samacharsecretary.com

नववर्ष से पहले बिहार सरकार अलर्ट मोड में, मुख्य सचिव ने कानून-व्यवस्था को लेकर दिए अहम आदेश

पटना  बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मंगलवार को अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 31 दिसंबर एवं 01 जनवरी के (New Year 2026) दौरान कानून-व्यवस्था को पूरी सख्ती के साथ लागू करें। अमृत ने राज्य में आगामी नव वर्ष के अवसर पर विधि-व्यवस्था को सुद्दढ़ एवं शांतिपूर्ण बनाए रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 31 दिसंबर एवं 1 जनवरी के दौरान कानून-व्यवस्था सख्ती के साथ लागू होन चाहिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित दिया कि भीड़-भाड़ वाले स्थानों, सार्वजनिक स्थलों, बाजारों तथा प्रमुख चौराहों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या विवाद की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाएं- मुख्य सचिव मुख्य सचिव अमृत ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए सभी चिन्हित एवं संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जायें तथा पहले से लगे कैमरों की कार्यशीलता की नियमित जांच की जाए। उन्होंने शीतलहर एवं बढ़ती ठंड को ध्यान में रखते हुए जरूरतमंदों के लिए अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि सभी अस्पतालों का निरीक्षण किया जाए, जिससे वहां मरीजों के लिए कंबलों की कोई कमी न हो तथा चिकित्सा कर्मी समय पर उपस्थित रहें। इसके अतिरिक्त, पार्क, पिकनिक स्पॉट्स एवं उनके आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रह जाए। डीजीपी ने दिए ये निर्देश बैठक में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि वर्ष के अंतिम दिन एवं नव वर्ष के अवसर पर युवाओं में शराब एवं नशीले पदार्थों की मांग रहती है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस को पूरी सतकर्ता के साथ कार्य करना होगा। जहां भी शराब या ड्रग्स से संबंधित सूचना प्राप्त हो, वहाँ नियमित रूप से छापेमारी की जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कारर्वाई की जाए। डीजीपी ने यह भी निर्देश दिया कि तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की जाए। वरीय अधिकारियों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को सही ढंग से ब्रीफिंग एवं डी-ब्रीफिंग करें, ताकि सभी अपने कर्तव्यों को भली-भांति समझ सकें। उन्होंने गलियों, चौक-चौराहों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर बाइकर्स गैंग अधिक सक्रिय हो जाते हैं, इसलिए इन पर कड़ी नजर रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, ब्लॉक, जिला, विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में नशा मुक्ति अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि आम जनता को जागरूक किया जा सके और वे पुलिस प्रशासन को सहयोग प्रदान करें। सीमावर्ती इलाकों में ड्रग्स एवं अवैध हथियारों के लेन-देन को रोकने के लिए सघन फ्रिस्किंग एवं चेकिंग अभियान चलाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों से तत्काल पूछताछ करने के निर्देश भी दिए गए।  

