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ह्यूमनॉइड रोबोट मार्केट में चीन का दबदबा, अमेरिकी कंपनियों की तिकड़ी भी नाकाम

इंसानी रोबोट (ह्यूमनॉइड रोबोट) बेचने के मामले में चीन, अमेरिका से बहुत आगे निकल गया है। आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल 2025 में चीन ने जितने रोबोट बेचे, उसका मुकाबला अमेरिका की 3 कंपनियां मिलकर भी नहीं कर पाईं। इनमें एलन मस्‍क की टेस्‍ला भी शामिल है। चीनी कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स (Unitree Robotics) अकेले सब पर भारी पड़ी है और उसने एक साल में 5500 से ज्‍यादा इंसानी रोबोट बेच डाले। वहीं अमेरिका की 3 कंपनियां लगभग 450 रोबोट बेच सकीं। हाल में हुए कंस्‍यूमर इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स शो (CES 2026) में दुनियाभर की कंपनियों का जोर एआई और रोबोटिक्‍स के क्षेत्र में दिखाई दिया है। मौजूदा वक्‍त में अमेरिका और चीन इस क्षेत्र के सबसे बड़े प्रत‍िद्वंदी हैं और आंकड़े यह बता रहे हैं कि चीन ने इस द‍िशा में बहुत तरक्‍की कर ली है। चीन की एक कंपनी अमेरिका की 3 पर भारी साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट की रिपोर्ट के अनुसार, यूनिट्री रोबोटिक्‍स को लेकर यह जानकारी बहुत पुख्‍ता सोर्स से आई है। यह आंकड़े ह्यूमनॉइड रोबोट से जुड़े हैं जो इंसानों जैसे दिखने वाले, दो पैरों पर चलने वाले रोबोट होते हैं। मार्केट रिसर्च फर्म ओम्डिया (Omdia) का डेटा कहता है कि पिछले साल अमेरिका की टेस्‍ला ऑप्‍ट‍िमस, फ‍िगर एआई और एजि‍लिटी रोबोट‍िक्‍स कंपनियों ने हरेक ने 150 रोबोट बेचे जो कुल मिलाकर 450 रोबोट हैं। इससे पता चलता है कि चीन की 1 कंपनी अमेरिका 3 कंपनियों पर भारी पड़ी है। 6000 हजार रोबोट बनाए यूनिट्री ने रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल यूनिट्री ने 6 हजार से ज्‍यादा रोबोट बनाए। इनमें पहियों वाले रोबोट और दूसरे डिजाइन के रोबोट शामिल नहीं है। हालांकि यूनिट्री ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रि‍या नहीं दी है। यह कामयाबी चीन के लिए अहम है। चीन पिछले कई वर्षों से रोबोटिक्‍स के क्षेत्र में तेजी से काम कर रहा है। उसकी कंपनियां नए-नए रोबोट बना रही हैं। चीन से सालाना रोबोट मेला भी आयोजित करना शुरू कर दिया है, जिसमें दुनिया भर के देशों से प्रतिनिध‍ि पहुंचते हैं। इस इवेंट्स से भी चीनी कंपनियों को रोबोट के ऑर्डर मिलना शुरू हुए हैं। पिछले साल जब अमेरिका ने चीन पर टैरिफ लगाया तो उसका असर चीन के रोबोटिक्‍स के क्षेत्र में देखने को नहीं मिला। क्‍या कहते हैं अन्‍य आंकड़े हाल में ओम्‍ड‍िया और काउंटरपॉइंट रिसर्च के कुछ और आंकड़े आए हैं। इसमें शिपमेंट और इंस्‍टॉलेशन के मामले में एगीबॉट को सबसे ऊपर रखा गया है। एगीबॉट भी एक चीनी कंपनी है। यह रैंकिंग उसे ह्यूमनॉइड रोबोट को लेकर दी गई है। यूनिट्री को सेकंड रैंकिंग मिली है। ओम्‍डि‍या का मानना है कि यून‍िट्री ने पिछले साल 4200 ह्यूमनॉइड रोबेट बेचे और उसका मार्केट शेयर 32 फीसदी रहा। काउंटर पॉइंड ने यह संख्‍या 4224 बताई है और उसने यूनिट्री का मार्केट का 26.4% हिस्‍सा दिया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा: 31 जनवरी तक पूरे होंगे जमीन से संबंधित सभी काम

