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जैश ने किया हमला, पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ा

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मंच संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है. यूएन की सुरक्षा परिषद की नवीनतम रिपोर्ट में बीते साल 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए आतंकवादी विस्फोट के तार सीधे तौर पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं. रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति की रिपोर्ट में जैश को कई हालिया आतंकी हमलों से लिंक किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार जैश प्रमुख मसूद अजहर ने आठ अक्टूबर को महिलाओं की विशेष शाखा ‘जमात-उल-मोमिनात’ बनाने की घोषणा की थी. इस शाखा का मुख्य उद्देश्य आतंकी गतिविधियों में सहयोग और समर्थन प्रदान करना बताया गया है. रिपोर्ट में एक सदस्य देश ने पुष्टि की कि जैश ने कई हमलों की जिम्मेदारी खुद ली है, जिसमें लाल किले के पास का विस्फोट भी शामिल है. दूसरी ओर, एक अन्य सदस्य देश ने जैश को निष्क्रिय बताया, जिसे विशेषज्ञ पाकिस्तान की ओर से दिए गए संकेत के रूप में देख रहे हैं. यह विरोधाभासी बयान सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के दोहरे रवैये को उजागर करता है. रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि 28 जुलाई 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में शामिल तीन संदिग्ध आतंकी मारे गए थे. पहलगाम हमले की जिम्मेदारी हालांकि अप्रैल में पहलगाम हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ ने ली थी, लेकिन जैश के लिंक को अलग से हाइलाइट किया गया है. पहलगाम हमले के बाद भारत ने निर्णायक कार्रवाई की थी. मई में भारतीय सेना ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप चार दिनों तक सीमा पर तीव्र संघर्ष हुआ. इन कार्रवाइयों से जैस और लश्कर के कई ठिकाने नष्ट हुए और कई हाईप्रोफाइल आतंकी मारे गए. भारत ने इन हमलों को आत्मरक्षा में जरूरी बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की मांग की. रिपोर्ट में जैश और लश्कर को 1990 के दशक से अल-कायदा से संबंधों के कारण संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति के तहत प्रतिबंधित रखा गया है. दोनों संगठनों पर हथियार प्रतिबंध, यात्रा प्रतिबंध और वित्तीय प्रतिबंध लागू हैं. मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया जा चुका है. विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा परिषद की यह रिपोर्ट पाकिस्तान के अच्छे आतंकवादी-बुरे आतंकवादी वाली नीति को एक बार फिर उजागर करती है. जैस की महिलाओं की नई शाखा बनाने की घोषणा से साफ है कि संगठन अपनी गतिविधियां बढ़ाने और नई भर्ती के लिए प्रयासरत है. लाल किले के पास का हमला दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला था, जिसने राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया.

निक-प्रियंका की शादी पर उठे सवाल, एक्ट्रेस ने तोड़ी चुप्पी

मुंबई  ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी इंडियन सिनेमा में कमबैक फिल्म 'वाराणसी' को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं. उनके इंडियन फैन्स उन्हें फिर से बड़े पर्दे पर इंडियन अवतार में देखने के लिए उत्सुक हैं. हाल ही में प्रियंका ने एक इंटरव्यू में अपनी अपकमिंग फिल्म से लेकर पर्सनल लाइफ से जुड़ी कुछ बातें साझा की हैं. निक से शादी के वक्त उठे सवाल? प्रियंका चोपड़ा ने वैराइटी इंडिया से अपनी चर्चित शादी को लेकर बात की है. उन्होंने बताया कि कैसे हॉलीवुड के फेमस सिंगर-एक्टर निक जोनस संग शादी को लेकर कई लोगों को आपत्ति थी. एक्ट्रेस ने साथ ही साथ अपनी शादी टूटने की बातों पर भी रिएक्ट किया. प्रियंका ने कहा, 'हमारी शादी को अब 8 साल हो गए हैं. अगर लोग अभी भी इंतजार कर रहे हैं कि ये रिश्ता कब टूटेगा या बर्बाद होगा, तो वो उनकी मर्जी.' 'मैंने तो अब इसके बारे में सोचना ही छोड़ दिया है. पता नहीं हमने ऐसा क्या किया जो लोगों को हमारा रिश्ता इतना खटकता था. शायद इसलिए क्योंकि हम अलग-अलग देशों से हैं, अलग-अलग धर्म के हैं, और उम्र में भी फर्क है. ये सब सुनकर बहुत दुख होता था.' प्रियंका बताती हैं कि उन्हें अब अपने रिश्ते को लेकर होने वाली चर्चाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता. वो और निक अब एक-दूसरे में खोए रहते हैं, बाहरी दुनिया से खुद को अलग कर चुके हैं.  पति निक की तारीफ में क्या बोलीं प्रियंका? प्रियंका ने आगे अपने पति निक जोनस के बारे में भी बात की और उनकी तारीफ में भी कुछ बातें कहीं. उन्होंने कहा, 'हमारी शादी बहुत जल्दी हो गई थी, मिलने के सिर्फ छह महीने में. जब मैंने निक से शादी की, तो मुझे भी लग रहा था कि ये सच में हो रहा है या नहीं. उनका ये वाला हिस्सा… मतलब मुझे लगा कि ये सब नकली है, ये दिखावा है, ये पागलपन है. लेकिन निक में सच्चाई है, पूरी ईमानदारी है. ये बात मुझे हर रोज इंस्पायर करती है.' 'मेरे प्रोफेशन में तो हर बार कुछ ना कुछ बनना पड़ता है, रोल बदलना पड़ता है, जो दिखाना हो वो दिखाना पड़ता है. लेकिन निक दिन भर जो भी बात करते हैं, जिससे भी बात करते हैं, वो हमेशा बिल्कुल सच्चे रहते हैं. वो बहुत छोटी उम्र से काम करने लगे थे. उनके मम्मी-पापा बहुत अच्छे, समझदार और सच्चे इंसान हैं, संत जैसे. तो मुझे पता चल गया कि ये गुण कहां से आए. ये उनकी ऐसी खूबी है जो सबको हैरान कर देती है, कोई बचाव नहीं कर पाता.'  प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस की शादी साल 2018 में हुई थी. दोनों के बीच लगभग 10 साल का अंतर है, जिसपर कई लोगों ने सवाल खड़े किए थे. मगर कपल ने हमेशा उन सभी सवालों का अपनी दमदार केमिस्ट्री से मुंह तोड़ जवाब दिया. अब दोनों एक बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस के पेरेंट्स भी हैं, जिनका जन्म साल 2022 में हुआ था.

