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सटीक निशाना, अटूट धैर्य—कुशाग्र ने जीता अंतर्राष्ट्रीय सम्मान

50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट में हासिल किया कांस्य पदक भोपाल  टोक्यो में आयोजित 25वीं समर डेफलंपिक में भारत तथा मध्यप्रदेश के लिए मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के प्रतिभावान शूटर कुशाग्र सिंह राजावत ने गौरवपूर्ण उपलब्धि दर्ज कराई है। शूटर कुशाग्र सिंह ने 50 मीटर राइफल प्रोन (पुरुष वर्ग) स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत कांस्य पदक जीता। इस उपलब्धि से अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाजी मंच पर मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। शानदार प्रदर्शन से चमका मध्यप्रदेश का सितारा कुशाग्र सिंह राजावत ने प्रतियोगिता के दौरान अपनी उत्कृष्ट तकनीक, धैर्य और सटीकता का अद्वितीय प्रदर्शन किया। कड़े अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी माहौल में भी उन्होंने संतुलित खेल दिखाते हुए पदक तालिका में स्थान बनाकर देश एवं प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उनके इस प्रदर्शन ने युवाओं के लिए प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। अकादमी की विशेषज्ञ कोचिंग और सुविधाओं का हासिल हुआ गौरवपूर्ण परिणाम संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश के निर्देशन में संचालित एमपी शूटिंग अकादमी द्वारा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, अत्याधुनिक सुविधाएँ तथा विशेषज्ञ कोचिंग उपलब्ध कराई जाती है। अकादमी द्वारा प्रदान किए गए व्यवस्थित प्रशिक्षण, वैज्ञानिक पद्धतियों तथा सतत मूल्यांकन के परिणामस्वरूप खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हो रहे हैं। कुशाग्र सिंह राजावत की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में अकादमी के कोचों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा सपोर्ट स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी शुभकामनाएँ सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कुशाग्र सिंह राजावत को इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि कुशाग्र ने अनुशासन, एकाग्रता और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के बल पर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश का परचम लहराया है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है और यह सिद्ध करती है कि उचित मार्गदर्शन एवं सतत अभ्यास से विश्व पटल पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया जा सकता है। मंत्री श्री सारंग ने आशा व्यक्त की कि कुशाग्र भविष्य में भी देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाते रहेंगे। मध्यप्रदेश सरकार की खेल प्रतिभा विकास के प्रति प्रतिबद्धता खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोत्तम प्रदर्शन हेतु अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार द्वारा खेल अवसंरचना विस्तार, उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, खेल छात्रवृत्ति एवं अंतर्राष्ट्रीय अवसर उपलब्ध कराये जाने जैसी पहलें निरंतर जारी हैं, जिनका स्पष्ट परिणाम अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की उपलब्धियों के रूप में सामने आ रहा है। मध्यप्रदेश के उभरते हुए निशानेबाज कुशाग्र सिंह राजावत का यह पदक उनकी व्यक्तिगत मेहनत और समर्पण के साथ मध्यप्रदेश की खेल नीतियों व अकादमी प्रणाली की प्रभावशीलता का परिणाम है।  

