samacharsecretary.com

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा किसानों की मोटर पंप चोरी पर बड़ी कार्रवाई

सतना, राजगढ़ और खरगोन जिलों में सक्रिय गैंग का पर्दाफाश – कुल 22 मोटर पंप तथा अन्य संपत्ति जप्त भोपाल किसानों द्वारा सिंचाई कार्य के लिए उपयोग की जा रही मोटर पंप की चोरी की घटनाओं के मद्देनजर पूरे प्रदेश में विशेष सतर्कता और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों ने त्वरित प्रभावी कार्रवाई करते हुए सक्रिय चोरी गिरोहों का पर्दाफाश किया तथा कुल 22 मोटर पंप और अन्य संपत्ति बरामद करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सतना जिला – 12 मोटर पंप बरामद थाना कोठी पुलिस ने लगातार हो रही मोटर पंप चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की। घटनास्थलों की बारीकी से जांच, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर एक सक्रिय गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर कुल 12 मोटर पंप बरामद किए गए, जो किसी एक जिले में की गई सबसे बड़ी बरामदगी है। राजगढ़ जिला – 8 मोटर पंप और 1 मोटरसाइकिल जप्त राजगढ़ पुलिस ने किसानों की मोटर चोरी की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई कर तकनीकी विश्लेषण और गोपनीय सूचना के आधार पर 5 आरोपियो को गिरफ्तार कर चोरी गई 8 मोटरें और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। खरगोन जिला – 2 मोटर पंप और 1 मोटरसाइकिल जप्त थाना करही पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मोटर पंप चोरी का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर 2 मोटर पंप बरामद किये गये। मध्यप्रदेश पुलिस ने किसानों से अपील की है कि वे अपने खेतों में लगे मोटर पंपों की सुरक्षा के लिए उचित एहतियाती उपाय करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। मध्यप्रदेश पुलिस किसानों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।  

खरीदी केंद्रों पर बारदाने जलने की घटनाएँ बढ़ीं: करोड़ों का नुकसान, कारणों पर उठ रहे सवाल

जांजगीर-चांपा/कवर्धा छत्तीसगढ़ में धान खरीदी जारी है, इसी बीच दो अलग-अलग जिलों से बारदाना में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार चल रही खरीदी व्यवस्था के बीच हुई इन घटनाओं से हलचल मचा दी है। वहीं इस घटनाक्रम पर कांग्रेसी विधायक ब्यास कश्यप ने सरकार पर निशाना साधा है। 40 गठान बारदाना जलकर राख पहली घटना जांजगीर-चांपा जिले की पामगढ़ थाना क्षेत्र के लगरा सेवा सहकारी समिति की है। यहां धान खरीदी केंद्र के सामने चबूतरे में रखे 40 गठान नए बारदाने में अचानक आग लग गई। आग लगने के कारण बारदाना जलकर राख हो गया और करीब 20 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि बारदाना को एक दिन पहले ही प्राधिकृत अधिकारी द्वारा खाली कराया गया था। फिलहाल, आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल सका है। विधायक ब्यास कश्यप ने साधा निशाना आगजनी की इस घटना पर कांग्रेसी विधायक ब्यास कश्यप ने निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की धान खरीदी के लिए कोई तैयारी नहीं है। उन्होंने कहा कि जब धान खरीदी केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी आंदोलन में हैं, तो खाली केंद्रों में बारदाना खुले में नहीं छोड़ना चाहिए था। आग लगी है या लगाई गई है, इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। अभी तो बारदाने में आग की घटना शुरू हुई है, आगे और बहुत कुछ होगा। 500 धान बोरे जले दूसरी घटना कवर्धा जिले के पंडरिया क्षेत्र के कुंआमालगी गांव में हुई, जहां बारदाने में रखे लगभग 500 धान बोरों में आग लग गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग पर काबू पाने की कोशिश की और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस आगजनी की घटना में करीब 5 लाख रुपये का बारदाना जलकर नष्ट हो गया है। यहां भी आग लगने का कारण अज्ञात है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू हो चुकी है। पहले दिन प्रदेश भर के 195 उपार्जन केंद्रों में किसानों से 19,464 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मक्सी में किया 8174 करोड़ रुपए लागत वाली 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण

