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सरकारी काम होंगे आसान! सेवा केंद्रों पर शुरू हुई ये नई सुविधाएं

जालंधर  पंजाब सरकार ने ट्रांसपोर्ट विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और दलालों के नैक्सस को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ट्रांसपोर्ट विभाग की सभी सेवाओं को सेवा केंद्रों के माध्यम से फेसलेस बनाने की योजना लागू कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज लुधियाना में इन फेसलेस सेवाओं का औपचारिक शुभारंभ किया, जिसके बाद अब 30 अक्टूबर से राज्य के सभी जिलों के सेवा केंद्रों में ये सेवाएं शुरू हो जाएंगी। इसी कड़ी में आज जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी (आर.टी.ओ.) अमनपाल सिंह ने सेवा केंद्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनके साथ एडीशनल आर.टी.ओ. विशाल गोयल भी मौजूद रहे। आर.टी.ओ. ने बताया कि फिलहाल जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स स्थित सेवा केंद्र में 2 काऊंटर ट्रांसपोर्ट सेवाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लॉन्च की गई नई प्रणाली के तहत अब प्रत्येक सेवा केंद्र में ट्रांसपोर्ट विभाग की 56 तरह की सेवाएं उपलब्ध होंगी, जबकि पहले केवल 28 सेवाएं ही मिलती थीं। हालांकि इन सेवाओं के लिए आवेदक को बेहद किफायती अतिरिक्त शुल्क देना होगा, लेकिन अब उसे ट्रांसपोर्ट दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अलावा आरटीओ अमनपाल सिंह ने आज दोपहर बाद जिले के 35 सेवा केंद्रों के कर्मचारियों को ट्रेनिंग सैशन दिया। यह ट्रेनिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डीसी कार्यालय में आयोजित की गई, ताकि 30 अक्तूबर से सभी केंद्रों पर फेसलेस सेवाओं का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके।

अमेरिका में बदले नियम, भारतीयों की नौकरियों पर गहराया खतरा — ट्रंप सरकार का नया झटका

वाशिंगटन  अमेरिका में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों के लिए बुरी खबर आई है। ट्रंप सरकार ने एक नया नियम लागू किया है, जिससे हजारों भारतीयों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है। यह नियम अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग (DHS) द्वारा जारी किया गया है और 30 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हो गया है। क्या है नया नियम? डीएचएस ने घोषणा की है कि अब EAD (Employment Authorization Document) यानी रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज़ का ऑटोमेटिक एक्सटेंशन (स्वत: विस्तार) बंद कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अगर किसी विदेशी नागरिक का ईएडी समय पर रिन्यू नहीं हुआ, तो वह अब अमेरिका में काम जारी नहीं रख पाएगा। पहले तक विदेशी कर्मचारी अपने ईएडी नवीनीकरण आवेदन लंबित रहने के बावजूद 540 दिनों तक नौकरी कर लेकिन अब यह सुविधा खत्म कर दी गई है। नए नियम के तहत अगर किसी व्यक्ति का रिन्यूअल आवेदन समय से पहले मंजूर नहीं होता, तो उसे तुरंत काम बंद करना होगा। अब होगी बार-बार जांच नए नियम के तहत विदेशियों को बार-बार जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। अब तक एक बार आवेदन करने पर लंबे समय तक अनुमति मिल जाती थी, लेकिन अब हर बार समय से पहले नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। डीएचएस ने कहा है कि विदेशी नागरिकों को अपने ईएडी समाप्त होने से कम से कम 180 दिन पहले आवेदन करना चाहिए, ताकि देरी की स्थिति में उनका रोजगार प्रभावित न हो। भारतीय पेशेवरों पर सबसे बड़ा असर यह बदलाव सबसे ज्यादा भारतीय नागरिकों को प्रभावित करेगा, जो अमेरिका में आईटी सेक्टर, इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में काम कर रहे हैं। विशेष रूप से H-4 वीजा धारक, ग्रीन कार्ड आवेदक और OPT के तहत काम कर रहे छात्र इस नियम से प्रभावित होंगे। भारत से अमेरिका जाने वाले हजारों पेशेवर पहले से ही वीजा और ग्रीन कार्ड प्रोसेस की देरी से परेशान हैं, और अब यह नया नियम उनकी मुश्किलें और बढ़ा देगा। विशेषज्ञों की राय अमेरिकी इमीग्रेशन विशेषज्ञ हेनरी लिंडपेरे का कहना है कि यह कदम अमेरिका में रोजगार प्राधिकरण नवीनीकरण प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा, “इस नियम से बड़ी संख्या में विदेशी कामगारों, खासकर भारतीय पेशेवरों को नुकसान होगा। अगर आवेदन प्रक्रिया में थोड़ा भी विलंब हुआ, तो लोग अपनी नौकरी खो सकते हैं।” क्यों लिया गया यह फैसला? अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम सिस्टम को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए उठाया गया है। आलोचकों का मानना है कि यह निर्णय प्रवासियों के खिलाफ सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है और इससे अमेरिका की कंपनियों में स्किल्ड वर्कफोर्स की कमी हो सकती है।