‘रंगला पंजाब’ के बाद ‘स्वच्छ पंजाब’ की पहचान, मान सरकार की नीतियों का दिखा असर

चंडीगढ़ पंजाब ने वर्ष 2025 के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन किया है। भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा कराए गए स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम बठिंडा ने स्वच्छ शहर का पुरस्कार प्राप्त किया है। इसी प्रकार 25 यू.एल.बीज़ को कूड़ा मुक्त स्टार-1, 01 यू.एल.बी को कूड़ा मुक्त स्टार-3, 46 यू.एल.बीज़ को वाटर प्लस के रूप में, 53 यू.एल.बीज़ को ओडीएफ प्लस प्लस के रूप में, 43 यू.एल.बीज़ को ओडीएफ प्लस के रूप में तथा 22 यू.एल.बीज़ को ओडीएफ के रूप में प्रमाणित किया गया है। पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा चालू वर्ष के दौरान स्थानीय सरकार विभाग की ओर से की गई पहलों का विवरण देते हुए बताया कि पंजाब ने राज्य की विरासत (लीगेसी) ठोस अपशिष्ट के निपटारे के अंतर्गत 131 यू.एल.बीज़ में पुराने कचरे का प्रबंधन किया है। इसके तहत कुल 84.09 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे में से 40.78 लाख मीट्रिक टन का निपटारा पहले ही किया जा चुका है, जबकि शेष 43.31 लाख मीट्रिक टन ठोस अपशिष्ट (35 यू.एल.बीज़) का निपटारा अप्रैल 2027 तक करने की योजना तैयार की गई है। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान ताजा ठोस अपशिष्ट के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसके तहत यू.एल.बीज़ द्वारा घर-घर से कचरा संग्रहण, स्रोत पर पृथक्करण तथा प्रोसेसिंग को बेहतर बनाया गया। उन्होंने बताया कि कुल 4008 टीपीडी ठोस अपशिष्ट में से 3243 टीपीडी (81 प्रतिशत) गीले कचरे को खाद और बायो-मीथेनाइजेशन के माध्यम से तथा सूखे कचरे को चैनलाइजेशन द्वारा प्रोसेस किया जा रहा है, जिसे कबाड़ डीलरों और कचरा संग्रहकर्ताओं द्वारा पुनर्चक्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कचरा संग्रहण एवं परिवहन के लिए 9812 ट्राइसाइकिल और 3162 यांत्रिक वाहन तैनात किए गए हैं। कचरे की प्रोसेसिंग हेतु 8436 कंपोस्ट पिट (एरोबिक हनीकॉम्ब) तथा 276 मटीरियल रिकवरी फैसिलिटीज़ स्थापित की गई हैं। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि स्मार्ट सिटीज़ मिशन के तहत लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और सुल्तानपुर लोधी के विभिन्न प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। लुधियाना स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत 769.18 करोड़ रुपये के 71 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं, जबकि 138.05 करोड़ रुपये के 08 प्रोजेक्ट विकासाधीन हैं। अमृतसर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 580 करोड़ रुपये के 19 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं तथा 245 करोड़ रुपये के 10 प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। इसी प्रकार जालंधर स्मार्ट सिटी के 771.57 करोड़ रुपये के 56 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं और 162.88 करोड़ रुपये के 04 प्रोजेक्ट विकासाधीन हैं। सुल्तानपुर लोधी स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 29.57 करोड़ रुपये के 06 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं तथा 136.28 करोड़ रुपये के 14 प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त मार्च 2022 से पंजाब सरकार द्वारा पी.आई.डी.बी के माध्यम से उपलब्ध कराए गए फंड से 166 यू.एल.बीज़ में 850 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे के कार्य किए गए हैं। साथ ही एम.सी. फंडों से 166 यू.एल.बीज़ में 1700 करोड़ रुपये के विकास कार्य तथा 05 नगर निगमों एवं 49 नगर परिषदों में 450 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि पवित्र शहर अमृतसर में वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से ऑटो-रिक्शा पुनर्जीवन (RAAHI) योजना के तहत 1200 पुराने डीज़ल ऑटो रिक्शों को नए इलेक्ट्रिक ऑटो से बदला गया है। इसके अतिरिक्त महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए महिला लाभार्थियों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर 200 पिंक ई-ऑटो भी प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के बड़े शहरों में शून्य उत्सर्जन के साथ कुशल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए अमृतसर (100), जालंधर (97), लुधियाना (100), पटियाला (50) तथा एस.ए.एस. नगर (मोहाली) क्लस्टर (100) के लिए कुल 447 ई-बसें खरीदी जा रही हैं, जिससे सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुधार होगा और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि स्थानीय सरकार विभाग द्वारा सेवाओं की डोर-स्टेप डिलीवरी सफलतापूर्वक शुरू की गई है, जिससे नागरिकों की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि प्रमुख नगर निगम सेवाओं को सरकारी कार्यालयों में गए बिना सुलभ बनाया गया है। स्थानीय निकाय मंत्री ने आगे बताया कि 16 अमृत कस्बों और सुल्तानपुर लोधी के लिए जल आपूर्ति एवं सीवरेज नेटवर्क का जीआईएस-आधारित डिजिटलीकरण कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि ‘पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (SASCI) 2024-25’ योजना के अंतर्गत 32 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही 103 यू.एल.बीज़ के लिए सीवरेज मैपिंग तथा 105 यू.एल.बीज़ के लिए जल आपूर्ति मैपिंग को अंतिम रूप दे दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई की पुण्यतिथि पर किया नमन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान वैज्ञानिक, पद्म विभूषण डॉ. विक्रम साराभाई की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. साराभाई ने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में देश को विश्व पटल पर स्थापित किया और महत्वपूर्ण संस्थानों की स्थापना की। डॉ. साराभाई द्वारा विज्ञान के माध्यम से की गई राष्ट्र की सेवा सदैव अविस्मरणीय रहेगी।  

