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प्रदेश के 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 स्कूल लीडर्स के अनुकरणीय प्रयासों को सराहना

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये किये जा रहे हैं प्रयास भोपाल  प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सांदीपनि विद्यालय शिक्षण नेतृत्व और शैक्षिक वातावरण में गुणवत्ता के नये मानक प्रस्तुत कर रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये इन विद्यालयों में शिक्षकों को उनके नवाचारी प्रयासों के लिये राज्य स्तरीय पहचान प्रदान करने तथा उनके प्रोत्साहन के लिये "प्रेरक प्रयास" कार्यक्रम की अभिनव पहल प्रारंभ की गई है। इस पहल से विद्यालयों के स्कूल लीडर्स और शिक्षकों द्वारा किये जा रहे अनुकरणीय एवं प्रभावी कार्यों को हर सप्ताह राज्य स्तर से सभी विद्यालयों में विस्तारित किया जा रहा है। प्रेरक प्रयास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सांदीपनि विद्यालय स्तर पर हो रहे हर सकारात्मक प्रयास, चाहे वह छोटा हो या बड़ा उनकी समय पर पहचान हो और सबसे सामने लाया जाये। इस प्रयास से सीखने और सिखाने की परंपरा को बढ़ावा मिल रहा है। इस कार्यक्रम में हर सप्ताह विद्यालयों में नेतृत्व, शिक्षण पद्धति, विद्यार्थी की उपस्थिति एवं प्रगति, नवाचार को पहचान कर चयन किया जाता है, जिन्हें तीन श्रेणियों में आरंभकर्ता, प्रयासकर्ता, सर्वोत्तम गुणवत्ता के रूप में बांटा जाता है। उन्हें विद्यालय स्तर पर सम्मानित कर राज्य स्तर पर बढ़ावा देने के लिये बहुरंगीय पोस्टर के माध्यम से सभी शिक्षकों के बीच साझा किया जाता है। प्रदेश में 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 से अधिक शिक्षकों के अनुकरणीय प्रयासों को राज्य स्तर पर पहचान दिलायी गयी है। विद्यांजलि पोर्टल के माध्यम से स्वयंसेवकों को आमंत्रण केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विद्यांजलि पोर्टल की शुरूआत की है। इस पोर्टल के माध्यम से स्कूल शिक्षा को सामुदायिक भागीदारी से मजबूत करने के प्रयास किये जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति-2020 में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में सहभागिता को प्रोत्साहित करने के बिन्दु को मुख्य रूप से जोड़ा गया है। विद्यांजलि एक ऐसा मंच है, जहाँ विभिन्न पृष्ठभूमि से जुड़े लोग जैसे पेशेवर, सेवानिवृत्त, गृहणियां और स्वयंसेवी संगठन अपने समय, कौशल और संसाधनों के माध्यम से शासकीय विद्यालयों की गुणवत्ता सुधार में सहभागी बन सकते हैं। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन के अनुरूप शुरू की गयी है।  

