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मध्यप्रदेश में रोजगार का सुनहरा मौका, PM मोदी 17 सितंबर को पीएम मित्रा पार्क का करेंगे उद्घाटन

 धार  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को मध्य प्रदेश के धार जिले के प्रवास पर आने वाले हैं, और वे यहां पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन करेंगे। यह देश का पहला पीएम मित्रा पार्क होगा। देश में कुल सात पीएम मित्रा पार्क बनने हैं। 17 सितंबर को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इसी दिन वह मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात देने वाले हैं। पीएम मित्रा पार्क का करेंगे शिलान्यास मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को मध्यप्रदेश आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी धार जिले की बदनावर तहसील के ग्राम भैसोला में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ, सेवा पखवाड़ा तथा यहां देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से प्रदेश के जनजातीय बहुल मालवा अंचल में किसानों को एक बहुत बड़ी सौगात मिलने जा रही है। टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मिलेगी पहचान मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि प्रदेश का धार, झाबुआ, उज्जैन और निमांड का खरगोन, बड़वानी सबसे बडा कपास उत्पादक क्षेत्र है। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश में कॉटन आधारित बडे इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना होने जा रही है, यह देशभर में मंजूर 7 पीएम मित्रा पार्क में से पहला पार्क है जिसका भूमि-पूजन होने जा रहा है। तीन लाख नए रोजगार के अवसर होंगे सृजित पीएम मित्रा पार्क से 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष, कुल मिलाकर 3 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि धार में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने वाला गौरवशाली क्षण होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। CM ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान का शुभारंभ 'सुमन सखी' चैटबॉट को भी लांच करेंगे. इसके अलावा जनजातीय स्व-सहायता समूहों से स्वदेशी उत्पादों की खरीद और यूपीआई से भुगतान, सेवा पर्व समेत आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ करेंगे.  PM मोदी 'एक बगिया मां के नाम' अभियान के तहत महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण, एक करोड़ सिकल सेल कार्ड के वितरण सहित स्वदेशी पखवाड़े का शुभारंभ भी करेंगे.  कार्यक्रम में लाड़ली बहनें, स्व-सहायता समूह के सदस्य, स्वास्थ्य और स्वावलंबन योजना के हितग्राही सहित टेक्सटाइल औरगारमेंट क्षेत्र के प्रमुख उद्यमी, युवा उद्यमी, महिला उद्यमी और हितग्राही मौजूद रहेंगे.  अन्य कार्यक्रम भी होंगे वहां बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ सुमन सखी चैटबॉट को लॉन्च करेंगे। पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास करेंगे। जनजातीय स्व-सहायता समूहों से स्वदेशी उत्पादों की खरीद और यूपीआई से भुगतान, सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी एक बगिया मां के नाम अभियान के तहत महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण और एक करोड़ सिकल सेल कार्ड के वितरण सहित स्वदेशी पखवाड़े का शुभारंभ भी करेंगे। प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा पीएम का दौरा पीएम मोदी धार जिले के दौरे पर जनजातीय स्व-सहायता समूहों से स्वदेशी उत्पादों की खरीद और यूपीआई से भुगतान, सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ करेंगे. इस दौरान एक बगिया मां के नाम अभियान के तहत महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण और एक करोड़ सिकल सेल कार्ड के वितरण सहित स्वदेशी पखवाड़े का शुभारंभ भी करेंगे.

स्वास्थ्य में बड़ा कदम: MP में शुरू होगी ‘सीएम केयर’ योजना, सुपर स्पेशियलिटी ट्रीटमेंट अब आसान

