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‘फैमिलीवाला’ की शूटिंग शुरू, सुमन घोष फिर संभालेंगे निर्देशन की कमान

मुंबई,  फिल्मकार सुमन घोष ने अपनी अगली फीचर फिल्म 'फैमिलीवाला' की शूटिंग शुरू कर दी है। यह फिल्म उनके लिए विंडोज प्रोडक्शंस के साथ पहला सहयोग है, वह भी ऐसे समय में, जब यह प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस फिल्म इंडस्ट्री में अपने 25 शानदार वर्षों का जश्न मना रहा है। कॉमेडी-फैमिली ड्रामा 'फैमिलीवाला' को माया लीला फिल्म्स के द्वारा सह-निर्मित किया जा रहा है और यह रोज़मर्रा के पारिवारिक जीवन में रचे-बसे हास्य और भावनाओं का सजीव चित्रण प्रस्तुत करने का वादा करती है। इस फिल्म में शिबोप्रसाद मुखर्जी मुख्य भूमिका में नज़र आएँगे। उनके साथ एक सशक्त कलाकारों की टोली भी है, जिसमें स्वस्तिका मुखर्जी, सुदीप्ता चक्रवर्ती और अनुशुआ मजूमदार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में शामिल हैं। खास बात यह है कि स्वस्तिका मुखर्जी और सुदीप्ता चक्रवर्ती, दोनों ही इस फिल्म के माध्यम से पहली बार विंडोज़ प्रोडक्शंस के साथ जुड़ रही हैं। विंडोज़ प्रोडक्शंस की भावनात्मक रूप से समृद्ध और आम ज़िंदगी से जुड़ी कहानियों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, 'फैमिलीवाला' पारिवारिक रिश्तों की बारीकियों को गर्मजोशी और हास्य के साथ पेश करती है। यह फिल्म निर्देशक सुमन घोष के लिए विशेष महत्व रखती है। एक ओर यह उनका इस बैनर के साथ पहला सहयोग है, वहीं दूसरी ओर यह उस टीम के साथ एक रचनात्मक जुड़ाव है, जिसकी वे लंबे समय से सराहना करते आए हैं। सुमन घोष ने कहा, "विंडोज़ के साथ पहली बार काम करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। 'फैमिलीवाला' एक हल्की-फुल्की पारिवारिक फिल्म है और मैं चाहता था कि शिबोप्रसाद को दिया गया किरदार उनके अभिनय की ताकत को पूरी तरह उभार सके। विंडोज़ के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर हमें उम्मीद है कि यह फिल्म उनकी शानदार सिनेमाई यात्रा में एक गर्मजोशी भरा और यादगार अध्याय जोड़ेगी।" वहीं, शिबोप्रसाद मुखर्जी ने कहा, "दिसंबर 2024 मेरे लिए खास था। 'बोहुरूपी' तब भी सिनेमाघरों में चल रही थी, तभी एक दिन सुमन दा ने कहा कि उनके घर पर कोई मेरा इंतज़ार कर रहा है। उस दिन माशीमा से हुई मुलाकात से एक खूबसूरत रिश्ते की शुरुआत हुई। उन्होंने पहले ही हमारी सभी फिल्में देख रखी थीं और हमारे काम के जरिए हमें पसंद किया था। उसी पहली मुलाकात में मुझे महसूस हुआ कि मैं उनके परिवार का हिस्सा बन गया हूँ। मेरे लिए 'फैमिलीवाला' यहीं से शुरू हुई। कई वर्षों बाद यह पहली बार है, जब मैं विंडोज़ के लिए किसी और निर्देशक की सोच के तहत काम कर रहा हूँ और इसके लिए मैं सुमन दा का आभारी हूँ। 'फैमिलीवाला' में मेरा किरदार किसी भी अभिनेता के लिए जीवन भर याद रहने वाला है। लिली चक्रवर्ती, अनुशुआ मजूमदार, स्वस्तिका मुखर्जी और सुदीप्ता चक्रवर्ती जैसे कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा करना मेरे लिए सम्मान की बात है। आज जब 'फैमिलीवाला' की शूटिंग शुरू हो रही है, मैं सबके आशीर्वाद और शुभकामनाओं के साथ इस सफर पर कदम रख रहा हूँ।"  

