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स्वदेशी ही था राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के अंग्रेजों से संघर्ष का मूल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी अपनाने के लिए प्रदेशवासियों को किया प्रेरित "गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे" प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश में अपना जन्म दिवस मनाकर जनजातीय अंचल धार को किया धन्य माताओं-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस कार्यक्रम को किया संबोधित महाकौशल महावीरों की धरती है, जिसे राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह जैसे बलिदानियों ने अपने रक्त से सींचा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वाधीनता संग्राम के अमर बलिदानी राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी, उसका मूल 'स्वदेशी' ही था। देश में हमारा अपना शासन और कानून होना चाहिए, इस भाव ने ही जनजातीय वीरों को विदेशी ताकतों से संघर्ष के लिए प्रेरित किया। वे अंग्रेजों के आगे कभी झुके नहीं और पिता-पुत्र (राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह) की जोड़ी ने एक लक्ष्य के लिए लड़ते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और वे अमर हो गए। राज्य सरकार ने उनके बलिदान स्थल को स्मारक के रूप में विकसित किया है। अपनी संस्कृति के लिए प्रतिबद्ध राजा शंकर शाह अपने संस्कारों पर सदैव अडिग रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस पर गुरूवार को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों अमर बलिदानियों को नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की। अंग्रेजों के सामने नहीं झुके, हो गए शहीद मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह दोनों पिता पुत्रों ने रानी दुर्गावती की परम्‍परा को कायम रखते हुए अंग्रेजों के खिलाफ कविता के माध्‍यम से आवाज उठाई। उन्‍होंने अंग्रेजों के सामने सीना ठोककर जंगल, जमीन और अपने राष्‍ट्र को बचाने के लिए गीतों की रचना की। अंग्रेज उनके विद्रोह को बर्दाश्‍त नहीं कर पाये और कायरता का परिचय देते हुए उन्‍हें तोप के मुंह पर खड़ा कर उड़ा दिया गया। अंग्रेजों ने दोनो पिता-पुत्रों को बंदी बनाकर बगैर कोई मुकदमा चलाये उन्‍हें तोप से उड़ाने का काम किया था। अंग्रेजों ने उनके सामने धर्म बदलने, अंग्रेजी सत्‍ता को स्‍वीकार करने और माफी मांगने की शर्त रखी और इसे मान लेने पर उनकी रिहाई के लिए तैयार थे। लेकिन दोनों पिता-पुत्रों ने अंग्रेजों के इस प्रस्‍ताव को बहादुरी के साथ ठुकरा दिया और कहा कि तोप से उड़ाने के बाद भी यदि वे बच गये तो फिर से अंग्रेजी सत्‍ता के खिलाफ गीत लिखेंगे और अपने राष्‍ट्र की रक्षा के लिए विद्रोह करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर व्‍यक्ति के जीवन में जन्‍म और मृत्‍यु एक बार आती है, लेकिन देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीद हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं। राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ऐसे ही शहीद हैं जो हमेशा के लिए अमर हो गये हैं। उनका बलिदान हमें देश सेवा और देश की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। मध्‍यप्रदेश सरकार की ओर से उनके बलिदान दिवस पर मैं उन्‍हें नमन करता हूं और प्रणाम करता हूं। मां नर्मदा की पवित्र नगरी में गोंडवाना साम्राज्‍य के अमर शहीदों को स्‍मरण कर मैं स्‍वयं भी गौरवान्‍वित महसूस कर रहा हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश में स्वदेशी अपनाने का अभियान चल रहा है, विकसित भारत का मार्ग स्वदेशी से होकर गुजरता है। प्रदेश में बहनों ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसाल प्रस्तुत की है। हमारे गांव आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के श्रेष्ठ उदाहरण रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे' के उद्घोष के साथ उपस्थित जनसमुदाय को दैनिक उपयोग की स्वदेशी सामग्री अपनाने के लिए प्रेरित किया। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से हुई है सिंचित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीनकाल से महकौशल, महावीरों की धरती रही है, जो राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह और राना दुर्गावती जैसी महान विभूतियों के बलिदान को समेटे हुए है। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से सिंचित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए शाह वंश का अदम्य साहस, अमर शौर्य और अद्वितीय बलिदान सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मां भारती के चरणों में बलिदान देने वाले महावीर होते हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। यही त्याग आने वाली पीढ़ियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति की पवित्र ज्योति प्रज्ज्वलित करता रहेगा। 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' में माताएं-बहनें कराएं जांच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कल प्रदेश के जनजातीय अंचल (धार) में अपना जन्म दिवस मनाकर प्रदेश को धन्य किया है। केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण के लिए संकल्पित हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को 'पीएम मित्र पार्क' की सौगात दी है। माता-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। हमारे लिए मां, बहन, बेटियों का सम्मान और उनका स्वास्थ्य सर्वोपरि है। समय पर बीमारी की जांच हो जाए तो जान बच सकती है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि माताएं-बहनें "स्वस्थ नारी-सशक्‍त परिवार" अभियान अंतर्गत आयोजित शिविर में स्वास्थ्य जांच कराने के लिए आगे आएं। प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप राज्य सरकार पूर्ण समर्पण, सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ इस दिशा में गतिविधियां संचालित करने के लिए तत्पर है। प्रदेश में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के साथ स्वच्छता का संकल्प भी लिया गया है।  

