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आयुष विभाग को उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिलेगा प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड – 2025

भोपाल आयुष विभाग को प्रतिष्ठित "स्कॉच अवार्ड-2025" सम्मान आयुष ई-मॉनिटरिंग सिस्टम' परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट परिणाम के लिए प्रदान किया गया है। यह अवार्ड तीन चरणों की विस्तृत प्रस्तुतियाँ और दो चरणों की सार्वजनिक डिजिटल वोटिंग के बाद प्रदान किया गया, जो इस उपलब्धि की पारदर्शिता और गुणवत्ता की और अधिक प्रमाणित करता है। "स्कॉच अवॉर्ड-2025" का वितरण नई दिल्ली में आयोजित होने वाले स्कॉच समिट में मिलेगा। आयुष विभाग, राज्य सरकार की मंशानुरूप परंपरागत चिकित्सा पद्धति को मुख्य धारा में लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ क्रियाशील है। आयुष विभाग, आयुर्वेद जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धति को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के समकक्ष स्थापित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। आयुष विभाग को देश के प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड 2025 से नवाजा जाना, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह अवॉर्ड, टीम भावना, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों सहित विविध मानको पर खरा उतरने पर दिया जाता है। आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों और चिकित्सा महावि‌द्यालयों में OPD में अधिकतम वृद्धि करना, अधिक से अधिक नागरिकों की आयुष सुविधा कवरेज में लाना, लोगों को स्वस्थ एवं रोगमुक्त बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएं उपलब्ध कराना है। आयुष विभाग में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक माह में दो बार वीडियो कॉन्फ्रेसिंग (VC) कर सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों एवं आयुष मेडिकल कॉलेज के साथ अनुभव साझा करना एवं समस्याओं का समाधान, कठोर निगरानी और मूल्यांकन हर केंद्र के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा अनुभव करना एवं श्रेष्ठ प्रथाओं को बढ़ावा देना, प्रत्येक आयुष सुविधा की रैंकिंग प्रकाशित करना, प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार कर गुणवत्ता बढ़ाना, आयुष अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना, अस्पतालों और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं का विकास करना जैसे अनेक नवाचार अपनाए है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने आयुष विभाग को प्रतिष्ठित स्कॉच अवाई- 2025 मिलने पर हर्ष व्यक्त करते आयुष विभाग को स्कॉप अवॉर्ड 2025" मिलना, प्रदेश के लिए गौरव की बात बताई है। मंत्री श्री परमार ने विभाग की इस उपलब्धि के पीछे टीम भावना नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों का क्रियान्वयन बताया है, जिससे नागरिकों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो रही है। प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा ने बताया कि "आयुष ई-मॉनिटरिंग ने पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है तथा राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में आयुष चिकित्सा की सुलभता और गुणवत्ता को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया है। श्री आहूजा ने बताया कि अपर सचिव आयुष श्री संजय मिश्रा की सतत निगरानी एवं समन्वय ने विभाग की इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से ई-मानिटरिंग सिस्टम के सभी घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ जिससे राज्यभर में आयुष सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ हैं।  

राष्ट्रीय पोषण माह अभियान 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर तक

