samacharsecretary.com

करोड़पति बनने का वास्तु मंत्र, बस ये एक बदलाव जरूरी

वास्तु शास्त्र केवल दिशाओं का ज्ञान नहीं है, बल्कि यह हमारे आसपास की ऊर्जा को संतुलित करने का एक प्राचीन विज्ञान है। कई बार हम कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन सफलता और पैसा हमारे हाथ नहीं लगता। वास्तु के अनुसार, इसका कारण घर में मौजूद ऊर्जा का अवरोध हो सकता है। आज हम बात करेंगे वास्तु के उस सबसे बड़े सीक्रेट की, जिसे अपनाकर आप अपने जीवन में धन के प्रवाह को बढ़ा सकते हैं। वास्तु का सबसे बड़ा सीक्रेट वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना गया है। इस दिशा का सीधा संबंध आपके करियर, नए अवसरों और पैसे की आवक से होता है। यदि आपके घर की उत्तर दिशा दोषपूर्ण है, तो पैसा आएगा तो सही लेकिन टिकेगा नहीं। वह एक बदलाव जो बदल सकता है आपकी किस्मत अगर आप करोड़पति बनने का सपना देखते हैं, तो अपने घर की उत्तर दिशा में नीले रंग के पानी का फव्वारा या बहते हुए पानी की तस्वीर लगाएं। यह एक छोटा सा बदलाव धन की ऊर्जा को चुंबक की तरह खींचता है। मुख्य द्वार घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहां से लक्ष्मी का आगमन होता है। मुख्य द्वार हमेशा साफ-सुथरा और चमकदार होना चाहिए। द्वार पर चांदी का स्वास्तिक लगाएं या दहलीज पर तांबे के सिक्के दबाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती। तिजोरी की सही दिशा आप अपना पैसा और गहने जहां रखते हैं, वह स्थान आपकी आर्थिक स्थिति तय करता है। अपनी तिजोरी या अलमारी को हमेशा घर के दक्षिण-पश्चिम  कोने में रखें लेकिन इसका मुंह उत्तर की ओर खुलना चाहिए। उत्तर की ओर खुलती हुई तिजोरी कुबेर के खजाने का स्वागत करती है। रसोई घर और अग्नि का संतुलन रसोई घर में अग्नि का वास होता है, जो समृद्धि का प्रतीक है। यदि आपकी रसोई दक्षिण-पूर्व में नहीं है, तो वहां एक लाल रंग का बल्ब जलाएं। कभी भी रसोई में जूठे बर्तन रात भर न छोड़ें क्योंकि यह लक्ष्मी को रुष्ट करता है। कबाड़ और मकड़ी के जाले वास्तु में राहु का वास गंदगी और कबाड़ में माना गया है। घर की उत्तर-पूर्व दिशा, जिसे ईशान कोण कहते हैं, उसे हमेशा खाली और साफ रखें। यहाँ भारी सामान या कूड़ा रखने से बुद्धि भ्रष्ट होती है और धन का नुकसान होता है। मनी प्लांट और धातु का कछुआ  इसे हमेशा घर के अंदर दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाएं। ध्यान रहे कि इसकी बेलें जमीन को न छुएं, उन्हें ऊपर की ओर सहारा दें। उत्तर दिशा में एक पीतल के बर्तन में पानी भरकर उसमें पीतल का कछुआ रखें। यह स्थिरता और निरंतर धन लाभ का प्रतीक है।