बघेल का भी आरोप, कहा– चुनाव आयोग BJP का एजेंडा चला रहा है

बेमेतरा  छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में कांग्रेस ने गुरुवार को ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान मंच पर कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कांग्रेस नेता सचिन पायलट का कार्यकर्ताओं ने गजमाला पहनाकर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे सहित दर्जनों पूर्व मंत्री और नेता मौजूद रहे। BJP सरकार पर बरसे सचिन पायलट 'वोट चोर-गद्दी छोड़' यात्रा के तीसरे दिन कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर लोकतंत्र को कमजोर किया है। सचिन पायलट ने कहा, ‘राहुल गांधी ने वोट चोरी के सबूत पेश किए, लेकिन आयोग ने कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही नोटिस थमा दिया। वहीं छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा पर भी यही आरोप लगे, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।’ कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग पर भाजपा सरकार के लिए काम करने का आरोप लगाया और दावा किया कि छत्तीसगढ़ की जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी। भाषण के दौरान अजान की आवाज़ आने पर पायलट ने तकरीबन डेढ़ मिनट तक मौन रहकर धार्मिक भावनाओं का सम्मान भी किया। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य नेताओं ने कहा कि ‘भाजपा ने नोटबंदी, जीएसटी, किसान बिल और कोरोना जैसे मुद्दों पर हिटलरशाही रवैया अपनाया।’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत कर चुनाव जीते हैं और यह जनता के वोटों से नहीं बल्कि 'वोट चोरी' से हासिल हुई जीत है। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस अब इस "वोट चोरी" की सच्चाई को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान चला रही है। इसी कड़ी में बेमेतरा की यह सभा आयोजित की गई।  

