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झारखंड CM का संदेश: आदिवासी समाज में बिखराव नहीं, एकता जरूरी

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आदिवासी समुदायों के सामने बढ़ती चुनौतियों को गंभीर बताते हुए पूरे देश के आदिवासियों से व्यापक एकजुटता की अपील की है. उन्होंने कहा कि अगर आदिवासी समाज अब भी बिखरा रहा, तो आने वाले समय में उनका अस्तित्व ही संकट में पड़ सकता है. देश के विभिन्न हिस्सों से आए आदिवासी प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का समय चेतावनी का है. आपने हमेशा देखा होगा कि बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है. यह कहावत केवल पानी की दुनिया की नहीं है, यह समाज पर भी सही बैठती है. उनका संकेत इस बात पर था कि शक्तिशाली वर्ग हमेशा कमजोर तबकों को दबाने की कोशिश करता है और इस स्थिति से उबरने का एकमात्र रास्ता एकता है. जनगणना में आदिवासियों की उपेक्षा पर सीएम ने जताई नाराजगी हेमंत सोरेन ने जनगणना में आदिवासियों की उपेक्षा पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय को कभी भी उसकी सही हिस्सेदारी या पहचान नहीं दी जाती. सालों से हमारी अस्मिता, हमारी भाषा, हमारी पहचान को सही मान्यता नहीं मिल पाई है. यह अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण लेकिन मजबूत लड़ाई का समय है. जनता ने राज्य का नेतृत्व करने की दी जिम्मेदारी- हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें झारखंड की जनता ने राज्य का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी है, लेकिन वह जानते हैं कि आगे का सफर आसान नहीं होगा. जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे, चुनौतियां भी बढ़ेंगी. ऐसे में हम सबको एक जुट होकर तैयार रहना होगा. झामुमो अध्यक्ष ने आदिवासी समाज को चेताते हुए कहा कि अगर वे संगठित नहीं हुए, तो उन्हें भविष्य में और ज्यादा हाशिए पर धकेला जा सकता है. प्रणालीगत उपेक्षा और हाशिए पर डालना कोई नई बात नहीं है. आज जरूरत है कि आदिवासी समाज एक मंच पर आए और अपनी पहचान को मजबूत करें. अपार संपदा से भरी है राज्य की मिट्टी – सोरेन हेमंत सोरेन ने झारखंड की प्राकृतिक संपदा, विशेषकर खनिज संसाधनों पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि राज्य की मिट्टी अपार संपदा से भरी है, लेकिन लोगों को यह सोचना चाहिए कि क्या यह ‘समृद्धि’ वास्तव में एक वरदान साबित हुई है या फिर इसका दोहन आदिवासी समुदाय के लिए अभिशाप बन गया है. उन्होंने कहा कि संसाधनों पर केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण उपयोग भी जरूरी है.

मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत योगी सरकार ने बुंदेलखंड के 6 कृषि विज्ञान केंद्रों में तैयार कराए मिलेट्स प्रोसेसिंग प्लांट

