samacharsecretary.com

छत्तीसगढ़ आबकारी नीति व प्रबंधन संस्थान को लीज पर जमीन को मिली मंजूरी

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई. नए साल में हुई पहली साय कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई. इसके बाद कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई है. 1) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन तथा इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया गया. 2) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि का शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जाने हेतु श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में चिन्हांकित लगभग 40 एकड़ भू-खण्ड का आबंटन लीज के रूप में एकमुश्त 90 वर्षाें के लिए करने की स्वीकृति प्रदान की है. एसव्हीकेएम एक ख्याति प्राप्त संस्था है, जो वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत तथा वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित है, जोकि एक लाख से अधिक छात्रों को प्रति वर्ष प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करता है. वर्ष 2025 में एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैकिंग में इस संस्था को 52वां रैंक प्राप्त हुआ है. नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूती मिलेगी. 3) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में 04 नवीन उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू का निर्णय लिया है. इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग तथा तकनीकी स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहित करने में यह एमओयू महत्वपूर्ण होगा. सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के 68 केन्द्र संचालित है, जिनमें 60 भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित है. सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी तथा स्मार्ट एग्री उद्यमिता केन्द्रों के माध्यम से आगामी तीन से पांच सालों में डोमेन विशेष के 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देंगे. राज्य सरकार द्वारा छात्रों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं तथा उद्योगों को ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने में सहयोग प्रदान करने के लिए एसटीपीआई के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ईएसडीडी) केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जो प्रति वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर, स्टार्टअप और एमएसएमई को सभी सहायता प्रदान करेगा. 4) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओ में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्तमान संसाधनों को सुदृढीकरण करने तथा निर्धारित मानक के अनुसार जांच की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लैब के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्णय लिए गए हैं.

मैक्रों का ब्लू सनग्लास अंदाज, दावोस में ट्रंप को बर्दाश्त की हद बताने वाला बयान

दावोस फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्विटजरलैंड के दावोस में दिए गए अपने भाषण से अतंरराष्ट्रीय हलकों में सनसनी मचा दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जुबानी हमलों का लगातार सामना कर रहे मैक्रों ने बिगड़ते वर्ल्ड ऑर्डर पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने अपने भाषण में "बुलीज़" (bullies) जैसे शब्दों का प्रयोग किया और कहा कि जोर-जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात की.  इमैनुएल मैक्रों ने बिना नाम लिए लेकिन स्पष्ट रूप से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ओर इशारा करते हुए कहा कि दुनिया "एक नियम-रहित विश्व" (world without rules) की ओर बढ़ रही है, जहां अंतरराष्ट्रीय कानून को पैरों तले कुचला जा रहा है और सिर्फ "ताकतवर का कानून" (law of the strongest) चल रहा है.  