उज्जैन-शाजापुर की भूमि पर बनेंगे हरित ऊर्जा उपकरण मध्यप्रदेश अग्रसर है समृद्धि और प्रगति की अनवरत यात्रा पर बहनों के आर्थिक कल्याण के लिए हमने जो वादा किया, उसे पूरा भी किया गीता जयंती भी हर्ष और आनंद से मनाएंगे, सभी नगरों में गीता भवन भी बनाएंगे उज्जैन और शाजापुर हैं जुड़वा भाई, उज्जैन के विकास का लाभ मिल रहा शाजापुर को भी 487 करोड़ लागत वाले 20 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन सरदार वल्लभ भाई पटेल सांदीपनि विद्यालय के नवीन भवन का किया लोकार्पण शाजापुर जिले के 60 हजार किसानों को अंतरित की 39.50 करोड़ रुपए राहत राशि लखुन्दर सिंचाई परियोजना को दी मंजूरी बेरछा-झोकरा-मक्सी सड़क मार्ग का उन्नयन कार्य किया मंजूर लखुंदर नदी पर 20 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा उच्चस्तरीय पुल   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मालवा क्षेत्र, जो अपनी मीठी संस्कृति और उर्वर भूमि के लिए मशहूर है, अब ग्रीन एनर्जी का हब बनने जा रहा है। यह क्षेत्र विकास के नए संकल्पों के साथ नई ऊर्जा और उमंग से प्रदीप्त हो रहा है। शाजापुर जो सोने और नमकीन के लिए जाना जाता है, अब अपनी औद्योगिक प्रगति के लिए भी पहचाना जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से उज्जैन-शाजापुर की पुण्यधरा हरित ऊर्जा उत्पादन में उपयोग होने वाले सभी उपकरणों का प्रोडक्शन सेंटर बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि मक्सी नगर अब सेंट्रल इंडिया के ग्रीन मैनुफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित होकर अपनी नई पहचान कायम करेगा। इससे यहां के किसानों को अपने ही क्षेत्र में प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और भंडारण की भी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को शाजापुर जिले के औद्योगिक प्रक्षेत्र मक्सी के दशहरा मैदान में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मक्सी नगर में करीब 8174 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसमें चार इकाइयों का भूमिपूजन एवं दो इकाइयों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने करीब 384 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से उज्जैन से मक्सी तक निर्मित होने वाली करीब 38.95 किलोमीटर लम्बी फोर लेन रोड़ निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में अपनी पावन परम्पराओं की चमक, प्रगति एवं समृद्धि की नई रौशनी और विकसित भविष्य की आहट सुनाई दे रही है। हम प्रदेश के युवाओं के सपनों में विकास के नए रंग भर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की सरकार में हमारा मध्यप्रदेश समृद्धि और प्रगति की अनवरत यात्रा पर अग्रसर है। आज मक्सी औद्योगिक क्षेत्र में हुआ विभिन्न नवीन औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन की एक-एक ईंट मालवा क्षेत्र की नई ऊर्जा और विकास का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहुतजल्द यह भूमि न केवल आध्यात्मिक प्रकाश में आलोकित होगी, बल्कि औद्योगिक ऊर्जा से भी दमकेगी। पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो लिंक परियोजना का लाभ भी क्षेत्र को मिलेगा। आज मक्सी की इस ऊर्वर भूमि पर विकास का जो बीज बोया जा रहा है, वह आने वाले वर्षों में हजारों युवाओं के जीवन में समृद्धि लेकर आएगा। उन्होंने कहा कि आज शाजापुर जिले को डबल गिफ्ट मिल रहा है। