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डेयरी क्षेत्र में नवाचार पर जोर, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा व मंत्री केदार कश्यप का संदेश

रायपुर. उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और वन मंत्री  केदार कश्यप ने दी शुभकामनाएं, उन्नत डेयरी मॉडल अपनाने का आह्वान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने आज नया रायपुर स्थित निवास में गुजरात के बनासकांठा जिले के शैक्षणिक भ्रमण पर जा रहे बस्तर संभाग के पशुपालकों और बिहान समूह की दीदियों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों से संवाद कर भ्रमण के उद्देश्य और उससे मिलने वाली संभावित सीख पर चर्चा की।         उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि यह भ्रमण केवल देखने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सीखने और उसे अपने क्षेत्र में लागू करने का अवसर है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे बनासकांठा के सफल डेयरी सहकारी मॉडल, प्रबंधन प्रणाली और तकनीकी नवाचारों का गंभीर अध्ययन कर बस्तर में दुग्ध उत्पादन एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में योगदान दें।        वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि इस शैक्षणिक भ्रमण से उन्नत पशुपालन तकनीक, संतुलित चारा विकास, दुग्ध संकलन एवं प्रसंस्करण प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, डेयरी उत्पाद निर्माण और विपणन व्यवस्था का व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होगा। सहकारी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है।      उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से प्रतिभागी गुजरात में बनास डेयरी, अमूल डेयरी तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहित विभिन्न डेयरी संस्थानों का अवलोकन करेंगे। बनासकांठा अपनी उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन प्रणाली और मजबूत सहकारी ढांचे के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

सहमति के बाद यू-टर्न? अमेरिका ने क्यों बदलीं ट्रेड डील की शर्तें, MEA का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील की चर्चा इन दिनों सभी जगह है। इस डील की फैक्टशीट पर हाल ही में वाइट हाउस द्वारा कुछ बदलाव किए गए थे। अब इन बदलावों पर जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह संशोधन दोनों देशों की आपसी सहमति के बाद हुए हैं। यह दोनों देशों की साझा समझ को भी प्रदर्शित करते हैं। मीडिया से बात करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले पर सरकार का मत सामने रखा। उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच में पारस्परिक लाभ और व्यापारिक लाभ को ध्यान में रखकर एक अंतरिम समझौते पर सहमति बनी थी। इसे एक संयुक्त बयान के रूप में पेश किया गया था। यही बयान (फैक्टशीट) इस मामले में हमारी समझ का आधार बना हुआ है। अमेरिका की तरफ से इसमें जो भी संशोधन किए गए हैं, वह पूरी तरह से आपसी समझ को प्रदर्शित करते हैं। क्या है पूरा मामला? लंबी बातचीत और कई दौर की मीटिंग के बाद आखिरकार भारत और अमेरिका के बीच एक समझौते पर मुहर लगी थी। हालांकि, अभी भी इस पर बातचीत जारी है, लेकिन एक संयुक्त बयान जारी कर दिया गया था। यह एक बार 10 फरवरी को फिर चर्चा में आया, जब वाइट हाउस ने इस बयान की फैक्टशीट में बदलाव कर दिया। इस बदलाव के मुताबिक भारत द्वारा जिन अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ कम करने या समाप्त करने की बात पहले कही गई थी, उनमें से कुछ दालों को हटा दिया गया। इस संशोधन के पहले वाइट हाउस की आधिकारिक बेवसाइट पर उपलब्ध बयान के मुताबिक कहा गया था कि भारत सभी प्रकार की औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों पर से टैरिफ हटाने या कम करने के लिए सहमत हुआ है। इसके अलावा अमेरिका की तरफ से पहले 500 बिलियन डॉलर की खरीद को लेकर भारत के प्रतिबद्ध होने की बात कही गई थी, इसे बाद में संशोधित करके 'इरादा रखता है' वाली बात जोड़ी गई। यानी यह बात भारत के लिए बाध्यकारी न होकर एक आपसी सहमति पर आधारित होगी। भारत और अमेरिका व्यापारिक समझौता ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से लगातार भारत और अमेरिका के बीच में तनाव बना हुआ था। यह तनाव इतना बढ़ गया कि ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को भी खरी-खोटी सुनाना शुरू कर दी। अमेरिकी ट्रंप, प्रशासन द्वारा लगातार बनाए गए दबाव के बाद भी सरकार ने किसानों के हितों को ताक पर नहीं रखा। महीनों की वार्ता के बाद आखिरकार दोनों देश एक समझौते पर पहुंचे। इस समझौते की तरफ सबसे पहले अमेरिकी राजदूत सर्गियो गोर ने इशारा किया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी जानकारी साझा कर दी। इसके बाद भारत सरकार की तरफ से भी इस पर जानकारी साझा की गई।

