samacharsecretary.com

प्रधानमंत्री मोदी का विजन है मध्यप्रदेश का मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्व बाजार में भारत ने फूंका है स्वदेशी का बिगुल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी का विजन है मध्यप्रदेश का मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री एमवीएम कॉलेज परिसर में लगे स्वदेशी मेला में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। दुनिया में जारी आर्थिक युद्ध के बीच भारत ने स्वदेशी का बिगुल फूंका है। प्रधानमंत्री  मोदी ने देश के नागरिकों, व्यापारियों और उद्यमियों को इस आर्थिक युद्ध में "स्वदेशी ब्रह्मास्त्र' सौंपा है। आज सभी क्षेत्रों में स्वदेशी को महत्व देते हुए भारत की सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर है। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री  मोदी के विजन को मिशन बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी का अर्थ यह नहीं कि हम दुनिया से अलग हो जाएं। इसका मतलब है कि जो चीज़ हम अपने देश में बना सकते हैं, उसे बाहर से न लाएं और अपने देश में बनी वस्तुओं का ही उपयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मोतीलाल विज्ञान आदर्श महाविद्यालय प्रांगण में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेला परिसर में स्थापित प्रभु राम की प्रतिमा का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर राम स्तुति की प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम एवं ब्रह्मोस मिसाइल की प्रतिकृति भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री जी ने लघु उद्यमियों द्वारा लगाए विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया एवं स्वदेशी उत्पादों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में स्वदेशी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महात्मा गांधी, स्वामी दयानंद, लाला लाजपत राय एवं बाल गंगाधर तिलक जैसे अनेक महापुरुषों ने देशवासियों से विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी अपनाते हुए आजादी की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। यह स्वदेशी की ही ताकत थी कि बंगाल विभाजन के विरोध में बंग-भंग आंदोलन प्रारंभ हुआ और अंग्रेजों को झुकना पड़ा था। वर्तमान समय में एक देश के नेता दुनिया को टैरिफ की धमकी देते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री  मोदी का संकल्प अडिग है। भारत किसी के सामने नहीं झुकेगा। ऐसे समय में प्रधानमंत्री  मोदी ने स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल से पड़ोसी दुश्मन देश को चारों खाने चित कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुनिया को भारत में बड़ा बाजार दिखाई दे रहा है। वे अपनी कमाई के लिए उत्पादों को भारत लाना चाहते हैं। लेकिन हम अपने स्वदेशी के भाव से नई तकनीक अपनाते हुए खेती को भी संरक्षित कर रहे हैं और विभिन्न उत्पादों के निर्यात को बढ़ा रहे हैं। इस मेले में उत्तरप्रदेश भदौही के व्यापारी तक अपने कालीन बेचने यहां आए हैं। स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय मेला प्रमुख  साकेत राठौर ने कहा कि स्वदेशी मेला कोई आम मेला नहीं है। हमें स्वदेशी से एक अगल पहचान मिलती है। स्वदेशी जब समाज के साथ जुड़ता है तो वह आंदोलन में परिवर्तित होता है। स्वदेशी वस्तुओं में हमारी मिट्टी की खुशबू होती है। भारत आर्थिक स्थिति में चौथे पायदान पर है। अगर हमें अमेरिका, चीन और जापान को पीछे छोड़ना है तो स्वदेशी के भाव को अपनाना होगा। वर्षभर में देश में 150 स्वदेशी मेले लगाए जाएंगे। विधायक  भगवानदास सबनानी ने कहा कि देशभर में वन्देमातरम के आयोजन के दिन स्वदेशी मेले का आयोजन एक ऐतिहासिक क्षण है। हमें स्वयं स्वदेशी अपनाते हुए साथियों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। स्वदेशी मेला संयोजक एवं भोपाल के व्यापारी  सतीश विश्वकर्मा ने कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन किया। स्वदेशी मेले की शुभारंभ अवसर पर  रमणवीर सिंह अरोड़ा,  सुधीर दाते एवं  सुशील अग्रवाल सहित स्वदेशी आंदोलन से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित थे। 