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के साथ शाजापुर को कई विकास कार्यो की सौगातें भी दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहां 487 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से 20 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन सम्पन्न हुआ है। छह औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन और लोकार्पण से यहां 8174 करोड़ रुपये से अधिक का पूंजी निवेश आएगा। इससे इस क्षेत्र के 15 हज़ार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश शांति, समरसता, सुशासन, औद्योगीकरण के साथ-साथ लोकतांत्रिक परम्पराओं के सहज स्थापन का केंद्र बन चुका है। हमारे यहां सब मिलकर साल भर होली-दीवाली मनाते हैं। हमारी बहनें हर महीने भाईदूज और रक्षाबंधन मनाती हैं। उन्होंने कहा कि जैसी नीयत, वैसी बरकत। बहनों के आर्थिक कल्याण के लिए हमने जो कहा वह किया। जो वादा किया था, वह पूरा करके भी दिखा दिया है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना के तहत 1500 रुपए की मासिक आर्थिक सहायता के अलावा हमारी सरकार रोजगार आधारित उद्योगों में रोजगार पाने वाली कामकाजी बहनों को हर महीने 5 हजार रुपए की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देगी। उनके नियोक्ता की तरफ से जो मासिक वेतन मिलेगा, सो अलग। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए हम हर जरूरी प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को हम 20 प्रतिशत तक लेकर जाएंगे। गाय पालने वाले लोगों को हम 40 रुपए प्रति गौमाता अनुदान देंगे। हम गीता जयंती भी हर्ष और आनंद के साथ मनाएंगे। साथ ही प्रदेश के सभी नगरों में गीता भवन भी बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन और शाजापुर जुड़वा भाईयों की तरह हैं। उज्जैन में हो रहे विकास का लाभ शाजापुर को भी बराबर मिल रहा है। इन दिनों शाजापुर जिले में विकास का नया सैलाब आ रहा है। शुजालपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज और शाजापुर में मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने 15 नवम्बर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस मनाया है। प्रदेश के जनजातीय भाईयों के कल्याण के लिए हम कोई कमी नहीं रखेंगे। उन्होंने कहा कि अब जनजातीय कार्य विभाग के अधीर कन्या शिक्षा परिसर/आश्रम/छात्रावास महारानी दुर्गावती के नाम से जाने जाएंगे।  उज्जैन, शाजापुर और देवास बन रहा है नया औद्योगिक सर्किट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन, देवास और शाजापुर मिलकर अब मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक त्रिवेणी बन रहे हैं। यहां निवेश, इंडस्ट्री, उपजाऊ भूमि और स्किल्ड वर्कफोर्स भी उपलब्ध है। उज्जैन-देवास-शाजापुर कॉरिडोर की सबसे बड़ी ताकत इसकी ऑल टाइम कनेक्टिविटी है। यह क्षेत्र केवल औद्योगिक भूमि का समूह नहीं रहा, बल्कि ग्रीन एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई, सप्लाई चेन, खाद्य प्रसंस्करण और ऊर्जा उपकरणों के निर्माण का तेज़ी से उभरता हुआ क्लस्टर बन चुका है। उन्होंने कहा कि शाजापुर के मक्सी नगर में 88 हेक्टेयर क्षेत्रफल में एक बहुउद्देशीय औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है। यहां की 60 से अधिक सक्रिय औद्योगिक इकाइयां स्थानीय रोज़गार का बड़ा आधार बन … Read more