नई सरकार का मंत्रिमंडल फाइनल? इस मंत्रालय पर बढ़ी खींचतान, BJP-JDU में मंथन तेज

पटना  बिहार में नई सरकार बनने से पहले जेडीयू–बीजेपी गठबंधन में मंत्रिमंडल के स्वरूप और विभागों के बंटवारे को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। दिल्ली में जेडीयू नेताओं राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ करीब ढाई घंटे लंबी बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में मंत्रालयों के बंटवारे, विधानसभा अध्यक्ष पद और दोनों दलों की भूमिकाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। गृह मंत्रालय पर अटका मामला बीजेपी इस बार गृह मंत्रालय और शिक्षा विभाग अपने पास चाहती है और इसके बदले स्वास्थ्य व वित्त मंत्रालय छोड़ने के लिए तैयार है। जेडीयू शिक्षा विभाग छोड़ने पर सहमत दिख रही है, लेकिन गृह मंत्रालय को लेकर स्थिति जस की तस बनी हुई है। साल 2005 से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गृह मंत्रालय अपने पास रखते आए हैं। कानून-व्यवस्था, पुलिस प्रशासन और भ्रष्टाचार नियंत्रण पर सीधी पकड़ की वजह से वे इसे छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में गृह मंत्रालय को लेकर सहमति बनना अभी मुश्किल माना जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष पद पर बनी सहमति विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर चली खींचतान अब खत्म हो गई है। बीजेपी के खाते में विधानसभा अध्यक्ष और जेडीयू के खाते में उपाध्यक्ष पद तय कर दिया गया है। इसके बाद मंत्रिमंडल की संभावित संरचना पर बातचीत और तेज हो गई है। संभावित विभागीय बंटवारा   बीजेपी के खाते में संभावित प्रमुख विभाग: राजस्व सहकारिता पशु एवं मत्स्य संसाधन विधि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण उद्योग पर्यटन पथ निर्माण (बीजेपी गृह और शिक्षा विभाग भी चाहती है; बदले में स्वास्थ्य और वित्त छोड़ने की पेशकश) जेडीयू के खाते में संभावित प्रमुख विभाग: कृषि खान एवं भूतत्व जल संसाधन संसदीय कार्य ऊर्जा योजना एवं विकास विज्ञान एवं प्रावैधिकी तकनीकी शिक्षा ग्रामीण विकास खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण अंतिम सहमति का इंतजार दोनों दलों के बीच कुल हिस्सेदारी लगभग तय मानी जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ा मतभेद गृह मंत्रालय को लेकर है, जिसे नीतीश कुमार अपने पास रखने पर अडिग हैं। विधानसभा अध्यक्ष पद पर सहमति के बाद उम्मीद है कि आज देर रात एक और बैठक होगी, जिसमें सरकार की अंतिम रूपरेखा स्पष्ट होने की संभावना है।  

चारबाग़ रेलवे स्टेशन पर डी.आर.आई द्वारा 3.110 किग्रा हेरोइन जब्त

लखनऊ एक गोपनीय सूचना के आधार पर राजस्व आसूचना निदेशालय  (DRI), लखनऊ के अधिकारियों द्वारा चारबाग़ रेलवे स्टेशन पर 18.11.2025 को सवेरे 3.110 kg हेरोइन जब्त की गयी I DRI अधिकारियों को न्यू जलपाईगुड़ी से दिल्ली की ओर यात्रा कर रही दो महिला यात्रियों के पास मादक पदार्थों होने की सुचना प्राप्त हुई । प्राप्त सूचना के आधार पर, अधिकारियों की टीम ने रेलवे स्टेशन पर निगरानी रखी और ट्रेन के आगमन पर संदिग्ध यात्रियों की गुप्त रूप से पहचान की। जांच के दौरान दोनों यात्रियों के सामान की तलाशी ली गई, जिसमें उनके सामान के भीतर छिपाकर रखे गए कई पैकेट बरामद हुए। इन पैकेटों में सफेद रंग का पाउडरनुमा पदार्थ पाया गया। बरामद पदार्थ का परीक्षण NDPS फील्ड टेस्टिंग किट से किया गया, जिसमें वह हेरोइन पाया गया। इस प्रकार कुल 3.110 किलोग्राम हेरोइन बरामद कर जब्त की गई।  इस जब्त मादक पदार्थों का अवैध बाजार में अनुमानित मूल्य लगभग ₹21.77 करोड़ है। हेरोइन एक अत्यंत नशीला एवं खतरनाक मादक पदार्थ है, जिसका दुरुपयोग गंभीर स्वास्थ्य एवं सामाजिक जोखिम उत्पन्न करता है। इसका अवैध परिवहन एवं सेवन, एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। दोनों महिला यात्रियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड सायकोट्रोपिक सब्स्टेन्सेस (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।