4.62 करोड़ की टैक्स मांग! आयकर विभाग ने इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया को थमाया नोटिस

नई दिल्ली आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 156 के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) को पहली बार 4.62 करोड़ रुपये का मांग नोटिस जारी किया है। आधिकारिक दस्तावेजों में यह जानकारी दी गई है। ईएफआई को नौ फरवरी, 2026 के नोटिस में कहा गया है कि इस खेल महासंघ को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 4,62,18,102 रुपये की राशि भुगतान करनी होगी। ईएफआई के चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा महासंघ के पदाधिकारियों को लिखे गए पत्र के अनुसार, कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना और उन्हें आयकर विभाग के समक्ष पेश करना जरूरी था। इस मामले के संबंध में एक अंतिम संचय प्रमाण पत्र भी तैयार किया गया है, लेकिन ईएफआई के महासचिव कर्नल जयवीर सिंह ने बताया कि ईएफआई कार्यकारी समिति ने दस्तावेज तैयार करने में देरी की जिससे उसे इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘कार्यकारी समिति के सभी सदस्यों द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित यह संचय प्रमाण पत्र आयकर विभाग के पास जमा करना जरूरी था। इस दस्तावेज़ को प्रस्तुत न करने के कारण यह पत्र जारी किया गया है। आयकर नियमों के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार महासंघ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।’’ ‘संचय प्रमाणपत्र’ से तात्पर्य आम तौर पर उस दस्तावेज़ से है जिसे कोई संगठन चालू वर्ष में कर लगाए बिना भविष्य में उपयोग के लिए आय अलग रखने के लिए दाखिल करता है। ईएफआई सूत्रों ने यह भी कहा कि कर्नल जगत सिंह के नेतृत्व वाले महासंघ ने अधिनियम की धारा 11 से संबंधित प्रावधानों के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से अनुमोदन हासिल नहीं किया था, जो कुछ विदेशी लेन देन से जुड़े मामलों में जरूरी होता है। ईएफआई अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी निकाय से संबद्ध होने के कारण राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में संबद्धता शुल्क, भागीदारी राशि और संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के लिए विदेशों में धन भेजता है। नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान न करने पर अधिनियम की धारा 220(2) के तहत प्रत्येक माह एक प्रतिशत की दर से साधारण ब्याज लगेगा। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि भुगतान न करने पर धारा 221 के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जा सकती है जो सुनवाई का अवसर प्रदान करने के बाद बकाया कर की राशि तक हो सकती है। यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत वसूली की कार्यवाही भी शुरू की जा सकती है। ईएफआई युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ और अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी निकाय से संबद्ध है।  

स्थापना दिवस पर गृह निर्माण मंडल की समीक्षा बैठक, समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश

रायपुर. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने आज अपना 22वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। राज्य गठन के बाद 12 फरवरी 2004 को मंडल का पुनर्गठन किया गया था। पुनर्गठन के पश्चात अब तक मंडल द्वारा निर्मित लगभग एक लाख आवासों एवं संपत्तियों में से करीब 75 प्रतिशत आवास कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए तैयार किए गए हैं। स्थापना दिवस के अवसर पर मंडल अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव और आयुक्त  अवनीश शरण  ने सभी शाखाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों की समीक्षा बैठक ली। अध्यक्ष  सिंह देव ने हाउसिंग बोर्ड परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बेहतर कार्य संस्कृति और हितग्राहियों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सभी संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।  बैठक में उन्होंने “रिव्यू, रिफॉर्म और रिवोल्यूशन” की कार्यसंस्कृति अपनाने पर बल दिया। अध्यक्ष ने बताया कि वर्षों से रिक्त पड़ी संपत्तियों में से 70 प्रतिशत का विक्रय किया जा चुका है। शेष 30 प्रतिशत संपत्तियों के शीघ्र विक्रय के लिए नई नीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य भी शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित कॉलोनियों में ऐसे भूखंड, जो मंडल के उपयोग में नहीं हैं या अतिरिक्त रूप में आबंटित किए जा सकते हैं, उनका त्वरित निराकरण किया जाए। नई आवासीय योजनाओं के तहत विक्रय हो रहे मकानों की साइट पर एक टिन शेड कार्यालय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए, जहां परियोजना से संबंधित सभी जानकारी और ब्रोशर उपलब्ध कराए जाएं। मंडल द्वारा हाल ही में 2060 करोड़ रुपये की नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ किया गया है। वर्ष 2025 में 1023.70 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया, वहीं चालू वर्ष के मात्र 40 दिनों में ही लगभग 200 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय किया जा चुका है। आयुक्त  अवनीश शरण ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समयबद्ध प्रगति बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी शाखाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ शीघ्रता से आम जनता तक पहुंच सके। आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने स्थापना दिवस के अवसर पर मंडल द्वारा कार्यों की समीक्षा को सकारात्मक पहल बताते हुए अध्यक्ष, आयुक्त और पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। समीक्षा बैठक में तकनीकी, विद्युत, लेखा, प्रशासन, संपदा, वास्तु, मार्केटिंग और आईटी शाखाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में अपर आयुक्त  हर्ष कुमार जोशी,  अजीत सिंह पटेल,  एम.डी. पनारिया,  आर.के. राठौर,  एस.के. भगत,  एच.के. वर्मा, मुख्य संपदा अधिकारी  सुनील कुमार सिंह सहित समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

ईमेल से मची हड़कंप: रांची DC कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी

रांची रांची में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सिविल कोर्ट को धमकी मिलने के बाद अब समाहरणालय (डीसी ऑफिस) को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गए हैं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर सुरक्षा बढ़ाई रांची के समाहरणालय को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल के जरिए दी गई है। जैसे ही इसकी जानकारी प्रशासन को मिली, पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी और सुरक्षा बढ़ा दी। मौके पर बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब स्क्वॉड), डॉग स्क्वॉड और पुलिस की टीम पहुंच गई। समाहरणालय के हर कमरे, दफ्तर और आसपास के इलाके की सघन जांच की जा रही है। किसी भी संदिग्ध वस्तु की तलाश में तलाशी अभियान जारी है। मुख्य गेट पर सख्त जांच की जा रही है। बिना जांच के किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पुलिस अधिकारी खुद मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। आसपास के क्षेत्रों में भी गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की धमकी की खबर फैलते ही कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है। इधर, पुलिस की साइबर सेल टीम धमकी भरे ईमेल की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर जांच जारी है।  