वन मेले हर दौर की जरूरत, वनौषधियों से असंभव बीमारी का भी इलाज संभव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय समुदाय की समृद्धि का आधार बन रहे हैं वन मेले : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन मेले हर दौर की जरूरत, वनौषधियों से असंभव बीमारी का भी इलाज संभव "समृद्ध वन-खुशहाल जन की थीम पर उज्जैन में पहली बार लगा ‘ महाकाल वन मेला’ महाकाल स्मृति उपहार किट और महाकाल वन प्रसादम् का किया शुभारंभ  वनौषधियों के जानकार वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित मुख्यमंत्री ने वन मेले का किया शुभारंभ, 16 फरवरी तक चलेगा वन मेला उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन हमारी वसुंधरा का वैभव हैं, धरती की धरोहर और धरा का अलंकरण हैं। वन हमारी राष्ट्रीय पूंजी हैं। इनका संरक्षण एवं संवर्धन करना हम सबकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन मेले प्रदेश की समृद्ध जैविक और वानस्पतिक विविधताओं को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम हैं। इनके जरिए हमारे जनजातीय भाई-बहनों को अपने वनोत्पाद और काष्ठ शिल्प विक्रय करने का सुनहरा मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि ‘ महाकाल वन मेले’ की आज से शुरूआत हो गई है। ये मेला शीघ्र ही अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। मेले में प्रदर्शित जड़ी-बूटियां तथा विभिन्न प्रकार के शुद्ध एवं सुरक्षित अकाष्ठीय लघु वनोत्पाद आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों से रोगोपचार में बेहद उपयोगी होते हैं। वनौषधियां हर रोग के इलाज में कारगर साबित हो रही हैं। इनसे असंभव रोग का इलाज भी संभव हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय बजट-2026 में एम्स की तर्ज पर देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने की घोषणा की गई है। इनमें से एक अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान भगवान धनवंतरी की कर्मभूमि और सिंहस्थ भूमि उज्जैन में स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को धार्मिक नगरी उज्जैन में पहली बार आयोजित ‘ महाकाल वन मेला-2026’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस वन मेले में नागरिकों को प्राकृतिक रंग-गुलाल मिलेंगे। इसमें नाड़ी वैद्य और आयुर्वेदिक चिकित्सक भी अपनी सेवाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन मेले में प्रदर्शित काष्ठ और बांस से निर्मित एथनिक क्रॉफ्ट आइटम्स न केवल पारम्परिक शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, बल्कि सबके घरों की शोभा भी बढ़ाते हैं। उन्होंने उज्जैन के नागरिकों से अपील की कि वे इस वन मेले का भरपूर लाभ उठाएं और प्रदेश की वन संपदा तथा जनजातीय उत्पादों का उपयोग कर सबको प्रोत्साहित भी करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ‘महाकाल वन मेले’ के जरिए स्थानीय वन उत्पादों और शिल्पकारों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। पर्यावरण जागरूकता, आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रचार-प्रसार और आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक सार्थक कदम है। उज्जैन के दशहरा मैदान में यह वन मेला 16 फरवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार तेजी से प्रदेश में मेडिकल और आयुर्वेदिक कॉलेजों की संख्या में वृद्धि कर रही है। पिछले साल हमने विभिन्न जिलों में 8 नए आयुर्वेदिक कॉलेज शुरू किए हैं। इस साल हम और भी तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्य हर्बल के प्राकृतिक रंग-गुलाल, महाकाल स्मृति उपहार किट एवं 'महाकाल वन प्रसादम्' का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना जिले के वन औषधियों से उपचार पद्धति के विशेष जानकार वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रधानमंत्री  मोदी ने 25 जनवरी को 'मन की बात' में वनरक्षक  अहिरवार द्वारा वनौषधियों के देशज ज्ञान के संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की थी।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश के जनजातीय और वनांचल को समृद्धि देने के लिए भोपाल और उज्जैन जैसे वन मेले प्रदेश भर में लगाए जाने की आवश्यकता है। उज्जैन में महाशिवरात्रि और विक्रमोत्सव के अवसर पर आयोजित वन मेला प्रदेशवासियों के लिए अद्भुत है। वन विभाग ने प्राकृतिक रूप से महाकाल वन प्रसादम् तैयार किया है। इसमें काष्ठ से बने गमले में एक पौधा लगाया गया है। यह गमला महाकाल को भेंट स्वरूप दिया जाएगा। वापस मिलने पर इसे किसी भी जगह पर सीधे रोपित कर दिया जाएगा। काष्ठ गलकर खाद बन जाएगा और पौधा बिना गमला निकालते ही निर्बाध रूप से पल्लवित होता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के  महाकाल वन मेले में महुआ के लड्डू, अन्नों से बनी मिष्ठान्न सहित अनेक वनोपज उत्पाद भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन के वन मेले में आए वैद्य और चिकित्सक अनेक असाध्य रोगों के उपचार के लिए नागरिकों को नि:शुल्क सेवाएं देंगे। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में जनजातीय समुदायों की आय बढ़ाने के लिए वन विभाग लगातार काम कर रहा है। उज्जैन की धरती पर आयोजित यह वन मेला निश्चित रूप से भोपाल वन मेले की तरह सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। यहां विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक औषधियां एवं बांस से बने उत्पाद उपलब्ध हैं। नागरिक इसका भरपूर लाभ उठाएं। अपर मुख्य सचिव वन एवं सहकारिता  अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के शहर-शहर में वन मेला लगाने की शुरुआत की है। भोपाल के बाहर यह पहला वन मेला उज्जैन में लगाया गया है। वन मेलों के दो उद्देश्य होते हैं। इनसे जनजातीय समुदायों को तो आमदनी होती ही है, शहरी लोगों को प्राकृतिक उत्पाद खरीदने और नेचर के साथ चलने-संवरने का अवसर भी मिल जाता है। उन्होंने बताया कि म.प्र. लघु वनोपज संघ के जरिए प्रदेश के 30 लाख जनजातीय संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। भोपाल में डेढ़ माह पहले हुए वन मेले में 3 करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री हुई थी।  महाकाल वन मेला में प्रदेशभर के विभिन्न उत्पादों के 250 स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा यहां 150 से अधिक वैद्य एवं आयुर्वेदिक चिकित्सक लोगों को परामर्श प्रदान करेंगे। वन मेले के शुभारंभ अवसर पर विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक  सतीश मालवीय, विधायक  जितेंद्र पंड्या, जिला पंचायत अध्यक्ष उज्जैन मती कमला कुंवर सहित डॉ. प्रभुराम जाटवा,  उमेश सेंगर,  राजेश पांचाल,  बहादुर सिंह,  ओम जैन, वन बल प्रमुख  वीएन अंबाड़े, प्रबंध संचालक, मप्र लघु वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा, सीएफ उज्जैन  आलोक पाठक, अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में … Read more

