samacharsecretary.com

गुड़गांव में बड़ी कार्रवाई: बिश्नोई गैंग का वांटेड गैंगस्टर प्रदीप गुर्जर गिरफ्तार

जयपुर एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स राजस्थान की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक सक्रिय सदस्य और हार्डकोर बदमाश प्रदीप गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रदीप पुत्र दाता राम निवासी रावतों की ढाणी वार्ड नंबर 15 कोटपूतली का रहने वाला है। उसे गुड़गांवा की एक पॉश सोसायटी से गिरफ्तार किया गया। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एजीटीएफ दिनेश एमएन ने बताया कि हार्डकोर बदमाश प्रदीप गुर्जर कुख्यात 6161 गैंग का सरगना है। यह गैंग मुख्य रूप से हाईवे पर स्थित होटल संचालकों को निशाना बनाकर उनसे जबरन रंगदारी वसूलने के लिए कुख्यात है। एजीटीएफ की यह कार्रवाई राज्य में संगठित अपराध और लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। इस गैंग का इतिहास भीलवाड़ा में हरी तंवर से शुरू हुआ था, जिसकी कमान बाद में विनोद मांडली और फिर उसकी हत्या के बाद प्रदीप रावत ने संभाल ली थी। प्रदीप गुर्जर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के सहयोगी सचिन थापन के लिए एक सक्रिय कड़ी के रूप में काम कर रहा था। वह कोटपूतली, बहरोड, बानसूर, भीलवाड़ा और गुड़गांवा के युवकों को संगठित कर रहा था। दहशत का तरीका, फायरिंग और रंगदारी इस गैंग का मुख्य कार्य हाईवे पर स्थित होटलों पर अंधाधुंध फ़ायरिंग कर दहशत फैलाना। इसके बाद ये व्यापारी को धमकी भरी पर्ची भेजकर रंगदारी और फिरौती की मांग करते थे। प्रदीप पर रंगदारी, बैंक लूट, डकैती, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे तीन दर्जन से अधिक संगीन अपराधों के मुकदमे दर्ज हैं। सात आपराधिक मुकदमों में फरार चलने के कारण एसपी कोटपुतली द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया था। एजीटीएफ का सटीक ऑपरेशन एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन में एक विशेष टीम को इस हार्डकोर बदमाश को पकड़ने का जिम्मा सौंपा गया। जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर राम सिंह द्वारा किया गया। टीम ने मुखबिरों को एक्टिव किया, जिसके बाद हेड कांस्टेबल सुधीर कुमार को उसके गुड़गांवा में होने की पुख्ता जानकारी मिली।  यह एक चुनौतीपूर्ण मिशन था, जहाa टीम ने करीब 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और रेकी की। आरोपी गुड़गांव के खेड़कीदोला थाना क्षेत्र की एक विशाल और लग्जरी सोसायटी एम आर पाम हिल के एक फ्लैट में छिपा हुआ था। गार्ड बनकर रखी निगरानी टीम ने सोसायटी के नाकों पर सदस्य तैनात किए और गार्ड बनकर हेड कांस्टेबल सुधीर ने अंदर पल-पल की जानकारी हासिल की। एजीटीएफ के लिए यह भूसे के ढेर में से सुई ढूंढने जैसा कठिन कार्य था। सटीक स्थिति का पता चलते ही टीम ने फ्लैट पर छापा मारा और गैंगस्टर प्रदीप रावत को घेर कर दबोच लिया। गुड़गांवा से गिरफ्तार कर आरोपी को एजीटीएफ टीम कोटपूतली लेकर आई है और उसे थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस द्वारा उससे गहनता से पूछताछ की जा रही है, जिससे कई अन्य मामलों के खुलासे की पूरी संभावना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा और इंस्पेक्टर राम सिंह नाथावत के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में गार्ड बनकर सूचना एकत्रित करने वाले हेड कांस्टेबल सुधीर कुमार की जहां विशेष भूमिका रही, वहीं हेड कांस्टेबल महेश सोमरा, हेमंत शर्मा, कांस्टेबल, जितेन्द्र कुमार और कांस्टेबल चालक दिनेश शर्मा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम में एसआई बनवारी लाल शर्मा, प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल महावीर सिंह, कांस्टेबल देवेंद्र सिंह, गोपाल धाबाई, विजय सिंह, और गंगाराम भी शामिल थे।

आरक्षण पर सुप्रीम मोड़: क्या महाराष्ट्र में विजेता उम्मीदवार भी हो जाएंगे बेदख़ल?