राम मंदिर में प्रतिष्ठा द्वादशी महोत्सव में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति

प्रतिष्ठा द्वादशी पर अयोध्या में भव्य आयोजन, मां अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण और अंगद टीला से राजनाथ सिंह-सीएम योगी का संबोधन अयोध्या रामनगरी अयोध्या भक्ति, श्रद्धा और धार्मिक उल्लास से सराबोर है। भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर राम मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा 27 दिसंबर से शुरू हुए पांच दिवसीय महोत्सव का मुख्य समारोह बुधवार को होगा, जिसमें देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस ऐतिहासिक आयोजन में गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। प्राण प्रतिष्ठा मूल रूप से 22 जनवरी 2024 को पौष शुक्ल द्वादशी तिथि पर संपन्न हुई थी, जिसे हिंदू पंचांग के अनुसार प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह तिथि 31 दिसंबर को पड़ रही है। ट्रस्ट के अनुसार, अनुष्ठान जगद्गुरु मध्वाचार्य जी की देखरेख में संपन्न हो रहे हैं। राम मंदिर परिसर में रामचरितमानस के संगीतमय पाठ, रामकथा प्रवचन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झड़ी लगी हुई है। अंगद टीला पर भव्य पंडाल बनाए गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार सुबह करीब 11 बजे अयोध्या पहुंचेंगे। वे राम मंदिर परिसर में रामलला के दर्शन-पूजन करेंगे तथा मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। इसके पश्चात वे राम मंदिर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे, जिनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे। अयोध्या एयरपोर्ट पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। चारों ओर जय श्रीराम के उद्घोष रामनगरी में चारों ओर जय श्रीराम के उद्घोष गूंज रहे हैं। लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यह उत्सव न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि राम मंदिर के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक जागरण को भी रेखांकित करता है।दोनों नेता अंगद टीला पर जनता को संबोधित भी करेंगे।

समाधान योजना का प्रथम चरण 31 दिसंबर तक, सरचार्ज में सौ फीसदी तक छूट का अंतिम दिन

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि विगत 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 में सौ फीसदी तक छूट का लाभ लेने के लिए आज अंतिम दिन है। योजना का लाभ लाखों बकायादार उपभोक्‍ता उठा रहे हैं। उन्होंने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्‍ता योजना के प्रथम चरण में अंतिम दिन अपना बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करके सौ फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं। मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 का प्रथम चरण चल रहा है, जो‍कि 31 दिसंबर 2025 को समाप्‍त हो रहा है, अभी आज का दिन शेष है। इस दौरान बकायादार उपभोक्‍ताओं को सरचार्ज में अधिकतम छूट का लाभ मिल रहा है। हालांकि 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक दूसरा चरण चलेगा, लेकिन उसमें सरचार्ज माफी का प्रतिशत कम हो जाएगा इसलिए प्रथम चरण में आज ही योजना में शामिल होकर अधिकतम लाभ उठाएं। अब तक मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 2 लाख 90 हजार 786 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 304 करोड़ 62 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है,  जबकि  161  करोड़  39 लाख का सरचार्ज माफ किया गया है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगी जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में जो कि एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के उपाय एप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।

