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भारत का लॉजिस्टिक्स पॉवर हाउस’ बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन के मजबूत गेटवे के रूप में परिवर्तित हो रहा उत्तर प्रदेश 'लैंड-लॉक्ड स्टेट' की परिभाषाओं को तोड़कर सीएम योगी के कुशल मार्गदर्शन में कनेक्टिविटी के नए आयाम स्थापित कर रहा उत्तर प्रदेश राज्य के ग्रोथ ग्राफ को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क पॉलिसी-2024 योगी सरकार में यूपी का विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकास रोजगार के नए अवसरों को दे रहा है गति लखनऊ उत्तर प्रदेश को उत्तम और उद्यम प्रदेश में बदलने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार उन्नति के नए प्रतिमान स्थापित कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियां उत्तर प्रदेश को देश के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का तीव्र विस्तार हो रहा है, जिसमें एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर, एयरपोर्ट और मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क प्रमुख रूप से शामिल हैं।  जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दादरी लॉजिस्टिक्स हब जैसे प्रोजेक्ट सड़क, रेल और हवाई मार्ग से माल ढुलाई की प्रक्रिया को और सुगम बना रहे हैं। यही कारण है कि भौगोलिक रूप से लैंड-लॉक्ड कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट कनेक्टिविटी के आधार पर देश और दुनिया में नई पहचान कायम की है। निवेश आकर्षित करने का माध्यम बन रही है कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश की बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल नीतियों ने बड़े पैमाने पर उद्योगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया है। रोजगार, कौशल विकास और डिजिटल लॉजिस्टिक्स सिस्टम पर फोकस ने दक्षता बढ़ाने, व्यापार को गति देने और यूपी को राष्ट्रीय एवं वैश्विक सप्लाई चेन के मजबूत गेटवे के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है। लॉजिस्टिक्स पावरहाउस के रूप में उभर रहा है यूपी उत्तर प्रदेश तेजी से एक उभरते हुए लॉजिस्टिक्स पावरहाउस का रूप ले रहा है और दादरी में विकसित किया जा रहा मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क राज्य की आर्थिक प्रगति को नई रफ्तार देगा। यूपी मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क पॉलिसी-2024 के तहत तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। रणनीतिक लोकेशन बनाती है लॉजिस्टिक्स पार्क को विशेष लॉजिस्टिक्स पार्क का सबसे बड़ा लाभ इसकी रणनीतिक लोकेशन में निहित है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की निकटता और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ाव इसे देश के सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक्स ज़ोन में बदल देता है। इससे उद्योगों को सड़क, रेल और हवाई मार्ग से माल ढुलाई की निर्बाध सुविधा मिलेगी। यात्रा समय, परिवहन लागत और देरी में कमी आएगी। तेज कार्गो हैंडलिंग और बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता के साथ उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय और वैश्विक विनिर्माण कंपनियों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनेगा। रोजगार सृजन का व्यापक अवसर यह प्रोजेक्ट हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगा। पार्क के भीतर प्रस्तावित स्किल डेवलपमेंट सेंटर में युवाओं को आधुनिक लॉजिस्टिक्स, डिजिटल कार्गो हैंडलिंग, वेयरहाउस ऑटोमेशन और संबंधित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे एक कुशल और आधुनिक कार्यबल तैयार होगा, जिससे स्थानीय समुदायों को व्यापक लाभ मिलेगा। यह मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क न केवल उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब में बदल देगा, बल्कि व्यापारिक अवसरों के नए मार्ग खोलेगा, निर्यात को गति देगा और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को सुदृढ़ बनाएगा। कई सुविधाओं के विकास का माध्यम बन रहा प्रोजेक्ट यूपी मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क पॉलिसी-2024 के तहत शुरू की गई यह पहल राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके केंद्र में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और उत्तर प्रदेश को एक शीर्ष निवेश गंतव्य बनाना शामिल है। इस प्रोजेक्ट का प्रभाव लॉजिस्टिक्स से कहीं आगे तक जाएगा। जैसे-जैसे उद्योग और निवेशक क्षेत्र में बढ़ेंगे, वैसे-वैसे आवास, कमर्शियल रियल एस्टेट और बिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ेगी। नए होटल, सर्विस अपार्टमेंट और हॉस्पिटैलिटी सुविधाएं विकसित होंगी, जो बढ़ते वर्कफोर्स और बिजनेस ट्रैवलर्स की जरूरतों को पूरा करेंगी। निर्माण कार्य आगे बढ़ने के साथ यह पूरा इलाका एक उभरते हुए आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित होगा, जहां लॉजिस्टिक्स उत्कृष्टता, कारोबारी विस्तार और नए अवसर मिलकर करोड़ों लोगों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएंगे।

