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राम मंदिर पर फहराता ध्वज: पाकिस्तान बोखलाया, संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की गुहार

अयोध्या  उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित मंदिर में हुए ध्वजारोहण पर पाकिस्तान खिसियाता नजर आ रहा है। पड़ोसी मुल्क ने एक बार फिर बाबरी मस्जिद का मुद्दा उठाया है और भारत पर मुस्लिम विरासत को कम करने की कोशिश के आरोप लगाए हैं। अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन और आतंकवाद फैलाने के आरोप से घिरे मुल्क ने UN यानी संयुक्त राष्ट्र से अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की मांग की है। फिलहाल, भारत सरकार की तरफ से इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंगलवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच केसरिया ध्वज फहराया। इस अनुष्ठान के साथ ही मंदिर का निर्माण औपचारिक रूप से पूरा हो गया। यह ध्वज पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली में बने शिखर पर फहराया गया, जबकि मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा (दक्षिण भारतीय वास्तु शैली में डिजाइन किया गया घेरा) मंदिर की शिल्प विविधता को दिखाता है। पाकिस्तान ने क्या कहा पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने लिखा, 'पाकिस्तान ने आयोध्या में ऐतिहासिक बाबरी के स्थान पर बने तथाकथित राम मंदिर पर ध्वजारोहण पर चिंता जाहिर की है। सदियों पुरानी प्रार्थना की जगह को 6 दिसंबर 1992 में चरमपंथी भीड़ ने गिरा दिया था। इसके बाद भारत में हुई न्यायिक प्रक्रिया में जिम्मेदारों को बरी कर दिया गया और मस्जिद की जगह पर मंदिर निर्माण की अनुमति दी गई।' पाकिस्तान ने भारत पर भेदभाव के आरोप लगाए। मानवाधिकार उल्लंघन के कई आरोप झेल चुके पाकिस्तान ने कहा, 'यह भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ते दबाव और मुस्लिम सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को जानबूझकर कम करने की कोशिश है।' पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है। पाकिस्तान ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र और संबंधित अंतरराष्ट्रीय निकायों को इस्लामिक विरासत की सुरक्षा और सभी अल्पसंख्यकों के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा में भूमिका निभानी चाहिए।' रिपोर्ट में खुली पाकिस्तान की पोल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार की 24 जुलाई 2025 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एक्सपर्ट्स ने पाकिस्तान में कमजोर समुदायों के खिलाफ हुई हिंसा पर हैरानी जताई थी। विज्ञप्ति के अनुसार, UNHR एक्सपर्ट्स ने पाकिस्तान से अपील की है कि अहमदिया समुदाय समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा के बीच कड़े कदम उठाए जाएं। आगे कहा गया, 'हम कमजोर समुदायों के खिलाफ उनके धर्म या विश्वास के आधार पर बढ़ती हिंसा की खबरों से हैरान हैं।' आगे कहा गया, 'इन समुदायों ने अपने खिलाफ दुश्मनी और नफरत की वकालत के संदर्भ में हमले, हत्याएं और उत्पीड़न देखा है।' एक्सपर्ट्स ने कहा, 'पाकिस्तान को सजा से बचने के उस पैटर्न को तोड़ना होगा, जिसमें हमलों और नफरत भड़काने वालों को बगैर रोकटोक काम करने दिया जाता है।' साथ ही कहा गया कि ये हमले सरकारी मिलीभगत से होते हैं। एक्सपर्ट्स ने पाकिस्तान सरकार से इन उल्लंघनों की जांच करने और आपराधियों को सजा दिलाने की मांग की थी।  

चिप्स-बिस्किट से सावधान! प्रोसेस्ड फूड कैसे चुपचाप बिगाड़ रहा है आपकी सेहत?