भोपाल  मिशन पोषण 2.0 के तहत मध्यप्रदेश में 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर 2025 तक राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाएगा। इस वर्ष का आयोजन आठवाँ पोषण माह होगा, जिसमें राज्य, जिला, परियोजना और आंगनबाड़ी स्तर तक सामुदायिक सहभागिता से थीम-आधारित गतिविधियाँ संचालित होंगी। पोषण माह की प्रमुख थीम हैं मोटापा नियंत्रण (कम नमक, कम चीनी, कम तेल), प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (पोषण भी पढ़ाई भी), शिशु एवं बाल आहार प्रथाएँ (IYCF), पुरुष सहभागिता (Men-streaming) और एक पेड़ माँ के नाम एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा। पोषण माह के दौरान आईवाईसीएफ परामर्श सत्र, व्यंजन प्रतियोगिता, फिटनेस चैलेंज, योग दिवस, किचन गार्डन अभियान तथा स्थानीय उत्पादों का प्रचार जैसी गतिविधियाँ होंगी। “पोषण भी पढ़ाई भी” थीम के तहत आंगनबाड़ियों में स्टोरी टेलिंग, पपेट शो और एक्टिविटी आधारित शिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे। जन-जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक, रेडियो जिंगल्स, सोशल मीडिया अभियान (#PoshanMaah2025) और सामुदायिक रेडियो का उपयोग किया जाएगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, कृषि, खाद्य, आयुष, जल जीवन मिशन, खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों और स्थानीय अशासकीय संगठनों की सहभागिता से यह अभियान सुपोषित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। 

निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित बनाये रखने के साथ समावेशी पंजीकरण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक: मुख्य निर्वाचन अधिकारी

लखनऊ  आज उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम), लखनऊ में उत्तर प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में प्रत्येक जनपद से एक सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं एक बूथ लेवल अधिकारी को निर्वाचक नामावली से संबंधित विधिक प्राविधानों, ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप, विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रक्रियाओं के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।     मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज हो, यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित बनाये रखने के साथ समावेशी पंजीकरण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं बूथ लेवल अधिकारियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960, मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल-2023 में उल्लिखित विधिक दायित्वों, बीएलओ और सुपरवाइजरों के साथ समन्वय, निर्वाचक नामावली में दावे-आपत्तियों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, ईआरओ नेट और बीएलओ ऐप के तकनीकी पक्षों तथा फील्ड अनुश्रवण की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।      मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण प्राप्त एईआरओ तथा बीएलओ मास्टर टेªनर के रूप में अपने-अपने विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में अपने समकक्ष एवं अधीनस्थ एईआरओ, बीएलओ और सुपरवाइजरों को भी छोटे-छोटे समूहों में प्रशिक्षित करें, ताकि प्रत्येक स्तर पर प्रक्रिया की गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने मतदाताओं की सुविधा हेतु मतदेय स्थलों में नए अनुभागों के गठन के संबंध में परीक्षण कराते हुए नियमानुसार कार्यवाही किये जाने के भी निर्देश दिए।     आगामी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के संबंध में अवगत कराते हुए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दृष्टिगत वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली को वर्ष 2025 की निर्वाचक नामावली के साथ मैपिंग किए जाने से संबंधित प्रक्रिया से अवगत कराया गया। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना-प्रपत्र वितरित करने, भरने में सहयोग करने/एकत्रित करने/मतदाता का सत्यापन तथा उसे बीएलओ ऐप पर अपलोड करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।      पूर्व में प्रदेश के 75 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं समस्त 403 विधानसभाओं के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को विभिन्न चरणांे में प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। आज के प्रशिक्षण सत्र के प्रत्येक जनपद में से एक एईआरओ तथा एक बीएलओ को मास्टर टेªनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, जो अपने जनपद में अन्य समस्त एईआरओ तथा बीएलओ को प्रशिक्षण प्रदान करेगें।

नो-एंट्री ज़ोन में ट्रक कैसे घुसा? इंदौर हादसे पर हाईकोर्ट सख्त, कमिश्नर से जवाब तलब