अजित पवार की मौत पर उठे सवाल: संजय राउत बोले– सहानुभूति नहीं, सच्चाई चाहिए

मुंबई महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और कद्दावर नेता अजित पवार का बुधवार को बारामती एयरपोर्ट पर एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। वह जिला परिषद चुनावों के लिए एक सार्वजनिक रैली में शामिल होने के लिए बारामती जा रहे थे। यह खबर सामने आते ही न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। आज बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस बीच शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने घटना की जांच की मांग की है। संजय राउत की मांग: सिर्फ संवेदनाएं काफी नहीं संजय राउत ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अजित पवार जैसे बड़े और लोकप्रिय नेता की मौत महज एक 'हादसा' कहकर नहीं छोड़ी जा सकती। उन्होंने मांग की कि इस दुर्घटना की पूरी और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह विमान की तकनीकी खराबी थी, रडार की विफलता थी या एयरपोर्ट मैनेजमेंट की कोई चूक? उन्होंने कहा- सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके। राउत ने अहमदाबाद में हुए पिछले विमान हादसों का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या उन जांचों से कभी कुछ हासिल हुआ? उन्होंने जोर देकर कहा कि जड़ तक जाना जरूरी है। संजय राउत ने कहा- अजित पवार महाराष्ट्र के एक कद्दावर और लोकप्रिय नेता थे। पूरा देश सदमे में है। सिर्फ संवेदना जताने से क्या होगा? अगर यह तकनीकी खराबी थी, तो हमें इसका मूल कारण जानना ही होगा। प्रशासन और पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। ब्लैक बॉक्स बरामद जांच अधिकारियों ने दुर्घटना स्थल से वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) बरामद कर लिया है। इससे विमान के अंतिम क्षणों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। पुणे ग्रामीण पुलिस ने बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और अन्य तकनीकी टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या दुर्घटना मानवीय चूक के कारण हुई या किसी यांत्रिक विफलता के कारण। अजित पवार का जाना महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसे शून्य को छोड़ गया है जिसे भरना मुश्किल होगा। उनके राजनीतिक करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उनकी प्रशासनिक पकड़ और जमीनी लोकप्रियता हमेशा बनी रही।  

दिल्ली की ओर कदम? राज्यसभा से राजेन्द्र राठौड़ और सतीश पूनिया की एंट्री की अटकलें

