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प्रयागराज कुंभ की बेहतर बिजली व्यवस्थाओं का सिंहस्थ में होगा अनुसरण

भोपाल. प्रयागराज मेला क्षेत्र में सेवाएं देने वाला मद्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड लखनऊ का तीन सदस्यीय दल मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर क्षेत्र के भ्रमण पर आया । दल ने इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर का विस्तार से भ्रमण किया। दल में प्रयागराज महाकुंभ में बिजली सेवाएं देने वाले वरिष्ठ अधिकारी सर्व मनोज गुप्ता, प्रवीण कुमार सिंह, अनूप कुमार सिन्हा शामिल रहे। इन्होंने प्रयागराज महाकुंभ मेले की व्यवस्थाओं संबंधी नॉलेज शेयरिंग की। पश्चिम क्षेत्र विदयुत वितरण कंपनी के अधिकारियों को कार्यशाला के माध्यम से कुंभ में बिजली प्रबंधन सिखाया। दल ने शुक्रवार अपराह्न पोलोग्राउंड स्थित बिजली कंपनी मुख्यालय में दिए प्रस्तुतिकरण में बताया कि मेला क्षेत्र जो मुख्य रूप से मैदान या नदी के तट पर होता है, वहां लगे बिजली पोल बिछुड़े या खोए लोगों व्यक्तियों को मिलाने के लिए कार्य करते हैं, इसकी लोकेशन, नंबरिंग, क्यूआर कोड से सही लोकेशन का एकदम पता लगाय़ा जा सकता है। प्रयागराज कुंभ में बीस हजार पोल पर स्पारल लाइटिंग लगाई गई थी, जिससे चारो ओर रोसन हुई, सूचना पट भी सभी दिशाओं से स्पष्ट दिखे। हर सेक्टर में एक एक इंजीनियर को प्रभारी बनाया गया था। साथ ही गंगा नदी के पीपा पुल के पास, 25 किमी दूर तक की पार्किंग क्षेत्र की लाइटिंग, 20 किमी क्षेत्र में नदी के पास की लाइटिंग व अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्था जुटाने के तौर तरीके बताए गए। प्रयागराज से आए दल ने सिंहस्थ 28 के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने पश्चिम क्षेत्र कंपनी मुख्यालय के कार्मिकों के सवालों का जवाब भी दिया जिससे प्रयागराज जैसी सुविधाओं को सिंहस्थ में भी अपनाया जा सके। प्रयागराज के दल का स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन भी किया गया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक  प्रकाश सिंह चौहान, कार्यपालक निदेशक  गजरा मेहता, मुख्य अभियंता  एसएल करवाड़िया,  एससी वर्मा,  अचल जैन,  संजय मालवीय,  पवन जैन,  सीए ठकार आदि मौजूद रहे।  

Exynos 2600: Samsung का सबसे बड़ा मोबाइल चिप अपग्रेड, AI और गेमिंग में दमदार प्रदर्शन