अब नहीं होगी रजिस्ट्री की भागदौड़: ऑनलाइन मिलेगी सुविधा, बस एक क्लिक में

जालंधर पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में नागरिकों के लिए एक और बड़ी सुविधा शुरू की है। अब राज्य में देश की पहली पारदर्शी संपत्ति पंजीकरण प्रणाली ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ के जरिए लोग घर बैठे अपनी जमीन की रजिस्ट्री करवा सकते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों की दफ़्तरों में दौड़-भाग कम करना और भ्रष्टाचार पर रोक लगाना बताया गया है। ईज़ी रजिस्ट्री के तहत नागरिक बस एक क्लिक में अपने डीड को पंजीकृत करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अब तहसीलों या सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। वेबसाइट www.easyregistry.punjab.gov.in पर आवेदन करके 48 घंटे में ही ऑनलाइन रजिस्ट्री पूरी की जा सकती है। सरकार ने कहा है कि इस नई व्यवस्था से सब-रजिस्ट्रार का एकाधिकार समाप्त हो गया है। अब कोई भी नागरिक अपने जिले के किसी भी सब-रजिस्ट्री कार्यालय से या घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकता है। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए एक सुपर आसान शिकायत प्रणाली भी लागू की गई है। अगर किसी नागरिक से रिश्वत मांगी जाए या कोई अवैध मांग की जाए, तो वह व्हाट्सएप लिंक के माध्यम से सीधे अपने डी.सी. तक शिकायत भेज सकता है। मुख्य बातें: -किसी भी सब-रजिस्ट्री कार्यालय में अपना डीड ऑनलाइन पंजीकृत करें। -48 घंटे में पूरी प्रक्रिया पूरी। -डीड तुरंत ऑनलाइन प्राप्त करें। -अब तहसीलदार बेवजह आपत्ति नहीं उठा पाएंगे। -किसी तरह की रिश्वत या अवैध मांग होने पर तुरंत व्हाट्सएप शिकायत करें। सरकार ने इस पहल को भ्रष्टाचार मुक्त पंजाब की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। इसका मकसद तहसीलों की जटिल प्रक्रियाओं को सरल करना और जनता को परेशानी से मुक्त करना है।

इंदौर रेल पुलिस का यात्रियों की सुरक्षा में नवाचार

हमारी सवारी भरोसे वाली एवं पटरी की पाठशाला अभियानों का शुभारंभ तकनीक, जनसहभागिता और सकारात्मक पुलिसिंग का उत्कृष्ट संगम भोपाल  इंदौर पुलिस द्वारा रेलवे यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा, विश्वास और जागरूकता को नई दिशा देने हेतु तैयार किए गए दो महत्त्वपूर्ण अभियानों— “हमारी सवारी भरोसे वाली” एवं “पटरी की पाठशाला” का 14 नवम्बर 2025 को रानी लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन, इंदौर में भव्य शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का लोकार्पण विशेष पुलिस महानिदेशक (रेलवे) श्री रवि कुमार गुप्ता द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व डीन, IMS, DAVV एवं विख्यात मोटिवेशनल स्पीकर श्री प्रभुनारायण मिश्रा, विशिष्ट अतिथि उप पुलिस महानिरीक्षक (पीएसओ टू डीजीपी मप्र) श्री विनीत कपूर तथा उप पुलिस महानिरीक्षक (रेलवे) श्री पंकज श्रीवास्तव  उपस्थित रहे। “हमारी सवारी भरोसे वाली” — तकनीक आधारित सुरक्षित यात्रा का नया मानक इस अभियान के तहत स्टेशन परिसर में संचालित सभी ऑटो चालकों का सत्यापन कर उनका पूरा विवरण ऑनलाइन डेटाबेस से जोड़ा जा रहा