आधुनिक जीवनशैली ने मोटापे की ऐसी चुनौती दी है, जिससे पार पार पाना आसान नहीं है। इससे डायबिटीज, हार्ट, लिवर और किडनी जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ रहा है। लांसेट ने इसे लेकर अध्ययन की एक श्रृंखला प्रकाशित की है, जिसमें दो बातें स्पष्ट हैं, पहली प्रसंस्करित भोजन (अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड) की प्रचुरता ने हमारे स्वस्थ भोजन के विकल्पों को सीमित कर दिया है और दूसरी, स्वस्थ आहार के लिए व्यक्तिगत से लेकर नीतिगत स्तर तक जागरूक होने की अब अनिवार्यता बढ़ गई है। यह जानते हुए कि इस तरह के भोजन सेहत के लिए नुकसानदेह हैं, फिर भी चिप्स, बिस्किट, पैकेज्ड पेय, इंस्टैंट नूडल्स जैसे तमाम अल्ट्रा प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ हमारी रसोई में जगह बढ़ाते जा रहे हैं। भारत में मोटापा और डायबिटीज बढ़ाने में अल्ट्रा प्रोसेस्ड भोजन सिर्फ एक वजह भर नहीं है, बल्कि प्रमुख कारण हैं। लांसेट के अनुसार, अगर गैर- संचारी रोगों की चपेट में आने से बचना है, तो अल्ट्रा प्रोसेस्ड भोजन को लेकर तुरंत चेतने की आवश्यकता है। जानें अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड के बारे में इस तरह के खाद्य पदार्थों में पांच से अधिक ऐसे घटक होते हैं, जो रसोई में नहीं पाए जाते, जैसे- प्रिजर्वेटिव एडिटिव, डाइ, स्वीटनर और इमल्सीफायर। बिस्किट, पेस्ट्री, सास, इंस्टैंट सूप, नूडल्स, आइसक्रीम, ब्रेड, फिजी ड्रिंक्स जैसे अल्ट्रा प्रोसेस्ड खाद्य कई सारे घरों में लोग रोज प्रयोग करते हैं। अनेक सर्वे बताते हैं कि बड़ी संख्या में लोग अब फाइबर और प्रोटीन के बजाय अत्यधिक शुगर, नुकसानदेह वसा और नमक का सेवन करने लगे हैं। खास बात हैं कि पैकेटबंद और अत्यधिक कैलोरी वाले इस तरह के भोजन छोटे शहरों और गांवों तक पहुंच चुके हैं। 12 तरह की बीमारियों का कारण है अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड लांसेट में प्रकाशित इस समीक्षात्मक अध्ययन में 43 वैश्विक विशेषज्ञों ने 104 अध्ययनों के आधार पर प्रसंस्करित भोजन के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया है। इससे 12 तरह की संभावित समस्याओं को चिह्नित किया गया है, जिसमें टाइप-2 डायबिटीज, कार्डियोवैस्कुलर किडनी की बीमारी, डिप्रेशन और असामयिक मौत जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। कुछ विज्ञानियों का मानना है कि आज की जीवनशैली के चलते अल्ट्रा प्रोसेस्ड भोजन से मुक्त हो पाना लगभग असंभव है। वहीं, अध्ययन के आलोचकों की मानें तो इससे पुरानी बीमारियों का जोखिम तो बढ़ता है, पर सभी तरह के यूपीएफ से खतरा बढ़ता है, पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता।     28.6 प्रतिशत भारतीय मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं आइसीएमआर इंडिया डायबिटीज (2023) के अध्ययन के मुताबिक।     11.4 प्रतिशत भारतीयों में डायबिटीज और 15.3 प्रतिशत में प्री-डायबिटीज की स्थिति बन चुकी है वर्तमान में।     40 प्रतिशत भारतीयों में पेट के पास वसा का जमाव (एब्डोमिनल ओबिसिटी) हो चुका है।     3.4 प्रतिशत बच्चों में मोटापे की समस्या चिह्नित की गई एनएचएफएस-5 में, वहीं एनएचएफएस-4 में यह आंकड़ा 2.1 प्रतिशत पर था । कैलोरी और पोषण के बीच बढ़ता असंतुलन अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड में शुगर, वसा, नमक की अधिकता होने के चलते स्वाद बढ़ जाता है, जिससे लोग सेवन के लिए आकर्षित होते हैं। इसमें रिफाइंड कार्ब और शुगर की अधिकता के कारण ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है, जिससे शरीर का इंसुलिन रिस्पांस प्रभावित होता है। मेटाबोलिज्म प्रभावित होने के चलते टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम रहता है। क्यों जरूरी है पारंपरिक भारतीय भोजन सबसे बड़ी समस्या यही है कि अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड तेजी से पारंपरिक भारतीय भोजन यानी अनाज, दालों और सब्जियों की जगह लेता जा रहा है। सही ढंग से तैयार पारंपरिक भारतीय भोजन में फाइबर और सूक्ष्म पोषक तत्वों की प्रचुरता रहती है । इससे मेटाबोलिक समस्या होने की आशंका भी कम होती है।  

