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माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में हादसा, तीसरी मंजिल से गिरे छात्र की हालत नाजुक

भोपाल  माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में एक गंभीर हादसा हो गया है। विश्वविद्यालय की तीसरी मंजिल से एक छात्र दिव्यांश चौकसे नीचे गिर गया, शरीर पर कई जगह चोट लगने से से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। छात्र की हालात गंभीर बताया जा रहा है कि दिव्यांस चौकसे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग छात्र है। छात्र विश्वविद्यालय की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गया।दिव्यांस चौकसे मॉस कॉम का पीजी का छात्र है। छात्र की हालत गंभीर है और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छात्र के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई है। दिव्यांश का इंस्टाग्राम पर एनसीईआरटी ज्ञान नाम से अकाउंट भी है, जिसमें 5 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स हैं।  

सहमति से संबंध खत्म होने पर अपराध नहीं मानेंगे, कर्नाटक हाईकोर्ट का आदेश

बेंगलुरु  बलात्कार के मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया और आरोपी के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया। अदालत का कहना है कि आपसी सहमति से शुरू हुआ रिश्ता अगर निराशा के साथ खत्म होता है, तो इसे अपराध नहीं माना जा सकता। दरअसल, एक महिला ने याचिकाकर्ता पर रेप के आरोप लगाए थे। वहीं, कोर्ट ने पाया कि दोनों के बीच संबंध सहमति से बने थे। जस्टिस एम नागप्रसन्न मामले की सुनवाई कर रहे थे। 25 अक्तूबर को हुई सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा, 'अगर वर्तमान अभियोजन पक्ष को ट्रायल में चलते रहने की अनुमति दी गई, तो यह न्याय की विफलता की ओर एक औपचारिक प्रक्रिया के अलावा कुछ नहीं होगा। यह कानून का दुरुपयोग होगा।' क्या था मामला  रिपोर्ट के मुताबिक, रिकॉर्ड में जानकारी दी गई थी कि एक महिला और पुरुष डेटिंग ऐप के जरिए मिलते हैं। उन दोनों के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बात शुरू होती है और वो एक रेस्त्रां में मिलने का फैसला करते हैं। इसके बाद दोनों ने एक होटल में संबंध भी बनाए। अब महिला ने बाद में आरोप लगाए हैं कि उसके साथ बलात्कार हुआ है। महिला की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई, जिसे हाईकोर्ट में आरोपी ने चुनौती दी। कोर्ट ने पाया कि जांच अधिकारी ने जानबूझकर आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच हुई चैट को नजरअंदाज किया था। कोर्ट ने पाया कि चैट से संकेत मिलते हैं कि दोनों के बीच आपसी सहमति से फैसले लिए गए थे। इस दौरान उच्च न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें सहमति से संबंध और बलात्कार के बीच अंतर बताया गया था। हाईकोर्ट ने आरोपी की याचिका को स्वीकार कर लिया और एफआईआर को खारिज कर दिया।

धर्मांतरण पर अब सख्त कार्रवाई, 10 साल तक की सजा का प्रावधान होगा: विधायक रामेश्वर शर्मा

भोपाल   भोपाल में धर्मांतरण कराने वाले पर विधायक रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जो भी लोग हिंदूओं को मुस्लिम और ईसाई धर्म में परिवर्तित कर रहे  हैं उन पर सख्त कार्रवाई होगी। शर्मा ने कहा कि  देशभर के कानूनों को अध्ययन करके सख्त कानून बनाया जाएगा जाएगा ताकि इस तरह का काम करने वालों को सख्त सजा मिले। धर्मांतरण करने वालों को 10 साल या उससे अधिक की सजा दी जाएगी।  साथ ही धर्मांतरण कराने वालों के हाथ पैर तोड़े जाएंगे। आने वाले दिनों में सख्त कानून सरकार बनाने जा रही है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि अपराधियों को समझ आ जाएगा कि बाबा साहब का संविधान कितना मजबूत है।

उद्योगों के लिए राहत: 5 नई सेवाएं ‘राइट टू सर्विस’ में शामिल, जल-सीवरेज कनेक्शन मिलेगा सिर्फ 15 दिन में