नई दिल्ली  सैमसंग ने शुक्रवार यानी आज 19 दिसंबर 2025 का अपना एक लेटेस्ट फ्लैगशिप-ग्रेड मोबाइल प्रोसेसर Exynos 2600 को ऑफिशियल तौर पर पेश कर दिया है. यह चिप सैमसंग की इन-हाउस सिलिकॉन स्ट्रैटेजी का हिस्सा है. कंपनी का दावा है कि यह सिर्फ सैमसंग ही नहीं, बल्कि दुनिया का पहला ऐसा मोबाइल SoC है जो 2 नैनोमीटर GAA टेक्नोलॉजी पर बना है. सैमसंग के मुताबिक, Exynos 2600 में CPU, GPU और NPU को एक ही कॉम्पैक्ट चिप में जोड़ा गया है, जिससे AI और गेमिंग परफॉर्मेंस काफी बेहतर होती है. कंपनी ने संकेत दिए हैं कि यह प्रोसेसर अगले साल की शुरुआत में Galaxy S26 सीरीज़ के साथ डेब्यू कर सकता है. Exynos 2600 में क्या खास है सैमसंग पोस्ट के अनुसार, Exynos 2600 उसकी अब तक की सबसे पावरफुल मोबाइल चिप है, जो Exynos 2500 से ऊपर पोजिशन की गई है. यह Samsung Foundry के 2nm GAA फैब्रिकेशन प्रोसेस पर तैयार की गई है. इसमें सैमसंग का कस्टम आठ-कोर CPU दिया गया है, जिसमें:     एक C1 Ultra कोर जिसकी क्लॉक स्पीड 3.8GHz है     तीन C1 Pro कोर 3.25GHz पर काम करते हैं     चार C1 Pro कोर 2.75GHz तक क्लॉक किए गए हैं सैमसंग का कहना है कि इस चिप पर चलने वाले गैलेक्सी डिवाइस में LPDDR5x RAM और UFS 4.1 स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा. GPU और AI में बड़ा अपग्रेड Exynos 2600 में Xclipse 960 डेका-कोर GPU दिया गया है, जो ARMv9.3 आर्किटेक्चर पर बेस्ड है. इसके साथ इसमें 32K MAC वाला NPU दिया गया है, जो ऑन-डिवाइस AI प्रोसेसिंग को और तेज बनाता है. सैमसंग के मुताबिक, इसमें ARM की SME 2 टेक्नोलॉजी का सपोर्ट भी है, जिससे AI और मशीन लर्निंग ऐप्स ज्यादा तेजी से काम करते हैं. कंपनी का दावा है कि इस चिप से सीपीयू का परफॉर्मेंस करीब 39 प्रतिशत तक बेहतर होगा और पावर एफिशिएंसी भी बेहतर होगी. परफॉर्मेंस और थर्मल कंट्रोल सैमसंग का कहना है कि Exynos 2600, Exynos 2500 के मुकाबले जनरेटिव AI परफॉर्मेंस में 113 प्रतिशत तक बेहतर है. Ray tracing में 50 प्रतिशत तक का सुधार करता है. गेमिंग के लिए इसमें Exynos Neural Super Sampling टेक्नोलॉजी दी गई है, जो AI के जरिए रिजॉल्यूशन अपस्केलिंग और फ्रेम जेनरेशन करती है. थर्मल इश्यू को कंट्रोल करने के लिए सैमसंग ने Heat Pass Block टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की है, जो कंपनी के मुताबिक हीट सिंक जितनी असरदार है और थर्मल रेजिस्टेंस को 16 प्रतिशत तक कम करती है. कैमरा, डिस्प्ले और सिक्योरिटी सैमसंग के अनुसार, यह चिप 4K या WQUXGA डिस्प्ले को 120Hz रिफ्रेश रेट तक सपोर्ट करती है. इस चिप के साथ फोन में निम्नलिखित कैमरा सपोर्ट मिल सकते हैं:     320MP सिंगल कैमरा     64MP + 32MP ड्यूल कैमरा सेटअप     108MP वीडियो रिकॉर्डिंग 30fps पर     8K वीडियो 30fps पर एन्कोड और डिकोड इसके अलावा, Exynos 2600 में हार्डवेयर-बेस्ड Post Quantum Cryptography दी गई है, जो ROM-लेवल सिक्योरिटी के साथ फ्यूचर-प्रूफ प्रोटेक्शन देती है. Exynos 2600 की मुख्य खूबियां फीचर    डिटेल प्रोसेसर    टेक्नोलॉजी 2nm GAA CPU    8-कोर कस्टम GPU    Xclipse 960 AI    32K MAC NPU डिस्प्ले    4K, 120Hz कैमरा    320MP तक किस फोन में सबसे पहले मिलेगा नया चिप अब मन में सवाल उठ रहा होगा कि सैमसंग का यह नया और फ्लैगशिप चिप, सबसे पहले किस फोन में मिलेगा. सैमसंग ने अभी तक इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैमसंग Exynos 2600 को जनवरी 2026 में लॉन्च कर सकती है और उसी दौरान सैमसंग का अगला फ्लैगशिप स्मार्टफोन यानी Samsung Galaxy S26 Series भी लॉन्च होगी. ऐसे में शायद कंपनी अपने इस अपकमिंग फ्लैगशिप फोन को Exynos 2600 चिप के साथ लॉन्च कर सकती है. ऐसे में हो सकता है कि सैमसंग अपने अगले फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज यानी Galaxy S26 Series को कंपनी अलग-अलग देशों में अलग-अलग चिप यानी किसी देश में Exynos और किसी देश में Snapdragon चिप के साथ लॉन्च कर सकती है. ऐसा भी हो सकता है कि कंपनी कुछ देशों में अपने इस फोन सीरीज को दोनों चिप्स के साथ लॉन्च करें.