कृषि विज्ञान केंद्रों में बनकर तैयार हुए श्री अन्न आधारित प्रोसेसिंग प्लांट, मिलेट्स प्रसंस्करण के साथ ही पैकेजिंग और विपणन में भी बनेंगे मददगार योगी सरकार ने कृषि विज्ञान केंद्रों को प्रोसेसिंग प्लांट शुरू करने के लिए दी है आर्थिक मदद झांसी, ललितपुर, बांदा, महोबा, जालौन और हमीरपुर में बनकर तैयार हुए हैं मिलेटस प्रोसेसिंग प्लांट मशीनों की खरीद के लिए शुरू हुई प्रक्रिया, नए साल में शुरू हो जाएगा सभी प्रोसेसिंग प्लांट पर काम लखनऊ उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत बुन्देलखंड के 6 जिलों में कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से मिलेट्स प्रसंस्करण, पैकेजिंग सह विपणन केंद्रों के निर्माण का काम फरवरी पूरा कर लिया गया है।प्रोसेसिंग प्लांट के लिए मशीनों की खरीद और इंस्टालेशन का काम जल्द शुरू होगा। विभागीय अफसरों का कहना है कि अगले वर्ष ये सभी प्रोसेसिंग प्लांट शुरू हो जाएंगे, जिससे किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा। झांसी, बांदा, ललितपुर, महोबा, जालौन और हमीरपुर ज़िलों में कृषि विभाग ने प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण के लिए आर्थिक मदद प्रदान की है। योगी सरकार ने प्रत्येक मिलेट्स प्रसंस्करण, पैकेजिंग सह विपणन केंद्र की स्थापना के लिए 95 लाख रुपये प्रदान किए हैं। इन मिलेट्स प्रसंस्करण, पैकेजिंग सह विपणन केंद्रों की स्थापना का उद्देश्य श्री अन्न की खेती को बढ़ावा देना, प्रोसेसिंग करना और किसानों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में मदद करना है। सभी कृषि विज्ञान केंद्रों पर प्रोसेसिंग प्लांट के लिए भवन तैयार कर लिया गए है। अब आने वाले समय में इनमें अत्याधुनिक प्रोसेसिंग मशीन को लगाया जाएगा। इनके माध्यम से मोटे अनाज की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग हो सकेगी। बुन्देलखण्ड की जलवायु के अनुकूल मोटे अनाजों को उगाने के लिए किसानों को बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। फसल तैयार हो जाने पर इन केंद्रों पर किसानों के उपज की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की जाएगी। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ एन के बाजपेयी ने बताया कि झांसी, ललितपुर, जालौन, महोबा, बांदा और हमीरपुर में श्री अन्न आधारित प्रोसेसिंग प्लांट के लिए भवन निर्माण का काम पूरा हो गया है। अब बहुत जल्द यहां मशीनों की खरीद और इंस्टालेशन का काम पूरा कर लिया जाएगा। उम्मीद है कि अगले वर्ष किसानों को बीज देने और उससे होने वाली उपज को इन केंद्रों में प्रोसेस करने का काम शुरू हो जाएगा।

सिस्टम पर सख्ती: FIR लंबित रखने पर IG सरगुजा ने ASI को निलंबित किया, TI भी लाइन हाजिर

बलरामपुर महिला से सामूहिक दुष्कर्म और मानसिक उत्पीड़न के मामले में तीन महीने तक मामला दर्ज नहीं किए जाने पर सरगुजा आईजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच अधिकारी एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के साथ थाना प्रभारी को लाइन अटैच कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. जानकारी के अनुसार, झारखंड निवासी तीन युवकों पर शादीशुदा महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप है. आरोप है कि घटना वाले दिन महिला अपने घर में अकेली थी, तभी तीनों युवक जबरन घर में घुसे और दुष्कर्म किया. घटना से मानसिक रूप से टूट चुकी पीड़िता ने उसी रात फांसी लगाकर जान दे दी. घटना के बाद परिजन न्याय की मांग को लेकर बार-बार थाना पहुंचे, लेकिन पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज करने में देरी की गई. परिजनों के अनुसार, यह स्पष्ट रूप से सामूहिक बलात्कार और मानसिक उत्पीड़न का मामला है, लेकिन पुलिस ने इसे आत्महत्या का प्रकरण मानते हुए शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया. तीन महीनों तक परिजन इधर-उधर चक्कर काटते रहे, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई. आखिरकार परिजनों ने सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा के समक्ष सीधे शिकायत दर्ज करवाई. शिकायत के बाद मामले में उच्चस्तरीय जांच शुरू की गई. सरगुजा आईजी द्वारा प्रारंभिक जांच में पुलिस की गंभीर लापरवाही पाए जाने पर जांच अधिकारी एएसआई रोशन लकड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं सनावल थाना प्रभारी गजपति मिर्रे को लाइन अटैच करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.

