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‘मेरा रेट पूछते हैं’: गिरिजा ओक पर सोशल मीडिया पर अश्लील मैसेजों का हमला

मुंबई      एक्ट्रेस गिरिजा ओक पिछले दो दशक से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का हिस्सा हैं. लेकिन अपने एक वायरल वीडियो की वजह से वो रातोरात नेशनल क्रश बन गईं. गिरिजा ने मराठी और हिंदी फिल्मों-शोज में काम किया है. अचानक से मिले फेम पर गिरिजा ने रिएक्ट किया है. उन्होंने एक इंटरव्यू में इसके साइड इफेक्ट्स पर भी बात की है. गिरिजा का खुलासा दरअसल, गिरिजा की इंटरनेट पर कुछ बोल्ड तस्वीरें सामने आई थीं. जिसके बाद लोग उन्हें 'इंडिया की सिडनी स्वीनी' कहने लगे. कुछ लोग उन्हें 'नई नेशनल क्रश' का टैग देने लगे. इस पर द लल्लनटॉप से बातचीत में गिरिजा ने कहा, किसी ने मुझसे पूछा कि कुछ बदला क्या है? मैंने कहा, नहीं. मुझे तो अभी तक ज्यादा काम के ऑफर भी नहीं मिल रहे हैं. एक्ट्रेस को भेजे गए भद्दे मैसेज अचानक से मिले फेम के डार्क साइड को गिरिजा ने रिवील किया. एक्ट्रेस के मुताबिक, उन्हें सोशल मीडिया पर अश्लील मैसेज भी आ रहे हैं. गिरिजा के बताया, किसी ने मुझे लिखा कि मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूं. मुझे एक चांस दो. किसी ने मुझसे मेरा रेट पूछते हुए कहा- एक घंटा बैठने की कीमत क्या है? मुझे ऐसे बहुत से मैसेज आते हैं. यही लोग अगर मुझे रियल लाइफ में देखें, तो शायद नजरें तक नहीं मिलाएंगे. पर पर्दे के पीछे लोग कुछ भी कहते हैं. सामने आने पर वही लोग बहुत प्यार और सम्मान से बात करते हैं. ये दुनिया बहुत अजीब है. इस वर्चुअल दुनिया को कितनी गंभीरता से लेना चाहिए इस मुद्दे पर बहस हो सकती है. गिरिजा के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्होंने टीनएज में मराठी मूवी में काम किया था. वो हिंदी मूवीज में छोटे मोटे किरदारों में दिखीं. फिल्म तारे जमीन पर और शोर इन द सिटी में छोटे रोल किए, लेकिन धीरे-धीरे मराठी सिनेमा की जानी-मानी कलाकार बन गईं. उन्होंने लेडीज स्पेशल और मॉडर्न लव: मुंबई जैसे टीवी शो में भी काम किया है. हाल में वो नेटफ्लिक्स की फिल्म इंस्पेक्टर जेंडे में मनोज बाजपेयी के साथ दिखीं. वो जल्द ही गुलशन देवैया के साथ शो परफेक्ट फैमिली में नजर आएंगी.