टाटा पंच फेसलिफ्ट का हुआ लॉन्च, 11 सेकेंड में 0 से 100 किमी की स्पीड हासिल करेगी

नई दिल्‍ली. टाटा मोटर्स ने आज 13 जनवरी को भारत में नई टाटा पंच फेसलिफ्ट को आधिकारिक तौर पर लॉन्‍च कर दिया है. नई टाटा पंच की कीमत ₹5.59 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है. इसके साथ ही कंपनी ने भारत की पहली iCNG AMT SUV भी पेश की है. अपडेटेड टाटा पंच फेसलिफ्ट 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार सिर्फ 11.1 सेकंड में पकड़ लेती है. नई पंच में इंटीरियर के लिहाज से भी बड़े बदलाव किए गए हैं. अब इसमें फ्री-स्टैंडिंग 10.25-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और इल्यूमिनेटेड एलिमेंट्स के साथ नया दो-स्पोक स्टीयरिंग व्हील दिया गया है. टच-बेस्ड AC कंट्रोल्स को स्क्रीन के नीचे लगाया गया है, जिससे केबिन को पहले से ज्यादा आधुनिक और प्रीमियम लुक मिलता है. अपने नए लुक, टर्बो इंजन और एडवांस फीचर्स के साथ, 2026 टाटा पंच एक बार फिर से सेल्स चार्ट में टॉप पर रहने के लिए तैयार है. बाजार में इसका मुकाबला मुख्य रूप से Hyundai Exter से होगा. इसके अलावा यह निसान मैग्नाइट, रेनो काइगर और मारुति सुजुकी इग्निस जैसी कारों को भी कड़ी टक्कर देगी. नया एक्सटीरियर: शार्प और मॉडर्न लुक 2026 टाटा पंच फेसलिफ्ट के बाहरी डिजाइन में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं जो इसे सफारी और हैरियर जैसी बड़ी टाटा एसयूवी के करीब ले जाते हैं. इसके सिग्नेचर बॉक्सी शेप को बरकरार रखते हुए फ्रंट फेसिया को पूरी तरह से बदल दिया गया है. बाहर जो बदलाव हुए हैं उनमें शामिल हैं-     फ्रंट लुक: अब इसमें बेहद पतले और स्लीक LED DRLs दिए गए हैं जो ऊपर की तरफ स्थित हैं. मुख्य हेडलाइट यूनिट अब नीचे बंपर में शिफ्ट कर दी गई है और इसमें नए LED लैंप्स का इस्तेमाल किया गया है.     साइड और रियर: कार के साइड प्रोफाइल में नए डिजाइन वाले 16-इंच के डायमंड-कट अलॉय व्हील्स मिलते हैं. पीछे की तरफ सबसे बड़ा बदलाव इसकी टेललाइट्स में है, जहाँ अब कनेक्टेड LED टेललैंप्स का सेटअप देखने को मिलेगा, जो रात के समय इसे एक प्रीमियम अहसास देता है. रिफ्रेश्ड इंटीरियर टाटा ने नई पंच के केबिन को अधिक आधुनिक और आरामदायक बनाया है. डैशबोर्ड की बनावट को नया रूप दिया गया है और इसमें सॉफ्ट-टच मटेरियल्स का यूज किया गया है. सबसे बड़ा बदलाव इसका दो-स्पोक वाला नया स्टीयरिंग व्हील है. टाटा की नई कारों की तरह, इस पर भी एक ग्लॉस ब्लैक फिनिश है जिसके बीच में टाटा का ‘इल्यूमिनेटेड’ लोगो दिया गया है. सीटों के लिए कंपनी ने ‘ग्रे और ब्लू’ का नया ड्यूल-टोन कॉम्बिनेशन चुना है, जो केबिन को अधिक हवादार और फ्रेश दिखाता है. साथ ही, अब AC कंट्रोल यूनिट को टच-बेस्ड इंटरफेस में बदल दिया गया है, जो कार के अंदर लग्जरी का अहसास कराता है. फीचर्स से फुली लोडेड है पंच 2026 टाटा पंच हमेशा से एक सुरक्षित कार रही है, लेकिन अब यह फीचर्स के मामले में भी अपने सेगमेंट में सबसे आगे निकलने की कोशिश कर रही है. 2026 मॉडल में कई ‘फर्स्ट-इन-सेगमेंट’ फीचर्स जोड़े गए हैं:-     इंफोटेनमेंट: इसमें नया 10.25-इंच का बड़ा टचस्क्रीन दिया गया है, जो वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay को सपोर्ट करता है.     ड्राइवर डिस्प्ले: ड्राइवर के लिए 7-इंच का पूरी तरह से डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया गया है.     360-डिग्री कैमरा: तंग जगहों पर पार्किंग को आसान बनाने के लिए अब इसमें 360-डिग्री कैमरा सिस्टम भी शामिल है.     अन्य सुविधाएं: इसमें वॉयस-असिस्टेड सनरूफ, वायरलेस फोन चार्जिंग, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और रेन-सेंसिंग वाइपर्स जैसे फीचर्स टॉप वेरिएंट्स में उपलब्ध होंगे. टाटा पंच इंजन और परफॉर्मेंस 2026 टाटा पंच की सबसे बड़ी खबर इसका नया इंजन विकल्प है. टाटा मोटर्स ने अब इसमें 1.2-लीटर का टर्बो-पेट्रोल इंजन शामिल करने का फैसला किया है. यह उन ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प होगा जो माइक्रो SUV में अधिक पावर और बेहतर ड्राइविंग अनुभव चाहते हैं. इसके अलावा, पुराना और भरोसेमंद 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन भी उपलब्ध रहेगा, जो मैनुअल और AMT गियरबॉक्स विकल्पों के साथ आएगा. सभी वैरिएंट में मिलेंगे 6 एयरबैग टाटा पंच अपनी 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग के लिए जानी जाती है. 2026 फेसलिफ्ट में सुरक्षा को और पुख्ता करते हुए अब 6 एयरबैग्स को स्टैंडर्ड (सभी वेरिएंट्स में) कर दिया गया है. इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), ABS के साथ EBD, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) और रियर पार्किंग कैमरा जैसे फीचर्स इसे अपने सेगमेंट की सबसे सुरक्षित कारों में से एक बनाए रखते हैं.  