जबलपुर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यामूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने इंदौर एयरपोर्ट रोड पर हुए भीषण हादसे के मामले में स्वत: संज्ञान आधार पर सुनवाई प्रारंभ की है। मंगलवार को प्रारंभिक सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इंदौर के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे 23 सितंबर को वर्चुअल हाजिर होकर स्पष्टीकरण दें। उन्हें यह साफ करना होगा कि शहर में नो-एंट्री होते हुए ट्रक कैसे घुस गया और बिना किसी रोक-टोक के इतने आगे तक कैसे पहुंच गया। कोर्ट ने प्रशासन की बड़ी विफलता माना कोर्ट ने इसे कानून-व्यवस्था और प्रशासन की बड़ी विफलता माना है। अदालत ने कहा कि अगर नियमों का कड़ाई से पालन हुआ होता, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। कोर्ट ने गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब सड़क सुरक्षा के सख्त नियम मौजूद हैं, तो इस तरह के हादसे होना बेहद चिंताजनक है। सरकार ने मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई सुनिश्चित की हाई कोर्ट ने इंदौर के दर्दनाक हादसे को लेकर प्रकाशित समाचार पर संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई की व्यवस्था दी है। राज्य की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली खड़े हुए। उन्होंने अवगत कराया कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई सुनिश्चित की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत कर दी जाएगी। क्या है मामला? उल्लेखनीय है कि सोमवार शाम तेज रफ्तार ट्रक ने इंदौर में एयरपोर्ट रोड पर कोहराम मचा दिया था। उसने लगभग एक किलोमीटर तक कई वाहनों को टक्कर मारी। वहीं कुचले जाने से दो लोगों की मौके पर ही मौत तक हो गई। जबकि एक युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 12 घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

चीता परियोजना के सफल तीन वर्ष: प्रोजेक्ट चीता को ‘इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड’

चीता परियोजना की सफलता से मध्यप्रदेश बना एशिया का गौरव   भोपाल  पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ते चीतों के परिवार के साथ मध्यप्रदेश एशिया का गौरव बन गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर 3 वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश को चीता परियोजना की सौगात मिली थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को अपने जन्म दिवस पर पहले पालपुर कूनो में चीते छोड़कर प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी। आज चीतों के परिवारों में वृद्ध‍ि हो रही है। 'प्रोजेक्ट चीता को ‘इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार हाल ही में नई दिल्ली में आईएफएस एसोसिएशन और इंडियन मास्टरमाइंड्स द्वारा आयोजित तीसरे इको वॉरियर अवॉर्ड्स कार्यक्रम में प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अवॉर्ड मिलने पर चीता परियोजना से जुड़ी प्रबंधन टीम को बधाई दी है। तीन वर्षों की साहसिक पहल प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाकर हुई। इसने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तत्काल ध्यान आकर्षित किया। कई शंकाएँ भी उठीं कि भारतीय वातावरण चीता के लिए उपयुक्त नहीं है। इस अवधारणा को तोड़ते हुए कूनो पालपुर और गांधी सागर अभयारण में चीते फर्राटे भर रहे है और उनकी संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। चीतो को भायी म.