कमला पसंद के मालिक की बहू दीप्ति ने दी जान, डायरी में लिखे झगड़े के कारण

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्‍ली में एक बड़े पान-मसाला के कारोबारी की बहू ने कथित तौर पर आत्‍महत्‍या कर ली. मृतक महिला के पति ने ही उन्‍हें अस्‍पताल पहुंचाया, पर डॉक्‍टर उन्‍हें बचा नहीं सके. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि महिला ने संदिग्‍ध हालात में सुसाइड किया है. शव का पोस्‍टमॉर्टम सफदरजंग अस्‍पाताल में किया जाएगा, इसके बाद से ही मौत की असली वजह का पता चल सकेगा. फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है. सुसाइड का यह मामला दिल्‍ली के पॉश वसंत विहार इलाके का है. बताया जा रहा है कि सुसाइड करने वाली महिला का नाम दीप्ति है और वे पान-मसाला की एक बड़ी कंपनी के मालिक की बहू थीं. पुलिस अभी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रही है और जांच-पड़ताल के बाद ही तस्‍वीर साफ होने की बात कह रही है. जान देने वाली महिला दीप्ति ने फांसी पर लटक कर सुसाइड किया है. पति ने कर रख थी दो शादी जानकारी के अनुसार, सुसाइड करने वाली महिला दीप्ति के पति ने दो शादी कर रखी थी. एक पत्‍नी साउथ फिल्‍म इंडस्‍ट्री की एक्‍ट्रेस बताई जा रही है. बताया यह भी जा रहा है कि दीप्ति मंगलवार दोपहर को अपने ही घर में संदिग्‍ध हालात में मिली थीं. इसके बाद उनके पति ही उनको लेकर अस्पताल गए थे. जहां डॉक्‍टर उनको बचा नहीं सके और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. सफदरजंग अस्‍पताल में पोस्‍टमॉर्टम पाना-मसाला कारोबारी के बहू के शव का पोस्‍टमॉर्टम सफदरजंग अस्‍पताल में किया जाएगा. डॉक्‍टरों का एक पैनल पोस्‍टमॉर्टम करेगा. उम्‍मीद है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजहों का पता चल सकेगा. बताया जा रहा है कि पुलिस को इस बाबत मंगलवार दोपहर 12 बजे इस बाबत कॉल मिली थी. मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्‍काल मामले की जांच शुरू कर दी. क्‍या बोले परिजन पान मसाला कंपनी के मालिक की बहू दीप्ति चौरसिया (40) के सुसाइड से सनसनी फैल गई. पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है. दीप्ति की साल 2010 में कारोबारी के बेटे से शादी हुई थी. दोनों का 14 साल का एक बेटा भी है. बताया जा रहा है कि महिला के पति ने दो शादी कर रखी है. दूसरी पत्नी दक्षिण भारत के फिल्मों की अभिनेत्री है. वसंत विहार पुलिस मामले की जांच कर रही है. उधर, दीप्ति चौरसिया की मौत की खबर से दोनों पक्ष के परिवार शोक में हैं. दोनों परिवार मिलकर दीप्ति का अंतिम संस्‍कार करेंगे. किसी ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है. परिजनों ने बताया कि दीप्ति शायद डिप्रेशन में थी और परेशान थी. दोनों परिजनों ने प्राइवेसी का रिस्‍पेक्‍ट करने का अनुरोध किया है.

मुंबई एयरपोर्ट पर दिखीं मलाइका अरोड़ा, हर्ष मेहता संग वायरल वीडियो ने बढ़ाई चर्चाएं

मुंबई अर्जुन कपूर से ब्रेकअप के बाद मलाइका अरोड़ा के जीवन में नया साथी आने की खबरें जोरों पर हैं। कहा जा रहा है कि मलाइका अब 33 साल के हीरा व्यापारी हर्ष मेहता को डेट कर रही हैं। आज मलाइका और हर्ष को एक साथ मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया, जिसके बाद से ही उनकी डेटिंग की अफवाहें और तेज हो गईं। आज 26 नवंबर को मुंबई एयरपोर्ट पर दोनों को एक बार फिर से देखा गया। दोनों अलग-अलग चल रहे थे, थोड़ी दूरी बनाकर रखी थी, लेकिन आखिर में एक ही कार में साथ बैठकर निकले। मलाइका पहले कार में बैठीं, उसके कुछ देर बाद हर्ष भी उसी कार में सवार हो गए। फिलहाल, मलाइका और हर्ष ने इन डेटिंग अफवाहों पर कुछ नहीं कहा है। कब शुरू हुईं हर्ष के साथ डेटिंग की अफवाह हर्ष और मलाइका की डेटिंग की अफवाहें तब शुरू हुईं जब 29 अक्तूबर को मुंबई में एनरिक इग्लेसियस के कॉन्सर्ट में दोनों को एक साथ देखा गया था। कॉन्सर्ट के दौरान मलाइका और हर्ष एक-दूसरे से बातें करते नजर आए। वहीं शो खत्म होने के बाद दोनों एक साथ ही बाहर निकले। अर्जुन से ब्रेकअप मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मलाइका और अर्जुन कपूर ने 2018 में एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया था। दोनों का रिश्ता 2024 में खत्म हो गया। अर्जुन ने अपनी फिल्म 'सिंघम अगेन' के प्रमोशन के दौरान खुद कबूल किया था कि वो अब सिंगल हैं।   मलाइका का करियर 50 साल की मलाइका इन दिनों काफी एक्टिव हैं। हाल ही में 'थामा' का म्यूजिक वीडियो 'पॉइजन बेबी' रिलीज हुआ, जिसमें उनका डांस लोगों को बहुत पसंद आया। अब वह करण जौहर के शो 'पिच टू गेट रिच' में नजर आईं। अभी वह नवजोत सिंह सिद्धू और शान के साथ 'इंडियाज गॉट टैलेंट' को जज कर रही हैं।

