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नक्सल विरोधी अभियान में सफलता, पुलिस ने जंगलों से मिला विस्फोटकों का बड़ा जखीरा

गरियाबंद नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने 3 अलग-अलग जंगल क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया है. जानकारी के अनुसार, शोभा और जुगाड़ थाना क्षेत्र के जंगलों में पुलिस टीम को सायबिनकछार, कोदोमाली और भूतबेड़ा के जंगलों में छिपाई गई नक्सली सामग्री मिली. बरामद सामान में 4 नग कुकर बम, इलेक्ट्रिक वायर, फटाका एवं राशन सामग्री शामिल है. पुलिस का मानना है कि यह सामान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जंगलों में डंप किया था. समय रहते बरामदगी होने से बड़ी वारदात टल गई. एसपी निखिल राखेचा ने पूरे मामले की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि नक्सलियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा बलों की सर्चिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा.

टी-20 सीरीज़ में भारत का जलवा, ऑस्ट्रेलिया पर रोमांचक जीत के साथ बने ऐतिहासिक आंकड़े

होबार्ट भारत ने ऑस्ट्रेलिया को तीसरे टी20 मैच में पांच विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टी20 मैच में भारत को चार विकेट से हराया था जबकि पहला मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था। रविवार को होबार्ट में खेले गए मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टिम डेविड और मार्कस स्टोइनिस की अर्धशतकीय पारियों की मदद से 20 ओवर में छह विकेट पर 186 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम ने सिर्फ 18.3 ओवर में पांच विकेट पर 188 रन बनाए और मुकाबला अपने नाम कर लिया। उनके लिए वाशिंगटन सुंदर ने सर्वाधिक 49 रनों की नाबाद पारी खेली। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को भारतीय टीम ने 6 विकेट पर 186 रनों पर रोका. हालांकि, यह स्कोर चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि बेलेरीव ओवल पर बल्लेबाजी हमेशा आसान नहीं होती. भारत की शुरुआत अच्छी रही और टीम ने 9 गेंद बाकी रहते ही 187 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया. वॉशिंगटन सुंदर और जितेश शर्मा की नाबाद साझेदारी ने भारत को जीत तक पहुंचाया. दोनों ने आखिरी ओवरों में बेखौफ बल्लेबाजी करते हुए विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा. वॉशिंगटन सुंदर बने हीरो भारत की जीत के सबसे बड़े हीरो रहे वॉशिंगटन सुंदर. उन्होंने छठे नंबर पर उतरकर 23 गेंदों में नाबाद 49 रनों की पारी खेली. उनकी पारी में 3 चौके और 4 छक्के शामिल थे. सुंदर ने दिखा दिया कि वह सिर्फ गेंदबाज ही नहीं, बल्कि बेहतरीन फिनिशर भी हैं. वहीं जितेश शर्मा (22 रन, 13 गेंद) ने उनका अच्छा साथ निभाया और दोनों के बीच 25 गेंदों में 43 रनों की नाबाद साझेदारी हुई. डेविड और स्टोइनिस की आतिशी बल्लेबाजी ऑस्ट्रेलिया की ओर से टिम डेविड और मार्कस स्टोइनिस ने शानदार बल्लेबाजी की. दोनों ने मिलकर भारतीय गेंदबाजों को खूब परेशान किया. टिम डेविड ने सिर्फ 38 गेंदों में 74 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 5 छक्के शामिल थे. वहीं, स्टोइनिस ने 39 गेंदों में 64 रन की दमदार पारी खेली. एक समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 4 विकेट पर 74 रन था, लेकिन इन दोनों ने मिलकर पारी को संभाला और टीम को 186 तक पहुंचाया. अर्शदीप सिंह की घातक गेंदबाजी भारतीय गेंदबाजों ने मैच की शुरुआत में शानदार प्रदर्शन किया. अर्शदीप सिंह ने पहले ही दो ओवरों में दो विकेट चटकाकर ऑस्ट्रेलियाई टॉप ऑर्डर को हिला दिया. उन्होंने ट्रेविस हेड (6) और जोश इंग्लिस (1) को आउट किया. इसके बाद वरुण चक्रवर्ती ने भी शानदार स्पिन बॉलिंग करते हुए कप्तान मिचेल मार्श (11) और मिचेल ओवेन (0) को आउट किया. अर्शदीप ने कुल 3 विकेट झटके जबकि चक्रवर्ती ने 2 विकेट लिए. दोनों की गेंदबाजी ने ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटके देकर भारत को मजबूत स्थिति में ला दिया. भारत ने रचा नया इतिहास भारत ने यह मैच जीतकर न केवल सीरीज में वापसी की, बल्कि एक नया रिकॉर्ड भी बना दिया. यह पहली बार है जब कोई टीम ऑस्ट्रेलिया को उसके होबार्ट मैदान पर टी20 मैच में हरा सकी है. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी ताबड़तोड़ 11 गेंदों में 24 रन बनाए और टीम को तेज शुरुआत दिलाई. अभिषेक शर्मा (25 रन), शुभमन गिल (15 रन), तिलक वर्मा (24 रन) और अक्षर पटेल (17 रन) ने भी अहम योगदान दिया. टीम के सभी बल्लेबाजों ने छोटी लेकिन उपयोगी पारियां खेलीं, जिससे लक्ष्य हासिल करना आसान रहा.