अंजुम चोपड़ा के अनुसार दीप्ति शर्मा को तीन राज्यों में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना

नई दिल्ली   विमेंस प्रीमियर लीग 2026 के लिए नीलामी 27 नवंबर को दिल्ली में होनी है। इस बार नीलामी में सबकी नजरें भारतीय टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा पर होंगी। भारतीय टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा का मानना है कि दीप्ति के लिए नीलामी में गुजरात जायंट्स, दिल्ली कैपिटल्स और यूपी वॉर्रियर्ज के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा दिख सकती है।  जियोहॉटस्टार पर अंजुम चोपड़ा ने कहा, "दीप्ति की ऑलराउंडर क्षमता उन्हें सबसे अहम खिलाड़ी बना रही है। गुजरात जायंट्स को नीलामी में दीप्ति शर्मा पर जरूर विचार करना चाहिए। दिल्ली कैपिटल्स भी उन्हें एक भारतीय खिलाड़ी के तौर पर टारगेट कर सकती है। यूपी वॉरियर्ज भी उनमें फिर से दिलचस्पी दिखा सकती है।" पूर्व खिलाड़ी वेदा कृष्णमूर्ति ने भी दीप्ति की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक मैच विनर हैं। बल्ले और गेंद दोनों से शानदार रही हैं। नीलामी में उनकी मांग बहुत ज्यादा होगी और कई टीमें उनके लिए बोली लगाती दिखेंगी। दीप्ति शर्मा ने महिला वनडे विश्व कप में भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी और प्लेयर ऑफ द सीरीज रही थीं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए फाइनल में दीप्ति ने गेंद और बल्ले से कमाल दिखाते हुए भारत की खिताबी जीत में यादगार भूमिका निभाई थी। इस ऑलराउंडर ने 58 रन बनाने के साथ ही 5 विकेट लिए थे। दीप्ति ने टूर्नामेंट में 215 रन बनाने के साथ ही 22 विकेट लिए थे। इस दमदार प्रदर्शन के बावजूद यूपी वॉरियर्ज ने दीप्ति शर्मा को रिटेन नहीं किया था। इस वजह से उन्हें नीलामी में आना पड़ा। दीप्ति नीलामी में सबसे महंगी खिलाड़ी के रूप में उभर सकती हैं। यूपी वॉर्रियर्ज की कप्तान रह चुकी दीप्ति ने 3 सीजन में खेले 25 मैचों में 507 रन बनाने के साथ ही 27 विकेट लिए हैं। 

