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Saphala Ekadashi Vrat Katha: लुम्भक की कथा से समझें सफला एकादशी का महत्व, अनजाने व्रत से कैसे बदली किस्मत

युधिष्ठिर ने पूछा-पौष मास के कृष्णपक्ष में जो एकादशी होती है, उसका क्या नाम है ? उसकी क्या विधि है और उसमें किस देवता की पूजा की जाती है। भगवान्‌ श्रीकृष्ण ने कहा कि पौष मास के कष्णपक्ष में सफला नाम की एकादशी होती है। उस दिन विधान से ही विधिपूर्वक भगवान नारायण की पूजा करनी चाहिए। सफला एकादशी को विशेषरूप से दीप-दान करने का विधान है। रात को वैष्णव पुरुषों के साथ जागरण करना चाहिए। जागरण करने वाले को एकादशी का पूर्ण फल मिलता है। अब सफला एकादशी व्रत की कथा सुनो। चम्पावती नाम के राज्य में राजा माहिष्मत रहता था। महर्षि माहिष्मत के 5 पुत्र थे। उसके सभी बेटे अच्छे थे लेकिन सबसे बड़ा पापी था। राजा के पैसों को वह पाप कर्म में खर्च करता था। वह दूसरों को धोखा देता था|वह सदा दुराचार और ब्राह्मणों को सताता और निंदा करता था। बैष्णवों और देवताओंकी भी हमेशा निन्‍दा करता था। अपने बेटे का पाप करते देख राजा माहिष्मत ने उसका नाम लुम्भक रख दिया । फिर पिता और भाइयों ने उससे पीछा छुड़ाने के लिए उसे राज्य से निका दिया। लुम्भक उस नगर से निकलकर वन में चला गया। वहीं रहकर उस पापी ने लूटपाट शुरू कर दी है। वह चोरी करके एक दिन जा रहा था , तो राजा के सिपाहियों ने उसे पकड़ लिया। उसने अपने को राजा माहिष्मत का पुत्र बतलाया तो सिपाहियों ने उसे छोड़ दिया। लेकिन उसे राज्य में नहीं आने दिया। वह पापी वन में रहने लगा और मास तथा वृक्षोंके फल खाकर जी रहा था। एक दिन वो पुराना पीपल के पेड़ के पास आराम कर रहा था। उस वनमें वह वृक्ष एक महान्‌ देवता माना जाता था।   एक दिन किसी पुण्य के प्रभाव से उसके द्वारा एकादशी व्रत का पालन हो गया। पौष मास में कृष्णपक्ष की दशमी के दिन॑ लुम्भक ने वृक्षों के फल खाए और रातभर सर्दी का कष्ट भोगा। उस समय न तो उसे नींद आई ओर न आराम ही मिला। सूर्योदय होने पर भी उस पापीको होश नहीं हुआ। सफला एकादशी के दिन भी लुम्भक बेहोश पड़ा रहा । वह भूखसे दुर्बल हो रहा था। तब उसने वृक्ष की जड़ में बहुत-से फल निवेदन किया कि इन फलों से लक्ष्मीपति भगवान विष्णु संतुष्ट हों । इस प्रकार उससे अनायास ही ब्र तका पालन कर लिया। उस समय सहसा आकाशवाणी हुई कि एकादशीके प्रसाद से राज्य ओर पुत्र प्राप्त करोगे। तब से वो भगवान्‌ विष्णु के भजन में लग गया । उस समय भगवान्‌ श्रीकृष्ण की कृपासे उसके मनोज्ञ नामक पुत्र उत्पन्न हुआ। इस प्रकार जो सफला एकादशीका उत्तम त्रत करता है, वह इस लोकमें सुख भोगकर मरने के पश्चात्‌ मोक्ष को प्राप्त होता है ।    