जयपुर. राजस्थान की राजनीति में इस वक्त राजेंद्र राठौड़ और सतीश पूनिया के भविष्य को लेकर जो अटकलें हैं, उन्हें जून 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनाव एक तार्किक अंजाम दे सकते हैं। इस पूरी राजनीतिक बिसात को अगर एक मुकम्मल रिपोर्ट के रूप में देखें, तो तस्वीर काफी साफ नजर आती है। ​राजस्थान बीजेपी में इन दिनों जो सन्नाटा दिख रहा है, वह असल में 'तूफान से पहले की शांति' है। राजेंद्र राठौड़ और सतीश पूनिया जैसे कद्दावर नेताओं का फिलहाल पदविहीन होना कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। पार्टी आलाकमान इन दोनों चेहरों को किसी जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सही समय पर सही जगह फिट करने के 'होल्डिंग पैटर्न' पर रखे हुए है। ​इस पूरी बिसात में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ जून 2026 में आने वाला है, जब राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटें (नीरज डांगी-कांग्रेस, राजेंद्र गहलोत-बीजेपी और रवनीत सिंह बिट्टू-बीजेपी) खाली हो रही हैं। विधानसभा में बीजेपी के पास 115 से ज्यादा विधायकों का मजबूत बहुमत है, जिसके चलते इन तीन में से दो सीटों पर बीजेपी की जीत पूरी तरह सुनिश्चित है। लेकिन सियासी गलियारों में चर्चा यह भी है कि पार्टी अपनी घेराबंदी इस तरह कर सकती है कि तीसरी सीट पर भी कब्जा कर लिया जाए, जो कोई बड़ी हैरानी की बात नहीं होगी। ​यही वह मौका है जब राजेंद्र राठौड़ की 'दिल्ली रवानगी' को एक औपचारिक मुहर मिल सकती है। राठौड़ का विशाल संसदीय अनुभव और सदन की बारीकियों पर उनकी पकड़ उन्हें राज्यसभा के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार बनाती है। उन्हें राज्यसभा भेजकर पार्टी न केवल उनके कद का सम्मान करेगी, बल्कि दिल्ली में एक प्रखर वक्ता के रूप में उनका उपयोग भी कर पाएगी। इससे राज्य की आंतरिक राजनीति में भी एक संतुलन बना रहेगा। ​दूसरी ओर, सतीश पूनिया का भविष्य भी इसी बड़े बदलाव से जुड़ा है। हालांकि मदन राठौड़ अभी प्रदेशाध्यक्ष के रूप में मुख्यमंत्री के साथ बेहतर तालमेल बिठा रहे हैं, लेकिन पूनिया की संगठनात्मक क्षमता को दिल्ली नजरअंदाज नहीं कर सकती। पार्टी उन्हें राजस्थान के अध्यक्ष की कुर्सी पर दोबारा बैठाने के बजाय राष्ट्रीय महासचिव या किसी बड़े राज्य के प्रभारी जैसी 'नेशनल रोल' वाली भूमिका में देख रही है।  जून 2026 के समीकरणों में अगर पार्टी तीसरी सीट पर भी दांव खेलती है, तो पूनिया के लिए भी उच्च सदन के दरवाजे खुल सकते हैं, जिससे उन्हें एक 'राष्ट्रीय जाट चेहरे' के रूप में स्थापित किया जा सके। ​जमीन पर कार्यकर्ताओं के बीच संदेश साफ है कि बीजेपी अपने इन दोनों दिग्गजों को 'आउट' नहीं कर रही, बल्कि 2029 की बड़ी जंग के लिए तैयार कर रही है। जून 2026 का राज्यसभा चुनाव वह निर्णायक समय होगा जब इन दोनों नेताओं की 'होल्डिंग' खत्म होगी और वे एक नई और बड़ी भूमिका में नजर आएंगे। तब तक की यह खामोशी केवल उस रणनीति का हिस्सा है जिसे बिना किसी शोर-शराबे और बिना किसी 'ट्रेलर' के सीधे नामांकन के साथ दुनिया के सामने लाया जाएगा।

झारखंड में फिल्म शोले जैसे टावर पर चढ़कर बोला- कूदकर मर जाऊंगा

बोकारो. झारखंड में एक सीन को देखकर फिल्म शोले की याद आ गई। प्यार में असफल होने पर एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़कर सुसाइड करने की धमकी देने लगा। पुलिस ने करीब दो घंटे तक समझाने-बुझाने के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। वह अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने यहां आया था, लेकिन उसके परिवार ने मिलने की इजाजत नहीं दी। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि मध्य प्रदेश का एक युवक झारखंड के बोकारो जिले में 150 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। प्यार में असफल होने के कारण वह टावर से कूदकर सुसाइड करने की धमकी देने लगा। यह घटना बुधवार को हरला थाना क्षेत्र के बसंती मोड़ पर घटी। पुलिस ने बताया कि युवक की पहचान भोजराज चंदेल के रूप में हुई है। वह मध्य प्रदेश के गुना थाना क्षेत्र के जौहरी गांव का निवासी है। हरला थाना के प्रभारी खुर्शीद आलम ने बताया कि चंदेल को करीब दो घंटे तक समझाने-बुझाने के बाद सुरक्षित नीचे उतारा गया। चंदेल ने पुलिस को बताया कि वह पिछले चार सालों से हरला थाना क्षेत्र की एक महिला के साथ रिश्ते में था। युवक ने अधिकारियों को बताया कि उनकी जान-पहचान सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। वह उससे मिलने यहां आया था, लेकिन उसके परिवार ने मिलने की इजाजत नहीं दी। इस बीच, घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें वह युवक 'मैं मर जाऊंगा' कहते हुए सुनाई दे रहा है। हालांकि, पीटीआई वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद चंदेल बेहद परेशान था और मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसे बाद में पुलिस ने बचा लिया। पुलिस ने बताया कि उस युवक से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की जांच जारी है।

डिजिटल रिकॉर्ड की ओर तेज़ी: 6 माह में ऑनलाइन होंगे उप निबंधक कार्यालयों के पुराने दस्तावेज