हड़ताल का असर: कई जगह कर्मचारी सिर्फ सांकेतिक विरोध में शामिल, स्कूल और बाजार सामान्य

भोपाल  केंद्र सरकार की ' नो वर्क नो पे' (No Work No Pay) सहित अन्य जनविरोधी और कॉर्पोरेट परस्त आर्थिक नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी गुरुवार को देशव्यापी आम हड़ताल का बिगुल फूंका गया है। ग्वालियर में भी इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को छोड़कर सभी राष्ट्रीयकृत बैंक इस हड़ताल में शामिल होने जा रहे हैं। नए लेबर लॉ समेत कई मुद्दों के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संगठन आज हड़ताल कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में इसका मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।जबलपुर और इटारसी में डिफेंस फैक्टरियों के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन ​​किया। इटारसी में एक घंटा विरोध करने के बाद कर्मचारी काम पर लौट गए। हालांकि, इन जगह स्कूल, कॉलेज और बाजार खुले हुए हैं। हड़ताल में ट्रेड यूनियन के संयुक्त मोर्चा- आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, सेवा, बैंक, बीमा, केंद्रीय कर्मचारी, बीएसएनएल के संगठन शामिल हैं।मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया, हड़ताल में सरकारी के साथ प्राइवेट बैंक भी शामिल होंगे। भारतीय स्टेट बैंक यूनियन ने हड़ताल का समर्थन किया है, लेकिन वह सीधे तौर पर हड़ताल में शामिल नहीं रहेगा। हड़ताल का असर बीमा सेक्टर पर भी पड़ेगा। भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहेंगे। वहीं, बीएसएनएल-डाक विभाग में भी हड़ताल का असर दिखाई देगा। बीओआइएसयूइयू के एजीएस सौरभ सिकरवार ने बताया कि ग्वालियर में राष्ट्रीयकृत 11 बैंकों की 70 शाखाओं के 900 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी इस हड़ताल में 'नो वर्क-नो पे' के आधार पर शामिल होंगे। हड़ताल के चलते कल सुबह 9 से 11 बजे तक फूलबाग स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सामने जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान बैंक, बीमा, बीएसएनएल, डाक, आयकर और आंगनबाड़ी जैसे विभागों में भी काम पूरी तरह ठप रहेगा।  हड़ताल में ये भी शामिल ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रवक्ता वीके शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार की जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ देशभर के दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं सौ से अधिक स्वतंत्र ट्रेड यूनियंस के आह्वान पर देशभर के 25 अधिकारी- इस राष्ट्रव्यापी आम हड़‌ताल में भाग लेंगे। इस हड़ताल में बैंक, बीमा, केंद्र, बीएसएनएल, पोस्टल, आयकर, आंगनबाड़ी, आशाकर्मी, मध्यान्ह भोजन कर्मी, खेतिहर मजदूर, किसान संघ, पेंशनर्स, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, हम्माल मजदूर सभा आदि से संबंधित यूनियंस के साथ-साथ इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआइयूटीयूसी, सेवा समेत दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं अन्य संस्थानों में कार्यरत ट्रेड यूनियंस के सदस्य भाग ले रहे हैं। संगठनों की प्रमुख मांगें     चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) और उनसे जुड़े नियमों को रद्द करने की मांग।     ड्राफ्ट सीड बिल को वापस लेने की मांग।     बिजली संशोधन विधेयक को निरस्त करने की मांग।     SHANTI Act (न्यूक्लियर एनर्जी से संबंधित कानून) को वापस लेने की मांग।     मनरेगा की बहाली की मांग।     विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 को रद्द करने की मांग।

परिवार में मचा हड़कंप: 10 महीने बाद फिर भागी सास, इस बार जीजा के साथ

