samacharsecretary.com

कैलाश विजयवर्गीय ने भागीरथपुरा मौतों पर उमंग सिंगार को याद दिलाई ‘औकात’

भोपाल. गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में नगरीय विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर जोरदार हंगामा हुआ। अदाणी समूह और सरकार के बीच बिजली समझौतों को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा उठाए गए सवालों के दौरान विवाद बढ़ गया। उद्योगपति अदाणी का नाम लिए जाने पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और नाम कार्यवाही से हटाने की मांग की। इसी दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने सबूत मांगे। सिंघार ने कहा कि उनके पास प्रमाण हैं और वे प्रस्तुत करेंगे। बहस तेज होने पर विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष से “अपनी औकात में रहने” की टिप्पणी कर दी। इसके बाद विपक्ष ने तीखा विरोध शुरू कर दिया और सदन में हंगामा मच गया। सात बार स्थगित हुई कार्रवाई स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने हस्तक्षेप किया और कहा कि सदन में बनी असहज स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्रवाई सात बार स्थगित करनी पड़ी। सत्ता पक्ष के सदस्य भी अध्यक्ष की दीर्घा के पास पहुंच गए, जिससे वातावरण और तनावपूर्ण हो गया। मुख्यमंत्री ने मांगी माफी हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सदन में सभी की ओर से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वे संसदीय मर्यादा बनाए रखने के पक्षधर हैं। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपनी टिप्पणी पर दुख जताते हुए कहा कि उनका 37 वर्ष का संसदीय अनुभव है और वे अपने व्यवहार से प्रसन्न नहीं हैं। उन्होंने भविष्य में नेता प्रतिपक्ष की गरिमा का ध्यान रखने की बात कही। आज विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन नेता प्रतिपक्ष श्री @UmangSinghar जी एवं कांग्रेस पार्टी के सभी विधायकगण ने सरकार के झूठे और खोखले वादों और घोषणाओं के विरुद्ध विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया। — Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) February 19, 2026 भागीरथपुरा मौतों पर इस्तीफे की मांग इससे पहले कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर कैलाश विजयवर्गीय और लोक स्वास्थ्य विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से इस्तीफे की मांग की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह मृत्यु नहीं बल्कि हत्या है और सिस्टम ने 35 लोगों की जान ली है। सरकार की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया। राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों का कर्तव्य राहत और बचाव कार्य करना है, न कि इस्तीफे की मांगों पर प्रतिक्रिया देना। विधानसभा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि शुक्रवार को इस विषय पर चर्चा कराई जाएगी। जांच में मिले ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया राजेंद्र शुक्ल ने सदन में स्वीकार किया कि भागीरथपुरा में 22 लोगों की मौत एक्यूट डायरिया से हुई। उन्होंने बताया कि कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फार रिसर्च इन बैक्टीरिया इंफेक्शन, इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज और जिला लोक स्वास्थ्य प्रयोगशाला की जांच में मरीजों के नमूनों में खतरनाक ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया पाए गए।

लाउड स्पीकर पर आरती पर दो पक्षों में जमकर पथराव

जबलपुर. जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील (MP News) में गुरुवार रात करीब नौ बजे आपसी विवाद के बाद दो पक्ष भिड़ गए। एक धार्मिक स्थल के बाहर लगी रैलिंग टूटने से लोग आक्रोशित हो गए। इससे दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव कर दिया। इसमें कुछ लोगों के आंशिक घायल होने की सूचना है। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा और अश्रु गैस के गोले भी छोड़े। तनाव को देखते हुए मौके पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय पहुंचे। अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। पुलिस ने हालात नियंत्रण का दावा करते हुए जांच के बाद मामला दर्ज करने की बात कही है।

खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026: बर्फीली वादियों में दिखेगा स्पोर्ट्स पॉलिसी का दम