विद्युत कंपनियों के मुख्यालय शक्त‍िभवन में हुआ अग्न‍िशमन प्रशिक्षण और मॉकड्रि‍ल

भोपाल  एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के सुरक्षा विभाग और सिविल संभाग शक्त‍िभवन के द्वारा विद्युत कंपनियों के मुख्यालय शक्त‍िभवन जबलपुर के विभिन्न ब्लॉक में अग्न‍िशमन यंत्रों का प्रशिक्षण देते हुए मॉकड्रि‍ल की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम व मॉकड्रि‍ल में विद्युत कंपनियों में कार्यरत अभियंता, महिला-पुरूष कार्मिक व सुरक्षा सैनिक शामिल हुए। मॉकड्रि‍ल में कॉर्बन डॉइऑक्साइडयुक्त (co2) अग्न‍िशमन यंत्र का जीवंत उपयोग करते हुए उसे संचालित करने का तरीका बताया गया। समय-समय पर दिया जाता है कार्मिकों को प्रशिक्षण अधीक्षण अभियंता सिविल मुख्यालय धर्मेन्द्र वर्मा ने जानकारी दी कि शक्त‍िभवन के प्रत्येक कार्यालय में co2 युक्त अग्न‍िशमन यंत्र उपुयक्त स्थान में लगाए गए हैं। इन यंत्रों की प्रतिवर्ष जांच कर के भरा जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि समय-समय पर शक्त‍िभवन में कार्यरत कार्मिकों को इन अग्न‍िशमन यंत्र का उपयोग करने के तरीके का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे कि वे आपातकालीन परि‍स्थि‍ति में स्वत: इसका उपयोग कर पाएं। क्यों किया जाता है कार्बन डॉइऑक्साइड का उपयोग अधीक्षण अभियंता सि‍विल धर्मेन्द्र वर्मा ने जानकारी दी कि वर्तमान में अग्न‍िशमन यंत्र में कार्बन डॉइऑक्साइड का उपयोग आग बुझाने में किया जाता है। यह न तो जलती है और न ही जलने में मदद करती है। यह हवा से भारी भी होती है। यह ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद करके जलने वाले पदार्थ को रोकती है।  