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार सीएम केयर नामक नई स्वास्थ्य बीमा योजना( Health Insurance Scheme) शुरू करने जा रही है, जिससे 10 लाख से अधिक कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। कर्मचारियों के लिए 20 लाख तक और पेंशनर्स के लिए 5 लाख तक इलाज कैशलेस होगा।  मध्य प्रदेश सरकार सीएम केयर योजना प्रारंभ करेगी। इसमें पूरा जोर सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर रहेगा। कैंसर, हृदय संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए बड़े अस्पताल बनाए जाएंगे। इसमें अगले पांच वर्ष में दो हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह अभी प्रारंभिक आकलन है। परियोजना आगे बढ़ने के बाद लागत और बढ़ जाएगी। वित्त विभाग ने भी इस पर सहमति दे दी है। अब शीघ्र ही इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। योजना के अंतर्गत जबलपुर मेडिकल कॉलेज में बने स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट को 200 बिस्तर से बढ़ाकर 600 बिस्तर का किया जाएगा। प्रदेश स्तर का एक स्टेट कार्डियोलॉजी सेंटर बनेगा, हालांकि इसके लिए अभी स्थान का चयन नहीं किया गया है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेजों में आंकोलॉजी (कैंसर), आंको सर्जरी, कॉर्डियोलॉजी और कॉर्डियक सर्जरी विभाग प्रारंभ किए जाएंगे। मध्य प्रदेश में बढ़ रहे अंगदान सभी जगह 100-100 बिस्तर होंगे। बाद में नेफ्रोलॉजी यानी किडनी रोग और यूरोलॉजी विभाग भी प्रारंभ होंगे। अंग प्रत्यारोपण के लिए भी प्रदेश स्तरीय संस्थान बनाया जाएगा, जिसमें लिवर, किडनी, हार्ट, फेफड़ा और कार्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा रहेगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में लाइव और ब्रेन डेड दोनों तरह के अंगदान बढ़ रहे हैं। सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अंग निकालने की सुविधा चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ की जा रही है। एक अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण प्रारंभ होने से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय हो सकेगा। प्रदेश में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने के कारण कई बार हार्ट, फेफड़ा आदि को दूसरे राज्यों में भेजना पड़ता है। वर्तमान रिम्बर्समेंट प्रक्रिया  वर्तमान में, कर्मचारियों को इलाज कराने के बाद खर्च की गई राशि के लिए अपने संबंधित विभागों में आवेदन करना पड़ता है। इसके लिए डॉक्टर या मेडिकल बोर्ड की मंजूरी आवश्यक होती है। अस्पताल में भर्ती होने पर 5 लाख तक के क्लेम की मंजूरी संभागीय अस्पताल के डीन की अध्यक्षता वाली कमेटी देती है। 5 लाख से 20 लाख तक के क्लेम के लिए उच्च स्तर की कमेटी निर्णय लेती है। बाह्य रोगी इलाज में एक साल में अधिकतम 20 हजार रुपये तक का रिम्बर्समेंट मिलता है। रिम्बर्समेंट प्रक्रिया की मुख्य समस्याएं लंबा इंतजार: रिम्बर्समेंट मिलने में महीनों लग जाते हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बजट की कमी: अधिकांश बजट शहरों के कर्मचारियों पर खर्च हो जाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों या फील्ड कर्मचारियों तक बजट नहीं पहुंच पाता। आर्थिक दबाव: इलाज के लिए कर्मचारियों को पहले खुद भुगतान करना पड़ता है, जो कई बार मुश्किल हो जाता है। जल्द ही मिलेगी मजूरी  वित्त एवं स्वास्थ्य विभाग ने योजना को लगभग अंतिम रूप दे दिया है । मुख्यमंत्री के साथ अंतिम बातचीत के बाद इसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिल जाएगी । इस योजना के लागू होने से कर्मचारियों की पुरानी मांग पूरी होगी और इलाज की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं सुविधा बढ़ेगी । कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव     सीएम केयर योजना के तहत मुख्य रूप से मध्य प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इसमें कई तरह की सेवाओं को शामिल किया जाएगा। अभी इसका प्रस्ताव कैबिनेट में जाना है। इससे सुपर स्पेशियलिटी की सीटें भी बढ़ेंगी। – संदीप यादव, प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा।  

राजनीति के खेल में दिग्गज नेता पीछे, निगम-मंडलों की नियुक्तियों से BJP के नेता कर रहे वापसी

भोपाल  मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई दिग्गज नेता, जो कभी प्रदेश की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाने जाते थे, आज हाशिए पर हैं. इन नेताओं को अब निगम-मंडलों और अन्य नियुक्तियों के जरिए फिर से राजनीति की मुख्य धारा में लौटने की उम्मीद है. पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, उमा शंकर गुप्ता, कमल पटेल, गौरी शंकर विशेन, जयभान सिंह पवैया सहित कई अन्य नेता इस कतार में शामिल हैं. ये नेता पार्टी में अपनी पुरानी प्रतिष्ठा को पुनर्जनन देने की कोशिश में हैं. कांग्रेस प्रवक्ता ने इस स्थिति पर तंज कसते हुए कहा है कि भाजपा ने अन्य दलों से इतने नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल किया है कि अब पार्टी “ओवरलोडेड” हो गई है. इसके चलते भाजपा के कई पुराने और प्रमुख नेता हाशिए पर चले गए हैं. उन्होंने दावा किया कि यह भाजपा में कोई नया चलन नहीं है. पहले भी कई दिग्गज नेताओं को पार्टी ने साइडलाइन किया है. कांग्रेस का कहना है कि भाजपा की यह रणनीति उसके अपने नेताओं के लिए ही चुनौती बन रही है. वहीं, भाजपा प्रवक्ता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी में हर कार्यकर्ता के लिए उचित दायित्व होता है. कुछ जिम्मेदारियां ऐसी होती हैं, जो सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आतीं, लेकिन नेता पार्टी के लिए लगातार काम करते रहते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा में किसी को हाशिए पर रखने की बात नहीं होती. समय, परिस्थिति और योग्यता के आधार पर नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं. प्रवक्ता का कहना है कि पार्टी अपने सभी नेताओं का सम्मान करती है और उनकी सेवाओं का उपयोग उचित समय पर किया जाता है. भाजपा के इन दिग्गज नेताओं की नजर अब निगम-मंडलों और अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों पर है. ये नियुक्तियां न केवल उनकी राजनीतिक सक्रियता को पुनर्जनन दे सकती हैं, बल्कि उन्हें फिर से सुर्खियों में ला सकती हैं. पार्टी संगठन जल्द ही इन नियुक्तियों पर फैसला ले सकता है, जिससे इन नेताओं की राजनीतिक वापसी की राह आसान हो सकती है.