9 साल बाद फिर याद आई नोटबंदी – जब 1000 गायब हुए और ₹2000 आए, फिर गायब हो गए

 नई दिल्ली   तारीख- 8 नवंबर 2016. रात के 8 बजे, अचानक देश को संबोधित करने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए. देशवासियों की निगाहें टेलीविजन पर टिकी थीं. पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए तत्काल प्रभाव से 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने का ऐलान कर दिया, पूरा देश सन्न रह गया था.  दरअसल, आज नोटबंदी के 9 साल पूरे हो चुके हैं. लेकिन वो मंजर आज भी सभी को याद है. 8 नवंबर 2016 को हुए ऐलान ने देश की अर्थव्यवस्था, बाजार और आम आदमी से लेकर खास को हिलाकर रख दिया था. 500 और 1000 रुपये के नोट बंद किए जाने से सिस्टम में कैश की दिक्कत होने लगी थी. जिससे तुरंत 2000 रुपये का नोट पहली बार जारी किया गया था. लोगों को जल्दी राहत देने के लिए RBI ने बड़ी वैल्यू वाला नया 2000 रुपये का नोट जारी किया, ताकि बाजार में कैश फ्लो बढ़े. लेकिन इसके बावजूद महीनों तक लोग कैश के लिए बैंकों और ATM के बाहर में घंटों तक कतार में खड़े होने के लिए मजबूर थे. 2000 रुपये के नोट सिस्टम से आउट फिर 10 नवंबर 2016 को RBI ने 500 रुपये का नया नोट जारी किया. साल 2017 में 200 रुपये के नए नोट जारी किए गए. हालांकि मई- 2023 में RBI ने 2000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने की घोषणा की, लेकिन इसे वैध मुद्रा (Legal Tender) माना गया. यानी अब भी यह नोट मान्य है, लेकिन बैंकों से यह नोट नहीं मिलेगा.  सरकार का दावा था कि नोटबंदी का मकसद  काला धन, आतंक फंडिंग और नकली करेंसी पर लगाम लगाना था. लेकिन सवाल उठता है कि क्या नोटबंदी ने अपने लक्ष्य हासिल किए? क्योंकि आंकड़े बताते हैं कि बंद किए गए लगभग 15.44 लाख करोड़ रुपये में से 15.31 लाख करोड़ रुपये बैंकिंग सिस्टम में वापस लौट आए. यानी 99 फीसदी ज्यादा पैसा 'सफेद' बन गया. नकली नोट जरूर कम हुए, लेकिन पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ. आज भी जगह-जगह नकली नोट पकड़े जाते हैं.  नोटबंदी से डिजिटल पेमेंट की खुली राह  हालांकि नोटबंदी के बाद देश डिजिटल पेमेंट का प्रचलन तेजी से बढ़ा है. अगर नोटबंदी की सबसे बड़ी उपलब्धि कही जाए, तो वह डिजिटल पेमेंट की क्रांति है. Paytm, PhonePe, Google Pay जैसे ऐप ने गांव-गांव तक लेनदेन का तरीका बदल दिया. आज अधिकतर लोग डिजिटल पेमेंट से लेन-देन करते हैं.  UPI के जरिये रोजाना करीब 14 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन होता है, जो कि 2016 की तुलना में 1000 गुना अधिक है.  छोटे दुकानदार से लेकर सब्जीवाले तक QR कोड से पेमेंट ले रहे हैं, नोटबंदी के समय देश में डिटिजल पेमेंट का उपयोग कुछ चुनिंदा लोगों के द्वारा किया जाता था. लेकिन नोटबंदी के कारण नकद की कमी के चलते करीब सभी वर्गों में यह तेजी से लोकप्रिय हुआ.नोटबंदी के एक साल के अंदर ही डिजिटल अर्थव्यवस्था में बड़ा बूम देखने को मिला था.  हालांकि नोटबंदी की वजह से छोटे उद्योग, कैश-डिपेंडेंट सेक्टर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा था. छोटे उद्योगों को पटरी पर लौटने में कई वर्ष लग गए. जानकार तो ये भी कहते हैं कि नोटबंदी की वजह GDP में गिरावट दर्ज की गई थी. नोटबंदी से काला धन खत्म हुआ या नहीं, इस पर अभी भी राजनीतिक गलियारों में बहस जारी है. 

इंडिया vs ऑस्ट्रेलिया T20: क्या गाबा में दिखेंगे रिंकू सिंह और नीतीश रेड्डी? जानिए संभावित XI