उत्तर और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड! दिल्ली, मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में शीतलहर, IMD ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली  देश में मौसम का बदलाव तेज़ी से महसूस (Weather Update) किया जा रहा है। एक तरफ उत्तर भारत कड़ाके की ठंड की लपेट में है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। IMD ने पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, तेलंगाना और विदर्भ में 18 से 20 नवंबर के दौरान विभिन्न स्थानों पर शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने मछुआरों को 18 से 22 नवंबर तक समुद्री क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह भी दी है।   उत्तर भारत में ठंड का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। कई शहरों में सुबह-शाम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है और लोग दिन के समय होने वाली धूप का आनंद लेते दिख रहे हैं। वहीं, दक्षिण भारत पिछले कुछ दिनों से बारिश की मार झेल रहा है, जिससे कई इलाके जलभराव और खराब मौसम की स्थिति से जूझ रहे हैं।   मध्य प्रदेश में शीतलहर  मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 18 नवंबर को शीत लहर से लेकर भीषण शीत लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है और 19-20 नवंबर को कुछ स्थानों पर शीत लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 18-20, विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में 18 और मध्य महाराष्ट्र में 19 नवंबर को कुछ स्थानों पर शीत लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है।   दिल्ली-एनसीआर में मौसम  आईएमडी के अनुसार, 18 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा। तापमान में और गिरावट की संभावना है। दिन का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।   यूपी का मौसम  उत्तर प्रदेश में भी शीतलहर का असर तेज है। प्रयागराज में सोमवार को सीजन का पहला कोहरा देखने को मिला। मौसम विभाग का कहना है कि पूरे प्रदेश में ठंड का यही रुख बरकरार रहेगा। 17 नवंबर को लखनऊ का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। बिहार का मौसम  बिहार में 18 नवंबर से तापमान में तेज गिरावट की संभावना है। सुबह के समय कई जिलों में शीतलहर का असर महसूस हो सकता है। विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में इसी तरह का मौसम बना रहेगा। पहाड़ी राज्यों का मौसम जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी का दौर जारी है। 18 नवंबर को इन राज्यों में तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम होने की संभावना है।

नए बिजली कनेक्शन वालों के लिए खुशखबरी, पंजाब सरकार ने किया अहम ऐलान

चंडीगढ़ पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने राज्य सरकार के एक बड़े जन-हितैषी फैसले का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) अब आवेदकों को आवश्यक गारंटी जमा करवाने के बाद बिना NOC  के भी बिजली कनेक्शन जारी करेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि नागरिकों को बिना देरी के बुनियादी सुविधाएं मिलें और कानूनी प्रक्रिया भी सुचारू रूप से पूरी हो सके। मंत्री ने बताया कि पहले बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदकों को स्थानीय निकायों जैसे MC, GAMADA, GLADA, JDA, ADA, PDA या BDA से NOC, रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट या पास बिल्डिंग प्लान आदि दस्तावेज जमा करवाने पड़ते थे। कई बार यह मंज़ूरियां मिलने में देरी होती थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर अब इसका व्यावहारिक समाधान लागू कर दिया गया है। नए नियम क्या कहते हैं?     यदि आवेदक यह लिखित रूप में देगा कि भविष्य में किसी भी योग्य विभाग द्वारा उसकी इमारत को अवैध घोषित किया जाता है तो उसका बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है,     तो उसे सप्लाई कोड 2024 के अनुसार कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा।     आवेदक को सामान्य शुल्कों के साथ-साथ डिसमेंटलिंग (तोड़–फोड़) चार्ज को कवर करने के लिए सर्विस कनेक्शन चार्ज के बराबर राशि सुरक्षा के रूप में जमा करानी होगी।     मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था जनता की सुविधा और सुरक्षा—दोनों को ध्यान में रखकर लागू की गई है।     उन्होंने कहा कि मान सरकार का मानना है कि हर परिवार को बुनियादी सेवाएं मिलनी चाहिए और कोई भी नागरिक बिजली जैसी महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित न रहे। फार्म सरल होंगे, रिकॉर्ड डिजिटल होंगे बिजली मंत्री ने बताया कि बिजली कनेक्शन से जुड़े आवेदन फॉर्म को सरल बनाया जा रहा है और रिकॉर्डों का डिजिटलाइजेशन तेज गति से किया जा रहा है।