स्वच्छ शिमला मिशन: जानें नगर निगम की नई व्यवस्था कैसे बदलेगी शहर का चेहरा

शिमला हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत 'पहाड़ों की रानी' शिमला को साफ-सुथरा रखने के लिए नगर निगम एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अब शिमला आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अपने वाहनों का कचरा सड़क पर फेंकने के बजाय नगर निगम को देना होगा। यह नई व्यवस्था जल्द ही लागू होने वाली है, जिसका उद्देश्य शिमला के पर्यावरण को बेहतर बनाना है। कैसे काम करेगी यह नई व्यवस्था? इस योजना के तहत, शिमला के प्रवेश द्वार पर ही नगर निगम के कर्मचारी पर्यटक वाहनों से कचरा इकट्ठा करेंगे। यह कचरा विशेष रूप से भरयाल कूड़ा संयंत्र में भेजा जाएगा। इस सेवा के लिए वाहन चालकों से एक न्यूनतम कूड़ा शुल्क भी लिया जाएगा। नगर निगम ने इस शुल्क की राशि पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन यह सुनिश्चित किया गया है कि यह राशि कम होगी और इसे लागू करने से पहले सदन की मंजूरी ली जाएगी। क्यों उठाया गया यह कदम? शिमला में हर साल लाखों पर्यटक आते हैं, और खासकर गर्मी और सर्दियों के मौसम में पर्यटकों की संख्या बहुत बढ़ जाती है। नगर निगम के अनुसार, भले ही हर घर से कूड़ा उठाया जाता है, फिर भी शहर की सड़कों, हाईवे और पार्किंग में कचरे के ढेर लगे रहते हैं। इसका मुख्य कारण पर्यटक वाहनों से फेंका जाने वाला कचरा है। पर्यटक बसें, टैक्सी और ट्रैवलर जैसी गाड़ियां अक्सर पार्किंग में या सड़क किनारे कचरा फेंक देती हैं, जिससे शिमला की सुंदरता और स्वच्छता पर बुरा असर पड़ता है। टैक्सी चालकों के लिए भी नियम नगर निगम ने टैक्सी चालकों के लिए भी खास नियम बनाए हैं। उन्हें अपनी गाड़ियों में डस्टबीन रखना होगा और उस कचरे को शहर के निर्धारित कूड़ा एकत्रीकरण केंद्रों पर खाली करना होगा। फिलहाल टूटीकंडी पार्किंग के पास एक नया कूड़ा एकत्रीकरण केंद्र बनाने की तैयारी है, जबकि आईएसबीटी टूटीकंडी में भी कचरा इकट्ठा किया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने बताया कि यह प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है और पर्यटक वाहनों का ब्योरा भी इकट्ठा किया जा रहा है। हाल ही में सरकार ने सभी व्यावसायिक वाहनों में कूड़ेदान लगाना अनिवार्य किया था, लेकिन अभी तक इस कचरे को सही जगह पर डालने की कोई व्यवस्थित व्यवस्था नहीं थी, जिसे नगर निगम अब ठीक करने की कोशिश कर रहा है। इस नई पहल से न केवल शिमला की स्वच्छता बढ़ेगी, बल्कि यह पर्यटकों को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक करने में मदद करेगी।  

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की योजना, अफगान सलामी जोड़ी मैदान में उतरी

नई दिल्ली एशिया कप 2025 के 11वें मैच में आज ग्रुप बी की अफगानिस्‍तान टीम का सामना श्रीलंका से हो रहा है। अफगानिस्‍तान के कप्‍तान राशिद खान ने टॉस जीतकर बल्‍लेबाजी करने का फैसला लिया है। मुकाबला अबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम में खेला जा रहा है। अफगानिस्‍तान के लिए यह मैच करो या मरो वाला है। एक और हार टीम को सुपर-4 की रेस से बाहर कर देगी। ग्रुप बी की जंग काफी रोमांचक है। श्रीलंका ने 2 में से 2 मैच जीते हैं और उसके 4 अंक (+1.546) हैं। 3 में से 2 जीते साथ बांग्‍लादेश के 4 प्‍वाइंट्स (-0.270) हैं। वहीं अफगानिस्‍तान ने 2 में से 1 मैच जीता है और टीम के 2 अंक (+2.150) हैं। हांगकांग 3 हार के साथ पहले ही बाहर हो चुकी है। अफगान टीम अगर आज जीतती है तो 3 टीमों के 4-4 अंक होंगे। हालांकि, बेहतर नेट रन रेट के चलते श्रीलंका और अफगानिस्‍तान टीम सुपर-4 में पहुंचेगी। 