पटना सीएम नीतीश कुमार ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने समृद्धि यात्रा पर गोपालगंज रवाना होने से पहले जमीन विवाद के मामले को कम करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि 20 नवंबर 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद हमलोगों ने बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है। सात निश्चय-3 (2025-30) के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान‘ (Ease of Living) का मुख्य मकसद राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है। इसे लेकर हमलोग लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। अनावश्यक भूमि विवाद उत्पन्न होते हैं सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि कई बार ऐसा देखा गया है कि राज्य में जमीन मापी कराने के इच्छुक लोगों द्वारा आवेदन देने के पश्चात जमीन मापी की प्रक्रिया संपन्न होने में काफी वक्त लग जाता है। इस कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जमीन की समय पर मापी नहीं होने के कारण अनावश्यक भूमि विवाद उत्पन्न होते हैं। ऐसे में ‘सबका सम्मान-जीवन आसान‘ (Ease of Living) के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु भूमि मापी की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं नागरिक अनुकूल बनाने के लिए निम्न निर्णय लिए गए हैं :     31 जनवरी 2026 तक जमीन मापी के लिए लंबित आवेदनों का निपटारा विशेष भूमि मापी अभियान चलाकर कर दिया जाएगा।     एक अप्रैल 2026 से अविवादित जमीन की मापी के लिए आवेदक द्वारा मापी शुल्क जमा किए जाने के अधिकतम 7 कार्य दिवस में जमीन की मापी सुनिश्चित की जाएगी तथा विवादित जमीन की मापी के लिए आवेदक द्वारा मापी शुल्क जमा किए जाने के अधिकतम 11 कार्य दिवस में जमीन की मापी सुनिश्चित की जाएगी।     अविवादित तथा विवादित जमीन की निर्धारित कार्य दिवस में मापी की प्रक्रिया पूर्ण कर अमीन द्वारा मापी का प्रतिवेदन मापी के पश्चात आवेदक के आवेदन की तिथि के 14वें दिन निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।     निर्धारित समय सीमा के अंदर जमीन मापी सुनिश्चित करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा आवश्यक कर्मचारियों एवं संसाधनों की व्यवस्था के साथ-साथ पूरी प्रक्रिया के गहन पर्यवेक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।       मुझे पूरा विश्वास है कि जमीन मापी प्रक्रिया को सरल बनाने से संबंधित यह पहल समस्त प्रदेशवासियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी और उनका दैनिक जीवन और भी आसान हो सकेगा।     इस व्यवस्था के संबंध में यदि आप कोई अन्य विशिष्ट सुझाव देना चाहते हैं तो अपने बहुमूल्य सुझाव 25 जनवरी 2026 तक निम्न में से किसी एक माध्यम से दे सकते हैं।

खाटू मेला 2026 अपडेट: श्रद्धालुओं के लिए बदली व्यवस्था, दर्शन से लेकर पार्किंग तक लागू हुए नए नियम