हेल्दी समझकर रोज पीते हैं ग्रीन टी? ये 7 साइड इफेक्ट्स कर सकते हैं सेहत खराब

ग्रीन टी को हेल्दी रूटीन का हिस्सा माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, कैटेचिन्स और पॉलीफेनॉल्स शरीर को टॉक्सिन्स से बचाते हैं, मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं और वजन कम करने में मदद करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ग्रीन टी सभी के लिए सुरक्षित हो सकती है, क्योंकि कुछ हेल्थ कंडीशन्स में इसका सेवन उल्टा नुकसान पहुंचा सकता है। जी हां, यहां ऐसे ही कुछ लोगों की जानकारी दी गई है जिनको ग्रीन टी से परहेज करना चाहिए । आइए जानते हैं। प्रेग्नेंट महिलाएं ग्रीन टी में कैफीन और टैनिन्स मौजूद होते हैं, जो गर्भावस्था में फोलिक एसिड के एब्जॉर्पशन को कम कर सकते हैं। इससे भ्रूण में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा अधिक कैफीन प्रीमैच्योर डिलीवरी या कम वजन वाले बच्चे का कारण भी बन सकता है। ब्रेस्टफीडन कराने वाली महिलाएं कैफीन मां के दूध में पहुंचकर शिशु में नींद की कमी, चिड़चिड़ापन और पेट की समस्या पैदा कर सकता है। खासकर नवजात शिशुओं के लिए यह असर ज्यादा हानिकारक हो सकता है। कैफीन सेंसिटिव लोग जो लोग कैफीन के प्रति संवेदनशील होते हैं, उन्हें थोड़ी सी मात्रा में भी घबराहट, दिल की धड़कन बढ़ना, कंपकंपी और चक्कर हो सकती है। उनके लिए ग्रीन टी का नियमित सेवन समस्या को बढ़ा सकता है। एनीमिया पेशेंट ग्रीन टी में मौजूद टैनिन्स आहार से मिलने वाले आयरन के एब्जॉर्पशन को बाधित करते हैं। इससे आयरन की कमी और गंभीर हो सकती है, खासकर अगर मरीज पहले से ही हीमोग्लोबिन के लो लेवल से जूझ रहा हो। पेट या लिवर की समस्या वाले लोग खाली पेट ग्रीन टी पीने से पेट में एसिडिटी, गैस, मितली और जलन की समस्या बढ़ सकती है। कुछ मामलों में ज्यादा मात्रा में सेवन लिवर एंजाइम्स पर नकारात्मक असर डालकर लीवर डैमेज का खतरा भी बढ़ा देता है। ब्लड प्रेशर या हार्ट पेशेंट्स ग्रीन टी में मौजूद कैफीन ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को प्रभावित कर सकता है। साथ ही यह कुछ हार्ट डिजीज की दवाओं के असर को भी बदल सकता है, जिससे मरीज की हालत बिगड़ सकती है। ब्लड थिनर दवा लेने वाले लोग ग्रीन टी में मौजूद विटामिन के, ब्लड थिनर दवाओं (जैसे वारफेरिन) के असर को कम कर देता है, जिससे ब्लड क्लोटिंग का खतरा बढ़ सकता है। ग्रीन टी फायदेमंद है, लेकिन सही व्यक्ति और सही मात्रा में। अगर आपको यहां बताई गई समस्याएं या इनमें से एक हैं, तो डॉक्टर से सलाह लिए बिना इसका सेवन न करें। याद रखें, हेल्दी ड्रिंक भी गलत परिस्थिति में हानिकारक बन सकती है।  

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, सिंगरौली में नायब तहसीलदार रिश्वत लेते दबोचा गया

 सिंगरौली  लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार कोल को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में राजस्व निरीक्षक हरी प्रसाद वैश की भूमिका भी संदिग्ध मिली है, जिस पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। करौली (सीधी) निवासी प्रवीण चतुर्वेदी ने वर्ष 2016 में चितरंगी क्षेत्र के बालाखण्ड गांव में जमीन खरीदी थी। कब्जे को लेकर हुए विवाद में उन्होंने 2017 में बेदखली के लिए आवेदन दिया। 2021 में आदेश जारी होने के बाद भी चार वर्षों तक कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता के बार-बार अनुरोध पर नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक ने मिलकर 15,000 रुपये की रिश्वत मांग ली। लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की तो 22 नवंबर को नायब तहसीलदार द्वारा 4,000 रुपये तथा 23 नवंबर को राजस्व निरीक्षक द्वारा 8,000 रुपये मांगने की पुष्टि हुई। दोनों अधिकारियों की रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और पूरी तैयारी के साथ निगरानी की। 25 नवंबर को लोकायुक्त दल ने बैरीटोला खुर्द स्थित सरकारी आवास में छापा मारकर नायब तहसीलदार महेंद्र कोल को 4,000 रुपये लेते हुए मौके पर गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है, जबकि राजस्व निरीक्षक के खिलाफ भी आगे की कार्रवाई जारी है।