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने और उद्योगपतियों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की पांच प्रमुख सेवाएं हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट, 2014 के दायरे में आ गई हैं। इसके तहत जल एवं सीवरेज कनेक्शन की सुविधा 15 दिनों के भीतर प्रदान की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, एचएसआईआईडीसी को जल और सीवरेज कनेक्शन की प्रक्रिया 15 कार्यदिवसों के भीतर पूरी करनी होगी। इस कदम से उद्योगपतियों को लंबी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में तेजी आएगी। संशोधित जोनिंग प्लान की स्वीकृति प्रक्रिया को भी समयबद्ध करते हुए 45 दिनों की सीमा तय की गई है। एचएसआईआईडीसी को अब सार्वजनिक शौचालयों की दैनिक सफाई सुनिश्चित करनी होगी और मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य 15 दिनों के भीतर पूरा करना होगा। यह कदम औद्योगिक क्षेत्रों की स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार लाएगा। इन सेवाओं की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी भी तय किए गए हैं। इंजीनियरिंग डिवीजन के क्षेत्रीय प्रभारी को पदनामित अधिकारी बनाया है। विभागाध्यक्ष (इंजीनियरिंग) अब प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी होंगे। वहीं एचएसआईआईडीसी के एमडी (प्रबंध निदेशक) द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी होंगे। जोनिंग प्लान से जुड़ी सेवाओं के लिए डिस्ट्रिक्ट/सीनियर टाउन प्लानर (मुख्यालय) को पदनामित अधिकारी बनाया है। प्रथम निवारण प्राधिकारी का जिम्मा चीफ टाउन प्लानर को सौंपा है। वहीं एमडी द्वितीय निवारण प्राधिकारी होंगे।

33 साल बाद मिला इंसाफ: ‘बाबा’ टॉकीज की तालाबंदी पर आखिरकार मिला मुआवजा

अंबिकापुर सरगुजा राजपरिवार के स्वामित्व वाले अलखनंदा टॉकीज का लाइसेंस दुर्भावनापूर्ण तरीके से निरस्त करने के 33 साल पुराने बहुचर्चित मामले में बिलासपुर उच्च न्यायालय ने तत्कालीन कलेक्टर टीएस छतवाल को दोषी माना है. न्यायालय ने आदेश दिया है कि छतवाल राजपरिवार को ब्याज सहित 34,795 की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करें. यह मामला वर्ष 1992 का है, जब टीएस सिंहदेव द्वारा संचालित अलखनंदा टाकीज का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था. सरगुजा राजपरिवार के अरुणेश्वर शरण सिंहदेव के भाई की स्वामित्व वाली अलखनंदा टाकीज को नियमानुसार मार्च को सिनेमा संचालन का लाइसेंस जारी किया गया था. टॉकीज का संचालन उनके बड़े भाई टीएस सिंहदेव कर रहे थे. इसी दौरान आदिवासी परिवार की भूख से मौत की घटना ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी थी. इस मुद्दे को टीएस सिंहदेव की मां पूर्व मंत्री वरिष्ठ कांग्रेस नेता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव ने उठाते हुए तत्कालीन कलेक्टर के निलंबन की मांग की थी. इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव को अप्रैल 1992 में स्वयं वाड्रफनगर आकर स्थिति का जायजा लेना पड़ा था. उस समय प्रदेश में भाजपा के सुंदरलाल पटवा की सरकार थी. बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच 19 अप्रैल 1992 को तत्कालीन कलेक्टर टीएस छतवाल ने अलखनंदा टॉकीज का लाइसेंस निरस्त करने के लिए नोटिस जारी किया. नोटिस का जवाब देने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल थी, लेकिन 24 अप्रैल को जबलपुर हाईकोर्ट ने सिंहदेव परिवार के पक्ष में स्थगन आदेश जारी कर दिया. सिंहदेव के अधिवक्ता ने उसी दिन शपथपत्र सहित यह आदेश कलेक्टर को देने की कोशिश की, परंतु कलेक्टर ने मिलने से इन्कार कर 24 अप्रैल की दोपहर अलखनंदा टाकीज का लाइसेंस निरस्त कर टाकीज का संचालन रोक दिया, जिससे 24 एवं 25 अप्रैल के चार शो नहीं चल सके. सिंहदेव ने आठ हजार रुपये की क्षति की जानकारी देते हुए क्षतिपूर्ति की मांग की. न्यायालय में आबकारी आयुक्त ने बताया कि उनके कार्यालय में अलकनंदा टॉकीज के लाइसेंस निरस्तीकरण से संबंधित कोई फाइल उपलब्ध नहीं है. उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में तत्कालीन कलेक्टर टीएस छतवाल को दोषी पाते हुए ब्याज सहित 34,795 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि राजपरिवार को देने का आदेश दिया. यह राशि न्यायालय में जमा करा दी गई है.