आतंकी उमर की दिल्ली में सुरक्षित पनाहगाह का खुलासा, शोएब और अल-फलाह संगठन से जुड़े सुराग

फरीदाबाद लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए फिदायीन हमले के सिलसिले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने एक और आरोपी को दबोचा है। खास बात यह है कि इसका भी लिंक अल-फलाह यूनिवर्सिटी से ही, जहां डॉक्टरों के आतंकी मॉड्यूल का खुलासा फरीदाबाद में विस्फोटकों की बरामदगी और दिल्ली धमाके के बाद हुआ है। सातवें आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया शोएब फरीदाबाद के धौज इलाके का रहने वाला है। आरोप है कि वह कार से फिदायीन हमला करने वाले आतंकी डॉ. उमर उन नबी का बड़ा मददगार था। शोएब ने उसने ना आतंकी को छिपाया बल्कि उसे विस्फोट से पहले उसे साजो-सामान भी मुहैया करने का आरोपी है। बताया जाता है कि जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 30 अक्टूबर को डॉ. मुजम्मिल को दबोचा तो उमर अंडर ग्राउंड हो गया। उमर नबी को छिपाने की व्यवस्था शोएब ने ही की। उसने आतंकी डॉक्टर उमर को जिला नूंह की हिदायत कॉलोनी में अपनी साली के घर कमरा दिलवाया। यहां उमर दिल्ली धमाके से पहले 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक किराए पर रहा था। यहीं से आरोपी डॉक्टर ने दिल्ली जाकर धमाका किया था। शोएब की साली मूल रूप से गोलपुरी गांव की निवासी थी और ससुराल हथीन क्षेत्र के खिल्लूका गांव में बताई गई थी। बहरहाल, धमाके के बाद जांच टीमों ने हिदायत कॉलोनी, पिनगवां रोड और आसपास के इलाकों में सर्च अभियान चलाया था। शोएब अल-फलाह यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रिशियन है। वहीं से वह आरोपी डॉक्टरों उमर के संपर्क में आया। एएनआई अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली धमाके से पहले नूंह में रहते हुए आतंकी उमर नबी किन लोगों से मिला, कहां से क्या सामान जुटाया, क्या प्लानिंग की, इन सबकी अहम जानकारी शोएब को हो सकती है। जांचकर्ता अब शोएब से पूछताछ करके उस धमाके के रहस्य से और पर्दे उठाएंगे जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई और करीब 20 जख्मी हो गए। नूंह में सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी आरोपी की कार दिल्ली धमाका के बाद आरोपी डॉक्टर उमर की कार जिला नूंह में अनेक जगह सीसीटीवी कैमरों कैद हुई थी। जिसके आधार पर जांच एजेंसियों ने मौके पर जांच की थी। जांच अधिकारियों को नूंह में गोयल अल्ट्रासाउंड एवं डायग्नोस्टिक सेंटर (बालाजी पेट्रोल पंप के पास, दिल्ली-अलवर रोड) के सीसीटीवी कैमरे से वह फुटेज मिला था, जिसमें संदिग्ध सफेद रंग की आई-20 कार साफ दिखाई दी थी। एजेंसियों के अनुसार, यह कार डॉ. उमर द्वारा इस्तेमाल की जा रही थी। फुटेज से पहले भी डॉ उमर की यही कार दिल्ली-मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी। इससे उसकी आवाजाही का पैटर्न मिल रहा था, जो जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा था। फिरोजपुर झिरका में रहने के दौरान डॉ उमर ने एटीएम से पैसे निकालने की कोशिश की थी, जिसके सीसीटीवी फुटेज को एजेंसियां खंगाल रही थीं। 30 अक्टूबर को डॉक्टर मुजम्मिल को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार किया था 09 नवंबर को जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने गांव धौज की कॉलोनी से डॉक्टर मुज़म्मिल के किराए के कमरे से 358 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और हथियार बरामद किए थे 10 नवंबर को जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने गांव फतेहपुर तगा की कॉलोनी में डॉक्टर मुज़म्मिल के दूसरे किराए के कमरे से 2563 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया था  

पहले एक सड़क की दूरी, अब 200 मीटर का फ़ासला… नीतीश–लालू संबंधों में नई खाई?