यूपी परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय की कई योजनाओं को मिली स्वीकृति

प्रदेश में सड़क परिवहन होगा और सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइस, सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए पुख्ता होगी सुरक्षा इंटरसेप्टर वाहनों की होगी खरीद, यातायात जागरूकता पर रहेगा विशेष जोर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने सड़क सुरक्षा, आधुनिक परिवहन ढांचे और तकनीकी सुदृढ़ीकरण को गति देने के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं। यूपी परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए की कई महत्त्वपूर्ण पूंजीगत एवं राजस्व योजनाओं के प्रस्ताव को मुख्य सचिव की बैठक में स्वीकृति मिली है। इन योजनाओं के तहत अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइसेस, सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार, बीटीटीई इकाइयों के लिए उपकरण, के-इन-मोशन सेंसर, इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद और यातायात जागरूकता को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया है। लखनऊ और मुरादाबाद में चौराहों पर सीसीटीवी इंस्टालेशन के लिए राशि स्वीकृत यूपी परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय की ओर से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 के लिए मुख्य सचिव की बैठक में जरूरी प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत राजधानी, लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना के लिए 4.96 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति दी गई है। साथ ही मुरादाबाद और बलिया जनपद में प्रमुख चौराहों पर इंटीग्रेटेड सीसीटीवी इंस्टालेशन के लिए लगभग 3.10 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही बीटीटीई ईकाइयों के लिए ट्रक सिमुलेटर और अन्य तकनीकी उपकरणों की खरीद के लिए 1.28 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इसके अलावा बीटीटीई हांसी इकाई के लिए वाहन खरीद को भी मंजूरी मिली है। हाई-रिस्क वाले 20 जिलों में लगेंगी इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइस मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सड़क दुर्घटना में कमी लाने के उद्देश्य से राज्य के 25 हाई-रिस्क वाले जिलों में डीआरएससी  के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइस लगाने की योजना तेजगति से आगे बढ़ाई जा रही है। परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय की ओर से हाई-रिस्क वाले जिलों में 1करोड़ प्रति जनपद की दर से 25 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। साथ ही शेष जनपदों के लिए 50 लाख रुपये प्रति जिले की दर से अतिरिक्त 25 करोड़ रुपये की राशि को भी मंजूरी दी गई है। समीक्षा बैठक में परिवहन विभाग के संबंधित अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2024-25 में इंटरसेप्टर वाहनों एवं अन्य उपकरणों के लिए 19.95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से लगभग 17.15 करोड़ रुपये से 70 इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद की जा चुकी है। साथ ही उन्होंने बताया कि 18 के-इन-मोशन सेंसरों के लिए 14.05 करोड़ रुपये स्वीकृत किये जा चुके हैं। विभाग ने सेंसरों को अधिक प्रभावी बनाने हेतु प्लेटफार्म और अतिरिक्त संरचना निर्माण के लिए भी नए प्रस्ताव भेजे हैं। सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के लिए कई योजनाएं स्वीकृत प्रदेश में सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार, ई-चालान प्रणाली, साइनेज बोर्ड, इंटरनेट सेवाएं, उपकरणों की मरम्मत, मोबाइल रिचार्ज और अभियानों के संचालन के लिए 2.10 करोड़ से अधिक की राजस्व योजनओं को मंजूरी मिली है। इसके साथ ही यातायात निदेशालय द्वारा 25 करोड़ रुपये की लागत से 4,500 आयरन बैरियर, 4,525 फोल्डिंग बैरियर, 7,200 सेफ्टी हेलमेट, 8,000 फ्लोरोसेन्ट जैकेट, 270 ब्रेथ एनालाइजर, 85 स्पीड लेजर गन, 15 चार-पहिया एवं 62 दो-पहिया इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद भी की जाएगी। इसमें सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाले अन्य जरूरी आधुनिक उपकरणों की खरीद भी शामिल हैं। यूपी परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय प्रदेश में सड़क सुरक्षा में आधुनिक तकनीक का उपयोग और यातायात प्रबंधन को अत्याधुनिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जो प्रदेश में सड़क दुर्घटना के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाने के साथ, लोगों को सुरक्षित परिवहन की सुविधा भी उपलब्ध करवाएगा।