ब्रिस्बेन     भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज (8 नवंबर) ब्रिस्बेन के द गाबा मैदान पर खेला जाना है. सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम टी20 सीरीज में फिलहाल 2-1 से आगे हैं. अब इस मैच में जीत हासिल करने पर सूर्या ब्रिगेड टी20 सीरीज पर कब्जा जमा लेगी. दूसरी ओर मेजबान टीम इस मैच को जीतकर सीरीज 2-2 से बराबर पर खत्म करना चाहेगी. भारतीय समयानुसार ये मुकाबला दोपहर 1.45 बजे शुरू होगा. इस मुकाबले के लिए दोनों टीम्स की प्लेइंग-11 पर भी फैन्स की निगाहें रहने वाली हैं. इस टी20 सीरीज में रिंकू सिंह और नीतीश कुमार रेड्डी को अब तक मौका नहीं मिला है. ऐसे में ये देखना दिचलस्प होगा कि कप्तान सूर्यकुमार यादव कुछ बदलाव करते हैं या नहीं. वैसे सूर्या शायद ही इस मुकाबले के लिए एकादश में कुछ परिवर्तन करें. माना जा रहा है कि चाहे पिच जैसी भी हो, भारतीय टीम उसी प्लेइंग इलेवन के साथ उतरना चाहेगी, जिसने उसे पिछले दो मैचों में जीत दिलाई थी. भारत का कॉम्बिनेशन सेट नजर आ रहा है. दूसरी ओर कंगारू टीम की प्लेइंग-11 में कुछ बदलाव होने की संभावना बन रही है. जोश फिलिप ने गोल कोस्ट में खेले गए टी20 मुकाबले में पांचवें नंबर पर बैटिंग की और केवल 10 रन बनाए. उनकी जगह इस मुकाबले के लिए बैटिंग ऑलराउंडर मिचेल ओवन को एकादश में जगह मिल सकती है. ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए 20 वर्षीय तेज गेंदबाज महली बियर्डमैन भी इस मुकाबले के जरिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू कर सकते हैं. बियर्डमैन को बेन ड्वारशुइस की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है. गाबा की पिच तेज गेंदबाजों के अनुकूल ब्रिस्बेन में इस समय दिन के बाद वाले हिस्से में बारिश और तूफान आने की संभावना बनी रहती है. द गाबा की पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजों को मदद देती है. यहां की पिच से बॉलर्स को पेस और बाउंस दोनों मिलता है. हालांकि, बल्लेबाजों को भी रन बनाने का मौका मिलता है. इसी वजह से बीबीएल (Big Bash League) में यहां खेले गए मैचों में अक्सर बड़े स्कोर बनते रहे हैं. इस मुकाबले में भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर सबकी निगाहें रहने वाली है. बुमराह टी20 इंटरनेशनल में 100 विकेट से सिर्फ एक विकेट दूर हैं. ऑस्ट्रेलिया आखिरी बार लगातार तीन या उससे ज्यादा टी20 मैच जुलाई 2021 में हारा था. तब उसे वेस्टइंडीज और बांग्लादेश के खिलाफ मैचों में पराजय मिली. वहीं, भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी बार लगातार 3 टी20 मैच जनवरी 2016 में कंगारू धरती पर जीते थे. गाबा में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक सिर्फ एक टी20 मैच हुआ है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 4 रनों से हराया था. वो मुकाबला नवंबर 2018 में खेला गया था. गाबा टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग-11: अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह. गाबा टी20 में ऑस्ट्रेलिया की संभावित प्लेइंग-11: मिचेल मार्श (कप्तान), मैथ्यू शॉर्ट, जोश इंगलिस (विकेट कीपर), टिम डेविड, मिचेल ओवेन, मार्कस स्टोइनिस, ग्लेन मैक्सवेल, जेवियर बार्टलेट, नाथन एलिस, एडम जाम्पा और महली बियर्डमैन. भारत का फुल स्क्वॉड: अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा. ऑस्ट्रेलिया का फुल स्क्वॉड: मिचेल मार्श (कप्तान), मैथ्यू शॉर्ट, जोश इंगलिस (विकेटकीपर), टिम डेविड, जोश फिलिप, मार्कस स्टोइनिस, ग्लेन मैक्सवेल, बेन ड्वारशुइस, जेवियर बार्टलेट, नाथन एलिस, एडम जाम्पा, मैथ्यू कुह्नमैन, मिचेल ओवेन और महली बियर्डमैन.

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा – विश्वविद्यालय कर्मचारी संगठन जिम्मेदारी और निष्ठा से करें कार्य

विश्वविद्यालय कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें – उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कर्मचारी संगठन के नवनिर्वाचित पदाधिकारी अपने दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें और विश्वविद्यालय को उच्चतम शिखर तक ले जाने में सहभागी बनें। ताकि इस विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा कायम रह सके।  शुक्ल ने विश्वविद्यालय के कर्मचारी संगठन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। पंडित शंभूनाथ शुक्ल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों को पद नहीं बल्कि जिम्मेदारी मिली है उसे वह सभी के समन्वय से मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि विकास का मूल लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार की उपलब्धता है। रीवा में इस क्षेत्र में प्राथमिकता से कार्य कराये जा रहे हैं। कर्मचारी संगठन के केन्द्रीय विश्वविद्यालय की मांग पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गुण, दोष का आंकलन करते हुए विवरण दें ताकि इस दिशा में प्रयास किये जा सके। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई व शुभकामना दी। इस अवसर पर सांसद  जनार्दन मिश्र ने कहा कि आपसी गुटबाजी को छोड़कर विश्वविद्यालय के विकास के लिये सभी समवेत हों। कुलगुरू प्रो. राजेन्द्र कुमार कुडरिया ने कहा कि कर्मचारियों, प्राध्यापकों व विद्यार्थियों के समचित सहयोग से ही विश्वविद्यालय ऊंचाईयों की ओर अग्रसर होगा। इससे पूर्व कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष डॉ. बुद्धसेन पटेल ने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय बनाये जाने की मांग की। कार्यक्रम में विधायक मऊगंज  प्रदीप पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीता कोल, भाजपा अध्यक्ष रीवा  वीरेन्द्र गुप्ता, भाजपा अध्यक्ष मऊगंज डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा, कुल सचिव सुरेन्द्र सिंह परिहार सहित कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी, प्राध्यापक, गणमान्यजन तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।  