शनि के मार्गी होने से खुलेंगे बंद रास्ते: जानें आपकी राशि पर क्या होगा असर

28 नवंबर 2025 को शनि देव मीन राशि में मार्गी हो रहे हैं और यह बदलाव एक महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवर्तन लेकर आता है. पिछले कुछ महीनों से शनि वक्री थे, जिसके कारण कामों की गति धीमी थी और जिंदगी के कुछ हिस्सों में भारीपन, रुकावट या उलझन महसूस हो रही थी. अब जब शनि देव मार्गी होंगे, तो दिशा और उद्देश्य दोनों अधिक स्पष्ट होने लगेंगे. यह परिवर्तन मीन राशि में हो रहा है इसलिए ऊर्जा में सहजता, गहराई, भावनात्मक संतुलन और आत्म-चिंतन का अवसर मिलता है. यह समय है खुद को स्थिर करने, भीतर की आवाज सुनने और उन जिम्मेदारियों को संभालने का है जो वास्तव में आपके लिए महत्वपूर्ण हैं. मेष शनि देव आपके बारहवें भाव को सक्रिय करते हैं. यह समय भीतर झांकने, पुराने डर या चिंताओं को छोड़ने और लंबित कामों को पूरा करने का है. शनि का छठे भाव पर दृष्टि प्रभाव आपके स्वास्थ्य, दिनचर्या और कामकाज को सुधारने में मदद करता है. नियमित प्रयास से जीवन में स्थिरता बढ़ेगी. उपाय: ॐ शं शनैश्चराय नमः का जप करें. शनिवार को काले तिल दान करें वृषभ शनि देव आपके ग्यारहवें भाव को मार्गी करते हैं — आय, लक्ष्य और सामाजिक दायरे में सुधार दिखाई देगा. जो काम पहले धीमे चल रहे थे, वे अब गति पकड़ेंगे. पांचवें भाव पर शनि की दृष्टि से पढ़ाई, प्रेम, बच्चों और क्रिएटिव कामों में संयम रखना होगा, पर धीरे-धीरे सुधार होगा. उपाय: शनिवार को काली गाय को भोजन कराएं. शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाएं. मिथुन शनि देव आपके दशम भाव—करियर—में मार्गी होंगे. काम के प्रति फोकस बढ़ेगा, जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से निभाएंगे. चौथे भाव पर शनि की दृष्टि घरपरिवार और करियर के बीच संतुलन की मांग करती है. शांत रहकर काम करने से अच्छे परिणाम मिलेंगे. उपाय: रिश्तों को संभालने के लिए घर में बहस से बचें. शनिवार को तिल का तेल का दीपक जलाएं. कर्क शनि देव आपके नवम भाव में मार्गी होंगे जिससे शिक्षा, यात्रा, भाग्य और ज्ञान में प्रगति होगी. जो फैसले पहले रुके थे, वे स्पष्ट होंगे. तीसरे भाव पर दृष्टि साहस, संवाद और दृढ़ता को मजबूत करेगी. मेहनत का फल स्थिर रूप से मिलेगा. उपाय: मंदिर जाने से मानसिक शांति मिलेगी. काले कंबल या गरम कपड़े दान करें. सिंह आठवें भाव में शनि मार्गी होने से परिवर्तन, साझेदारी वित्त और भावनात्मक गहराई में धीरे-धीरे प्रगति होगी. दूसरे भाव पर शनि की दृष्टि बोलचाल और खर्च दोनों में सावधानी की सलाह देती है. उपाय: पीपल पेड़ पर जल चढ़ाएं. शनिवार को शराब सेवन से बचें. कन्या शनि आपके सप्तम भाव में मार्गी होंगे जिससे साझेदारी और रिश्ते सही होंगे. रुके हुए संबंध या बातचीत अब धीरे-धीरे सुधर सकते हैं. पहले भाव पर शनि की दृष्टि आपको अधिक मजबूत, जिम्मेदार और धैर्यवान बनाती है. उपाय: शनिवार को गहरे नीले रंग के कपड़े पहनें. रिश्तों में धैर्य रखें, सुधार आएगा. तुला छठे भाव में शनि देव का मार्गी होना स्वास्थ्य, दिनचर्या और नौकरी में सुधार देगा. आप चुनौतियों को बेहतर ढंग से संभाल पाएंगे. बारहवें भाव पर दृष्टि आपको फिजूल की चिंता छोड़कर भीतर की स्पष्टता पर जोर देती है. उपाय: शनिवार को लोहे की वस्तुएं दान करें. नियमित ध्यान करें, आपका फोकस बढ़ेगा वृश्चिक पांचवें भाव में शनि मार्गी आपको पढ़ाई, प्रेम, क्रिएटिविटी और बच्चों से जुड़े मामलों में स्थिरता देंगे. ग्यारहवें भाव पर शनि की दृष्टि लक्ष्यों में धीरज और टीमवर्क से लाभ दिखाती है. उपाय: सुबह-सुबह कौओं को दाना डालें. गहरे रंग का ब्रेसलेट पहनें धनु चौथे भाव में शनि मार्गी होने से घर, परिवार और भावनाओं पर ध्यान बढ़ेगा. नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, लेकिन ये आपकी नींव को मजबूत करेंगी. दसवें भाव पर दृष्टि करियर में मेहनत और जिम्मेदारी बढ़ाएगी. उपाय: दूध और चावल का दान करें. शनिवार को शनि मंत्र जपें. मकर तीसरे भाव में शनि मार्गी होने पर कमीुनिकेशन, साहस और निर्णय क्षमता मजबूत होगी. जो काम मेहनत मांगते हैं, वे अब आगे बढ़ेंगे. नवम भाव पर दृष्टि होने से भाग्य और सीखने के अवसर बढ़ेगें. उपाय: अनावश्यक झगड़ों से बचें. बुजुर्गों की सेवा करें. कुंभ दूसरे भाव में शनि मार्गी होने से आर्थिक फैसले बेहतर होंगे, बोलचाल में समझदारी आएगी. परिवार से जुड़े मामलों में सुधार महसूस होगा. आठवें भाव पर दृष्टि से भावनात्मक स्थिरता और साझा संसाधनों को बेहतर संभालने का समय मिलेगा. उपाय: अपने पास छोटा लोहे का टुकड़ा रखें. नए कर्ज लेने से बचें. मीन पहले भाव में शनि मार्गी होने से आप अधिक अनुशासित, केंद्रित और गंभीर बनेंगे. यह समय स्वयं को सुधारने का है. सातवें भाव पर दृष्टि से रिश्तों में समझदारी, ईमानदारी और जिम्मेदारी बढ़ने का संकेत है. उपाय: शनिवार को गहरे नीले रंग का स्कार्फ पहनें. बड़ों का सम्मान करें, आपसी समझ बढ़ेगी.  