कांगड़ा की धरती पर जनआक्रोश, कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने की हुंकार: डॉ. राजीव बिंदल

शिमला भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि 4 दिसंबर को धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में विधानसभा के बाहर प्रदेश सरकार के तीन वर्षों के कुशासन के खिलाफ जो ऐतिहासिक और विशाल प्रदर्शन हुआ, उसने कांग्रेस सरकार और पूरी कांग्रेस पार्टी को झकझोर कर रख दिया है। यह प्रदर्शन उस स्वयंभू सरकार के खिलाफ जनाक्रोश का प्रतीक है, जिसके तीन साल पूरी तरह से व्यवस्था पतन के रहे हैं। डॉ. बिंदल ने कहा कि कांगड़ा की पवित्र धरती और धौलाधार की वादियों से हजारों की संख्या में उमड़े नर-नारियों ने एक स्वर में कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है।  जिस उत्साह, जोश और दृढ़ संकल्प के साथ जनता प्रदर्शन में शामिल हुई, वह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आज समाज का हर वर्ग सरकार की जनविरोधी कार्यशैली के खिलाफ मजबूती से खड़ा हो चुका है। कांगड़ा से उठी यह जनआवाज अब पूरे हिमाचल प्रदेश में गूंजेगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की जनता के साथ धोखा किया है, अन्याय किया है और हर वर्ग को ठगा है। बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नाम पर छलावा दिया गया, बहनों के साथ किए गए वादे पूरे नहीं किए गए, प्रदेश के अनेक संस्थानों को बंद किया गया और हिमाचल प्रदेश के विकास को पूरी तरह से बाधित कर दिया गया। अब प्रदेश की जनता पूरी एकजुटता के साथ इस निरंकुश सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार है। डॉ. बिंदल ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक यह संकल्प ले कि कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी और जनता से किए गए हर अन्याय का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में यह संकल्प भी लिया गया कि प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था, लगातार हो रही गोलीकांड की घटनाओं और बढ़ते अपराध से हिमाचल को बाहर निकाला जाएगा। जिस प्रकार प्रदेश आज आतंक और असुरक्षा के माहौल में धकेला जा रहा है, उससे मुक्ति दिलाना भाजपा की प्राथमिकता है। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक प्रदर्शन नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश को बचाने का एक जनसंकल्प है, जो अब पूरे प्रदेश में निरंतर मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा।

हरियाणा में पानी की सप्लाई पर बड़ा अपडेट: कौन-सा शहर कितनी मात्रा में पा रहा पीने का पानी, पूरी रिपोर्ट

हरियाणा हरियाणा सरकार राज्यभर में पर्याप्त और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति के लिए कई काम कर रही है. यही वजह है कि इसके लिए एक विशाल अवसंरचना विकसित की गई है. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग 18,700 से अधिक जलघरों और नलकूपों से पेयजल उपलब्ध करा रहा है. सिरसा जिले में भाखड़ा मेन लाइन प्रमुख स्रोत है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी मिलता है. दो गांवों में आपूर्ति बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग वर्तमान में     1870 नहर-आधारित जल घर,     12,920 नलकूप,     9 रेनीवेल, तथा     4140 बूस्टिंग स्टेशन प्रदेशभर में इनके माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लोगों की आम दिनों की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं. यही वजह है कि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है. सिरसा जिले की पेयजल व्यवस्था सिरसा जिले में पेयजल आपूर्ति मुख्यतः BML भाखड़ा मेन लाइन संख्या 1 पर आधारित है, जो साल भर paani का विश्वसनीय स्रोत है. इसी लाइन से लोगों की पानी की जरूरत को पूरा किया जाता रहा है. सिरसा लोकसभा क्षेत्र की वर्तमान स्थिति सिरसा लोकसभा क्षेत्र के 616 ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से पेयजल आपूर्ति की जा रही है. केवल दो गांव—दहमन और खारा खेड़ी—में फिलहाल 40 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी उपलब्ध है. इन गांवों में भी आपूर्ति को 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन तक बढ़ाने के लिए 611.90 लाख रुपये के कार्य प्रगति पर है, जिसका लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का है. शहरी क्षेत्रों की बात करें तो सिरसा लोकसभा क्षेत्र के सभी शहरी आबादी वाले क्षेत्रों में पेयजल की कोई कमी नहीं है. आपूर्ति नियमित एवं पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराई जा रही है. असाधारण परिस्थितियों, विशेषकर गर्मी के मौसम में, आवश्यकतानुसार टैंकरों द्वारा पानी की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाती है.  

