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5 दिसंबर का दैनिक राशिफल, जानें 12 राशियों का आज का भविष्य

मेष राशि- 5 दिसंबर के दिन रिलेशन और करियर में थोड़ा तनाव का सामना करना पड़ सकता है। चीजों के कंट्रोल से बाहर जाने से पहले ही प्यार से जुड़ी हर समस्या को सॉल्व करें। आधिकारिक चुनौतियों के बावजूद, आप पेशेवर रूप से सफल होंगे। वृषभ राशि- 5 दिसंबर का दिन पैसों के मामले में अपके लिए शुभ रहेगा। आज जल्दबाजी में किसी भी तरह का डीसीजन लेने से बचें। आज आपकी ऊर्जा क्रीएटिवटी को आकर्षित करती है, लेकिन टास्क चुनने में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। मिथुन राशि- 5 दिसंबर के दिन से ही व्यक्तिगत विकास और सफलता पर ध्यान देना शुरू करें। प्रेम, करियर और वित्त में भाग्य और प्रगति आपका इंतजार कर रही है। परिवर्तन को अपनाएं और चुनौतियों का सामना डटकर करें। कर्क राशि- 5 दिसंबर का दिन शानदार रहने वाला है। सेल्फ-लव की यात्रा आपका इंतजार कर रही है। सितारें आपकी यात्रा में क्लियरिटी और मोटिवेशन प्रदान करने के लिए संरेखित हो रहे हैं। पैसों के मामले में कोई गुड न्यूज भी मिल सकती है। सिंह राशि- 5 दिसंबर का दिन उथल-पुथल भरा साबित हो सकता है। करियर में कई ऐसे टास्क मिल सकते हैं, जिन्हे समय रहते खत्म कर पाना मुश्किल लगेगा। याद रखें, ऐसी कोई भी प्रॉब्लम नहीं है, जिसे आप सॉल्व नहीं कर सकते। कन्या राशि- 5 दिसंबर के दिन स्मार्ट तरीके से पैसों को मैनेज करें। आज आपको सभी डीसीजन सावधानी के साथ लेने होंगे। लॉंग डिस्टेंस रिलेशन वालों की जल्द ही अपने पार्टनर से मुलाकात हो सकती है। तुला राशि- 5 दिसंबर के दिन परिवर्तनों और अप्रत्याशित प्रोजेक्ट्स को अपनाएं। हेल्थ पर भी ध्यान दें। नए अवसरों और विकास के रास्ते को अनलॉक करें। आज बहस से दूरी बनाएं। वित्तीय मामलों पर नजर रखें। वृश्चिक राशि- 5 दिसंबर के दिन पूरे कॉन्फिडेंस के साथ चुनौतियों से निपटें। आज का दिन अवसर और सावधानी का मिश्रण प्रदान करता है। दिन की मांगों से निपटते समय अपने लॉंग टर्म लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखें। धनु राशि- 5 दिसंबर के दिन की एनर्जी का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए तैयार रहें। आज का दिन अवसरों से भरपूर रहेगा। पर्सनल ग्रोथ और नई मुलाकातों पर फोकस करना बेहतर रहेगा। मकर राशि- 5 दिसंबर का दिन मकर के जातकों के लिए दिलसचस्प रहने वाला है। नई संभावनाओं को अनलॉक करें, बदलावों को अपनाएं। सरप्राइज आपका इंतजार कर रहा है। खुली सोच नए अवसर लेकर लाएगी। कुंभ राशि- 5 दिसंबर के दिन महत्वपूर्ण वृद्धि का अवसर आज आपके द्वार पर दस्तक दे सकता है। इसलिए सोच-समझकर कोई भी बड़ा इन्वेस्टमेंट करें। हेल्थ से जुड़े छोटे-मोटे मुद्दे आपको परेशान कर सकते हैं। मीन राशि- 5 दिसंबर का दिन पॉजिटिव रहेगा। कुछ लोगों को पेरेंट्स से अपने रिलेशन के लिए फुल सपोर्ट मिल सकता है। अपनी मेंटल हेल्थ पर गौर फरमाएं और बहुत ज्यादा प्रेशर लेने से बचें। किसी पुराने निवेश से बंपर धन-लाभ हो सकता है।

सरकारी रिकॉर्ड में पुरानी गलती, आज बनी बड़ी परेशानी: बहुओं के SIR में क्यों अड़ रही 2003 की सूची?