दक्षिण अफ्रीका से करारी हार के बाद गंभीर सामने आए: कहा— टीम से पहले खुद को जिम्मेदार मानता हूं

नई दिल्ली  भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया। भारत ने कोलकाता में पहला मैच जहां तीसरे दिन 30 रनों से गंवाया तो गुवाहाटी में दूसरे मुकाबले में 408 रनों से हार झेली। यह भारत की टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार है। साउथ अफ्रीका ने 25 सालों के बाद भारत में पहली टेस्ट सीरीज जीती है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सूपड़ा साफ होने के बाद भारत के हेड कोच गौतम गंभीर आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि हार की जिम्मेदारी सबकी लेकिन पहली मेरी है।   कोच ने साउथ अफ्रीका सीरीज के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हमें बेहतर खेलना होगा। 95/1 से 122/7 का स्कोर ठीक नहीं है। आप किसी एक व्यक्ति या किसी खास शॉट को दोष नहीं दे सकते। दोष सबका है। मैंने कभी किसी एक व्यक्ति को दोष नहीं दिया और आगे भी ऐसा नहीं करूंगा।" भारत ने इस साल आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जैसे टूर्नामेंट जीते हैं। भारत ने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज ड्रॉ कराई। हालांकि, गंभीर के भविष्य को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कोच ने कहा, "मेरे भविष्य का फैसला बीसीसीआई को करना है। लेकिन मैं वही शख्स हूं जिसके अंडर भारत ने इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन किया, चैंपियंस ट्रॉफी जीती और एशिया कप जीता।'' विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे खिलाड़ियों के टेस्ट रिटायरमेंट के बाद से भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। हेड कोच ने कहा, ''मैंने पहले भी कहा है कि मुझे ट्रांजिशन शब्द से नफरत है और मैं यहां बहाने बनाने नहीं आया हूं। ट्रांजिशन असल में यही है। युवा खिलाड़ी सीख रहे हैं। आपको उन्हें समय देना होगा।'' गुवाहाटी टेस्ट में भारत को 549 रनों का लक्ष्य मिला था। बुधवार को पांचवें दिन भारत की दूसरी पारी 63.3 ओवर में 140 रनों पर सिमटी। गंभीर के अंडर भारत अब तक घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ पांच टेस्ट हार चुका है। पिछले 66 वर्षों में यह पहला अवसर है जबकि भारतीय टीम सात महीनों के अंतराल में पांच टेस्ट हार गई। यह तीसरा अवसर है जबकि किसी टीम ने भारत का उसकी धरती पर सूपड़ा साफ किया। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने 2000 में 2-0 से जबकि पिछले साल न्यूजीलैंड ने 3-0 से सीरीज जीती थी। इस पराजय से भारत की आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को भी करारा झटका लगा है।  