प्रदेश में सिंचाई के रकबे में हो रही है निरंतर वृद्धि : जल संसाधन मंत्री सिलावट

माइक्रो सिंचाई पद्धति में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये म.प्र. को मिला राष्ट्रीय जल अवार्ड भोपाल  जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की किसानों की खुशहाली की परिकल्पना अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश में गत दो वर्षों में सिंचाई क्षमता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। किसानों की तरक्की और खुशहाली हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृषि के अतिरिक्त पेयजल, उद्योगों, विद्युत उत्पादन आदि के लिए जल की उपलब्धता कराये जाने हेतु प्रयासरत हैं। प्रदेश में सिंचाई के रकबे में निरंतर वृद्धि हो रही है। माइक्रो सिंचाई पद्धति में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य है। जल संरक्षण एवं संवर्धन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये म.प्र. को राष्ट्रीय जल अवार्ड मिला है। यह जानकारी जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने मंगलवार को 2 वर्ष की विभागीय उपलब्धियों पर आयोजित पत्रकारवार्ता में दी। अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित थे। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि यहां स्व. प्रधानमंत्री युगदृष्टा श्री अटल बिहारी वाजपेई के नदी जोड़ो के सपने को साकार करने का कार्य प्रारंभ हुआ। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने केन-बेतवा बहुउद्देशीय नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का प्रदेश में शुभारंभ किया। इस परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर एवं तकदीर बदल जाएगी। हमारे राज्य को उक्त परियोजना से न केवल सिंचाई अपितु पेयजल एवं विद्युत उत्पादन का लाभ भी मिलेगा। प्रदेश की दूसरी महत्वपूर्ण नदी जोड़ो परियोजना है संशोधित पार्वती – कालीसिंध -चंबल लिंक राष्ट्रीय परियोजना। इससे प्रदेश के बड़े हिस्से में सिंचाई, पेयजल, उद्योगों आदि के लिए पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध हो सकेगा। मध्यप्रदेश में आकार ले रही तीसरी महत्वपूर्ण परियोजना तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना है, जो कि विश्व में अपने आप में एक बहुत अनूठा प्रयास है। तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना अंतर्गत वर्षा के दौरान तापी नदी के अतिरिक्त जल को नियंत्रित तरीके से भू-जल भरण के लिए उपयोग किया जाकर भू-जल स्तर में वृद्धि की जाएगी। परियोजना के क्रियान्वयन के लिये मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र राज्यों के मध्य 10 मई 2025 को सहमति बनी। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि हमारे लिए हमारे बांधों की सुरक्षा सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। बांधों की सुरक्षा के लिये बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 के प्रावधानों को लागू करने के लिये विशेषज्ञ समिति का गठन करने वाला मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी राज्य है। बांधों की सुरक्षा के लिये ड्रिप परियोजना के अंतर्गत विश्व बैंक के सहयोग से आगामी 5 वर्षों में विभिन्न बांधों की मरम्मत के कार्य कराये जायेंगे। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" की अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। सिंचाई प्रबंधन में मध्यप्रदेश देश में सर्वोच्च स्थान पर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में हमारा प्रदेश विकसित राज्य बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। सिंहस्थ-2028 मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि उज्जैन शहर पवित्र मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी के दोनों तटों पर बसा है। उज्जैन शहर का पौराणिक और धार्मिक महत्व है। प्रत्येक 12 वर्ष में क्षिप्रा नदी के दोनों तटों पर सिंहस्थ (कुंभ) पर्व पर मेला का आयोजन होता है। सिंहस्थ 2028 से संबंधित सभी कार्यों (कुल राशि रू. 02 हजार 396 करोड़) की स्वीकृति समय सीमा में प्राप्त कर, सिंहस्थ 2028 के पूर्व दिसंबर 2027, तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। सिंहस्थ 2028 के आयोजन हेतु क्षिप्रा नदी को निर्मल-अविरल एवं निरंतर प्रवहमान बनाकर श्रद्धालुओं की भावनाओं के अनुरूप मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विभिन्न धार्मिक पर्वो पर अनुष्ठान हेतु पर्याप्त स्वच्छ जल उपलब्ध कराये जाने के लिये विभाग द्वारा विभिन्न कार्य कराये जा रहे हैं। 1. उज्जैन जिले की कान्ह नदी पर कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना (क्षिप्रा शुद्धीकरण)     लागत राशि रू. 919.94 करोड़     अनुबंधित राशि रू. 866.37 करोड़     कट एण्ड कवर की लंबाई 18.15 किलोमीटर     खुदाई कार्य 9.5 किलोमीटर में प्रगतिरत     लेइंग कार्य 2.5 किलोमीटर में पूर्ण शेष प्रगतिरत     टनल की लंबाई 12 किलोमीटर     खुदाई कार्य 6.35 किलोमीटर में पूर्ण शेष प्रगतिरत     भू अर्जन की स्थिति (शासकीय 12.9 हेक्टेयर, निजी 2.49 हेक्टेयर) पूर्ण     कार्य पूर्ण करने की तिथि सितम्बर 2027 2. उज्जैन जिले की सेवरखेडी-सिलारखेडी मध्यम सिंचाई परियोजना (नदी एवं जल निकायों का विकास)     लागत राशि रू. 614.53 करोड़।     परियोजना के तहत उज्जैन जिले के ग्राम सेवरखेड़ी में क्षिप्रा नदी पर बैराज का निर्माण कर पम्पिंग के माध्यम से प्रस्तावित सिलारखेडी जलाशय में जल एकत्रित कर आवश्यकता अनुसार क्षिप्रा नदी में प्रवाहित किया जायेगा।     परियोजना से उज्जैन शहर को पेयजल एवं विभिन्न धार्मिक पर्वो पर श्रद्धालुओं की भावनाओं के अनुरूप निर्मल अविरल जल उपलब्ध कराया जायेगा। कार्य आरंभ कर वर्ष 2027 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है।     अनुबंधित राशि रू. 445.40 करोड़ 3. क्षिप्रा नदी के दोनों किनारों पर 30 किलोमीटर घाट निर्माण लागत रू. 778.91 करोड।     अनुबंधित राशि रू. 563.28 करोड़     भू-अर्जन की स्थिति (शासकीय भूमि 12.71 हेक्टेयर, निजी भूमि 36.99 हेक्टेयर)     घाट की कुल लंबाई 29.21 किलोमीटर     खुदाई कार्य 18.6 किलोमीटर में प्रगतिरत।     सीमेंट कॉकीट कार्य 4.3 किलोमीट