देवास मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य अंतिम चरण में है। देवास से लेकर प्रदेश के अन्य जिलों में उन बहुओं के एसआइआर की प्रक्रिया राह आसान नहीं रही जिनके नाम शादी से पहले मायके में 2003 की सूची में दर्ज नहीं थे। ससुराल में इनको 2003 की मतदाता सूची के हिसाब से माता-पिता या अन्य की जानकारी दर्ज करने के लिए मशक्कत करना पड़ रही क्योंकि कई बहुओं के माता-पिता के नाम गांव की मतदाता सूची में न होकर तीन से सात किमी दूर तक के दूसरे गांवों में शामिल हैं।   कई मायके वालों को भी इसका पता नहीं हैं, ऐसे में संबंधित बीएलओ से मदद मांगना पड़ रही है। हाल यह हैं कि कुछ जगह नए बीएलओ बने हैं तो उनको भी स्पष्ट रूप से इसका पता नहीं रहता, दो से चार दिन बार जवाब दिया जा रहा है। प्रकरण-एक     पुलिस लाइन क्षेत्र देवास निवासी आशीष सिंह का विवाह उप्र के रायबरेली जिले में सरेनी विधानसभा क्षेेत्र के गांव पूरे शिवबक्ससिंह में हुआ है।     देवास में हो रही एसआईआर में पत्नी की माता बीना देवी या पिता रामप्रकाश की 2003 की सूची के हिसाब से विधानसभा क्रमांक, भाग संख्या, मतदाता क्रमांक की जानकारी दर्ज करना है।     निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध गांव की मतदाता सूची में यह नाम नहीं मिल रहे थे। मायके वालों को भी इसके बारे में पता नहीं था क्योंकि हर चुनाव के दौरान उनके वोट गांव में ही डाले जाते थे। बाद में क्षेत्र के बीएलओ का नंबर प्राप्त करके संपर्क किया गया तो पता चला कि नाम पूरे शिवबक्शसिंह नहीं बल्कि मथुरपुर की मतदाता सूची में शामिल हैं। इसके बाद वहां की सूची आनलाइन खोलकर एक हजार से अधिक मतदाताओं में से नाम खोजा गया।   प्रकरण-दो     मधुबन कॉलोनी निवासी संदीप सिंह का विवाह उप्र के फतेहपुर खागा विधानसभा के ऐलई गांव में हुआ है।     उनकी पत्नी के माता-पिता के नाम जब इस गांव की 2003 की मतदाता सूची में ऑनलाइन सर्च किए गए तो नहीं मिल पाए।     आसपास के कई गांवों की मतदाता सूची भी देखी गई लेकिन इनमें भी नाम नहीं था।     इसके बाद रिश्तेदारों से संपर्क किया गया, उन्होंने भी अपने स्तर से नाम तलाश किए लेकिन नहीं मिले।     पहले बीएलओ भी स्प्ष्ट जानकारी नहीं दे पाए, बाद में हरदो गांव का नाम बताया जो ऐलई से लगभग तीन किमी दूर है। हरदो की सूची चेक करने पर वहां नाम मिला।   देवास जिले में एसआईआर कार्य की स्थिति विधानसभा कार्य पूर्ण शेष मतदाता     देवास 95.92 11800     सोनकच्छ 99.50 1200     हाटपीपल्या 99.71 600     खातेगांव 99.27 1800     बागली 97.38 6800 (आंकड़े निर्वाचन शाखा देवास से प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर की स्थिति में।)   एक नजर में एसआईआर प्रक्रिया     05 विधानसभा क्षेत्र हैं जिले में।     1426 है कुल मतदान केंद्रों की संख्या।     1100 मतदान केंद्रों में पूरी हुई एसआईआर प्रक्रिया।     98 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है जिले में पूर्ण।