 अलीगढ़  अलीगढ़ की वह सास, जो पिछले साल अपने होने वाले दामाद के साथ भाग गई थी, एक बार फिर चर्चा में है. करीब दस महीने तक दामाद राहुल के साथ बिहार में पति-पत्नी की तरह रहने के बाद अब उसने उसे भी अलविदा कह दिया है. इस बार वह अपने जीजा के साथ भाग गई और जाते-जाते दो लाख रुपये नकद व जेवर भी साथ ले गई. परेशान राहुल शिकायत लेकर अलीगढ़ पहुंचा, लेकिन पुलिस ने यह कहकर लौटा दिया कि मामला बिहार का है. रिश्तों की यह उलझी कहानी अब एक नए मोड़ पर खड़ी है.  जब बेटी की शादी से पहले बदल गई कहानी यह पूरा घटनाक्रम अप्रैल 2025 से शुरू होता है. 16 अप्रैल को महिला की बेटी की शादी तय थी. घर में रंगाई-पुताई, रिश्तेदारों की आवाजाही और शादी की तैयारियां जोरों पर थीं. लेकिन शादी से महज 12 दिन पहले ऐसा हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. जिस युवक राहुल से बेटी की शादी होने वाली थी, उसी के साथ सास घर से चली गई. आरोप लगा कि वह घर से लाखों रुपये के जेवर और नकदी लेकर फरार हुई. परिवार ने तब दावा किया था कि करीब पांच लाख रुपये के जेवर और साढ़े तीन लाख रुपये कैश गायब थे. बेटी ने मीडिया के सामने कहा था, मां घर में दस रुपये भी नहीं छोड़कर गईं. मोबाइल से शुरू हुई नजदीकियां परिवार के मुताबिक, महिला ने राहुल को एक स्मार्टफोन दिलवाया था. धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी. पहले शादी की तैयारियों के नाम पर बात होती थी, फिर घंटों-घंटों फोन कॉल चलने लगे. महिला के पति जितेंद्र ने तब आरोप लगाया था कि जब वह शादी की तैयारी के सिलसिले में घर आए तो पता चला कि पत्नी और राहुल के बीच 15-20 घंटे तक फोन पर बातचीत हो रही है. पहले उन्होंने इसे सामान्य माना, लेकिन बाद में शक गहराता गया. भागकर कहां-कहां पहुंचे जब मामला सुर्खियों में आया और पुलिस सक्रिय हुई, तब पता चला कि दोनों अलीगढ़ से कासगंज, फिर बरेली होते हुए बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचे थे. कुछ दिन वहीं रुके. यहां तक कि नेपाल बॉर्डर जाने की भी योजना बनाई गई थी. राहुल ने बाद में बताया था कि जब उन्होंने मोबाइल चलाया तो देखा कि दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं. हर तरफ चर्चा थी. तब दोनों ने खुद लौटने का फैसला किया. मुजफ्फरपुर से बस पकड़कर वे उत्तर प्रदेश लौटे और अंततः थाना दादों पहुंचकर सरेंडर कर दिया. पुलिस के सामने क्या कहा था थाने में पूछताछ के दौरान सास ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था. उसने कहा कि उसका पति शराब पीकर मारपीट करता था, अपमानित करता था और अक्सर घर से निकाल देने की धमकी देता था. सास का कहना था कि जब राहुल फोन करता था तो कभी बेटी बात करती थी, कभी वह खुद. इसी बात को लेकर घर में विवाद बढ़ता गया. पति ताने मारते थे अब तो राहुल के साथ ही भाग जाओ. उसने पुलिस के सामने कहा था कि जब हालात असहनीय हो गए तो उसने वही किया जो उसे उस समय ठीक लगा. राहुल ने भी बयान दिया था कि वह महिला को पहले से जानता था और उसके कहने पर ही साथ गया. वह रोती थी, कहती थी कि अब जीने का मन नहीं करता. मुझे लगा कि उसे अकेला छोड़ना ठीक नहीं होगा. पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर महिला को राहुल के साथ जाने की अनुमति दे दी थी. दस महीने साथ रहने के बाद नया मोड़ करीब दस महीने तक दोनों बिहार में साथ रहे. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वे पति-पत्नी की तरह रह रहे थे. लेकिन हाल ही में राहुल ने आरोप लगाया कि महिला उसे छोड़कर अपने जीजा के साथ चली गई है. राहुल का कहना है कि जाते समय वह दो लाख रुपये नकद और कुछ जेवर भी साथ ले गई. राहुल ने कहा कि मैंने उसके लिए अपना घर छोड़ा, समाज की बातें सुनीं. अब वह मुझे ही छोड़कर चली गई.  शिकायत और पुलिस का जवाब राहुल अलीगढ़ पहुंचा और थाना दादों में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की. लेकिन पुलिस ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए कहा कि कथित घटना बिहार में हुई है, इसलिए वहीं की पुलिस कार्रवाई करेगी. अब राहुल बिहार जाकर शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में है.