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने की विभागीय समीक्षा

“सेवाएँ समय पर, संवेदनशीलता से और हर लाभार्थी तक पहुँचें भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बुधवार को विभागीय योजनाओं की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिलाओं, बालिकाओं और बच्चों से जुड़ी प्रत्येक सेवा का क्रियान्वयन संवेदनशील, समयबद्ध और पारदर्शी हो। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने विभाग की प्रमुख योजनाओं—मिशन वात्सल्य, मिशन शक्ति, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, पोषण अभियान और आंगनवाड़ी सेवाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभाग की प्रत्येक योजना सीधे उन महिलाओं, बालिकाओं और बच्चों तक पहुँचती है जो सुरक्षा, पोषण और सहयोग की सबसे अधिक आवश्यकता रखते हैं, इसलिए क्रियान्वयन में किसी तरह की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सुश्री भूरिया ने विशेष रूप से चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 के संचालन पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि ये सेवाएँ चौबीसों घंटे पूरी संवेदनशीलता के साथ सक्रिय रहें। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में एक त्वरित प्रतिक्रिया किसी बच्चे या महिला के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। मंत्री सुश्री भूरिया ने निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारियों को लाभार्थियों से सीधे संवाद करते हुए मौके पर सुनवाई और समाधान की प्रक्रिया को और मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विभाग ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं और अब लक्ष्य है कि इन उपलब्धियों को और अधिक गहराई तक पहुँचाया जाए। आयुक्त श्रीमती निधि निवेदिता ने विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों के उन्नयन, चयन पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी भर्ती, पोषण स्तर में सुधार, टेक-होम राशन की गुणवत्ता और जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में विशेष योजनाओं के क्रियान्वयन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक योजना का लाभ जमीनी स्तर तक सुचारु रूप से पहुँचे। हम सभी जिलों में मॉनिटरिंग को और मजबूत कर रहे हैं तथा फील्ड स्तर पर त्वरित समस्या-निवारण को प्राथमिकता दी जा रही है। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, संयुक्त संचालक तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

मंत्री काश्यप ने अनुकंपा नियुक्ति पत्र किए वितरित

भोपाल  सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ने बुधवार को विभाग के दिवंगत कर्मचारियों के पात्र आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्रदान किए। लाभांवित परिवारजन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य शासन का आभार व्यक्त किया। मंत्री श्री काश्यप ने सहायक ग्रेड वर्ग-3 के पद पर सर्वश्री शुभम सोनकर, जकाउल्‍ला और सुश्री समृद्धि शर्मा को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। श्री लोकेश मोहार को भृत्‍य के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई है। इस अवसर पर विभाग के संयुक्‍त संचालक श्री अंबरीश अधिकारी भी उपस्थित थे।

शिक्षक सहायता कोष को बढ़ाने का होगा प्रयास : स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह

राष्ट्रीय शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान की कार्यकारिणी समिति की हुई बैठक भोपाल  स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार शिक्षकों के कल्याण के लिये प्रतिबद्ध है। संकट के दौरान शिक्षकों को समय पर हर संभव मदद दी जायेगी। मंत्री श्री सिंह बुधवार को मंत्रालय में शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान की राज्य स्तरीय समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता और संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह भी उपस्थित थे। बैठक में तय हुआ कि वर्ष 2026 में शिक्षक दिवस पर प्रत्येक जिले से 2 शिक्षकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिये सम्मानित किया जायेगा। इससे प्रदेश के प्रत्येक जिले को प्रतिनिधित्व मिल सकेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग की ओर से जिला स्तर पर भी शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रतिष्ठान की हर 3 माह में बैठक हो यह सुनिश्चित किया जाये। शिक्षकों को संकट के समय आर्थिक सहायता समय पर मिले, इसके लिये राज्य, संभाग और जिला 3 स्तर पर कमेटियाँ होंगी। शिक्षक सदन पर हुई चर्चा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 18 शिक्षक सदन संचालित हो रहे हैं। इन शिक्षक सदनों का जरूरत के हिसाब से संधारण किया जायेगा। भोपाल स्थित शिक्षक सदन भवन पर 2 करोड़ 80 लाख रुपये व्यय कर वहाँ केंटीन समेत आधुनिक रूप से व्यवस्थित किया जायेगा। लंबित अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरणों की होगी नियमित समीक्षा स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि दिवंगत शिक्षकों के परिजनों के अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जायेगी। प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द कैसे मदद हो, इसका संतोषजनक रास्ता निकाला जायेगा। बैठक में संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री डी.एस. कुशवाहा एवं शिक्षक संघों के प्रतिनिधि डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर, श्री दिनेश शर्मा, श्री राकेश गुप्ता, श्री महेन्द्र सिंह रघुवंशी और श्री सत्यनारायण शर्मा भी उपस्थित थे।  

पैक्स एवं स्व-सहायता समूह साझेदारी से खुलेगा ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय

मंत्री श्री सारंग ने ली सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीपीपीपी अंतर्गत जीआईएस-2025 के दौरान हुए एमओयू की प्रगति, नवाचार प्रकोष्ठ की गतिविधियों तथा सहकारिता तंत्र को मजबूत बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि पैक्स और स्व-सहायता समूहों के बीच सहयोगात्मक ढांचा तैयार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि पैक्स–स्व सहायता समूह के बीच साझेदारी का स्पष्ट एवं क्रियाशील रोडमैप तैयार किया जाए। जिससे ग्रामीण स्तर पर नए रोजगार व उद्यमों को बढ़ावा दिया जा सके। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारिता ही वह सशक्त नेटवर्क है जो हर घर तक आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को पहुँचा सकता है। हमें स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों को पहचानकर योजनाओं को धरातल पर उतारना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि CPPP (Co-operative Public Private Partnership) नवाचार की सक्सेस स्टोरी तैयार की जाए। इस नवाचार को दस्तावेज़ रूप में भी संकलित किया जाए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि जिला स्तर पर सहकारी बैंकों के सीईओ के माध्यम से किसानों, सहकारी समितियों के प्रबंधकों तथा अन्य संबंधित हितधारकों से सुझाव एकत्र किए जाएं। जिससे मुख्यालय से आवश्यक सुधार करते हुए योजनाओं का प्रभावी कियान्वयन किया जा सके। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक (उपभोक्ता संघ) श्री ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक (बीज संघ) श्री महेंद्र दीक्षित, प्रबंध संचालक (अपेक्स बैंक) श्री मनोज गुप्ता सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

टीबी नियंत्रण में क्रांति: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से अब होगी तेजी से पहचान और रोकथाम

नई दिल्ली   दुनिया में फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों पर होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इस बार एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि सामने आई। डेल्फ्ट इमेजिंग और इपकॉन ने मिलकर CAD4TB+ नाम का नया AI आधारित प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म पहली बार टीबी की पहचान, निगरानी, हॉटस्पॉट खोजने और भविष्य में संक्रमण बढ़ने की संभावना का अनुमान, सब कुछ एक ही सिस्टम में उपलब्ध कराता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक टीबी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में बेहद अहम साबित हो सकती है। टीबी की पहचान अभी भी बड़ी चुनौती WHO की ताजा रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2024 में दुनिया भर में 1 करोड़ 7 लाख लोग टीबी से संक्रमित हुए, जबकि 12 लाख से अधिक लोगों की जान गई। सबसे चिंताजनक बात यह है कि लगभग 24 लाख मरीजों की पहचान ही नहीं हो पाती, खासकर अफ्रीका और ग्रामीण इलाकों में, जहां जांच सुविधाएं सीमित हैं। कई लोग स्क्रीनिंग से बाहर रह जाते हैं और संक्रमण फैलता रहता है। CAD4TB+ इसी कमी को दूर करने के लिए बनाया गया है, जो AI एक्स-रे तकनीक और डेटा एनालिटिक्स को जोड़कर बताता है कि किस इलाके में टीबी अधिक है, कम है या बढ़ने की संभावना है।   विशेषज्ञों की राय डेल्फ्ट इमेजिंग के CEO गुइडो गीर्ट्स ने बताया कि कठिन इलाकों में रहने वाले लोगों तक जांच पहुंचाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अब तक CAD4TB की मदद से 5.5 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है और नया वर्जन CAD4TB+ इस प्रक्रिया को और तेज, आसान और सटीक बनाएगा। इपकॉन की CEO कैरोलाइन वैन काउवेलर्ट के अनुसार, यह सिस्टम फील्ड लेवल की जांच को राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य योजना से जोड़ने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि अब हर एक्स-रे सिर्फ एक मरीज की जांच नहीं, बल्कि पूरे देश में टीबी की स्थिति को समझने का अहम डेटा बन जाएगा।   कई देशों में मिले उपयोगी परिणाम CAD4TB तकनीक पहले से ही 90 से ज्यादा देशों में इस्तेमाल की जा रही है।     नाइजीरिया में इसने टीबी हॉटस्पॉट खोजकर ज्यादा मरीजों की पहचान की।     दक्षिण अफ्रीका में एआई की वजह से जांच की लागत कम हुई और शुरुआती चरण में मरीज मिल सके।     120 से अधिक वैज्ञानिक अनुसंधान इस तकनीक को समर्थन दे चुके हैं। इस नई एआई तकनीक से उम्मीद है कि टीबी की पहचान और तेजी से होगी, इलाज जल्दी शुरू होगा और इससे होने वाली मौतों में भी कमी आ सकती है।  