कोहरा बना किसानों का दोस्त! हरियाणा में इन फसलों के लिए बेहद लाभकारी रहेगा मौसम

नूंह  नूंह जिले में मौसम ने अचानक तीखे तेवर दिखा दिए हैं। तड़के सुबह से ही घने कोहरे ने पूरे नूंह जिले को अपने आगोश में ले लिया, वहीं हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। रविवार को गलियों, चौक-चौराहों और बाजारों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आए। कोहरे की मोटी चादर के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रही, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। हाईवे से लेकर ग्रामीणों में सड़कों तक वाहन रेंगते दिखाई दिए। चालकों ने हेडलाइट जलाकर सावधानीपूर्वक वाहन चलाए, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। सुबह-सुबह काम पर निकलने वाले मजदूरों, बुजुर्गों और बच्चों पर ठंड का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। ठंड के इस मौसम में चाय की दुकानों पर खासा जमावड़ा नजर आया, जहां लोग गरमागरम चाय की चुस्कियां लेते हुए ठंड से राहत लेते दिखे। हालांकि यह मौसम किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक घना कोहरा और ठंड रबी फसलों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। इससे गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों में नमी बनी रहेगी, जिससे पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड और कोहरे के बने रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, सुबह और देर रात अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

न्यू ईयर सेल का बड़ा धमाका: JBL के 220W पावरफुल स्पीकर 50% तक सस्ते

2026 New Year पार्टी में धमाल मचाने के लिए दमदार साउंड वाला स्पीकर खरीदने का प्लान है, तो Amazon पर आपके लिए बहुत कुछ है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पॉपुलर ब्रांड JBL के स्पीकर्स भारी डिस्काउंट के साथ मिल रहे हैं। ऑफर में महंगे स्पीकर्स लगभग आधी कीमत में मिल रहे हैं। लिस्ट में साउंडबार और पॉकेट स्पीकर्स भी शामिल हैं। देखें आपके बजट में कौन सा मॉडल फिट बैठ रहा है। 35,999 रुपये एमआरपी वाला यह पार्टी स्पीकर 44 फीसदी छूट के साथ मात्र 19,998 रुपये में मिल रहा है। बैंक ऑफर का लाभ लेकर इसकी कीमत को कम किया जा सकता है। इसमें 160W का पावरफुल साउंड मिलता है। आप इसे उठाकर किसी भी जगह ले जा सकते हैं और उस जगह को पार्टी फ्लोर में बदल सकते हैं। इसमें आगे की तरह RGB लाइट्स लगी हैं, जो इसके लुक को खूबसूरत बना देते हैं। दावा है कि इसमें 12 घंटे तक का प्लेटाइम मिलता है। इसमें गिटार और माइक का इनपुट भी मिलता है। यह पूल पार्टी के लिए भी परफेक्ट है। 13,999 रुपये एमआरपी वाला यह स्पीकर 46 फीसदी छूट के साथ मात्र 7,499 रुपये में मिल रहा है। बैंक ऑफर का लाभ लेकर इसकी कीमत को कम किया जा सकता है। इसमें 30W का साउंड आउटपुट मिलता है। कॉम्पैक्ट साइज होने की वजह से इसे बैग में रखकर कहीं भी ले जा सकते हैं। दावा है कि इसमें 12 घंटे तक का प्लेटाइम मिलता है। वॉटरप्रूफ होने की वजह से यह पूल पार्टी के लिए भी परफेक्ट है। 3,999 रुपये एमआरपी वाला यह स्पीकर 50 फीसदी छूट के साथ मात्र 1,998 रुपये में मिल रहा है। बैंक ऑफर का लाभ लेकर इसकी कीमत को कम किया जा सकता है। इसमें 4.2W का साउंड आउटपुट मिलता है। इसका साइज बेहद कॉम्पैक्ट है और आप इसे जेब में रखकर भी म्यूजिक का मजा सकते हैं। दावा है कि इसमें 5 घंटे तक का प्लेटाइम मिलता है। यह फुली वॉटरप्रूफ और डस्टप्रूफ है। 18,999 रुपये एमआरपी वाला यह साउंडबार 53 फीसदी छूट के साथ मात्र 8,998 रुपये में मिल रहा है। बैंक ऑफर का लाभ लेकर इसकी कीमत को कम किया जा सकता है। इसमें 220W का साउंड आउटपुट मिलता है। इसे टीवी से कनेक्ट करके घर पर ही थिएटर जैसे साउंड का मजा लिया जा सकता है। घर पर होने वाली छोटी मोटी पार्टी के लिए भी यह परफेक्ट है। आप इसे मोबाइस से कनेक्ट करके भी म्यूजिक का मजा ले सकते हैं। इसके साथ रिमोट कंट्रोल मिलता है, जिससे इसे दूर से भी कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें वायरलेस सबवूफर है। 18,999 रुपये एमआरपी वाला यह साउंडबार 50 फीसदी छूट के साथ मात्र 9,499 रुपये में मिल रहा है। बैंक ऑफर का लाभ लेकर इसकी कीमत को कम किया जा सकता है। इसमें 200W का साउंड आउटपुट मिलता है। यह डोल्बी एटमॉस साउंडबार है, जिसमें बिल्ट-इन सबवूफर है। इसे टीवी से कनेक्ट करके घर पर ही थिएटर जैसे साउंड का मजा लिया जा सकता है। आप इसे मोबाइस से कनेक्ट करके भी म्यूजिक का मजा ले सकते हैं। घर पर होने वाली छोटी मोटी पार्टी के लिए भी यह परफेक्ट है। इसके साथ रिमोट कंट्रोल मिलता है, जिससे इसे दूर से भी कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें वायरलेस सबवूफर है।