मैक्रों ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में जुटे विश्व भर के नेताओं को आसामनी रंग सनग्लासेज पहने मैक्रों ने संबोधित करते हुए कहा, "देखिए हम किस स्थिति में हैं. मेरा मतलब है, डेमोक्रेसी के खिलाफ, तानाशाही की तरफ बदलाव. ज़्यादा हिंसा, 2024 में 60 से ज़्यादा युद्ध – यह एक बिल्कुल रिकॉर्ड है, भले ही मुझे पता चला कि उनमें से कुछ फिक्स थे. और टकराव नॉर्मल हो गया है, हाइब्रिड हो गया है, नई मांगों, जगह, डिजिटल जानकारी, साइबर, व्यापार वगैरह में फैल रहा है." अंतर्राष्ट्रीय कानून को पैरों तले रौंदा जाता है  मैक्रों ने अमेरिकी दादागीरी की चर्चा करते हुए कहा कि, "यह एक ऐसी दुनिया की ओर भी बदलाव है जहां कोई नियम नहीं हैं जहां अंतर्राष्ट्रीय कानून को पैरों तले रौंदा जाता है और जहां ऐसा लगता है कि सिर्फ़ सबसे ताकतवर का कानून ही मायने रखता है." ट्रंप से 200 फीसदी टैरिफ की धमकी झेल चुके फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षाएं फिर से उभर रही हैं. जाहिर है रूस का युद्ध, यूक्रेन के खिलाफ़ रूस का आक्रामक युद्ध, जो अगले महीने अपने चौथे साल में प्रवेश करेगा और मध्य पूर्व और पूरे अफ्रीका में संघर्ष जारी हैं. बहुपक्षवाद कमजोर किया जा रहा है यह एक ऐसी दुनिया की ओर भी बदलाव है जहां प्रभावी सामूहिक शासन नहीं है और जहां बहुपक्षवाद उन शक्तियों द्वारा कमज़ोर किया जा रहा है जो इसमें बाधा डालती हैं या इससे मंह मोड़ लेती हैं, और नियम कमज़ोर हो रहे हैं.  ट्रंप द्वारा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को ठेंगा दिखाने की घटनाओं की ओर इशारा करते हुए मैक्रों ने कहा कि, "मैं ऐसे इंटरनेशनल संगठनों के कई उदाहरण दे सकता हूं जिन्हें बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने कमज़ोर कर दिया है या छोड़ दिया है। और जब हम स्थिति को देखते हैं, तो यह साफ़ तौर पर बहुत चिंताजनक समय है, क्योंकि हम उस स्ट्रक्चर को खत्म कर रहे हैं जहां हम स्थिति को ठीक कर सकते हैं और हमारे सामने आने वाली आम चुनौतियों का सामना कर सकते हैं. टैरिफ का इस्तेमाल संप्रभुता पर प्रेशर बनाने के लिए मैक्रों ने कहा कि अब सामूहिक शासन की बजाय टकराव का रास्ता अपनाया जा रहा है. अमेरिकी टैरिफ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका से ट्रेड एग्रीमेंट के ज़रिए मुकाबला जो हमारे एक्सपोर्ट हितों को कमज़ोर करता है, ज़्यादा से ज़्यादा रियायतें मांगता है और खुले तौर पर यूरोप को कमज़ोर करने और अपने अधीन करने का लक्ष्य रखता है, साथ ही नए टैरिफ का अंतहीन जमावड़ा जो मूल रूप से अस्वीकार्य है, खासकर जब उनका इस्तेमाल क्षेत्रीय संप्रभुता के खिलाफ दबाव बनाने के लिए किया जाता है. फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि इस समस्या को ठीक करने के लिए इसका जवाब है ज़्यादा सहयोग. और नए तरीके अपनाना. उन्होंने कहा कि यह साफ तौर पर ज़्यादा आर्थिक संप्रभुता और रणनीतिक अर्थव्यवस्था बनाना है, खासकर यूरोपियनों के लिए.  आसमानी रंग का गोगल्स चमकाकर मैक्रां ने महफिल लूट ली इस संबोधन में राष्ट्रपति मैक्रों के भाषण के अलावा उनका आसमानी सनग्लास भी चर्चा में रहा. अमूमन बिना चश्मा के दिखने वाले मैंक्रों इस बार आसमानी सनग्लास में थे. उनका ये लुक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि इस चश्मे की वजह मेडिकल है. इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि, 'उनकी आंखों में समस्या है. मीटिंग की शुरुआत में ही उन्होंने विनम्रता से कहा, "सनग्लासेस के लिए माफी चाहता हूं, मेरी आंखों में हल्की दिक्कत है. फ्रांसीसी मीडिया के अनुसार, इसका कारण एक फटी हुई खून की नस थी, जिससे मैक्रों की आंखों में सूजन आ गई थी. बता दें कि 15 जनवरी को फ्रांसीसी राष्ट्रपति को साफ तौर पर लाल और सूजी हुई आंख के साथ देखा गया था. 