नई दिल्ली  ओबीसी आरक्षण विवाद में फंसे महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है और चुनाव का रास्ता सशर्त साफ कर दिया है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार (28 नवंबर) को महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग को उन स्थानीय निकायों में 50% से ज़्यादा आरक्षण को नोटिफाई करने से रोक दिया है, जहाँ अभी चुनाव की अधिसूचना होनी बाकी है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने कहा कि जिन नगर परिषदों और नगर पंचायतों में पहले से 50 फीसदी से अधिक आरक्षण अधिसूचित हो चुका है, वहां चुनाव तो तय कार्यक्रम के अनुसार होंगे, लेकिन उनके नतीजे रिट याचिकाओं के अंतिम फैसले से प्रभावित होंगे। CJI जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने महाराष्ट्र लोकल बॉडीज में OBC रिजर्वेशन को चुनौती देने वाली रिट पिटीशन पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया है। यानी इन सीटों पर हो सकता है कि कुछ उम्मीदवारों को जीतकर भी हारना पड़ सकता है या उन्हें जीत का स्वाद चखने से वंचित रहना पड़ सकता है क्योंकि जिन सीटों पर आरक्षण रद्द होगा, वहां जीते उम्मीदवार को विजेता होने के सुख से वंचित होना पड़ सकता है। 2 दिसंबर को मतदान होने हैं राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट बलबीर सिंह ने बेंच को बताया कि 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत हैं, जहां चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और वहां 2 दिसंबर को मतदान होने हैं। इनमें से 40 नगर परिषद और 17 नगर पंचायत ऐसी हैं, जहां आरक्षण 50% से ज़्यादा दिया गया है। हालांकि, उन्होंने पीठ को बताया कि राज्य में 29 नगर परिषदों, 32 ज़िला पंचायतों और 346 पंचायत समितियों के चुनाव अभी भी नोटिफाई होने बाकी हैं। रिट पिटीशन के नतीजे से प्रभावित होंगे चुनाव परिणाम इसके बाद CJI सूर्यकांत ने इस मामले को तीन जजों की बेंच को भेज दिया और 21 जनवरी को सुनवाई की तारीख तय करते हुए स्पष्ट तौर पर कहा कि जहां भी चुनाव अधिसूचित हो चुके हैं, वहां तय समय पर चुनाव कराए जाएं। बेंच ने आदेश दिया, "इस बीच, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव नोटिफाइड शेड्यूल के हिसाब से बिना देरी के हो सकते हैं। हालांकि, जिन नगर परिषदों, नगर पंचायतों और में आरक्षण 50% से ज़्यादा है, उनके नतीजे रिट पिटीशन के नतीजे पर निर्भर करेंगे।" समाज को जाति की रेखाओं में नहीं बांटना चाहिए सुनवाई के दौरान आयोग के वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि राज्य में केवल दो महानगरपालिकाएं ऐसी हैं, जहां आरक्षण 50 प्रतिशत से ऊपर जाने की संभावना है। इस पर अदालत ने कहा कि इनके चुनाव भी अधिसूचित किए जा सकते हैं, लेकिन इनके परिणाम भी रिट याचिकाओं के नतीजों से प्रभावित होंगे। सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि हम जो भी करें, समाज को जाति की रेखाओं में नहीं बांटना चाहिए। स्थानीय निकाय चुनाव दिसंबर 2021 से अटके हुए बता दें कि महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण की वजह से स्थानीय निकाय चुनाव दिसंबर 2021 से अटके हुए हैं। दिसंबर 2021 में, सुप्रीम कोर्ट ने OBC आरक्षण पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि इसे 'ट्रिपल-टेस्ट' को पूरा करने के बाद ही लागू किया जा सकता है। बाद में, राज्य सरकार ने लोकल बॉडी चुनावों में OBC रिज़र्वेशन के मुद्दे की जांच के लिए मार्च 2022 में जयंत कुमार बंठिया कमीशन का गठन किया था। बंठिया आयोग ने जुलाई 2022 में अपनी रिपोर्ट दी थी। मई 2025 में, कोर्ट ने बंठिया कमीशन की रिपोर्ट से पहले के कानून के हिसाब से OBC रिज़र्वेशन देकर चार महीने के अंदर चुनाव कराने का निर्देश दिया था। पिछले हफ़्ते, कोर्ट ने कहा कि राज्य के अधिकारियों ने इस आदेश का गलत मतलब निकाला है कि रिज़र्वेशन 50% से ज़्यादा हो सकता है। यह साफ़ करते हुए कि बंठिया से पहले की स्थिति के हिसाब से चुनाव कराने का निर्देश 50% की लिमिट पार करने की इजाज़त नहीं है, बेंच ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि रिज़र्वेशन तय लिमिट यानी 50 फीसदी की सीमा के अंदर ही होना चाहिए।  