COP30 ब्राजील: पवेलियन में आग लगने से मचा हड़कंप, घटना स्थल पर मौजूद थे UN चीफ और भूपेंद्र यादव

बेलेम ब्राजील के बेलेम शहर में चल रहे 30वें यूएन क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस (सीओपी30) के एक पवेलियन में आग लग गई। इस घटना के बाद फायर डिपार्टमेंट ने लोगों को वहां से बचाकर निकाला। कार्यक्रम के आयोजक ने बताया कि यह घटना ब्लू जोन में हुई। ब्लू जोन वो इलाका है, जहां इंटरनेशनल स्टैंड और ऑफिशियल बातचीत के लिए बनाए गए कमरे हैं। हालांकि, तसल्ली की बात यह है कि जैसे ही आग लगने की खबर फैली, लोगों को सुरक्षित तरीके से एग्जिट गेट से बाहर निकाल लिया गया। आग की इस घटना में कम से कम 21 लोग घायल हो गए। वहीं कार्यक्रम में मौजूद हजारों लोगों के बीच अफरातफरी का माहौल बन गया। लोग अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागने लगे। न्यूज एजेंसी ने बताया कि ब्राजील के टूरिज्म मंत्री सेल्सो सबिनो ने कहा कि आग स्थानीय समयानुसार दोपहर 2 बजे के लगभग में लगी थी और दोपहर करीब 2:30 बजे तक उसपर काबू पा लिया गया था। अब तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है। बेलेम के पारा के गवर्नर हेल्डर बारबाल्हो ने स्थानीय मीडिया को बताया कि इमरजेंसी टीमें अभी घटना के दो संभावित कारणों की जांच कर रही हैं, एक कारण जनरेटर फेल होना हो सकता है, या फिर दूसरा कारण कॉन्फ्रेंस के लिए बनाए गए स्टैंड में से किसी एक में शॉर्ट सर्किट हो सकता है। बता दें, जब आग लगने की यह घटना घटी, उस समय यूएन सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस वेन्यू पर मौजूद थे और उन्हें यूनाइटेड नेशंस डिपार्टमेंट ऑफ सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ने तुरंत बाहर निकाल लिया। यूएन सीओपी30 ऑर्गनाइजिंग कमिटी ने कहा कि सभी घायलों का धुएं में सांस लेने की वजह से मौके पर ही इलाज किया गया और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा भारत के पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और भारतीय डेलीगेशन भी आग लगने के समय ब्लू जोन के अंदर थे। हालांकि, सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बता दें, भारत के केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव भी ब्राजील के बेलेम में संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (यूएनएफसीसीसी) के तहत 30वें कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (सीओपी30) में शामिल होने पहुंचे हुए हैं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने जापान के पर्यावरण मंत्री हिरोताका इशिहारा से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने जॉइंट क्रेडिटिंग मैकेनिज्म (जेसीएम) को असरदार तरीके से लागू करने के साथ ही भारत-जापान सहयोग के दूसरे खास एरिया पर चर्चा की। भूपेंद्र यादव ने सीओपी 30 के दौरान जापानी पर्यावरण मंत्रालय द्वारा आयोजित 11वीं जेसीएम पार्टनर देशों की मीटिंग में भी हिस्सा लिया।