सांसदों को चेतावनी: समय पर न पहुंचे तो हाजिरी कटेगी, सैलरी भी प्रभावित होगी

नई दिल्ली संसद के बजट सत्र में लोकसभा सचिवालय सांसदों की हाजिरी को लेकर एक नई शुरुआत करने जा रहा है। अब सांसदों की हाजिरी सदन के भीतर सीट पर बैठकर ही डिजिटल तरीके से लग पाएगी। यदि कोई सांसद देरी से सदन में पहुंचता है और तब तक हंगामे या किसी और वजह से सदन दिनभर के लिए स्थगित हो जाता है तो फिर माननीय की उस दिन की हाजिरी नहीं लग पाएगी। उन्हें एक दिन के वेतन-भत्ते से हाथ धोना पड़ेगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम यह प्रावधान करने जा रहे हैं कि सदन में पहुंचकर ही हाजिरी लगाई जा सकेगी। अभी तक सदन के बाहर हाजिरी के लिए जो रजिस्टर होता था, अब उसे हटा देंगे। ऐसे सांसद जो रजिस्टर में हाजिरी लगाकर चले जाते थे, या सदन स्थगित होने के बाद पहुंचते थे, उनके लिए मुश्किल होगी। उन्हें सदन में जाना ही होगा। उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही डिजिटल हो चुकी है। अब उसमें एआई का इस्तेमाल परीक्षण के तौर पर चल रहा है। इसमें काफी निगरानी और सावधानी की जरूरत है। अभी परीक्षण के तौर पर वक्ताओं के भाषणों के अनुवाद में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। बाद में लोग उसे चेक करते हैं। यह 80 फीसदी तक सटीक है। ओम बिरला ने यह जानकारी 86वें ऑल इंडिया प्रिज़ाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से बातचीत में दी. उन्होंने बताया कि संसद परिसर में सदन के बाहर से हाजिरी लगाने की पुरानी व्यवस्था अब समाप्त कर दी जाएगी. लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अब केवल सदन के अंदर सीट पर बैठने पर ही उपस्थिति दर्ज होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी कारणवश सदन स्थगित हो जाता है, तो उसके बाद कोई भी सदस्य हाजिरी दर्ज नहीं कर सकेगा. इस कदम से सांसदों को रोज़ाना कार्यवाही की शुरुआत से ही सदन में उपस्थित रहने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा. ओम बिरला ने कहा कि यह फैसला पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि उपस्थिति वास्तविक भागीदारी को दर्शाए, न कि केवल संसद परिसर में मौजूद रहने को. उन्होंने बताया कि लोकसभा कक्ष में हर सीट पर निर्धारित कंसोल पहले से ही लगाए जा चुके हैं. यह सुधार संसदीय प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण और सत्रों की उत्पादकता बढ़ाने की व्यापक पहल का हिस्सा है. लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि संसद में एआई टूल्स के इस्तेमाल को लेकर परीक्षण किया जा रहा है और संभावित त्रुटियों से निपटने के लिए मैनुअल सत्यापन की व्यवस्था भी की गई है. चुनिंदा बैठकों में रियल-टाइम ट्रांसलेशन का प्रयोग हो रहा है, जो आने वाले महीनों में पूरी तरह लागू किया जाएगा. इसके अलावा सांसदों को 24×7 शोध सहायता सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं. ओम बिरला ने विधानसभा सत्रों की घटती संख्या पर भी चिंता जताई और कहा कि विधायी संस्थाओं की प्रभावशीलता, जवाबदेही और उत्पादकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सदन के संचालन की जिम्मेदारी भले ही अध्यक्ष की हो, लेकिन सुचारू कार्यवाही सरकार और सदस्यों के सहयोग पर निर्भर करती है. सांसदों की उपस्थिति से जुड़ा यह कदम संसद की गरिमा को मजबूत करने वाला बताया जा रहा है और कई सदस्यों ने इसका स्वागत किया है. उल्लेखनीय है कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा और केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा. आईटी कंपनी की मदद से इसे 100 फीसदी सटीक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी कोशिश है कि मानसून सत्र से अनुवाद को पूरी तरह से एआई संचालित कर देंगे। इससे फायदा यह होगा कि अभी अनुवाद के कारण चार घंटे में कार्यवाही का ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड होता है। एआई के इस्तेमाल से यह आधे घंटे में हो जाएगा। अनुसंधान में भी एआई का इस्तेमाल किया जाएगा। विपक्ष को अपनी बात रखनी चाहिए जेल जाने पर मंत्रियों को पद से हटाने के प्रावधान से जुड़े विधेयक पर संसदीय समिति में विपक्ष शामिल नहीं हुआ लेकिन अब विपक्ष की तरफ से संकेत दिए गए हैं कि वह अपने विचार रखना चाहता है। इस बारे में पूछे जाने पर बिरला ने कहा कि यदि वे आते हैं तो उनके विचारों को समाहित करने का प्रयास किया जाएगा। बजट सत्र पर विपक्ष के संभावित रुख पर बिरला ने कहा कि वे चाहते हैं सदन चले। विपक्ष को अपनी बात चर्चा में रखनी चाहिए। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में वह हर बात रख सकता है। विधानसभाएं न्यूनतम 30 दिन चले ओम बिरला ने कहा कि लखनऊ में चल रहे पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में कहा, ज्यादातर विधानसभाएं साल में 30 दिन भी नहीं चल पा रही हैं। सम्मेलन में संकल्प पारित करेंगे कि विधानसभाएं न्यूनतम 30 दिन चले। कुछ का रिकॉर्ड अच्छा है। असीमित न हो अधिकार एक प्रश्न के उत्तर में बिरला ने कहा कि स्पीकरों के अधिकारों पर भी कई बैठकों में चर्चा हुई है। वे चाहते हैं कि स्पीकर के अधिकार असीमित नहीं होने चाहिए। पेपरलेस सदन बिरला ने कहा,संसद के अलावा सभी विधानसभाओं को पेपरलेस बनाया जा चुका है। अनेक विधानसभाओं की कार्यवाही यूट्यूब पर लाइव भी हो रही है। इसी साल सभी विधानसभाओं का पूरी तरह से डिजिटलीकरण हो जाएगा। महाभियोग पर रिपोर्ट का इंतजार जस्टिस वर्मा के खिलाफ लाए गए महाभियोग पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट को लेकर ओम बिरला ने कहा कि समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही रिपोर्ट आएगी उस पर आगे बढ़ा जाएगा। बजट सत्र में महाभियोग पर अभी कह नहीं सकते।