फरीदाबाद हथियार मामला: पं. धीरेंद्र शास्त्री ने बताया यात्रा रोकने का षड्यंत्र, जांच की मांग

छतरपुर दिल्ली से वृंदावन तक सनातन हिंदू एकता पदयात्रा संपन्न होने के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं को धन्यवाद दिया। मंगलवार को उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में जो भारी विस्फोटक और हथियार मिले, इन सबका मकसद यात्रा को रोकना था, लेकिन बालाजी ने यात्रा नहीं रुकने दी। हनुमान जी की कृपा से यात्रा निर्विघ्न संपन्न हुई। पूरी दुनिया ने इसमें हिंदुओं का ज्वार भाटा देखा। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का हमने जो प्रण लिया है, वह सबकी एकजुटता से अवश्य पूरा होगा। सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 7 नवंबर को दिल्ली के कात्यायनी शक्तिपीठ से शुरू हुई और 16 नवंबर को वृंदावन में संपन्न हुई।   पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यहां बांके बिहारी के दर्शन कर बागेश्वर धाम पहुंचे। मंगलवार को बालाजी की दर्शन पूजा कर पुरानी पेशी का दरबार लगाते हुए भक्तों को आशीर्वाद दिया। पदयात्रा से त्वरित मिली तीन सफलताएं पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पदयात्रा का संदेश दूर-दूर तक जा रहा है। इसकी तीन सफलताएं त्वरित दिखाई दे रही हैं। इससे न सिर्फ हिंदू एकता को ताकत मिली, बल्कि समरसता का संदेश भी गया है। रास्ते में जहां भी उन लोगों के साथ बैठकर भोजन पाया जिन्हें लोग अछूत कहते हैं वहां-वहां समरसता की चर्चा हुई।

एमएसपी पर धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन नीति जारी : खाद्य मंत्री राजपूत

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से की जाएगी औसत अच्छी गुणवत्ता की फसल खरीदी एक दिसम्बर से शुरू होगी धान की खरीदी भोपाल  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार द्वारा समय – समय पर घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर औसत अच्छी गुणवत्ता की धान, ज्वार एवं बाजरा का उपार्जन किसानों से किया जाएगा। राज्य शासन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन नीति घोषित कर दी है। समर्थन मूल्य पर ज्वार एवं बाजरा की 24 नवम्बर से 24 दिसम्बर तक और धान की खरीदी एक दिसम्बर से 20 जनवरी, 2026 तक की जायेगी। खरीदी सोमवार से शुक्रवार तक की जायेगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स, नागरिक आपूर्ति निगम तथा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि उपार्जन नीति का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराएं, जिससे किसानों को लाभ पहुंचाने की सरकार की मंशा पूरी हो सके। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर उपार्जन कार्य से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि निर्धारित अवधि में उपार्जन किया जाएगा। समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज़ कार्पोरेशन नोडल एजेंसी होगी। इसके अलावा विभाग द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार की अन्य एजेन्सी अथवा उनके द्वारा अधिकृत संस्था को भी उपार्जन एजेन्सी घोषित किया जा सकेगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य धान कॉमन का 2369 रूपये, धान ग्रेड-ए का 2389, ज्वार मालदण्डी का 3749 हजार, ज्वार हाइब्रिड का 3699 और बाजरा का 2775 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों की सुविधा अनुसार होगा उपार्जन केन्द्रों का निर्धारण मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि उपार्जन केन्द्र के स्थान का निर्धारण किसानों की सुविधा अनुसार किया जाएगा। उपार्जन केन्द्र प्राथमिकता से गोदाम/केप परिसर में स्थापित किए जाएंगे। गोदाम/केप उपलब्ध न होने पर समिति एवं अन्य स्तर पर उपार्जन केन्द्र स्थापित किए जा सकेंगे। जिले में उपार्जन केन्द्रों की संख्या का निर्धारण किसान पंजीयन, पंजीयन में दर्ज बोया गया रकबा एवं विगत वर्ष निर्धारित उपार्जन केन्द्रों के आधार पर राज्य उपार्जन समिति द्वारा किया जाएगा। बारदाना व्यवस्था समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिये 46 प्रतिशत पुराने और 54 प्रतिशत नवीन जूट बारदाने उपयोग किये जायेंगे। बारदानों की व्यवस्था उपार्जन एजेंसी द्वारा की जायेगी। ज्वार एवं बाजरे का उपार्जन नवीन जूट बारदानों में किया जायेगा। केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा धान, ज्वार एवं बाजरा के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिये निर्धारित यूनिफार्म स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार एवं समय-समय पर इसमें दी गई शिथिलता के अनुसार उपार्जन किया जायेगा। गुणवत्ता परीक्षण का दायित्व उपार्जन केन्द्र में उपार्जन करने वाली संस्था और भण्डारण स्थल पर उपार्जन एजेंसी का होगा। कृषि उपज मण्डियों में एफएक्यू मानक की धान, ज्वार एवं बाजरा की खरीदी समर्थन मूल्य से कम पर क्रय नहीं किया जायेगा। नॉन एफएक्यू उपज का सैम्पल कृषि उपज मण्डी द्वारा संधारित किया जायेगा। किसान पंजीयन में दर्ज फसल के रकबे एवं राजस्व विभाग द्वारा तहसीलवार निर्धारित उत्पादकता के आधार पर कृषक द्वारा खाद्यान्न की विक्रय योग्य अधिकतम मात्रा का निर्धारण किया जायेगा। कृषक द्वारा उपज बेचने के लिये उपार्जन केन्द्र एवं विक्रय दिनांक के चयन के लिये स्लॉट बुकिंग करानी होगी। उपार्जित खाद्यान्न का उपार्जन केन्द्र से गोदाम तक परिवहन का दायित्व उपार्जन एजेंसी का और धान को उपार्जन केन्द्र/गोदाम से सीधे मिलर्स तक परिवहन का दायित्व मिलर्स का होगा। 