प्र. की आवोहवा चीता ने भारतीय वातावरण को आश्चर्यजनक रूप से तेज़ी से अपना लिया है। पिछले तीन वर्षों में पाँच चीता मादाओं द्वारा 6 बार शावकों को जन्म देना इस परियोजना की सफलता और लचीलापन का परिचायक है। वे भारतीय शिकार जैसे चीतल के प्रति अच्छी अनुकूलता दिखा रहे हैं। शुरुआत में डर था कि तेंदुओं से संघर्ष होगा, लेकिन प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र ने खुद को संतुलित किया, और शिकारी प्रजातियाँ अपने-अपने क्षेत्र में सीमित हो गईं। नवाचार, संकल्प और आशा का प्रतीक प्रोजेक्ट चीता प्रोजेक्ट चीता की तीन वर्ष की यात्रा चुनौतीपूर्ण होने के साथ प्रेरणादायक भी रही है। यह परियोजना अब और अधिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। पिछले तीन वर्षों में चीता परियोजना प्रबंधन टीम ने कभी हार नहीं मानने का पाठ सीखा। चीता प्रबंधन के हर पहलू से ऐसी मूल्यवान जानकारियाँ मिलीं हैं, जिससे अनुभव रखने वाले और नए दोनों पेशेवरों की समझ में वृद्धि हुई है। किसी जीवित प्राणी के साथ काम करते समय जोखिम अनिवार्य होते हैं। पिछले तीन वर्षों में केंद्र और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, फील्ड मैनेजर्स, पशु चिकित्सकों और फ्रंटलाइन स्टाफ का आत्मविश्वास मज़बूत हुआ। इन वर्षों में यह भी साबित हो गया कि मध्यप्रदेश आपात स्थितियों और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम है। प्रोजेक्ट चीता की सफलता टीमवर्क का प्रतीक है जहाँ सभी पेशेवर एक ही उद्देश्य के लिए प्रतिबद्धता और कौशल के साथ कार्य कर रहे हैं। तीन वर्षों की सीख और सफलता प्रोजेक्ट चीता की टीम के अथक प्रयासों के परिणाम सामने हैं। चीते न केवल जीवित रहे बल्कि सफलतापूर्वक अपना परिवार भी बढ़ाया। उनकी उपस्थिति ने घास के मैदानों और खुले जंगलों की ओर फिर से ध्यान आकर्षित किया। ऐसे परिस्थितिकी तंत्र पहले उपेक्षित थे। कूनो में घास के मैदानों में सुधार, जैव विविधता में वृद्धि और स्थानीय समुदायों को पर्यटन के माध्यम से लाभ पहुँचना इस चीता परियोजना की बड़ी उपलब्धियाँ हैं। चीतों की पुन:र्स्थापना से पारिस्थितिकी को कोई नुकसान नहीं हुआ। हर चीते की बारीकी से निगरानी, पेशेवर पशु चिकित्सकों द्वारा देखभाल, और सुरक्षित वातावरण ने चीता परियोजना को वैश्विक मानकों के बराबर खड़ा कर दिया है। चीता की लगातार बढ़ती संख्या चीता परियोजना की सबसे उत्साहजनक उपलब्धि रही है कि भारत में शावकों का जन्म हुआ। वर्तमान में 25 चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में हैं। दो नर गांधी सागर सेंचुरी में सफलतापूर्वक पुनर्वासित हो चुके हैं। इस प्रकार कुल 27 चीते है। कूनो के परिदृश्य में एक आत्मनिर्भर और मुक्त विचरण करने वाली चीता आबादी स्थापित करना निकट भविष्य का लक्ष्य है। तीन वर्षों की सफलता के साथ प्रोजेक्ट चीता का यह संदेश है कि यह केवल एक प्रजाति की वापसी नहीं है, बल्कि वैश्विक प्रकृति संरक्षण में भारत के समर्प‍ित नेतृत्व का प्रतीक है। चीता की वापसी यह सिद्ध करती है कि विलुप्ति अंतिम नहीं होती और दूरदृष्टि तथा संकल्प के साथ खोई विरासत को वापस लाया जा सकता है। 