DAVV छात्रा दुष्कर्म केस: धर्म परिवर्तन के दबाव में आरोपी इंदौर से दबोचा गया

इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की छात्रा ने मुस्लिम युवक हम्स शेख पर दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत एफआईआर लिखवाई है। आरोपित ने छात्रा के साथ जबरदस्ती की और मुसलमान बनने के लिए धमकाया। तिलक नगर टीआई मनीष लोधा के मुताबिक संचार नगर निवासी हम्स पुत्र सादिक शेख पीड़िता के साथ पढ़ता था। सहपाठी होने के कारण उसकी बातचीत होने लगी थी। युवक ने पीड़िता के घर जाकर दुष्कर्म किया हम्स ने छात्रा को शादी का प्रस्ताव दिया तो उसने फटकार दिया। कुछ दिन उसने दूरी बनाई, लेकिन बाद में माफी मांग कर दोबारा बातचीत करने लगा। 26 जुलाई को हम्स पीड़िता के घर आ गया और उसकी के साथ जबरदस्ती की। इसके बाद वह ब्लैकमेल करने लगा। अगस्त में शादी होने के बाद पीड़िता को लगा कि वह अब परेशान नहीं करेगा। लेकिन वह शादी करने और मुस्लिम धर्म स्वीकारने का दबाव बनाने लगा। पीड़िता ने पति को घटना बताई और बुधवार रात हम्स के खिलाफ केस दर्ज करवाया।   छात्रा ने हिंदू संगठन से मांगी थी मदद हिंदू संगठन की मदद से पकड़ा आरोपित हम्स से परेशान छात्रा ने हिंदू संगठन और करणी सेना के कार्यकर्ताओं से भी मदद मांगी थी। आरोपित कॉलेज आने-जाने के दौरान छात्रा को परेशान करता था। छात्रा द्वारा घटना बताने पर हम्स को पिपल्याहाना से पकड़ कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उस वक्त पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। आरोप है कि हम्स के पक्ष में भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष अजहर शेख ने काल लगाकर कार्रवाई न करने का दबाव बनाया था।

सरकारी अस्पताल में दलाली का खेल! MY के डॉक्टरों पर 10% कमीशन के लिए मरीज रेफर करने के गंभीर आरोप