योगी सरकार की नीतियों का उत्कृष्ट परिणाम, छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार में उत्तर प्रदेश का दबदबा

जल संक्षरण और जल संचय के लिए मुख्यमंत्री की नीति रंग लायी 6 वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों में यूपी ने मारी बाजी उत्तरी क्षेत्र में पहला दूसरा और तीसरा तीनो स्थान उत्तर प्रदेश को मिला पहला स्थान मीरजापुर, दूसरा वाराणसी तो जालौन को तीसरा स्थान मिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदान किया पुरस्कार जल संचय जन भागीदारी केटेगरी में गोरखपुर नगर निगम को मिला तीसरा पुरस्कार जल संचय जन भागीदारी केटेगरी में देश के टॉप 10 नगर निगम में गोरखपुर को तीसरा स्थान वाराणसी उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध डबल इंजन सरकार की नीतियां पूरे देश में विशिष्ट पहचान बना रही है। प्रदेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल क्रियान्वयन में जल संरक्षण की दिशा में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है, जिसे अब राष्ट्रीय पटल पर भी मान्यता मिल गई है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को को छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार (2024) समारोह में जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों का सम्मान किया। उत्तरी क्षेत्र में पहला स्थान मीरजापुर, दूसरा वाराणसी तो तीसरा स्थान  जालौन को मिला इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले ने उत्तरी क्षेत्र में 'सर्वश्रेष्ठ जिला' के रूप में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।          इस उपलब्धि के लिए जिले को ₹2 करोड़ का नकद पुरस्कार भी प्रदान किया गया। वहीं, जल संचय जन भागीदारी केटेगरी में देश के टॉप-10 नगर निगम में गोरखपुर को तीसरा पुरस्कार मिला है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान यह स्पष्ट करता है कि योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियां और स्थानीय प्रशासन की कुशल पहलें जल संरक्षण व सतत विकास के क्षेत्र में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं। जल संचयन व नदी कायाकल्प में वाराणसी का सराहनीय प्रदर्शन वाराणसी जिले में जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रमुख पहलें विशेष रूप से सराहनीय रही हैं। जनपद में 25,000 से अधिक जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया गया, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ। इसके साथ ही नदी कायाकल्प परियोजनाओं और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में जन जागरूकता बढ़ाई गई। इन पहलों ने जिले को उत्तर भारत में जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया। योगी सरकार की नीतियों का प्रभाव यह पुरस्कार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सशक्त और प्रभावी जल नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिन्होंने जिले में जल संरक्षण और जल उपयोग की श्रेष्ठ प्रथाओं को बढ़ावा दिया। इसी श्रेणी में मीरजापुर को प्रथम स्थान और जालौन को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। यह सम्मान न केवल जल संरक्षण की दिशा में प्रदेश के विभिन्न जिलों की प्रतिबद्धता को मान्यता देता है, बल्कि प्रदेश समेत देश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का माध्यम बन रहा है।