मुख्यमंत्री ने की गड्ढामुक्ति, सड़क मरम्मत अभियान की विभागवार समीक्षा

मुख्यमंत्री की चेतावनी, नगरीय अवस्थापना के कार्य समय पर और पारदर्शिता के साथ हों, अन्यथा महापौर के अधिकारों पर होगा पुनर्विचार उत्तर-दक्षिण कॉरीडोर की रूपरेखा पर भी हुआ विमर्श, बोले मुख्यमंत्री, बेहतर होगी कनेक्टिविटी और आर्थिकी को भी मिलेगा बल सड़क नवीनीकरण में पीडब्ल्यूडी ने 84.82% प्रगति दर्ज की, अन्य विभागों को भी गति बढ़ाने के निर्देश रेस्टोरेशन व विशेष मरम्मत में 2,750 किमी सड़कें चिन्हित, काम में तेजी के निर्देश त्योहारों के दृष्टिगत 114 मार्ग असंतोषजनक स्थिति में पाए गए, मुख्यमंत्री ने तुरंत सुधार कर सुचारु यातायात सुनिश्चित करने को कहा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मॉनसून वर्षा के कारण खराब हुईं सड़कों की मरम्मत और आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण के लिए जारी कार्यवाही को तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि हाई-वे हों या एक्सप्रेस-वे, ग्रामीण सड़कें हों या नगरीय क्षेत्र की सड़कें, दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली और छठ जैसे आगामी प्रमुख पर्वों से पहले सभी महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह अच्छी स्थिति में होनी चाहिए, ताकि आमजन को असुविधा न झेलनी पड़े। मुख्यमंत्री, मंगलवार को विभिन्न विभागों के साथ महत्वपूर्ण बैठक में सड़कों की मररमत, गड्ढामुक्ति अभियान आदि की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में अधिकारियों ने गड्ढा मुक्ति अभियान की कार्ययोजना के संबंध में अवगत कराया कि प्रदेश की कुल 6,78,301 सड़कों (लंबाई 4,32,989 किमी) में से 44,196 किमी को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में औसतन 21.67 प्रतिशत प्रगति दर्ज हुई है। मुख्यमंत्री ने एनएचएआई, मंडी परिषद, पीडब्ल्यूडी, ग्राम विकास, पंचायती राज, नगर विकास, सिंचाई, गन्ना एवं चीनी विकास सहित विभिन्न विभागों से अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि सभी विभाग लक्ष्य की प्राप्ति में समान गति बनाएं और कमजोर प्रगति वाले विभाग और बेहतर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की सड़कों की मरम्मत में तेजी की अपेक्षा जताई।  नगर विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगमों में अवस्थापना संबंधी कार्यों की धनराशि का समय से और सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए। कार्य का आवंटन पारदर्शिता के साथ हो और कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो। अन्यथा की स्थिति में महापौरों के अधिकारों पर पुनर्विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिस भी नगर निगम में ईईएसएल का बकाया है, उसका तत्काल भुगतान करा दिया जाए।    सड़क नवीनीकरण कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि 31,514 किमी लंबाई की सड़कों को इसमें शामिल किया गया है। लोक निर्माण विभाग ने इसमें 84.82 प्रतिशत प्रगति दर्ज की है। मुख्यमंत्री ने कहा किया कि नवीनीकरण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है, इसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बैठक में अवगत कराया गया कि रेस्टोरेशन एवं विशेष मरम्मत के अंतर्गत 2,750 किमी सड़कें चिन्हित की गई हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी कि ग्रामीण विकास विभाग ने इसमें 62.99 प्रतिशत प्रगति दर्ज की है, नगर विकास विभाग ने 35.50 प्रतिशत और अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास विभाग ने 48.77 प्रतिशत प्रगति दर्ज की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 30 सितम्बर तक लोक निर्माण विभाग द्वारा सर्वे पूरा कर कार्ययोजना शासन को प्रस्तुत की जाए। त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि 649 मार्ग संतोषजनक स्थिति में हैं, जबकि 114 मार्ग असंतोषजनक स्थिति में पाए गए हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन मार्गों को तत्काल सुधार कर सुचारु यातायात सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय सड़कों की स्थिति प्रदेश की छवि से जुड़ी होती है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रदेशवासियों की सुविधा और सुरक्षा से सीधे तौर पर जुड़ा है। इसलिए सभी विभागीय अधिकारी पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कार्यों की प्रगति की दैनिक निगरानी हो तथा शासन स्तर पर नियमित रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के विकास की रूपरेखा पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में अधिकांश राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पूर्व-पश्चिम दिशा में केंद्रित हैं, ऐसे में अब आवश्यकता है कि नेपाल सीमा से लेकर प्रदेश के दक्षिणी छोर तक फैले जिलों को जोड़ने वाला एक सुदृढ़ उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर तैयार किया जाए। इस उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के अंतर्गत आने वाले हिस्सों में एनएचएआई का सहयोग लिया जाए और शेष मार्गों का निर्माण, सुदृढ़ीकरण तथा चौड़ीकरण राज्य स्तर पर कराया जाए। जहां आवश्यक हो, वहां ग्रीनफील्ड रोड परियोजनाएं प्रस्तावित की जाएं।