डोनाल्ड ट्रंप का मोदी पर बड़ा बयान: कहा- भारत ने हमारी बात सुनी, कम की रूस से तेल खरीद

न्यूयॉर्क  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि भारत ने रूस से तेल खरीद में उल्लेखनीय कमी की है, और इस मुद्दे पर भारत “बहुत अच्छा” व्यवहार कर रहा है। ट्रंप ने यह टिप्पणी दक्षिण कोरिया के बुसान में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद की। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि भारत ने रूस से तेल आयात घटाने का भरोसा दिलाया है, जबकि चीन अभी भी बड़ी मात्रा में रूसी तेल खरीद रहा है। उन्होंने कहा,“चीन के तेल आयात पर हमारा ज्यादा नियंत्रण नहीं है, लेकिन मैं कह सकता हूं कि भारत इस मोर्चे पर बहुत अच्छा रहा है। हमने तेल पर ज्यादा चर्चा नहीं की, बल्कि युद्ध खत्म करने पर सहयोग की बात की।” यह बयान एपेक शिखर सम्मेलन (APEC Summit) के दौरान आया, जहां ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच बातचीत हुई।ट्रंप ने यह भी दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वस्त किया है कि भारत रूसी कच्चे तेल की खरीद में कटौती करेगा जो रूस के लिए यूक्रेन युद्ध के दौरान राजस्व का बड़ा स्रोत रहा है। भारत के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की ऊर्जा नीति पूरी तरह से राष्ट्रीय हित और उपभोक्ता सुरक्षा पर आधारित है। विदेश मंत्रालय के   प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा “भारत तेल और गैस का एक प्रमुख आयातक देश है। हमारी प्राथमिकता हमेशा भारतीय उपभोक्ता के हितों की रक्षा करना रही है। हमारी नीति स्थिर दाम और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। इसी कारण हम अपनी ऊर्जा सोर्सिंग को विविध बनाते हैं।”उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका और भारत के बीच ऊर्जा सहयोग लगातार मजबूत हुआ है और मौजूदा प्रशासन इस सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।     यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस पर ऊर्जा प्रतिबंध लगाए हैं और अन्य देशों से भी रूसी तेल खरीद घटाने का आग्रह किया है। हालांकि, भारत ने हमेशा यह कहा है कि उसके निर्णय घरेलू आर्थिक स्थिरता और उपभोक्ता हित को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। ट्रंप के इस बयान से संकेत मिलता है कि वाशिंगटन नई दिल्ली पर भरोसा कर रहा है, और भारत का संतुलित रवैया अमेरिका के रणनीतिक हितों के अनुरूप माना जा रहा है।  

देवउठनी एकादशी पर करें ये खास उपाय, किस्मत चमकेगी अगले ही दिन से!