गाडरवाड़ा की सबई रस्सी एवं दोना पत्तल बनाने की विधि मेले में आकर्षण का केन्द्र रही

भोपाल. अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में 11:00 बजे से दो दिवसीय कार्यशाला- अकाष्ठीय वनोपज से सामुदायिक विकास-"वनों की समृद्धि को सामुदायिक जनकल्याण से जोड़ना" विषय पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन श्री व्ही. एन. अंबाड़े, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के मुख्य आतिथ्य में हुआ। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री व्ही. आर. खरे, सेवानिवृत्त वन बल प्रमुख भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद देहरादून की महानिदेशक, श्रीमती कंचन देवी, सेवानिवृत्त वन बल प्रमुख श्री रमेश के. दवे, डॉ. अभय कुमार पाटिल तथा म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक डॉ. समीता राजोरा उपस्थित रहे। कार्यशाला में वनों से विनाश विहीन विदोहन के लिये नई तकनीकों की जानकारी ग्रामीण संग्राहकों तक पहुंचाने के लिये वन परिक्षेत्रवार कार्यक्रम चलाना चाहिए जिससे वनों का विस्तार हो एवं वनों से प्राप्त होने वाली वनोपजों का संरक्षण एवं पैदावार बढ़ाई जा सके, के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई । मेले में आज तीसरे दिन सुबह से हर्बल उत्पादों की खरीदी में लोगों का भारी रूझान दिखाई दिया । ईको टूरिज्म बोर्ड द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में डायनासौर स्कल्पचर लोगों की जिज्ञासा का केन्द्र बना रहा। एम.एफ.पी. पार्क द्वारा तैयार किये गये नवीन उत्पादों को खरीदने एवं इनके उपयोग की जानकारी प्राप्त करने के लिये आगंतुकों ने खासी रूचि दिखाई। नरसिंहपुर जिला यूनियन के समिति गाडरवाड़ा की सबई रस्सी एवं दोना पत्तल बनाने की विधि भी आम जन के आकर्षण का केन्द्र रहीं। जिला यूनियन हरदा, बालाघाट द्वारा निर्मित कराये गये बांस के फर्नीचर एवं सजावट के सामानों को भी लोगों द्वारा सराहा जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रदेश की विभिन्न जिला यूनियनों एवं प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों तथा वन-धन केन्द्रों द्वारा जड़ी-बूटियों के मिश्रण से निर्मित की गई जन उपयोगी एवं स्वास्थ्य के लिए हितकर खाद्य सामग्रियों की खरीददारी भी बढ़-चढकर लोगों द्वारा की जा रही है। खरीदने एवं इनके उपयोग की जानकारी प्राप्त करने के लिये आगंतुकों ने खासी रूचि दिखाई। नरसिंहपुर जिला यूनियन के समिति गाडरवाड़ा की सबई रस्सी एवं दोना पत्तल बनाने की विधि भी आम जन के आकर्षण का केन्द्र रहीं। जिला यूनियन हरदा, बालाघाट द्वारा निर्मित कराये गये बांस के फर्नीचर एवं सजावट के सामानों को भी लोगों द्वारा सराहा जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रदेश की विभिन्न जिला यूनियनों एवं प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों तथा वन-धन केन्द्रों द्वारा जड़ी-बूटियों के मिश्रण से निर्मित की गई जन उपयोगी एवं स्वास्थ्य के लिए हितकर खाद्य सामग्रियों की खरीददारी भी बढ़-चढ़कर लोगों द्वारा की गई । आज हुए कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं के फैंसी ड्रेस / सोलो एक्टिंग प्रतियोगिता मे 06 विद्यालयों के लगभग 20 छात्र-छात्राओं द्वारा प्रतियोगिता में भाग लिया गया। अपरान्ह में श्रीमती सुरेखा कामले द्वारा ध्रुपद गायन, तत्पश्चात् श्री दिलीप धौलपुरे द्वारा कबीर वाणी तथा अपरान्ह 4.30 बजे से जे.के. म्युजिकल ग्रुप द्वारा ऑर्केस्ट्रा की रंगारंग प्रस्तुति के उपरांत सायं 7.00 बजे से विरासत सूफी को म्युजिकल प्रस्तुति का लोगों ने भरपूर आनंद लिया। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को संघ की प्रबंध संचालक, डॉ० समीता राजोरा द्वारा पुरूस्कार प्रदान किये गये। निःशुल्क चिकित्सा के लिये स्थापित ओ.पी.डी. में 105 से अधिक आयुर्वेदिक चिकित्सक़ों एवं परंपरागत वैद्यों द्वारा 250 से अधिक लोगों को निःशुल्क परामर्श देकर लाभान्वित किया गया। यह ओ.पी.डी. मेला अवधि में निःशुल्क प्रतिदिन की भांति जारी रहेगी । शनिवार 20 दिसम्बर के कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में अकाष्ठीय वनोपज से सामुदायिक विकास "वनों की समृद्धि को सामुदायिक जनकल्याण से जोड़ना" विषय पर कार्यशाला एवं निःशुल्क चिकित्सा शिविर प्रातः 10.30 बजे से होगा। प्रातः 10.30 से 3.00 बजे तक छात्र-छात्राओं की चित्रकला प्रतियोगिता, अपरान्ह 3.00 से 3.45 बजे तक बुन्देली गायन, 4.30 से 6.30 तक राजस्थानी लोकनृत्य, 4.30 से 6.30 तक सरगम म्यूजिकल ग्रुप द्वारा ऑर्केस्ट्रा एवं सायं 7.00 बजे से मानसरोवर आयुर्वेदिक कॉलेज द्वारा फ्लैश मॉब तथा इसके उपरांत "एक शाम वन विभाग के नाम" (फॉरेस्ट मैलोडी) की प्रस्तुति दी जावेगी।  