सुरखी विधानसभा में बन रहा मध्यप्रदेश का पहला नमो फ्रूट वन उद्यान

बरौदा सागर में लगाए जा रहें 21 हजार फलदार पौधे, मंत्री श्री राजपूत ने किया निरीक्षण 10 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य, फूड प्रोसेसिंग एवं कुटीर उद्योग स्थापित करने की योजना मंत्री श्री राजपूत ने थामी ट्रैक्टर की स्टेरिंग भोपाल खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने मंगलवार को सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरौदा सागर में 70 एकड़ भूमि पर विकसित किए जा रहे मध्यप्रदेश के पहले नमो फ्रूट फॉरेस्ट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री राजपूत ग्रामीणों के साथ स्वयं ट्रैक्टर चलाकर नमो फ्रूट फॉरेस्ट स्थल पर पहुंचे। मंत्री श्री राजपूत ने निरीक्षण के दौरान वृक्षारोपण की स्थिति, पौधों की देखरेख, सिंचाई व्यवस्था तथा स्थानीय लोगों की सहभागिता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में सेवा पखवाड़ा के तहत पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुरखी विधानसभा के ग्राम बरौदा राजघाट के पास नमो फ्रूट फॉरेस्ट में 21 हजार फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि यह प्रदेश का पहला ऐसा उद्यान है जहां सभी प्रकार के फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी इस उद्यान में 21 हजार फलदार पौधों का रोपण किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य 10 लाख पौधों के रोपण का है। बरौदा ग्राम में फूड प्रोसेसिंग एवं अन्य कुटीर उद्योग स्थापित करने की भी कार्य योजना तैयार की जा रही है जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर मिलेंगे । उन्होंने बताया कि तालचिरी में भी 10 एकड़ में नमो फल उद्यान बन रहा है। यहां भी फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि नमो फूड फॉरेस्ट स्व सहायता समूह की महिला सदस्यों को सौंपा जाएगा, जिससे वह आत्मनिर्भर बनेंगी एवं आर्थिक रूप से समृद्ध भी होगी। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समय सीमा के अंदर पूर्ण हो एवं यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पौधों की नियमित देखभाल हो। फ्रूट फॉरेस्ट में आम, अमरूद, कटहल, आंवला, नींबू, सीताफल,अनार आदि के हजारों फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। निरीक्षण के पश्चात मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने ग्रामीणों से पौधों की देखरेख करने और पर्यावरण सुरक्षा में सहयोग देने का आह्वान किया।  

एमपीसीएसटी में अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस पर हुआ विशेष कार्यक्रम

भोपाल मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग (सीसीएल), भोपाल में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शैक्षिक गतिविधियों, चर्चाओं और विशेषज्ञ व्याख्यानों के माध्यम से ओज़ोन परत के संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया गया। शैक्षिक गतिविधियाँ और साइंस-शो कार्यक्रम की शुरुआत एक ओपन क्विज़ प्रतियोगिता से हुई जिसमें विद्यार्थियों ने ओज़ोन परत की खोज, इसके क्षरण और कार्बन फुटप्रिंट से संबंधित जानकारी प्राप्त की। ग्लोबल वार्मिंग अम्ब्रेला और ओज़ोन हाउस जैसे आकर्षक माध्यमों के ज़रिए ओज़ोन परत की भूमिका और महत्व को समझाया गया। साइंस शो ने बच्चों में वैज्ञानिक जिज्ञासा को प्रेरित किया। विज्ञान संचारक अंजली और नीलू ने ग्लोबल वार्मिंग अम्ब्रेला के माध्यम से ओज़ोन परत के क्षरण से बचाव के उपायों को सरलता से प्रस्तुत किया।विज्ञान संचारक करण ने एक रोचक साइंस शो के माध्यम से बच्चों को विज्ञान की दुनिया से जोड़ा। विशेषज्ञ व्याख्यान और समापन समापन सत्र में एमपीसीएसटी के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने विद्यार्थियों को परिषद की सुविधाओं और विज्ञान गतिविधियों से जुड़ने के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) को ध्यान में रखते हुए समाजोपयोगी परियोजनाओं पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया, जिससे विज्ञान और नवाचार का लाभ समाज तक पहुँच सके। पुणे से आए विशेषज्ञ श्री विनायक बडेकर ने मानव शरीर और प्राकृतिक घटनाओं के आपसी संबंध तथा क्रोनोबायोलॉजी के उभरते भविष्य पर विद्यार्थियों को सरल और प्रभावी ढंग से जानकारी दी। कार्यक्रम से ओज़ोन परत संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच तथा नवाचार को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल हाट में स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग का किया शुभारंभ