देवउठनी एकादशी का आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यह भगवान विष्णु के जागरण और विवाह, गृहप्रवेश व धार्मिक अनुष्ठानों जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत की प्रतीक है, जो चातुर्मास काल के दौरान रुके हुए थे। भक्त इस पवित्र दिन देवउठनी एकादशी की तिथि तिथि प्रारंभ: 1 नवम्बर 2025, रात्रि 11:48 बजे तिथि समाप्त: 2 नवम्बर 2025, रात 9:42 बजे इसलिए व्रत व पूजा 2 नवम्बर 2025 (रविवार) को की जाएगी। देवउठनी एकादशी उपाय देवउठनी एकादशी की रात घर के मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ गाय के घी के दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है, सुख-शांति बनी रहती है और परिवार में धन-धान्य की वृद्धि होती है। इस रात पीपल के पेड़ के नीचे एक दीपक अवश्य जलाएं और सात बार उसकी परिक्रमा करें। ऐसा करने से आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है और धन प्राप्ति के योग बनते हैं। देवउठनी एकादशी की रात रसोईघर में भी एक दीपक जलाना चाहिए, क्योंकि यह माता अन्नपूर्णा का पवित्र स्थान माना जाता है। यहां दीपक जलाने से घर में अन्न का भंडार सदैव भरा रहता है। इस दिन तुलसी पूजा का भी बहुत महत्व है। संध्या समय तुलसी माता के समीप घी के पांच दीपक जलाएं। तुलसी देवी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है, इसलिए ऐसा करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है और लक्ष्मी जी की कृपा भी बनी रहती है। दीपक जलाते समय बोले ये मंत्र दीपज्योति: परब्रह्म: दीपज्योति: जनार्दन:। दीपोहरतिमे पापं संध्यादीपं नामोस्तुते।। शुभं करोतु कल्याणमारोग्यं सुखं सम्पदां। शत्रुवृद्धि विनाशं च दीपज्योति: नमोस्तुति।। दीपक जलाने के नियम दीपक की लौ पूर्व दिशा की ओर रखने से आयु में वृद्धि होती है। दीपक की लौ पश्चिम दिशा की ओर रखने से दुख बढ़ता है। दीपक की लौ उत्तर दिशा की ओर रखने से धन लाभ होता है। दीपक की लौ कभी भी दक्षिण दिशा की ओर न रखें, ऐसा करने से जन या धनहानि होती है।

PM Kisan Yojana Scam: अपात्र किसानों पर कार्रवाई, सरकार करेगी पूरी रकम की वसूली

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। प्रदेशभर में 44,040 दंपती ऐसे पाए गए हैं जिन्होंने गलत जानकारी देकर योजना का दोहरा लाभ उठाया। ऐसे सभी लाभार्थियों की अगस्त महीने से किस्तें रोक दी गई हैं। कृषि विभाग ने अब इनसे रकम की वसूली की तैयारी शुरू कर दी है। पीएम किसान सम्मान निधि नारनौल के नोडल अधिकारी रविंद्र कुमार यादव ने बताया कि योजना की शर्तों के मुताबिक, किसी एक परिवार से केवल एक सदस्य को ही दो हजार रुपये प्रतिमाह का लाभ मिलता है। मगर जांच में पाया गया कि 44,044 दंपती ने गलत जानकारी देकर दोहरा भुगतान प्राप्त किया। विभाग ने निर्णय लिया है कि जिन दंपतियों ने नियमों का उल्लंघन किया है, उनसे पूरी राशि वापस ली जाएगी। राशि की वसूली के बाद ही भविष्य में योजना का लाभ दिया जाएगा। नूंह जिला सबसे आगे दोहरी सम्मान निधि लेने के मामलों में नूंह जिला सबसे आगे है, जहां 7,802 दंपती ऐसे पाए गए हैं जिन्होंने गलत तरीके से किस्तें लीं। भिवानी में 3,632 और जींद में 3,284 दंपती फर्जीवाड़े में शामिल मिले हैं। इसके अलावा कैथल में 2,870, महेंद्रगढ़ में 2,384 और सिरसा में 2,456 दंपतियों के मामले सामने आए हैं। इन सभी मामलों की प्रदेश और जिला स्तर पर जांच की जा रही है।   विभाग की कार्यवाही नारनौल के नोडल अधिकारी रविंद्र कुमार यादव ने बताया कि विभाग फर्जीवाड़े में शामिल दंपतियों को चिह्नित कर नोटिस जारी करने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि यदि कोई लाभार्थी अब भी दोहरा लाभ ले रहा है, तो वह स्वयं कार्यालय में आकर जानकारी दे ताकि उसकी किस्त बंद की जा सके और आगे की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।  