फिक्की फ्लो के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

जब हम सत्ता में आए थे तो वीमेन वर्कफोर्स महज 12 से 15 फीसदी था, आज यह संख्या 35-36 फीसदी हो गईः सीएम योगी  बोले सीएमः रेडिमेड गारमेंट्स में बांग्लादेश की स्थिति में लगातार गिरावट, भारत बना सकता है पकड़  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज आत्मनिर्भर और प्रगति तभी करता है, जब ऐसे संगठन नेतृत्व करते हैं और सरकार उन्हें पीछे से सपोर्ट करती है। सीएम ने फिक्की फ्लो के कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आधी आबादी बढ़ेगी तो समाज बढ़ेगा। आधी आबादी आत्मनिर्भर होगी तो देश-प्रदेश भी आत्मनिर्भर होगा। आधी आबादी विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संकल्पित होगी तो भारत को विकसित होने से कोई रोक नहीं सकता। जितनी सशक्त भागीदारी पुरुषों की है, उससे भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिलाएं निर्वहन कर सकती हैं। महिलाएं आज हर क्षेत्र में समाज का नेतृत्व कर रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित फिक्की फ्लो के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल हुए। सीएम योगी ने फिक्की फ्लो के कार्यों की प्रशंसा की।  आधी आबादी को नजरंदाज करके समाज स्वावलंबी व आत्मनिर्भर नहीं हो सकता  सीएम ने कहा कि 20 चैप्टर में 16 हजार से अधिक प्रोफेशनल्स आपके साथ जुड़े हैं, लेकिन 140 करोड़ के भारत में यह संख्या कम है। आपने 11 वर्ष में बदलते हुए भारत को देखा है। देश ने अलग-अलग क्षेत्र में प्रगति की है। भारत की अभूतपूर्व प्रगति दुनिया को आकर्षित करती है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने खुद को चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है। नया भारत सबसे तेज गति से उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में है। हम बहुत जल्द तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे। इसमें पीएम का मार्गदर्शन, नेतृत्व है, लेकिन अर्थव्यवस्था को लीड वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं, उनके नेतृत्व में भारत नई गति दे रहा है। आधी आबादी को नजरंदाज करके समाज स्वावलंबी व आत्मनिर्भर नहीं हो सकता।  यूपी की कानून व्यवस्था देश में मॉडल के रूप में जानी जाती सीएम योगी ने कहा कि साढ़े 8 वर्ष पहले हमें जब सत्ता मिली थी, तबके यूपी की स्थिति किसी से छिपी नहीं हैं। असुरक्षा का वातावरण, कानून व्यवस्था तार-तार, दंगे होते थे। बेटी, बाजार, व्यापारी, उद्यमी भी सुरक्षित नहीं थे। यूपी की बागडोर जब हमारे हाथ में आई, तब हमने सुरक्षा को प्राथमिकता दी और प्रदेश सरकार ने अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य प्रारंभ किया। आज देश में यूपी की कानून व्यवस्था मॉडल के रूप में जानी जाती है। जिस प्रदेश में निवेश आता नहीं था और पुराने निवेश भी बाइंडअप करके लोग बाहर निकलना चाहते थे। वहां सुरक्षा के अहसास और सरकार के ईमानदारी से किए गए प्रयास का परिणाम है कि उस प्रदेश में पिछले 8 वर्ष में 45 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव लाने में सफलता हासिल हुई। 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव की सफलतापूर्वक ग्राउंड ब्रेकिंग करा चुके हैं। बहुत जल्द 5 लाख करोड़ के नए निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की कार्रवाई को बढ़ाएंगे। निवेश आया तो रोजगार भी बढ़ा।  