अब और खूबसूरत होंगे हरियाणा के पार्क, वनीकरण और मेंटेनेंस पर सख्त आदेश जारी

चंडीगढ़  हरियाणा के सभी शहरों में स्थित पार्क अब और अधिक हरियाले, स्वच्छ और सुरक्षित होंगे। राज्य मानवाधिकार आयोग ने सभी नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर समितियों और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सार्वजनिक पार्कों का रखरखाव, सौंदर्यीकरण और पर्यावरणीय सुधार उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। आयोग ने आदेश दिया कि हर प्रशासन अपने क्षेत्र में पौधारोपण, लैंडस्केप सुधार और स्वच्छता को लेकर ठोस कदम उठाए ताकि ग्रीन हरियाणा का लक्ष्य साकार हो सके। यह निर्देश अंबाला की शिवालिक कॉलोनी स्थित पार्क में अव्यवस्थाओं पर स्वतः संज्ञान लेने के बाद जारी किए गए। जांच में पाया गया कि वहां शौचालय, पेयजल सुविधा और लाइटिंग जैसे कार्य अधूरे हैं। फोटो सहित रिपोर्ट पेश करने के निर्देश इस पर आयोग के चेयरपर्सन न्यायमूर्ति ललित बत्रा और सदस्य कुलदीप जैन व दीप भाटिया ने नगर निगम अंबाला को सभी कार्य तुरंत पूरे कर फोटो सहित रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। जस्टिस बत्रा ने कहा कि पार्क केवल मनोरंजन के स्थल नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन और स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार से जुड़े हैं। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि पार्कों से कचरा हटाया जाए, रास्ते समतल किए जाएं और झूले व उपकरण सुरक्षित स्थिति में रखे जाएं।

बिना परीक्षा नौकरी! 62 रेलवे स्टेशनों पर टिकट एजेंट भर्ती, 10वीं पास भी करें अप्लाई

चंडीगढ़ हरियाणा के युवाओं के लिए खुशखबरी है। रेलवे विभाग ने युवाओं के लिए भर्ती निकाली है। अंबाला रेल मंडल के अधीन आने वाले 62 रेलवे स्टेशनों पर टिकट एजेंटों की भर्ती की जाएगी। टिकट एजेंट की भर्ती के लिए 10वीं पास होना जरूरी है। नियुक्ति 3 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर होंगी। इन एजेंटों को प्रत्येक टिकट पर निर्धारित कमीशन के आधार पर आय प्राप्त होगी। एजेंटों को संबंधित स्टेशन मास्टर या स्टेशन प्रबंधक के अधीन कार्य करना होगा।   अंबाला रेल मंडल के वरिष्ठ डीसीएम (डिविजनल कॉमर्शियल मैनेजर) नवीन कुमार ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे रेलवे स्टेशनों पर टिकट बिक्री को बढ़ाना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इन टिकट बुकिंग एजेंटों का चयन पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।  रेल मंडल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कुल 62 पदों को भरने की योजना है। इनमें 42 स्टेशन हरियाणा राज्य के हैं, जबकि 13 स्टेशन हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत आते हैं। इन सभी स्थानों पर स्थानीय स्तर पर युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।   अंबाला रेल मंडल के अधीन आने वाले जिन रेलवे स्टेशनों को इस योजना में शामिल किया गया है, उनमें कलानौर, रायपुर हरियाणा, केसरी, डुडियाल, दयालपुर, बराड़ा, अमरगढ़ और यमुनानगर वर्कशॉप सहित कई छोटे स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर अब टिकट एजेंट नियुक्त किए जाएंगे, जो यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराने के साथ-साथ रेल सेवाओं की जानकारी भी देंगे।   सीनियर डीसीएम नवीन कुमार ने बताया कि यह एजेंट तीन वर्षों के लिए कार्य करेंगे। इसके बाद उनके प्रदर्शन के आधार पर अनुबंध को बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। चयन प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि रोजगार के अवसर क्षेत्र के लोगों को ही प्राप्त हों। इसके साथ ही रेलवे का लक्ष्य छोटे स्टेशनों पर टिकट बिक्री और राजस्व दोनों को बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि इच्छुक उम्मीदवारों को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के रूप में 10वीं पास होना आवश्यक होगा। आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि रेलवे की वेबसाइट और मंडल कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर जारी की जाएगी। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि वे रेलवे टिकटिंग प्रणाली और यात्रियों के साथ व्यवहार के तरीकों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