टी दिलीप ने Asia Cup 2025 के लिए दी फील्डिंग में गेम-चेंजिंग सलाह

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच टी दिलीप ने कहा है कि दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में हवा में लहराने वाले ऊंचे कैच लेने के लिए एक सेकंड के लिए भी गेंद पर से नजर नहीं हटाना जरूरी है। दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में फ्लडलाइट्स की व्यवस्था पारंपरिक व्यवस्था से काफी अलग है। दिलीप ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड द्वारा एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो में ये बात कही। यह आग के वृत्त (रिंग ऑफ फायर) की तरह होती है जो मूल रूप से गुंबद में होती है न कि खंभों पर, जैसा कि हम आमतौर पर देखते हैं। दिलीप ने कहा कि इस तरह की परिस्थितियों में सबसे बड़ी चुनौती सीमा रेखा पर कैच लेने की होती है। ऐसे में आपको एक पल के लिए भी गेंद से नजर नहीं हटानी होती है।  

बिहार की राजनीति में हलचल: अमित शाह-नीतीश की बैठक से बदल सकते हैं समीकरण

पटना  पटना के होटल मौर्या में गुरुवार को गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुलाकात ने बिहार की सियासत में तूफान ला दिया। विधानसभा चुनाव 2025 से पहले हुई इस अहम बैठक को लेकर अब चर्चा तेज हो गई है कि एनडीए में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तय कर लिया गया है। सीट बंटवारे पर अहम बातचीत सूत्रों के अनुसार, मुलाकात में जेडीयू और बीजेपी के बीच सीट शेयरिंग पर अंतिम दौर की बातचीत हुई। चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की सीटों की मांग पर भी गहन चर्चा चली। बताया जा रहा है कि इस बैठक में ही एनडीए के अंदरूनी समीकरण लगभग फाइनल कर लिए गए। खुशमिजाज माहौल, लेकिन गहरी रणनीति बता दें कि सीएम नीतीश होटल मौर्य पहुंचे तो अमित शाह ने आगे बढ़कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच बातचीत सहज और सकारात्मक माहौल में हुई। हालांकि बाहर आकर किसी ने भी आधिकारिक बयान नहीं दिया। बैठक से बाहर निकलने का क्रम भी दिलचस्प इस बीच, मीटिंग से सबसे पहले डेप्युटी सीएम सम्राट चौधरी और विजय चौधरी बाहर निकले। उसके बाद सीएम नीतीश सहयोगी संजय झा से बातचीत करते हुए होटल से बाहर आए। गृहमंत्री शाह यहां से सीधे डेहरी रवाना हो गए, जहां उन्हें बीजेपी कार्यकर्ताओं से मिलना था।   बिहार में नया समीकरण या मजबूती? हालांकि नेताओं की मुस्कान और चुप्पी दोनों ही संकेत देती हैं कि चुनावी रणनीति का बड़ा खाका तैयार हो चुका है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सीटों की औपचारिक घोषणा कब होती है और इसमें किसे कितना हिस्सा मिलता है।

राजफेड की समीक्षा बैठक: आगामी दलहन-तिलहन खरीद के लिए आवश्यक तैयारियां करें सुनिश्चित