पटना समाजवादी विचारधारा के दलों में एक-दूसरे के लंबे समय तक साथी रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बीच दूरियां और बढ़ गई हैं। दोनों की राजनीतिक दूरियां पिछले 20 साल में समय-काल के हिसाब से बदलती रही हैं, लेकिन दोनों एक सड़क के आर-पार रहते थे। नई सरकार में नीतीश और लालू के आवास के बीच की दूरी अब लगभग 200 मीटर पार कर जाएगी। भवन निर्माण विभाग ने पूर्व सीएम राबड़ी देवी को विधान परिषद में विपक्ष की नेता की हैसियत से मिले 10, सर्कुलर रोड वाले बंगले का आवंटन रद्द कर दिया है और उन्हें 39, हार्डिंग रोड पर नया सरकारी आवास दिया गया है। राबड़ी के सीएम पद से हटने के बाद से परिवार दो दशक से इसी बंगले में रहा रहा था।   लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने राबड़ी देवी का बंगला बदलने को लालू यादव के अपमान की कोशिश बताया है। रोहिणी का इसी आवास पर चुनावी हार के कारण तेजस्वी यादव से झगड़ा हुआ था। लड़ाई के बाद घर से निकली रोहिणी ने कहा था कि उनका कोई परिवार नहीं है, उनको परिवार से निकाल दिया गया है। रोहिणी ने ट्वीट करके कहा है- ‘सुशासन बाबू का विकास मॉडल। करोड़ों लोगों के मसीहा लालू प्रसाद यादव का अपमान करना पहली प्राथमिकता। घर से तो निकाल देंगे, बिहार की जनता के दिल से कैसे निकालिएगा। सेहत नहीं तो कम से कम लालू के राजनीतिक कद का ही सम्मान रखते।’ लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने आवास बदलने को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई कहा है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि यह कदम नीतीश सरकार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बढ़ते दखल का प्रमाण है। बता दें कि सरकार ने कैबिनेट में शामिल 26 मंत्रियों के लिए आवास आवंटित कर दिया है। इसमें 13 पुराने मंत्रियों का बंगला नहीं बदला गया है। लेकिन 13 नए मंत्रियों को जो आवास आवंटित हुए हैं, उसमें तेज प्रताप यादव का 26 एम स्ट्रैंड रोड वाला आवास भी शामिल है। अब यह आवास बीजेपी कोटे के मंत्री लखेंद्र रौशन को मिल गया है। नीतीश कैबिनेट के 13 नए मंत्रियों के आवास का पता दिलीप कुमार जायसवाल, उद्योग मंत्री- 2, स्ट्रैंड रोड सुरेंद्र मेहता, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री- 33, हार्डिंग रोड श्रेयसी सिंह, आईटी एवं खेल मंत्री- 4, स्ट्रैंड रोड संजय सिंह टाइगर, श्रम संसाधन मंत्री- 41, हार्डिंग रोड अरुण शंकर प्रसाद, पर्यटन तथा कला संस्कृति मंत्री- 25, हार्डिंग रोड रामकृपाल यादव, कृषि मंत्री- 43, हार्डिंग रोड नारायण प्रसाद, आपदा प्रबंधन मंत्री- 12, हार्डिंग रोड रमा निषाद, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री- 3, सर्कुलर रोड लखेंद्र कुमार रौशन, एससी एवं एसटी कल्याण मंत्री- 26 एम, स्ट्रैंड रोड प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, सहकारिता एवं पर्यावरण मंत्री- 27, हार्डिंग रोड संजय पासवान, गन्ना उद्योग मंत्री- 21, हार्डिंग रोड संजय सिंह, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री- 13, हार्डिंग रोड दीपक प्रकाश, पंचायती राज मंत्री- 24 एम, स्ट्रैंड रोड  