राज्यमंत्री गौर ने किया 1.18 करोड़ के विकासकार्यों का भूमिपूजन

भोपाल. पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने शुक्रवार को वार्ड 65 और 68 में करीब 1 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार का संकल्प है कि हर रहवासी तक बुनियादी सुविधाएं और नागरिक उपयोग की संरचनाओं की पहुंच हो। ओपन जिम, सड़क और सामुदायिक सुविधाएं न सिर्फ क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाएंगी, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएंगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 65 स्थित आईटीआई स्टाफ कैंपस में बाउंड्री वॉल, पाथवे निर्माण, ओपन जिम इक्विपमेंट तथा सीसी रोड निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया, जिसकी लागत लगभग 27 लाख रुपये है। इसके अलावा गीत गणेश कॉलोनी में बाउंड्री वॉल निर्माण, सांस्कृतिक मंच एवं शेड तथा जिम इक्विपमेंट लगाने के कार्यों का भूमिपूजन किया गया। वहीं सागर स्टेट कॉलोनी में पेविंग ब्लॉक, सौंदर्यीकरण और ओपन जिम इक्विपमेंट के कार्यों का भूमिपूजन किया गया, जिसकी लागत लगभग 37 लाख रुपये है। वार्ड 68 के अयोध्या नगर एवं सेक्टर पार्क में पेविंग ब्लॉक, एन सेक्टर में चबूतरा एवं आरसीसी नाली निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इस दौरान राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने स्थानीय रहवासियों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। रहवासियों ने गलियों में सड़क पर अतिक्रमण के कारण हो रही परेशानी से अवगत कराया, जिस पर मंत्री श्रीमती गौर ने तुरंत अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। सचिदानंद नगर और किरण नगर में सीसी रोड, सुखसागर फेस-1 में सीसी रोड तथा भवानी कैंपस फेस-2 में शेड एवं चबूतरा निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया गया। वार्ड 68 के इन सभी विकास कार्यों पर लगभग 53 लाख रुपये की लागत आएगी। इस अवसर पर पार्षद श्रीमती शिरोमणि शर्मा, श्रीमती उर्मिला मोर्य,  लव कुश यादव,  भीकम सिंह बघेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी उपस्थित रहे।  