8 वर्ष में वीमेन वर्कफोर्स में हुई तीन फीसदी की बढ़ोतरी  सीएम योगी ने कहा कि जब हम सत्ता में आए थे तो वीमेन वर्कफोर्स महज 12 से 15 फीसदी था। आज यह संख्या 35-36 फीसदी (8 वर्ष में तीन फीसदी बढ़ोतरी) हुई। 2017 में यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या केवल 10 हजार थी। उनमें से कुछ रिटायर भी हुई होंगी। आज यूपी पुलिस में 44,000 महिला कार्मिक हैं। हमने 20 फीसदी महिलाओं की भर्ती अनिवार्य की। स्कूली शिक्षा, आंगनबाड़ी केंद्रों आदि सेक्टरों में महिलाओं का कार्य काफी बेहतरीन है। 8 वर्ष में यूपी में बेसिक शिक्षा को सुधारने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण आदि योजनाएं प्रारंभ की गईं। बच्चों को स्कूल चलो अभियान से जोड़ा गया। जनसहभागिता के जरिए स्कूलों का कायाकल्प करके उन्हें हर सुविधाओं से आच्छादित किया गया। आज यूपी के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 1.60 करोड़ से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। इसमें बालिकाओं की संख्या अधिक है। इन बच्चों को यूपी सरकार हर वर्ष दो यूनिफॉर्म, बैग, स्वेटर, मोजा, बुक, शूज आदि उपलब्ध कराती है। स्कूलों के अंदर पठन-पाठन का बेहतर माहौल बने, ड्राप आउट रेट को न्यूनतम स्तर पर लेकर जाएं। इस दिशा में फिक्की फ्लो बेहतर योगदान कार्य कर सकता है।  कोरोना में आंगनबाड़ी, आशा वर्कर व एएनएम ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की  सीएम योगी ने कहा कि कोरोना के दौरान जब दुनिया पस्त और हर व्यक्ति सशंकित था तो आंगनबाड़ी, आशा वर्कर और एएनएम ने प्रदेश सरकार के आह्वान पर डोर टू डोर जाकर हर घर की स्क्रीनिंग की। बीमार को अस्पताल या जरूरतमंद के घर तक दवा पहुंचाई गई। जिससे 25 करोड़ के उत्तर प्रदेश को हम कोरोना से बचाने में सफल रहे। आंगनबाड़ी, आशा वर्कर व एएनएम में शत-प्रतिशत महिलाएं कार्य करती हैं। इन्होंने 25 करोड़ की आबादी को महामारी से बचाने में बेहतरीन कार्य किया। प्रथम चरण में लॉकडाउन प्रारंभ हुआ तो उद्योग, काम-धंधे बंद हुए। प्रवासी कामगार, श्रमिक यूपी व अपने राज्यों की तरफ गए। कई राज्यों ने अपने श्रमिकों को लेने से इन्कार कर दिया तो हमने उनकी भी व्यवस्था यूपी में की। क्वारंटीन सेंटर बनाए गए। काम-धंधा लगभग बंद हो गया था। प्रधानमंत्री जी ने रोजगार भत्ता देना प्रारंभ किया, लेकिन चैलेंज था कि जिसके खाते में पैसा जाता था, वह अगले दिन बैंक में लाइन लगाकर खड़ा हो जाता था। कोविड में भीड़ एकत्र न हो, यह जरूरी था। उस समय यूपी के अंदर हम लोगों ने हर ग्राम पंचायत में बीसी सखी योजना लागू की। गांव की ही बेटी बीसी सखी के रूप में कार्य करेगी।   रेडिमेड गारमेंट्स में बांग्लादेश की स्थिति में लगातार गिरावट, भारत बना सकता है इस पर पकड़  सीएम योगी ने रेडिमेड गारमेंट्स का जिक्र किया और कहा कि ग्लोबल मार्केट में बांग्लादेश की स्थिति में लगातार गिरावट है। रेडिमेड गारमेंट्स में उसकी पकड़ छूट रही है। भारत उस मार्केट पर पर पकड़ बना सकता है। रेडिमेड गारमेंट्स में फ्लैटेड फैक्ट्री के मॉडल के माध्यम से आधी आबादी को आगे बढ़ाने में फिक्की फ्लो बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकता है। ग्लोबल मार्केट की डिमांड के अनुसार डिजाइन, … Read more