पूर्व आर्मी चीफ की किताब लीक, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच शुरू

नई दिल्ली पूर्व आर्मी चीफ जनरल (रिटायर्ड) एमएम नरवणे की किताब के लीक का मामला अब गंभीर साजिश की दिशा में बढ़ता दिख रहा है. सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि किताब को मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस की अनिवार्य क्लीयरेंस के बिना सुनियोजित तरीके से लीक किया गया. कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और अमेरिका में बिकी किताब सूत्र बताते हैं कि किताब का सर्कुलेशन कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और अमेरिका जैसे देशों में हुआ. इतना ही नहीं, इन देशों में यह किताब ऑनलाइन सबसे पहले बिक्री के लिए उपलब्ध हुई. इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आपराधिक साजिश की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है और जांच का दायरा अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया तक बढ़ाया गया है. जांच में यह भी सामने आया है कि लीक हुई कॉपी सबसे पहले .io डोमेन एक्सटेंशन पर अपलोड की गई थी, जो ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी से जुड़ा कंट्री कोड डोमेन है. इसके बाद यह कई अन्य होस्टिंग प्लेटफॉर्म पर फैल गई. किताब के ISBN नंबर की जांच स्पेशल सेल अब किताब के ISBN नंबर की भी जांच कर रही है. ISBN यानी इंटरनेशनल स्टैंडर्ड बुक नंबर, 13 अंकों का एक यूनिक डिजिटल कोड होता है जो किसी भी किताब की पहचान के लिए इस्तेमाल होता है. लीक वर्जन में जो ISBN नंबर मिला है, वह ‘Four Stars Of Destiny’ नाम से प्रकाशित एमएम नरवणे की किताब का ही बताया जा रहा है. इस कोड को लेकर Penguin India से भी पूछताछ की जा रही है. आज तक की पड़ताल में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी में ऑनलाइन बिक्री कर रही वेबसाइटों पर जो ISBN कोड मिला, वह भी Penguin India की ओर से जारी इसी किताब से जुड़ा पाया गया. राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की तैयारी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाएगा. रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह किया और निराधार बयान दिए. हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह प्रस्ताव कब और किसकी ओर से लाया जाएगा. माना जा रहा है कि लोकसभा में सत्ता पक्ष का कोई सदस्य विशेषाधिकार प्रस्ताव का नोटिस दे सकता है.