53 बार बातचीत… हवाला कांड में पूजा पांडे की भूमिका पर बढ़ा शक

सिवनी तीन करोड़ रुपये की हवाला राशि हड़पे जाने के मामले की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। एसआईटी की पूछताछ में जबलपुर निवासी वीरेंद्र दीक्षित ने कहा कि एसडीओपी पूजा पांडे जब भी गश्त में या रात में कार्रवाई करने बाहर जाती थी, तो उसे मोबाइल पर बताती थी। डकैती की रात दोनों में 53 बार बात हुई थी। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपित वीरेंद्र दीक्षित ने अपने मोबाइल का वाट्सएप चैट और डेटा डिलीट कर दिया था। पुलिस को जब्त कराए मोबाइल का सिमकार्ड तो पुराना था, लेकिन हैंडसेट बदल दिया गया, जो आपराधिक षड्यंत्र में सहभागिता को दर्शाता है।   जबलपुर के हवाला कारोबारी व पंचशील नगर गौरीघाट निवासी पंजू गिरी गोस्वामी (40) की संलिप्तता के प्रमाण भी मिले हैं। दोनों आरोपितों ने जिला न्यायालय सिवनी में जमानत याचिका लगाई थी, लेकिन विशेष न्यायाधीश गालिब रसूल ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि अभी अन्वेषण जारी है। तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए वह जमानत के लाभ के पात्र नहीं हैं। सुनियोजित तरीके से दिया अंजाम एसआईटी ने न्यायालय में प्रस्तुत प्रतिवेदन में स्पष्ट किया है कि घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। 20 नवंबर को जेल भेजे गए बालाघाट हाक फोर्स के डीएसपी पंकज मिश्रा, पूजा का जीजा वीरेंद्र दीक्षित, आरक्षक प्रमोद सोनी और हवाला कारोबारी पंजू गोस्वामी की इसमें अहम भूमिका रही। प्रमोद सोनी, पंकज मिश्रा, पंजू एक दूसरे के संपर्क में रहते थे। वहीं पूजा अपने जीजा वीरेंद्र व पंकज से लगातार बात करती रहीं।

भारत में CWG आयोजन से युवाओं को मिलेगा नया मंच, मेडल टैली भी बढ़ेगी: लवलीना

गांधीनगर  भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करने जा रहा है। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने इसे लेकर खुशी जताई है। उनका मानना है कि इससे खिलाड़ियों को अधिक मौके मिलते हैं। वे इससे प्रेरित होते हैं। गांधीनगर में स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचीं मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने 2030 में आयोजित होने जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में देश में स्पोर्ट्स कल्चर काफी डेवलप हुआ है। भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन से देश को मिलने वाले मेडल की संख्या में इजाफा होगा। इसके साथ ही देश को आर्थिक रूप से भी लाभ मिलेगा। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के कारण यह संभव हो सका है।  ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने आईएएनएस से कहा, " जब छोटे बच्चे देखते हैं कि भारत में इस तरह के खेल हो रहे हैं, तो इससे उन्हें बहुत प्रेरणा मिलती है। जब मैं 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स देखती थी तो सोचती थी कि मैं भी भारत का प्रतिनिधित्व करूंगी। अब जब यह भारत में हो रहा है तो इसकी बहुत खुशी है। जब कॉमनवेल्थ गेम्स दूसरे देशों में हो रहा हो, तो बहुत सारे लोग वहां जाकर इसे नहीं देख पाते, लेकिन जब यह भारत में हो रहा है, तो बहुत सारे छोटे बच्चे इसे देख सकते हैं। यह बहुत बड़ी बात है। इसका आयोजन गुजरात में हो रहा है, जो यहां के खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़ी बात है। हमें लगता है कि यह एक बड़ा मौका है।" ओलंपिक पदक विजेता ने कहा, "पहले क्रिकेट को बहुत महत्व दिया जाता था, लेकिन पीएम मोदी ने दूसरे खेलों को लेकर लोगों में दिलचस्पी पैदा की है। वह दूसरे खेलों के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं। यह बहुत बड़ी बात है। सरकार अच्छा काम कर रही है।" कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी अहमदाबाद शहर को मिली है। इसकी मेजबानी के लिए भारत का मुकाबला नाइजीरिया के अबुजा से था, लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने अफ्रीकी देश को 2034 के एडिशन के लिए विचार में रखने का फैसला किया।