अमृत हरित महाअभियान के लिये संभागवार बैठकें, स्थानीय नर्सरियों को सुदृढ़ करने के निर्देश

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को वर्ष 2026 के लिये व्यापक पौधरोपण अभियान की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये हैं। इस संबंध में संभागीय स्तर पर कार्यशाला आयोजित करने का सिलसिला शुरू हो गया है। आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री संकेत भोंडवे 28 नवम्बर को सागर में अमृत हरित महाअभियान पर केन्द्रित बैठक में तैयार की गई कार्ययोजना की समीक्षा करेंगे। ग्वालियर में अभियान की हुई समीक्षा ग्वालियर में पिछले दिनों नगरीय निकायों के अमृत हरित महाअभियान के नोडल अधिकारी और फील्ड स्टाफ की हुई बैठक में ग्वालियर और चंबल संभाग की तैयार की गई कार्ययोजना पर चर्चा हुई। बैठक के बाद हुई कार्यशाला में अमृत मित्र महिलाओं को पौधों की सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। ग्वालियर चंबल संभाग के 59 नगरीय निकायों में पिछले वर्ष 3 लाख 50 हजार विभिन्न किस्मों के पौधों का रोपण हुआ था। कार्यशाला में ग्वालियर नगर निगम आयुक्त श्री संघप्रिय ने वर्ष 2026 के लिये तैयार की जा रही कार्ययोजना की जानकारी दी। जबलपुर में 5 दिसम्बर को और इंदौर में 10 दिसम्बर को कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इन कार्यशालाओं में स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। नगरीय निकायों द्वारा वर्ष 2026 में सीवरेज, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और ओवरहेड टेंक के साथ जलसंरचनाओं के आस-पास की भूमि पर व्यापक पौधरोपण की तैयारी किये जाने के लिये कहा गया है। नगरीय निकायों को स्थानीय स्तर पर नर्सरियों को समृद्ध करने के लिये कहा गया है। इन बैठकों में वर्ष-2025 में लगाएं गए पौधों की सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है।  

भोपाल आबकारी विभाग द्वारा लगातार की जा रही कार्यवाही

मैं एक और उल्लेखनीय कार्यवाही जिसमे हाई ब्रांड की भारी मात्र मैं विदेशीमदिरा बरामद   भोपाल  आबकारी आयुक्त श्री अभिजीत अग्रवाल ,कलेक्टर भोपाल श्री कोशलेंद्र विक्रम सिंह *के निर्देशन पर सहायक आबकारी आयुक्त श्री वीरेंद्र धाकड़ * के मार्गदर्शन और नियंत्रण कक्ष प्रभारी राम गोपाल भदौरिया के नेतृत्व में भोपाल जिले के आबकारी विभाग द्वारा आज दिनांक 21.11.25 को मुखबिर की सूचना के आधार पर गिन्नौरी मोहल्ला मैं मस्जिद के सामने से आरोपी राहुल यादव के रहवासी मकान से हाई ब्रांड विदेशी मदिरा की कुल  98पेटिया  जिसमे ब्लेंडर्सप्राइड ,ग्लेनलिविट ब्लैवकलेबल, रेडलबेल , जेम्सन, रणथम्भौर, जागरमास्टर,सिग्नेचर ऐब्सलूट वोडका , आइकोनिक, ग्रेगोस, बकार्डी,रॉयल चैलेंज ,हंड्रेडपाइपर,ब्लैकडॉग , इम्पीरियल ब्लू , ब्लैक न वाइट एलसीज़न, ओल्ड मोंक,बैकबेंचर,मैजिक्मोमेंट, ऑफ़िसर्चोईस, ब्लेंडर,मैकडॉवेल मार्क प्यूरिटी आदि ब्रांड शामिल है जप्त की गई है । मदिरा का कुल अनुमानित मूल्य 2060000/-( बीस लाख साठ हज़ार )लाख है मौके पर आरोपित गायत्री यादव को गिरफ्तार कर मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)क 34(2) के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना मैं लिया गया है उक्त कार्यवाही व्रत प्रभारी नीरज कुमार दूबे द्वारा कायम किया गया जिसमे भोपाल के सभी मैदानी अधिकारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा ।आरोपिया का बेटा राहुल यादव के विरुद्ध पूर्व मैं भी 34(2)का प्रकरण दर्ज किया गया है ।सहायक आबकारी आयुक्त श्री वीरेंद्र धाकड़ द्वारा बताया गया की  जिले के आबकारी बल द्वारा निरंतर महत्वपूर्ण कार्यवाहियां की जा रही है जो आगे भी लगातार जारी रहेगी ।

कृषि क्षेत्र में आएगा बड़ा बदलाव, किसानों को समृद्ध बनाएगा AI: नितिन गडकरी का बयान