काशी से निकली विकास की रफ्तार! मोदी ने दी 4 ‘वंदे भारत’ ट्रेनों को हरी झंडी

वाराणसी   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन देश को साल 4 सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत की सौगात दी है. बनारस स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर पीएम मोदी ने फूलों से सजे बनारस से खजुराहो तक जाने वाले वन्देभारत ट्रेन को रवाना किया है. इस ट्रेन की शुरुआत के बाद देश की सांस्कृतिक डोर से विश्व धरोहर की गांठ और मजबूत होगी. वाराणसी आने वाले पर्यटक सीधे खजुराहो तक कि यात्रा कर सकेंगे. टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि इस ट्रेन से काशी आने वाले पर्यटकों को काफी फायदा मिलेगा. यह सीधी ट्रेन महज 8 घंटे में बनारस से खजुराहो तक जाएगी. बीच में चित्रकूट भी एक जंक्शन पड़ेगा. ऐसे में यह पूरा एक सर्किट बनाएगी जिससे टूरिज्म को काफी फायदा होगा. उन्होंने कहा कि लंबे समय से पर्यटन से जुड़े उद्यमियों की मांग थी कि काशी से खजुराहो के बीच ट्रेन सेवा की शुरुआत हो. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां के पर्यटन उद्यमियों की सुनी और आज बनारस से खजुराहो के बीच सीधी चलने वाली वंदेभारत ट्रेन कि उन्होंने सौगात दे दी. जिससे सभी पर्यटन उद्यमी काफी खुश है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अधिकांश देशों के विकास में इंफ्रास्ट्रक्चर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. किसी भी शहर में जैसे ही बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है, उसका विकास अपने-आप तेजी से शुरू हो जाता है. इंफ्रास्ट्रक्चर सिर्फ बड़े पुलों और हाइवे तक सीमित नहीं है. पीएम मोदी का कहना था कि काशी से खजुराहो वंदे भारत के अलावा, फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत, लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत और एर्नाकुलम-बेंगलुरू वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई गई है. इन 4 नई वंदे भारत ट्रेनों के साथ ही अब देश में 160 से ज्यादा नई वंदे भारत ट्रेनों का संचालन होने लगा है. पीएम ने आगे कहा, आज वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें, भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव तैयार कर रही हैं. ये भारतीय रेलवे को transform करने का एक पूरा अभियान है. वंदे भारत भारतीयों की, भारतीयों द्वारा, भारतीयों के लिए बनाई गई ट्रेन है. जिस पर हर भारतीय को गर्व है. पर्यटकों के लिए बड़ी सौगात वहीं अजय सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज काशी को इस ट्रेन के जरिये बहुत बड़ी सौगात दी है .इससे यहां के पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा और यात्री सहूलियत के साथ सांस्कृतिक राजधानी काशी से खजुराहो तक जा पाएंगे. बताते चलें कि वाराणसी से खजुराहो तक जाने के लिए पर्यटकों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती थी. लेकिन अब इस ट्रेन की सौगात के बाद उन्हें सहूलियत मिलेगी. वाराणसी को मिली 8 वीं वंदेभारत ट्रेन वाराणसी में लगातार सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत भारत का कुनबा बढ़ते जा रहा है. बनारस-खजुराहो वन्देभारत की शुरुआत के बाद यह 8 वीं वंदेभारत ट्रेन है जो वाराणसी से चलेगी. गौरतलब है कि वाराणसी एकमात्र शहर है जहां से 8 वंदेभारत ट्रेन का संचालन होता है. वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन आज से बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बेंगलुरु रूट पर संचालित होंगी. डीआरएम गौरव अग्रवाल ने बताया, आज चार नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई. लखनऊ के लोगों को लखनऊ से सहारनपुर जाने का मौका मिलेगा, जो सोमवार को छोड़कर हफ़्ते में 6 दिन चलेंगी.  वंदे भारत की सौगात मिलने पर एक स्थानीय नागरिक का कहना था कि काशी आने वाले सभी श्रद्धालु- चाहे वे दिल्ली से हों या देश-विदेश के अन्य हिस्सों से… पहले काशी पहुंचते हैं, फिर प्रयागराज, चित्रकूट और अन्य धार्मिक स्थलों की ओर बढ़ते हैं. इसी मार्ग से खजुराहो भी जुड़ता है, जो हमारा ऐतिहासिक और विश्व धरोहर स्थल है. यह पहल सराहनीय है. हमें उम्मीद है कि एनडीए सरकार भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखेगी. आज चार वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत हो रही है. इससे पहले शुक्रवार शाम करीब 5 बजे प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी पहुंचे. पीएम का विशेष विमान बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरा, जहां प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और जिले के प्रभारी सुरेश खन्ना, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक सुनील पटेल, विधायक टी. राम, कमिश्नर एस. राजालिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. इसके बाद पीएम मोदी सड़क मार्ग से बीएलडब्ल्यू गेस्ट हाउस पहुंचे. उनका काफिला बाबतपुर, हरहुआ, गिलट बाजार, जेपी मेहता, फुलवरिया फ्लाईओवर और बरेका होते हुए गुजरा. पूरे मार्ग पर हजारों लोग, बीजेपी कार्यकर्ता और स्थानीय निवासी 'मोदी-मोदी' और 'हर हर महादेव' के नारों के साथ उनका स्वागत करते दिखे. चार नई वंदे भारत का रूट्स… 1. बनारस → खजुराहो 2. खजुराहो → बनारस 3. लखनऊ → सहारनपुर 4. सहारनपुर → लखनऊ 5. दिल्ली → फिरोजपुर 6. फिरोजपुर → दिल्ली 7. बेंगलुरु → एरणाकुलम 8. एरणाकुलम → बेंगलुरु धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार चार नई ट्रेनों में सबसे अहम मानी जा रही है बनारस–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस, जिसे काशी और पूरे पूर्वांचल के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है. यह ट्रेन बनारस, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ेगी. इससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी. नई वंदे भारत सेवा वर्तमान स्पेशल ट्रेनों की तुलना में करीब 2 घंटे 40 मिनट का समय बचाएगी. इससे यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक यात्रा अनुभव मिलेगा. क्या बोले केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव… केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी स्टेशन का निरीक्षण किया और कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वाराणसी स्टेशन से चार वंदे भारत सेवाओं को हरी झंडी दिखाई. ये सभी सेवाएं यात्रियों को अत्यधिक सुविधा प्रदान करेंगी. चाहे अमृत भारत ट्रेनें हों, नामो भारत हों या वंदे भारत- यात्रियों की सुविधा पर फोकस करते हुए नई पीढ़ी की ट्रेनें लगातार शुरू की जा रही हैं. इसी के साथ देशभर के 1,300 स्टेशनों पर भी पुनर्विकास का काम चल रहा है.