इंदौर शहर के शासकीय अस्पतालों से डॉक्टर मुनाफा कमाने के लालच में मरीजों को लामा कर निजी अस्पतालों में भेज रहे हैं। हाल ही में एमवाय अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के एक डॉक्टर द्वारा इंडेक्स अस्पताल में मरीज को लामा कर भेजने का मामला सामने आया है। मरीज ने खुद इसकी शिकायत की थी कि रातभर जमीन पर बिना इलाज के रखा और सुबह डॉक्टर ने निजी अस्पताल में जाने के लिए कहा। मामले में डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की गई है। एक मरीज को निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजने पर डॉक्टर को 10 प्रतिशत कमिशन मिलता है। यानी तीन लाख का इलाज यदि मरीज का निजी अस्पताल में हो रहा है तो डॉक्टर को इसके एवज में 30 हजार रूपये मिलते हैं। यह खेल आयुष्मान योजना के नाम पर तेजी से चल रहा है।   रोजाना 10 से अधिक मरीज जाते है निजी अस्पताल एमवायएच अस्पताल में आने वाले मरीज को यह कहा जाता है कि निजी अस्पताल में बेहतर सुविधा के साथ निश्शुल्क उपचार मिल जाएगा। एमवाय अस्पताल के सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, रोजाना 10 से अधिक मरीज अधूरे इलाज में लामा करवाकर निजी अस्पताल में चले जाते हैं। इनमें से कुछ अपनी मर्जी से जाते हैं, बाकि डॉक्टर कमिशन के चक्कर में पहुंचा देते हैं। मरीजों को ले जाने में एंबुलेंस गैंग भी सक्रिय, रोक लगाने पर प्रशासन फेल एमवाय अस्पताल में डॉक्टरों के अलावा मरीजों को ले जाने में एंबुलेंस गैंग भी सक्रिय है।   करीब एक वर्ष पहले मरीजों को एमवाय अस्पताल से निजी अस्पताल लेकर जाने पर एंबुलेंस गैंग का मुखिया दीपक वर्मा पकड़ाया था। इस दौरान जूनियर डॉक्टरों ने उसकी पिटाई कर दी थी। इसके बाद दीपक और असलम आदि को परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। इसमें वार्ड बॉय और अन्य कर्मचारी भी शामिल थे। कभी कार्रवाई करते हुए नजर नहीं आता पूर्व संभागायुक्त ने इस दौरान अस्पताल में निजी एंबुलेंस वाहन को परिसर में पार्किंग करने पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन इन्हें रोकने पर प्रशासन फेल नजर आ रहा है। अभी एमवाय अस्पताल में तिरूपती बालाजी एंबुलेंस से राहुल और बहादुर, श्री बालाजी एंबुलेंस से दीपक, एकाक्ष सामाजिक संस्था से रामगोपाल श्रीवास्तव आदि सक्रिय है। लेकिन प्रशासन इनपर कभी कार्रवाई करते हुए नजर नहीं आता है। निजी अस्पतालों के एजेंट घुमते हैं अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाने वाले कई एजेंट घुमते हैं। पूर्व में भी इस तरह के लोगों को पकड़ा गया है। इन्हें मरीजों के हिसाब से निजी अस्पताल में कमिशन मिलता है। इसके लिए यह मरीजों को एमएलटी, एक्सरे सहित अन्य जांच होने के बाद निजी अस्पताल में आपरेशन के लिए लेकर चले जाते हैं। इसमें सबसे अधिक मरीज हड्डी रोग विभाग, न्यूरोसर्जरी, कैंसर, मेडिसिन विभाग आदि के होते हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में लामा रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। हमने हाल ही में एक डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की है। लामा रोकने के लिए एक कमेटी भी बनाई जा रही है। जो लामा कर जाने वाले सभी मरीजों का रिव्यू करेगी। – डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज

शासकीय डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई: मरीजों को निजी अस्पताल भेजने का मामला, एक निलंबन–एक की वेतन कटौती