भारत की प्लेइंग 11 में बदलाव तय, बुमराह की एंट्री से चौंकाएगा फैसला

 नई दिल्ली टी20 विश्व कप 2026 के अपने दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम का सामना नामीबिया से होगा. यह मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आज यानी गुरुवार को खेला जाएगा. टीम इंडिया ने टूर्नामेंट का आगाज जीत के साथ किया था और अब कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इस लय को बरकरार रखना चाहेगी. दूसरी ओर नामीबिया को इसी मैदान पर नीदरलैंड के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी, ऐसे में वह वापसी की कोशिश करेगा. अभिषेक शर्मा की फिटनेस पर संशय भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की सेहत को लेकर है. अभिषेक पेट में संक्रमण और बुखार से जूझ रहे हैं और उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालांकि उन्हें छुट्टी मिल चुकी है, लेकिन नामीबिया के खिलाफ उनके खेलने पर संशय बना हुआ है. अगर अभिषेक मैच से बाहर होते हैं तो संजू सैमसन को ओपनिंग का मौका मिल सकता है. सैमसन के पास आक्रामक शुरुआत देने की क्षमता है, जो टीम को पावरप्ले में मजबूती दे सकती है. बुमराह की वापसी से बढ़ेगा आत्मविश्वास पहले मुकाबले में अमेरिका के खिलाफ तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बुखार के कारण नहीं खेल पाए थे. अब वह पूरी तरह फिट बताए जा रहे हैं और उन्होंने मंगलवार को नेट्स में गेंदबाजी अभ्यास भी किया. ऐसे में नामीबिया के खिलाफ उनकी प्लेइंग इलेवन में वापसी लगभग तय मानी जा रही है. अगर बुमराह टीम में लौटते हैं तो मोहम्मद सिराज को बाहर बैठना पड़ सकता है. बुमराह की मौजूदगी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को और धारदार बना देगी, खासकर डेथ ओवर्स में. पाकिस्तान मैच से पहले लय पाना जरूरी अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में कप्तान सूर्यकुमार यादव को छोड़कर बाकी बल्लेबाज खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे. 15 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले यह मैच भारतीय बल्लेबाजों के लिए लय हासिल करने का सुनहरा मौका होगा. अगर सैमसन और ईशान किशन ओपनिंग करते हैं तो टीम को तेज शुरुआत मिल सकती है. मिडिल ऑर्डर में तिलक वर्मा और इन-फॉर्म सूर्यकुमार यादव बड़ी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं, जबकि रिंकू सिंह फिनिशर की भूमिका निभाएंगे. तीन ऑलराउंडर्स के साथ उतर सकती है टीम भारतीय टीम संतुलन बनाए रखने के लिए तीन ऑलराउंडर्स के साथ उतर सकती है. हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और अक्षर पटेल टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में गहराई देंगे. स्पिन विभाग की जिम्मेदारी वरुण चक्रवर्ती के कंधों पर रह सकती है, जिसमें उपकप्तान अक्षर पटेल उनका साथ देंगे. तेज गेंदबाजी आक्रमण में अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह की जोड़ी अहम भूमिका निभा सकती है. भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह. भारतीय टीम स्क्वॉड संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अभिषेक शर्मा, कुलदीप यादव, वॉशिंगटन सुंदर.

कीमती धातुओं में गिरावट के साथ शेयर बाजार भी धड़ाम, निवेशकों की बढ़ी चिंता

मुंबई     सोना-चांदी की कीमतों में फिर से गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) आई है. अपने हाई लेवल से दोनों कीमती धातुएं क्रैश नजर आ रही हैं. एक ओर जहां चांदी का भाव एमसीएक्स पर हाई से 1.59 लाख रुपये प्रति किलोग्राम कम है, तो वहीं सोना भी 35,000 रुपये से ज्यादा सस्ता मिल रहा है. कीमती धातुओं के भाव में नरमी के साथ ही भारतीय शेयर बाजार भी सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को खुलने के साथ ही धड़ाम नजर आया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स (BSE Sensex) ने तो ओपनिंग के साथ ही 400 अंकों से ज्यादा का गोता लगा दिया.  सेंसेक्स-निफ्टी की खराब शुरुआत  शेयर मार्केट में कारोबार ओपन होने पर BSE Sensex अपने पिछले बंद 84,233.64 की तुलना में फिसलकर 83,968.43 पर खुला और फिर तेजी से फिसलता ही चला गया. ये शुरुआती कारोबार में ही 438 अंक की गिरावट लेकर 83,795.65 के लेवल पर आ गया. सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty का भी हाल नजर आया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 25,953.85के मुकाबले गिरावट के साथ 25,906.70 के स्तर पर ओपन हुआ और फिर गिरकर 25,822.30 तक टूट गया. इसके शुरुआती कारोबार में ही 131 अंक की गिरावट आई.  IT Stocks भर-भराकर टूटे मार्केट में गिरावट के बीच सबसे ज्यादा आईटी शेयर फिसले. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Infosys Share (4.50%), Tech Mahindra Share (4.20%), TCS Share (3.80%). HCL Tech Share (3.40%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे. आईटी शेयरों में बीते सप्ताह भी तेज गिरावट देखने को मिली थी, जब अमेरिका में Anthropic AI Tools की एंट्री से कोहराम मचा था और NASDAQ लगातार कई दिन डेढ़ फीसदी के ज्यादा फिसला था.  ये 10 शेयर सबसे बड़े लूजर  भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के बीच सबसे बड़े लूजर शेयरों की लिस्ट देखें, तो आईटी शेयरों के अलावा लार्जकैप में Eternal Share (2%), M&M Share (1.10%) फिसला. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Coforge Share (5%), Mphasis Share (4.10%), Presistent Share (3.90%), Godrej Properties Share (2%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैप शेयरों में देखें, तो ARE&M Share (4.10%), CYIENT Share (3.50%), KFintech Share (3%) और FSL Share (2.80%) की गिरावट में ट्रेड कर रहा था.  Gold-Silver हाई से इतना सस्ता  एक ओर जहां शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी रेड जोन में कारोबार करते नजर आ रहे हैं, तो वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोना-चांदी भी फिसल गए हैं. 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव बीते कारोबारी दिन के 2,63,018 रुपये प्रति किलोग्राम से टूटकर 2,60,453 रुपये पर आ गया और 1 Kg Silver Price 2,565 रुपये कम हो गया. वहीं हाई लेवल 4,20,048 रुपये प्रति किलो से ये 1,59,595 रुपये तक सस्ती (Silver Cheaper) हो चुकी है.  सोने का भाव भी फिसला है और 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold Rate पिछले बंद 1,58,755 रुपये से गिरकर गुरुवार को खुलते ही 1,57,701 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया. यानी ये 1,054 रुपये सस्ता हुआ. वहीं हाई बीते 29 जनवरी के रिकॉर्ड हाई 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल से ये अभी 35,395 रुपये सस्ता मिल रहा है. 