टोंक में कल 70 KG का दड़ा करेगा झमाझम बारिश की भविष्यवाणी

टोंक/जयपुर.  टोंक जिले के आवां कस्बे में हर साल 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर मनाए जाने वाले दड़ा महोत्सव की तैयारियां इन दिनों जोरों पर हैं। राजपरिवार की ओर से आयोजित इस महोत्सव के लिए गढ़ पैलेस में दक्ष कारीगर पिछले 15 दिनों से दड़ा बनाने का कार्य कर रहे हैं। विश्व प्रसिद्ध इस महोत्सव के आयोजनकर्ता राजपरिवार की महारानी विजया देवी और कुंवर कार्तिकेय सिंह ने बताया कि इस वर्ष भी दड़ा महोत्सव का आयोजन परंपरागत धूमधाम से किया जाएगा। ऐसे होता है तैयार लकड़ी के बुरादे, बजरी और टाट से बना यह फुटबॉलनुमा दड़ा तकरीबन 70 किलो वजन का होता है। इसे बनाने में 15 दिन की कड़ी मेहनत लगती है। तैयार होने के बाद इसे पानी में भिगोकर और अधिक मजबूत और सख्त बनाया जाता है। वर्तमान में आवां के विशेषज्ञ ग्रामीण इसकी तैयारी में जुटे हैं। युवा और बुजुर्गों में इसे लेकर खासा उत्साह है। रियासत काल से आवां कस्बे में दड़ा महोत्सव का आयोजन राजपरिवार की ओर से होता आ रहा है। परंपरागत रूप से खेले जाने वाला यह खेल मौजूदा फुटबॉल से मिलता-जुलता है, लेकिन इसमें खिलाड़ियों की संख्या हजारों में होती है। गांव के बीच स्थित गोपाल चौक में खेले जाने वाले इस खेल में दो गोल पोस्ट अखनियां दरवाजा और दूनी दरवाजा होते हैं, जिनकी दूरी लगभग एक किलोमीटर होती है। दड़ा करता है भविष्यवाणी करीब 20 गांवों के तीन हजार लोग इस खेल में भाग लेते हैं, जबकि दस हजार दर्शक मकानों की छतों और चौक में जमा होकर खेल का आनंद लेते हैं। मान्यता है कि यदि दड़ा दूनी दरवाजे की ओर जाता है तो वर्षा अच्छी होती है और साल सुकाल का माना जाता है, जबकि अखनियां दरवाजे की ओर जाने पर अकाल का संकेत माना जाता है। सैनिकों की भर्ती से हुई थी शुरुआत आवां के युवा सरपंच दिव्यांश महेंद्र भारद्वाज ने बताया कि राजस्थानी संस्कृति के प्रतीक इस अद्भुत खेल की शुरुआत एक शताब्दी पहले राव राजा सरदार सिंह ने सेना में वीर योद्धाओं की भर्ती के उद्देश्य से की थी। समय के साथ यह परंपरा महोत्सव के रूप में विकसित हो गई।