मंत्री सारंग ने कहा, दिव्यांगजन स्पर्श मेला सामाजिक बदलाव में अहम कदम

दिव्यांगजन स्पर्श मेला सामाजिक दृष्टिकोण बदलाव में सार्थक पहल : मंत्री सारंग तीन दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेले का शुभारंभ सांस्कृतिक, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों का होगा संगम भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि सामाजिक न्याय विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला, सामाजिक दृष्टिकोण के बदलाव में एक सार्थक पहल होगा। इस तरह के आयोजन दिव्यांगजनों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं। इसके साथ ही समाज की इस वर्ग के प्रति सकारात्मक सोच  को बढ़ाते हैं। उन्होंने यह बात पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक संस्थान के सभागार में तीन दिवसीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला के शुभारंभ अवसर पर कहीं। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम परिषद किशन सूर्यवंशी भी उपस्थित थे। मंत्री सारंग ने कहा कि स्पर्श मेला एक संवेदनशील पहल है इस तरह के आयोजनों से दिव्यांगजनों में समानता की भावना का संचार होता है। उन्होंने कहा कि स्पर्श मेले से दिव्यांगजन के मन, मस्तिष्क को नवीन ऊर्जा मिलेगी। शारीरिक कमी उनके आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तित्व के विकास में बाधक नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ही विजन है कि उन्होंने नि:शक्तजनों को एक नया शब्द दिव्यांगजन देकर उनके प्रति सामाजिक सोच में बदलाव दिलाया है। सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर समाज के कमजोर वर्ग को मुख्य धारा से जोड़ने के लिये लगातार प्रयास कर रहा हैं। उन्होंने दिव्यांग स्पर्श मेले में दिव्यांग कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स और अन्य दैनिक उपयोग के उत्पादन की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों द्वारा पैरा-ओलम्पिक गेम्स में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश को नहीं पहचान दिलाई है। उन्होंने इस तरह के आयोजन जिला और संभाग पर भी करने की सलाह सामाजिक न्याय विभाग को दी। मंत्री सारंग ने कहा कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा भी दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए लगातार अवसर और प्रोत्साहन दिया जाता रहेगा। महापौर श्रीमती मालती राय ने स्पर्श मेले का आयोजन के लिए सामाजिक न्याय विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्पर्श मेले दिव्यांग बच्चों के प्रतिभाओं को दिखाने का एक अच्छा प्लेटफार्म बनेगा। उन्होंने इस तरह के आयोजन, हर स्तर पर किए जाने की आवश्यकता जताई। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली वांयगणकर ने बताया की 21 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित किए जाने वाले दिव्यांग स्पर्श मेले में प्रदेश के सभी शासकीय और अशासकीय दिव्यांग स्कूलों के बच्चों को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि स्पर्श मेले में दिव्यांगजनों की सांस्कृतिक, खेलकूद एवं रचनात्मक प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इन खेल प्रतियोगिताओं इनडोर और आउटडोर खेल होंगे। इसमें क्रिकेट, दौड़ और फन गेम्स तथा सायंकाल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, 23 जनवरी को विजेताओं को पुरस्कार वितरण के साथ समापन होगा स्पर्श मेले में दिव्यांग कलाकारों के उत्पादों को मिली सराहना तीन दिवसीय मेले में प्रदेश से दिव्यांग कलाकारों की और संस्थाओं की प्रदर्शनी लगाई गई है। मंत्री सारंग ने कलाकारों के बेहतरीन उत्पादों के प्रदर्शन के लिये सराहा। इनमें इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और भोपाल से आये कलाकार सम्मिलित है। दिव्यांग क्रिकेट मैच का शुभारंभ स्पर्श मेले में दिव्यांग खिलाड़ियों के उद्घाटन मैच इंदौर और भोपाल के बीच खेला गया, दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के विधायक भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, पार्षद डॉ. रेहना ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया तथा विधायक सबवानी ने बैटिंग कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।

सौंदर्य समस्याओं के स्मार्ट साल्यूशन

ड्राई स्किन को साफ्ट और स्मूद बनाने के लिए स्नान करने के बाद मलाई में केसर मिक्स करके उसे पूरे शरीर पर लगाकर अच्छे से मसाज करें। इसके स्थान पर आप माइश्चराइजर का प्रयोग भी कर सकती हैं। इसका प्रयोग आपकी स्किन की नमी को स्थापित रखने में अत्यंत उपयोगी है। वैक्सिंग के उपरांत प्रायः महिलाओं को स्किन पर रेडनेस व जलन की समस्या उत्पन्न हो जाती है। आपको यह समस्या उत्पन्न न हो इसके लिए आप जब भी वैक्सिंग कराए तो किसी अनुभवी ब्यूटीशियन से ही कराएं, वहीं वैक्सिंग करने के उपरांत स्किन की आइसिंग अवश्य करें, साथ ही काटन की सहायता से रैडनेस और जलन वाले स्थान पर ऐस्ट्रिजेंट का प्रयोग करें। स्किन को दाग-धब्बों से मुक्त बनाने के लिए रात को सोने से पूर्व पुदीने की पत्तियों को पीसकर उसका मिश्रण स्किन पर पैक की भांति लगभग बीस मिनट तक लगा कर रखें, तदुपरांत साफ पानी से धो लें, इसका प्रयोग स्किन को क्लीन और अट्रैक्टिव बनाता है। हल्दी के साथ चंदन को मिक्स करके उसका लेप चेहरे पर लगभग बीस मिनट के लिए लगाकर रखें, इसके प्रयोग से चेहरे के दाग-धब्बों के साथ एक्ने की समस्या का भी समाधान होता है। काले अंडर आर्म्स की समस्या के समाधान के लिए नींबू के रस में चुटकी भर हल्दी और थोड़ा सा बेसन मिक्स करके पेस्ट बना लें और उक्त मिश्रण को सूखने तक लगाकर रखे फिर हल्के हाथों से रगड़ कर साफ कर लें, ये प्रक्रिया सप्ताह में में दो से तीन बार करें, लाभ होगा। एक्नेयुक्त स्किन पर चंदन की लकड़ी को घिसकर उस मिश्रण को स्किन पर पैक की भांति लगाएं, इसके प्रयोग से जहां एक्ने की समस्या का समाधान होगा वहीं रंगत में भी आकर्षक निखार आएगा।  