LPG सिलेंडर पर पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, बुकिंग करवाने वाले खपतकारों के लिए राहत

लुधियाना  सर्दियों के दस्तक देते ही जहां आम उपभोक्ताओं को बुकिंग करवाने के बाद भी एक गैस सिलैंडर की सप्लाई लेने के लिए 10 दिनों तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं गैस माफिया के अड्डों पर एक साथ कई गैस सिलैंडरों की डिलीवरी हो रही है, जो कि गैस कंपनियों और एजैंसी मालिकों की दोगली मानसिकता को दर्शाता है। चंडीगढ़ रोड स्थित जीवन नगर, छोटी मुंडिया, नीची मंगली, गुरु तेग बहादुर नगर, 33 फुटा रोड, त्रिशला नगर, फोकल प्वाइंट, परमजीत कॉलोनी, फॉर्टिस हॉस्पिटल की बैक साइड जच्चा-बच्चा केंद्र आदि इलाकों में सक्रिय गैस माफिया द्वारा धड़ल्ले से साइकिल रिपेयर, मनियारी की दुकान, करियाना स्टोर, बर्तन स्टोर, खाने-पीने का सामान बेचने वाली रेहड़ियों, यहां तक कि बुटीक आदि पर घरेलू गैस सिलैंडर के बड़े जखीरे उतारे जा रहे हैं। वर्णनीय है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा गैस माफिया के सरगना संतोष गुप्ता के फोकल प्वाइंट स्थित एक फैक्ट्री में बनाए गए ठिकाने पर की गई एक छापेमारी दौरान वहां पर 125 के करीब घरेलू गैस सिलैंडर, सोनू गुर्जर के ठिकाने से गैस सिलैंडर सहित गैस की पलटी मारने वाली मशीन, इलैक्ट्रॉनिक टोल कांटा आदि बरामद किए गए हैं। लुधियाना एल.पी.जी. डीलर एसोसिएशन द्वारा डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन और पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के साथ की गई एक विशेष बैठक के दौरान गैस माफिया के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई करने संबंधी मांग की गई है जिसके जवाब में डिप्टी पुलिस कमिश्नर रुपिंदर सिंह द्वारा गैस माफिया को सख्त चेतावनी दी गई है लेकिन ए.सी. पी. और एस.एच.ओ. स्तर के पुलिस अधिकारी पुलिस कमिश्नर के आदेशों को मानने के लिए तैयार नहीं है और सारी बात वह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पाले में फैंक कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की फिराक में लगे हुए हैं।   उधर इस गंभीर मामले को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कंट्रोलर मैडम शिफाली चोपड़ा ने दावा किया है कि उनके द्वारा गैस माफिया के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जा रही है और जिला परिषद / ब्लाक समिति चुनाव के बाद माफिया के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा जिसमें घरेलू गैस की कालाबाजारी और पलटी का काला कारोबार चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इंदौर मेट्रोपोलिटन से भविष्य की योजना होगी साकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में शून्य से शिखर सम्मान-2025 में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर का अपना एक रोल है। इंदौर में मेट्रोपोलिटन का नक्शा बनाया गया है, जो भविष्य की योजना को साकार करेगा। आज जो मेट्रोपॉलिटन का नक्शा बना है, वह 14 हजार किलोमीटर का है। इंदौर से लेकर रतलाम और रतलाम से लेकर शाजापुर तक सराउंडिंग क्षेत्र में यह मेट्रोपोलिटन का नक्शा इंदौर-भोपाल के साथ क्लीन सिटी के रूप में जुड़ाव करेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य की दृष्टि से महानगर की श्रेणी में इंदौर का जो क्षेत्र बनेगा उसी आधार पर भविष्य की इमारतें खड़ी होंगी और निर्माण का अगला पड़ाव तय होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर में आयोजित शून्य से शिखर सम्मान -2025 में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेट्रो ट्रेन को भूमिगत भी चलाया जाएगा। इस कार्य में जो राशि लगेगी सरकार देगी। शहर की खूबसूरती को ख़त्म नहीं होने देंगे। एलिवेटेड रोड भी बनेगा, एलिवेटेड रोड से जनता को जहाँ सुविधा होगी वहाँ उन्हें रास्ते भी देंगे। उन्होंने कहा कि पाँच साल के अंदर विकास परक बजट डबल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी नए अवसर तलाशने और बेहतर तकनीक से जुड़ने की आवश्यकता है। ड्रोन टेक्नोलॉजी से लेकर सेमी कंडक्टर तक, आईटी से लेकर हेल्थ तक, इंफ्रास्ट्रक्चर से वेलनेस और टूरिज्म तक, हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारियां जारी है। मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने में शासन पीछे नहीं रहेगा। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्पमित्र भार्गव,  संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त श्री संतोष सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा श्री राजेश चेलावत, श्री किशोर चेलावत उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।  