ED की बड़ी कार्रवाई: BJP नेता के घर से 2 करोड़ रुपये, 6 किलो सोना और 300 किलो चांदी जब्त

पानीपत  हरियाणा के पानीपत में ईडी की टीम ने भाजपा नेता के घर पर रेड डाली है. डंकी रूट से अमेरिका भेजने के आरोपों में ईडी की टीम ने पानीपत में दस्तक दी, इस दौरान अहर-कुराना गांव में भाजपा नेता बलवान शर्मा, पंचायत सचिव प्रवीण उर्फ फोर्ड व एजेंट प्रदीप के कई ठिकानों पर छापे मारे गए. बताया जा रहा है कि ईडी ने इन ठिकानों से 2 करोड़ से ज्यादा की नकदी, 300 किलो चांदी, 6 किलो सोना और संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए हैं. साथ ही लैपटॉप, कंप्यूटर और रिकॉर्ड कब्जे में लिए हैं. पंचायत सचिव प्रवीण उर्फ फोर्ड, खेल कोटे से सरकारी नौकरी में आया और वह सर्कल कबड्डी खिलाड़ी रहा है. जांच में पता चला है कि आरोपी मेक्सिको के रास्ते अमेरिका भेजने के लिए प्रॉपर्टी या जमीन के कागजात गिरवी रखवाता था. इससे पैसा पक्का रहता और कोई भाग नहीं सकता था. गौरतलब है कि ईडी ने  हरियाणा के पानीपत, पिहोवा और पंजाब, दिल्ली समेत 13 व्यावसायिक और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की. ईडी की जालंधर जोनल ऑफिस की अलग-अलग टीमों ने रिची ट्रैवल्स (जालंधर), तरुण खोसला (दिल्ली), बलवान शर्मा (पानीपत) से जुड़े व्यवसायिक और आवासीय परिसरों में तलाशी ली. ये कार्रवाई उन सूचनाओं के आधार पर की गई, जिनमें 330 भारतीयों को फरवरी 2025 में अमेरिका की ओर से भारता भेजा गया था. कुरुक्षेत्र में भी मारी थी रेड इससे पहले, कुरुक्षेत्र में भी ईडी की टीम ने रेड मारी थी और पिहोवा का एजेंट फरार हो गया था. बताया जा रहा है कि पिछले महीने एजेंट विशाल चावला के घर चोरी हुई थी और घर से करीब 5 लाख रुपए, विदेश करेंसी और ज्वैलरी चुराई गई थी. वहीं, रेड से पहले एजेंट के फरार होने का शक है.ईडी की रेड में हिमाचल, हरियाणा और पंजाब के आरोपी रडार पर हैं.

झाबुआ में जल संरक्षण, सिंचाई और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा

भोपाल. महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन किसानों की आय वृद्धि, जल संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में जल संसाधन विभाग द्वारा झाबुआ जिले में नवीन जल संसाधन परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे पेटलावद क्षेत्र सहित पूरे जिले के विकास को नई गति मिलेगी। सुश्री भूरिया ने बताया कि पेटलावद क्षेत्र में 15.8 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न जल संसाधन परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर लगभग 480 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। स्वीकृत योजनाओं में मुंडत बैराज (लागत 5.99 करोड़ रुपये) से 360 हेक्टेयर तथा मुकामपुरा तालाब नहर रहित योजना (लागत 3.53 करोड़ रुपये) से 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि माही नदी पर स्थित श्रृंगेश्वर घाट के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य हेतु 628.21 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इस परियोजना से नदी तटों का संरक्षण सुनिश्चित होगा तथा धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जल संसाधनों के समुचित उपयोग के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। श्रृंगेश्वर घाट का विकास क्षेत्र की धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करेगा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक अवसरों का विस्तार होगा। सुश्री भूरिया ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वीकृत परियोजनाएं झाबुआ जिले के किसानों, युवाओं और स्थानीय समुदाय के लिए दीर्घकालीन लाभकारी सिद्ध होंगी तथा जिले की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।  

शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक (उत्तरी एवं मध्य राज्य) भोपाल में 20 दिसम्बर को

भोपाल. केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तत्वावधान में शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक (उत्तरी एवं मध्य राज्यों) 20 दिसंबर शनिवार प्रात: 11 बजे कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र, भोपाल में आयोजित हो रही है। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रमुख शहरी विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच सहयोग और समन्वय को सुदृढ़ करना है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि यह बैठक राज्यों को योजना-वार प्रगति प्रस्तुत करने, क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं को साझा करने, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान तथा मंत्रालय से नीतिगत एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। क्षेत्रीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की उपस्थिति रहेगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़, दिल्ली, राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश के शहरी विकास मंत्री एवं राज्यमंत्री, भारत सरकार एवं राज्यो के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण स्वच्छ सर्वेक्षण वर्ष 2025-26 के लिए कार्य-दिशा पुस्तिका का विमोचन होगा। इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि यह कार्य-दिशा पुस्तिका स्वच्छता, स्थायित्व तथा नागरिक-केंद्रित शहरी प्रशासन को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बैठक में पाँच सत्रों में महत्वपूर्ण विषयों पर होगी चर्चा बैठक के दौरान पाँच सत्रों में शहरी विकास से जुड़े प्रमुख विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इन सत्रों के माध्यम से केंद्र एवं राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यवहारिक चुनौतियों का समाधान निकाला जा सकेगा। अमृत योजना के अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता तथा समयबद्ध पूर्णता से संबंधित विषयों पर विचार किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये आवश्यक सुधारात्मक कदमों पर भी मंथन होगा। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत डंप स्थलों के वैज्ञानिक प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट निपटान तथा स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों पर मंथन होगा। स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत निर्माणाधीन एवं स्वीकृत आवासों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा लाभार्थियों को समय पर आवास उपलब्ध कराने में आ रही समस्याओं के समाधान पर विचार किया जाएगा। अंगीकार अभियान की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों एवं चुनौतियों की समीक्षा करते हुए अभियान को अधिक प्रभावी एवं जनसहभागिता आधारित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। सत्र में शहरी परिवहन व्यवस्था के अंतर्गत नगर बस सेवाओं, भूमिगत रेल प्रणाली तथा पैदल मार्गों से संबंधित आवागमन व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। यातायात को सुगम, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिये आगामी रणनीति पर चर्चा होगी। क्षेत्रीय बैठक से राज्य-वार एवं योजना-वार क्रियान्वयन चुनौतियों की पहचान, कार्यक्रमों को सशक्त बनाने के लिये व्यावहारिक अनुशंसाएँ, केंद्र एवं राज्यों के बीच बेहतर समन्वय तथा शहरी प्रशासन एवं सेवा प्रदायगी में सुधार के लिए ठोस रणनीतिक सुझाव प्राप्त होगे।  

कोर्ट ने सौम्या चौरसिया को भेजा 14 दिन की रिमांड, 2500 करोड़ के शराब घोटाले का आरोप