हरियाणा की सीमाओं पर धान का ‘सैलाब’! यूपी-बिहार से ट्रकों की बढ़ी आमद

यमुनानगर जबसे हरियाणा में धान की खरीद शुरू हुई है उसके बाद से ही अन्य राज्यों से हरियाणा में धान की तस्करी हो रही है। 'दैनिक ट्रिब्यून' ने 20 अक्तूबर के अपने अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जब किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने हरियाणा-यूपी सीमा पर उत्तर प्रदेश, बिहार से आने वाले डेढ़ सौ से अधिक ट्रकों को रोक लिया था। उसी के बाद मुख्यमंत्री ने इस पर सख्ती बरतने के आदेश दिए और अब हरियाणा-यूपी सीमा पर 24 घंटे पहरा लगाया गया है, ताकि अन्य राज्यों का धान हरियाणा में न आ पाए। हरियाणा में एमएसपी पर 24 फसलें खरीदी जा रही हैं, उनमें धान भी एक प्रमुख फसल है। आजकल धान का सीजन जोरों पर है, ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक, ट्रालियां चावल और धान लेकर आ रहे हैं, ताकि उन्हें हरियाणा में एमएसपी पर बेचकर लाभ कमाया जाए। व्यापारी मोटे मुनाफे के चक्कर में यहां फसल भेज रहे हैं, क्योंकि वहां धान और चावल के रेट काफी कम हैं। इसीलिए हरियाणा सरकार ने अन्य राज्यों से हरियाणा में धान और चावल लाने पर प्रतिबंध लगाया है। यमुनानगर में कलानौर चौकी पर इंटर स्टेट नाका लगाया गया है, जिसमें पुलिस, फूड सप्लाई विभाग, मार्केट कमेटी, ग्राम पंचायत के अधिकारी तैनात किए गए हैं। 24 घंटे इस नाके पर सभी विभागों के कर्मचारी तैनात रहते हैं। लेकिन दूसरी तरफ भारी संख्या में उत्तर प्रदेश, बिहार से वाहनों का लगातार आना भी जारी है। वह बात अलग है कि उन्हें नाके पर रोक कर वापस किया जा रहा है । फसल लाने वाले वाहन चालक परेशान वहीं बिहार, यूपी से धान और चावल लाने वाले वाहन चालक परेशान है। उनका कहना है कि वह पिछले कई दिनों से हरियाणा-यूपी सीमा पर ही बैठे है, न तो हरियाणा में उन्हें आने दिया जा रहा है, और न ही उन्हें भेजने वाले मालिक उनका फोन उठा रहे हैं, यहां खाने-पीने के भी लाले पड़ गए हैं, जिससे वे परेशान है।