‘नीले ड्रम’ केस की मुस्कान बनी मां, नवजात को लेकर पहुंची जेल—जानिए क्या नाम रखा बेटी का

मेरठ  यूपी के मेरठ में एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में सोमवार को सौरभ हत्याकांड की आरोपी मुस्कान ने बेटी को जन्म दिया था। स्त्री रोग विभाग अध्यक्ष डॉ. शगुन ने बताया कि बच्ची राधा और मुस्कान का पूरा मेडिकल चेकअप किया गया। वह पूरी तरह से स्वस्थ है। बुधवार को दोपहर में मुस्कान की छुट्टी कर दी गई है। मुस्कान सीधे मेडिकल अस्पताल से जेल के लिए रवाना हो गई है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि बेबी ढाई किलो की है। नॉर्मल डिलीवरी कराई है, मुस्कान और उसकी बच्ची स्वस्थ्य हैं और एक साथ हैं। मुस्कान के परिजन मेडिकल अस्पताल में नहीं आए हैं और न ही कोई संपर्क किया। इसलिए बच्ची की दवाएं, कपड़े और जो भी जरूरी सामान है, उसकी व्यवस्था जेल प्रशासन की ओर से की गई है। मुस्कान सुबह से बच्ची को गोद में लिए बैठी है। उसे लगातार दुलार कर रही है। मुस्कान बच्ची के लिए काफी खुश है। सौरभ हत्याकांड में मुख्य आरोपी पत्नी मुस्कान ने अपनी नवजात बच्चे का नाम राधा रखा है। दरअसल जेल सूत्रों के हवाले से पता चला की मुस्कान ने पहले ही बच्चों का नाम सोच रखा था। मुस्कान खुद कहती थी कि बेटा होने पर नाम कृष्ण और बेटी होने पर नाम राधा रखेगी। ऐसे में अब बेटी का नाम राधा रखा है। मां-बेटी को जिला जेल शिफ्ट किया गया है। जमानत नहीं मिली तो फिलहाल 6 साल तक की उम्र होने तक बच्ची जेल में मुस्कान के पास ही रहेगी। दूसरी और बच्चे के जन्म को लेकर सौरभ के परिजनों ने फिर से सवाल उठाए हैं। सौरभ के भाई राहुल ने इसे मुस्कान का गेम प्लान बताया है। आरोप लगाया कि बच्ची सौरभ की नहीं है। दोनों बच्चियों के डीएनए जांच की भी मांग की। राहुल ने बताया कि वे लोग कोर्ट में इस संबंध में अपील करेंगे। मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की 3 मार्च 2025 को हत्या कर दी थी। दोनों 4 मार्च को हिमाचल घूमने के लिए निकल गए थे। 17 मार्च को साहिल और मुस्कान मेरठ वापस आए, जिसके बाद 18 मार्च को हत्याकांड का खुलासा हुआ। 18 मार्च को मुस्कान और साहिल की गिरफ्तारी की गई थी। जेल जाने के बाद खुलासा हुआ की मुस्कान गर्भवती है। सोमवार को मुस्कान ने मेडिकल कॉलेज में एक बेटी को जन्म दिया। मुस्कान ने इस बच्ची का नाम राधा रखा है। सौरभ के भाई बोले, डीएनए जांच होनी चाहिए सौरभ के बड़े भाई राहुल ने इस पूरे घटनाक्रम को मुस्कान का गेम प्लान बताया। उनका आरोप है कि सौरभ के जन्मदिन के दिन बच्चे का जन्म मुस्कान का ही गेम प्लान है। आरोप लगाया की मुस्कान ने पूरी प्लानिंग के साथ यह सब किया है साथ ही बच्चों के डीएनए जांच की मांग की है। फिलहाल राहुल ने बताया कि वे लोग कोर्ट में दोनों बच्चों के डीएनए जांच की मांग करेंगे। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि बच्चों का पिता कौन है।  