राजस्थान के CRPF इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा छत्तीसगढ़ में पेट्रोलिंग ड्यूटी के दौरान शहीद

टोंक. राजस्थान के टोंक जिले के सीआरपीएफ इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा छत्तीसगढ़ में शहीद हो गए। घाड़ पंचायत के दौलतपुरा निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर भंवरलाल (54) पुत्र चतरा मीणा के निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। भंवरलाल की पार्थिव देह बुधवार सुबह विमान से जयपुर लाई गई, जहां से सेना के जवानों का काफिला सड़क मार्ग से टोंक के लिए रवाना हुआ। पार्थिव देह को घाड़ थाने लाया जाएगा, जहां से डेढ़ किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद गांव दौलतपुरा में भंवरलाल मीणा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल जवान की शहादत की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। घर में कोहराम मचा हुआ है। मंगलवार रात से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित उनके आवास पर पहुंच रहे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। बिलखते हुए उनकी पत्नी ने कहा कि वे अगले महीने एक महीने की छुट्टी लेकर घर आने वाले थे। 19 जनवरी की रात को उनसे फोन पर बात हुई थी। तब उन्होंने कहा कि था इसी साल बेटे की शादी करनी है। छुट्टी पर आने के बाद लड़की देखकर सगाई कर देंगे। पेट्रोलिंग के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार दौलतपुरा गांव निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर भंवरलाल (54) पुत्र चतरा मीणा मंगलवार को छत्तीसगढ़ में पेट्रोलिंग ड्यूटी के दौरान बाइक समेत खाई में गिर गए थे। साथियों ने उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका निधन हो गया। दोपहर में मोबाइल के जरिए इस दुखद सूचना से परिजनों को अवगत कराया गया। सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन में थे तैनात भंवरलाल मीणा ने अपने करियर की शुरुआत सिपाही पद से की थी और मेहनत व समर्पण के बल पर इंस्पेक्टर पद तक पहुंचे। वे वर्तमान में छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन में तैनात थे। भंवरलाल के बड़े भाई श्योजीराम मीणा का पहले निधन हो चुका है। बेटा लालाराम मीणा पंजाब में आर्मी में जवान है।

खेल हो या राजनीति सभी को हमेशा हार को जीत में बदलने के लिये एक आखरी दाव बचा कर रखना चाहिये : विधायक गोपालसिंह इंजीनियर

गुरु हनुमान व्यायाम शाला कोठारी द्वारा आयोजित विशाल राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता सम्पन्न,यूपी के शाकिर नूर पहलवान ने जीता 51 हजार का प्रथम पुरुष्कार आष्टा   मध्य प्रदेश के आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने व्यायामशाला के लिये 6 लाख की राशि देने की घोषणा का पहलवानों ने किया गया स्वागत। पहलवानों का ग्राम से अपनी एक अलग ही पहचान रखने वाले ग्राम कोठरी में लम्बे अंतराल के बाद गुरु हनुमान व्यायाम शाला द्वारा एक भव्य राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्तर की दंगल कुश्ती प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से नामी पहलवानों ने भाग लिया और शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया। राष्ट्रीय दंगल प्रतियोगिता  कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद कोठरी की अध्यक्ष श्रीमती नगीना  राधेश्याम दलपति ने की । कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पूर्व विधायक रघुनाथसिंह मालवीय, इछावर विधानसभा के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल,वरिष्ठ समाजसेवी जगदीश पटेल, धार्मिक गुरु श्री उत्तम दास जी महाराज (रामकुटी), पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रुपेश पटेल, खेल एवं युवक कल्याण समन्वयक जितेंद्र आज़ाद, जिला कुश्ती संघ अध्यक्ष विनय भटेले मंचासीन उपस्तिथ रहे। राष्ट्रीय दंगल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा की कोठरी जो कि पहलवानों के साथ अच्छे अच्छे खिलाड़ियों का ग्राम है । कोठरी के जहूर भाई, मोहन पहलवान ने राष्ट्रीय स्तर तक कोठरी का नाम रोशन किया है । कोठरी में एक सुविधायुक्त व्यायामशाला की आवश्यकता है,अध्यक्ष जी भी अभी यही बात कह रहे थे । सभी की मांग एवं भावना के अनुरूप विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कोठरी में एक सर्वसुविधायुक्त व्यायामशाला के निर्माण हेतु 6 लाख रुपये देने की घोषणा की एवं आज आयोजित राष्ट्रीय दंगल कार्यक्रम के लिये 25 हजार की राशि अलग से देने की भी घोषणा की । विधायक ने कहा की जब यहा के पहलवानों को व्यायामशाला के रूप में अपनी प्रतिभा को उभारने के लिये एक सुविधायुक्त स्थल मिलेगा तब निश्चित यहा से अच्छे पहलवान राष्ट्रीय स्तर तक पहुचेंगे । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने इस अवसर पर एक गुरु मंत्र भी दिया उन्होंने कहा कुश्ती हो या राजनीति या अन्य क्षेत्र सभी को जीवन में भी ओर खेलो में भी सभी दाव एक साथ उपयोग नही करना चाहिये । एक आखरी दाव हमेशा बचा कर रखना चाहिये ताकि आखरी में उस दाव को अजमाकर  हारी हुई बाजी को जीत में बदला जा सके । हमारी नप कोठरी किसी से कम नही है हमारा कोठरी ग्राम हर क्षेत्र में आगे है । राष्ट्रीय दंगल का आयोजन महेंद्र दलपति के नेतृत्व में आयोजित किया गया । कार्यक्रम का संचालन नगर परिषद कोठरी के उपाध्यक्ष प्रतिनिधि युवराज सिंह चंद्रवंशी द्वारा किया गया। कुश्ती प्रतियोगिता में रेफरी की भूमिका राजू पहलवान (सीहोर), अजय बिसोरिया (सीहोर) एवं शंभू पहलवान (देवास) ने निभाई। कुश्ती प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे । प्रथम पुरस्कार (₹51,000) का शाकिर नूर पहलवान (मेरठ, उत्तर प्रदेश) ने मान पहलवान (पंजाब) को पराजित कर विजय जीता । द्वितीय पुरस्कार (₹31,000) का राजा पिल्लर (कोठरी, मध्य प्रदेश) ने श्याम पहलवान (मथुरा, उत्तर प्रदेश) को हराकर जीता । तृतीय पुरस्कार (₹21,000) का  बलवान पहलवान (दिल्ली) ने नकुल पहलवान (फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश) को पराजित कर जीता । अन्य कुश्ती जोड़ में कोठरी के निखिल पहलवान, अमन पहलवान, तनिष्क पहलवान, महेंद्र पहलवान, रूपेश पहलवान, गोलू पहलवान, राजेश पहलवान, करण पहलवान एवं सुमित ठाकुर पहलवान ने विजय प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया। व्यायाम शाला के उस्ताद अर्जुन प्रजापति, गोविंद सिंह मेचन,सदस्य मिथुन पडियार, राजेश पड़ियार एवं समस्त नगरवासियों का सराहनीय सहयोग रहा। आयोजन समिति एवं विधायक गोपालसिंह इंजीनियर द्वारा भविष्य में भी खेलों को प्रोत्साहन देने एवं अन्य खिलाड़ियों की हर संभव सहायता किए जाने का आश्वासन दिया गया,जिससे क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके ओर जिससे कोठरी क्षेत्र  एवं सीहोर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर  रोशन हो सके ।