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में उप निबंधक कार्यालयों में पंजीकृत पुराने दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन को लेकर योगी सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में वर्ष 2002 से 2017 तक पंजीकृत विलेखों की स्कैनिंग व इंडेक्सिंग की परियोजना अवधि को अगले 6 माह तक बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई है। यह परियोजना पहले ही अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और इसके लिए सरकार ने किसी अतिरिक्त बजट की आवश्यकता नहीं बताई है। इस योजना को पहले वर्ष 2022 में 95 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई थी। बाद में व्यावहारिक कारणों से इसमें देरी होने पर जुलाई 2024 में परियोजना की अवधि बढ़ाते हुए कुल लागत 123.62 करोड़ रुपये कर दी गई थी। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंत तक इस योजना पर 109.05 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं और शेष कार्य उपलब्ध बजट में ही पूरा कर लिया जाएगा। 99% से अधिक इंडेक्सिंग, 98% स्कैनिंग पूरी प्रदेशभर में इस परियोजना के तहत इंडेक्सिंग का 99.11 प्रतिशत और स्कैनिंग का 98.37 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अधिकांश जिलों में यह कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। फिलहाल एटा, वाराणसी, मुरादाबाद, मैनपुरी, लखनऊ, अलीगढ़, हाथरस, आगरा, सहारनपुर व प्रयागराज में कुछ कार्य शेष है, जिसे अगले 6 माह में पूरा कर लिया जाएगा। दो स्तर पर हो रही जांच व सत्यापन डिजिटाइजेशन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हर दस्तावेज का दो स्तर पर सत्यापन किया जा रहा है। पहले स्तर पर सहायक महानिरीक्षक निबंधन द्वारा जांच की जा रही है, जबकि दूसरे स्तर पर मंडलों और वृत्तों के उप महानिरीक्षक निबंधन द्वारा पुनः परीक्षण किया जा रहा है। यह प्रक्रिया शत-प्रतिशत सत्यापन तक जारी रहेगी। पुराने दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन से कूटरचना व फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और जमीन-जायदाद से जुड़े रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित हो सकेंगे।

शास्त्री की ऐतिहासिक प्लेइंग-5 में रोहित नहीं! पूर्व कोच की पसंद ने छेड़ी नई बहस

नई दिल्ली भारत ने क्रिकेट को कई लीजेंड खिलाड़ी दिए हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने दशकों के हिसाब से वर्ल्ड क्रिकेट पर राज किया है। ऐसे में जब किसी से भारत के टॉप-5 खिलाड़ियों का चयन करने को कह दिया जाए तो यह उनसे लिए लगभग नामुमकिन सा काम होगा। मगर इस नामुमकिन काम को रवि शास्त्री ने संभव करके दिखाया है। उन्होंने हाल ही में भारत के टॉप-5 ऑल टाइम खिलाड़ियों का चयन किया है। हालांकि इस दौरान उन्होंने कई खिलाड़ियों को इस लिस्ट में जगह ना देकर उनके फैंस को निराश किया है।   रवि शास्त्री ने स्टिक टू क्रिकेट पर माइकल वॉन के सवाल का जवाब देते हुए कहा, “पक्का गावस्कर, हम शुरू करेंगे, 70s, कपिल, सचिन, विराट, पक्का। मैं उस दौर के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों को देख रहा हूं। मुश्किल है। बिशन बेदी भी होते, लेकिन, MS फिर से, MS आएंगे, और फिर बुमराह अभी भी यहां हैं। बुमराह जवान हैं। बुमराह के पास अभी भी क्रिकेट है। मैं उन लोगों की बात कर रहा हूं जिन्होंने लगभग अपना क्रिकेट खत्म कर लिया है। तो ये पांच होंगे।” शास्त्री ने अपने ऑल टाइम 5 भारतीय क्रिकेटर चुनते हुए कहा, “यह सनी, कपिल होंगे, तो मैं 70 के दशक में सनी, 80 के दशक में कपिल, 90 के दशक में सचिन फिर धोनी, विराट को चुन रहा हूं।” वहां मौजूद एलिस्टर कुक ने रवि शास्त्री से पूछा, ‘नंबर वन कौन है? गावस्कर, गॉडफादर?’ रवि शास्त्री ने जवाब में कहा, “मैं कहूंगा बैटिंग में। कपिल, वाह, शानदार क्रिकेटर। और मैं पूरे पैकेज को देखूं तो नंबर वन तेंदुलकर होंगे। उम्मीदों की वजह से, लंबे समय तक खेलने की वजह से, 24 साल तक गेम खेलने की वजह से, 24 साल तक गेम में, और उन्होंने 100-100 रन बनाए, उन्होंने हर दशक के पेस अटैक का सामना किया है।” रवि शास्त्री के ऑल टाइम टॉप-5 भारतीय क्रिकेटर- – सचिन तेंदुलकर। – विराट कोहली। – एमएस धोनी। – सुनील गावस्कर। – कपिल देव। रवि शास्त्री ने इस लिस्ट में कई दिग्गज खिलाड़ियों को जगह ना देकर उनके फैंस से पंगा लिया है। शास्त्री ने रोहित शर्मा को भी इस लिस्ट में शामिल नहीं किया है, जिनकी कप्तानी में भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी।  

इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा मजबूत फंड

लखनऊ. प्रदेश के शहरी इलाकों में सड़कों, खाली पड़े स्थानों, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, बुनियादी तथा अन्य जन सुविधाओं के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शहरी क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए विकास शुल्क की संशोधित प्रणाली लागू करने और इससे जुड़ी नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास नियमावली-2014 (यथा संशोधित 2021)  में बदलाव के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। इस फैसले से शहरी विकास के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध हो सकेंगे। संशोधित विकास शुल्क प्रणाली से विकास प्राधिकरणों को अपनी विकास परियोजनाओं और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए स्थायी वित्तीय संसाधन मिलते रहेंगे। इससे शहरी इलाकों में बुनियादी ढांचे के निर्माण और विस्तार को गति मिलेगी। इस फैसले से प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही निर्माण व विकास गतिविधियों में तेजी आने से रोजगार सृजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। यह निर्णय शहरों को बेहतर, व्यवस्थित और रहने योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

थरूर बोले ‘Thank You Rahul’ — कांग्रेस में सब ठीक? मीटिंग के बाद बदले रिश्तों के संकेत

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की हैं जिनमें उनकी पार्टी आलाकमान के साथ नाराजगी की बात कही जा रही थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद थरूर ने कहा है कि पार्टी में सब कुछ ठीक है और वे एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। शशि थरूर ने राहुल गांधी और खरगे के प्रति आभार भी जताया है।   इससे पहले शशि थरूर, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की मुलाकात संसद भवन स्थित खरगे के कार्यालय में हुई। शशि थरूर ने इस मुलाकात को सार्थक और सकारात्मक करार दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में थरूर ने इस मुलाकात की एक तस्वीर शेयर की और लिखा, “आज कई विषयों पर गर्मजोशी भरी और रचनात्मक चर्चा के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी का धन्यवाद। हम सभी भारत के लोगों की सेवा में आगे बढ़ रहे हैं और इस मामले में हम साथ ही हैं।” आलाकमान से नाराजगी की खबरें इस बैठक के बाद शशि थरूर ने संवाददाताओं से यह भी कहा है कि सब कुछ ठीक है और वे सब एकसाथ आगे बढ़ रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी से इनकार करते हुए शशि थरूर ने कहा कि यह उनके लिए कभी मुद्दा नहीं रहा। इससे पहले कांग्रेस पार्टी की कई बैठकों में थरूर के गायब रहने के बाद इस तरह की चर्चाएं हैं कि वे कांग्रेस आलाकमान से नाराज हैं। इस बीच बीते दिनों रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया कि केरल के कोच्चि में हाल ही में एक कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा 'नजरअंदाज' किए जाने के कारण शशि थरूर पार्टी नेतृत्व से नाराज थे। थरूर ने दी थी सफाई हालांकि इन खबरों पर थरूर से स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा है। उन्होंने हालिया बैठक में ना पहुंचने को लेकर कहा था कि दिल्ली में हुई कांग्रेस की उच्च स्तरीय बैठक में उनकी अनुपस्थिति महज समय ना मिल पाने की बात थी। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए थरूर ने यह भी कहा था कि उनका इरादा अपने विचारों के बारे में पार्टी नेतृत्व से सीधे बात करने का है और बुधवार से शुरू हो रहा संसद सत्र इन चर्चाओं के लिए बिल्कुल सही समय होगा। देर से मिला आमंत्रण? शशि थरूर के मुताबिक, इस बैठक का आमंत्रण इतनी देर से आया कि उनके पास अपने पूर्व के कार्यक्रम को बदलने का कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने बताया, "मुझे रणनीतिक बैठक में एक-दो दिन पहले ही आमंत्रित किया गया था। तक मैं दुबई से वापसी के लिए विमान का टिकट बुक करा चुका था।"  