चतरा के बलबल मेले में मकर संक्रांति से दिखेगा आस्था और मनोरंजन का संगम

चतरा. प्रसिद्ध ऐतिहासिक बलबल पशु मेला को लेकर प्रशासनिक व स्थानीय स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर मेले का भव्य उद्घाटन किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बलबल मेले में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। मकर संक्रांति के दिन अहले सुबह से ही दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु बलबल धाम पहुंचकर पवित्र गर्म जल कुंड में स्नान कर पूजा-अर्चना करेंगे। बलबल मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह पशु व्यापार और ग्रामीण संस्कृति का भी प्रमुख मंच माना जाता है। मेले में झारखंड सहित बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे कई राज्यों से पशु व्यापारी पहुंच चुके हैं। यहां गाय, बैल, भैंस, बकरी समेत अन्य पशुओं की खरीद-बिक्री होती है। किसानों और पशुपालकों के लिए यह मेला काफी उपयोगी सिद्ध होता है। मनोरंजन का फुल इंतजाम  मेले में श्रद्धालुओं और आगंतुकों के मनोरंजन के लिए कई आकर्षक साधन लगाए गए हैं। बच्चों के लिए झूले, ब्रेक डांस, ड्रैगन ट्रेन सहित अन्य खेल-तमाशे लगाए गए हैं। वहीं युवाओं और परिवारों के लिए सर्कस, जादू शो, मौत का कुआं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक नृत्य व गीतों की प्रस्तुति से मेले की रौनक और बढ़ गई है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है, वहीं साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की तैयारी  स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा शिविर भी लगाया गया है, ताकि किसी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता मिल सके।बलबल मेला वर्षों से सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक रहा है। मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित यह मेला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी सहेजता है। प्रशासन और मेला समिति को उम्मीद है कि इस वर्ष का बलबल मेला ऐतिहासिक और यादगार साबित होगा।

मुख्यमंत्री साय बस्तर अंचल के समग्र विकास पर केंद्रित ले रहे उच्च स्तरीय बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मंत्रालय महानदी भवन में उच्च स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले रहे हैं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इसमें बस्तर अंचल के समग्र विकास पर केंद्रित योजनाओं की रूपरेखा बनाने में लगे हैं. जानकारी के अनुसार इस बैठक का केंद्र बिंदु बस्तर में शांति और विकास तथा शासन की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लोगों तक लाभ पहुँचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता में रखा जा रहा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ने मूलभूत सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने पर मंथन किया जा रहा है. बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद हैं.