इंदौर शासकीय अस्पतालों से लाखों रुपये वेतन लेने के बाद भी यहां के डॉक्टर अपनी जेब भरने में ही व्यस्त रहते हैं। प्रदेश का सबसे बड़ा शासकीय अस्पताल एमवायएच हमेशा से मरीजों को निजी अस्पताल में भेजने के लिए चर्चा में रहा है। एक बार फिर निजी अस्पताल में मरीज को भेजने का मामला सामने आया है। मामले में एक डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है। इसी प्रकार ड्यूटी के समय घर पर आराम कर रही महिला सीनियर डॉक्टर को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। दरअसल, कुछ दिनों पहले अस्पताल में रात के समय रतलाम से न्यूरोसर्जरी विभाग में एक मरीज इलाज के लिए आया। रातभर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने उसका इलाज करने के बजाय जमीन पर रखा। इसके बाद उससे कहा कि आयुष्मान कार्ड है तो इंडेक्स अस्पताल में इलाज करवाओ और उसे भेज दिया। मामले में मरीज द्वारा लिखित शिकायत के बाद जांच की गई। जांच में सामने आया कि विभाग में एमसीएच के विद्यार्थी द्वारा मरीज को निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया था। इसके एवज में उसे निजी अस्पताल की ओर से राशि भी मिलती है। मामले में जांच के बाद डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है।   कलेक्टर पहुंचे अस्पताल, ड्यूटी डॉक्टर नहीं मिली एमवाय अस्पताल में जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगती है, वे इस दौरान निजी अस्पताल में रहते हैं या फिर घर पर आराम करते रहते हैं। हाल ही में सिमरोल सड़क हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया था, लेकिन इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में कोई ड्यूटी डॉक्टर नहीं था। हादसे के बाद डीन पहुंचे तो कोई डॉक्टर नहीं मिला। दो घंटे बाद ड्यूटी पर महिला सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर पहुंची। कारण पूछने पर कहा कि घर पर थी। इस बीच कलेक्टर भी पहुंचे। लापरवाही सामने आने के बाद डीन ने महिला डॉक्टर को बर्खास्त कर दिया है। सीनियर डॉक्टर भी गिरोह में शामिल एमवाय अस्पताल में मरीजों को लापरवाही कर निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजने के लिए कई गिरोह बने हुए हैं। इन गिरोह में सीनियर डॉक्टर भी शामिल हैं। उन्हीं के संरक्षण में ड्यूटी डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर द्वारा यह कार्य किया जाता है। अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के डॉक्टर तो अपने ही खुद के अस्पताल में मरीजों को लापरवाही करवाकर ले जाते हैं। इसी प्रकार पेट रोग विभाग, मेडिसिन विभाग, न्यूरोसर्जरी विभाग आदि से भी मरीज बाहर जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। इनके गिरोह में एंबुलेंस संचालक, स्टाफ, आउटसोर्स कंपनी के कर्मचारी भी शामिल रहते हैं। यही कारण है कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही है। डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने कहा कि एमवायएच से मरीज को लापरवाही कर निजी अस्पताल में भेजने के मामले में कार्रवाई की गई है। एक डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है। इसके साथ ही ड्यूटी पर मौजूद नहीं होने पर सीनियर रेजिडेंट को बर्खास्त किया गया है। मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

टीकमगढ़ में बड़ा हादसा: बिजली आते ही खंभे पर चढ़े युवक की मौके पर ही मौत

टीकमगढ़ बिजली सुधार के लिए एक व्यक्ति को लाइनमैन द्वारा खंभे पर चढ़ाया गया। जहां पर खंभे पर चढ़ने के दौरान ही बिजली चालू हो गई। तब वह झुलस गया और उसकी मौत हो गई। अब नाराज स्वजनों और ग्रामीणों ने लाइमैन पर कार्रवाई के साथ ही मुआवजे की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया है। जहां पर बल्देवगढ़ के साथ ही आसपास के पुलिस थाना से पुलिसबल पहुंच गया। जहां पर लोगों को समझाइश दी जा रही है। लेकिन लोग चक्काजाम कर अड़े हुए हैं। बताया गया कि बल्देवगढ़ थाना क्षेत्र के सूरजपुर फीडर के लाइनमैन हरिदास अहिरवार द्वारा अपने सहयोगी निजी व्यक्ति मोहन अहिरवार उम्र 35 वर्ष निवासी डूडयन खेरा को 11 केवी लाइन पर विद्युत सुधार कार्य के लिए चढ़ाया गया था। लेकिन लाइन बंद नहीं कराने के कारण यह घटना हुई।   लोगों द्वारा घटना के तत्काल बाद ही गुरुवार को सुबह 7:30 बजे से चक्का जाम कर दिया गया। अब बल्देवगढ़ छतरपुर मार्ग पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। एडिशनल एसपी विक्रम सिंह कुशवाह, एसडीओपी राहुल कटरे भी मौके पर पहुंचे हैं।