बेटे की मौत का मामला फिर गरमाया, पूर्व DGP मुस्तफा पर बढ़ा दबाव

चंडीगढ़  पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की रहस्यमय मौत की जांच में एसआईटी लगातार जुटी हुई है। ये मामला उलझता ही जा रही है। इसी बीच बुधवार देर रात तक पुलिस ने मुस्तफा के घर पर काम करने वाले 4 नौकरों के बयान दर्ज किए। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में नौकरों ने बताया कि पूर्व डीजीपी और उनके बेटे के बीच कुछ समय से मनमुटाव चल रहा था। पुलिस ने इन बयानों की बारीकी से समीक्षा शुरू कर दी है। वहीं, वीरवार को 3 अन्य नौकरों से भी पूछताछ की जाएगी। जांच टीम अकील की पत्नी के अलग रहने की वजह जानने की कोशिश कर रही है। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच विवाद के चलते दोनों अलग रह रहे थे। पुलिस अब इस पहलू की भी पुष्टि करने में जुटी है, ताकि अकील की मौत से जुड़ी सभी कड़ियों को जोड़ा जा सके। जानकारी के मुताबिक, एसआईटी अभी तक अकील के राइटिंग सैंपल (हस्तलेख नमूने) नहीं ले पाई है। सूत्रों मिली जानकारी के अनुसार पुलिस आज उसके कॉलेज या यूनिवर्सिटी जाकर ये सैंपल एकत्र करेगी। आम तौर पर पुलिस हस्ताक्षर (सिग्नेचर) के आधार पर ही मिलान करती है और इसके लिए बैंक से रिकॉर्ड जुटाया जाता है। लेकिन इस मामले की हाईप्रोफाइल केस और बरामद नोटों की संख्या अधिक होने के कारण जांच एजेंसी को अब बड़े पैमाने पर राइटिंग सैंपल की जरूरत महसूस हो रही है। 

जगदीश देवड़ा बोले—मध्यप्रदेश अब विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है