सीकर अगले महीने विश्वविख्यात खाटूश्यामजी का फाल्गुनी मेला आयोजित होगा। मेले में करीब 50 लाख से ज्यादा भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने अब से ही तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस विभाग इस बार मेले में 5 बड़े बदलाव करने जा रहा है। सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने मेले की तैयारियों को लेकर जिले के पुलिस अधिकारियों की बैठक ली है। इस बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 5 बड़े बदलाव करने का निर्णय लिया गया है। जानिए कौन से हैं वह 5 बड़े बदलाव गत वर्षों में मेले के दौरान केवल 2 एग्जिट एरिया होते थे। इनमें 4 लाइनों का एग्जिट कबूतर चौक की तरफ और 10 लाइनों का एग्जिट कला भवन की तरफ रहता था। लेकिन इस बार कला भवन की तरफ जाने वाली 10 लाइनों में से चार लाइनों को गुवाड़ चौक से निकाला जाएगा। पिछले मेलों के दौरान देखा गया कि एक साथ 10 लाइनों का एग्जिट होने की वजह से कई बार भगदड़ जैसे हालात बने थे। पिछले मेलों में देखा गया कि 40 फीट से श्रद्धालुओं की लाइन 75 फीट ग्राउंड होते हुए मंदिर की तरफ आती थी। ऐसे में 75 फीट ग्राउंड पर यदि किसी को लाइन के दूसरी तरफ जाना रहता था तो उसके लिए कोई ऑप्शन नहीं था। लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की लाइन के ऊपर से एक फ़ुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा। जिससे कि श्रद्धालु आसानी से एक जगह से दूसरी जगह जा सके। पिछले मेलों में देखा गया कि मेले के दौरान खाटू कस्बे और दर्शन मार्ग में तो करीब 500 सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाते थे। लेकिन पुलिस प्रशासन के पास खाटू की तरफ आने वाले क्राउड की रियल टाइम सटीक इनफॉरमेशन नहीं रहती थी। अब निर्णय किया गया है कि खाटू की तरफ आने वाले मंडा और रींगस के रास्ते पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जिससे कि पुलिस रियल टाइम क्राउड मैनेजमेंट के हिसाब से अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर सके। श्रद्धालुओं की लाइन में जो बैरिकेडिंग की जाती है इस बार उसकी हाइट को भी बढ़ाया जाएगा। जिससे कि कोई भी एक लाइन से दूसरी लाइन में जाने के लिए इन्हें पार ना करें। हर बार मेले में देखा जाता है कि एकादशी के दौरान भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि पार्किंग की बड़ी समस्या रहती है। ऐसे में इस बार नए पार्किंग स्पॉट तैयार करवाए जाएंगे। जिससे कि ट्रैफिक की किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो। और आसानी से समझे…     एग्जिट व्यवस्था में बदलाव: कला भवन की ओर जाने वाली 10 में से 4 एग्जिट लाइनें अब गुवाड़ चौक से निकाली जाएंगी, जिससे भगदड़ की आशंका कम होगी।     फुट ओवरब्रिज का निर्माण: 75 फीट ग्राउंड पर श्रद्धालुओं की लाइन के ऊपर से फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा, ताकि लोग सुरक्षित रूप से एक तरफ से दूसरी तरफ जा सकें।     रियल टाइम क्राउड मॉनिटरिंग: मंडा और रींगस मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे खाटू आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ पर नजर रखी जा सके।     बैरिकेडिंग की ऊंचाई बढ़ेगी: श्रद्धालुओं को लाइन तोड़कर दूसरी लाइन में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की हाइट बढ़ाई जाएगी।     नए पार्किंग स्पॉट तैयार: एकादशी के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए नए पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे, ताकि ट्रैफिक जाम से राहत मिले।