दिल्ली हाट के रूप में विकसित होगा भोपाल हाट स्वदेशी मेले से हुई सेवा पखवाड़ा की शुरूआत दशहरे पर धूमधाम से होगा शस्त्र पूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अपने जन्म दिवस पर सेवा का संकल्प लेते हुए सेवा पखवाड़े के माध्यम से 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उनकी प्रतिबद्धता के अनुरूप देश में स्वदेशी के अभियान को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत 02 अक्टूबर तक सबका साथ-सबका विकास के भाव से जन भागीदारी, स्वच्छता और कल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। भोपाल हाट में लगा स्व-सहायता समूहों का 'स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग', इन गतिविधियों की शुरूआत है। मेले में 40 स्व-सहायता समूह भाग ले रहे हैं। इससे लगभग 3 हजार 600 से अधिक परिवार लाभान्वित होंगे। आगामी तीज-त्यौहारों के दृष्टिगत यह स्वदेशी मेला महत्वपूर्ण है, इससे भोपाल वासी स्वदेशी उत्पादों की आत्मीयता का अनुभव ले सकेंगे। इसके माध्यम से गांवों में घर-घर में बनने वाली वस्तुओं को बाजार और प्लेटफार्म उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इन गतिविधियों से ही आदि काल से भारत की पहचान रहे, स्वावलंबन के भाव को प्रोत्साहन मिलेगा। स्वदेशी के उत्पाद अपने गांव, जिले और प्रदेश के गौरवान्वित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को "स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग" का भोपाल हाट में शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी मेला में लगे स्टॉल्स का अवलोकन किया, विक्रेताओं तथा सामग्री निर्माताओं से चर्चा की और वॉटर बॉटल बैग सहित अन्य सामग्री भी खरीदी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम भोजपुर के सिद्धी विनायक आजीविका स्व-सहायता समूह द्वारा लगाए गए चाट के स्टॉल पर पानी-पुरी का आनंद भी लिया। सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे पर प्रदेश में धूम-धाम से शस्त्र पूजन किया जाएगा। यह सौभाग्य का विषय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। स्वतंत्रता से पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने कल्पना कर ली थी कि आजादी तो मिलेगी, लेकिन इसके बाद देश को आजाद रखने के लिए सभी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में देश भक्त नागरिकों की आवश्यकता होगी। वर्तमान में जीवन के सभी क्षेत्रों में स्वदेशी के भाव के साथ सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर प्रधानमंत्री श्री मोदी के योगदान के परिणामस्वरूप भारत ने दुनिया में अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी अन्नदाता, युवा, नारी सशक्तिकरण और गरीब सहित सभी वर्गों के लिये समर्पित भाव से निरंतर सक्रिय हैं। पीएम मित्र पार्क से खुलेंगे प्रदेश की समृद्धि के द्वार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का प्रदेश की धरती पर 17 सितम्बर को शुभागमन हो रहा है। वे पीएम मित्र पार्क की नीव रखेंगे। गरीब परिवार से निकले श्री मोदी के प्रधानमंत्री बनने से देश गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने अपने जन्म दिन पर सेवा पखवाड़े में माताओं-बहनों के लिए सेवा का संकल्प लिया है। 'स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार' अभियान में प्रदेश भर में महिलाओं की सभी प्रकार की जांच होंगी, महिला के स्वस्थ होने से परिवार सशक्त होंगे। साथ ही रोजगार के अवसरों के साथ ही प्रदेश में विकास के लिए सभी क्षेत्रों में कार्य हो रहा है। बड़ी संख्या में प्रदेश के किसान कपास उत्पादक हैं, कपास पर केन्द्रित उद्योगों से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। राज्य सरकार कपास उत्पादन और इससे जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मित्रा पार्क की नींव रखेंगे। पीएम मित्र पार्क धार-झाबुआ अंचल में एक लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और सबकी समृद्धि के द्वार भी खुलेंगे। यहां बने वस्त्र विश्व के सभी प्रमुख देशों तक जाएंगे। प्रदेश में होने वाले जैविक कॉटन की बेहतर गुणवत्ता के कारण सम्पूर्ण विश्व में इसकी मांग है। स्थापित हो रहे पीएम मित्र पार्क के परिणामस्वरूप प्रदेश के जैविक कॉटन को वैश्विक स्तर पर उचित महत्व मिल सकेगा। भारत के दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने में स्व-सहायता समूहों की भी होगी भूमिका पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्व-सहायता समूह तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में भी फूड प्रोसेसिंग हो रही है। समूह की हमारी बहनों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। जिला स्तर पर स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के मेले लगाए जाएंगे। भोपाल हाट को दिल्ली हाट के रूप में विकसित करने की योजना पर राज्य सरकार कार्य कर रही है। भारत जब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा तो इसमें सबसे बड़ी भूमिका स्व-सहायता समूहों की होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी को जन्मदिवस की बधाई भी दी। स्वदेशी मेले से करें त्यौहारों के लिए खरीददारी विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर जिले में उद्योग केंद्र की स्थापना हो रही है। गरीब कल्याण हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जन्म दिन स्वदेशी अभियान को समर्पित है। 