बांग्लादेश में उग्र प्रदर्शन: हसीना की सजा के विरोध में सड़कों पर बवाल, 50 घायल

ढाका  बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देशभर में तनाव और हिंसा फैल गई। फैसले के बाद रातभर कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन, आगजनी और हमलों की रिपोर्ट आई है। कम से कम 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। अदालत का फैसला बना कारण सोमवार को ICT ने शेख हसीना को पिछले साल जुलाई में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान किए गए मानवता-विरुद्ध अपराधों के आरोपों में दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई। इसके साथ ही उनके दो शीर्ष सहयोगियों  पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल,पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को भी दोषी ठहराया गया। हालांकि मामून को अपराध की गंभीरता को देखते हुए हल्की सजा दी जाएगी।फैसले के कुछ ही घंटों बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह सड़कों पर मार्च निकाले और कुछ स्थानों पर प्रमुख हाईवे को ब्लॉक कर दिया।   ढाका में सबसे उग्र प्रदर्शन सबसे ज्यादा उग्रता ढाका के धानमंडी 32 इलाके में देखी गई। यह वही स्थान है जहां बांग्लादेश के संस्थापक और शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान का घर स्थित है।ढाका ट्रिब्यून और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार:     प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार टकराव हुआ     दंगाइयों ने वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की     साउंड ग्रेनेड, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया     50 से ज्यादा लोग घायल हुए     5 जिलों में गाड़ियां जलाई गईं फैसले के बाद कम से कम पांच जिलों केरनिगंज, नारायणगंज, चिटगांव, सिराजगंज और बोγρα में वाहनों को आग लगाने की घटनाएं हुईं। सुरक्षा एजेंसियों को रातभर हालात काबू में करने के लिए तैनात रहना पड़ा। पिछले हफ्ते ही देश में 50 से ज्यादा आगजनी और देसी बम हमले हुए थे, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई थी। अदालत के फैसले ने इस तनाव को और भड़का दिया है। हमला पूर्व राष्ट्रपति के घर तक पहुंचा किशोरगंज जिले में स्थित पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल हमीद के घर पर भी देर रात हमला किया गया।प्रथम अलो की रिपोर्ट के अनुसार:     फैसले के बाद इलाके में कुछ लोगों ने जुलूस निकाला     तभी 20–30 लोगों की भीड़ ने अचानक घर पर धावा बोल दिया     तोड़फोड़ की गई, हालांकि बड़े नुकसान से बचा लिया गया बांग्लादेश में तनाव बरकरार देश में राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। सुरक्षा बलों को कई संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त तैनाती करनी पड़ी है। विशेष बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जबकि इंटरनेट सेवाएं और संचार पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।   

शक्तिशाली राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका : मंत्री सारंग