पंजाब के नागरिकों के लिए बड़ी राहत! सरकार ने खातों में ट्रांसफर किए करोड़ों रुपये

चंडीगढ़/जालंधर पंजाब की मंडियों में धान की आमद 100 लाख मीट्रिक टन (LMT) के आंकड़े को पार कर गई है, जिसमें से 97 लाख मीट्रिक टन से अधिक फसल की खरीद हो चुकी है। धान की खरीद के बदले किसानों के खातों में अब तक 21,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। फसल की तेज़ खरीद को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का सबूत बताते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि मंडियों में सभी जरूरी प्रबंध किए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी हितधारक—चाहे वह किसान, कमीशन एजेंट (आढ़ती) या मज़दूर हो—को किसी तरह की परेशानी न हो। जहां तक फसल की लिफ्टिंग का सवाल है, खरीदी गई फसल में से 77 लाख मीट्रिक टन से अधिक की  लिफ्टिंग  पूरी की जा चुकी है। किसानों के भुगतान के संबंध में 21,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में स्थानांतरित कर दी गई है।  

इंदौर के कारोबारी की हत्या मामला: पुलिस ने पेश की 790 पेज की चार्जशीट, 5 पर आरोप तय

इंदौर  ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में मेघालय ईस्ट खासी हिल्स जिले की कोर्ट ने हत्या की वारदात को अंजाम देने वाली सोनम रघुवंशी उसके प्रेमी राज कुशवाहा सहित 5 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं. आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की थी. जल्द ही इस पूरे मामले में अब कोर्ट आरोपियों को सजा भी सुनाएगा. वहीं आरोपियों ने तकरीबन 4 से अधिक बार जमानत याचिका पेश की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. हनीमून के दौरान शिलांग में की राजा की हत्या इंदौर के रहने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ 21 मई को हनीमून मनाने के लिए शिलांग गए हुए थे. लेकिन वहां पर उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और उसके दोस्त विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कर्मी के साथ मिलकर राजा रघुवंशी की चाकुओं से हमला कर हत्या कर दी थी. उसके बाद उसकी लाश को ठिकाने लगा दिया था. वारदात को अंजाम देने के बाद सोनम रघुवंशी आरोपियों के साथ घटनास्थल से फरार हो गई थी. 2 जून को सोहरा हिल्स के समीप एक खाई में राजा रघुवंशी का शव मिला था. पुलिस ने कोर्ट में पेश की थी 790 पेज की चार्ज शीट इस पूरे मामले में शिलांग पुलिस ने जांच पड़ताल की गई और हत्या के आरोप में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी, प्रेमी राज कुशवाह, प्रेमी के दोस्त विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कर्मी को गिरफ्तार किया था. शिलांग पुलिस ने कई तरह के सबूत इकट्ठा किए थे. जिसमें घटनास्थल पर मिले चाकू सहित सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के रूप में सोनम रघुवंशी की आरोपियों से लगातार बातचीत की कॉल डिटेल व अन्य एविडेंस शामिल थे. शिलांग पुलिस ने इंदौर आकर भी तहकीकात की थी. तकरीबन 790 पेज की चार्टशीट पिछले दिनों शिलांग पुलिस ने सोहरा सब डिवीजन के जुडिशल मजिस्ट्रेट प्लस क्लास की कोर्ट में पेश की थी. कोर्ट ने 4 बार की जमानत याचिका खारिज चार्ट शीट पेश होते ही आरोपी सोनम रघुवंशी सहित अन्य आरोपियों ने जमानत के प्रयास भी किए. कोर्ट में 4 से अधिक बार जमानत याचिका लगाई गई. लेकिन कोर्ट ने चारों बार उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया. इस पूरे मामले में एक के बाद एक सुनवाई कर इस पूरे मामले में पांचों आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं. जल्द ही इस पूरे मामले में अब कोर्ट आरोपियों को सजा सुना सकती है. राजा का भाई बोला-सख्त सजा दिलवाएंगे कोर्ट ने चार्ट शीट के आधार पर यह माना कि सोनम रघुवंशी ने ही अपने प्रेमी राज कुशवाहा और उसके दोस्तों के साथ मिलकर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की और उसके बाद वहां से फरार हुई. कोर्ट के द्वारा आरोप तय होने के बाद मृतक ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी का कहना है कि, ''हम आरोपियों को सख्त सजा दिला कर ही रहेंगे. इसके लिए हमारे वकील अलग-अलग तरह से प्रयास कर रहे हैं.''     जल्द मिलेगा आरोपियों को सजा मामले में राजा रघुवंशी के एडवोकेट सुजीत देव ने विभिन्न तरह की जानकारी भी कोर्ट को दी. एडवोकेट सुजीत देव ने कोर्ट को बताया कि, ''योजनाबंध तरीके से सोनम रघुवंशी अपने पति राजा रघुवंशी को मेघालय के शिलांग लेकर आई थी और उसके बाद उसने अपने प्रेमी और उसके दोस्तों के साथ मिलकर राजा की हत्या की घटना को अंजाम दिया.'' एडवोकेट सुजीत देव का कहना है कि, ''प्रारंभिक तौर पर कोर्ट ने आरोपियों पर लगे हुए आरोप को तय कर दिया है. अब इसकी एक के बाद एक सुनवाई होगी और जल्द ही वह आरोपियों को सजा भी दिलवा देंगे.''