क्रेडिट कार्ड यूजर्स अलर्ट! RBI करने जा रहा है नियमों में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के दिशा-निर्देशों में बदलाव के लिए ड्राफ्ट जारी किया है। इसका मकसद कवरेज का विस्तार, परिचालन प्रक्रियाओं का सरलीकरण और कृषि क्षेत्र की उभरती जरूरतों का ध्यान रखना है। इस ड्राफ्ट पर आम लोग और अन्य हितधारक छह मार्च 2026 तक टिप्पणियां और सुझाव दे सकते हैं। होने वाले हैं ये बदलाव आरबीआई ने केसीसी लोन की मंजूरी और री-पेमेंट प्रोग्राम में एकरूपता लाने के लिए फसल सत्रों की अवधि को मानकीकृत करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों को 12 माह के चक्र और लंबी अवधि वाली फसलों को 18 माह के चक्र के रूप में परिभाषित किया गया है। लंबी अवधि की फसलों के चक्र के अनुरूप लोन अवधि तय करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की कुल अवधि छह वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया है। ड्राफ्ट में केसीसी के तहत निकासी सीमा को प्रत्येक फसल सत्र के लिए फसल की अनुमानित लागत के साथ समायोजित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि किसानों को वास्तविक खेती लागत के अनुरूप पर्याप्त लोन मिल सके। इसके अलावा, मिट्टी की जांच, वास्तविक समय में मौसम पूर्वानुमान, जैविक एवं उत्तम कृषि पद्धतियों के सर्टिफिकेशन जैसे तकनीकी खर्चों को भी पात्र मद में शामिल किया गया है। ये खर्च कृषि परिसंपत्तियों के मेंटेनेंस के लिए वर्तमान में स्वीकृत 20 प्रतिशत अतिरिक्त के भीतर रखे जाएंगे। किसान क्रेडिट कार्ड के बारे में बता दें कि किसान क्रेडिट कार्ड सिर्फ सरकारी बैंक ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय ग्रामीण और कुछ निजी बैंकों से भी मिलता है। इस कार्ड के लिए जमीन का मालिक होना जरूरी नहीं, किरायेदार और शेयरफार्मर भी पात्र हैं। इसके लिए जरूरी दस्तावेज में दो पासपोर्ट साइज के फोटो, राजस्व अधिकारियों द्वारा विधिवत प्रमाणित भूमि जोत का प्रमाण, रकबे के साथ फसल पैटर्न (उगाई जाने वाली फसलें) आदि शामिल हैं। शॉर्ट टर्म के लिए कितना लोन किसान क्रेडिट कार्ड योजना, किसानों को उनकी विविध वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त और समय पर लोन प्रोवाइड करने के लिए बनाई गई है। यह किसानों को संस्थागत लोन तक आसान पहुंच प्राप्त करने मदद करती है। इसके जरिए कृषि और फसल के बाद के खर्चों के लिए पैसे की उपलब्धता सुनिश्चित किया जा सकता है। संशोधित ब्याज अनुदान योजना (एमआईएसएस) के तहत किसानों को फसल और संबद्ध गतिविधियों के लिए रियायती शॉर्ट टर्म एग्री लोन प्रोवाइड किया जाता है। योजना में 3 लाख रुपये तक के लोन पर 7 प्रतिशत ब्याज दर है। वहीं, समय पर री-पेमेंट के लिए अतिरिक्त 3 प्रतिशत अनुदान के साथ प्रभावी दर को घटकर 4 प्रतिशत हो जाता है। एमआईएसएस में किसान क्रेडिट कार्ड वाले छोटे किसानों के लिए नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीदों यानी एनडब्ल्यूआर पर फसल के बाद के लोन भी शामिल हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऊर्जा मंत्री तोमर के सुपुत्र रिपुदमन के विवाह समारोह में शामिल हुए वर-वधु को दिया आशीर्वाद

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर के सुपुत्र रिपुदमन सिंह (सागर) के विवाह समारोह में शामिल होकर वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान किया। ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर के सुपुत्र रिपुदमन सिंह का विवाह कनिका (सिमरन) सुपुत्री मती सीमा-स्व. सूर्यवीर सिंह सिसौदिया के साथ हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान कर राधाकृष्ण की मूर्ति भेंट की। उन्होंने मंत्री  तोमर एवं उनके परिजन को शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।

वनडे वर्ल्ड कप 2027 पर रोहित का ऐलान: खेलने नहीं, देश के लिए जीतने उतरूंगा

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को टी20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब दिलाया, लेकिन उनके दिल में विश्व कप 2023 का खिताब न जीत पाने का गम अभी भी जिंदा है। रोहित उस कसक को मिटाने के लिए अगला वनडे विश्व कप खेलने और जीतने के प्रति दृढ़संकल्पित हैं। रोहित शर्मा ने बुधवार को एक आईसीसी इवेंट में कहा, “वह सिर्फ वनडे विश्व कप 2027 खेलना नहीं चाहते हैं, बल्कि 2023 में अहमदाबाद में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हारने वाली ट्रॉफी उठाने के लिए बेताब हैं। पूर्व कप्तान ने कहा, “मैं 50-ओवर का विश्व कप देखते हुए बड़ा हुआ हूं। उस समय कोई टी20 विश्व कप नहीं था, कोई आईपीएल नहीं था। वह क्रिकेट का सबसे ऊंचा स्तर था, जो हर चार साल में होता था। इसलिए, बेताबी थी। उस एक ट्रॉफी का इतना ज्यादा बोझ था। मैं सच में वह ट्रॉफी चाहता हूं, इसलिए मैं कड़ी मेहनत करने और उसे पाने के लिए अपनी पूरी ताकत और काबिलियत से सब कुछ करने की कोशिश करूंगा। मैं वहां जाकर अपने देश के लिए विश्व कप जीतना चाहता हूं।” टी20 और टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास ले चुके रोहित शर्मा की उम्र और फिटनेस की वजह से 2027 विश्व कप में खेलने को लेकर सवाल था। पिछले 6 महीने में रोहित ने अपनी फिटनेस पर काम किया और अपना वजन कम किया है। साथ ही उनकी बल्लेबाजी में भी जोरदार बदलाव दिखा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उनका बल्ला बेशक नहीं चला था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोहित ने अपनी बल्लेबाजी से रोमांचित किया था। फिटनेस और फॉर्म के प्रति रोहित की सजगता देखते हुए विश्व कप 2027 को लेकर उनके समर्पण का अंदाजा लगाया जा सकता है। मौजूदा समय में वनडे फॉर्मेट के बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों में से रोहित शर्मा ने 282 वनडे की 274 पारियों में 33 शतक और 61 अर्धशतक की मदद से 11,577 रन बनाए हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह जिले के नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव में होंगे शामिल