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अंतरराज्यीय वाहन चोरी के प्रकरणों में व्यापक कार्रवाई

अभियान के दौरान चार जिलों से 51 दुपहिया एवं 1 चार पहिया वाहन जब्‍त भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण स्थापित करने हेतु चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत छतरपुर, खण्डवा और शिवपुरी जिलों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। सतत मॉनिटरिंग, तकनीकी विश्लेषण,  मुखबिर तंत्र की सक्रियता और त्वरित फील्ड कार्रवाई के आधार पर पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोरी से जुड़े नेटवर्क पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए कुल 39 दोपहिया एवं 1 चार पहिया वाहन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 31 लाख रूपए से अधिक आंकी गई है। प्रमुख कार्रवाई रीवा- जिले की कोतवाली पुलिस ने मोटर साइकल चोरी में लिप्त एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की 12 मोटर साइकलें बरामद की गईं, जिनकी कीमत लगभग 8 लाख रुपये है। पूछताछ में आरोपियों द्वारा रीवा सहित अन्य जिलों में भी चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। छतरपुर- जिले में थाना सिविल लाइन एवं कोतवाली पुलिस ने अंतरराज्यीय मोटरसाइकिल चोर गिरोह के सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में छतरपुर, पन्ना, जालौन, दतिया एवं महोबा जिलों से चोरी की गई कुल 23 मोटरसाइकिलें, जिनकी कीमत लगभग 14 लाख रूपए है, बरामद हुईं। खण्डवा- जिले में पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में संचालित अभियान के दौरान पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से चोरी की गई 10 मोटरसाइकिलें बरामद कीं, जिनकी कीमत लगभग 8 लाख रूपए  है। इसके अलावा गुलमोहर कॉलोनी से चोरी हुई कार (6 लाख रूपए) का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। शिवपुरी- जिले में थाना कोलारस पुलिस ने मुखबिर सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया तथा उसके कब्जे से चोरी की गई 06 मोटरसाइकिलें एवं विभिन्न वाहनों के इंजिन, चेसिस, टंकी और सीट कवर आदि सामान बरामद किया। जांच में सामने आया कि आरोपी वाहनों का रंग बदलकर और नकली नंबर प्लेट लगाकर उन्हें बेचने का प्रयास कर रहा था। बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 3 लाख आंकी गई है। उल्‍लेखनीय है कि इससे पूर्व नवंबर माह में ही मध्यप्रदेश पुलिस ने विभिन्न जिलों से कुल 54 मोटरसाइकिलें बरामद की थीं, जिनमें छतरपुर,  दमोह,  अशोकनगर,  मंडला,  मंदसौर,  शिवपुरी, बैतूल, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और उज्जैन जिले शामिल हैं। यह उपलब्धि पुलिस की निरंतर मॉनिटरिंग, मजबूत मुखबिर तंत्र और समय पर की गई कार्रवाई का प्रत्यक्ष परिणाम है। इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट होता है कि मध्यप्रदेश पुलिस की सतर्कता, तकनीकी दक्षता, त्वरित प्रतिक्रिया तथा फील्ड पर केंद्रित कार्यप्रणाली के चलते वाहन चोरी से जुड़े प्रकरणों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। इस प्रकार की कार्रवाई से नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हुई है।  