डिजिटल इंडिया की राह पर रेलवे, टिकट बुकिंग करने वालों को मिलेगी छूट की सौगात

जम्मू  रतीय रेलवे ने नए साल 2026 की शुरुआत से यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। रेलवे ने “रेल वन” मोबाइल ऐप के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक करने पर 3 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है। यह योजना 14 जनवरी 2026 से 14 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह छूट रेल वन ऐप पर सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों से अनारक्षित टिकट बुक करने पर मिलेगी, हालांकि आर-वॉलेट के माध्यम से किए गए भुगतान इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे।   उल्लेखनीय है कि रेल वन ऐप को 1 जुलाई 2025 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा लॉन्च किया गया था। यह ऐप यात्रियों को अनारक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट बुकिंग, यात्रा के दौरान भोजन ऑर्डर, ट्रेन की लाइव स्थिति, शिकायत निवारण सहित कई सुविधाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।   रेलवे बोर्ड द्वारा किए गए हालिया सुधारों के तहत इस छूट योजना को लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य टिकट काउंटरों पर भीड़ कम करना और यात्रियों को डिजिटल माध्यम अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस संबंध में जानकारी देते हुए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, जम्मू मंडल, उचित सिंघल ने कहा कि भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को सरल, सुरक्षित और आधुनिक डिजिटल अनुभव देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि रेल वन ऐप डिजिटल इंडिया पहल को मजबूती प्रदान करता है और यात्रियों को आर्थिक लाभ भी देता है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से रेल वन ऐप डाउनलोड कर इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाएं।

न्यू ईयर सेलिब्रेशन 2026: 31 दिसंबर शाम 7 बजे से कनॉट प्लेस सील, ट्रैफिक एडवाइजरी जानना है जरूरी