जेवर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को मिले 750 करोड़ रुपये, ऑपरेशन हब के रूप में होगा विकास

नव निर्माण के नौ वर्ष: बजट 2026-27  नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विकास को मिले नए पंख, बजट में 2,111 करोड़ रुपये की घोषणा जेवर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को मिले 750 करोड़ रुपये, ऑपरेशन हब के रूप में होगा विकास इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ और चार्जिंग स्टेशन के लिए दिए गए 50 करोड़ रुपये लखनऊ प्रदेश में नागरिक उड्डयन और परिवहन अवसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में व्यापक वित्तीय प्रावधान किए हैं। इस क्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विकास हेतु 2,111 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की। इसमें विशेष रूप से जेवर एयरपोर्ट में नए विकास कार्यों के साथ प्रदेश के अन्य एयरपोर्टों पर हवाई पट्टियों के निर्माण के लिए बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही सड़क परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए 400 करोड़ रुपये ईवी बसों की खरीद के लिए स्वीकृत किए गए हैं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण के दौरान प्रदेश के महत्वाकांक्षी जेवर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट में नए निर्माण कार्यों के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि पीपीपी मोड पर बन रहे इस एयरपोर्ट के प्रथम चरण का विकास कार्य प्रगति पर है। राज्य सरकार ने यहां प्रस्तावित दो रनवे की संख्या बढ़ाकर पांच रनवे किए जाने का निर्णय लिया है। साथ ही जेवर एयरपोर्ट को एविएशन इनोवेशन एवं रिसर्च सेंटर के अलावा रखरखाव एवं ऑपरेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश में हवाई पट्टियों के निर्माण, विस्तार, सुदृढ़ीकरण एवं भूमि अर्जन के लिए 1,100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे क्षेत्रीय हवाई सेवाओं को मजबूती मिलेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) के माध्यम से हवाई सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 में सड़क परिवहन को सुदृढ़ बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने ईवी बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये और बस अड्डों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं परिवहन संरचना के सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से बस अड्डों के निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं दुर्घटना के बाद त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री सड़क सेफ्टी विजन योजना के अंतर्गत 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। योगी सरकार की इन पहलों से प्रदेश में हवाई और सड़क परिवहन ढांचे को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे कनेक्टिविटी, निवेश और आर्थिक विकास को व्यापक प्रोत्साहन मिलेगा।