मंगल की कृपा इन 4 राशियों पर आज, 7 दिसंबर का दिन होगा खास

ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, पराक्रम, संपत्ति और विवाह का कारक माना जाता है। जब मंगल अपनी स्थिति बदलता है या किसी राशि विशेष को मजबूत दृष्टि देता है, तो उस राशि के जातकों के जीवन में बड़ा बदलाव आता है। 7 दिसंबर यानी आज से मंगल की विशेष स्थिति या गोचर कुछ राशियों के लिए अत्यंत शुभ फलदायी रहने वाला है। तो आइए जानते हैं, वे चार राशियां कौन सी हैं, जिनके जीवन में आज से ज़बरदस्त लाभ और सौभाग्य की शुरुआत हो सकती है। मेष राशि मेष राशि के स्वामी स्वयं मंगल ग्रह हैं, इसलिए यह परिवर्तन इनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। करियर और व्यवसाय में अचानक बड़ी सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि के मजबूत योग बनेंगे। स्वास्थ्य बेहतर होगा और साहस-पराक्रम में वृद्धि होगी। इस राशि के लोग आत्मविश्वास से भरे रहेंगे, जिससे अटके हुए काम तेज़ी से पूरे होंगे। कर्क राशि कर्क राशि के जातकों को मंगल का यह गोचर वित्तीय और पारिवारिक मामलों में लाभ देगा। आय के नए स्रोत खुलेंगे, जिससे धन लाभ होने की प्रबल संभावना है। यदि कहीं निवेश किया हुआ है, तो उसका अच्छा प्रतिफल मिल सकता है। पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद हल हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बढ़ेगी और जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए यह मंगल का परिवर्तन कार्यक्षेत्र और सामाजिक सम्मान के लिए वरदान साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों और उच्च अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और आपका मान-सम्मान हर जगह होगा। जो लोग पार्टनरशिप में व्यवसाय करते हैं, उन्हें विशेष लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे और कोई शुभ समाचार मिल सकता है। मकर राशि मकर राशि के जातकों को मंगल की यह स्थिति भाग्य और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उन्नति दिलाएगी। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, जिससे आपके रुके हुए कार्य तेज़ी से पूरे होंगे। आप कोई नया कार्य या यात्रा शुरू कर सकते हैं जो लाभकारी साबित होगी। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों की ओर झुकाव बढ़ेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है और विदेश से जुड़े कार्यों में लाभ होगा।