गुलमर्ग गुलमर्ग में होने वाले खेलो इंडिया विंटर गेम्स का अगला संस्करण सरकार की ‘खेलो भारत’ नीति का आदर्श उदाहरण बनने वाला है। 23-26 फरवरी के दौरान आयोजित होने वाले संस्करण से पहले पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलनी शुरू हो गई है। पिछले साल जुलाई में केंद्रीय खेल मंत्रालय द्वारा शुरू की गई खेलो भारत नीति का मकसद भारत के स्पोर्टिंग इकोसिस्टम को मजबूत करना है, साथ ही आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने के लिए बड़े इवेंट्स का फायदा उठाना है। आधारभूत संरचना का विकास, प्रतिभा की पहचान और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को बढ़ावा देकर, यह नीति पर्यटन, उत्पादन और खेल तकनीक जैसे जुड़े हुए क्षेत्र को भी बढ़ावा देना चाहती है। गुलमर्ग में खेलों का आयोजन होता रहा है। इससे यात्रियों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। विंटर ओलंपियन समेत भारत के टॉप स्कीयर के हिस्सा लेने से, इस इवेंट ने पूरे इलाके में जोश भर दिया है, खासकर उन लोगों में जिनकी रोजी-रोटी खेल पर्यटन पर निर्भर करती है। स्थानीय व्यापार में सक्रियता बढ़ी है। शीन वुड्स टैंगमर्ग के एक होटल मालिक आबिद ने कहा कि इवेंट से हफ्तों पहले बुकिंग बढ़ गई थी। मध्य प्रदेश, हरियाणा, केरल, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर के एथलीटों से भरी लॉबी की ओर इशारा करते हुए वे कहते हैं, “हमारे लिए, यह सिर्फ पर्यटन से कहीं ज्यादा है। यह हमारी पहचान है। जब गेम्स होते हैं, तो गुलमर्ग देश के दिल जैसा लगता है। आप अलग-अलग भाषाएं सुनते हैं। ऐसा लगता है जैसे पूरा देश एक कमरे में है।” गुलमर्ग में विंटर गेम्स के विकास में लगातार वृद्धि देखी गई है। 2020 के पहले एडिशन में 1,123 एथलीटों ने हिस्सा लिया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर मेडल सूची में सबसे ऊपर था। 2021 में हिस्सा लेने वाले एथलीट बढ़कर 1,208 हो गए, जिसमें मेजबान इलाके ने 18 स्वर्ण पदक जीते। 2023 संस्करण में 1,395 एथलीट के साथ सबसे ज्यादा लोग आए, क्योंकि जम्मू और कश्मीर ने 26 स्वर्ण, 25 रजत और 25 कांस्य पदक जीते। हालांकि 2024 और 2025 संस्करण में कम इवेंट और प्रतिभागी थे। आर्मी, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक जैसी टीमों ने अच्छा परफॉर्म किया था। जैसे-जैसे छठा एडिशन पास आ रहा है, पूरा ध्यान प्रयोग की जगह विरासत बनाने पर आ गया है। 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, कश्मीर में घरेलू यात्रियों की संख्या 2024 में लगभग 26 लाख की तुलना में 2025 में काफी कम होकर लगभग 10.47 लाख रह गई। हालांकि, पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस साल नए साल की भीड़ और विंटर गेम्स को लेकर बढ़ते उत्साह की वजह से यात्रियों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी हुई है। गुलमर्ग के 2,300 होटल और हट बेड इवेंट के समय के लिए पहले से ही 50 प्रतिशत से ज्यादा बुक हो चुके हैं। होटल और रिजॉर्ट के अलावा, खेल आय के मौके भी दे रहे हैं। कोंगदूरी की ढलानों पर, स्लेज खींचने वाले अल्ताफ हुसैन और मुहम्मद रफीक यात्रियों की भीड़ के लिए तैयारी कर रहे हैं। हुसैन कहते हैं, “यह हमारा सीजन है। जब खेल शुरू होते हैं, तो गुलमर्ग में जान आ जाती है।” उन्होंने कहा, “आमतौर पर दूरी और समय के हिसाब से हर यात्री पर हम 500 रुपये से 1,500 रुपये कमाते हैं। पीक टाइम में प्रतिदिन की कमाई 1,500 रुपये से 3,000 रुपये तक होती है।” 2026 संस्करण में चार श्रेणियों स्की माउंटेनियरिंग, अल्पाइन स्कीइंग, नॉर्डिक स्कीइंग (क्रॉस-कंट्री), और स्नोबोर्डिंग में खेल आयोजित किए जाएंगे। खेलो इंडिया विंटर गेम्स सिर्फ एक प्रतियोगिता से कहीं ज्यादा बनकर उभर रहा है। यह इस बात का एक ठोस सबूत है कि खेल नीति कैसे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति दे सकती है, राष्ट्रीय खेल संस्कृति को मजबूत कर सकती है, और गुलमर्ग को भारत की विंटर स्पोर्ट्स कैपिटल के तौर पर अपनी जगह फिर से पक्की कर सकती है।  