 रायपुर शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव रही सौम्या चौरसिया को 14 दिन के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। ईडी ने उन्हें 16 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद तीन दिन की रिमांड के बाद शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। सौम्या के बयान के बाद ईओडब्ल्यू के केस में बंद पूर्व आबकारी आयुक्त निलंबित आईएएस निरंजन दास को ईडी ने गिरफ्तार किया है। सौम्या चौरसिया पर 115.5 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप ईडी की जांच में राजफाश हुआ है कि सौम्या चौरसिया को लगभग 115.5 करोड़ रुपये की अवैध राशि प्राप्त हुई। एजेंसी का दावा है कि डिजिटल साक्ष्य, जब्त दस्तावेज और लिखित बयानों से यह साबित होता है कि सौम्या चौरसिया शराब सिंडिकेट की सक्रिय सदस्य थीं। ईडी के अनुसार, डिजिटल सबूत यह दर्शाते हैं कि सौम्या चौरसिया इस पूरे शराब घोटाले में मुख्य समन्वयक की भूमिका में थीं। वे शराब सिंडिकेट के प्रमुख सदस्यों अनिल टुटेजा, चैतन्य बघेल के बीच बिचौलिया बनकर अवैध धन के सृजन और उसके मनी लांड्रिंग में अहम भूमिका निभा रही थीं। आबकारी विभाग में पोस्टिंग में भी भूमिका जांच में सामने आया है कि सौम्या चौरसिया ने शराब सिंडिकेट की शुरुआती संरचना तैयार करने में भी मदद की। बरामद चैट्स से राजफाश हुआ है कि उन्होंने अरुण पति त्रिपाठी और निरंजन दास को आबकारी विभाग में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त कराने में सहायता की, जिससे पूरे अवैध नेटवर्क को मजबूती मिली। 2500 करोड़ से अधिक का शराब घोटाला ईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के कारण राज्य सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ और इस घोटाले से 2500 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध आय उत्पन्न हुई। इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी- – अनिल टुटेजा (पूर्व आइएएस) – अरविंद सिंह, कारोबारी – त्रिलोक सिंह ढिल्लन, कारोबारी – अनवर ढेबर, कारोबारी – अरुण पति त्रिपाठी (आइएएस) – कवासी लखमा (विधायक एवं तत्कालीन आबकारी मंत्री) – चैतन्य बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र) 4364 करोड़ के घोटाले में एजेंसी कर रही है जांच- – 500 करोड़ के अवैध कोल लेवी केस में ईडी ने गिरफ्तार किया। – 540 करोड़ के कोल लेवी केस में ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया। – 575 करोड़ के डीएमएफ घोटाला में ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया। – 49 करोड़ के आय से अधिक संपत्ति में ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया। – 3200 करोड़ के शराब घोटाले में ईडी ने अब फिर गिरफ्तार।

थाली में परोसा जा रहा हार्ट अटैक: इंदौर में मिलावटखोर सक्रिय, खाद्य सुरक्षा पर चिंता

 इंदौर  खानपान के लिए प्रसिद्ध इंदौर में मिलावटखोर सक्रिय हैं। यहां असली घी के नाम पर आम जनता को वनस्पति बेचा जा रहा है। पालदा स्थित श्री राम मिल्क फूड डेरी इंडस्ट्रीज से विभिन्न ब्रांड और पैकिंग के घी के 10 नमूने लिए गए थे, जिनमें से सात सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि घी में बड़ी मात्रा में वनस्पति मिलाई गई थी, जो खाद्य नियमों का उल्लंघन है और आम लोगों की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इस फर्म के मालिक नरेंद्र कुमार गुप्ता लंबे समय से इसी प्रकार घी के नाम पर आम लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वनस्पति को हाइड्रोजन प्रक्रिया के जरिए बनाया जाता है, जिससे यह 40 डिग्री तापमान तक पिघलती नहीं है। यह देखने में घी जैसी लगती है, जिससे उपभोक्ता आसानी से धोखा खा जाते हैं। इसी धोखे का फायदा उठाकर इसे मदर चाइस सहित अन्य नामी ब्रांडों के नाम से 700 से 800 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा था। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है वनस्पति का सेवन वनस्पति में ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है, जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, मोटापा, कोलेस्ट्राल बढ़ना और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं। लंबे समय तक वनस्पति युक्त घी खाने से हृदय रोग और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। इससे पहले दूध, पनीर, मावा, मिठाइयों और मसालों में भी मिलावट के मामले सामने आ चुके हैं। कारोबारी सस्ते और हानिकारक पदार्थ मिलाकर ज्यादा मुनाफा कमाने में लगे हैं। क्या कहते हैं एक्सपर्ट डॉ. अमन यादव, एमडी मेडिसिन बताते हैं कि "घी हमारे शरीर के लिए जरूरी होता है, लेकिन इसमें मिलावट होती है तो यह फायदे की जगह नुकसान पहुंचाता है। इससे बेड कोलेस्ट्राल बढ़ता है। यह हृदय को नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही फैटी लिवर की समस्या भी होती है।"  

