहद खराब है। वाटर सप्लाई और सीवरेज सिस्टम में भी कई खामियां सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन क्वार्टरों की गंदगी पूरे इलाके में बीमारी फैलने का बड़ा कारण है। पार्षद गुरजीत सिंह घुम्मन ने भी माना कि प्रवासी श्रमिकों के क्वार्टर समस्या की जड़ हैं। उन्होंने पार्षद बनने के तुरंत बाद इस मुद्दे पर कार्रवाई करते हुए कई मालिकों को नोटिस जारी करवाए थे और नगर निगम से चालान तक करवाए थे, लेकिन अभियान बीच में ही ठंडा पड़ गया। अब पार्षद घुम्मन का कहना है कि आने वाले दिनों में फिर से सख्ती बरती जाएगी। जिन क्वार्टरों में गंदगी, गंदा पानी या सीवरेज जाम जैसी समस्याएं मिलीं, उनके खिलाफ निगम चालान करेगा और जरूरत पड़ने पर पानी व सीवरेज कनेक्शन भी काटे जा सकते हैं।

कैदियों की खातिरदारी बढ़ी: अब जेल में बिस्किट-रस्क, दाल-चावल और दही मिलेगा, खर्च ₹11 करोड़ बढ़ा

हरियाणा सरकार जेल डाइट चार्ट में बदलाव करने जा रही प्रति कैदी रोजाना 12 रुपए अतिरिक्त खर्च, सालाना 11 करोड़ का बोझ ब्रेकफास्ट में नए विकल्प, लंच-डिनर में दाल-चावल-दही भी शामिल चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य की जेलों में कैदियों के डाइट चार्ट में बदलाव करने की तैयारी कर ली है। जेल विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा है। नए चार्ट के अनुसार कैदियों को अब ब्रेकफास्ट में ब्रेड, रस्क और फैन जैसे विकल्प मिल सकेंगे, जबकि लंच और डिनर में मौसमी सब्जी, दाल, चावल और दही को शामिल किया गया है। इस बदलाव से सरकार पर सालाना लगभग 11 करोड़ 52 लाख रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। अभी एक कैदी पर प्रतिदिन खाने और नाश्ते की लागत 62.83 रुपए आती है, जो बढ़कर 75.10 रुपए तक पहुंच जाएगी। यानी प्रति कैदी रोजाना करीब 12.27 रुपए का अतिरिक्त खर्च होगा। ब्रेकफास्ट में ब्रेड-रस्क व फैन के ऑप्शन भी मिल सकेंगे। इसके अलावा लंच और डिनर में रोटी व मौसमी सब्जी के साथ दाल, चावल और दही भी शामिल रहेगा। कैदियों के इस डाइट चार्ट में होने वाले इस बदलाव में करीब 11 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक कैदियों पर औसतन खर्च के मामले में हरियाणा पहले ही आंध्र प्रदेश के बाद दूसरे नंबर पर है। इससे पहले सितंबर 2023 में तत्कालीन सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कैदियों की डाइट में 10 रुपए की बढ़ोतरी की थी। हालांकि तब डाइट चार्ट में कोई बदलाव नहीं किया गया था। गौरतलब है कि कैदियों पर खर्च के मामले में हरियाणा पहले से ही देश में दूसरे नंबर पर है। प्रिजन स्टैटिस्टिक्स इंडिया रिपोर्ट-2023 के मुताबिक आंध्र प्रदेश एक कैदी पर सालाना 2.68 लाख रुपए खर्च करता है, जबकि हरियाणा में यह खर्च 1.60 लाख रुपए और दिल्ली में 1.49 लाख रुपए है। वहीं, मिजोरम में यह खर्च केवल 2,000 रुपए प्रति कैदी है। हरियाणा की 17 जिला जेलों में कुल क्षमता 22,647 कैदियों की है, लेकिन वर्तमान में 26,000 से अधिक कैदी बंद हैं। यानी यहां 121 फीसदी कैदी क्षमता से अधिक ठहरे हुए हैं। देशभर में सबसे खराब स्थिति उत्तर प्रदेश की बताई गई है, जहां क्षमता से दोगुने तक कैदी बंद हैं, जबकि लद्दाख सबसे बेहतर स्थिति में है। जेलों में डाइट बदलाव के अलावा कैदियों के लिए कई वेलफेयर योजनाएं भी चल रही हैं। करनाल