है। प्रत्येक सत्यापित ऑटो पर लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन करते ही यात्री ड्राइवर की पहचान, वाहन विवरण और सत्यापन स्थिति देख सकेंगे। शिकायत, संदिग्ध गतिविधि अथवा सामान छूटने जैसी स्थिति में भी त्वरित पहचान संभव होगी, जिससे यात्रियों में सुरक्षा और भरोसा दोनों बढ़ेगा। “पटरी की पाठशाला” — बच्चों, महिलाओं और समुदाय में सुरक्षा जागरूकता का प्रभावी प्रयास यह अभियान रेलवे यात्रियों और आसपास के नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ समाज में नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्रित है। इसका प्रमुख उद्देश्य रेलवे यात्रियों को सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रदान करना, बच्चों में अनुशासन और नैतिक मूल्यों का समावेश करना, महिला सुरक्षा एवं साइबर अपराध से बचाव की जानकारी देना, नशामुक्त समाज की स्थापना की प्रेरणा देना तथा नागरिकों को पुलिस के सहभागी के रूप में जोड़ना है। अभियान में घर–घर पहुंचकर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जा रही है, जबकि बच्चों के लिए विशेष कक्षाओं में कहानी, पोस्टर और गतिविधियों के माध्यम से गुड टच–बैड टच, चलती ट्रेन में चढ़ने–उतरने से बचाव और ट्रैक पार करने के जोखिमों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। स्टेशन क्षेत्र में जोखिमपूर्ण गतिविधियों में लगे बच्चों की पहचान कर उनके पुनर्वास और शिक्षा के प्रयास किए जा रहे हैं। महिला सुरक्षा और साइबर अपराध बचाव के लिए संवादात्मक सत्र आयोजित होंगे, जिनमें आत्मरक्षा, सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार तथा महत्त्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर—112 (आपातकालीन सेवा), 1091 (महिला हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्डलाइन), 139 (रेलवे हेल्पलाइन), 1930 (साइबर अपराध रिपोर्टिंग)—की जानकारी प्रदान की जाएगी। अभियान के संदेश को अधिक व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए नुक्कड़ नाटक, रैली, पोस्टर एवं फ्लेक्स आदि प्रचार माध्यमों का प्रयोग किया जाएगा। इस अभियान के आयोजन से आमजन में सुरक्षा, जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना का विकास होगा तथा पुलिस और नागरिकों के बीच सहयोग की नई मिसाल स्थापित होगी। संपूर्ण आयोजन पुलिस अधीक्षक रेल, इंदौर श्री पद्म विलोचन शुक्ला के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जीआरपी इंदौर का उद्देश्य तकनीक, जनभागीदारी और सकारत्मक पुलिसिंग के माध्यम से रेल यात्रियों की सुरक्षा को नए मानकों पर स्थापित करना है। ‘हमारी सवारी भरोसे वाली’ और ‘पटरी की पाठशाला’ आने वाले समय में रेलवे क्षेत्र में सुरक्षा और जागरूकता के मॉडल अभियानों के रूप में उभरेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित जनों ने इन अभियानों को “यात्री सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम”, “समय की आवश्यकता” और “पुलिस–जनसहयोग का उदाहरणीय मॉडल” बताते हुए इसकी सराहना की। कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त मुख्य लिपिक श्री राधेश्याम परमार एवं उनि (अ) श्रीमती पूनम शर्मा ने किया। 