RSS तय कर रही देश के लिए आगे की दिशा, 200 से ज्यादा विशिष्ट हस्तियों को दी श्रद्धांजलि

जबलपुर   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक 30 अक्टूबर से जबलपुर में शुरू हो गई है. इस बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत सहित आरएसएस के देश भर के सभी 407 प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हुए हैं. यह बैठक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आने वाले साल का कार्यक्रम तय करेगी. इसमें संघ प्रमुख कार्यकर्ताओं के सवालों के जवाब भी देंगे. इस बैठक मैं यह तय होगा कि संघ को किस तरह घर-घर तक पहुंचाया जाए. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने की बैठक की शुरुआत जबलपुर के विजयनगर में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित इस बैठक में भारत के कोने-कोने से आए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी प्रमुख सदस्य शामिल हैं. यह बैठक जबलपुर के विजयनगर में एक 5 एकड़ के प्रांगण में हो रही है. बैठक के लिए अलग-अलग डोम हॉल बनाए गए हैं. गुरुवार सुबह 9:00 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर बैठक की शुरुआत की. इस बैठक में पूरे देश के राष्ट्रीय स्वयंसेवक के प्रमुख 407 कार्यकर्ता मौजूद रहे. मंच पर केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख और सह कार्यवाहक ही नजर आए जबकि बाकी लोगों की बैठक व्यवस्था नीचे की गई. फिल्म अभिनेता असरानी सहित 200 से ज्यादा विशिष्ट हस्तियों को श्रद्धांजलि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार ने बताया, '' बैठक की शुरुआत मैं बीते साल देश के 207 से ज्यादा महत्वपूर्ण लोगों की मृत्यु पर शोक संवेदनाएं व्यक्त की गई. इस मौके पर राष्ट्रसेवा सेविका समिति प्रमुख प्रमिला ताई मेढ़े, वरिष्ठ प्रचारक मधुभाई कुलकर्णी, गुजरात के पूर्व CM विजय भाई रूपाणी, झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन, फिल्म अभिनेता असरानी के साथ कई लोगों को श्रद्धांजलि दी गई.'' संघ बना रहा आगे की रणनीति RSS के सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र कुमार ने बताया, '' बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के लिए लक्ष्य तय किए जाएंगे. बैठक में देश के विभिन्न परिदृश्यों पर होगी चर्चा की जाएगी. इसमें सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे संघ को घर-घर तक पहुंचने वाले जनसंपर्क अभियान का है, जिसके तहत हिंदू सम्मेलन किए जा रहे हैं. इसके साथ ही इस बैठक में सामाजिक सद्भाव पर भी चर्चा होगी. पहले से तय मुद्दों के साथ ही संघ के देश भर से आए महत्वपूर्ण कार्यकर्ताओं प्रचारकों के सवालों पर भी विस्तृत चर्चा होगी. इन सवालों के जवाब संघ प्रमुख देंगे.'' यह बैठक भारत के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन को भी प्रभावित करती है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी भी संघ का ही अनुषांगिक संगठन है. यहां तक की इस बैठक में तय किए गए मुद्दे ही आगे जाकर भारतीय जनता पार्टी की नीति तय करता है. इसलिए यह बैठक महत्वपूर्ण हो जाती है. इसमें जिन मुद्दों पर चर्चा होगी और जिन पर सहमति बनेगी उससे जुड़े हुए घटनाक्रम पूरे देश में देखने को मिलेंगे. इस बैठक के बाद क्या-क्या तय होगा इस पर 1 तारीख को जानकारी दी जाएगी.