खाद वितरण प्रक्रिया में बड़ा बदलाव: हरियाणा के किसानों के लिए जारी हुई नई गाइडलाइन

चरखी दादरी हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि खाद के दुरुपयोग व बम बलास्ट में यूज होने के बाद खाद वितरण व्यवस्था बदल दी है। फरीदाबाद मॉड्यूल व काला बाजारी के चलते सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले किसानों को ही खाद का वितरण किया जाएगा। इसके लिए सभी पैक्स, सहकारी समितियों व एजेंसियों को मशीनें दी गई हैं। जिसके आधार पूरी वेरीफाई के बाद ही खाद दिया जाएगा। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा वीरवार को दादरी में कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने पहुंचे थे। इस दौरान दादरी विधायक सुनील सांगवान व बाढड़ा विधायक उमेद पातुवास के साथ मंत्री ने 14 में से 10 परिवारवादों का निपटारा किया और बाकी 4 शिकायतों का समाधान बारे अगली मीटिंग के लिए पेंडिंग में रखा गया है।  वहीं बाद में मंत्री श्याम सिंह राणा से मीडिया से बात करते हुए कहा कि खाद का दुरुपयोग करने व ब्लैक में बेचने वालों पर अंकुश लगाने के लिए कड़े नियम बनाए हैं। अब आधार कार्ड पर किसी को खाद नहीं मिलेगा। खाद वितरण में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। खाद वितरण के लिए मशीनों को चलाने के लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी। वहीं एक सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस की हरियाणा में सत्ता नहीं आई तो भूपेंद्र हुड्‌डा को पार्टी में रहने के लिए भाजपा सरकार पर आरोप लगाने पड़ रहे हैं। साथ ही कहा कि पोर्टल पर वैरिफाई होते ही सरकार द्वारा किसानों को बाजरा फसल की भावांतर भरपाई जल्द कर दी जाएगी। किसानों का वर्ष 2023 का बकाया फसल बीमा क्लेम नहीं मिलने बारे कहा कि किसानों संगठनों व कपंनियों के माध्यम से मामला सुलझा लेंगे और किसानों को उनका हक दिलाएंगे।