मौनी अमावस्या स्नान संपन्न, अब माघ मेले में अगला पावन स्नान कब? यहां देखें तारीख

प्रयागराज की पावन धरती पर लगने वाला माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, तपस्या, संयम और मोक्ष की कामना का जीवंत प्रतीक है. इसी आस्था के साथ साल 2026 में माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी को महाशिवरात्रि तक चलेगा. इस दौरान कई विशेष तिथियां आती हैं, जिन पर स्नान का पुण्य सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक बताया गया है. 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने मौन रहकर पुण्य की डुबकी लगाई. इस मुख्य स्नान के बाद अब माघ मेले के चौथा प्रमुख स्नान की बारी है. बसंत पंचमी पर होगा अगला प्रमुख स्नान प्रशासनिक और धार्मिक कैलेंडर के अनुसार, माघ मेला का चौथा मुख्य स्नान बसंत पंचमी के पावन अवसर पर होगा. बसंत पंचमी (चौथा स्नान): 23 जनवरी 2026, शुक्रवार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली बसंत पंचमी ज्ञान, विद्या और नवचेतना का पर्व मानी जाती है. इस दिन देवी सरस्वती की पूजा होती है और प्रकृति में भी वसंत का उल्लास दिखाई देने लगता है. मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन संगम में स्नान करने से विद्या, बुद्धि और वाणी की शुद्धि होती है. पीले वस्त्र धारण कर स्नान करना विशेष फलदायी माना गया है.साधु-संतों के अनुसार, यह तिथि आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए बहुत ही शुभ होती है. मौनी अमावस्या की तपस्या के बाद बसंत पंचमी का स्नान मन और आत्मा में नई चेतना भर देता है. माघ मेला 2026 की आगामी प्रमुख स्नान तिथियां बसंत पंचमी के बाद भी माघ मेले में श्रद्धालुओं के लिए दो महत्वपूर्ण स्नान पर्व बाकी हैं. माघी पूर्णिमा (पांचवां स्नान): 1 फरवरी 2026, रविवार महाशिवरात्रि (अंतिम स्नान): 15 फरवरी 2026, रविवार महाशिवरात्रि के दिन अंतिम स्नान के साथ ही माघ मेले का विधिवत समापन होगा. इस दिन भगवान शिव की आराधना और संगम स्नान का विशेष महत्व बताया गया है.

भोजशाला में पूजा का मामला सर्वोच्च अदालत में, 22 जनवरी को SC करेगा सुनवाई

धार मध्यप्रदेश के धार की भोजशाला में पूजा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बसंत-पंचमी पर दिनभर पूजा की मांग करते हुए कोर्ट में याचिका लगाई गई है। हिंदू पक्ष ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका लगाई। इस पर 22 जनवरी को सुनवाई होगी। भोजशाला में बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन उत्सव आयोजित किया गया जाता है। इस दिन शुक्रवार होने से यहां नमाज भी होगी जिसके चलते दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति बन चुकी है। इस माहौल को देखते हुए धार और भोजशाला परिसर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। भोजशाला में वसंत पंचमी के अवसर पर हिंदू सरस्वती पूजा करते हैं जबकि शुक्रवार को यहां मुस्लिमों को नमाज की भी इजाजत है। इस बार वसंत पंचमी 23 जनवरी को शुक्रवार के दिन पड़ रही है जिससे दोनों पक्षों में विवाद पैदा हो गया है। हिंदू पक्ष वसंत पंचमी को पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति मांग रहा है। अब इसके लिए देश की शीर्ष अदालत में याचिका दायर की गई है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से मंगलवार को याचिका दाखिल की गई। सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया है। हरिशंकर जैन के सहयोग से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने याचिका दायर की है।   भोजशाला में जुमे की नमाज पर रोक लगाने की मांग की याचिका में कहा गया है कि 23 जनवरी को वसंत पंचमी है। इस दिन भोजशाला में परंपरागत रूप से सरस्वती पूजा की जाती है। यहां वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन के लिए केवल हिंदू समाज को ही अनुमति दी जाए। दिनभर पूजा ही चले। याचिका में शुक्रवार के दिन भोजशाला में जुमे की नमाज पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। याचिका पर कार्यक्रम के एक दिन पहले यानि 22 जनवारी को सुनवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा ऐलान: MP के कर्मचारियों और पेंशनर्स को कैशलेस इलाज, सीमा 35 लाख