शेफाली-स्‍मृति ने दिलाई शानदार शुरआत, भारत के 50 रन हुए पूरे

मुंबई आज भारतीय महिला क्रिकेट के लिए सबसे बड़ा दिन है. जो सपना करोड़ों फैंस ने देखा उसे हरमनप्रीत कौर की आर्मी पूरा करने उतरेगी. वर्ल्ड कप फाइनल में धमाकेदार अंदाज में जगह बनाने वाली टीम का सामना साउथ अफ्रीका से है. दोनों ही टीम का इरादा पहली बार इस चमचमाती ट्रॉफी को चूमने का है. अब से कुछ घंटों में मिलेगा वर्ल्ड कप का नया चैंपियन. स्‍मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने भारत को शानदार शुरुआत दिलाई. दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी बन चुकी है. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच महिला वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल अब से कुछ देर बाद खेला जाना है. 7 बार की चैंपियन के खिलाफ भारत ने रिकॉर्ड 339 रन का स्कोर चेज कर फाइनल में जगह बनाई. साउथ अफ्रीका ने इंग्लैंड के खिलाफ 125 रन की बड़ी जीत के साथ खिताबी भिड़ंत का टिकट हासिल किया. भारत बनाम साउथ अफ्रीका फाइनल लाइव: भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने बेहतरीन शुरुआत को शानदार लय में बदल दिया है. अयाबोंगा खाका के ओवर में शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने मिलकर 14 रन ठोक डाले. इस ओवर में दो बेहतरीन चौके देखने को मिले, जबकि एक वाइड के चौके से टीम को अतिरिक्त रन मिला. शैफाली और स्मृति दोनों ने गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा है. इसी के साथ भारत के 50 रन पूरे हो गए हैं और टीम बिना कोई विकेट गंवाए मजबूत स्थिति में है. अगले ओवर में स्मृति ने एक शानदार चौका जड़ते हुए स्कोर को 51/0 पहुंचा दिया. इस समय स्मृति 21 और शैफाली 22 रन पर नाबाद हैं.

शिक्षा विभाग की सख्ती! जबलपुर के वक्फ बोर्ड स्कूल में खत्म हुई शुक्रवार की छुट्टी