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से आगर के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 551 नवदंपतियों को दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधायक श्री मधु गहलोत के पुत्र श्री मोहित सिंह गहलोत और उनकी पुत्रवधू सहित आगर मंडी प्रांगण में सात फेरों के बंधन में बंधने वाले सभी 551 जोड़ों को ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उज्जवल भविष्य शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र अनुरूप सामूहिक विवाह कार्यक्रम सभी अभिभावकों के विवाह आयोजन के स्वप्न को साकार करने में सहायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकर खुशी व्यक्त की कि विधायक श्री मधु गहलोत अब तक 10 हजार बेटियों के विवाह में सहयोग कर चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक श्री गहलोत के पुत्र श्री मोहित सिंह गहलोत से अपेक्षा जताई कि वे अपने पिता के समाजसेवा कार्य को आगे बढ़ायेंगे। उन्होंने इस शुभ आयोजन के लिए दादा नर्सिंग फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की और बाबा बैद्यनाथ की धरती में आयोजित इस मंगल कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट सहित अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।

भाग्य का सुनहरा दौर शुरू: 20 दिसंबर से सूर्य-शुक्र की कृपा से इन राशियों की चमकेगी किस्मत

सूर्य और शुक्र का राशि परिवर्तन व्यक्ति के जीवन पर भी अपना प्रभाव डालता है। इस समय वृश्चिक राशि में सूर्य बैठे हैं और जल्द ही धनु राशि में गोचर करने जा रहे हैं। पंचांग के अनुसार, 16 दिसंबर के दिन सूर्य का गोचर धनु राशि में होगा। वहीं, 20 दिसंबर के दिन शुक्र भी गुरु की धनु राशि में एंटर करेंगे। शुक्र के गोचर करते ही धनु राशि में सूर्य और शुक्र की युति बनेगी। जब सूर्य और शुक्र किसी राशि में एक साथ विराजमान रहते हैं तो इससे शुक्रादित्य योग बनता है, जो शुभ माना जाता है। शुक्र-सूर्य की ये शुभ युति कुछ राशियों के लिए फलदायक मानी जा रही है। इससे कुछ राशियों को शुभ परिणाम मिलेंगे और जीवन में चल रही दिक्कतें भी दूर होंगी। आइए जानते हैं शुक्र और सूर्य की युति से किन राशियों के दिन बदल सकते हैं-  मेष राशि मेष राशि वालों के लिए धनु राशि में सूर्य और शुक्र की युति बनना शुभ माना जा रहा है। आय में वृद्धि हो सकती है। सूर्य के शुभ प्रभाव से आपकी सभी रुके हुए कार्य चल पड़ेंगे। यह समय किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए बेहद ही शुभ माना जा रहा है। सुख-संपदा का लाभ मिलेगा। अपनी सेहत का ध्यान जरूर रखें। तुला राशि धनु राशि में सूर्य और शुक्र की युति बनना तुला राशि के जातकों के लिए बेहद ही फायदेमंद माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में आपको अपने दोस्तों और बॉस का भरपूर सहयोग मिलेगा। आर्थिक कष्ट से मुक्ति मिल सकती है और आप निवेश के