भोपाल राजस्थान और हरियाणा की तरह प्रदेश सरकार अपने 10 लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों और पेंशनरों के उपचार के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लाने जा रही है। राज्य के बजट में इसकी घोषणा हो सकती है। योजना अंशदायी, कैशलेस होगी और इसमें गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए अधिकतम 35 लाख रुपये तक की सुविधा रहेगी। कर्मचारी का स्वयं, पति-पत्नी, आश्रित बच्चों का फोटोयुक्त कार्ड बनेगा। पेंशनर भी योजना के दायरे में आएंगे। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसका खाका खींच लिया है। कर्मचारी संगठनों से सुझाव भी ले लिए गए हैं। अब इसे वित्त विभाग की अनुमति से कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी करेगी संचालनविभागीय अधिकारियों के अनुसार योजना का संचालन राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इसमें कानूनी, बीमा क्षेत्र और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ रहेंगे। तकनीकी टीम भी रहेगी जो क्लेम प्रोसेसिंग, हेल्थ पैकेज, अस्पतालों की संबद्धता आदि काम देखेगी। टास्क फोर्स का गठन भी किया जाएगा, जो योजना की समीक्षा और नीतिगत निर्णय से जुड़े मामले देखेगी।   योजना की पात्रताकर्मचारी पति-पत्नी, माता-पिता, आश्रित दो बच्चे, दत्तक बच्चे, तलाकशुदा पुत्री और पति-पत्नी पेंशनर पति-पत्नी। पात्र हितग्राही का पंजीयन एमपीएसइडीसी के माध्यम से होगा। यूनिक आइडी डिजिटल कार्ड बनाए जाएंगे। आश्रितों की जानकारी का अनुमोदन कार्यालय प्रमुख करेंगे। हितग्राही को प्रत्येक वर्ष आश्रितों की जानकारी का सत्यापन कराना अनिवार्य रहेगा। पेंशनर का पंजीयन पेंशनर कोड के आधार पर होगा। कार्ड में पेशनर के पे बैंड और विभाग का उल्लेख भी रहेगा। दवा-उपकरण के लिए बीस हजार रुपये प्रतिवर्षबीमित कर्मचारी को ओपीडी, दवा और उपकरण के लिए बीस हजार रुपये प्रतिवर्ष मिलेंगे। उपकरण और इंप्लांट का व्यय सीजीएचएस पैकेज दरों के अनुसार होगा। आपातकालीन स्थितियों में असंबद्ध अस्पतालों लिए प्रतिपूर्ति आपातकालीन परिस्थितियों में असंबद्ध अस्पतालों में भी उपचार कराया जा सकेगा। इसमें होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति की जाएगी। योजना में राज्य के सभी आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पताल, भारत सरकार की स्वास्थ्य योजना से जुड़े अस्पताल, राज्य के बाहर के चिन्हित उच्च गुणवत्ता वाले अस्पताल शामिल होंगे। प्रस्तावित अंशदान कर्मचारी के लिए श्रेणी-मासिक अंशदान वेतन बैंड एक से पांच- 250 रुपये वेतन बैंड छह- 450 रुपयेवेतन बैंड सात से 11- 650 रुपये वेतन बैंड 12 से 17- 1,000 रुपये पेंशनर के लिए- 500 रुपये प्रतिमाह

रनवे बना खतरे की वजह: भोपाल एयरपोर्ट पर 2 माह में 12 किलो रबर जमा, विमान सुरक्षा पर सवाल