गौरेला-पेंड्रा- मरवाही में धान खरीदी शुरू, पहले दिन 506.80 क्विंटल की आवक

गौरेला पेंड्रा मरवाही, खरीफ विपरण वर्ष 2025- 26 में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी का कार्य 15 नवंबर से पूरे प्रदेश में प्रारंभ हो गया है। धान खरीदी के पहले दिन जीपीएम जिले में दो धान खरीदी केंद्रों में आठ किसानों द्वारा कुल 506.80 क्विंटल धान बेचा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार धान खरीदी केंद्र निमधा में किसान प्रकाश चंद्र जायसवाल ने 87.20 क्विंटल धान का विक्रय किया। इसी तरह धान उपार्जन केंद्र धनौली में सात किसानों द्वारा 419.60 क्विंटल धान का विक्रय किया गया। राज्य के किसानों से धान की नगद व लिंकिंग में खरीदी 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा।

चुनावी नतीजों पर खेसारी लाल यादव भावुक—कहा, ‘नेता बनने की चाह नहीं थी’

पटना बिहार चुनाव का परिणाम 14 नवंबर को आया और NDA को प्रचंड बहुमत मिला। अब नीतीश अपनी सरकार बनाने की तैयारी कर रहे हैं और विपक्षी खेमे में अफरा-तफरी मची हुई है। इसी बीच भोजपुरी के हीरो और छपरा से आरजेडी के उम्मीदवार खेसारी लाल यादव चुनाव में पटखनी खाने के बाद कह रहे हैं कि वह कभी नेता नहीं बनना चाहते थे। राजनीति की दुनिया सबसे अलग है। चुनाव लगभग 8 हजार वोटों से हारने के बाद खेसारी लाल यादव का सुर बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं चुनाव के पहले छपरा सीट को जीतने के लिए दनादन चुनाव प्रचार किए, जनता का समर्थन पाने के लिए एड़ी से चोटी तक का जोर लगा दिए। इतना ही नहीं प्रचार करने के दौरान अपने बयानबाजी से कई भोजपुरी कलाकारों से व्यक्तिगत विवाद भी कर लिए उसके बाद भी चुनाव जीतने में असफल रहे। मुझे नेता बनना ही नहीं था- खेसारी अब एक नीजी चैनल से बात करते हुए खेसारी लाल यादव ने कहा कि मैं नेता बनना ही नहीं चाहता था. मैं शुरू से चुनाव के विरोध में था. सच पूछिए तो मैं राजनीति में आना ही नहीं चाहता था। ना ही मैं जीवन में कभी नेता बन पाऊंगा, क्योंकि मैं दिमाग से कभी सोचता ही नहीं। मेरे जीवन मैं जो भी चीजें सोचता हूं दिल से सोचता हूं। और दिल से सोचने वाले लोग ऐसी जगह पर नहीं रह सकते। हार मिली तो भावुक हो गए खेसारी खेसारी लाल यादव को शायद उम्मीद नहीं थी की चुनावी परिणाम उनके पक्ष में नहीं होगा। इसलिए रिजल्ट आने के बाद वह भावुक हो गए थे। वीडियो में बात करते हुए वो अपने आंसू छिपाते हुए नजर आए, उन्होंने जनता का शुक्रिया अदा किया और कहा था कि- 'मैं हमेशा से एक बेटे की तरह आप लोगों के बीच में रहना चाहता था। और रहूंगा भी। आगे भी यही प्रयास करूंगा कि बेटे की तरह आपका प्यार और स्नेह लूं। हमने प्रयास किया। मेरी टीम और मुझसे जुड़े सारे लोगों ने बहुत मेहनत की. जीत हार अपनी जगह है। मेरे दिल और जुबान पर आप लोगों के लिए हमेशा सम्मान था और रहेगा।''  

अमीन भर्ती परीक्षा—सूरजपुर में अभ्यर्थियों हेतु महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी

07 दिसम्बर को आयोजित होगी परीक्षा सूरजपुर, छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल द्वारा जल संसाधन विभाग अंतर्गत अमीन पद हेतु आगामी माह 7 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाले भर्ती परीक्षा परीक्षा में अधिक संख्या में परीक्षार्थियों की उपस्थिति को देखते हुए शासन एवं प्रशासन ने परीक्षा को सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देश में परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा के एक दिन पूर्व ही अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र का अवलोकन कर लें, जिससे परीक्षा दिवस पर किसी प्रकार की असुविधा न हो। परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम दो घंटे पूर्व केंद्र पर पहुँचना अनिवार्य किया गया है, ताकि फ्रिस्किंग एवं पहचान पत्र से सत्यापन में समय लगने पर भी किसी को परेशानी न हो। परीक्षा का मुख्य द्वार प्रातः 11:30 बजे बंद कर दिया जाएगा। इसके साथ ही ड्रेस कोड का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बाँह वाले कपड़े पहनकर आने हेतु कहा गया है। काला, मैरून, जामुनी, गहरा नीला, बैंगनी आदि रंगों के कपड़े प्रतिबंधित रहेंगे। केवल बिना पॉकेट वाले साधारण स्वेटर की अनुमति होगी। धार्मिक या सांस्कृतिक परिधान वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त सुरक्षा जाँच के लिए समय से पहले उपस्थित होना होगा। परीक्षा केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पर्स, बेल्ट, आभूषण, घड़ी आदि पूर्णतः वर्जित रहेंगे। अभ्यर्थी केवल काले या नीले बॉल प्वाइंट पेन लेकर ही प्रवेश कर सकेंगे। प्रशासन के स्पष्ट निर्देश है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि या नकल पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और अभ्यर्थिता तुरंत समाप्त कर दी जाएगी। परीक्षा की सफलता सुनिश्चित करने हेतु सभी विभाग सतर्क मोड में हैं और अभ्यर्थियों से निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