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हर चुनौती का सामना करते हुए देश को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद का विचार था कि 21वीं सदी भारत की होगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के प्रभावी नेतृत्व और मार्गदर्शन में आज विवेकानंद जी का यह स्वप्न साकार होता दिख रहा है। वर्तमान में विश्व का हर देश भारत से मित्रता करना चाहता है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत अब हर चुनौती और परिस्थिति का सामना करने में सक्षम है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की भूमिका के आधार पर ही भारत आज दुनिया के सामने मजबूती से खड़ा है। हमारे प्रशासनिक अधिकारी हर चुनौती का सामना करते हुए देश को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। भारत की अनेक विविधताओं के बीच आज देश में यह सेवा क्षेत्र मजबूती और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. आई.ए.एस. एसोसिएशन सर्विस मीट-2025 के शुभारंभ अवसर पर प्रशासन अकादमी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। शुभारंभ अवसर पर मुख्य सचिव  अनुराग जैन, सेवानिवृत्त अधिकारियों सहित मध्यप्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की आजादी के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रयासों के फलस्वरूप प्रशासनिक व्यवस्था निर्मित हो पाई। देश में राजाओं की सत्ता को प्रजातंत्र में बदलने में प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हमारे देश की संवैधानिक व्यवस्था में संघीय प्रणाली है और इस बीच प्रदेश के अधिकारियों ने केंद्र-राज्यों के साथ समन्वय करते हुए राज्य की बेहतर छवि बनाई है। मध्यप्रदेश एक प्रयोगशाला की तरह है, जहां कई क्षेत्रों में लगातार नवाचार हुए और इनमें से कई नवाचारों का देश-दुनिया में अनुसरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी योग्यता और अनुभव के महत्व को पहचानते हैं। इसी का परिणाम है कि सेवाकाल के बाद भी कई अधिकारियों के अनुभव का लाभ शासन व्यवस्था को मिल रहा है। प्रदेश के सभी प्रशासनिक अधिकारी सम्मान के हकदार हैं। प्रसन्नता का विषय है कि सभी अधिकारी एक परिवार की तरह हर कठिनाई से निकलने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अनुभव से भरे हमारे वरिष्ठ अधिकारी और ऊर्जा से भरे हमारे युवा साथी विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के आधार हैं। उन्होंने कहा कि यह समय नीतियां बनाने और योजनाओं का क्रियान्वयन करने के साथ नवाचार को समझने, तकनीक को अपनाने और नागरिक की दृष्टि से सोचने का भी है। हमें सेवा कर पाने का अवसर सौभाग्य से मिलता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने यह सौभाग्य अपने कठिन परिश्रम से अर्जित किया है। हमारी संस्कृति में नर सेवा को नारायण सेवा माना गया है। आम आदमी के कष्टों का समाधान करने, उनकी समस्याओं की सुनवाई करने और सार्थक समाधान देने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें प्रदेश के विकास के लिए अपना शत-प्रतिशत देने का संकल्प लेना होगा। मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष एसीएस  मनु श्रीवास्तव ने कहा कि सर्विस मीट में नए वेंचर्स की सफलता पर विमर्श किया जाएगा। मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है, जो सभी को अपना लेता है। प्रदेश के आईएएस अफसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन एक परिवार की तरह है। आयोजन समिति के अध्यक्ष  पी. नरहरि ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य में सेवा का कार्य पूर्ण गरिमा के साथ किया जा रहा है।