जनसुरक्षा के लिए अवैध शराब माफियाओं पर योगी आदित्यनाथ सरकार की कड़ी कार्रवाई

विशेष अभियानों द्वारा उत्तर प्रदेश में अंतर्राज्यीय गिरोह ध्वस्त रामपुर, बरेली, लखीमपुर खीरी में अवैध शराब की सबसे ज्यादा बरामदगी, प्रदेश में 18.5 लाख लीटर अवैध शराब बरामद लखनऊ,  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अवैध शराब और मादक द्रव्यों के खिलाफ अपना अब तक का सबसे सबसे व्यापक और असरदार अभियान चलाकर शराब माफियाओं को सख्त संदेश दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध शराब माफिया के लिए प्रदेश में न तो जगह है और न ही कोई ढिलाई। सख्त नीति, संयुक्त प्रवर्तन तंत्र और लगातार निगरानी ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत करते हुए जनसुरक्षा को केंद्र में रखा है। सख्त कार्रवाई से गिरा अवैध शराब का ग्राफ आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में अक्टूबर 2025 तक शराब तस्करों के खिलाफ कुल 70,017 मामले दर्ज किए और 18.5 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की। अवैध शराब की बिक्री से जुड़े 13,243 लोगों को पकड़ा गया और 2,464 आरोपियों को जेल भेजा गया। आबकारी विभाग का अभियान इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार इस पूरे नेटवर्क को उखाड़ फेंकने की दिशा में कड़ाई बरत रही है। नवंबर 2025 में भी अवैध शराब कारोबार के विरुद्ध सरकार का अभियान जारी रहा और सिर्फ एक माह में 10,002 अभियोग दर्ज करने के साथ 2.35 लाख लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गई। त्योहार और विशेष अवसर पर विशेष अभियान   त्योहारों और विशेष अवसरों पर अवैध शराब की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2025–26 में अक्टूबर तक 5 विशेष छापेमारी अभियान चलाए। अभियान का छठा चरण 17 नवंबर से आरंभ हुआ है जो 16 दिसंबर तक जारी रहेगा। इन अभियानों के दौरान 20,590 मामले दर्ज किए गए और 5.2 लाख लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गईं। अभियान के दौरान 3,976 गिरफ्तारियां और 657 आरोपियों को जेल भेजा गया। आबकारी विभाग की टीम ने 23 तस्करी वाहन भी जब्त किए। अवैध शराब कारोबार के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार की संगठित, रणनीतिक और सख्त कार्रवाई एक मिसाल बन गई है। अंतरराज्यीय गिरोहों पर प्रहार, बड़े स्तर पर बरामदगी आबकारी विभाग द्वारा अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच अंतरराज्यीय तस्करी के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियानों में प्रदेश ने बड़ी सफलताएं अर्जित की है। इस अवधि में सोनभद्र में 18,491 लीटर, मथुरा में 9,913 लीटर, लखनऊ में 7,247 लीटर, बलिया में 6,152 लीटर, और आजमगढ़ में 4,958 लीटर अवैध शराब बरामद की गई। बरामदगी की मात्रा और अभियोगों की गंभीरता साफ दर्शाती है कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय गिरोहों पर इस बार की कार्रवाई सबसे प्रभावी रही। सबसे अधिक अवैध शराब बरामदगी वाले जिले   आबकारी विभाग द्वारा कई जिलों में एक ही अभियान में बड़ी मात्रा में शराब पकड़े जाने से यह भी स्पष्ट है कि योगी आदित्यनाथ सरकार की आक्रामक रणनीति से सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी की गतिविधियों पर लगाम लगा है। अक्टूबर 2025 तक चले छापेमारी अभियानों में सबसे अधिक शराब की बरामदगी रामपुर जिले से हुई है। यहां से कुल 62,950 लीटर अवैध शराब पकड़ी गई। वहीं बरेली में 59,451 लीटर, लखीमपुर खीरी से 55,697 लीटर, झांसी में 45,080 लीटर और हरदोई में 45,053 लीटर शराब जब्त हुई। जो इन जिलों में चलाए गए सघन अभियानों की सफलता को रेखांकित करती है। इन जिलों में दर्ज अभियोगों की संख्या भी उल्लेखनीय रही। लखीमपुर खीरी में 2,480, रामपुर में 1,677, बरेली में 1,646 अभियोग दर्ज किए गए। इन अभियानों में तस्करी में उपयोग हुए वाहनों की भी बड़ी संख्या में जब्ती हुई जिससे अवैध शराब कारोबार की कमर टूट गई।