iPhone की कीमत गिरी ₹50,249 तक, Samsung-OnePlus यूजर्स को भी राहत

नई दिल्ली अमेजन पर रिपब्लिक डे सेल 16 जनवरी 2026 से शुरू हो रही है। प्राइम मेंबर्स को एक दिन पहले यानी 15 जनवरी से सेल का लाभ मिलेगा। सेल शुरू होने से पहले आईफोन की कीमत रिवील कर दी गई हैं। नए आईफोन पर भी तगड़ा ऑफर है। Amazon Republic Day Sale 2026 की डेट आ गई है। 16 जनवरी, 2026 से शुरू होने वाली सेल में स्मार्टफोन और एक्ससेरीज पर तगड़ा डिस्काउंट मिल रहा है। सेल के दौरान SBI के कार्ड पर 10 प्रतिशत का डिस्काउंट मिलेगा। सेल पेज, अमेजन पर लाइव हो गया है। साथ ही, आईफोन्स पर मिलने वाले ऑफर्स भी लाइव कर दिए हैं। सेल पेज के अनुसार, आईफोन 15 को सेल में 50229 रुपये में खरीदा जा सकेगा। इसके अलावा, लेटेस्ट आईफोन यानी आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स पर भी ऑफर हैं। आईफोन के साथ-साथ सैमसंग, वनप्लस, रेडमी, रियलमी और वीवो फोन्स की डील्स भी रिवील कर दी गई हैं। आइये, जानते हैं कितने का मिलेगा कौन सा फोन। प्राइम मेंबर्स के लिए एक दिन पहले शुरू होगी सेल अमेजन की सेल 16 जनवरी से शुरू हो जाएगी। प्राइम मेंबर्स एक दिन पहले यानी 15 जनवरी, 2026 से सेल का लाभ उठा पाएंगे। सेल में SBI के कार्ड पर छूट दी जाएगी। साथ ही साथ प्रोडक्ट पर एक्सचेंज ऑफर भी होगा। प्रोडक्ट्स को No Cost EMI पर भी खरीदा जा सकेगा। बता दें कि इसके साथ ही फ्लिपकार्ट पर सेल 17 जनवरी से शुरू हो रही है। 91,294 रुपये में मिलेगा नया आईफोन आईफोन को सस्ते में खरीदने का अच्छा मौका आने वाला है। सेल में आईफोन 15 आपको 50,249 रुपये में मिलेगा। वहीं, आईफोन 17 प्रो को सेल के दौरान 1,25,400 रुपये में खरीद पाएंगे। आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी कीमत 1,34,900 रुपये से शुरू है। इसके अलावा, आईफोन 17 प्रो मैक्स को सेल में 1,40,400 रुपये में खरीदा जा सकेगा। अभी इसकी कीमत 1,49,900 रुपये है। सेल में ऐपल के सबसे पहले फोन आईफोन एयर पर भी अच्छा ऑफर होगा। यह 91,249 रुपये में खरीद पाएंगे। फोन अभी 1,19,900 रुपये में मिल रहा है। ध्यान रखें कि ये कीमतें बैंक डिस्काउंट के साथ हैं। आप अपने पुराने फोन को एक्सचेंज करके और भी कम में नया आईफोन खरीद पाएंगे। इन एंड्रॉयड फोन पर तगड़ा डिस्काउंट आईफोन के अलावा एंड्रॉयड स्मार्टफोन भी छूट में मिलेंगे। Samsung Galaxy M17 को 12,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा। iQOO 15 फोन 69,999 रुपये में मिलेगा। इसके अलावा, OnePlus 15 की कीमत 68,999 रुपये हो जाएगी। ओप्पो, वीवो, रेडमी और रियलमी के फोन पर भी ऑफर्स हैं।