जबलपुर अंजुमन इस्लामिया वक्फ बोर्ड के स्कूलों में शुक्रवार के दिन अवकाश रहता है। कुछ दिन पहले शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए छुट्टी का आदेश जारी किया गया था। रविवार को स्कूल खोलने का आदेश था। यह आदेश इंटरनेट मीडिया में बहुप्रसारित होने पर प्रशासन व शिक्षा विभाग हरकत में आया। गेट का ताल तोड़वाया शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने शुक्रवार को स्कूल पहुंचकर गेट का ताल तोड़वाया और स्कूल प्रबंधन को संबंधित आदेश वापस लेने के निर्देश दिए। अंजुमन स्कूल में लगभग 700 बच्चे हैं। प्रबंधन का दावा है कि जुमे की नमाज के कारण छात्रों की संख्या उंगलियों पर होती है।   संस्कारधानी में वक्फ बोर्ड की चार शिक्षण संस्थाएं हैं। बताया जा रहा है कि सभी में शुक्रवार को ऐसे ही हालात हैं। इन स्कूलों में शुक्रवार को जुमे के कारण छुट्टी रहती है, जबकि रविवार को हाफ टाइम तक स्कूल लगता है। अंजुमन इस्लामिया बोर्ड का एक कॉलेज भी है। बताया जाता है कि इन संस्थाओं में शुक्रवार को छुट्टी कई वर्षों से दी जा रही है। यह निर्णय बोर्ड के अध्यक्ष अन्नू अनवर और अन्य शिक्षकों की सहमति से लिया गया था। हालांकि, इस मामले में हिंदू संगठनों की आपत्ति के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अधिकारियों का क्या कहना अंजुमन इस्लामिया स्कूल में शुक्रवार को छुट्टी दिए जाने की जानकारी मिलते ही, स्कूल में रविवार को ही अवकाश दिए जाने और शुक्रवार को स्कूल खोले जाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कहीं प्रविधान नहीं है कि शुक्रवार को छुट्टी रखकर रविवार को स्कूल लगाया जाए।  

बिहार की जनता ने किया मजबूर, अनंत सिंह की हुई गिरफ्तारी : मीसा भारती

पटना,  जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की हत्या के सिलसिले में मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जदयू उम्मीदवार अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद राजद नेता मीसा भारती ने एनडीए सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि यह कार्रवाई बिहार की जनता के दबाव में हुई है। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान मीसा भारती ने कहा कि हम लोगों ने मोकामा की घटना को देखा। किस तरह से घटना घटी, शनिवार को 60 गाड़ियों का काफिला भी देखा, जब जदयू उम्मीदवार ने शक्ति प्रदर्शन किया। ऐसा लगता है कि यह कार्रवाई बिहार सरकार की तरफ से नहीं हुई। हमें लगता है कि शायद अब तक काम कर रहे चुनाव आयोग को थोड़ी शर्म आ गई होगी, इसलिए यह कार्रवाई की गई। मीसा भारती ने जदयू उम्मीदवार की रात को हुई गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि बताइए, पूरा दिन वोट मांगने और अपनी ताकत दिखाने में बिता दिया और फिर रात के अंधेरे में जब मोकामा की जनता यह नहीं देख पाई कि एक अपराधी को कैसे गिरफ्तार किया जा रहा है, तो उसे बचाने के लिए यह सब किया। उन्होंने कहा कि दिन के वक्त गिरफ्तारी होनी चाहिए थी, ताकि जनता के सामने गिरफ्तारी पर अनंत सिंह को जो शर्मिंदगी महसूस होनी चाहिए थी, वह नहीं हुई। इस राज्य का दुर्भाग्य देखिए, जब एक आम आदमी गिरफ्तार होता है तो उसे हथकड़ी लगाई जाती है, घसीटा जाता है, लेकिन यह आदमी तो बाहुबली है। उन्होंने कहा कि चुनाव होता है तो अनंत सिंह को जेल से निकालकर प्रचार कराया जाता है। मीसा भारती ने तेजस्वी यादव के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि महागठबंधन की सरकार बनने के बाद दो महीने के भीतर अपराधियों को जेल भेजा जाएगा। मीसा भारती ने कहा कि मैं बिल्कुल इस बात से सहमत हूं। तेजस्वी ने जो कहा है वे करेंगे। बिहार की जनता ने उनके काम करने का स्टाइल देखा है और बिहार में अगली सरकार तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बनने जा रही है।  