अमित शाह की शादी में शिरकत, BJP टाइपिस्ट की बेटी की शादी बनी चर्चा का विषय

 नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP), दोनों के बारे में एक बात समान रूप से कही जाती है कि दोनों ही संगठन अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करते हैं। इसकी एक झलक हाल ही में देखने को मिली जब भाजपा कार्यालय में वर्षों से टाइपिस्ट की नौकरी कर रहे रामधन की बेटी की शादी में भारत के गृह मंत्री अमित शाह खुद पहुंच गए। इस तस्वीर की खूब चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया में लोग इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए इसे भाजपा की असली ताकत करार दे रहे हैं। 23 अगस्त को नई दिल्ली के द्वारका में संपन्न हुई इस शादी में भाजपा के कई नेताओं ने शिरकत की। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम भी इस शादी में शामिल हुए। उन्होंने भी एक तस्वीर पोस्ट की है। यह कोई पहला मौका नहीं है जब आरएसएस या भाजपा या फिर किसी दूसरे दल के कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों के यहां उस दल का नेता पहुंचा हो। इससे पहले हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हरियाणा एक शादी समारोह में पहुंचे थे। वह अपने पीएसओ की बेटी को आशीर्वाद देने के लिए पटना से हरियाणा आए थे। जीनत राणा नाम के एक हैंडल ने तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा है, ‘इस तस्वीर में पहले नंबर पर खड़े व्यक्ति का नाम रामधन हैं। रामधन जी बीजेपी मुख्यालय में टाइपिस्ट हैं। रामधन जी की बेटी की कल शादी थी, सारे व्यस्तताओं को किनारे करके गृहमंत्री अमित शाह जी ना केवल शादी में शामिल हुए बल्कि एक मुखिया की तरह वहां मौजूद रहकर बारातियों की अगवानी भी की।आपको इस तस्वीर से इस सवाल का जवाब मिल जायेगा की मोदी जी – शाह जी की जोड़ी के लिए उनकी टीम क्यों समर्पित रहती हैं?’

किसानों को बड़ी राहत! पंजाब में गन्ने का नया MSP 416 रुपये प्रति क्विंटल घोषित

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने राज्य के गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए गन्ने के खरीद मूल्य में 15 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का फैसला किया है। नई दर के अनुसार अब पंजाब में गन्ने का भाव 416 प्रति क्विंटल होगा, जो पिछले वर्ष के 401 की तुलना में 15 रुपये अधिक है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दीनानगर में नई शुगर मिल का उद्घाटन के मौके पर यह बात कही। हरियाणा सरकार ने इस वर्ष गन्ने का रेट 415 प्रति क्विंटल तय किया है। पंजाब ने इससे 1 रुपये अधिक मूल्य तय कर हरियाणा से बढ़त लेते हुए किसानों को बेहतर समर्थन देने का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया है कि पंजाब द्वारा तय किया गया यह रेट देश में सबसे अधिक है। यह घोषणा गन्ना पेराई सीजन शुरू होने से पहले किसानों के लिए सकारात्मक संदेश मानी जा रही है। उम्मीद है कि बढ़े हुए रेट से किसानों की आय में सुधार होगा और राज्य में गन्ना खेती को बढ़ावा मिलेगा।

राजनीति और सरकारी सुविधाएं अस्थायी: तेज प्रताप यादव के बाद राबड़ी देवी को बंगला छोड़ना पड़ेगा