विविध संस्कृति का परिचायक राज्य स्तरीय युवा उत्सव का रंगारंग समापन विभिन्न कलाओं में निपूर्ण युवा हुए सम्मानित भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि शक्तिशाली राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। वैभवशाली राष्ट्र बनाने में युवाओं का योगदान जरूरी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि प्रदेश के निर्माण, समाज कल्याण और राष्ट्र को अग्रसर बनाने में अपना सर्वस्व लगायें। मंत्री श्री सारंग रवीन्द्र भवन में आयोजित 29वें राज्य स्तरीय युवा उत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को सम्मानित किया। युवा उत्सव प्रदेश की संस्कृति को सहेजने में सहायक मंत्री श्री सारंग ने कहा कि देश का भविष्य युवा शक्ति ही है, जो दिशा और दशा तय करती है। हर परिवर्तन और क्रांति के पीछे युवा ही हैं। युवाओं को अपनी शक्ति सही दिशा में लगानी चाहिये। युवा ही देश की पूँजी एवं सम्पदा हैं। उन्हीं से देश का भविष्य तय होता है। युवा उत्सव प्रदेश की संस्कृति को सहेजने में सहायक है। युवा उत्सव के माध्यम से युवाओं ने प्रदेश और देश की संस्कृति को सहेज कर रखा है और अन्य लोगों को इससे अवगत करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा अपनी संस्कृति को बचाकर रखें। इससे बड़ा और कोई योगदान नहीं है। युवा केवल अपने लिये नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिये जियें। श्री सारंग ने कहा कि जिसने राष्ट्र और समाज के लिये काम किया, उसका ही नाम हुआ है। इसलिये अच्छा काम करें, जिससे उनका नाम हो और लोग उन्हें याद रखें। आकर्षक प्रस्तुतियों ने युवा उत्सव को बनाया अविस्मरणीय खेल संचालक श्री राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि युवा उत्सव में सभी प्रतियोगिताओं को देखने के बाद लगा कि युवा अपनी संस्कृति को नहीं भूला है। युवाओं की ऊर्जा से भरी मनमोहक और आकर्षक प्रस्तुतियों ने युवा उत्सव को अविस्मरणीय बना दिया है। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय युवा उत्सव में प्रस्तुति देने वाले 30 युवा राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होंगे और प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी प्रस्तुति देंगे। 7 विधाओं के युवा और निर्णायक हुए सम्मानित राज्य स्तरीय युवा उत्सव में भाषण विधा में प्रथम ग्वालियर संभाग के सोमेश, द्वितीय भोपाल संभाग के तनिष जैन और तृतीय इंदौर संभाग के सजल जैन रहे। कहानी लेखन में प्रथम शहडोल संभाग की कृति शुक्ला, द्वितीय उज्जैन संभाग के गोपाल मालवीय और तृतीय सागर संभाग की मायरा सिंघानिया, पेंटिंग में प्रथम ग्वालियर संभाग की अमृता धाकड़, द्वितीय इंदौर संभाग की संस्कृति श्रीवास्तव और तृतीय जबलपुर संभाग के सुयांश निखरे, कविता लेखन में प्रथम सागर संभाग के नकुल तिवारी, द्वितीय जबलपुर संभाग की काजल चक्रवर्ती और तृतीय नर्मदापुरम संभाग की वैशाली को सम्मानित किया गया। विज्ञान मेले में प्रथम सागर संभाग के समीर अहिरवार, द्वितीय नर्मदापुरम संभाग की प्रतिष्ठा सिंह ठाकुर और तृतीय रीवा संभाग के उत्कर्ष नामदेव रहे। इसी प्रकार समूह लोक गीत में प्रथम स्थान पर सागर संभाग, द्वितीय पर भोपाल संभाग और तृतीय स्थान पर शहडोल संभाग के युवा समूह रहे। समूह लोकनृत्य में प्रथम स्थान पर सागर संभाग, द्वितीय पर जबलपुर संभाग और तृतीय स्थान पर उज्जैन संभाग के युवा समूह को पुरस्कृत किया गया। युवा उत्सव में प्रतियोगिताओं के निर्णायकों को भी स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उप सचिव श्री अजय श्रीवास्तव, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी सहित युवा शक्ति उपस्थित थी।