भोपाल मध्यप्रदेश अपनी स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहा है। सभी नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएं। प्रदेश के नागरिकों के लिए यह शुभ अवसर है। उत्साह और उल्लास के साथ यह अवसर प्रदेश की उपलब्धियों पर गर्व करने का है। आज उन सभी महान विभूतियों को याद करने का भी अवसर है, जिन्होंने मध्यप्रदेश के निर्माण में अपना योगदान दिया। आज हम इस बात को दृढ़ आत्मविश्वास के साथ कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश अब पूरी तरह से बदल चुका है। अब और अधिक ऊंचाइयां तय करने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश के सामने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य है। भारत के अमृतकाल में मध्यप्रदेश ने भी अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। वर्ष 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का निर्माण करना सर्वोच्च लक्ष्य है। इसे हासिल करते हुए मध्यप्रदेश स्वयं भी पूर्ण रूप से विकसित राज्य बन जाएगा। अर्थव्यवस्था की दृष्टि से मध्यप्रदेश आज महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिये तैयार है। मध्यप्रदेश अपनी युवा शक्ति के साथ आर्थिक विकास को तेज गति से आगे ले जाने की क्षमता रखता है। मध्यप्रदेश की धरा पर हर जरूरी संसाधन है जो विकास के लिए आधार स्तंभ हैं। कृषि क्षेत्र में खाद्यान्न, दलहन उत्पादन में अग्रणी राज्य में है। आधुनिक सिंचाई की आदर्श संरचनाएं स्थापित है। बिजली की भरपूर उपलब्धता है। ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार और पर्याप्त औद्योगिक निवेश है। उद्योगों के लिए 1.2 लाख एकड़ से ज्यादा लैंड-बैंक है। वर्तमान में 112 से ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं । साथ ही 14 ग्रीन फील्ड औद्योगिक स्थलों की भी पहचान की गई है। उद्योगों के लिए सबसे जरूरी आकर्षक नीतियां मध्यप्रदेश ने बनाई है, जिससे प्रदेश में व्यवसाय करना बहुत आसान हो गया है। प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धि के लिए मध्यप्रदेश विख्यात है। यहां की जमीन उपजाऊ है, जल संसाधनों की कमी नहीं है। भारत की सबसे बड़ी वन संपदा प्रदेश में उपलब्ध है। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी है। वर्ष 2029 तक राज्य की जीएसडीपी दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने एक ऐसे समाज की कल्पना की है जहां गरीब से गरीब व्यक्ति भी समृद्ध हो। संपूर्ण विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य को आर्थिक विकास, भौतिक अधोसंरचना, सामाजिक अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रयास करने होंगे। इसके लिए इसी वर्ष चार प्रमुख मिशनों को लांच किया गया है। इसका उद्देश्य गरीब, युवा, किसान और नारी शक्ति को सशक्त बनाना है। यह चार मिशन मध्यप्रदेश 2047 के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए आधार स्तंभ साबित होंगे। मध्यप्रदेश उद्योग और सेवाओं पर आधारित अर्थव्यवस्था की संरचना और रणनीति में बदलाव की योजना बना रहा है। अगले 10 वर्षों में राज्य में उद्योग और सेवाओं में वृद्धि होगी क्योंकि निवेश और उत्पादन मध्यप्रदेश देश के निर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। वैश्विक स्तर पर उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय ग्रामीण उद्योगों और एमएसएमई सेक्टर को सशक्त बनाने की ओर हम अग्रसर हैं। स्वदेशी की अवधारणा को मध्यप्रदेश में पल्लवित होने का एक अनुकूल वातावरण मिला है। स्वदेशी अर्थव्यवस्था को अपनाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में हम सभी स्वदेशी अर्थव्यवस्था को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सबसे जरूरी कृषि और संबंधित क्षेत्रों के विकास करना, इसके लिए क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देकर किसानों को मदद की जाएगी। एग्रो प्रोसेसिंग हब, कोल्ड चैन, बाजार संपर्क, उत्पादों के मूल संवर्धन को अधिकतम करते हुए एक विस्तृत रोड मैप तैयार किया जाएगा। भौतिक अधोसरंचना में सिंचाई एक बड़ा क्षेत्र है। मध्यप्रदेश की तैयारी है कि 2029 तक शुद्ध बोए गए क्षेत्र में सिंचाई का क्षेत्र 85% तक पहुंच जाए। इसी प्रकार वर्ष 2030 तक ऊर्जा क्षेत्र में 50% नवकरणीय ऊर्जा से प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। ऊर्जा की वर्तमान स्थापित क्षमता 27109 मेगावाट है जिसे 2029 तक बढ़कर 60,000 मेगावाट करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जिस प्रकार से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश आ रहा है उससे यह लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाएगा। सामाजिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्कूल शिक्षा में सकल नामांकन दर को 2029 तक 90% और उच्च शिक्षा में 35% तक ले जाने का लक्ष्य है। इसी प्रकार स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना को भी निरंतर मजबूत बनाने के प्रयास हैं। स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 8000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने की योजना बना रहे हैं। मध्यप्रदेश खुद को एक क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है जिसमें उज्जैन मेडिसिटी जैसी पहल शामिल है। इसी प्रकार शहरों की अधोसंरचना सुधारने के लिए स्थानीय निकायों को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाया जा रहा है। ग्राम पंचायत को निरंतर सक्षम बनाने का काम चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मूल मंत्र है सबका साथ सबका विकास। इसे आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश विकास की नई ऊंचाइयां छूने के लिए तैयार है। नागरिकों के सहयोग से विकास के नए लक्ष्यों को प्राप्त करना कठिन नहीं है। भारत देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और साथ ही मध्यप्रदेश भी तेजी से बदल रहा है। एक बार पुनः मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। जगदीश देवड़ा    