बिल्लू की “सुंदरा” भैंस ने 29.650 किलो दूध देकर जीता बुलेट

अंबाला. अंबाला के साहा कस्बे के रहने वाले रवींद्र सिंह जिसे लोग बिल्लू के नाम से जानते है। उन्होंने डेयरी फार्म का काम कर अपनी पहचान दूर दूर तक बना ली है।  बता दें कि बिल्लू हालांकि कम पढ़ें लिखे है लेकिन बचपन से ही उन्हें पशुओं का शौक रहा है । बिल्लू के बजुर्ग शुरू से ही भैंसों का व्यावसाय करते है लेकिन बिल्लू ने इसे अपना प्रोफेशन बना लिया है। बिल्लू ने एक साल पहले वर्ल्ड की सबसे महंगी भैंस 51 लाख 30 हजार में खरीदी थी और जब से उन्होंने ये भैंस खरीदी तब से मेलों में प्रतियोगिता में ले जाने लगा। ताजा मामला कुरुक्षेत्र में हुई DFA डेयरी फार्म एसोसिएशन हरियाणा की और से चल रहे तीन दिवसीय पशु मेला रविवार को संपन्न हुआ जिसमें हरियाणा के इलावा पंजाब  राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कईं अन्य राज्यों से किसान अपने उन्नत नस्ल के पशुओं के साथ पहुंचे । इस मेले में बिल्लू की भैंस ने 29.650 किलो ग्राम दूध देकर पहला इनाम जीता जिसमें उनको बुलेट दिया गया । जब हमारी टीम ने बिल्लू से बात की तो उन्होंने बताया कि हमारे पिता जी पहले अपने हिसाब से पशु रखते थे लेकिन उनको ब्रीड के बारे में नहीं पता था लेकिन पशुओं में सबसे ज्यादा होता है ब्रीड अगर हमारे पास अच्छे पशु है तो हम मेले में प्रतियोगिता लड़ सकते है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में हमने दो प्रतियोगिता जीती जिसमें ट्रैक्टर जीता और एक बात दो लाख रुपए जीते । उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र में हमने प्रतियोगिता जीती जिसमें हमारा पहला इनाम आया और हमने बुलेट बाइक जीती। सबसे बड़ी बात ये है कि इस प्रतियोगिता में हम सभी पशु पालक बड़े प्यार से रहे । बिल्लू ने अपनी इस भैंस का नाम सुंदरा रखा हुआ है जो सभी को काफी पसंद आ रहा है। बिल्लू ने ये भैंस पवित्र सरदार से 51लाख 30 हजार में खरीदी थी। उन्होंने बताया कि इस भैंस ने अभी तक सभी की इज्जत रखी है । उन्होंने बताया कि लोग अपने बच्चों को विदेश भेजते है लेकिन मैने अपने बच्चों को भी इसी व्यावसाय में लगाया है । उन्होंने कहा कि ये धंधा बहुत अच्छा है और इससे लोगों को दूध भी मिलेगा और हमारी इनकम भी अच्छी होगी।