राजगीर के जू सफारी में ठंड से राहत पाने सनबाथ करते दिखे शेर-बाघ-भालू

राजगीर. इन दिनों वाइल्ड लाइफ जू सफारी के विभिन्न जंगली जानवरों को जनवरी माह के सर्द गुलाबी ठंड में सनबाथ के साथ मखमली धूप सेंकते देखा जा सकता है। सनबाथ के दौरान शेर, बाघ, तेंदुआ, भालू और विभिन्न प्रजातियों के हिरणों के झूंडों का विहंगम दृश्य जू सफारी के आकर्षण में चार चांद लगा रहा है। प्रजनन, रेस्क्यू प्रक्रिया सह अनुकूल जलवायु से सफारी में जंगली जानवरों की संख्या में वृद्धि हो रही है तो वहीं शेर और दुर्लभ ब्लैक बक हिरणों के प्रजनन से वाइल्ड लाइफ जू सफारी जैव विविधता का सशक्त उदाहरण भी बन रहा है। मौसम का लुत्फ ले रहे जानवर गुनगुनी धूप में सनबाथ का आनन्द इन जानवरों को इतना बेफिक्र बना दिया है कि, आस पास से गुजरती पर्यटकों से भरी सफारी बस को नजरअंदाज करते दिख रहे हैं। वहीं शेर अपने परिवार तो भालू अपने साथियों के साथ बड़े मजे से इस मौसम का लुत्फ ले रहे हैं। पंच पर्वतीय वनक्षेत्र श्रृंखला की गोद में वाइल्ड लाइफ सेंचुरी राजगीर स्थित जू सफारी जैव विविधता संरक्षण का केंद्र बन रहा है। जहां जनन-प्रजनन, रेस्क्यू प्रक्रिया सह अनुकूलन वातावरण से सफारी में जंगली जानवरों की संख्या में वृद्धि हो रही है।  हिरणों की संख्या में बढ़ोतरी पिछले वर्ष 2024 जनवरी में ब्लैक बक (काला हिरण) के शावक, तो वर्ष 2025 को नए मेहमानों में तेंदुआ शावक के रूप में दो शावकों को वाइल्ड लाइफ जू सफारी इनक्लोजर में छोड़ा गया है। इसी प्रकार से विभिन्न प्रजातियों के हिरणों में जारी प्रजनन से इन हिरणों की संख्या भी तेजी बढ़ रही है। जिसमें वाइल्ड लाइफ जू सफारी प्रबंधन द्वारा अनुकूलन वातावरण सह संरक्षण की अहम भूमिका है। इस अनुकूल वातावरण में इन दिनों धूप सेंकते हिरणों के झुंड का विहंगम दृश्य सफारी भ्रमण को नयनाभिराम बना रही है। मादा तेंदुए ने दो शावकों को दिया जन्म बता दें कि बीते वर्ष 2023 के 04 सितंबर को बेतिया नामक मादा तेंदुए ने दो में से एक नर तो दूसरा मादा शावकों को जन्म दिया था। जन्म के वर्ष भर बाद इन दोनों शावकों को जू सफारी के इनक्लोजर में उतारा गया है। जहां इन दोनों की मासूमियत भरी अठखेलियां पर्यटकों का भरपूर मनोरंजन कर रही है। अब जू सफारी के कार्निवरस (मांसाहारी) तथा हार्वीवरस (शाकाहारी) सफारी में जंगली जानवरों में प्रजनन से राजगीर वन्य प्राणी आश्रयणी सह अभयारण्य में बायोडायवर्सिटी यानी जैव विविधता प्रणाली बेहद मजबूत हो रहा है। बियर सफारी में भालुओं की 10 बता दें कि सफारी के पांच विभिन्न जंगली जानवरों में बियर सफारी में भालुओं की संख्या अभी 10 है। इन स्लाॅथ प्रजाति के भालुओं को तमाशे वाले मदारी से रेस्क्यू कर तथा पटना जू से यहां लाया गया है। जिसमें भालूओं में भोला, पवन, ब्रज, बुद्धन नामक नर तथा सुंदरी, पवनी, नूर व बुद्धनी नामक मादा भालूओं को जोड़कर इनकी संख्या कुल 10 हो गई है। बाघ की संख्या पांच जबकि लेपर्ड सफारी में विराट, लैला व सुल्तान नामक तीन वयस्क तेंदुआ व दो शावको से तेंदुआ सफारी में इनकी संख्या पांच हो गई है। जबकि टाईगर सफारी में बाघ, बघीरा व अर्जुन नामक नर तथा स्वर्णा एवं देवी नामक मादा बाघ से इनकी संख्या पांच है। वहीं लायन सफारी में विशाल नामक नर तथा एल-वन, एल-टू तथा एल-फाइव नामक तीन मादा शेरनियां और दो शावकों को मिलाकर शेर नौ की संख्या में हैं। ब्लैक बक की संख्या अब 10 वहीं हार्वीवरस (शाकाहारी) सफारी में विभिन्न हिरणों की संख्या लगभग साढ़े चार सौ से अधिक हो गई है। जिनमें ब्लैक बक नामक दुर्लभ हिरणों में नया मेहमान ब्लैक बक (कृष्ण मृग या काला हिरण) का नवजात (फाॅन) बच्चा भी आकर्षण का केंद्र है। इसके शिकार का मामला बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़ा रहा है। ब्लैक बक की संख्या अब 10 हो गई है। पर्वतीय वनक्षेत्र की गोद में बसे वाइल्डलाइफ जू सफारी अनोखा दिखने के साथ उन्मुक्त वातावरण और उसमें उन्मुक्त विचरण करते विभिन्न प्रजातियों के हिरणों का झूंड वाला यह, नयनाभिराम दृश्य पर्यटकों को काफी लुभा रही है। वाईल्ड लाईफ जू सफारी में विभिन्न वन्यजीव जन्तुओं के सफारी के आंकड़े- 20.54 हेक्टेयर में शेर सफारी 20.50 हेक्टेयर में बाघ सफारी 20.63 हेक्टेयर में तेंदुआ सफारी 20.60 हेक्टेयर में भालू सफारी 45.62 हेक्टेयर में क्रमश: हिरण, चित्तल व सांभर का हाॅर्विवरस सफारी 10.74 हेक्टेयर में विश्व के विभिन्न प्रजातियों के चिड़ियों का वर्ड एवियरी