पटना बिहार में सत्ता परिवर्तन का असर अब नेताओं के सरकारी आवासों पर दिखने लगा है. नई सरकार के गठन के बाद भवन निर्माण विभाग ने पुराने आवंटन की समीक्षा शुरू कर दी है और कई नेताओं को अपने सरकारी घर खाली करने पड़ रहे हैं. इस सूची में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके बेटे तेज प्रताप यादव का नाम भी शामिल हो गया है. बता दें कि तेज प्रताप यादव बिहार सरकार में पूर्व मंत्री भी रहे हैं और फिलहाल पटना के 26 M स्ट्रैंड रोड वाले आवास में रह रहे थे. यह बंगला उन्हें हसनपुर से जीत के बाद 2020 में आवंटित किया गया था. लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सीट बदली और महुआ से चुनाव लड़ा. परिणाम उनके पक्ष में नहीं गया और उन्हें हार का सामना करना पड़ा. विधायक पद समाप्त होने के साथ अब उनका आवास भी उनसे वापस ले लिया गया है और इसे नई सरकार में मंत्री बने लखिन्दर कुमार रौशन को आवंटित कर दिया गया है. राबड़ी देवी को भी बदलना होगा आवास तेज प्रताप के बाद उनकी मां और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर भी आवास बदलाव का निर्देश लागू हुआ है. वे लगभग दो दशकों से 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले में रह रही थीं. हालांकि अब बतौर नेता प्रतिपक्ष उन्हें नया आवास दिया जा रहा है. भवन निर्माण विभाग के आदेश के अनुसार उन्हें हार्डिंग रोड स्थित केंद्रीय पूल आवास में बंगला नंबर 39 नए आधिकारिक निवास के रूप में आवंटित किया गया है. नीतिगत नियमों के तहत हो रही कार्रवाई भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया नियम आधारित है. पद और दायित्व बदलने पर आवास पुनः आवंटित करना अनिवार्य होता है. हाल ही में जारी सूची में मंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों और विपक्ष के नेताओं के लिए नए आवास तय किए गए हैं. साफ है कि बिहार की राजनीति में सत्ता परिवर्तन का प्रभाव अब मिलने वाली सरकारी सुविधाओं तक पहुंच चुका है. राबड़ी देवी को बंगला खाली करना पड़ेगा  . सत्ता परिवर्तन के बाद बिहार में केवल मंत्रिपरिषद ही नहीं बदला, बल्कि अब नेताओं के सरकारी ठिकानों का पता भी बदलने लगा है. राज्य सरकार के भवन निर्माण विभाग ने फैसला लिया है कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला छोड़ना पड़ेगा. प्रशासन की ओर से इसके निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं और उनके लिए नया बंगला भी आवंटित कर दिया गया है. बता दें कि राबड़ी देवी विधान परिषद् में विपक्ष की नेता हैं और करीब 16 जनवरी 2006 से 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले में रह रही थीं. अब सरकारी आदेश के तहत उन्हें हार्डिंग रोड स्थित केंद्रीय पूल आवास बंगला नंबर 39 में स्थानांतरित किए जाने का निर्णय हुआ है. भवन निर्माण विभाग ने कहा है कि विधान परिषद् में विपक्ष के नेता के लिए यह बंगला निर्धारित किया गया है. ऐसे में सवाल है कि जब वह पूर्व मुख्यमंत्री भी हैं और वर्तमान में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी तो उन्हें बंगला क्यों खाली करना पड़ा. दरअसल, इसके पीछे की वजह तेजस्वी यादव का आठ साल पहले उठाया गया वह कदम है जो इस फैसले का कारण बना है. जो लड़ाई शुरू की थी, वही भारी पड़ी राबड़ी देवी के बंगले को लेकर राजद समर्थकों में यह चर्चा है कि राबड़ी देवी के पता में बदला होना सत्ता में बदलाव का असर है, लेकिन हकीकत यह है कि सरकारी आदेश की जड़ अदालत का वह फैसला है जिसे तेजस्वी यादव ने खुद आगे बढ़ाया था. वास्तविकता तो यह है कि जिस ‘सिस्टम सुधार’ की लड़ाई तेजस्वी यादव ने लड़ी आज वही सिस्टम उनके परिवार के लिए कड़ा साबित हो गया है. दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी को 10, सर्कुलर रोड का सरकारी बंगला खाली करना पड़ेगा तो इसकी वजह मौजूदा नीतीश सरकार नहीं, बल्कि उनके बेटे तेजस्वी यादव द्वारा दायर वह याचिका है जिसके आधार पर पटना हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी आवास देने की व्यवस्था खत्म कर दी थी. कब और कैसे मिला था 10, सर्कुलर रोड? राबड़ी देवी जिस बंगले में वर्तमान में रह रही हैं, वह उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते आवंटित किया गया था. बता दें कि वर्ष 2005 में नीतीश कुमार के सत्ता में लौटने के बाद एक बड़ा निर्णय लिया गया था, वह यह कि बिहार के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी आवास, सुरक्षा और अन्य सुविधाएं मिलेंगी. इसी व्यवस्था के तहत यह आवास राबड़ी देवी को मिला और वे 16 जनवरी 2006 से यहां रह रही हैं. लेकिन, जब बिहार की सियासत आगे बढ़ी तो तेजस्वी यादव के एक कदम ने इसके नियम बदल दिए. तेजस्वी का केस जिसने परंपरा बदल दी मामला 2017 का है. तेजस्वी यादव उस समय बिहार के उपमुख्यमंत्री थे और 5, देशरत्न मार्ग स्थित आधिकारिक आवास में रहते थे. लेकिन जब नीतीश कुमार ने आरजेडी से अलग होकर बीजेपी के साथ फिर से सरकार बनाई, तब तेजस्वी यादव को बंगला खाली करने का आदेश दिया गया. सरकार की ओर से कहा गया कि वह बंगला उपमुख्यमंत्री के पद का है, न कि किसी व्यक्ति का. सरकारी नोटिस के बाद तेजस्वी यादव हाईकोर्ट पहुंचे और दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों और उच्च पदों से जुड़े लोगों के आवास और सुविधाओं में नियमों का स्पष्ट निर्धारण होना चाहिए. हाईकोर्ट की जांच और बड़ा खुलासा हाईकोर्ट की डबल बेंच में मुख्य न्यायाधीश एपी शाही और जस्टिस अंजना मिश्रा ने मामले की सुनवाई के दौरान भवन निर्माण विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी. दस्तावेजों में खुलासा हुआ कि- 2010 में सरकारी नियमों में बदलाव किया गया था और उसके बाद राबड़ी देवी, लालू यादव, जीतन राम मांझी, डॉ. जगन्नाथ मिश्रा और सतीश प्रसाद सिंह को आजीवन सरकारी आवास, सुरक्षा और स्टाफ की सुविधा दी गई थी. यही वह बिंदु था जिससे अदालत असहमत हुई. 2019 का वो फैसला जिसका असर अब दिख रहा 19 फरवरी 2019 को पटना हाईकोर्ट ने तेजस्वी यादव की याचिका खारिज करते हुए उनका आवास खाली कराने का आदेश दिया. लेकिन इसके साथ ही अदालत ने एक बड़ा बदलाव लागू किया- पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगला और … Read more