भोपाल. नोहटा स्थित ऐतिहासिक नोहलेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित दस दिवसीय नोहलेश्वर महोत्सव में शामिल होंगे। यह आयोजन संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र सिंह लोधी के मार्गदर्शन में चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को ही छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में महाशिव रात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित गरीब परिवारों की कन्याओं के सामुहिक विवाह समारोह में भी शामिल होंगे। नोहलेश्वर मंदिर का ऐतिहासिक महत्व नोहटा में स्थित नोहलेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली रहा है। यह मंदिर कलचुरी कालीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। कहा जाता है कि इस भव्य मंदिर का निर्माण 10वीं–11वीं शताब्दी के दौरान हुआ था। मंदिर की शिल्पकला, अलंकृत स्तंभ, विशाल गर्भगृह एवं कलात्मक नक्काशी आज भी दर्शकों को उस युग की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराती है। पुरातत्वविदों के अनुसार नोहलेश्वर मंदिर मध्य भारत के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक है, जहां प्राचीन काल से ही श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करते आ रहे हैं। यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। महोत्सव की विशेषताएं महोत्सव के दौरान देशभर के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समा बॉध रहे है। साथ ही, धार्मिक, सांस्कृतिक संध्याएं, कार्यशालाएं, महिला सम्मेलन, किसान गोष्ठी और पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह है।  

‘गेम की समझ ही असली ताकत’— आधुनिक शतरंज पर विश्वनाथन आनंद का बड़ा बयान

मदुरै (तमिलनाडु) पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने गुरुवार को यहां कहा कि ऐसे युग में जहां खिलाड़ी कंप्यूटर से मिलने वाली सहायता से अभिभूत हैं तब खेल की गहरी समझ आधुनिक शतरंज में एकमात्र असली निर्णायक कारक बन गई है। आनंद ने तीन दिवसीय शतरंज कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में कहा, ‘‘दिलचस्प बात यह है कि आपको जितना अधिक ज्ञान उपलब्ध कराया जाता है, उतना ही कम आप जान पाते हैं। यदि हर दिन आपको 20-30 नए निष्कर्ष मिलते हैं तो आप उन्हें कैसे समझ पाएंगे। मेरा मानना है कि आज के शतरंज खिलाड़ियों को अलग करने वाली एकमात्र चीज गहरी समझ है।’’ कई साल पहले जब आनंद ने कंप्यूटर का उपयोग करना सीखा था, तब का उदाहरण देते हुए इस ग्रैंडमास्टर ने कहा कि नए विचारों के प्रति खुला रहना मददगार होता है, लेकिन बारीकियों को समझना एक खिलाड़ी को नए स्तर पर ले जाता है। आनंद ने इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि शतरंज में महारत हासिल करना रटने के बजाय पैटर्न को पहचानने पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा दिमाग हमारी क्षमता से कहीं अधिक पैटर्न बनाता है। किसी का खेल देखने के हफ्तों बाद अक्सर खिलाड़ियों के दिमाग में नए विचार आ जाते हैं। उन्हें इसका अहसास नहीं होता है कि वे कहीं और से कुछ नकल कर रहे हैं।’’