भोपाल क्या आपने कभी सोचा है कि हजारों फीट की ऊंचाई से जब कोई विशालकाय विमान जमीन को छूता है, तो असल में रनवे पर क्या होता है? हम अक्सर सुरक्षित लैंडिंग पर तालियां बजाते हैं, लेकिन उस सुरक्षित लैंडिंग के पीछे एयरपोर्ट के रनवे पर एक 'काली परत' की कहानी छिपी है, जिसे अगर समय रहते न हटाया जाए, तो यह किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर इन दिनों रातों के सन्नाटे में एक विशेष अभियान चल रहा है। यह अभियान है रनवे की 'घिसाई और सफाई' का। दरअसल, विमानों की लैंडिंग के दौरान टायरों और रनवे के बीच जो घर्षण (रगड़) होता है, उससे वहां रबर जमा होने लगता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि हर दो महीने में यह जमा हुआ रबर करीब १० से १२ किलो तक हो जाता है।   क्यों जमा होता है इतना रबर? एविएशन जानकार कहते हैं कि जब कोई विमान लैंड करता है, तो उस वक्त उसकी रफ़्तार २३० से २६० किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है। इतने भारी-भरकम विमान का वजन और इतनी तेज गति जब जमीन से टकराती है, तो टायरों का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाता है। गर्मी इतनी ज्यादा होती है कि टायरों की सतह का कुछ हिस्सा पिघलकर रनवे पर ही चिपक जाता है। धीरे-धीरे यह रबर परत-दर-परत जमा होता रहता है। फिसलने का डर और बारिश का खतरा एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, रनवे पर जमा यह रबर सामान्य दिनों में तो खतरनाक है ही, लेकिन बारिश के मौसम में यह 'मौत का जाल' बन सकता है। जब रबर पर पानी पड़ता है, तो वहां फिसलन बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में विमान के स्किड होने (फिसलने) और ब्रेक लगाने पर भी न रुकने का खतरा पैदा हो जाता है। ब्रेकिंग दूरी बढ़ जाने से विमान रनवे से बाहर भी जा सकता है। रात के अंधेरे में हाई-प्रेशर तकनीक का कमाल चूंकि दिन में उड़ानों का आना-जाना लगा रहता है, इसलिए रबर हटाने का यह बेहद तकनीकी काम रात में किया जाता है। इसके लिए 'हाई प्रेशर वाटर जेट' तकनीक का इस्तेमाल होता है। आसान शब्दों में कहें तो पानी की इतनी तेज बौछार मारी जाती है कि रनवे की सतह को नुकसान पहुंचाए बिना, उस पर चिपका हुआ जिद्दी रबर उखड़ जाए। यह काम विशेष मशीनों और सफाई कर्मियों द्वारा पूरी सावधानी से किया जाता है। 75% घर्षण है जरूरी राजा भोज एयरपोर्ट के निदेशक रामजी अवस्थी के अनुसार, सुरक्षित लैंडिंग के लिए रनवे का घर्षण स्तर (फ्रिक्शन लेवल) कम से कम ०.७५ होना अनिवार्य है। यह वह मानक है जो तय करता है कि तेज रफ़्तार विमान सुरक्षित दूरी में रुक पाएगा या नहीं। यही कारण है कि डीजीसीए और एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया ने रनवे की नियमित जांच और सफाई को अनिवार्य कर रखा है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। अगली बार जब आप लैंडिंग करें, तो याद रखिएगा कि आपकी सुरक्षा के लिए रनवे की उस काली सड़क को भी नियमित रूप से'नहलाया-धुलाया' जाता है।

Republic Day Special: इन देशभक्ति कविताओं के साथ दें दमदार भाषण, पाएं तालियों की गूंज