बांग्लादेश की पूर्व PM शेख हसीना के लॉकर पर कार्रवाई, एजेंसियों का दावा—सोना और कीमती गिफ्ट मिले

ढाका  बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को हाल ही में मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी करार देते हुए कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने इस फैसले के आधार पर शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी भारतसरकार से की थी. बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना की मुश्किलें कम होती नहीं नजर आ रहीं. शेख हसीना की मुश्किलें अब और बढ़ती नजर आ रही हैं. बांग्लादेश के एंटी करप्शन कमीशन (एसीसी) शेख हसीना के खिलाफ अब भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के नए मामले दर्ज करने की तैयारी में है. एसीसी ने शेख हसीना से संबंधित संपत्तियों की जांच तेज कर दी है. बांग्लादेश की सेंट्रल इंटेलिजेंस सेल और नेशनल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू ने हाल ही में शेख हसीना के बैंक लॉकर्स की जांच की थी. बांग्लादेशी एजेंसियों का दावा है कि शेख हसीना के दो लॉकर्स से नौ किलो से अधिक सोने के गहने और पीएम पद पर रहते हुए मिले महंगे गिफ्ट मिले हैं. शेख हसीना के लॉकर्स में सोने के गहने और महंगे गिफ्ट्स के साथ ही कई कीमती वस्तुएं भी मिली हैं. बांग्लादेशी अधिकारियों का यह भी कहना है कि इनमें से कई वस्तुओं को प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए या उसके बाद, घोषित नहीं किया गया था. एसीसी अब इस मामले में मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच की तैयारी में है. एसीसी की जांच का फोकस आय के स्रोत पर होगा. एजेंसी यह भी देखेगी कि इन संपत्तियों को पूर्व पीएम ने वैध प्रक्रिया के अनुसार अपनी संपत्ति घोषित की थी या नहीं. एसीसी इस बात की भी जांच करेगी कि शेख हसीना के प्रधानमंत्री रहते क्या किसी तरह की वित्तीय अनियमितता हुई थी? सूत्रों की मानें तो एसीसी पूर्व पीएम शेख हसीना के खिलाफ दो-तीन नए केस दर्ज करने की तैयारी में है. गौरतलब है कि छात्रों के आरक्षण विरोधी आंदोलन के बाद शेख हसीना को भारत में शरण लेनी पड़ी थी. मोहम्मद युनूस की अगुवाई में अंतरिम सरकार के गठन के बाद शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है. बांग्लादेश में हालात ऐसे हैं कि अवामी लीग का लगभग हर प्रमुख नेता किसी न किसी मामले में वित्तीय जांच के दायरे में है. शेख हसीना और उनकी पार्टी के नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई मामले अंतरिम सरकार में खोल दिए गए हैं. पहले से ही मुश्किलों में घिरीं शेख हसीना और उनकी पार्टी के नेताओं की मुश्किलें नए केस से और बढ़ सकती हैं.