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर हुआ 4263 रुपए

भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 19 नवंबर को 4263 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए तथा 18 नवंबर को 4255 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।भावान्तर का मॉडल रेट बढ़ने का आशय यह है कि मंडी में सोयाबीन का भाव बढ़ रहा है। दिन-ब-दिन नमी कम होने से सोयाबीन की गुणवत्ता ठीक होने के कारण रेट का बढ़ना अत्यंत स्वाभाविक है। अर्थात् किसानों को मंडी में अच्छा भाव मिल रहा है। वैसे भी मॉडल भाव पिछले चौदह दिन के सोयाबीन के बाजार भाव का भारित औसत है। एमएसपी से ऑक्शन भाव / मॉडल भाव के अंतर की राशि सरकार दे रही है और किसान के नुक़सान की भरपाई कर रही है। प्रदेश में भावान्तर योजना के सफल क्रियान्वयन ने किसानों को एमएसपी की राशि मिलने की गारंटी दी है। व्यापारियों को मंडी से व्यापार मिल रहा है, जो उपार्जन की वजह से प्रभावित हो जाता है।  

निठारी हत्याकांड में नया मोड़: मकान मालिक पांधर ने खोले पुराने राज, आखिर किसने की थी हत्याएं?

नोएडा  नोएडा के निठारी इलाके में 2005-06 के बीच कई महिलाओं और बच्चों के अचानक लापता होने की घटनाओं ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। मामला तब और गंभीर हो गया जब जांच में घर के पास नालियों से मानव अस्थियां बरामद हुईं और गंभीर आरोप सामने आए – बलात्कार, हत्या और नेक्रोफिलिया तक। इस खौफनाक कहानी का केंद्र बिंदु बना बंगलो D-5, जिसके मालिक मोनिंदर सिंह पांधर और उनके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली पर आरोप लगे। हालांकि, 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को सभी मामलों में बरी कर दिया, लेकिन सवाल अब भी वही है: बच्चों की हत्या किसने की? 17 साल की जेल, अब खुला मोनिंदर पांधर का सच व्यवसायी पांधर ने भारत टुडे के साथ विशेष बातचीत में अपने 17 साल के जेल जीवन और रहस्यमयी घटनाओं के बारे में बताया। उनका कहना है कि उन्हें हमेशा मीडिया हंगामा और जांच में अनियमितताओं का सामना करना पड़ा। पांधर ने कहा, “मुझे हत्या या बलात्कार के किसी भी मामले में कभी चार्जशीट नहीं किया गया। फिर सवाल उठता है कि जिम्मेदार कौन? क्या पुलिस, क्या मैं, या कोई और?” उन्होंने दावा किया कि मीडिया दबाव के कारण जांच पूरी तरह प्रभावित हुई और कई बार जांचकर्ताओं को सही दिशा में काम करने का मौका ही नहीं मिला। लापता बच्चों की कहानी 2005-06 के दौरान निठारी इलाके से कई बच्चे, ज्यादातर लड़कियां, गायब हुईं। उनकी अस्थियां घर के पास की नाली से बरामद हुईं। पांधर का कहना है कि बच्चों के लापता होने की खबरें 2006 में केस सामने आने के बाद ही सुर्खियों में आईं। उन्होंने साफ किया कि अधिकांश बच्चे D-1 से D-6 घरों और निठारी ब्रिज के आसपास गायब हुए थे, केवल D-5 तक ही सीमित नहीं थे। पांधर ने यह भी बताया कि वह बिजनेस के चलते सप्ताह में केवल कुछ दिन ही घर में रहते थे। वहीं, घर के पास पहले से ही पुलिस की गश्त लगी हुई थी। उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया और कहा कि जवान ज्यादा उम्र के थे, जो पर्याप्त सतर्क नहीं रह पाए। सुरेंद्र कोली पर मोनिंदर पांधर की राय पांधर ने जोर देकर कहा कि उन्होंने कभी सुरेंद्र कोली में कोई संदेहजनक गतिविधि नहीं देखी। कोली को मुख्य आरोपी मानते हुए जनता के बीच छवि बनाई गई थी। पांधर ने कहा, “अगर वह अच्छा नहीं होता, तो मैं उसे अपने घर में नहीं रखता।” हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि घर में कभी-कभार एस्कॉर्ट्स आती थीं, लेकिन लगातार पार्टी या असामान्य गतिविधियों का मुद्दा नहीं था। कुछ लड़कियां घर में इसलिए आती थीं क्योंकि वहां वातावरण शांत और आरामदायक था।   रहस्य ही रह गया सवाल यह है कि क्या एस्कॉर्ट्स की उपस्थिति ने कोली को प्रभावित किया? पांधर ने स्पष्ट किया, “मैं किसी के मन की बात नहीं जान सकता, केवल वही इसका जवाब दे सकता है।” पांधर को खुद तब पता चला जब पुलिस ने उनकी हिरासत में skeletal remains की सूचना दी। उन्होंने कहा, “सबसे पहले जनता को पता था, मुझे नहीं। मैं सबसे ज्यादा हैरान हुआ जब मेरे घर का नाम सामने आया।” 