मोहन भागवत का इंदौर आगमन, 13 सितंबर को करेंगे पुस्तक विमोचन; 8 महीने में चौथा दौरा

इंदौर  RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 13 सितंबर को इंदौर में रहेंगे। सरसंघचालक भागवत का यह इंदौर में साल का चौथा दौरा है। इस बार मोहन भागवत इंदौर में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। भागवत 14 सितंबर रविवार शाम तक इंदौर में रहेंगे। रविवार दोपहर 3.15 बजे स्थानीय ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्य मंत्रिमंडल के कई सदस्य और कुछ गणमान्य लोग भी समारोह में उपस्थित रहेंगे। बता दें की पटेल ने यह पुस्तक अपनी नर्मदा परिक्रमा के दौरान लिखी थी। उन्होंने दो बार 1994 और 2007 में पैदल नर्मदा परिक्रमा की थी। संघ प्रमुख का यह चौथा दौरा संघ प्रमुख का पिछले 8 महीने में यह चौथा इंदौर का दौरा है। इससे पहले वह 3 जनवरी 2025, 13 जनवरी 2025 और 10 अगस्त 2025 में इंदौर आ चुके हैं। इस साल इन कार्यक्रम में आ चुके हैं संघ प्रमुख     डॉ. मोहन भागवत इस साल सबसे पहले 3 जनवरी को इंदौर आए थे। वह इंदौर में आरएसएस के शताब्दी कार्यक्रम स्वर शतकम में हुए शामिल थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि हर अग्रपंक्ति में हमारा देश होना चाहिए। ऐसा भारत संघ के कार्य से खड़ा होगा और इसलिए संघ कार्य में जो करना आवश्यक होगा, वह मैं करूंगा।     दूसरी बार डॉ. भागवत इंदौर में 13 जनवरी को आए थे। इस दौरान उन्होंने इंदौर में श्री रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय को देवी अहिल्या राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया था। तब उन्होंने कहा था कि लोग पूछते थे कि राम मंदिर क्यों जरूरी? रोजगार, गरीबी, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं की बात क्यों नहीं करते। मैं कहता था कि रोजगार, खुशहाली का रास्ता भी राम मंदिर से होकर जाता है। हमने हमेशा समाजवाद, रोजगार, गरीबी की बात की, लेकिन क्या हुआ। हमारे साथ चले जापान-इजराइल आज कहां से कहां पहुंच गए।     तीसरी बार संघ प्रमुख 10 अगस्त यानी रक्षाबंधन के दूसरे इंदौर में आए थे। इस दौरान मोहन भागवत ने 96 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुए कैंसर केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन किया था। तब भागवत ने सभी जाति-बिरादरी के प्रमुखों से कमजोर वर्गों को ऊपर उठाने के लिए मिलकर प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा देश में आज शिक्षा और स्वास्थ्य आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गए हैं। इन दोनों ही सेवाओं को कमर्शियल बना दिया गया है।

मध्यप्रदेश ने आंगनवाड़ी भवन निर्माण में बनाया रेकॉर्ड, पीएम-जनमन कार्यक्रम में मिली सराहना

 विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया समुदाय को मिलेगा लाभ भोपाल प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय अभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया समुदाय के लिये स्वीकृत 217 आंगनवाड़ी भवनों में से 100 भवनों का तय समय-सीमा से पहले निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस उपलब्धि के साथ मध्यप्रदेश योजना के क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य बन गया है। निर्धारित लक्ष्य की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए प्रथम चरण में बड़ी प्रगति दर्ज करते हुए शेष 117 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण 31 मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। पीएम जन-मन का लक्ष्य और महत्व भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 से 2026 के बीच संचालित बहुउद्देशीय पीएम-जनमन अभियान का मुख्य उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों बैगा, भारिया और सहरिया समुदायों को शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं से जोड़ना है। इस अभियान में नये आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण, पक्के भवनों की व्यवस्था और पूरक पोषण आहार का नियमित प्रदाय सुनिश्चित किया जा रहा है। इन आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा एवं पोषण मिलेगा, साथ ही जनजातीय समुदायों के समग्र विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। जिलेवार निर्माण और निवेश शिवपुरी जिले में 39, श्योपुर में 37, शहडोल में 29, उमरिया में 23, गुना में 14, डिंडौरी में 12, अशोकनगर में 11, अनूपपुर में 7, मंडला एवं दतिया में 6-6, विदिशा, बालाघाट, ग्वालियर एवं सीधी में 5-5, जबलपुर एवं छिंदवाड़ा में 4-4, मुरैना में 2 तथा कटनी, भिंड और रायसेन में 1-1 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक भवन पर लगभग 12 लाख रुपये का व्यय किया जा रहा है। सामाजिक-आर्थिक विकास का मजबूत आधार यह पहल जनजातीय बहुल इलाकों में नई उम्मीद और बदलाव की शुरुआत है। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण केवल भौतिक संरचना नहीं बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास का मजबूत आधार भी है। इनके माध्यम से जहां बच्चों को बेहतर पोषण और शिक्षा उपलब्ध होगी, वहीं महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय अभियान का यह चरण देश में जनजातीय कल्याण के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में देखा जा रहा है और मध्यप्रदेश ने इसे लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई है।  

महालक्ष्मी व्रत के दिन जरूर करें ये काम, धन की देवी होंगी प्रसन्न

माना जाता है कि जो भी साधक महालक्ष्मी व्रत (Mahalakshmi Vrat 2025) को सच्ची श्रद्धा से करता है, उसे धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही इस समय व्रत करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य की भी प्राप्ति होती है। ऐसे में आप महालक्ष्मी व्रत के आखिरी दिन कुछ खास उपाय कर सकते हैं, जिससे देवी लक्ष्मी की कृपा आपके व आपके परिवार के ऊपर बनी रहती है। इस तरह करें पूजा महालक्ष्मी व्रत के आखिरी दिन विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करें। इसके लिए सबसे पहले स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थल की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें। इसके बाद एक चौकी पर साफ लाल कपड़ा बिछाएं और माता लक्ष्मी की मूर्ति या फिर चित्र स्थापित करें। सबसे पहले गणेश जी और नवग्रहों का पूजन करें। अब मां लक्ष्मी को गंगाजल या पंचामृत से स्नान कराएं और पूजा में एक कल कलश स्थापिक करें। इसके लिए कलश में जल, सुपारी, हल्दी, अक्षत, कमल गट्टा और पंच पल्लव डालकर उसपर नारियल रखें और चुनरी लपेटकर स्थापित करें। महालक्ष्मी जी का शृंगार करें और उन्हें पूजा में सोलह शृंगार की सामग्री अर्पित करें। पूजा में कमल, दूर्वा, अक्षत, रोली, धूप, दीप, फल, मिठाई और दक्षिणा आदि चढ़ाएं। अंत में देवी लक्ष्मी की आरती करें और सभी लोगों में प्रसाद बांटें। जरूर करें ये उपाय महालक्ष्मी व्रत के अंतिम दिन देवी लक्ष्मी की विधिवत रूप से पूजा करने के बाद एक कच्चे सूत में 16 गांठ लगाएं। इस दौरान महालक्ष्मी नमः मंत्र का जाप करते रहें। अब इस गांठ पर कुमकुम और अक्षत लगाकर देवी के चरणों में अर्पित कर दें। पूजा संपन्न होने के बाद इस सूत्र को अपने दाहिने हाथ में बांधें। इस उपाय को करने से साधक को धन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। आप इस 16 गांठ वाले धागे को अपनी तिजोरी में भी रख सकते हैं, जिससे शुभ परिणाम मिलते हैं। करें इन मंत्रों का जप 1. श्री लक्ष्मी बीज मंत्र – ॐ श्री ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नमः।। 2. लक्ष्मी प्रा​र्थना मंत्र – नमस्ते सर्वगेवानां वरदासि हरे: प्रिया। या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां या सा मे भूयात्वदर्चनात्।। 3. श्री लक्ष्मी महामंत्र – ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।