कटरा रूट पर बड़ा बदलाव: कई ट्रेनें रद्द, अनेक के रूट सीमित — वैष्णो भक्तों की बढ़ी मुश्किलें

नई दिल्ली  उत्तर भारत से जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाली रेल सेवाओं को बड़ा झटका लगा है। उत्तर रेलवे ने एक साथ 22 ट्रेनों को मार्च 2026 तक रद्द करने और कई ट्रेनों के रूट को सीमित करने का निर्णय लिया है। इस कदम से जहां यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित होंगी, वहीं माता वैष्णो देवी यात्रा, सर्दियों का पर्यटन सीजन और स्थानीय कारोबार पर भी गहरा असर पड़ेगा। रेलवे ने इस फैसले के पीछे पुलों की मरम्मत और इंजीनियरिंग प्रतिबंध (EER) को कारण बताया है। 6 नवंबर को जारी आदेश के अनुसार, कठुआ और माधोपुर स्टेशनों के बीच पुल नंबर 17, उधमपुर-चक रकवाल सेक्शन के बीच पुल नंबर 163 और पठानकोट-कंदरोड़ी (अप/डाउन) के बीच पुल नंबर 137 और 232 की मरम्मत कार्यों के चलते यह कदम उठाया गया है।   मार्च 2026 तक रद्द की गई प्रमुख ट्रेनें रद्द की गई 22 ट्रेनों में दिल्ली, जम्मू, कटड़ा, उधमपुर और तिरुपति जैसी प्रमुख गंतव्यों को जोड़ने वाली कई महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। इनमें प्रमुख ट्रेनें हैं- 12207/08 गरीब रथ एक्सप्रेस (काठगोदाम–जम्मू तवी) 12265/66 दुरंतो एक्सप्रेस (दिल्ली–जम्मू) 14503/04 कालका–कटड़ा एक्सप्रेस 14611/12 गोरखपुर–कटड़ा एक्सप्रेस 22439/40 वंदे भारत एक्सप्रेस (नई दिल्ली–श्री माता वैष्णो देवी कटरा) 22705/06 हमसफर एक्सप्रेस (तिरुपति–जम्मू) 22401/02 दिल्ली–उधमपुर एसी एक्सप्रेस 22431/32 सुल्तानपुर–उधमपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस 19107/08 जनभूमि एक्सप्रेस (भावनगर–उधमपुर) 26405/06 अमृतसर–कटड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस सीमित रूट पर चलेंगी ये ट्रेनें रेलवे ने कुछ ट्रेनों को पूरी तरह रद्द नहीं किया है, बल्कि उन्हें सीमित रूट पर चलाने का फैसला किया है। इनमें शामिल हैं- 12549/50 दुर्ग–उधमपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस: अब केवल जम्मू छावनी तक 19223/24 साबरमती–जम्मू तवी एक्सप्रेस: अब फिरोजपुर तक 19415/16 साबरमती–कटड़ा एक्सप्रेस: अब अमृतसर तक 20433/34 सुल्तानपुर–कटड़ा जम्मू मेल: अब अंबाला तक 20847/48 दुर्ग–उधमपुर एक्सप्रेस: अब अंबाला तक 20985/86 कोटा–उधमपुर एक्सप्रेस: अब लुधियाना तक 22941/42 इंदौर–उधमपुर एक्सप्रेस: अब जम्मू छावनी तक 14803/04 बीकानेर–जम्मू तवी एक्सप्रेस: अब पठानकोट तक सीमित कब बहाल होंगी सेवाएं? रेलवे ने कुछ ट्रेनों की बहाली की तारीखें भी घोषित की हैं। इनमें 14661/62 शालीमार मलानी एक्सप्रेस, 22461/62 श्री शक्ति एक्सप्रेस और 74906/07 उधमपुर–पठानकोट डीएमयू सेवा शामिल हैं, जिन्हें 30 नवंबर से 3 दिसंबर 2025 के बीच चरणबद्ध तरीके से फिर से शुरू किया जाएगा। पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर असर ट्रेनों के रद्द और सीमित होने से श्रद्धालुओं, पर्यटकों और व्यापारिक यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। वैकल्पिक परिवहन साधन सीमित हैं, जबकि बसों और निजी वाहनों से यात्रा करना महंगा साबित होगा। स्थानीय होटल कारोबारी, ट्रैवल एजेंट और टैक्सी चालक कहते हैं कि ट्रेनों की कमी से यात्रियों की संख्या घटेगी और उनका व्यवसाय प्रभावित होगा। उन्होंने रेलवे से मरम्मत कार्यों को जल्द पूरा करने और अस्थायी वैकल्पिक सेवाएं शुरू करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र की पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को राहत मिल सके।