आवश्यकता के अनुरूप खरीद केन्द्रों की संख्या में की जाए वृद्धि  खरीद प्रक्रिया में बायोमीट्रिक सिस्टम किया जाए लागू  खरीद की संभावित मात्रा के अनुरूप बारदाने का रखें पर्याप्त इंतजाम: सहकारिता मंत्री   जयपुर सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि खरीफ-2025 सीजन में समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत आगामी दलहन-तिलहन खरीद के लिए अभी से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आवश्यकता के अनुरूप खरीद केन्द्रों की संख्या में वृद्धि की जाए, जिससे किसानों को अपना माल तुलवाने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। श्री दक गुरूवार को राजस्थान राज्य सहकारी क्रय-विक्रय संघ (राजफेड) कार्यालय में संस्था से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने राजफेड अधिकारियों को निर्देश दिए कि मूंग, मूंगफली, उड़द और सोयाबीन खरीद की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से शुरु करने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए। एक्टिव पैक्स को खरीद केन्द्रों के रूप में अधिसूचित किया जाए। साथ ही, किसानों की बायोमीट्रिक पहचान की प्रक्रिया को भी इसी माह पूरा कर आगामी खरीद से लागू कर दिया जाए। उन्होंने पिछली खरीद में जिन स्थानों से शिकायतें प्राप्त हुई, वहां पर नया टेंडर करने एवं हैण्डलिंग व परिवहन के टेंडर में नये लोगों को अवसर देने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही, कहा कि प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रभावी सिस्टम तैयार किया जाए।   सहकारिता मंत्री ने कहा कि खरीद प्रक्रिया में शामिल एजेंसियां पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करें। कृषि विभाग से प्राप्त उत्पादन के आंकड़ों के अनुरूप आकलन कर पर्याप्त संख्या में खरीद केन्द्र स्थापित किये जाएं, जिससे किसानों को लाइन में नहीं लगना पड़े। खरीद की संभावित मात्रा के अनुरूप बारदाने का भी पर्याप्त इंतजाम रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि समितियों को भुगतान के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाते हुए समय सीमा निर्धारित की जाए। उन्होंने राजफेड द्वारा नई गतिविधियां शुरू करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजफेड की उपलब्ध भूमियों का विवरण तथा उनके बेहतर उपयोग से संबंधित कार्ययोजना तैयार की जाए। सहकारिता मंत्री ने बैठक में दलहन-तिलहन खरीद की कार्ययोजना, खरीद केन्द्रों की स्थिति, भण्डारण व्यवस्था, बारदाना की उपलब्धता, विगत वर्षों में दलहन-तिलहन की खरीद, हैण्डलिंग एवं परिवहन व्यवस्था, वित्त व्यवस्था और नवाचारों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां श्रीमती मंजू राजपाल ने कहा कि तिलम संघ की साफ-सुथरी पृष्ठभूमि वाली एक्टिव सोसायटियों को भी खरीद प्रक्रिया में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि खरीद कार्य करने वाली समितियों को समय पर भुगतान हो, इसके लिए राजफेड को संवेदनशील होकर कार्य करने की आवश्यकता है। राजफेड के प्रबंध संचालक श्री टीकम चन्द बोहरा ने बताया कि खरीद प्रक्रिया निर्बाध रूप से सम्पन्न करने के लिए आवश्यक तैयारियां जारी हैं। बारदाना के लिए ऑर्डर दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही के लिए विजिलेंस टीम का गठन किया हुआ है। प्राप्त शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। बैठक में राजफेड के अधिकारियों ने अवगत करवाया कि बारदाने की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित रखने के लिए इस बार राजफेड के स्तर पर भी फर्मों को इम्पैनल किया गया है, जिनसे आवश्यकता पड़ने पर बारदाना की खरीद की जा सकेगी। संस्था में लगभग तीन दशक बाद नये पदों पर भर्ती हुई है, जिसका असर कार्यप्रणाली पर दिखेगा। रिक्त 18 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव शीघ्र सहकारी भर्ती बोर्ड को भिजवाया जाएगा। नई पशु आहार फैक्ट्री के लिए डीपीआर तैयार करवाई जा रही है तथा संस्था द्वारा उत्पादित पशु आहार की मार्केटिंग भी करवाई जा रही है। राजफेड द्वारा गैस एजेंसी का सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है। बैठक में संयुक्त शासन सचिव श्री प्रह्लाद सहाय नागा सहित एनसीसीएफ, नैफेड व तिलम संघ के अधिकारी तथा राजफेड के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

एयर इंडिया का ड्रामा: 103 यात्रियों के बीच अचानक इमरजेंसी लैंडिंग, यात्रा तनावपूर्ण