चक्रवाती बारिश से बढ़ी ठिठुरन: राजस्थान के 13 जिलों में यलो अलर्ट, सिरोही में सबसे कम तापमान

जयपुर अरब सागर में बने चक्रवात का असर अब भी राजस्थान में जारी है। बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। इसके बाद आज गुरुवार तड़के जयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर सहित कई जिलों में तेज बूंदाबांदी हुई, जिससे मौसम ठंडा हो गया है। तापमान में औसतन 8–10 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आज 13 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। बुधवार को भी राज्य के दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई। सिरोही इस सीजन का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर, उदयपुर, कोटा, भीलवाड़ा और अजमेर में भी दिन का तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। बारिश के असर से खेती में भी नुकसान देखने को मिल रहा है। टोंक जिले के दूनी क्षेत्र में तेज बारिश से सरसों की फसल जलमग्न हो गई, जिससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह चक्रवाती प्रभाव 30 अक्टूबर तक सक्रिय रहेगा। 31 अक्टूबर को कुछ शहरों में आंशिक बादल और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, जबकि 1 नवंबर से पूरे प्रदेश में मौसम साफ और शुष्क हो जाएगा। 29 अक्टूबर को राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में ठंडक का असर और बढ़ गया। दिनभर बादल छाए रहे और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बीते 24 घंटों में अधिकतम व न्यूनतम तापमान की स्थिति इस प्रकार रही। अजमेर में अधिकतम तापमान 24.3 और न्यूनतम 17.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि भीलवाड़ा में पारा 24.2 और 18 डिग्री दर्ज हुआ। अलवर में अधिकतम 28.8 और न्यूनतम 17.5 डिग्री, जयपुर में 26.7 और 18.8, पिलानी में 29.5 और 16.4, सीकर में 29 और 16 डिग्री रहा। कोटा में तापमान 23.6 और 18.6 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 24.8 और 18, उदयपुर में 22.2 और 18.1, बाड़मेर में 30.6 और 20.8, जबकि जैसलमेर में अधिकतम तापमान 32.4 और न्यूनतम 18.8 डिग्री दर्ज हुआ। जोधपुर में 28.4 और 20, बीकानेर में 30.8 और 19.8, चूरू में 30.2 और 18.8, गंगानगर में 32.5 और 17.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।नागौर में 29.9 और 18.6, डूंगरपुर में 25.8 और 20.2, हनुमानगढ़ में 31.9 और 19.3, जालौर में 26.8 और 21.4, सिरोही में 19.4 और 14.7, करौली में 27.1 और 19.1, दौसा में 27.2 और 18.7, प्रतापगढ़ में 24.5 और 19.8, झुंझुनूं में 29.1 और 18.4, जबकि पाली में अधिकतम 25.4 और न्यूनतम 18.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

18 लाख आवासों की योजना पिछली सरकार ने रोकी, हमारी सरकार बना रही रोज़ 18 हज़ार मकान: गृह मंत्री

रायपुर छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 18 लाख आवास रोक कर रखे थे, जबकि हमारी सरकार ने आते ही पहले ही कैबिनेट में इसे स्वीकृत कर दिया। गृह मंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन 18 हज़ार आवासों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछली बार बिलासपुर आए थे, तब ग्रामीण आवास योजना के तहत तीन लाख लोगों को गृह प्रवेश कराया गया था, इस बार यह संख्या और बड़ी होगी, यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या होगी।”