पशुपालकों के लिए संजीवनी बनी राहत योजना: 59 लाख रुपये से डेयरी सेक्टर को सहारा

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में घोषित इस योजना के तहत होशियारपुर और तारागढ़ गांव के पशुपालकों और डेयरी किसानों को कुल 59 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह पहल पंजाब में पशुपालन और डेयरी उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के सरकार के दृष्टिकोण का हिस्सा है। इस योजना के अंतर्गत राजपुरा में 17 लाख रुपये और तारागढ़ में 42 लाख रुपये की राशि वितरित की जाएगी, जिससे स्थानीय पशु चिकित्सालयों का आधुनिकीकरण और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पंजाब सरकार ने पशुपालकों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए इस वर्ष 204 डेयरी किसानों को 3 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की है। यह राशि 2 से 20 पशुओं वाली डेयरी इकाइयों की स्थापना के लिए दी गई है। इसके अलावा, 9,150 बेरोज़गार युवाओं को डेयरी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है ताकि वे स्वरोज़गार के अवसर प्राप्त कर सके। प्रदेश भर में 47 राज्य और ज़िला स्तरीय सेमिनार और शिविर आयोजित किए गए है, जिनमें पशुधन किसानों को बीमा योजना के लाभ, दावा प्रक्रिया और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के बारे में शिक्षित किया गया है। यह पहल भागीदारी और विश्वास को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक में बताया कि सरकार ने गेहूं खरीद सीज़न के दौरान 8 लाख से अधिक किसानों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारी की है। उन्होंने कहा कि होशियारपुर ज़िले में 3.14 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं आने की उम्मीद है, जबकि जालंधर, कपूरथला और शहीद भगत सिंह नगर क्रमशः 5.25 लाख, 3.61 लाख और 2.64 लाख मीट्रिक टन का योगदान देंगे। मंत्री ने किसानों द्वारा लाए गए प्रत्येक अनाज को खरीदने की सरकार की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया और कहा कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब का डेयरी उद्योग उल्लेखनीय परिवर्तन देख रहा है। माझा क्षेत्र में 135 करोड़ रुपये की एक बड़ी परियोजना शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य स्टरलाइज्ड फ्लेवर्ड दूध और लस्सी तथा दही जैसे किण्वित डेयरी उत्पादों के उत्पादन की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना है। यह साहसिक कदम उच्च गुणवत्ता वाले दूध उत्पादन में अग्रणी राज्य के रूप में पंजाब की स्थिति को मजबूत करता है। स्थानीय दूध संयंत्र में अपग्रेड की गई सुविधाएं उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाएंगी, जो क्षेत्र और उससे आगे बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए मूल्य वर्धित दूध उत्पादों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी। पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 30,000 पशुओं का बीमा किया गया है और किसानों को 7 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है। इस योजना के तहत, पशुओं की मृत्यु या बीमारी की स्थिति में किसानों को तुरंत वित्तीय सहायता मिलती है, जिससे उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण जारी रखने में मदद मिलती है। सरकार ने युवाओं को डेयरी खेती के बारे में सक्रिय रूप से शिक्षित करने और विभागीय योजनाओं के बारे में सूचित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं ताकि अधिकतम लाभ जमीनी स्तर तक पहुंच सके। पशु चिकित्सालयों के आधुनिकीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की योजना के तहत, मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की खरीद और अनुकूलन के लिए 100% वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। यह सेवा किसानों के दरवाजे पर टोल-फ्री नंबर के माध्यम से उपलब्ध है, जिसमें रोग निदान, उपचार, टीकाकरण, छोटी शल्य चिकित्सा हस्तक्षेप और विस्तार सेवाएं शामिल हैं। पंजाब में वर्तमान में पशु चिकित्सा उपचार की सुविधाएं मजबूत की जा रही हैं, जिससे पशुधन रोगों का शीघ्र पता लगाने और प्रबंधन की क्षमता बढ़ रही है। वेरका ब्रांडेड उत्पादों को अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया जा रहा है, जिससे दूध, दही और लस्सी जैसे प्रतिष्ठित उत्पाद वैश्विक उपभोक्ताओं तक पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, सेलिब्रिटी ब्रांड एंबेसडर की शुरुआत और एक नए शुभंकर ‘वीरा’ सहित नवीन ब्रांडिंग प्रयास उपभोक्ता जुड़ाव को बढ़ाने और वैश्विक मंच पर ब्रांड दृश्यता को ऊंचा करने के लिए तैयार है। राज्य पारंपरिक पसंदीदा जैसे रबड़ी और काजू बादाम दूध सहित नए डेयरी उत्पादों को भी पेश कर रहा है। ये परिवर्धन उपभोक्ता स्वाद की गहरी समझ और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि पिछले डेढ़ साल में पंजाब को 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब में पूर्ण सांप्रदायिक सद्भाव है और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण है, जो राज्य के समग्र विकास और समृद्धि को गति दे रहा है। नीदरलैंड स्थित डी ह्यूस कंपनी द्वारा राजपुरा में 138 करोड़ रुपये के पशु आहार संयंत्र की स्थापना इस बात का उदाहरण है कि पंजाब किस प्रकार निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। यह संयंत्र किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला पशु आहार प्रदान करेगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा। 