भक्ति और संवाद का मिलन: रामनामी समाज ने प्रधानमंत्री मोदी से की आत्मीय मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर साझा किया यह भावनात्मक पल रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रामनामी समाज के बीच आत्मीय संवाद का एक वीडियो देश में तेजी से वायरल हुआ है । इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे भावनात्मक और प्रेरणादायी पल बताया है । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित रजत महोत्सव के दौरान एक हृदयस्पर्शी दृश्य उस समय देखने को मिला, जब रामनाम में लीन जीवन जीने वाले रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के रायपुर प्रवास से कुछ ही घंटे पहले मंत्रालय में रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों से उनकी भेंट हुई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री जी से मिलने की अपनी प्रबल इच्छा व्यक्त की थी, जिसके अनुरूप इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब रजत महोत्सव के दौरान रामनामी समुदाय के ये श्रद्धालु प्रधानमंत्री मोदी से मिले, तब उन्होंने बड़े आदर और प्रेम से प्रधानमंत्री जी को अपने पारंपरिक मोर मुकुट से मुख्य मंच पर अलंकृत करने की अभिलाषा प्रकट की। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस सहजता, स्नेह और आत्मीय भाव से उनके इस अनुरोध को स्वीकार किया, वह क्षण वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी बन गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनाम ही जिनका धर्म, रामभक्ति ही जिनका कर्म – ऐसे अद्भुत और राममय रामनामी समाज के सदस्यों के तन पर अंकित ‘राम’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि समर्पण, तपस्या और अटूट आस्था का प्रतीक है। यह समुदाय अपने तन, मन और जीवन को प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित कर देता है — यही उनकी जीवन साधना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की इस आत्मीयता में भक्ति और कर्म का अद्वितीय संगम झलकता है। यह दृश्य इस सत्य को पुष्ट करता है कि रामभक्ति केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र साधना है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आचरण और जीवन मूल्यों से सार्थक किया है।  

इंस्टाग्राम पर शुरू हुआ प्यार, पहुंचा जेल तक – प्रेमी ने की लूट की योजना!

भोपाल राजभवन के पास रोशनपुरा चौराहा पर कियोस्क संचालक को लूटकर उस पर फायर करने वाले तीस हजार के इनामी बदमाश दीपेंद्र गुर्जर को पुलिस ने पकड़ लिया है। उसके साथ आश्रय देने वाले तीन अन्य आरोपित भी गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं जिस गुर्जर समाज के नेता लोकेंद्र की लाइसेंसी राइफल से उसने वारदात को अंजाम दिया था, पुलिस ने उन्हें भी आरोपित बनाया है। भोपाल के हाई सिक्योरिटी क्षेत्र में शामिल राजभवन के पास लूट और हत्या के प्रयास की इस घटना के पीछे की वजह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बदमाश दीपेंद्र ने पूछताछ में बताया कि लूट की यह वारदात उसने अपनी शादीशुदा प्रेमिका के पति के इलाज के लिए की थी। जबकि दीपेंद्र भी पहले से शादीशुदा है और बच्चों का पिता है।   दोनों मिले भी थे जोन-2 के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गौतम सोलंकी ने बताया कि दीपेंद्र की दोस्ती उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित ग्राम असोडा में रहने वाली 25 वर्षीय गुलफशां से एक साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी। धीरे-धीरे दोस्ती प्रेम में बदली, दोनों के बीच अक्सर वीडियो कॉल पर लंबी बात होती थी। दोनों ने एक बार मिलने की बात भी बताई है। गुलफशां का पति फुरकान मामूली नौकरी करता है, जिससे जरुरत पड़ने पर गुलफशां दीपेंद्र से रुपयों की डिमांड करती थी, जिसे दीपेंद्र पूरा भी करता था। अकाउंट में 30 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए दीपेंद्र ने पुलिस को बताया कि गुलफशां के पति फुरकान की तबीयत कई दिनों से बिगड़ी हुई थी और उसके इलाज के लिए रुपयों की जरुरत थी। इसके चलते गुलफशां रुपये भेजने का दबाव दीपेंद्र पर बना रही थी। दीपेंद्र अपने मालिक लोकेंद्र से रुपयों की डिमांड करने लगा, वहीं जब उसे रुपये नहीं मिले तो उसने 24 अक्टूबर को करीब चार बजे रोशनपुरा चौराहा पर श्याम विजयवर्गीय के कियोस्क पर जाकर खाते में 30 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। राइफल सौंपकर फरार हो गया जब श्याम ने मनी ट्रांसफर के बदले में रुपये मांगे तो दीपेंद्र ने लोकेंद्र की 315 बोर की लाइसेंसी राइफल से उस पर फायरिंग कर दी, गनीमत रही की गोली उसके बाजू से निकल गई। इसके बाद दुकान के बाहर दो राउंड हवाई फायरिंग की। घटना के बाद बदमाश दीपेंद्र कार से भोपाल स्टेशन पहुंचा। वहां से मुरैना के ग्राम सिकरौदा निवासी अपने दोस्त 23 वर्षीय रणवीर गुर्जर और सुमावली मुरैना में रहने वाले 33 वर्षीय देशराज गुर्जर के पास पहुंचा। दीपेंद्र ने उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी और उन्हें उपयोग की गई राइफल सौंपकर फरार हो गया। इसके अलावा वह अपनी प्रेमिका गुलफशां के संपर्क में भी लगातार बना रहा। गुर्जर समाज के नेता पर भी केस दर्ज एडिशनल डीसीपी सोलंकी के अनुसार दीपेंद्र के खाते में भेजी गई राशि उसने आनलाइन माध्यम से गुलफशां के खाते में भेजी थी। पुलिस की एक टीम गुलफशां के घर पहुंची। इसके बाद उसकी काल डिटेल के आधार पर दोनों दोस्तों के पास टीमें गईं और उन्हें हिरासत में लिया गया। आरोपित लगातार मुरैना स्थित दिमनी ग्राम और ग्वालियर में रहा। पुलिस की टीम ने दिमनी में डेरा डाल रखा था। आखिरकार आरोपित दीपेंद्र को वहां से ही हिरासत में लिया गया था। उसकी आधिकारिक गिरफ्तारी भोपाल में हुई है। वहीं लोकेंद्र गुर्जर को लाइसेंसी हथियार के रखरखाव में लापरवाही मानते हुए आर्म्स एक्ट के तहत आरोपित बनाया गया है। अन्य सभी चार आरोपितों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है।  