मध्यप्रदेश पुलिस की प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध सतत एवं प्रभावी कार्रवाई, लगभग डेढ़ करोड़ रूपएकी जब्ती

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्य में चल रहे अवैध मादक पदार्थों के तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण के लिये निरंतर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सघन निगरानी, खुफिया सूचना संकलन, तकनीकी विश्लेषण तथा त्वरित फील्ड कार्रवाई के माध्यम से पुलिस ने हाल ही में विभिन्न जिलों में उल्लेखनीय सफलताएँ दर्ज की हैं। इन कार्रवाइयों के दौरान करोड़ों रुपए मूल्य के डोडाचूरा, कोकीन, स्मैक, एमडी तथा ब्राउन शुगर जब्त की गई है। नीमच-522 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त जिले की सिंगोली पुलिस ने हाल ही में मादक पदार्थ तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बोलेरो पिकअप वाहन से 522 किलोग्राम डोडाचूराजप्त किया है। नाकाबंदी देखकर वाहन चालक द्वारा वाहन को मोड़कर भागने की कोशिश की गई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर पकड़ा।जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 78 लाख 30 हजार रुपये आँकी गई है। पुलिस द्वारा तस्करी नेटवर्क के स्रोत, परिवहन और संबंधित आरोपियों की जांच की जा रही है। इंदौर में अंतर्राष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई इंदौर नारकोटिक्स विंग ने एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने रेसिडेंसी क्षेत्र में कार्रवाई कर कोटेडीआइवर (पश्चिम अफ्रीका) की एक महिला तस्कर को पकड़ा, जिसके पास से 31.85 ग्राम कोकीन बरामद हुई। बरामद कोकीन की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 15 लाख 50 हजार रुपये है। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि उक्त महिला मुंबई के नालासोपारा क्षेत्र में रहकर ड्रग सप्लाई गतिविधियों में संलिप्त थी और इंदौर शहर में भी ग्राहकों की तलाश में आई थी। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से ड्रग सप्लाई के इस अंतरराष्ट्रीय स्रोत को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया गया है। विगत दिनों में शिवपुरी, भोपाल और खरगोन जिलों द्वाराकी गई कार्रवाइयाँ— प्रदेश के अन्य जिलों में भी पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाइयाँ की गईं। शिवपुरी जिले में पुलिस टीम ने 56 लाख रूपए की 280 ग्राम स्मैकजप्त की। इसी तरह भोपाल पुलिस ने एक महिला से 9 ग्राम MD ड्रग तथा एक एप्पल मोबाइल जप्त किया, जिसकी कीमत 1लाख 52हजार रूपए है। वहीं खरगोन जिले के बड़वाह थाना क्षेत्र में पुलिस ने 55 हजार रूपए की 5.47 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद कीहै। इन कार्रवाइयों में लगभग 57.57 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जप्त किए गए। यह उपलब्धि पुलिस की सतत रणनीति, जिलों के मध्य समन्वित प्रयासों और फील्ड स्तर पर सक्रिय निगरानी का परिणाम है। मध्यप्रदेश पुलिस राज्य को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ प्रतिबद्धता और कठोरता से कार्य कर रही है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर सतत निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई तथा जनजागरूकता के प्रयास जारी हैं।मादक पदार्थ तस्करी से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील भी आमजन से की गई है, जिससे समाज को इस घातक अवैध कारोबार से मुक्त किया जा सके।