नागपुर  केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) किसानों को समृद्ध बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है और इससे उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है। नागपुर में आयोजित हुए एग्रोविजन 2025 में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि आज के समय पर खेती में तेजी से एआई का उपयोग हो रहा है। इससे पहले पता चल जाता है कि फसल में कौन-से कीड़े लगने वाले हैं, कौन-सी बीमारी लग सकती है, मिट्टी को कौन-सी खाद की आवश्यकता है, कितने पानी की जरूरत है और इससे उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है। उन्होंने आगे कहा कि हमने हाल ही संतरे का एक सेमिनार रखा था, जिसमें देश-विदेश की तकनीक बताई गई। उसमें 250 रुपए का प्रवेश शुल्क रखा गया था और इसमें 650 से ज्यादा किसान आए थे। इससे क्षेत्र में संतरा उत्पादकता में बड़ा लाभ हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि 16 वर्षों से यह कृषि प्रदर्शनी हो रही है। इससे हजारों किसानों को लाभ हो रहा है। पहले विदर्भ किसान आत्महत्याओं का क्षेत्र बन गया था। किसानों को इस संकट से बाहर निकालने के लिए प्रदर्शनी को शुरू किया गया था। उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए और उन्हें सक्षम बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और कृषि विकास की दिशा में काम करना जरूरी था। मीडिया से बातचीत करते हुए कि एआई से किसानों को बड़े स्तर पर फायदा होगा। इससे कौन-सी बीमारी लग सकती है। इसका पहले ही पता लग जाएगा। कौन-से एनपीके की जरूरत इसका भी अनुमान लगा जा सकती है और वहीं, कितना पानी देना है। इसकी भी जानकारी मिल सकती है। उन्होंने आगे कहा कि कृषि से जुड़े उपकरणों में तेजी से बदलाव हो रहा है। अब सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का चलन तेजी से बढ़ रहा है। भारत का खाद्यान्न उत्पादन बीते 10 वर्षों में 106 मिलियन टन बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 357.73 मिलियन टन हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 2015-16 में 251.54 मिलियन टन था। सरकार के मुताबिक, चावल उत्पादन बढ़कर 1,501.84 लाख टन हो गया है, जो कि पिछले साल के उत्पादन 1,378.25 लाख टन से 123.59 लाख टन अधिक है। गेहूं का उत्पादन भी बढ़कर 1,179.45 लाख टन हो गया है, जो कि पिछले साल के उत्पादन 1,132.92 लाख टन से 46.53 लाख टन अधिक है। मूंग का उत्पादन बढ़कर 42.44 लाख टन, सोयाबीन का 152.68 लाख टन और मूंगफली का 119.42 लाख टन हो गया है।

खेल मंत्री सारंग की उपस्थिति में होगा बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का समापन

52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का समापन समारोह 22 नवम्बर को भोपाल  भोपाल में 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2025 का समापन समारोह 22 नवम्बर शनिवार को दोपहर 12 बजे सहकारिता खेल, युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग की उपस्थिति में क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (आर.आई.ई.) श्यामला हिल्स में होगा। समापन समारोह में महापौर नगर पालिका निगम श्रीमती मालती राय भी उपस्थित रहेंगी। समापन समारोह में केन्द्रीय सचिव स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग श्री संजय कुमार एवं निदेशक राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान गांधी नगर गुजरात डॉ. अरविंद सी. रानाडे भी मौजूद रहेंगे। राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 18 नवम्बर से शुरू हुई थी। प्रदर्शनी में 31 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी एवं शिक्षकों ने संयुक्त रूप से मिलकर विज्ञान पर केन्द्रित प्रोजेक्ट एवं मॉडल प्रस्तुत किये। प्रदर्शनी का उददेश्य युवा पीढ़ी में विज्ञान के प्रति रूचि पैदा करना और वैज्ञानिक विचार विकसित करना था। इस वर्ष की राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी की थीम सतत् भविष्य के लिये विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी रखी गई थी।  

143 खिलाड़ियों के ग्रेडेशन प्रमाणपत्र रद्द करने की तैयारी, हरियाणा के इन जिलों के खिलाड़ियों पर सबसे बड़ा असर