यूपी की सियासत गरम: मोहन भागवत से मिले दोनों डिप्टी CM, 2027 चुनाव की रणनीति पर चर्चा?

लखनऊ . उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत की हैट्रिक के लिए खुद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मैदान में उतर चुके हैं. गोरखपुर प्रवास के बाद वे लखनऊ पहुंचे।  जहां पहले वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ 40 मिनट तक मुलाक़ात की. गुरुवार को मेरठ रवानगी से पहले उनकी मुलाक़ात दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पटाहक से हुई. इन मुलाकातों को राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, आरएसएस प्रमुख ने हिंदुत्व के अजेंडे को धार देने और जाति की राजनीति को ख़त्म करने को लेकर चर्चा की है. इसकी वजह यह है कि हाल के दिनों में जिस तरह से यूजीसीबिल और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का मुद्दा उठा उससे, हिन्दू वोट बंटने का खतरा है. इसका सीधा नुकसान बीजेपी को इसलिए भी है, क्योंकि बीजेपी 80 बनाम 20 की राजनीति करती है. यानी सपा का पीडीए और बीजेपी का दलित वोट भी सिका हिस्सा है. सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में मोहन भागवत से करीब 30-40 मिनट तक बातचीत की. यह मुलाकात आरएसएस के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में बताई जा रही है, लेकिन सियासी गलियारों में इसे 2027 के चुनावी रोडमैप, हिंदुत्व एजेंडा, संगठन-सरकार समन्वय और सामाजिक समीकरणों पर रणनीति बनाने के रूप में देखा जा रहा है. मुलाकात के दौरान प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, संगठन की भूमिका और आगामी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है. किस मुद्दे पर हुई होगी चर्चा? मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात के बाद, गुरुवार सुबह मोहन भागवत ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक से भी अलग-अलग मुलाकात की. सरस्वती कुंज में हुई इन बैठकों में हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों, जातिगत राजनीति, सामाजिक समरसता और चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श होने की बात कही जा रही है. हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से मोहन भागवत ने जाति को भूलने और खुद को हिंदू बताने का आह्वान किया है उससे साफ़ है कि 2027 के लिए सियासी बिसात तैयार की जा रही है. इन मुलाकातों से स्पष्ट है कि आरएसएस 2027 के चुनाव को लेकर प्रदेश स्तर पर मजबूत समन्वय और तैयारी में जुटा हुआ है. आरएसएस और बीजेपी के बीच समन्वय मजबूत होगा यह मुलाकातें ऐसे समय हो रही हैं जब उत्तर प्रदेश में सामाजिक-राजनीतिक माहौल गर्म है और विभिन्न दल अपनी-अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं. आरएसएस की ओर से हिंदू समाज में एकता, सतर्कता और सामाजिक सद्भाव पर जोर दिया जा रहा है, जबकि सरकार-संगठन के बीच बेहतर तालमेल को चुनावी सफलता की कुंजी माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये मुलाकातें न केवल भाजपा की चुनावी तैयारियों को मजबूती देंगी, बल्कि संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएंगी.