सीएम योगी ने बहराइच में नाव हादसे से प्रभावित परिवारों से की मुलाकात, बोले- सरकार हर कदम पर उनके साथ

मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वे कर लिया हालात का जायजा, अधिकारियों से हासिल की हर जानकारी अफसरों को एक महीने के अंदर राहत, जमीन और आवास की प्रक्रिया पूरी करने के दिये निर्देश सीएम ने पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपए के चेक सौंपे, जिले में घने जंगलों में रहने वालों को भी विस्थापित करने के दिये निर्देश लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच में नाव दुर्घटना में अपनों की जान गंवाने वाले पीड़ित परिवारों से रविवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवदेना व्यक्त की। साथ ही पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की राहत राशि की चेक सौंपी। सीएम ने कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार और जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़े हैं। इससे पहले सीएम योगी ने हवाई सर्वे कर हालात का बारीकी से जायजा लिया।     सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि एक माह के अंदर भरथापुर के पीड़ित परिवारों को विस्थापित किया जाए। इसके लिए 21 करोड़ 55 लाख की राशि भी स्वीकृत कर दी गयी। इस दौरान अफसरों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों को धनराशि, जमीन और आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि भरथापुर के विस्थापित होने वाले सभी परिवारों को गांव के नाम से कॉलोनी बनाकर विस्थापित किया जाए। इसके अलावा बहराइच में भरथापुर जैसे अन्य गांव के लोगों को भी विस्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए और विस्थापन के लिए जरूरी बजट को शासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाए ताकि उन्हे भी जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा सके। सीएम योगी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ है। हमारी सरकार और जनप्रतिनिधि हर संभव सहायता प्रदान करेंगे। उन्हाेंने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि एक माह के अंदर सभी गांववासियों को उनके गांव के नाम पर कॉलोनी को विकसित कर विस्थापित किया जाएगा, जहां पर उन्हे हर सुविधा मुहैया कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है, उनके दुख की इस घड़ी में सरकार संवेदना और सहयोग के साथ खड़ी है। इससे पहले सीएम योगी ने क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से बारीकी से घटना की जानकारी हासिल की। इस दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पीड़ित परिवारों समेत गांववासियों के लिए कॉलोनी बनाकर एक माह में व्यवस्थित पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सभी आवश्यक सुविधाएं बिजली, पानी, सड़क और आवास सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस प्रक्रिया को एक महीने के अंदर पूरा कर लिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कार्य शीघ्र हो सके। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बहराइच में जो लोग घने जंगलों के बीच रहने के लिए मजबूर हैं, उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने की व्यवस्था की जाए।

अब और कम होगा सफर का वक्त: दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर 135 किमी ट्रैक अपग्रेड, ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की तैयारी