भगवान की मूर्ति आपकी कार में: ये वास्तु टिप्स बदल सकते हैं आपकी किस्मत

जब भी हम कार खरीदते हैं तो सबसे पहले इसका रंग, फीचर आदि देखते हैं और इसके बाद किसी ज्योतिष से पूछते हैं कि कार खरीदना शुभ होगा या नहीं। हर व्यक्ति चाहता है नई कार उसके लिए शुभ हो, इसके लिए वो कार खरीदने के बाद तुरंत मंदिर में भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच जाते हैं और उसकी पूजा भी कराते हैं। वहीं देखा जाता है कि बहुत से लोग कार में भगवान की मूर्ति भी लगाते हैं ताकि भगवान की कृपा बनी रहे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लोग अक्सर कार में गणेश जी की मूर्ति, देवों के देव महादेव, मां दुर्गा, लड्डू गोपाल की छोटी मूर्ति लगा लेते हैं ताकि उनके ऊपर आने वाले संकट और विघ्नों से भगवान उनकी रक्षा कर सकें लेकिन वास्तु जानकारों का कहना है कि कार में भगवान की मूर्ति रखते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।  तो वहीं कुछ का तो ये भी मानना है कि गाड़ी में भगवान की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। चलिए जानते हैं कार में भगवान की मूर्ति लगानी चाहिए या नहीं और वास्तु शास्त्र के अनुसार कौन से भगवान की मूर्ति लगा सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर आपकी कार में भगवान की मूर्ति रखी है तो इस बात का ध्यान रखें कि इसकी समय-समय पर सफाई जरूर करें। वास्तु जानकारों की मानें तो अगर आपने कार में भगवान की मूर्ति रखी है तो कार में शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे भगवान का अपमान होता है और वे रुष्ट हो जाते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार जिन लोगों ने कार में भगवान की मूर्ति रखी है उन्हें धूम्रपान भी नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, इस बात का भी खास ख्याल रखें कि जिस कार में भगवान की मूर्ति या फोटो लगी हो ऐसी कार में प्याज, लहसुन और नॉनवेज का सेवन भी नहीं करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में इसे अशुभ माना गया है। वैसे तो कार में भगवान या किसी भी देवी देवता की मूर्ति न रखें क्योंकि कई बार हमारे गंदे हाथ मूर्ति को लग सकते हैं लेकिन अगर आपने कार में मूर्ति रखी हैं तो साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा ऐसे लोगों को कभी भी भगवान की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए जो लोग कार में शराब, सिगरेट या नॉनवेज खाते हो नहीं तो आपको पाप लग सकता है। गाड़ी में काले रंग का छोटा कछुआ रखना शुभ माना जाता है।  ये गाड़ी में से नकारात्मकता दूर करता है। गाड़ी में नेचुरल स्टोन या क्रिस्टल रखने से पृथ्वी तत्व मजबूत होता है, इससे कार हमेशा सुरक्षित रहती है।

पिछले साल से ज्यादा जली पराली—निगरानी के बावजूद नहीं थम रही आग, ये जिले सबसे आगे

लखनऊ  सरकार की लगातार कोशिशों और सख्ती के बाद भी उत्तर प्रदेश में फसल अवशेष जलाने (स्टबल बर्निंग) के मामले कम होने के बजाय बढ़ते दिख रहे हैं। 15 सितंबर से 26 नवंबर के बीच प्रदेश में 6284 घटनाएं दर्ज हुई हैं, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 1000 अधिक हैं। इससे साफ है कि जागरूकता अभियान, जुर्माना और सैटेलाइट निगरानी जैसी पहलें इच्छित परिणाम नहीं दे पा रही हैं। महाराजगंज सबसे ज्यादा प्रभावित फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में महाराजगंज इस बार भी सबसे आगे है, जहां 661 मामले सामने आए हैं। झांसी – 448 जालौन – 359 कानपुर देहात – 275 गोरखपुर – 192 जिले प्रमुख रूप से प्रभावित रहे। लगातार प्रयास, पर असर कम राज्य सरकार पिछले कई वर्षों से इस समस्या पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रही किसानों को जागरूक करने के लिए 3920 कार्यक्रम आयोजित किए गए। 1304 मामलों में कुल 27.85 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। हर 50–100 किसानों पर नोडल अधिकारी तैनात किए गए। कम्पोस्टिंग, फसल अवशेष प्रबंधन मशीनें और बायो-डीकंपोजर जैसी तकनीकों के उपयोग के लिए प्रशिक्षण दिया गया। IARI (पूसा) की ओर से सैटेलाइट डेटा भी साझा किया जा रहा है। इसके बावजूद आंकड़े बताते हैं कि जलाने की घटनाओं में गिरावट के बजाय बढ़ोतरी हो रही है। कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी के अनुसार, सैटेलाइट डेटा में कुछ बाहरी आग की घटनाएं भी शामिल हो जाती हैं, लेकिन 5968 पुष्ट मामले भी पिछले वर्ष से अधिक हैं। उन्होंने बताया कि इस बार कई किसानों ने बारिश के बाद खेत सुखाने के लिए भी आग लगाई है।    जहां से राहत के संकेत वाराणसी – 3 मामले संत रविदास नगर – 4 चंदौली, सोनभद्र, फर्रुखाबाद, ललितपुर, आगरा – 5-5 कासगंज – 8 इसके अलावा प्रयागराज, अमरोहा, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में पिछले साल की तुलना में घटनाएं कम हुई हैं। सरकार के प्रयास जारी हैं, लेकिन बढ़ते आंकड़े बताते हैं कि अभी भी जागरूकता, तकनीकी सहायता और निगरानी को और प्रभावी बनाने की जरूरत है ताकि फसल अवशेष जलाने जैसी प्रदूषणकारी और मिट्टी को क्षति पहुंचाने वाली प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके।