Google Meet अचानक ठप — मीटिंग्स रुकीं, यूजर्स सोशल मीडिया पर जताई नाराज़गी

नई दिल्ली  गूगल का पॉपुलर फ्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म Google Meet भारत में ठप हो गया है। इसकी शिकायत करने के लिए यूजर्स ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। भारत के सैंकड़ों यूजर्स इस आउटेड से प्रभावित हुए हैं। इस आउटेज के कारण कई यूजर्स वीडियो कॉल में शामिल नहीं हो पाए या उसे होस्ट नहीं कर पाए क्योंकि प्लेटफॉर्म में बड़े पैमाने पर आउटेज हुआ। यूजर्स का कहना है कि स्क्रीन पर “502, that’s an error” मैसेज दिखाई दे रहा है।   67% यूजर्स ने वेबसाइट से जुड़ी दिक्कतों को फ्लैग किया आउटेड को ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर ने दोपहर 12:08 बजे तक 1700 आउटेज रिपोर्ट रिकॉर्ड की थीं, जिसमें 67% यूजर्स ने वेबसाइट से जुड़ी दिक्कतों को फ्लैग किया और 32% ने सर्वर से जुड़ी दिक्कतों की रिपोर्ट की, जिससे गूगल मीट के खिलाफ शिकायतों में तेजी से बढ़ोतरी दिखती है। यह एक हफ्ते बाद हुआ जब Cloudflare में एक बड़ी टेक्निकल दिक्कत के बाद इंटरनेट के कई हिस्से डाउन हो गए थे।   एक्स पर शिकायत कर रहे यूजर्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यूजर्स शिकायत कर रहे हैं, जिससे पता चलता है कि यह समस्या बड़े पैमाने पर है। लोग पूछ रहे हैं क्या “Google Meet सबके लिए डाउन है?” और “Google Meet डाउन क्यों है??” कई ट्वीट में @GoogleIndia को टैग करके सफाई मांगी गई। हर बड़ी टेक कंपनी डाउन क्यों हो रही हैं? कई लोगों ने यह भी सवाल किया, “Google meet डाउन है!! इस महीने हर बड़ी टेक कंपनी क्यों डाउन हो रही है?” एक और ने कहा, “इस महीने हर बड़ी टेक कंपनी डाउन हो रही है!!! मैं अभी भी GCP आउटेज का इंतजार कर रहा हूं!!!” एक और ने कमेंट किया, “क्या Google Meet किसी और के लिए भी डाउन है? पहले Cloudflare, फिर AWS… अब GCP भी चाहता है।” पिछले हफ्ते, Cloudflare को लगातार सर्विस में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इन दिक्कतों की वजह से कई इलाकों के सैकड़ों यूजर्स उन वेबसाइट और सर्विस को एक्सेस नहीं कर पाए जो कंपनी के नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर थीं। Cloudflare के यह बताने के बाद कि एक छिपी हुई सॉफ्टवेयर कमी ने उसके सिस्टम पर असर डाला है, सोशल नेटवर्क एक्स और एआई चैटबॉट ChatGPT समेत बड़े प्लेटफॉर्म में बड़े पैमाने पर दिक्कतें आईं।

संविधान दिवस पर CM विष्णुदेव साय ने बाबासाहेब अंबेडकर को किया नमन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अंबेडकर चौक में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया। डॉ. अंबेडकर के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे केवल भारतीय संविधान के शिल्पकार ही नहीं, बल्कि समानता, न्याय और सामाजिक समरसता के अटूट स्तंभ भी रहे हैं। इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में उपस्थित आमजन ने संविधान दिवस पर डॉ. अंबेडकर के अप्रतिम योगदान को याद किया तथा संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री  साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारा संविधान देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का मूल आधार है। डॉ. अंबेडकर ने दूरदर्शिता और गहन अध्ययन के साथ संविधान के प्रारूप निर्माण में योगदान दिया है। भारत का संविधान न केवल हमारे अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि नागरिक कर्तव्यों के प्रति हमें जागरूक भी करता है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने भी विविधता में एकता की भारतीय परंपरा को आगे बढ़ाने तथा संवैधानिक मूल्यों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।