पैसा आता है पर रुकता नहीं? अपनाएँ ये वास्तु उपाय और बढ़ाएँ समृद्धि

क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर की चारदीवारी, जिसके भीतर आप रहते हैं, आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है ? जब धन हाथ में नहीं टिकता, तो अक्सर हम अपनी मेहनत या किस्मत को दोष देते हैं। लेकिन भारतीय संस्कृति का प्राचीन विज्ञान वास्तु शास्त्र एक गहरा रहस्य बताता है, आपके घर की ऊर्जा का प्रवाह ही आपके धन के ठहराव का सबसे बड़ा कारण है। तिजोरी रखने की सही दिशा वास्तु के अनुसार, आपको अपनी तिजोरी या पैसे रखने वाली अलमारी को घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना चाहिए। यह कोना पृथ्वी तत्व को दर्शाता है, जो स्थिरता और जमाव को बढ़ावा देता है।  तिजोरी का दरवाज़ा हमेशा उत्तर दिशा की ओर खुलना चाहिए। उत्तर दिशा को धन के देवता, कुबे  का स्थान माना जाता है। इस दिशा में खुलने से धन आकर्षित होता है और बढ़ता है। तिजोरी का मुख गलती से भी दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर नहीं खुलना चाहिए, इससे धन का तेज बहाव होता है। उत्तर-पूर्व की शुद्धता घर का उत्तर-पूर्व सबसे पवित्र और पूजनीय स्थान माना जाता है क्योंकि यहां देवी-देवताओं का वास होता है। यह दिशा जल तत्व से भी जुड़ी है और धन-समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। इस कोने में शौचालय, भारी फर्नीचर या जूते-चप्पल की रैक कभी न रखें। मुख्य द्वार के उपाय अपने घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का शुभ चिह्न बनाना बहुत ही कल्याणकारी माना जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने से रोकता है और सकारात्मकता लाता है, जिससे धन संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। सुनिश्चित करें कि आपके घर के दरवाज़े खोलते या बंद करते समय किसी भी तरह की चरमराहट या कर्कश आवाज दरवाज़ों को चिकनाई देकर रखें। सकारात्मक वस्तुओं का उपयोग घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में तांबे का स्वस्तिक लगाना धन के प्रवाह से संबंधित सभी रुकावटों को दूर करता है। धन को आकर्षित करने के लिए कुछ क्रिस्टल बहुत प्रभावशाली माने जाते हैं। पानी की बर्बादी रोकें अगर आपके घर में कोई नल टपक रहा है तो उसे तुरंत ठीक कराएं। वास्तु शास्त्र में पानी का टपकना धन की बर्बादी का प्रतीक माना जाता है।