भारत की ब्लू इकोनॉमी में बड़ा बदलाव, पीएम मोदी ने साझा किया विजन

नई दिल्ली   पीएम मोदी ने  मैरीटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करने के बाद गुरुवार को निवेशकों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि वे पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि भारत निवेश के लिए एक सही स्थान है। उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा, "हमारे पास वर्ल्ड-क्लास पोर्ट्स, एक लंबी कोस्टलाइन, स्ट्रेटेजिक ग्लोबल ट्रेड रूट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ इनोवेशन और इरादा है। हमारे युवाओं की वजह से हमारा इकोसिस्टम इनोवेशन के लिए पूरी तरह तैयार है। आइए, हमारे साथ जुड़िए!" पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास ब्लू इकोनॉमी ग्रोथ के लिए एक एंबिशियस विजन है। उन्होंने सोशल नेटवर्किंग सर्विस प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक पोस्ट में इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि वे इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। उन्होंने बताया कि वे कई बड़े सीईओ से मिले और इस सेक्टर के बड़े स्टेकहोल्डर्स से बात की। देश के मैरीटाइम सेक्टर को लेकर उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर, सुधारों और लोगों की भागीदारी के साथ इस सेक्टर में कई बड़े बदलाव हुए हैं। इन बदलावों के साथ मैरीटाइम सेक्टर मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल ट्रस्ट और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन गया है। पीएम मोदी ने अपने लिंक्डइन पोस्ट में रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का मंत्र देते हुए कहा कि बिल्स ऑफ लैडिंग बिल से लेकर इंडियन पोर्ट्स बिल (2025) तक पांच महत्वपूर्ण बिलों ने मैरीटाइम गवर्नेंस को मॉडर्न बनाया है, व्यापार को आसान बनाया है, राज्यों को मजबूत किया है और भारत को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के साथ जोड़ा है। उन्होंने बताया कि इस ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से समुद्री सेक्टर के लिए 70,000 करोड़ रुपए का एक अम्ब्रेला पैकेज मंजूर किया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि शिपबिल्डिंग असिस्टेंस स्कीम, मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड और शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम से 4.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का इन्वेस्टमेंट आएगा और 2,500 से अधिक जहाज बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने लिंक्डन पर जानकारी देते हुए पोस्ट किया कि शिपिंग और जलमार्ग विकास के नए इंजन बन रहे हैं, जहां भारतीय झंडे वाले जहाजों की संख्या 1,205 से बढ़कर 1,549 हो गई, और फ्लीट का ग्रॉस टनेज 10 एमजीटी से बढ़कर 13.52 एमजीटी हो गया है। कोस्टल शिपिंग कार्गो भी लगभग दोगुना होकर 87 से 165 एमएमटी हो गया है।

ड्रीम11 का बड़ा कदम, अब 11 देशों में होगी कंपनी की सेवाएं, अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम शामिल