नए विकल्पों के बारे में सोच सकते हैं। विदेश यात्रा करने के भी योग बन रहे हैं। शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। सिंह राशि सिंह राशि के लोगों के लिए धनु राशि में सूर्य और शुक्र की युति बनना लाभदायक साबित हो सकता है। जॉब कर रहे लोग प्रशंसा के पात्र बनेंगे। व्यापारियों के लिए आय के नए स्रोत खुलेंगे। छोटी-मोटी दिक्कतें आ सकती हैं, जो आपके पार्टनर के सहयोग से आसानी से हल की जा सकती हैं। जितना आप निडर रहेंगे, उतनी ही सफलता आपके कदम चूमेगी।

‘इंडियन आइडल’ के सेट पर सुनाया किस्सा, 10 साल की डेटिंग के बाद कैसे शिलादित्य ने किया था श्रेया घोषाल को प्रपोज

मुंबई   4 साल की उम्र में संगीत की साधना कर रही प्लेबैक सिंगर श्रेया घोषाल आज सुरों की मल्लिका बन चुकी हैं। सिंगल बॉलीवुड में हिट सॉन्ग देने के साथ-साथ सिंगिंग रियलिटी शो में बतौर जज के तौर पर दिखती हैं। अब उन्होंने 'इंडियन आइडल' शो में अपनी लव स्टोरी के बारे में बात की और बताया कि कैसे उनके बचपन के दोस्त शिलादित्य मुखोपाध्याय ने उन्हें प्रपोज किया। 'इंडियन आइडल' के मंच पर रोमांस की बातों ने शो के माहौल को बदल दिया। शो में होस्ट आदित्य ने श्रेया से पूछा कि कैसे उन्हें शिलादित्य ने प्रपोज किया था। इसपर सिंगर ने कहा कि हम पहले से एक दूसरे को जानते थे और एक दिन उन्होंने तय किया कि आज मैं पूछता ही लेता हूं, लेकिन वो बहुत साधारण सवाल था, क्योंकि मेरा जवाब पहले ही 'हां' ही होने वाला था। फिर एक दिन हम लोग अपने दोस्त की शादी में गए और उन्होंने अचानक से शादी के लिए प्रपोज किया और मेरा जवाब वही था। उन्होंने कहा कि "पता होने के बावजूद भी वो पल हमारे लिए बहुत खास था।" शो में सिंगर पार्श्व गायिका कविता कृष्णमूर्ति भी मौजूद थीं। उन्होंने अपनी लव स्टोरी बताते हुए कहा कि मैं घर पर बहुत लाड़-प्यार से पली थी और प्यार-मोहब्बत जैसी चीजों से कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन जब पहली बार सुब्रमण्यम जी के घर पहुंची थी, तो अहसास हुआ कि इस घर में मेरे लिए खास जगह है। उन्होंने सामने से मुझे प्रपोज किया और मैंने 'हां' कर दी, लेकिन अगर वे सवाल नहीं करते, तो मैं अपनी गरिमा के साथ अलग अपनी जिंदगी जीती। बता दें कि सिंगर ने प्रसिद्ध वायलिन वादक और संगीतकार एल. सुब्रमण्यम से साल 1999 में शादी की थी। संगीतकार एल. सुब्रमण्यम की ये दूसरी शादी थी। बात अगर श्रेया घोषाल की करें तो उनकी शादी उनके बचपन के दोस्त और इंजीनियर शिलादित्य मुखोपाध्याय के साथ हुई थी। उन्होंने साल 2015 में 10 साल की डेटिंग के बाद शादी की थी। शिलादित्य ने गोवा में एक शादी के दौरान प्रपोज किया था, जब तक वे रिंग निकालने की हिम्मत जुटा रहे थे, तब तक श्रेया को गिलहरी दिखाने के बहाने बिजी रखते रहे। जिसके बाद कपल ने बंगाली रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न किया था और आज एक बच्चे के माता-पिता हैं।

डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना से मध्यप्रदेश में डेयरी क्रांति को मिलेगी नई गति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादकों को हर संभव तरीके से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जाएगा। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने सहित वर्तमान डेयरी उद्योग को सुनियोजित, सुव्यवस्थित, व्यावसायिक और लाभकारी बनाने की दिशा में 'डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना' आरंभ की है। यह योजना खासतौर पर उन जरूरतमंद युवाओं, किसानों और पशुपालकों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है, जो आधुनिक डेयरी इकाई स्थापित कर अपनी आय का स्थायी साधन विकसित करना चाहते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नये-नये अवसर सृजित करना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना में लाभार्थियों को 25 दूधारू पशुओं की एक इकाई स्थापित करने का अवसर दिया जाता है। इच्छुक और सक्षम हितग्राही अधिकतम 8 इकाइयां अर्थात 200 पशुओं तक की डेयरी परियोजना भी स्थापित कर सकते हैं। यह योजना छोटे से लेकर मध्यम स्तर के डेयरी उद्यमियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। योजना की एक प्रमुख शर्त यह है कि प्रति इकाई के लिए इच्छुक हितग्राही के पास कम से कम 3.50 एकड़ कृषि भूमि उपलब्ध हो। भूमि की यह व्यवस्था पशुओं के आवास, चारे की व्यवस्था और डेयरी के समुचित तरीके से संचालन के लिए जरूरी है। इसके साथ ही सरकार पशुपालकों/दूध उत्पादकों की प्रोफेशनल ट्रेनिंग को भी महत्व दे रही है, जिससे पशुपालक वैज्ञानिक और आधुनिक पद्धति से अपना डेयरी बिजनेस चला सकें। पशुपालकों को आर्थिक सहायता देना इस योजना का सबसे आकर्षक पहलू है। परियोजना की कुल लागत पर सरकार द्वारा अनुदान (सब्सिडी) भी दिया जा रहा है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को कुल परियोजना लागत का 33 प्रतिशत तथा अन्य सभी वर्गों को 25 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। शेष राशि बैंक ऋण के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है। इस प्रावधान से बड़े निवेश की बाधा काफी हद तक कम हो जाती है और डेयरी बिजनेस शुरू करना भी आसान हो जाता है। योजना में लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है और चयन सामान्यत: “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर ही किया जा रहा है। साथ ही उन पशुपालकों को भी प्राथमिकता दी जा रही है, जो पहले से ही किन्हीं दुग्ध संघों या सहकारी संस्थाओं को निरंतर दुग्ध आपूर्ति कर रहे हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, भूमि के दस्तावेज, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। इच्छुक आवेदक पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आधिकारिक पोर्टल या अपने जिले के पशु चिकित्सा सेवाएं कार्यालय से विस्तृत जानकारी और मार्गदर्शन भी ले सकते हैं। योजना के बारे में कुछ तथ्य     1. मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना में नवीन घटक के रूप में राज्य सरकार ने 25 अप्रैल 2025 को डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना को मंजूरी दी।     2. योजना के अंतर्गत 25 दुधारु पशु की प्रति इकाई राशि 36 लाख से 42 लाख रुपये तक की इकाई लागत है।     3. योजना में अधिकतम 8 इकाइयों की स्थापना एक हितग्राही द्वारा की जा सकती है। एक इकाई में एक ही नस्ल के गौ-वंश एवं भैसवंशीय पशु रहेंगे।     4. हितग्राही के पास प्रत्येक इकाई के लिये न्यूनतम 3.50 एकड़ कृषि भूमि होना जरूरी है।     5. भूमि के लिये परिवार के सामूहिक खाते भी सम्मिलित हैं। इनके लिये अन्य सदस्यों की सहमति भी जरूरी होगी।     6. इकाइयों की संख्या में गुणात्मक वृद्धि होने पर आनुपातिक रूप से न्यूनतम कृषि भूमि की अर्हता में भी आनुपातिक वृद्धि जरूरी होगी।     7. पात्र हितग्राही को ऋण राशि का भुगतान चार चरणों में किया जायेगा।  