SBIOA भोपाल अंचल का आंचलिक सम्मेलन सम्पन्न

संगठन से संस्कार तक थीम के साथ एकता, समर्पण और अनुशासन का सशक्त संदेश भोपाल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन (SBIOA) भोपाल अंचल का आंचलिक सम्मेलन 2025 रविवार को पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज ऑडिटोरियम में उत्साह, गरिमा और संगठनात्मक शक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का मुख्य विषय “संगठन से संस्कार तक – शक्ति, एकता और समर्पण” रहा, जिसने पूरे आयोजन को एक अनूठी ऊर्जावान दिशा प्रदान की। विशिष्ट अतिथि और पदाधिकारियों का सम्मान कार्यक्रम की शुरुआत विशिष्ट अतिथि श्री निरंजन बी. व्यंगंकर, डीआईजी साइबर स्टेट मध्य प्रदेश पुलिस के सम्मान से हुई। इसके पश्चात सर्कल के विशिष्ट पदाधिकारियों, भोपाल सर्कल अध्यक्ष एवं महासचिव का सम्मान किया गया। SBIOA भोपाल मॉड्यूल अध्यक्ष श्री क्षितिज तिवारी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, सदस्यों और अधिकारियों का औपचारिक स्वागत किया। दीप प्रज्वलन के साथ सम्मेलन का शुभारंभ भारतीय परंपरा का निर्वाह करते हुए मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। दीप प्रज्वलन ने सम्मेलन को सकारात्मक ऊर्जा और शुभारंभ की पवित्रता से भर दिया। मां सरस्वती-वंदना के उच्चारण ने पूरे सभागार में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया।  गीत, कविताएँ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भाव-विभोर हुआ सभागार मुख्य कार्यक्रम से पूर्व साथियों ने गीत, कविताएँ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। उनकी प्रस्तुतियों ने • वातावरण को भावनाओं से भर दिया, • एकता की भावना को जीवंत किया, • और दर्शकों को बार–बार तालियाँ बजाने पर मजबूर कर दिया। यह सांस्कृतिक आयाम सम्मेलन की आत्मा जैसा प्रतीत हुआ। सम्मेलन के उद्देश्य पर मॉड्यूल DGS का वक्तव्य,मॉड्यूल उप महासचिव श्री सुबीन सिन्हा ने कार्यक्रम के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा—“यह सम्मेलन संगठन की दिशा तय करने, चुनौतियों को समझने और सामूहिक समाधान खोजने का अत्यंत महत्वपूर्ण मंच है। संगठन की मजबूती हमारे समन्वय और अनुशासन में निहित है।” साइबर सुरक्षा पर उपयोगी मार्गदर्शन विशिष्ट अतिथि DIG साइबर श्री निरंजन व्यंगंकर ने तेजी से बढ़ते साइबर खतरों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा—“बैंकिंग अधिकारियों के लिए साइबर सुरक्षा अब अनिवार्य कौशल है। जागरूकता और सतर्कता ही सुरक्षित बैंकिंग की नींव है।” उन्होंने नवीनतम साइबर ठगी के तरीके और उनसे बचाव के प्रभावी उपाय भी साझा किए। सर्कल अध्यक्ष ने उपलब्धियाँ साझा कीं सर्कल अध्यक्ष श्री अनिल श्रीवास्तव ने संगठन द्वारा किए गए कार्यों, कल्याणकारी पहलों और समस्याओं के समाधान पर प्रकाश डालते हुए कहा— “सदस्यों के हितों और सुविधाओं को मजबूत बनाना हमारी प्राथमिकता है। टीमवर्क और संवाद की इस संस्कृति ने हमें लगातार सशक्त किया है।” सर्कल महासचिव का एकता और SOP आधारित कार्य पर जोर सर्कल महासचिव श्री संजीव मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा—“संगठन की शक्ति उसकी एकता में है। SOP आधारित कार्य संस्कृति ही हमें पेशेवर मजबूती, सुरक्षित निर्णय और सम्मान दिलाती है।” उन्होंने सभी सदस्यों का आह्वान किया कि वे • अनुशासन, • पारदर्शिता • और टीम भावना के साथ संगठन को और ऊँचाइयों पर ले जाएँ। सेवा संगठन, OBC संगठन एवं AIBOC की उपस्थिति कार्यक्रम में सेवा संगठन, ओबीसी संगठन तथा AIBOC मध्यप्रदेश की टीम के स्टेट सेक्रेटरी श्री दिनेश झा की गरिमामयी उपस्थिति रही।इन संगठनों की सहभागिता ने सम्मेलन की व्यापकता और एकजुटता को और प्रबल किया। आभार प्रस्ताव कार्यक्रम का समापन SBIOA सर्कल DGS श्री रजनीश पौराणिक के आभार प्रस्ताव से हुआ।उन्होंने कहा—“यह सम्मेलन संगठन की एकता, अनुशासन और सामूहिक सोच का सशक्त प्रमाण है। सभी की सहभागिता ही हमारी वास्तविक पूँजी है।” लंच एवं स्मृति-उपहार सम्मेलन के उपरांत सभी के लिए लंच एवं स्मृति-उपहार की व्यवस्था की गई, जिससे कार्यक्रम का समापन सौहार्द व संतोष के वातावरण में हुआ। सम्मेलन का सार — “एकजुट संगठन ही सुरक्षित बैंकिंग और उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।”