में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए जेल अकादमी खोली गई है, जहां 117 नए वार्डन और सहायक अधीक्षक को ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके अलावा जेलों के आर्थिक स्वावलंबन के लिए पेट्रोल पंप और CNG स्टेशन भी खोले गए हैं। केवल कुरुक्षेत्र जेल के पेट्रोल पंप ने पिछले वर्ष लगभग 54 करोड़ रुपए की बिक्री की थी। अब भिवानी, सिरसा, जींद, फरीदाबाद, नूंह और नारनौल में भी नए पेट्रोल पंप लगाने की मंजूरी दी गई है। जेलों में कैंटीन भी, जहां अपने खर्च पर ब्रांडेड सामान भी खरीद रहे कैदी     कैदी और हवालाती हर साल 12 से 15 करोड़ रुपए से अधिक खर्च : हरियाणा के जेलों में बहुत से कैदी सरकारी डाइट पर ही निर्भर नहीं रहते। उन्हें जेल में तय समय पर मिलने वाले सामान्य खाने और चाय का इंतजार भी नहीं होता। क्योंकि अंदर पैसों से सब मिल जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश की जेलों में कैदी और हवालाती हर साल 12 से 15 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर देते हैं। कैदी ब्रांडेड जूते-चप्पल तक ले सकते हैं। कोल्ड ड्रिंक, बिस्किट-नमकीन, फेस क्रीम आदि भी उपलब्ध रहती हैं।     प्रति कैदी 12 रुपए रोज का खर्च बढ़ेगा  अभी जेल में कैदियों को दिए जाने वाले खाने और नाश्ते को बनाने में 3.41 रुपए मिलाकर 62.83 रुपए की लागत आती है। जेल विभाग के नए प्रस्ताव में खाने बनाने की लागत में कमी आएगी। खाना बनाने में 2.01 रुपए की लागत मिलाकर 75.10 रुपए प्रति कैदी की लागत आएगी। यानी पहले और अब के नए प्रस्ताव में करीब 12.27 रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। टोटल अतिरिक्त खर्च करीब 11 करोड़ 52 लाख रुपए तक का आएगा। जेलों में पहले से ही कैंटीन सुविधा मौजूद है, जहां कैदी अपने पैसों से ब्रांडेड जूते, चप्पल, कोल्ड ड्रिंक, बिस्किट, नमकीन और अन्य सामान खरीद सकते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा की जेलों में कैदी और हवालाती हर साल 12 से 15 करोड़ रुपए तक कैंटीन पर खर्च करते हैं।     कैदियों पर खर्च करने में हरियाणा देश में दूसरे नंबर पर   प्रिजन स्टैटिस्टिक्स इंडिया रिपोर्ट-2023 के मुताबिक कैदियों पर खर्च करने के मामले में हरियाणा आंध्र प्रदेश के बाद दूसरे नंबर पर है। उस रिपोर्ट के अनुसार आंध्र प्रदेश हर साल एक कैदी पर 2.68 लाख रुपए खर्च करता है, जबकि हरियाणा में 1.60 लाख रुपए और दिल्ली में 1.49 लाख रुपए खर्च किए जाते हैं। मिजोरम सरकार सबसे कम 2,000 रुपए खर्च करती है।     हरियाणा की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी   हरियाणा के 17 जिला जेलों में 22,647 कैदियों को रखने की क्षमता है। हालांकि वर्तमान में जेल ओवरलोड हैं यानी क्षमता से अधिक कैदी रखे गए हैं। सभी जेलों में 26 हजार से ज्यादा कैदियों को रखा गया है। प्रिजन स्टैटिस्टिक्स इंडिया रिपोर्ट-2023 के मुताबिक देश में क्षमता से अधिक कैदी रखने के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे था। वहां क्षमता से दोगुने तक कैदी बंद रहे। इस मामले में हरियाणा 17वें नंबर पर है। जहां क्षमता से 121 फीसदी कैदी बंद हैं। लद्दाख सबसे बेहतर स्थिति में हैं, जहां क्षमता के मुकाबले सिर्फ 19 फीसदी कैदी बंद हैं। हरियाणा की जेलों में अभी ये चल रही वेलफेयर की स्कीमें…     ट्रेनिंग कैंप खोला जा चुका: करनाल में अधिकारियों व कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने के लिए एक जेल एकेडमी का निर्माण करवाया गया है। जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 21 मई को किया। वर्तमान समय में इस एकेडमी में 117 नए भर्ती वार्डन, सहायक अधीक्षक जेल स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है।     