झारखंड के निकाय चुनाव में अब तीन संतान और फरारी वाले मैदान में नहीं उतर पाएंगे

रांची. झारखंड में 2026 के नगर निकाय चुनाव की हलचल तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिनके चलते कई संभावित उम्मीदवार सीधे चुनावी दौड़ से बाहर हो जाएंगे। आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने सभी जिलों को निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि कुछ खास श्रेणियों के लोग मेयर, अध्यक्ष या वार्ड पार्षद के लिए नामांकन नहीं दाखिल कर पाएंगे। ये हैं वो मुख्य नियम जो उम्मीदवारों को रोकेंगे उम्र का खेल: वार्ड पार्षद बनने के लिए कम से कम 21 साल की उम्र जरूरी है, जबकि मेयर या अध्यक्ष पद के लिए न्यूनतम 30 साल। नामांकन के समय अगर उम्र कम हुई तो नामांकन फौरन रिजेक्ट! दो बच्चे वाली लिमिट टूटेगी तो बाहर अगर किसी की तीसरी या उससे ज्यादा संतान 9 फरवरी 2013 के बाद पैदा हुई है, तो वो चुनाव नहीं लड़ पाएगा। हालांकि, अगर तीसरा बच्चा पैदा होने के बाद नहीं रहा (मृत्यु हो गई) तो उम्मीदवार योग्य रहेगा। जुड़वां बच्चे और गोद लिए बच्चे भी गिनती में शामिल होंगे। 9 फरवरी 2013 से पहले दो से ज्यादा बच्चे थे और उसके बाद कोई और नहीं हुआ, तो कोई समस्या नहीं। यह नियम जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए है। लगातार तीन बैठकें मिस कीं? अब बाहर पहले निकाय में चुने गए कोई भी सदस्य अगर बिना वजह लगातार तीन बैठकों में गैरहाजिर रहा हो, तो अगले चुनाव में टिकट नहीं मिलेगा। आयोग रिकॉर्ड चेक करेगा। फरार हैं छह महीने से ज्यादा? नामांकन नामंजूर किसी आपराधिक केस में अगर कोई छह महीने से अधिक समय से फरार घोषित है, तो वो चुनावी मैदान में नहीं उतर सकेगा। पुलिस और कोर्ट रिकॉर्ड से जांच होगी। खर्च का हिसाब नहीं दिया? पिछले चुनाव में अगर किसी ने चुनाव खर्च का पूरा ब्योरा समय पर नहीं जमा किया या गड़बड़ी पाई गई, तो आयोग उसे अयोग्य घोषित कर सकता है। अतिरिक्त सख्ती: नामांकन के वक्त अगर उम्मीदवार पर नगर निकाय या जिला प्रशासन का कोई होल्डिंग टैक्स, शुल्क या किराया बकाया है, तो नामांकन रद्द हो जाएगा। बकाया चुकाना अनिवार्य है, साथ में नो ड्यूज सर्टिफिकेट भी लगेगा। गलत शपथ-पत्र देने पर सख्त कार्रवाई होगी। झारखंड के 48-49 शहरी निकायों (नगर निगम, परिषद, पंचायत) में फरवरी-मार्च 2026 में चुनाव संभावित हैं। आरक्षण सूची भी जारी हो चुकी है, जैसे रांची में मेयर ST के लिए आरक्षित। आयोग ने सभी डीसी को इन नियमों का पालन कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।

पंजाब को दहलाने की साजिश रचते हथियारों सहित 6 गिरफ्तार

तरनतारन. गणतंत्र दिवस से पहले पंजाब में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश को तरनतारन पुलिस ने नाकाम कर दिया है। पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार, गोलाबारूद और नशीले पदार्थ बरामद करते हुए करीब आधा दर्जन आरोपियों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा हलका तरनतारन के गांव कक्का कंडियाला में गत देर रात करीब 1 बजे पुलिस ने बड़े स्तर पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने नई तकनीक के 6 विदेशी पिस्तौल, असॉल्ट राइफल के मैगजीन, भारी मात्रा में हेरोइन और लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। सबसे अहम बात यह है कि आरोपियों के पास से रॉकेट लॉन्चर जैसा खतरनाक हथियार भी मिला है, जिसका इस्तेमाल किसी बड़े हमले के लिए किया जाना था। डी.एस.पी. (डिटेक्टिव) जगजीत सिंह ने बताया कि पुलिस रोजाना कार्रवाई करती रहती है, लेकिन इतनी बड़ी बरामदगी के बारे में आधिकारिक जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए ही दी जाएगी। उम्मीद है कि मंगलवार को एस.एस.पी. सुरिंदर लांबा इस मामले में बड़ा खुलासा कर सकते हैं।

चांदी की कीमत ₹20,000 बढ़ी, ₹2.63 लाख/kg हुई; सोना ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम, दोनों की कीमतें ऑल टाइम हाई पर