रतलाम दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा करने की योजना में अब रेलवे सिग्नलिंग तकनीक को बेहतर किया जा रहा है। रतलाम रेलमंडल के ‘ई’ केबिन से नागदा जंक्शन के बीच 38 किलोमीटर और कांसुधी–पिपलोद सेक्शन में 28 किमी में आटोमैटिक ब्लाक सिग्नलिंग (एबीएस) कमीशन करने के बाद 30 अक्टूबर को रतलाम ‘ई’ केबिन से बजरंगगढ़ के मध्य लगभग 68.7 किलोमीटर लंबे खंड में एक साथ एबीएस प्रणाली में कमीशनिंग कार्य पूरा किया गया। इसके साथ ही रतलाम मंडल ने भारतीय रेल के इतिहास में अब तक का सबसे लंबा ऑटोमैटिक ब्लाक सिग्नलिंग सेक्शन कमीशन किया है। मंडल में एबीएस की कवरेज अब 66 किमी से बढ़कर 135 किमी हो गई है। दरअसल, दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा करने के लिए मिशन रफ्तार में ब्रिजों की मरम्मत, ओएचई रख-रखाव, सिगनलिंग सिस्टम में सुधार, कर्व री-अलाइनमेंट, एचबीम स्लीपर लगाने के साथ ही कवच सुरक्षा प्रणाली भी लागू की जा रही है। कवच 4.0 का ट्रायल मंडल के सेक्शन में हो चुका है।   303 किमी का वड़ोदरा-रतलाम-नागदा सेक्शन गैर ऑटोमैटिक था, जिसे अब ऑटोमैटिक किया जा रहा है। आठ-आठ घंटों की दो शिफ्ट में एबीएस कमिशनिंग का कार्य मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार के नेतृत्व में, वरिष्ठ मंडल संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर (समन्वय) आरएस मीना और दूरसंचार इंजीनियर स्पेशल कार्य दिव्या पारीक व टीम के समन्वय से पूरा किया गया। रतलाम रेल मंडल की सफलता संचालन और सुरक्षा बेहतर होगी नई सिग्नलिंग प्रणाली में इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग, विजुअल डिस्प्ले यूनिट्स, मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे ट्रेन संचालन की सुरक्षा, दक्षता और विश्वसनीयता में वृद्धि हुई है। यह प्रणाली न केवल मानवीय त्रुटि की संभावना को कम करती है, बल्कि अधिक ट्रेनों के तेज और सुरक्षित परिचालन को भी संभव बनाती है। इसके साथ ही, रीयल-टाइम डेटा मानीटरिंग और ऊर्जा दक्षता जैसे फीचर्स रेलवे को भविष्य के उच्च गति वाले परिचालन के लिए तैयार करते हैं।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