पत्रकारिता समाज में चेतना का संचार करती हैं: विधानसभा अध्यक्ष तोमर

मप्र प्रेस क्लब का 33वां स्थापना वर्ष समारोह संपन्न अच्छी शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य और त्वरित न्याय से ही ‘विकास’ संभव : न्यायमूर्ति अग्रवाल भोपाल समाज को दिशा देने वाली पत्रकारिता और साहित्य की संयुक्त भूमिका को रेखांकित करता हुआ मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वां स्थापना वर्ष समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित ‘मप्र रत्न अलंकरण समारोह–2025’ न केवल प्रदेश की प्रतिभाओं के सम्मान का साक्षी बना, बल्कि सामाजिक सरोकारों, न्याय, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूल प्रश्नों पर गंभीर विमर्श का मंच भी बना। समारोह को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि पत्रकारिता और साहित्य दोनों ही समाज की चेतना को दिशा देते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में लगभग हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में ‘अवमूल्यन’ दिखाई देता है, ऐसे समय में मप्र प्रेस क्लब जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। श्री तोमर ने प्रदेश का मान बढ़ाने वाली विभूतियों को सम्मानित करने की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में यह आयोजन किसी शिक्षण संस्था के सहयोग से उसके परिसर में किया जाए, ताकि विद्यार्थी सीधे इन विभूतियों से संवाद कर प्रेरणा ग्रहण कर सकें। उन्होंने कहा कि इन विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित कर उन्हें स्वयं भी गौरव की अनुभूति हो रही है। साथ ही, पत्रकारों के हित में क्लब द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी मुक्तकंठ से प्रशंसा की। गरीबों के लिए सरल और सुलभ न्याय अनिवार्य : न्यायमूर्ति अग्रवाल श्रीराम जन्मभूमि विवाद पर ऐतिहासिक निर्णय देने वाले न्यायमूर्ति श्री सुधीर अग्रवाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यदि हम वास्तव में देश और समाज के विकास की बात करते हैं, तो गरीब और सामान्य नागरिक को अच्छी शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना होगा। यही एक स्वस्थ और विकसित समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि देश की सवा सौ करोड़ से अधिक जनता के लिए एक ही सुप्रीम कोर्ट से समय पर न्याय मिलना व्यावहारिक नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि देश की चारों दिशाओं और प्रमुख राज्यों में सुप्रीम कोर्ट की और बेंच स्थापित हों। न्यायमूर्ति अग्रवाल ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज संपन्न वर्ग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाना और सरकारी अस्पतालों में इलाज कराना नहीं चाहता, क्योंकि वहां व्यवस्थाओं और सुविधाओं का अभाव है। यदि शासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य जिम्मेदार लोग स्वयं या अपने परिजनों को इन संस्थानों में भेजें, तो वास्तविक स्थिति से परिचित होंगे और व्यवस्था में सुधार की दिशा में ठोस पहल संभव होगी। उन्होंने कहा कि यह अनिवार्य किया जाना चाहिए कि जिम्मेदार लोग अपने बच्चों की शिक्षा और इलाज सरकारी संस्थानों में ही कराएं। सबको मिले समान न्याय न्यायमूर्ति अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज देश में आम आदमी न्याय के लिए भटक रहा है। देश की अदालतों में लगभग साढ़े पांच करोड़ मुकदमे लंबित हैं। संपन्न वर्ग के मामलों में अदालतें रातों-रात खुल जाती हैं और त्वरित सुनवाई हो