मानवता की सेवा के लिये रक्तदान जरूरी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

दामोदर युवा संगठन के रक्तदान शिविर में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि गंभीर मरीजों को समय पर रक्त मिल सके इसके लिये जरूरी है कि समाज में रक्तदान करने के लिये जगरूकता कार्यक्रम चलाए जायें। उन्होंने कहा‍ कि युवा वर्ग को इस कार्य के लिये प्रोत्साहित किये जाने की जरूरत है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल मंगलवार को भोपाल के रवीन्द्र भवन में दामोदर युवा संगठन के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रक्तदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार अपने साधनों से बेहतर से बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रही है। इस क्षेत्र में सेवा के विस्तार के लिये स्वयं सेवी संगठनों की अधिक से अधिक मदद की जरूरत है। उन्होंने 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलाये जाने वाले सेवा पखवाड़ा की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि ने अपने संबोधन में कहा‍ कि प्रत्येक व्यक्ति समाज की भलाई के लिये मन में भाव रखता है, लेकिन इस भाव को स्वयं सेवी संगठनों से जुड़कर पूरा किया जा सकता है। दामोदर युवा संगठन के संस्थापक श्री अशोक नायक ने बताया कि इंदौर में देश का नि:शुल्क ब्लड कॉल सेंटर है। जहाँ देश के किसी भी स्थान से फोन आने पर संगठन द्वारा मरीज को नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराये जाने का प्रयास किया जाता है। संगठन से देशभर के 4 लाख युवा जुड़े हुए है। संगठन ने अभी तक 2 लाख जरूरत मंदों को नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराया है। उन्होंने बताया कि रियर ब्लड ग्रुप "ओ बॉम्बे पॉजिटिव" जिसके दानदाता देशभर में 180 है। इस ग्रुप का ब्लड भी 5 जरूरत मंदों को उपलब्ध कराया गया है। संगठन के 2 हेल्प लाइन नबंर 92002-50000 और 70245-12345 है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री के.पी. त्रिपाठी भी मौजूद थे।