विशाखापत्तनम  विशाखापत्तनम से हैदराबाद जा रही एअर इंडिया की एक उड़ान को पक्षी के टकराने के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। विमान में 103 यात्री सवार थे। इंजन में खराबी आने के बाद पायलट ने विशाखापत्तनम हवाई अड्डे पर वापस लौटने का फैसला किया। सभी यात्री सुरक्षित हैं और एयरलाइन वैकल्पिक व्यवस्था कर रही है। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद यह घटना हुई।   विशाखापत्तनम हवाई अड्डे के निदेशक एस राजा रेड्डी ने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस के फ्लाइट नंबर IX 2658 के पायलट ने इमरजेंसी लैंडिंग का अनुरोध किया और हैदराबाद की यात्रा रद्द करके विशाखापत्तनम लौट आया। विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित रेड्डी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि विशाखापत्तनम से उड़ान भरने के बाद, पायलट ने इंजन में कुछ समस्या की सूचना दी। इसलिए, उसने आपातकालीन लैंडिंग का अनुरोध किया और विशाखापत्तनम लौट आया। विमान सुरक्षित रूप से उतर गया और यात्रियों को उतार लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि एयरलाइन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।  

मौसम विभाग की चेतावनी: तेज बारिश, आंधी और वज्रपात से रहें सतर्क

पटना  बिहार में एक बार फिर मौसम बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग पटना ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा।  मौसम विभाग पटना ने जमुई, मुंगेर, बांका, भागलपुर मधुबनी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और खगड़िया में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है। वहीं दो जिलों, पश्चिमी चंपारण और गोपालगंज में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही विभाग द्वारा पूरे राज्य में आंधी-तूफान और ठनका गिरने की चेतावनी जारी की गई है। ये भी कहा गया है कि अगले दो दिनों कर पूरे राज्य में ऐसी स्थिति बनी रह सकती है।  नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी  वहीं अगर बीते 24 घंटे की बात करें तो शिवहर, सीवान, नालंदा, बेतिया, रक्सौल, समस्तीपुर और गोपालगंज सहित कई जिलों भारी बारिश हुई है, जिसके चलते राज्य की नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।    

हिंडनबर्ग के दावों पर SEBI का फैसला: अदाणी ग्रुप को मिली क्लीन चिट

नई दिल्ली भारत के अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी को बड़ी राहत मिली है। हिंडनबर्ग मामले में सेबी ने अदाणी समूह को क्लीनचिट दे दी है। शेयर बाजार नियामक संस्था, SEBI ने कहा है कि अदाणी ग्रुप पर लगे आरोप साबित नहीं हुए। सेबी ने अपनी जांच के बाद बताया कि हिंडनबर्ग द्वारा अदाणी समूह पर लगाए गए इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप साबित नहीं हुए। सेबी ने 18 सितंबर को पारित अपने अंतिम आदेश में गौतम अदाणी, उनके भाई राजेश अदाणी, अदाणी पोर्ट्स, अदाणी पावर और एडिकॉर्प एंटरप्राइजेज को दोषमुक्त कर दिया है। SEBI ने ऑर्डर में क्या कहा? सेबी के पूर्णकालिक सदस्य कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने आदेश में लिखा, "मुझे लगता है कि एससीएन में नोटिसियों के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए, नोटिसियों पर किसी भी दायित्व के हस्तांतरण का सवाल ही नहीं उठता है और इसलिए जुर्माने की मात्रा के निर्धारण के सवाल पर भी किसी विचार-विमर्श की आवश्यकता नहीं है।" 24 जनवरी, 2023 को, अमेरिका स्थित शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी समूह के खिलाफ एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें शेयरों में हेराफेरी, अकाउंटिंग धोखाधड़ी और फंड ट्रांसफर के लिए ऑफशोर टैक्स हेवन और शेल कंपनियों के इस्तेमाल के गंभीर आरोप लगाए थे। हिंडनबर्ग ने कहा था कि अदाणी ग्रुप द्वारा नियंत्रित संस्थाओं से कई टैक्स हेवन के ज़रिए फंड निकाला गया और फिर शेयर की कीमतों को आर्टिफिशियल तरीके से बढ़ाने के लिए बाजार में लिस्टेड अदाणी ग्रुप की कंपनियों में निवेश किया गया।