जाती है, जबकि आम आदमी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने तक के लिए संघर्ष करता है। यह स्थिति समान न्याय की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जहां हर नागरिक को समान, सरल और शीघ्र न्याय मिल सके। भाषायी मर्यादा और सांस्कृतिक गरिमा की रक्षा में मीडिया की भूमिका कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर ध्यानश्री स्वामी शैलेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि आज समाज में भाषायी असहिष्णुता बढ़ रही है। इसकी मर्यादा की रक्षा में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और उसे यह दायित्व निभाना भी चाहिए। उन्होंने कहा कि आचरण और आवरण में भेद नहीं होना चाहिए। महाराजश्री ने इस बात पर भी चिंता जताई कि आज तीर्थ स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में देखा जाने लगा है, जबकि तीर्थाटन और पर्यटन के बीच के अंतर को समझना आवश्यक है। तीर्थों की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अपने बहुआयामी जीवन अनुभव—फिल्म अभिनेता, क्रिकेट कमेंटेटर, पत्रकारिता, राजनीति और संत जीवन—साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की माटी ने उनके जीवन को बार-बार नया स्वरूप दिया है। उन्होंने मप्र प्रेस क्लब के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली विभूतियों का सम्मान करना वास्तव में गौरव का विषय है। सामाजिक दायित्व निभा रहा है मप्र प्रेस क्लब कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत वक्तव्य देते हुए मप्र प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी ने क्लब की गतिविधियों और उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मप्र प्रेस क्लब प्रतिवर्ष उन विभूतियों का सम्मान करता है, जिन्होंने अपने अथक परिश्रम, प्रतिभा और समर्पण से प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। इसके पीछे क्लब की मंशा समाज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करने की है। दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। क्लब की ओर से डॉ. शिशिर उपाध्याय, राजेन्द्र शर्मा, रोमा मल्होत्रा, महेन्द्र बैस, राजेश सिंह भदौरिया, विनोद नागर तथा महेन्द्र शर्मा ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। आभार प्रदर्शन महासचिव डॉ. शिशिर उपाध्याय ने किया, जबकि कार्यक्रम का सुसंगठित संचालन आशीष दवे ने किया। इन विभूतियों का हुआ सम्मान समारोह में देश-विदेश में मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली विभूतियों को ‘मप्र रत्न’ और ‘मप्र श्री’ सम्मान से अलंकृत किया गया। दोनों ही श्रेणियों में नौ-नौ विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। ‘मप्र रत्न’ से सम्मानित विभूतियां— अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कमेंटेटर पद्मश्री सुशील दोषी, विश्वविख्यात शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली, अमर उजाला समूह के डिजिटल हेड एवं वरिष्ठ पत्रकार जयदीप कर्णिक, ‘वन शॉट मूवी’ दिल्ली–2020 के निर्माता-निर्देशक देवेन्द्र मालवीय, अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत में पहचान बनाने वाले मुमताज़ खान, टीवी9 भारतवर्ष के वरिष्ठ पत्रकार दिनेश गौतम, प्रसिद्ध नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर अमृता जोशी, आईएनएस 24×7 की न्यूज़ एडिटर सोनल भारद्वाज, तथा लोकप्रिय वेब सीरीज कोटा फैक्ट्री और हाफ सीए के निर्देशक प्रीतिश मेहता। ‘मप्र श्री’ सम्मान से … Read more