मुंबई  देश में सोने और चांदी की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया है। 13 जनवरी को लगातार दूसरे दिन दोनों कीमती धातुएं ऑल टाइम हाई पर पहुंच गईं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार चांदी और सोने में आई इस तेजी ने न सिर्फ निवेशकों को चौंकाया है, बल्कि आम खरीदारों की चिंता भी बढ़ा दी है। वैश्विक आर्थिक हालात, डॉलर की कमजोरी और जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कीमती धातुओं को सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जा रहा है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है। चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड IBJA के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 6,566 रुपए बढ़कर 2,62,742 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है। इससे पहले सोमवार को चांदी ने 2,57,283 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। यानी सिर्फ दो दिनों में चांदी करीब 20 हजार रुपए महंगी हो चुकी है। सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में बढ़ती मांग ने चांदी को इंडस्ट्रियल मेटल के रूप में और मजबूत बना दिया है। दो दिन में चांदी करीब 20 हजार रुपए महंगी हो चुकी है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 33 रुपए बढ़कर 1,40,482 रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। कल ये 1,40,449 रुपए प्रति 10 ग्राम था। सोना भी ऑल टाइम हाई पर सोने की कीमतों में भी तेजी जारी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 33 रुपए बढ़कर 1,40,482 रुपए के स्तर पर पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। सोमवार को यह 1,40,449 रुपए प्रति 10 ग्राम था। निवेशकों के लिए सोना अब भी सबसे भरोसेमंद सुरक्षित निवेश माना जा रहा है। शहरों में अलग-अलग क्यों होते हैं रेट IBJA द्वारा जारी कीमतों में 3 प्रतिशत जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी के दाम अलग नजर आते हैं। IBJA के रेट्स का उपयोग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और कई बैंकों द्वारा गोल्ड लोन के रेट तय करने में किया जाता है। 2025 में रिकॉर्ड बढ़ोतरी पूरे 2025 की बात करें तो सोने की कीमत में 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 31 दिसंबर 2024 को जहां सोना 76,162 रुपए प्रति 10 ग्राम था, वहीं 31 दिसंबर 2025 को यह 1,33,195 रुपए पहुंच गया। चांदी में और भी बड़ी छलांग देखने को मिली है। एक साल में इसका भाव 167 प्रतिशत बढ़कर 86,017 रुपए से 2,30,420 रुपए प्रति किलो हो गया। आगे भी जारी रह सकती है तेजी केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, चांदी की मजबूत डिमांड आगे भी बनी रहने की संभावना है और इस साल यह 2.75 लाख रुपए प्रति किलो तक जा सकती है। वहीं सोना भी साल के अंत तक 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकता है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब आने वाले महीनों की चाल पर टिकी हुई है। अलग-अलग शहरों में रेट्स अलग क्यों होते हैं? IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज, ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता। इसलिए शहरों के रेट्स इससे अलग होते हैं। इन रेट्स का इस्तेमाल RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने के लिए करता है। कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं। 2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी हुई     पिछले साल यानी 2025 में सोने की कीमत 57,033 रुपए (75%) बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो 31 दिसंबर 2025 को 1,33,195 रुपए हो गया।     चांदी का भाव भी इस दौरान 1,44,403 रुपए (167%) बढ़ा। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो इस साल के आखिरी दिन 2,30,420 रुपए प्रति किलो हो गई। गोल्ड में तेजी के 3 प्रमुख कारण     डॉलर कमजोर – अमेरिका के ब्याज दर घटाने से डॉलर कमजोर हुआ और सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हुई, इससे लोग खरीदने लगे।     जियोपॉलिटिकल – रूस-यूक्रेन जंग और दुनिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं।     रिजर्व बैंक – चीन जैसे देश अपने रिजर्व बैंक में सोना भर रहे हैं, ये सालभर में 900 टन से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं, इसलिए दाम ऊपर जा रहे हैं। चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण     इंडस्ट्रियल डिमांड – सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है।     ट्रंप का टैरिफ डर – अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।     मैन्युफैक्चरर होड़ में – प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी। आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं दाम केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि चांदी की डिमांड में अभी तेजी है जिसके आगे भी बने रहने का अनुमान है। ऐसे में चांदी इस साल 2.75 लाख तक जा सकती है। वहीं अगर सोने के बात करें तो इसकी डिमांड में भी तेजी बनी हुई। ऐसे में इस साल आखिर तक ये 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके     मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है।     आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलेगी।     स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आ सकती है।     क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है।