न्यूजीलैंड ने वनडे स्क्वॉड का किया ऐलान, फिट होकर लौटे मैट हेनरी

ऑकलैंड वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 मुकाबलों की वनडे सीरीज के लिए न्यूजीलैंड ने अपनी टीम की घोषणा कर दी है। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी टीम में वापसी कर रहे हैं। वह पिछले हफ्ते पिंडली में खिंचाव के कारण इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम दो वनडे मैच नहीं खेल सके थे। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे और तीसरे वनडे मैच में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार जीतने वाले ब्लेयर टिकनर ने टीम में अपनी जगह बरकरार रखी है। इस टीम में माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, टॉम लैथम, रचिन रवींद्र और डेरिल मिचेल को भी मौका दिया गया है। न्यूजीलैंड के चोटिल खिलाड़ियों की लिस्ट लंबी होती जा रही है। लॉकी फर्ग्यूसन (हैमस्ट्रिंग), एडम मिल्ने (टखना), मोहम्मद अब्बास (पसलियां), फिन एलन (पैर), विल ओ’रूर्के (पीठ), ग्लेन फिलिप्स (ग्रोइन) और बेन सियर्स (हैमस्ट्रिंग) चोटिल होने की वजह से टीम में मौजूद नहीं हैं। केन विलियमसन को इस टीम में नहीं चुना गया है। वह 2 दिसंबर से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज की तैयारी में जुटे हैं। मैट हेनरी की वापसी पर खुशी जताते हुए न्यूजीलैंड के हेड कोच रॉब वाल्टर ने कहा, “मैट इस टीम के एक अहम सदस्य हैं। वह हमारे तेज गेंदबाजी आक्रमण में सबसे अनुभवी हैं। वनडे और टेस्ट मैचों के लिए उनका टीम में वापस आना बहुत फायदेमंद होगा। आराम के बाद वह तरोताजा और फिट होंगे। हम जानते हैं कि वह सफेद और लाल गेंद से बड़े प्रदर्शन के लिए बेताब होंगे।” न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच क्राइस्टचर्च में 16 नवंबर को पहला वनडे मैच खेला जाना है। इसके बाद 19 नवंबर को सीरीज का दूसरा मुकाबला नेपियर में खेला जाएगा। तीसरा मैच 22 नवंबर को हैमिल्टन में आयोजित होगा। न्यूजीलैंड की वनडे टीम: मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉन्वे, जैकब डफी, जैक फॉल्क्स, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, टॉम लैथम (विकेटकीपर), डेरिल मिचेल, रचिन रवींद्र, नाथन स्मिथ, ब्लेयर टिकनर, विल यंग।  