ऑल-टाइम ऑस्ट्रेलियन XI में नहीं चुने गए पोंटिंग; विशेषज्ञों ने इस खिलाड़ी को बताया सबसे कम आंका गया

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल कप्तान और कमाल के बल्लेबाज रिकी पोंटिंग जब हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की ऑल टाइम XI चुनने के लिए कहा गया तो उन्होंने 11 खिलाड़ियों की लिस्ट में अलावा अपने साथ खेले कई दिग्गज खिलाड़ियों के नाम लिए। इस लिस्ट में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लीजेंड डॉन ब्रैडमैन को भी शामिल किया, जिनका टेस्ट का औसत लाजवाब है। हालांकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की ऑलटाइम XI से खुदको बाहर रखा। रिकी पोंटिंग की अगुवाई में ऑस्ट्रेलिया ने एक समय पर दुनिया पर राज किया था, ऑस्ट्रेलिया उस दौरान 2003 और 2007 में वर्ल्ड चैंपियन भी बना था।   रिकी पोंटिंग ने कहा "मैं इसमें थोड़ा बायस्ड हो सकता हूं क्योंकि मैं कई चैंपियंस टीम का हिस्सा रहा हूं और कई दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेला हूं। मैं अपने दो ग्रेट मेट्स (साथी) जस्टिन लैंगर और मैथ्यू हेडन के साथ जाना चाहूंगा जो पारी का आगाज करेंगे। ग्रेट सर डॉन ब्रैडमैन को नंबर-3 पर रखूंगा, उनका टेस्ट में औसत 99 का है। डिमियन मार्टिन को मैं नंबर-4 पर रखूंगा, मुझे लगता है कि वह ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले सबसे अंडर रेटेड प्लेयर हैं। उन्हें मैं नंबर-4 पर रखूंगा। नंबर-5 पर मैं माइकल हसी को रखूंगा। नंबर-6 पर मैं अपने ग्रेटेस्ट टीम मेट जो हर फॉर्मेट के खिलाड़ी हैं एंड्र्यू साइमंस को रखूंगा। एडम गिलक्रिस्ट नंबर-7 पर, शेन वॉर्नर नंबर-8 पर, ब्रेट ली नंबर-9 पर, जेसन गिलेस्पी नंबर-10 पर। और जब आप ऑस्ट्रेलिया के सबसे घटिया बल्लेबाज के बारे में मेरे से पूछेंगे जो मेरे साथ खेला हो, लेकिन वह गेंद से कमाल थे..ग्लेन मैक्ग्रा नंबर-11 पर।" जब रिकी पोंटिंग से 12वें खिलाड़ी के बारे में पूछा गया तो हर किसी को लगा कि वह यहां तो अपना नाम ले लेंगे, लेकिन यहां भी उन्होंने डैरेन लेहमन का नाम लिया। उन्होंने कहा, “12वें खिलाड़ी के रूप में मैं इस ग्रुप में डैरेन लेहमन को जोड़ना चाहूंगा, उनकी फील्डिंग के लिए नहीं बल्कि वह पानी अच्छा पिलाते हैं।”  

बड़ा फर्जीवाड़ा बेनकाब: कागज़ों में 100 मुलाजिम, मैदान में ‘गायब गैंग’!