नई दिल्ली   दिल्ली यातायात पुलिस ने नये साल के जश्न के मद्देनजर मंगलवार को एक विस्तृत परामर्श जारी कर 31 दिसंबर के लिए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में यातायात प्रतिबंधों, मार्ग परिवर्तन और पार्किंग के विशेष प्रबंधों की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि नये साल के स्वागत के लिए कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए पैदल यात्रियों और वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। परामर्श के अनुसार, यातायात प्रतिबंध 31 दिसंबर की शाम सात बजे से लागू होंगे और जश्न की समाप्ति तक प्रभावी रहेंगे। ये प्रतिबंध विशेष अनुमति प्राप्त वाहनों के अलावा सभी निजी और सार्वजनिक परिवहन वाहनों पर लागू होंगे। पुलिस के मुताबिक मंडी हाउस, बंगाली मार्केट, पटेल चौक, गोल मार्केट, जीपीओ और कस्तूरबा गांधी मार्ग-फिरोजशाह रोड चौराहे, जय सिंह रोड-बंगला साहिब लेन और विंडसर प्लेस जैसे निर्धारित बिंदुओं से आगे किसी भी वाहन को कनॉट प्लेस की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। परामर्श में कहा गया है कि वैध प्रवेश पास वाले वाहनों को छोड़कर, कनॉट प्लेस के अंदरूनी, मध्य या बाहरी सर्किल में वाहनों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इंडिया गेट पर भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए ओ-पॉइंट, डब्ल्यू-पॉइंट, एमएलएनपी और सुनहरी मस्जिद गोल चक्कर, राजपथ-रफी मार्ग, मथुरा रोड-पुराना किला रोड, शेर शाह रोड और जाकिर हुसैन मार्ग जैसे स्थलों पर भी यातायात को प्रतिबंधित किया जा सकता है या उनके मार्ग में परिवर्तन किया जा सकता है।   यातायात पुलिस ने उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम आवाजाही के लिए रिंग रोड, मथुरा रोड, रानी झांसी मार्ग, पचकुइयां रोड, मंदिर मार्ग और मदर टेरेसा क्रिसेंट जैसे वैकल्पिक मार्गों के उपयोग का सुझाव दिया है। कनॉट प्लेस क्षेत्र में पार्किंग के लिए काली बाड़ी मार्ग, पंडित पंत मार्ग, भाई वीर सिंह मार्ग, रकाब गंज रोड, कॉपरनिकस मार्ग, बाबर रोड, तानसेन मार्ग, विंडसर प्लेस और रायसीना रोड जैसे स्थानों को चिह्नित किया गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि पार्किंग 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर उपलब्ध होगी और अनधिकृत पार्किंग करने पर वाहन को जब्त किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।   दक्षिण दिल्ली से नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को विशिष्ट मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जबकि कनॉट प्लेस के रास्ते चेल्म्सफोर्ड रोड से प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाला यातायात प्रभावित नहीं होगा। यातायात पुलिस ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की है क्योंकि इंडिया गेट और कनॉट प्लेस के पास पार्किंग सीमित है। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रभावित सड़कों से बचें और रेलवे स्टेशन या हवाई अड्डे जाने के लिए घर से जल्दी निकलें।  

विद्युत के क्षेत्र में प्रदेश ने नए-नए आयाम किए हैं स्थापित : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

ग्राम रानीखेड़ी में 33/11 के.व्ही. विद्युत उप केन्द्र निर्माण का भूमि पूजन किया भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने मंगलवार को मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रानीखेड़ी में 33/11 के.व्ही. विद्युत उप केन्द्र निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। यह विद्युत उप केन्द्र लगभग 3 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत से निर्मित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विद्युत के क्षेत्र में निरंतर नवाचार करते हुए नए-नए आयाम स्थापित किए गए हैं। विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार वृद्धि की जा रही है, जिससे प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए नए विद्युत ग्रिड एवं उप केन्द्रों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि सरकार नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी विशेष रूप से कार्य कर रही है। सौर ऊर्जा सहित अन्य नवीकरणीय स्रोतों से विद्युत उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों को सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, जिससे किसान अपनी खेती के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन में भी सहभागी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेतों पर सौर पंप एवं सौर संयंत्रों के माध्यम से किसानों को लगातार विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो रही है, जिससे सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और कृषि उत्पादन में वृद्धि हो रही है। इससे किसानों की आय में भी बढ़ोतरी हो रही है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि ग्राम रानीखेड़ी में प्रस्तावित 33/11 के.व्ही. विद्युत उप केन्द्र के निर्माण से आसपास के ग्रामों में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा, वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी तथा ग्रामीणों को निर्बाध और पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, जनपद पंचायत अध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।