11 फरवरी को पेश होगा उत्तर प्रदेश का बजट: विकास और कल्याण पर रहेगी नजर

लखनऊ. उत्तर प्रदेश का वर्ष 2026-27 का बजट 11 फरवरी को पेश किया जाएगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट बैठक में लिया गया। इसके साथ ही यह भी तय हुआ कि विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से प्रारंभ होगा। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सत्र के पहले दिन 9 फरवरी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण होगा। इसके बाद 10 फरवरी को सदन में दिवंगत सदस्यों के निधन पर शोक व्यक्त किया जाएगा। वित्त मंत्री ने बताया कि 11 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार का फोकस विकास, जनकल्याण, बुनियादी ढांचे और आर्थिक मजबूती पर रहेगा।

विदेश में दोस्त की शादी, न्यूयॉर्क में साथ नज़र आए रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण

मुंबई, पावर कपल रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण न्यूयॉर्क में दीपिका की बेस्ट फ्रेंड की शादी में शामिल हुए थे, और जनवरी की शुरुआत में ली गई उनकी ये नई तस्वीरें एक बार फिर साबित करती हैं कि वे बॉलीवुड के सबसे स्टाइलिश और एनर्जेटिक पावर कपल क्यों हैं। ग्लैमर और खुशी का खूबसूरत मेल इन तस्वीरों में साफ दिखता है।दोनों हर फ्रेम में जान डाल देते हैं। रणवीर सिंह ने मिडनाइट ब्लू वेलवेट सूट पहना है, जो उनकी पर्सनैलिटी को पूरी तरह सूट करता है। मैचिंग वेस्ट, लाल रंग के स्टाइलिश सनग्लासेस, लेयर्ड चेन और सलीके से सजी दाढ़ी के साथ उनका लुक रेट्रो और मॉडर्न का परफेक्ट कॉम्बिनेशन लगता है। शादी की खुशियों में डूबे रणवीर का आउटफिट उनकी एनर्जी जैसा ही है,कॉन्फिडेंट, मस्ती भरा और बेहद स्टाइलिश। वहीं दीपिका पादुकोण हमेशा की तरह क्लास और एलिगेंस की मिसाल दिखती हैं। उन्होंने गहरे बैंगनी रंग की प्रिंटेड साड़ी पहनी है, जिस पर खूबसूरत डिजाइन बने हैं। लो बन हेयरस्टाइल उनकी शार्प फीचर्स को उभारता है। स्टेटमेंट चोकर, चूड़ियां और हल्की रिंग्स उनकी जूलरी को खास बनाती हैं। सॉफ्ट मेकअप और ग्लोइंग स्किन के साथ उनका लुक बेहद सिंपल, ग्रेसफुल और शादी के लिए एकदम परफेक्ट है। इन तस्वीरों में सबसे खास बात है—दोनों का एक-दूसरे के स्टाइल से खूबसूरती से मेल खाना। रणवीर का बोल्ड और एक्सपेरिमेंटल फैशन, और दीपिका की सादगी भरी क्लास,दोनों मिलकर परफेक्ट लगते हैं। न्यूयॉर्क की शादी के लकड़ी के इंटीरियर के बीच ये तस्वीरें रणवीर और दीपिका को उनके सबसे रियल अंदाज़ में प्यार, दोस्ती और साथ का जश्न मनाते हुए, लाइमलाइट से दूर होकर भी सारी नज़रें अपनी ओर खींचते हुए दिखाती हैं।