प्रदूषित हवा का कहर: अब कैंसर का नया खतरा बन रहा है Air Pollution

हम जिस हवा में सांस लेते हैं, वही अब हमारी सेहत के लिए सबसे बड़ा दुश्मन बनती जा रही है। कभी जीवन का आधार रही यह हवा आज अदृश्य जहर में बदल चुकी है। यह सिर्फ खांसी, सांस की तकलीफ या एलर्जी तक सीमित नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे यह कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को भी जन्म दे रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बाहरी वायु प्रदूषण और उसमें मौजूद बारीक कणों को ग्रुप-1 कार्सिनोजेन यानी “कैंसर पैदा करने वाले प्रमुख तत्वों” की सूची में रखा है। इसका मतलब यह है कि हवा में मौजूद ये जहरीले तत्व उतने ही खतरनाक हैं जितना तंबाकू का धुआं या एस्बेस्टस। राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के मौके पर आइए डॉ. मीनू वालिया से समझते हैं कि हवा में घुला यह जहर किस तरह हमारे शरीर को अंदर से बीमार बना रहा है और हम इससे कैसे बच सकते हैं। फेफड़ों की गहराई तक घुसने वाला जहर हवा में मौजूद सबसे घातक तत्व हैं PM2.5 कण- ये इतने छोटे होते हैं कि शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली भी इन्हें रोक नहीं पाती। ये कण सांस के जरिए सीधे फेफड़ों तक पहुंचते हैं और वहां से खून में मिल जाते हैं। इनमें अक्सर भारी धातुएं, हाइड्रोकार्बन और दूसरे रासायनिक जहर चिपके रहते हैं। जब ये शरीर में पहुंचते हैं, तो कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे कैंसर की शुरुआत होती है। यही कारण है कि आज गैर-धूम्रपान करने वालों में भी फेफड़ों का कैंसर बढ़ रहा है। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन का कनेक्शन लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से शरीर लगातार एक सूक्ष्म सूजन की स्थिति में रहता है। इस दौरान शरीर में Reactive Oxygen Species (ROS) नामक तत्व बनते हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। यह स्थिति ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कहलाती है- यानी जब शरीर की प्राकृतिक रक्षा क्षमता टूटने लगती है। इससे कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और कैंसर के लिए अनुकूल माहौल बन जाता है। यह प्रभाव सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मूत्राशय और स्तन कैंसर जैसे मामलों में भी देखा गया है। खून के रास्ते पूरे शरीर में फैलता है जहर वायु प्रदूषण का असर सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं है। बेहद छोटे प्रदूषक कण खून में घुसकर जिगर, गुर्दे और मस्तिष्क जैसे अन्य अंगों तक पहुंच जाते हैं। हाल के शोध बताते हैं कि लंबे समय तक ऐसी हवा में रहने वाले लोगों में मस्तिष्क, कोलन और मूत्र तंत्र से जुड़ी कैंसर की आशंका भी बढ़ जाती है। इसका मुख्य कारण है- पूरे शरीर में सूजन और डीएनए मरम्मत प्रणाली का कमजोर होना। जीन्स पर प्रदूषण का असर विज्ञान की नई शाखा एपिजेनेटिक्स बताती है कि प्रदूषण हमारे जीन्स के ढांचे को नहीं, बल्कि उनके व्यवहार को बदल देता है। हवा में मौजूद रासायनिक तत्व DNA methylation की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं, जिससे कुछ महत्वपूर्ण जीन्स “खराब” हो जाते हैं जो कैंसर को रोकते हैं, जबकि कुछ जीन्स “एक्टिव” हो जाते हैं जो ट्यूमर को बढ़ावा देते हैं। यह बदलाव अदृश्य होते हैं, लेकिन असर गहरा होता है- यानी हवा हमारे जेनेटिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है। शहरों की 'साइलेंट किलर' हवा शहरों में प्रदूषण का असर और भी ज्यादा होता है, क्योंकि यहां हवा के साथ-साथ शोर, तनाव, खराब खानपान और नींद की कमी जैसे अन्य कारक भी शरीर को कमजोर करते हैं। जो लोग मुख्य सड़कों, फैक्टरियों या औद्योगिक क्षेत्रों के पास रहते हैं, वे लगातार कई पर्यावरणीय जोखिमों का सामना करते हैं। यह सब मिलकर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कम करता है और कैंसर जैसी बीमारियों का रास्ता आसान बना देता है। छोटी कोशिशों से होगा बड़ा असर बेशक प्रदूषण को पूरी तरह रोकना सरकारों और नीतियों की जिम्मेदारी है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर भी हम कई कदम उठा सकते हैं जो हमारे जोखिम को कम कर सकते हैं:     घर के अंदर की हवा शुद्ध रखें: एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और पौधे लगाएं।     बाहर निकलते समय सावधानी: स्मॉग या प्रदूषण वाले दिनों में N95 या बेहतर मास्क पहनें।     स्मार्ट ट्रैवल करें: निजी गाड़ियों की बजाय सार्वजनिक परिवहन या कारपूल का उपयोग करें।     खानपान में बदलाव लाएं: हरी सब्जियां, फलों और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर आहार लें ताकि ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से शरीर लड़ सके।     हेल्थ चेकअप कराएं: नियमित चेकअप से शुरुआती लक्षणों की पहचान जल्दी हो सकती है।