 धर्म हमारे लिए जीवन पद्धति का हिस्सा है, जबकि उपासना आस्था का विषय : योगी आदित्यनाथ  प्रदेश में 10 जिलों में चल रहा इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण का कार्य : मुख्यमंत्री महिलाओं और बच्चों के लिए 380 से अधिक फास्ट ट्रैक और पॉक्सो कोर्ट स्थापित किये गये : सीएम योगी लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश और देश दोनों के लिए गौरव का विषय है। यहां से निकलने वाले छात्र समाज और राष्ट्र की न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में दिया जाने वाला दीक्षा मंत्र, 'सत्यं वद्, धर्मं चर' (सत्य बोलो, धर्म का आचरण करो) भारत की प्राचीन गुरुकुल परंपरा की नींव है। यही भावना हमारे संविधान, संसद और न्यायपालिका के बोधवाक्य “धर्मो रक्षति रक्षितः” और “यतो धर्मस्य ततो जयः” में भी प्रतिबिंबित होती है। न्याय व्यवस्था जितनी मजबूत होगी, सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करना उतना ही सरल होगा सीएम योगी ने कहा कि धर्म हमारे लिए जीवन पद्धति का हिस्सा है, जबकि उपासना आस्था का विषय है। धर्म का अर्थ है अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना। इसी भावना के साथ युवाओं को आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की सफलता के लिए एक सुदृढ़ न्यायिक प्रणाली अत्यंत आवश्यक है। न्याय व्यवस्था जितनी मजबूत होगी, सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करना उतना ही सरल होगा। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि प्राचीन काल का रामराज्य भेदभाव रहित और न्यायसंगत शासन का प्रतीक था, जिसे आज की आधुनिक व्यवस्था में सुशासन के रूप में प्राप्त किया जा सकता है। प्रदेश सरकार ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किये कई कार्य मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ई-कोर्ट प्रणाली, वैकल्पिक विवाद निपटान (ADR), साइबर लॉ प्रशिक्षण, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर विशेष जोर दिया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आधुनिक प्रशिक्षण कक्ष, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और छात्रावास के निर्माण कार्य भी कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों, अभियोजकों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के स्किल डेवलपमेंट और प्रशिक्षण के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। रूल ऑफ लॉ तभी प्रभावी, जब बेंच और बार के बीच बेहतरीन समन्वय सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत काल में भारत ने तीन नए कानूनों- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य संहिता को लागू कर न्याय व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रूल ऑफ लॉ तभी प्रभावी हो सकता है जब बेंच (न्यायपीठ) और बार (अधिवक्ता समाज) के बीच बेहतरीन समन्वय हो। बेंच विवेक का प्रतीक है और बार संवेदना का। जब विवेक और संवेदना साथ आते हैं, तब न्याय का सच्चा स्वरूप मूर्त रूप लेता है। इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है सीएम योगी ने जानकारी दी कि प्रदेश में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है। 10 जनपदों में इसके लिए धनराशि जारी कर दी गई है, जहां एक ही परिसर में सभी स्तरों के न्यायालय, अधिवक्ता कक्ष और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय अब अपने उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे के लिए देशभर में जाना जा रहा है। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रदेश में 380 से अधिक पॉक्सो और फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं। साथ ही, लोक अदालतों के माध्यम से त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के प्रयास भी तेज हुए हैं। हर रेंज में विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में हर रेंज पर विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं तथा उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक संस्थान की स्थापना कर युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट, ई-पुलिसिंग, ई-प्रॉसिक्यूशन और ई-फॉरेंसिक को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। इससे न्यायिक प्रणाली अधिक पारदर्शी, त्वरित और सशक्त बनेगी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत को दी अग्रिम बधाई अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के छात्रों से कहा कि वे सत्य, धर्म और निष्ठा के पथ पर चलते हुए देश की न्याय व्यवस्था को नई दिशा दें। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सूर्यकांत को भी बधाई दी, जो इस माह भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्यकांत, विश्वविद्यालय के विजिटर और सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली, प्रदेश सरकार में मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, विवि के कुलपति प्रो अमर पाल सिंह, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तिगण, विवि के फैकल्टी मेम्बर्स, विधायक राजेश्वर सिंह, उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावकगण मौजूद रहे।   दीक्षांत समारोह में इन विद्यार्थियों ने प्राप्त किये मेडल डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में इस वर्ष कई छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभिन्न श्रेणियों में मेडल प्राप्त किए। एलएलएम वर्ग में हर्षिता यादव ने गोल्ड मेडल, आकृति श्रीवास्तव ने सिल्वर मेडल और ऋषभ ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। वहीं बीए एलएलबी वर्ग में अभ्युदय प्रताप को गोल्ड मेडल, साइमा खान को सिल्वर मेडल तथा दर्शिका पांडेय को ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया गया। बीए एलएलबी ऑनर्स के अंतर्गत विषयवार सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वालों में लॉ ऑफ टेक्सेशन में स्वर्णायती, क्रिमिनल लॉ में मुस्कान शुक्ला और कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ में दर्शिका पांडेय को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। विशेष पुरस्कारों में ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ का खिताब दर्शिका पांडेय को, ‘बेस्ट मोअरटर ऑफ द ईयर’ का सम्मान अभ्युदय प्रताप को तथा ‘बेस्ट परफॉर्मेंस इन यूपीएससी/स्टेट पब्लिक सर्विस एग्जाम’ का पुरस्कार धीरज दिवाकर को मिला। इसी प्रकार साइबर लॉ विषय में अमन कुमार ने गोल्ड, संयुक्ता सिंह ने सिल्वर और प्रांजल पांडेय ने ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त किया। इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स में आत्रेय त्रिपाठी को गोल्ड, अक्षिता सिंह को सिल्वर और श्रेया अवस्थी को ब्रॉन्ज मेडल दिया गया। वहीं मीडिया लॉ … Read more