सेंसेक्स में जबरदस्त रैली: 1022 अंकों की छलांग, मार्केट में चारों तरफ हरियाली

नई दिल्ली  शेयर बाजार में आज तूफानी तेजी देखने को मिली है। सेंसेक्स 1.21 प्रतिशत या फिर 1022.50 अंक की तेजी के साथ 85,609.51 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 1.24 प्रतिशत या फिर 320.50 अंक की उछाल के बाद 26,205.30 अंक पर पहुंच गया।   बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, रिलायंस, सनफार्मा, टाटा मोटर्स पैंसजेर व्हीकल्स, टाटा स्टील के शेयरों में आज तेज उछाल देखने को मिली है। बुधवार को सेंसेक्स की टॉप 30 कंपनियों में से 28 कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली है। वहीं, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स के शेयरों में आज भी बिकवाली देखने को मिली है। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को तूफानी तेजी देखी गई। सप्ताह के तीसरे दिन सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा उछल गया। दोपहर बाद सेंसेक्स 85,550 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी की बात करें तो यह 300 अंक से ज्यादा बढ़कर 26000 अंक के पार पहुंच गया। घरेलू शेयर मार्केट आज बमबम बोल रहा है। सेंसेक्स 826 अंक ऊपर 85413 पर पहुंच गया है और निफ्टी 257 अंक ऊपर 26142 पर पहुंच गया है। सेंसेक्स में केवल भारती एयरटेल को छोड़ सेंसेक्स के सभी शेयरों तेजी है। अडानी पोर्ट्स में 2.39, ट्रेंट में 2.13, बजाज फाइनेंस में 2.04 पर्सेंट की उछाल है। वहहीं, एक्सिस बैंक, एलएंडटी, टाटा स्टील में डेढ़ पर्सेंट से अधिक की बढ़त है। घरेलू शेयर मार्केट की लगातार तीन दिन से चली आ रही गिरावट पर ब्रेक लग गया है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 730 अंक ऊपर 85317 पर है और निफ्टी 231 अंक ऊपर 26116 पर पहुंच गया है। सेंसेक्स में केवल भारती एयरटेल की लाल निशान पर है। एक्सिस बैंक, ट्रेंट, अडानी पोर्ट्स, टाटा स्टील हैं। घरेलू शेयर मार्केट की लगातार तीन दिन से चली आ रही गिरावट पर ब्रेक लग गया है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 630 अंक ऊपर 85217 पर है और निफ्टी 199 अंक ऊपर 26084 पर पहुंच गया है। सेंसेक्स में केवल भारती एयरटेल की लाल निशान पर है। ट्रेंट, मोटर्स पीवी टॉप गेनर हैं। इसमें 2 पर्सेंट से अधिक की तेजी है। अडानी पोर्ट्स, ट्रेंट, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, रिलायंस भी हरे निशान पर हैं। घरेलू शेयर मार्केट की लगातार तीन दिन से चली आ रही गिरावट पर ब्रेक लग गया है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 85000 और निफ्टी 26000 के लेवल को पार कर गया। अभी सेंसेक्स 345 अंक ऊपर 84932 पर है और निफ्टी 111 अंक ऊपर 25996 पर पहुंच गया है। सेंसेक्स में केवल भारती एयरटेल की लाल निशान पर है। टाटा मोटर्स पीवी टॉप गेनर है। इसमें 2.72 पर्सेंट की तेजी है। अडानी पोर्ट्स, ट्रेंट, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, रिलायंस भी हरे निशान पर हैं।