नई दिल्ली Dream11 ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है. अब कंपनी ग्लोबल एक्सपेंशन करने जा रही है और अब कंपनी ने 11 देशों में लॉन्चिंग कर दी है. इसमें अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया और यूएई जैसे नाम शामिल हैं.  दरअसल, हाल ही में भारत में ऑनलाइन गेमिंग को लेकर कानून में बदलाव किया है. इसके बाद ड्रीम 11का बिजनेस मॉडल प्रभावित हुआ. अब कंपनी ने इसकी भरपाई के लिए दुनिया के दूसरे देशों में अपना बिजनेस मॉडल लॉन्च करने जा रही है.   कंपनी के को-फाउंडर ने बताया रेवेन्यू मॉडल  अगस्त महीने के दौरान मनीकंट्रोल को दिए गए इंटरव्यू में ड्रीम स्पोर्ट्स के को-फाउंडर हर्ष जैन ने बताया था कि उनकी कंपनी का 95 परसेंट रेवेन्यू शुरुआती मॉडल कैश बेस्ड कॉन्टैस्ट पर है. नए नियम के तहत उनको बैन कर दिया है.  आने वाले दिनों में मिलेंगे और अपडेट  अब कंपनी रेवेन्यू के लिए अलग-अलग मॉडल पर काम कर रही है. आने वाले दिनों में कई और अपडेट देखने को मिलेंगे. हाल ही में कंपनी ने न्यू फैंटेसी स्पोर्ट्स फीचर को अनवील किया है, जिसका नाम Flex है. इसकी मदद से यूजर्स खुद की लीग तैयार कर सकते हैं और रूल्स को भी कस्टमाइज कर सकते हैं.  मनी बेस्ड गेमिंग पर बैन के बाद बदला मॉडल नए कानूनों के बाद ड्रीम 11 ने फ्री-टू-प्ले (बिना पैसे वाला गेम) मॉडल को अपनाया है। इस मॉडल की कमाई का आधार अब विज्ञापन और स्पॉन्सरशिप हैं। ड्रीम 11 ने जिन अन्य देशों में अपना प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है उनमें न्यूजीलैंड, कनाडा, मलेशिया, नेपाल, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका शामिल हैं। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी इन नए बाजारों में रियल-मनी गेम्स (पैसा लगाकर खेलने वाले गेम) ऑफर नहीं करेगी, यानी यहां भी कमाई का जोर विज्ञापनों पर ही रहेगा। अगस्त में ऑनलाइन मनी बेस्ड गेमिंग पर बैन लगा था 22 अगस्त को ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद ये कानून बन गया था। 21 अगस्त 2025 को राज्यसभा ने और उससे एक दिन पहले लोकसभा ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को मंजूरी दी थी। इस बिल को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पेश किया था। ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है।     रियल-मनी गेम्स पर रोक: कोई भी मनी बेस्ड गेम ऑफर करना, चलाना, प्रचार करना गैरकानूनी है। ऑनलाइन गेम खेलने वालों को कोई सजा नहीं होगी।     सजा और जुर्माना: अगर कोई रियल-मनी गेम ऑफर करता है या उसका प्रचार करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। विज्ञापन चलाने वालों को 2 साल की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।     रेगुलेटरी अथॉरिटी: एक खास अथॉरिटी बनाई जाएगी, जो गेमिंग इंडस्ट्री को रेगुलेट करेगी, गेम्स को रजिस्टर करेगी और ये तय करेगी कि कौन सा गेम रियल-मनी गेम है।     ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा: पबजी और फ्री फायर जैसे ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को सपोर्ट किया जाएगा। ये गेम्स बिना पैसे वाले होते हैं इसलिए इन्हें बढ़ावा मिलेगा। 17 साल पहले हुई थी कंपनी की शुरुआत  ड्रीम स्पोर्ट्स कंपनी की शुरुआत साल 2008 में हुई थी, जिसको हर्ष जैन और भावित शेठ ने मिलकर बनाया था. साल 2021 नवंबर में कंपनी के हाथ बड़ी इनवेस्टमेंट लगी थी और कंपनी की वैल्यू 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था.  पैसे वाले कई गेम्स हुए बंद   Promotion and Regulation of Online Gaming Bill, 2025 पास किया जा चुका है. अब बड़े गेमिंग प्लेटफॉर्म्स ने अपने पैसे वाले गेम्स को बंद कर दिया है.  मनी बेस्ड गेमिंग से आर्थिक नुकसान हो रहा था सरकार का कहना था कि मनी बेस्ड ऑनलाइन गेमिंग की वजह से लोगों को मानसिक और आर्थिक नुकसान हो रहा था। कुछ लोग गेमिंग की लत में इतना डूब गए कि अपनी जिंदगी की बचत तक हार गए और कुछ मामलों में तो आत्महत्या की खबरें भी सामने आईं। अनुमान था कि करीब 45 करोड़ लोग इससे प्रभावित हैं और मिडिल-क्लास परिवारों के 20,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे गेमिंग डिसऑर्डर के रूप में मान्यता दी है।