चंडीगढ़  सरकारी भर्तियों में खेल कोटे के नाम पर फर्जीवाड़ा अब बड़े स्तर पर सामने आया है। राज्य सरकार को भेजी गई जांच रिपोर्ट में खेल विभाग ने कई खिलाड़ियों के प्रमाणपत्रों को संदिग्ध, अमान्य और यहां तक कि फर्जी घोषित किया है। रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों में खेल कोटे के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर नौकरियों में फायदा उठाने की कोशिश हुई। इससे न केवल वास्तविक खिलाड़ियों का हक मारा गया, बल्कि भर्तियों की पारदर्शिता पर भी सवाल उठे। कई सर्टिफिकेट तो 2012, 2014, 2016 और 2018 की प्रतियोगिताओं के बताए जा रहे थे, लेकिन संबंधित संघों ने ऐसे आयोजनों के होने से ही इन्कार कर दिया। वहीं कुछ खिलाड़ियों को असली और नकली दोनों तरह के दस्तावेज लेकर आते पाया गया। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कई प्रमाणपत्र जूनियर कैटेगरी के थे, जबकि उम्मीदवार ने उन्हें सीनियर कैटेगरी के रूप में नौकरी में लगाया जो नियमों के खिलाफ है।   रिपोर्ट में कई ऐसे सर्टिफिकेट भी पाए गए हैं, जो न तो किसी मान्यता प्राप्त राज्य संघ की ओर से जारी किए गए हैं और न ही राष्ट्रीय महासंघ या इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से संबद्ध हैं। एसोसिएशन ने बिना मान्यता के ही खेल के प्रमाणपत्र खिलाड़ियों को जारी कर दिए। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों के सर्टिफिकेट की सूची बनाकर संबंधित फेडरेशनों से सत्यापन कराया गया। जांच में बड़ी संख्या ऐसे प्रमाणपत्र निकले, जो संबंधित एसोसिएशन से संबद्ध नहीं है। उन पर सर्टिफिकेट फर्जी और मान्य नहीं है जैसी टिप्पणियां दर्ज की गईं हैं।   जांच रिपोर्ट में दर्शाया गया है कि ताइक्वांडो, एथलेटिक्स, वॉलीबाल, थ्रोबाल और सर्कल कबड्डी के प्रमाणपत्रों में बड़े स्तर पर अनियमितताएं मिलीं। ताइक्वांडो में कई खिलाड़ियों के सर्टिफिकेट मान्य नहीं पाए गए। कोई भी दस्तावेज मान्यता प्राप्त राज्य संघ से जारी नहीं हुआ था, जबकि कुछ में राष्ट्रीय फेडरेशन की मान्यता ही नहीं थी। एथलेटिक्स में कई प्रमाणपत्र सीधे फर्जी घोषित हुए। संबंधित संघ ने स्पष्ट लिखा कि ऐसे किसी खिलाड़ी का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। वॉलीबाल व थ्रोबाल में भी कई सर्टिफिकेट ऐसे निकले जिन पर दर्ज उपलब्धियां असत्य साबित हुईं। कबड्डी में कई खिलाड़ियों के प्रमाणपत्र न मान्यता प्राप्त संघ से जारी पाए गए और न ही इवेंट के वर्ष में फेडरेशन की कोई अधिकृत प्रतियोगिता हुई थी।    सबसे ज्यादा हिसार, जींद व फतेहाबाद के खिलाड़ी शामिल जारी सूची में हिसार के 36 खिलाड़ी, जींद के 31, फतेहाबाद के 20, चरखी दादरी के 8, सोनीपत के 6, कैथल के 6, महेंद्रगढ़ के 9, रोहतक के 3, करनाल के 4, पानीपत के 13, कुरुक्षेत्र व भिवानी के 2, रेवाड़ी, सिरसा व झज्जर के एक-एक खिलाड़ी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हैदराबाद में निवेश को लेकर रोड-शो