भोपाल देश इस साल अपना 77वां गणतंत्र दिवस (77th Republic Day 2026) मनाने जा रहा है। 26 जनवरी का यह दिन न केवल एक राष्ट्रीय पर्व है, बल्कि यह हमारे संविधान की शक्ति और लोकतंत्र की महानता का उत्सव भी है। स्कूल, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में इस गौरवशाली दिन के लिए तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। यदि आप भी इस अवसर पर मंच से अपनी बात रखना चाहते हैं, तो यहां एक प्रभावी और कविताओं से सुसज्जित भाषण का प्रारूप दिया गया है, जो श्रोताओं के दिलों में देशभक्ति का संचार कर देगा: गणतंत्र दिवस 2026: भाषण का प्रारूप नमस्कार, मैं……(नाम), आज राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के पावन मौके पर यहां पर उपस्थित सभी महानुभावों/ अतिथिगण/ टीचर एवं सभी भैया बहनों का अभिवादन करता हूं। जैसे कि हम सभी जानते हैं कि हम यहां पर देश के 76वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में यहां उपस्थित हुए हैं। आज ही के दिन 1950 में भारत ने अपने संविधान को अपनाया और एक संप्रभु गणराज्य के रूप में अस्तित्व में आया। इस वर्ष भारत गणतंत्र देश के रूप में 77वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इन 77 वर्षों के अंदर ही हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक बनकर सामने आया है।   हमारे देश के संविधान को डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान सभा ने तैयार किया था। डॉ. अंबेडकर के अलावा इस संविधान सभा में जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, पंडित गोविंद बल्लभ पंत, आचार्य जेबी कृपलानी, शरत चंद्र बोस, सच्चिदानंद सिन्हा थे। इस संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। संविधान को तैयार करने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन लगे थे। भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया था। इसके दो माह बाद 26 जनवरी 1950 को इसे देशभर में लागू कर दिया गया। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मैं एक कविता सुनाने वाला हूं देखो फिर से गणतंत्र दिवस आ गया, जो आते ही हमारे दिलो-दिमाग पर छा गया। यह है हमारे देश का राष्ट्रीय त्यौहार, इसलिए तो सब करते हैं इससे प्यार। इस अवसर का हमें रहता विशेष इंतजार, क्योंकि इस दिन मिला हमें गणतंत्र का उपहार। आओ लोगों तक गणतंत्र दिवस का संदेश पहुचाएं, लोगों को गणतंत्र का महत्व समझाएं। गणतंत्र द्वारा भारत में हुआ नया सवेरा, इसके पहले तक था देश में तानाशाही का अंधेरा। क्योंकि बिना गणतंत्र देश में आ जाती है तानाशाही, नहीं मिलता कोई अधिकार वादे होते हैं हवा-हवाई। तो आओ अब इसका और ना करें इंतजार, साथ मिलकर मनाये गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय त्यौहार।। हमारा संविधान दुनिया का सबसे बेहतरीन संविधान माना जाता है क्योंकि इसमें गरीब हो अमीर सभी के लिए स्वतंत्रता, समानता और न्याय का अधिकार देता है। संविधान में किसी भी प्रकार की ऊंच नीच को स्थान नहीं दिया गया है जो मजबूत राष्ट्र को मजबूती प्रदान करता है। यह दिन हमें हमारे अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है और सभी लोगों के प्रति समान व्यवहार करने का उचित पाठ पढ़ाता है।

रामगंजमंडी स्टेशन पर बढ़ी सतर्कता: बाबा बागेश्वर कथा को लेकर विशेष रेलवे व्यवस्थाएं लागू

कोटा बाबा बागेश्वर जी की कथा आयोजन के दौरान 23 से 25 जनवरी के बीच रामगंजमंडी रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने विशेष भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू की है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करना है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि कथा अवधि के दौरान स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही को सुव्यवस्थित रखने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेनों के निर्धारित प्लेटफॉर्म में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा, ताकि यात्रियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। सौरभ जैन ने यह भी बताया कि यात्रियों को सही एवं समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से नियमित एवं स्पष्ट घोषणाएं की जाएंगी। साथ ही स्टेशन परिसर में प्रवेश एवं निकास के दौरान भीड़ के प्रवाह को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएंगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन पर तैनात टिकट जांच स्टाफ एवं रेलवे सुरक्षा बल के जवान यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे तथा भीड़ को नियंत्रित एवं सुव्यवस्थित रखने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्टेशन परिसर में भीड़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निर्णय लिए जा सकें। स्टेशन परिसर में सुरक्षा, सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग सुविधा, टिकट वेंडिंग मशीनों तथा बुकिंग खिड़कियों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं एवं नियमित यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