विश्व रिकॉर्ड की धनी प्राची धबेल, एमपी से हार्वर्ड तक छाया नाम

भोपाल  नवाचार अक्सर पहले से मौजूद मान्यताओं पर प्रश्न उठाने से शुरू होता है। मध्य प्रदेश की बेटी और कलाकार प्राची धाबेल देब के लिए इसका अर्थ था सदियों पुराने एक माध्यम को नए सिरे से सोचना और उसकी पारंपरिक सीमाओं से आगे ले जाना। हाल ही में ऑक्सफोर्ड सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज में एसोसिएट आर्टिस्ट के रूप में नियुक्त प्राची, ऑक्सफोर्ड में अकादमिक सांस्कृतिक नियुक्ति पाने वाली पहली भारतीय रॉयल आइसिंग कलाकार बन गई हैं। आइए जानते हैं कौन हैं प्राची धबेल देब? रॉयल आइसिंग अपनी तकनीकी जटिलता और सीमित लचीलापन के लिए जानी जाती है। प्राची ने सालों के प्रयोग और शोध के माध्यम से इन सीमाओं को चुनौती दी और एक शाकाहारी (वीगन) रॉयल आइसिंग फॉर्मूला विकसित किया, जिसमें पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होने वाले अंडे की सफेदी पर निर्भरता समाप्त हो गई। इस महत्वपूर्ण नवाचार ने उन्हें बड़े पैमाने की इंस्टॉलेशन कृतियाँ बनाने की स्वतंत्रता दी, साथ ही उनके कार्य को नैतिक और आधुनिक मूल्यों के अनुरूप भी बनाया। कौन हैं प्राची धबेल मध्य प्रदेश के रीवा में जन्मीं देब की परवरिश देहरादून, उत्तराखंड में हुई और उन्होंने अपनी स्कूलिंग कोलकाता में पूरी की। वह पिछले 13-14 सालों से पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में रह रही हैं और इसे अपनी कर्मभूमि कहती हैं। 36 साल की देब ने बताया कि उन्हें इस इंडस्ट्री में आए 10 साल हो गए हैं। मैं एक आर्टिस्ट के तौर पर अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाना चाहती थी और दूसरों के लिए प्रेरणा बनना चाहती थी। जिस फील्ड को लेकर मैं इतनी पैशनेट हूं, उसमें अपने काम के लिए पहचान मिलना मेरे लिए सम्मान की बात है। देब की बनाई हुई चीजें मिलान कैथेड्रल से प्रेरित 100 किलो का वीगन खाने लायक रॉयल आइसिंग स्ट्रक्चर को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, यूके में शामिल किया गया है। उनके नाम सबसे ज्यादा वीगन रॉयल आइसिंग स्ट्रक्चर बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है, और वीगन रॉयल आइसिंग से बनाया गया भारतीय महल जैसा 200 किलो का खाने लायक स्ट्रक्चर भी है। भारतीय वास्तुकला, पवित्र ज्यामितीय आकृतियों और सांस्कृतिक प्रतीकों से प्रेरित उनकी खाद्य कलाकृतियाँ अक्सर महीनों की योजना के बाद आकार लेती हैं। इनमें से कुछ इंस्टॉलेशन सैकड़ों किलोग्राम वजन की होती हैं, जिनमें कलात्मक दृष्टि के साथ-साथ इंजीनियरिंग की सटीकता भी दिखाई देती है। अपने व्यक्तिगत कार्यों से आगे बढ़कर, प्राची ने वैश्विक शुगर आर्ट समुदाय में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं, उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं, प्रमुख प्रतियोगिताओं में निर्णायक के रूप में कार्य किया है और विभिन्न देशों में उभरते कलाकारों का मार्गदर्शन किया है। ऑक्सफोर्ड में उनकी नियुक्ति इस व्यापक बदलाव को दर्शाती है कि नवाचार को अब केवल तकनीक के संदर्भ में नहीं, बल्कि रचनात्मकता, प्रक्रिया और सांस्कृतिक सोच के रूप में भी देखा जा रहा है। अपनी नई भूमिका में प्राची विरासत, नवाचार और कला की बदलती परिभाषा पर होने वाली चर्चाओं में योगदान देंगी। उनकी कहानी यह दिखाती है कि परंपरा में निहित, सोच-समझकर किया गया नवाचार किस तरह उन क्षेत्रों में भी वैश्विक मंच के द्वार खोल सकता है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

पीएम मोदी की पतंग पर उठे सवाल, एआई वीडियो मामले में रिंकू सिंह की बहन ने सार्वजनिक रूप से मांगी माफी

अलीगढ़ भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह द्वारा डाली गई भगवान की एआई वीडियो को डिलीट कर दिया गया है। उनकी बहन नेहा सिंह ने रिंकू और खुद माफी मांगते पीएम मोदी के भगवान हनुमान वाली पतंग उड़ाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने ट्रोल और शिकायत दर्ज कराने वालों से पूछा कि इस पर कोई क्यों नहीं बोलता है। भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य क्रिकेटर रिंकू सिंह की ओर से इंटरनेट मीडिया पर की पोस्ट को लेकर विवाद बढ़ने लगा। करणी सेना के पदाधिकारियों ने सासनी गेट थाने में तहरीर देकर रिंकू सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। रिंकू सिंह ने इंटरनेट मीडिया पर देवी-देवताओं की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए बनाई वीडियो पोस्ट की है। इसमें दिखाया गया है कि रिंकू सिंह मैदान पर लगातार छक्के मारते जा रहे हैं। उस पर लिखकर आ रहा है कि तुमको सफलता किसने दिलाई? उसमें हनुमानजी काला चश्मा लगाकर कार चलाते दिखाए गए, उनके बराबर में भगवान शिव काला चश्मा लगाए बैठे व पीछे अन्य भगवान काला चश्मा पहने दिखाए गए हैं। उनकी बहन नेहा सिंह ने वीडियो डिलीट करने के बाद माफी मांगी है। पीएम मोदी की क्यों नहीं की शिकायत रिंकू सिंह की नेहा सिंह ने सोशल मीडिया पर शाम को एक पोस्ट पोस्ट किया। जिसमें रिंकू सिंह द्वारा अपलोड वीडियो की फोटो और पीएम मोदी द्वारा भगवान हनुमान की पतंग उठाने की फोटो को मर्ज किया गया है। नेहा ने सवाल उठाते हुए लिखा कि शिकायत करने वाले इस फोटो पर क्यों चुप हैं। उनका इशारा पीएम मोदी के खिलाफ शिकायत क्यों नहीं कराते। नेहा की पोस्ट पर भाई के प्रशंसकों का समर्थन मिल रहा है।