दक्षिण भारत के उद्योगपतियों से निवेश पर होगा विस्तृत संवाद ग्रीन एनर्जी, आईटी, आईटीईएस एवं इएसडीएम सेक्टर के उद्योगपति मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों से होंगे रू-ब-रू भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए 22 नवंबर को हैदराबाद में ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र में दक्षिण भारत के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ संवाद करेंगे। यह सत्र उद्योग समूहों के लिए मध्यप्रदेश की नीतियों, आधारभूत संरचना और निवेश के अवसरों को जानने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव हैदराबाद में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश में निवेश विस्तार, नई इकाइयों की स्थापना और विभिन्न सेक्टरों में दी जा रही सुविधाओं पर संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्रीनको मुख्यालय का भ्रमण करेंगे। साथ ही ग्रीनको समूह के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक भी होगी, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग और बड़े पैमाने के औद्योगिक निवेश पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद द लीला होटल में आयोजित मुख्य सत्र में उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे, जिनमें आईटी, आईटीआईएस, ईएसडीएम, बायोटेक, मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों में निवेश योजनाओं और आगामी प्रोजेक्ट्स पर चर्चा होगी। सत्र में बायोटेक क्षेत्र पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण राउंड टेबल मीटिंग होगी। इसमें नवाचार आधारित उद्योगों और अनुसंधान-आधारित परियोजनाओं के लिए मध्यप्रदेश में बन रहे अनुकूल वातावरण पर विस्तृत चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे दिन उद्योगपतियों के साथ संवाद जारी रखेंगे, जिसमें विभिन्न समूह राज्य में अपने निवेश प्रस्तावों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत विमर्श करेंगे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र सिंह निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश की उद्योग-हितैषी नीतियों, विकसित औद्योगिक कॉरिडोर, सेक्टर-आधारित क्लस्टर्स, औद्योगिक अधोसंरचना और निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने के प्रयासों की जानकारी साझा करेंगे। उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि भी मध्यप्रदेश को लेकर अपनी अपेक्षाएँ और अनुभव साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आयोजित यह संवाद आने वाले समय में प्रदेश में नए औद्योगिक निवेश और दीर्घकालिक साझेदारियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। यह कार्यक्रम उद्योग जगत के लिए मध्यप्रदेश को निवेश के विश्वसनीय गंतव्य के रूप में समझने का अवसर प्रदान करेगा। 

समाज के हर वर्ग की सहभागिता से बालाघाट को बनायेंगे आदर्श जिला

बालाघाट में हुई जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक भोपाल  स्कूल शिक्षा एवं बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि बालाघाट जिले को समाज के हर वर्ग की सहभागिता से आदर्श जिला बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले के समग्र विकास के लिये गहन मंथन के बाद जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किया है। समिति में विषय-विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिनके सुझाव से जिले की विकास गति को तेज रफ्तार मिलेगी। मंत्री श्री सिंह शुक्रवार को बालाघाट में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में समिति के सदस्यों ने बालाघाट में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने, जिला चिकित्सालय में स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से रैन-बसेरा बनाने, सरकारी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खोलने, जनजातीय बहुल क्षेत्र में खनिज खनन प्रक्रिया को सरल बनाने के संबंध में सुझाव दिये। बैठक में सांसद श्री भारती पारधी, विधायक सर्वश्री राजकुमार कर्राहे, गौरव पारधी, मधु भगत, विवेक विक्की पटेल और श्रीमती अनुभा मुंजारे ने सुझाव दिये। समिति के सदस्य सचिव कलेक्टर श्री मृणाल मीणा ने बताया कि समिति गठन का उद्देश्य जिले के दीर्घकालीन विकास की योजना बनाना, प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल को प्रोत्साहित करने और जिले के विकास के लिये रोड मेप तैयार करना है। शहीद जवान आशीष शर्मा को श्रद्धांजलि बैठक के प्रारंभ में बालाघाट जिले में पदस्थ जवान आशीष शर्मा को देश की सेवा करते हुए शहीद होने पर श्रद्धांजलि दी गयी। मंत्री श्री सिंह ने शहीद आशीष के शौर्य का स्मरण किया। युवाओं को वितरित किये गये नियुक्ति पत्र प्रभारी मंत्री श्री सिंह ने जिले के चयनित युवाओं को प्रतिष्ठित कम्पनियों में नौकरी मिलने पर नियुक्ति पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित कम्पनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टाटा मोटर्स में जॉब मिलना युवाओं के लिये महत्वपूर्ण है। उन्होंने चयनित युवाओं से मन लगाकर काम करने की अपील की। कलेक्टर श्री मृणाल मीणा ने बताया कि जिले में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये लगातार रोजगार मेले आयोजित किये जा रहे हैं। सीखो-कमाओं योजना के अंतर्गत जिले में विभिन्न उद्योगों में 400 युवाओं को रोजगार दिलाया गया है।