कुंभकार समाज का प्रतिनिधि मंडल मिला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से

रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कुंभकार समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री  साय को आगामी जनवरी 2025 में रायपुर जिले के ग्राम नवागांव (कोलियारी) में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय महाधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए समाज के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का धन्यवाद किया तथा आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि कुंभकार समाज की पारंपरिक कला, श्रमशीलता और सांस्कृतिक योगदान छत्तीसगढ़ की सामाजिक संरचना को समृद्ध बनाते हैं। राज्य सरकार सभी समाजों के विकास और सहभागिता के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधि मंडल में समाज के सलाहकार रतन लाल चक्रधारी,  बी.पी. चक्रधर, प्रदेश अध्यक्ष  नंद कुमार चक्रधारी, महामंत्री  हेमलाल कौशिक, कोषाध्यक्ष जयप्रकाश कुंभकार,  दौवा राम चक्रधारी सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

सोलर बूम : योगी आदित्यनाथ सरकार ने रचा इतिहास तीन लाख इंस्टॉलेशन का रिकॉर्ड

1038.27 मेगावॉट क्षमता ने बढ़ाई ऊर्जा आत्मनिर्भरता की रफ्तार 2074.53 करोड़ रुपये की सब्सिडी से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत गांवों से शहरों तक सोलर रूफटॉप ने बदली उपभोक्ताओं की आर्थिक तस्वीर लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और स्पष्ट नीति निर्देशन का ही परिणाम है कि राज्य में सौर ऊर्जा के तीन लाख इंस्टॉलेशन (3,00654) का लक्ष्य पार कर लिया है। उत्तर प्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में जो उपलब्धि हासिल की है वह  ऐतिहासिक है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी सौर राज्यों में शामिल करती है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस मामले में गुजरात और महाराष्ट्र ही उत्तर प्रदेश से आगे हैं । आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 983915 आवेदनों में से 300654 इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं। राज्य में सौर ऊर्जा की कुल इंस्टॉलेशन क्षमता 1038.27 मेगावॉट तक पहुंच चुकी है जिससे लाखों परिवारों को स्वच्छ और किफायती ऊर्जा प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही राज्य सरकार अब तक 2074.53 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी कर चुकी है जिसने उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ को काफी हद तक कम कर दिया है। पिछले 8 वर्षों में योगी सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सोलर रूफटॉप की पहुंच बढ़ाने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया डिजिटल मॉनिटरिंग और समयबद्ध इंस्टॉलेशन पर विशेष जोर दिया गया है। पीएम सूर्यघर योजना और राज्य की नई सौर नीति के जरिए बड़े पैमाने पर अवसंरचना तैयार की गई जिसने ऊर्जा क्षेत्र में विश्वास और सरलता का नया माहौल बनाया है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा की यह तेज प्रगति आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी। मौजूदा 1038.27 मेगावॉट क्षमता न सिर्फ बिजली की मांग को संतुलित कर रही है बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है। इसका लाभ उद्योगों कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को समान रूप से मिल रहा है जिससे प्रदेश की आर्थिक गति और तेज हो रही है। इस उपलब्धि का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। सोलर इंस्टॉलेशन से गांवों में बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। कई परिवार अतिरिक्त ऊर्जा ग्रिड को बेचकर सालाना आय भी बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि सौर ऊर्जा के लिए आवेदन संख्या लगातार बढ़ रही है और उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी बाजारों में तेजी से उभर रहा है। सरकारी आंकड़ों और जमीनी स्थितियों से यह स्पष्ट होता है कि योगी सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गति और पारदर्शिता दोनों को प्राथमिकता दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि तीन लाख इंस्टॉलेशन का लक्ष्य पार करना केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि यह उस नए ऊर्जा ढांचे का प्रतीक है जिसकी ओर उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण के तीनों मोर्चों पर उत्तर प्रदेश ने जो उपलब्धि दर्ज की है वह आने वाले वर्षों में देश के नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।