पेट्रोल पंप से 54 करोड़ रुपए कमाए: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से जिला जेल, कुरुक्षेत्र पर एक पेट्रोल पंप और CNG फिलिंग स्टेशन बना है। जिसमें पिछले वर्ष की कुल बिक्री … Read more

‘ऑपरेशन सिंदूर का मकसद PoK पर कब्जा’, उमा भारती ने किया दावा

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी की नेता उमा भारती ने एएनआई को दिए इंटरव्यू में कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी. काशी और मथुरा पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि 'दोनों मामले कोर्ट में हैं, लेकिन मेरा दिल हिंदू है और मेरी आस्था काशी और मथुरा में मंदिर देखना चाहती है.' ऑपरेशन सिंदूर पर उन्होंने कहा कि हमारा अंतिम लक्ष्य पीओके को वापस लेना है. उन्होंने साफ कहा कि 'हमारा मकसद तभी पूरा होगा जब पीओके भारत में शामिल होगा.' भारतीय सेना पर सवाल उठाने वालों पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे लोग न सेना का सम्मान करना जानते हैं और न ही राजनीति करने के काबिल हैं. उन्होंने कहा, 'आतंकवाद एक दिन पाकिस्तान को खुद खत्म कर देगा. पीओके भारत का अभिन्न हिस्सा है.'  'जनता का दिल जीतकर जीते जाते हैं चुनाव' विपक्ष की ओर से लगाए गए 'वोट चोरी' के आरोपों पर उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, 'इलेक्शन, चुनाव आयोग में नहीं, जनता का दिल जीतकर जीते जाते हैं. राहुल गांधी सेना का अपमान करते हैं, अनुच्छेद 370 बहाल करने की बात करते हैं, राम मंदिर के कार्यक्रम में भी नहीं गए. राष्ट्रीय गौरव को ठुकराकर चुनाव नहीं जीते जाते. राहुल को बोलने से पहले सोचना चाहिए या याददाश्त के लिए होम्योपैथिक दवा लेनी चाहिए.' 'लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का' उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी भी आपातकाल लगाने के बाद चुनाव हार गई थीं क्योंकि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का होता है. 2008 मालेगांव ब्लास्ट केस में अदालत से सभी आरोपियों के बरी होने पर उमा भारती ने कहा कि यह हिंदुओं को बदनाम करने और तुष्टिकरण की राजनीति करने की साजिश थी. उन्होंने आरोप लगाया कि साध्वी प्रज्ञा सिंह को इतनी बुरी तरह प्रताड़ित किया गया कि आज वे चल भी नहीं पातीं. लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित को भी बुरी तरह यातना दी गई. 'पार्टी में योगदान की कोई उम्र तय नहीं' मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र पटवारी के बयान पर उन्होंने कहा कि 'उन्हें खुद नहीं पता कि क्या बोल रहे हैं. कांग्रेस खत्म हो चुकी है, कई नेता रिटायर हो गए हैं और नई पीढ़ी भाजपा में आ रही है. पटवारी अकेले रह गए हैं.' रिटायरमेंट की उम्र पर बहस को लेकर उमा भारती ने कहा कि 'किसी भी संस्था या पार्टी में योगदान की कोई उम्र तय नहीं होती. राजनीति एक मंच है और योगदान मेरी क्षमता है.'