निजी सचिव पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप तूल पकड़ा, डिप्टी स्पीकर के विधायक ने दिए जांच के निर्देश

जींद  हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्डा के निजी सचिव मोहित शर्मा पर आय से अधिक संपत्ति रखने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला तब गरमाया जब आरटीआई कार्यकर्ता भारत भूषण शर्मा ने मोहित शर्मा की संपत्ति की जाँच की माँग की। इसके बाद एक यूट्यूबर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें दावा किया गया कि चीफ सेक्रेटरी ने आईएएस अधिकारी प्रियंका सोनी को इस मामले की शिकायत की है। वीडियो वायरल होने के बाद डॉ. कृष्ण मिड्डा ने तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और स्पष्ट शब्दों में कहा, “अभी तक मेरे निजी सचिव मोहित शर्मा के खिलाफ कोई आधिकारिक जाँच नहीं चल रही है। सोशल मीडिया पर चल रही सारी खबरें निराधार हैं। मैं खुद मुख्यमंत्री महोदय को पत्र लिखकर अपने निजी सचिव की संपत्ति की पूरी जाँच करवाऊँगा। मुझे भी सच जानना है कि कहीं मैं अब तक अंधेरे में तो नहीं रहा। जाँच शुरू होते ही मोहित शर्मा को छुट्टी पर भेज दिया जाएगा ताकि वे जाँच को किसी भी तरह प्रभावित न कर सकें।”   डिप्टी स्पीकर ने यूट्यूबर्स को कड़ी चेतावनी भी दी,“बिना तथ्यों के वीडियो बनाना बंद करें, वरना उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी। अगर मेरा निजी सचिव जाँच में दोषी पाया गया तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलेगी।” गौरतलब है कि मोहित शर्मा साल 2009 से मिड्डा परिवार के साथ हैं। पहले वे डिप्टी स्पीकर के पिता डॉ. हरिचंद मिड्डा के निजी सचिव थे। फिलहाल मामला पूरी तरह सुर्खियों में है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र कब स्वीकृत होता है और जाँच कब शुरू होती है।

नक्सल-रोधी अभियान में निर्णायक वार: 18 इनामी नक्सली मारे गए, AK-47 व LMG समेत हथियार जब्त