सिंहस्थ 2028 के लिए अनुभवी लोगों से चर्चा कर कार्ययोजना बनाने में लें मदद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गुणवत्ताके साथ समय पर हो सिंहस्थ के सभी विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ 2028 के लिए अनुभवी लोगों से चर्चा कर कार्ययोजना बनाने में लें मदद उज्जैन मेट्रो शहर के रूप में स्थापित हो रहा है, सभी कार्य हो उसी अनुरुप संवेदनशीलता के साथ जनता की कठिनाई को कम करने में बने सहभागी अधिकारी अपने कार्य संपूर्ण जिम्मेदारी के साथ युद्ध स्तर पर कराए पूर्ण अब मुख्यमंत्री निवास से भी होगी सिंहस्थ कार्यों की मॉनीटरिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में की सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा  उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन में सिंहस्थ 2028 अंतर्गत मंत्री मंडलीय समिति से अनुशंसित अधोसरंचना के प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व का आयोजन विश्व के लिए अद्वितीय है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस महापर्व के आयोजन पर विश्व की निगाह रहेगी। सिंहस्थ-2028 मध्यप्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए कि प्रत्येक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के पवित्र अनुष्ठानों में शामिल हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलग-अलग विभागों के माध्यम से सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैनवासियों से सेवाभाव की तरह कार्य करने का आहवान किया है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराएं। मुख्यमंत्री ने की किसानों की फसल की चिंता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा के दौरान गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिप्रा नदी पर घाट निर्माण के दौरान किसानों को पानी की उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। इसके लिए नर्मदा जल की आपूर्ति की जाए। वतर्मान में गेहूं की फसल को सिंचाई के लिए एक पानी की और जरुरत होगी। इसके लिए शिप्रा नदी में जल प्रवाह सुनिश्चित बनाए रखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि सभी अधिकारी गंभीरता के साथ काम करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा,  संजय दुबे को निर्देश दिए है कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के काम में किसी भी तरह की रुकावट न आए। इसके लिए मुख्यमंत्री निवास पर भी सिंहस्थ सेल गठित कर मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाये और जिन विभागों में अधिकारियों की कमी है, वहाँ पदस्थापना तत्काल की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि अनुभवी अधिकारियों के लिए यदि सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारिेयों को रखना है तो उसके लिए भी नियमानुसार कार्यवाही कर तत्काल रुप से उन्हें रखा जाए। सिंहस्थ-2028 के लिए अब रिवर्स कैलेंडर बनाकर निर्माण कार्य तीव्र गति से पूर्ण करें। वर्तमान समय से लेकर सिंहस्थ-2028 तक दो वर्षाकाल का समय आने वाला है। इसलिए समय-सीमा में काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न निर्माण एजेसिंयों द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की, साथ ही निर्देश दिए कि जो निर्माण एजेंसियां काम कर रही है उनके संसाधनों की भी लगातार मॉनीटरिंग हो। वर्तमान समय माइक्रों मैनेजमेंट से नैनो मैनेजमेंट की ओर जाने का है। युद्ध स्तर की तैयारियां शुरु करना है। सभी अधिकारी 24 घंटे-07 दिन सक्रिय रहें। सिंहस्थ 2028 को बेहतर प्रबंधन के साथ करने के लिए उज्जैन जिले के सभी नागरिकों को जिम्मेदारी के भाव के साथ काम करने के लिए प्रेरित करें, उनको यह लगना चाहिए कि यह हमारा व्यक्तिगत काम है। इसके लिए सभी नागरिकों में जिम्मेदारी के साथ समर्पण का भाव भी पैदा करने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करें।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत प्रचलित निर्माण कार्यों की समय-समय पर मॉनीटरिंग हो। उन्होंने सिंहस्थ के संदर्भ में विभागों को समन्वयपूर्वक कार्य करने और आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अधिकारियों को निर्देश         1. सिंहस्थ-2028 के लिए होम स्टे, धर्मशाला, स्कूल, कॉलेज आदि में व्यवस्थाओं केलिए आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए कार्य योजना बनाई जाए।         2. उज्जैन शहर से जोड़ने वाले आसपास के गांव में होम स्टे की व्यवस्था के लिए लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाए। सिंहस्थ-2028 मेला क्षेत्र में आंतरिक और बाहरी व्यवस्थाओं की अलग-अलग रूपरेखा बनाएं। सिंहस्थ मेले की बाहर की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी समस्त जगहों की  मैपिंग की जाए।         3. उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारी में बेहतर प्रबंधन के लिए उज्जैन में  महाशिवरात्रि, श्रावण, नागपंचमी एवं अन्य त्योहारों पर व्यवस्थाओं को प्रायोगिक रूप से बनाए और उसके अनुभवों का लाभ लेते हुए सिंहस्थ के भीड प्रबंधन कार्य योजना बने।         4. उज्जैन शहर से जुड़ने वाले दूसरे जिलों के वैकल्पिक मार्गों का चयन कर लें और इन मार्गों को गुगल मैपिंग के साथ उन्नयन भी कराया जाए, जिससे भीड़ प्रबंधन में इन मार्गों का उपयोग हो सके। साथ ही उज्जैन शहर के महाकाल मंदिर पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का भी चयन करें, जिससे भीड़ प्रबंधन आसानी से हो सके।         5.  मंगलनाथ,  भूखीमाता रामघाट के आसपास घाटों को जोड़ने वाले मार्गों को चिन्हित कर उन्नयन करें। सिंहस्थ मेला क्षेत्र के बाहर सामाजिक सामुदायिक भवन, स्कूल, कॉलेज धर्मशाला बनाने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित करें।         6. सिंहस्थ 2028 के लिए काम कर रही निर्माण एजेंसी जो समय पर काम पूरा करें उनको प्रोत्साहन स्वरूप व्यवस्था भी बना कर दें। समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री उज्जैन  गौतम टेटवाल, महापौर  मुकेश टटवाल, विधायक  अनिल जैन कालूहेडा,  सतीश मालवीय,  जितेन्द्र पंड्या, नगर निगम अध्यक्ष मती कलावती यादव, सिंहस्थ मेला अधिकारी सह संभागायुक्त  आशीष सिंह, एडीजी  राकेश गुप्ता, कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।