लुधियाना  नगर निगम में डी.सी. रेट पर सफाई कर्मी रखने से लेकर रैगुलर करने की प्रक्रिया के दौरान के दौरान घोटाले होने का सिलसिला लगातार जारी है जिसके तहत हाल ही में हुई एफ. एंड सी.सी. की मीटिंग के दौरान विधायक की सिफारिश पर सफाई कर्मी रखने के बाद उसी एरिया में मुलाजिमों की भर्ती के लिए पार्षद की सिफारिश आने का खुलासा हुआ है। वहीं, अब कमिश्नर द्वारा एक और फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि यह मामला डी.सी. रेट पर करीब 200 सफाई कर्मी रखने से जुड़ा हुआ है। इनमें से 60 मुलाजिम एक बड़े नेता की सिफारिश पर रखे गए हैं, जो लुधियाना के बाहर से है और ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं जिसके चलते हर महीने नगर निगम को करीब 6 लाख का नुकसान हो रहा है और हिस्सा अफसरों से लेकर नेताओं की जेब में जा रहा है। इस संबंध में शिकायत मिलने पर कमिश्नर ने रिकॉर्ड मांगा तो हैल्थ ब्रांच के ऑफिसर टालमटोल करने लगे जिसके मद्देनजर कमिश्नर ने सी.एस.ओ. गुरविंदर सिंह से चार्ज के साथ ऑफिस व गाड़ी भी वापस ले ली है। फर्जी हैल्थ ऑफिसर पर मेहरबानी जारी डी.सी. रेट पर सफाई कर्मी रखने व रैगुलर करने की प्रक्रिया के दौरान हुए घोटाले को लेकर फर्जी हैल्थ ऑफिसर पर कमिश्नर की मेहरबानी जारी है जिसके खिलाफ विजिलेंस से लेकर लोकल बॉडी मंत्री तक शिकायत पहुंचने के बाद विधानसभा कमेटी द्वारा कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन एक्ट में सिर्फ एम.बी.बी.एस. डॉक्टर की नियुक्ति का प्रावधान होने के बावजूद उसे सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट के साथ स्टोर पर्चेजिंग से संबंधित सारा काम दिया गया है। जोन-बी में चैकिंग के दौरान खुली पोल नगर निगम में डी.सी. रेट पर सफाई कर्मी रखने की प्रक्रिया के दौरान फर्जीवाड़ा होने की पोल जोन-बी में चैकिंग के दौरान खुली है जब विधायक छीना द्वारा हलका साउथ के अधीन आते शेरपुर इलाके में मुलाजिमों की फिजिकल वैरिफिकेशन की गई। मिली जानकारी के मुताबिक एक वार्ड के लिए रिकार्ड में करीब 100 मुलाजिम सैलरी ले रहे हैं लेकिन फील्ड में पूरे मुलाजिम ड्यूटी नहीं कर रहे हैं, इनमें से कुछ मुलाजिम नेताओं के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं जिसे लेकर विधायक दुआरा मौके पर ही कमिश्नर से शिकायत की गई है।

सारंग का बयान: राहुल गांधी जंगली जानवरों से वोट मांगने MP आए थे

भोपाल   बिहार चुनाव में हुई हार की समीक्षा बैठक में कांग्रेस नेताओं द्वारा गोली मारने की धमकी पर मंत्री विश्वास सारंग ने तंज कसा है। सारंग ने कहा है कि  बिहार में चुनाव चल रहे थे तो राहुल गांधी मध्यप्रदेश में जंगल में घूम रहे थे, वो जंगली जानवरों से वोट मांगने आए थे… किसी पार्टी का सर्वोच्च नेता ही चुनाव को सीरियसली नहीं लेता तो समीक्षा किस बात की करनी है। यदि कांग्रेस की हार की सही समीक्षा होगी तो उसका कारण राहुल गांधी होंगे। राहुल गांधी के कारण ही कांग्रेस लगातार हार रही है। कांग्रेस अब गॉन केस हो चुकी है और कांग्रेस पूरी तरह गुट और गिरोह में बंटी हुई है। राहुल गांधी स्क्रिप्टेड एक्शन से राजनीति करना चाहते हैं-सारंग आगे सारंग ने कहा कि कांग्रेस के पास नेता, नीति और नीयत तीनों की कमी है, राहुल गांधी स्क्रिप्टेड एक्शन से राजनीति करना चाहते हैं।  राहुल केवल नेहरू परिवार के होने के कारण कांग्रेस में कब्जा किए हुए हैं। कांग्रेस और TMC के नेता देश की अखंडता को तार-तार करना चाहते हैं-सारंग वहीं SIR और NRC पर TMC नेता फिरहाद हकीम के पांव तोड़ने वाले बयान पर मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया है। सारंग ने कहा ये सब घुसपैठियों को संरक्षण देने वाले लोग हैं, घुसपैठियों के माध्यम से इस देश के आमजन नागरिकों के हकों को मारने वाले लोग हैं। कांग्रेस और टीएमसी के नेता इस देश की एकता और अखंडता को तार तार करना चाहते हैं लेकिन घुसपैठियों को कहीं भी जगह इस देश में नहीं मिलेगी।