न्यूज़ीलैंड ने भारत दौरे के लिए बदली टीम, टी20 स्क्वॉड में शामिल हुए क्रिस्टियन क्लार्क

नागपुर न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने भारत के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के पहले तीन मैचों के लिए युवा हरफनमौला खिलाड़ी क्रिस्टियन क्लार्क को टीम में शामिल किया है। यह सीरीज बुधवार से नागपुर में शुरू होगी। दरअसल, तेज गेंदबाज एडम मिल्ने और अनुभवी स्पिन गेंदबाज माइकल ब्रेसवेल इस समय चोट से जूझ रहे हैं, इसी वजह से टीम प्रबंधन ने यह कदम उठाया है। क्रिस्टियन क्लार्क ने हाल ही में अपने पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय दौरे में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने तीन मैचों में सात विकेट लिए, जिनमें भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली को दो बार आउट करना भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने निचले क्रम में उपयोगी रन बनाए और क्षेत्ररक्षण में दो कैच भी पकड़े। न्यूज़ीलैंड के मुख्य कोच रॉब वॉल्टर ने बताया कि क्लार्क को मुख्य रूप से बैकअप विकल्प के तौर पर टीम में रखा गया है, ताकि तेज गेंदबाजों के कार्यभार को सही तरीके से संभाला जा सके। उन्होंने कहा कि इस समय टीम में खिलाड़ियों का आना-जाना चल रहा है। कुछ खिलाड़ी चोट से लौट रहे हैं, कुछ फ्रेंचाइजी क्रिकेट से सीधे जुड़ रहे हैं और बाकी खिलाड़ी भारत के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज और सुपर स्मैश के बाद टीम से मिल रहे हैं। वाल्टर ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे पास इस सीरीज के पहले तीन मैचों के लिए पर्याप्त तेज गेंदबाजी के विकल्प हों और यह क्रिस्टियन के लिए भारत के अपने पहले दौरे पर ग्रुप के साथ थोड़ा और समय बिताने का एक शानदार मौका है। उन्होंने निश्चित रूप से वनडे सीरीज में अपनी प्रतिभा दिखाई, लेकिन जो बात खास तौर पर प्रभावशाली थी, वह थी उनका शांत स्वभाव और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता।” कोच ने यह भी पुष्टि की कि माइकल ब्रेसवेल नागपुर पहुंचे हैं। इंदौर में खेले गए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मैच के दौरान क्षेत्ररक्षण करते समय उनके बाएं पिंडली में हल्की चोट लगी थी। आने वाले दिनों में उनका इलाज और निगरानी की जाएगी, इसके बाद दौरे में आगे खेलने को लेकर फैसला लिया जाएगा। वहीं, तेज गेंदबाज एडम मिल्ने दक्षिण अफ्रीका की एसए20 लीग में सनराइजर्स ईस्टर्न केप के लिए खेलते हुए बाएं हैमस्ट्रिंग में चोट का शिकार हो गए हैं। उनकी चोट का आकलन किया जा रहा है। रॉब वॉल्टर ने बताया कि इंदौर में एकदिवसीय सीरीज जीतने के बाद टीम अच्छे मनोबल के साथ नागपुर पहुंची है। शानदार टीम वर्क के साथ कई बेहतरीन परफॉर्मेंस देखने को मिले, जिससे हमने कुछ ऐसा हासिल किया जो पहले कभी नहीं हुआ था। न्यूजीलैंड टीम: मिशेल सेंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, क्रिस्टियन क्लार्क (पहले तीन मैच), डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, जैक फाउल्क्स, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, बेवन जैकब्स, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम रॉबिन्सन, ईश सोढ़ी