छत्तीसगढ़ बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमावर्ती क्षेत्र में बुधवार से जारी मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. लगभग 20 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में जवानों ने 1 करोड़ 30 लाख रुपये इनामी 18 नक्सलियों को मार गिराया. हालांकि, इस मुठभेड़ में सुरक्षा बल के 3 जवान शहीद हो गए, जबकि दो जवान घायल हैं, जिनका इलाज रायपुर में जारी है. मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने मारे गए नक्सलियों के शवों के साथ बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं. इनमें AK-47, LMG 303 रायफल और ऑटोमैटिक हथियार शामिल हैं. 16 नक्सलियों की हुई पहचान अब तक 18 में से 16 नक्सलियों की पहचान की जा चुकी है, जबकि दो शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है. मारे गए नक्सलियों में 9 पुरुष और 9 महिला माओवादी शामिल हैं. सभी पर कुल मिलाकर 1 करोड़ 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था. यह मुठभेड़ हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है. ऐसे हुआ था मुठभेड़ यह मुठभेड़ बुधवार सुबह 9 बजे उस समय शुरू हुई जब DRG, STF, COBRA और CRPF की संयुक्त टीम बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर के वेस्ट बस्तर डिवीजन क्षेत्र में सर्चिंग कर रही थी। इसी दौरान नक्सलियों ने अचानक फायरिंग की, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की।

डबल डॉक्यूमेंट विवाद: दो पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला का फैसला कल, सात साल की सज़ा बना असर का कारण

रामपुर सपा नेता आजम खान व उनके परिवार पर दो जन्म प्रमाण पत्र और दो पैन कार्ड के बाद अब दो पासपोर्ट के मामले पर लोगों की नजर है। इस मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। शुक्रवार को फैसला सुनाया जाएगा। पासपोर्ट के मामले में अब्दुल्ला अकेले आरोपित हैं। इससे पहले दो जन्म प्रमाण पत्र में आजम खां, उनकी पत्नी और अब्दुल्ला को सजा हुई थी, जबकि दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला को सजा हुई थी। दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला जेल में बंद हैं। सपा नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला का राजनीतिक जीवन शुरू होते ही विवादों में घिर गया। वह दो बार विधायक बने, लेकिन दोनों बार विधायकी चली गई। वर्ष 2017 से राजनीति में कदम रखने के बाद वह ज्यादा दिन सत्ता का सुख हासिल नहीं कर पाए। अब तक तीन मुकदमों में सजा हो चुकी है। दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में 17 माह जेल में भी बिताने पड़े। जमानत पर बाहर आए तो 17 नवंबर को दो पैन कार्ड मामले में सजा हो गई। अब फिर से वह पिता के साथ जेल में बंद हैं। पिता की तरह ही अब्दुल्ला पर भी ताबड़तोड़ मुकदमे दर्ज हुए। सपा सरकार जाने के बाद वर्ष 2019 में जिले में 42 मुकदमे दर्ज हुए। साथ ही पुराने मुकदमों की फाइल भी खुल गई। इनमें एक मुकदमा मुरादाबाद के थाना छजलैट में वर्ष 2008 में दर्ज हुआ था। इस तरह अब्दुल्ला को 43 मुकदमों का सामना करना पड़ा। वर्तमान में भी उनके खिलाफ 41 मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। इनमें दो पासपोर्ट का मामला भी है, जिसमें शुक्रवार को फैसला आना है। इस फैसले को जानने के लिए सभी उत्सुक हैं। पासपोर्ट मामले में अकेले अब्दुल्ला के आरोपित होने पर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संदीप सक्सेना का कहना है कि अब्दुल्ला ने अपने पिता मोहम्मद आजम खां के साथ सुनियोजित षड्यंत्र के अन्तर्गत चुनाव नामांकन में आयु संबंधी अयोग्यता छिपाने के लिए कूटरचित मिथ्या विवरण व दस्तावेज प्रस्तुत कर पैन कार्ड संख्या DWAPK7513R जन्म तिथि 30 सितंबर 1990 का बनवाया और नामांकन पत्र में आयु संबंधी अयोग्यता पूर्ण कर अवैध लाभ प्राप्त करने के लिए प्रयोग में लाया गया। इस कारण पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला दोनों मुलजिम बनाए गए थे, जबकि अलग-अलग जन्मतिथि से बने दोनों पासपोर्ट का प्रयोग अब्दुल्ला ने अकेले किया था। उनके द्वारा विदेश यात्राएं की गईं, जिसके कारण वह अकेले आरोपित बनाए गए।