भक्तों के लिए सुविधा: वैष्णो देवी-शिवखोड़ी हेलीकॉप्टर सेवा से 20 मिनट में यात्रा संभव

कटरा जम्मू कश्मीर का कटरा स्थित माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह श्रद्धालु अब केवल 20 मिनट में वैष्णो देवी से शिवखोड़ी पहुंच सकेंगे। हेलीकॉप्टर द्वारा कम समय में दोनों तीर्थ स्थल की यात्रा संभव होगी। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के मुताबिक अगले 3 महीने में ये प्रोजेक्ट शुरू हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट के बारे में जो जानकारी मिलती है उसके मुताबिक आरसीसी ग्रेफ द्वारा हैलीपेड से गुफा तक यात्रा मार्ग और पुल निर्माण का काम किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य की लागत तकरीबन 6 करोड रुपए बताई जा रही है। वैष्णो देवी से शिवखोड़ी की यात्रा उप राज्यपाल द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 3 महीने के भीतर कटरा से शिवखोड़ी तक की हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा एक अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम भी विकसित किया जा रहा है। कटरा में हेलीपैड बनाने का काम अंतिम चरण में और शिवखोड़ी में भी ऐसे ही सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। जब दोनों जगह का काम पूरा हो जाएगा तो तीर्थ यात्री आसानी से दोनों मंदिर आना-जाना कर सकेंगे। वाहनों के जरिए जम्मू या फिर कटरा से शिवखोड़ी पहुंचने में ढाई से 3 घंटे का समय लगता है। हेलीकॉप्टर से इन दोनों तीर्थ स्थलों के बीच की दूरी केवल 20 मिनट रह जाती है। कितना होगा किराया श्रद्धालुओं के लिए 13 अक्टूबर 2010 को कटरा से शिवखोड़ी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई थी। उस समय यात्रियों को आने जाने के लिए प्रति श्रद्धालु 8500 किराया देना पड़ता था। अब किराया 8 से 10 हजार के बीच होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बनेगा श्री शंकराचार्य मंदिर माता वैष्णो देवी साइन क्षेत्र में श्री शंकराचार्य मंदिर के निर्माण की तैयारी भी चल रही है। छेड़ शक्ति लंबे इंतजार के बाद इस प्रतिष्ठित मंदिर के निर्माण का सपना सच होता दिखाई दे रहा है। 1967 में इसकी अवधारणा तैयार की गई थी लेकिन कुछ कर्म से ही पूरा नहीं हो पाया था। मंदिर निर्माण में वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड 31.51 करोड़ रुपए की अनुमानित राशि खर्च करने वाला है। मंदिर निर्माण से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी ज्यादा होगा। जो श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन करने पहुंचेंगे उन्हें शंकराचार्य मंदिर के दर्शन का मौका भी मिलेगा। साल के अंत तक मंदिर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

अभिषेक शर्मा की ‘डक हैट्रिक’ से बढ़ी चिंता, भारत की बल्लेबाजी पर उठे सवाल

नई दिल्ली भारत ने टी 20 विश्व कप में अपने चारों ग्रुप मैच जीत लिए हैं लेकिन सुपर आठ में जाने से पहले ओपनर अभिषेक शर्मा का फ़ॉर्म भारत की सबसे बड़ी चिंता होगी। भारत ने मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप के इतने ही मैचों में चार जीत हासिल की हैं और फिर भी, इस फ़ॉर्मेट में नंबर 1 बैटर के बल्ले से एक भी रन की जरूरत नहीं पड़ी। लगातार तीन डक के बाद, अभिषेक ने यह पक्का कर दिया है कि कॉम्पिटिशन की सबसे खतरनाक बैटिंग लाइन-अप भी अपने सबसे अच्छे रूप में नहीं है। भारत के असिस्टेंट कोच, रयान टेन डेशकाटे ने फिलहाल इस छोटी सी चिंता को नज़रअंदाज़ कर दिया है, कम से कम सबके सामने तो ज़रूर। बुधवार को नीदरलैंड्स पर भारत की 17 रन की जीत के बाद टेन डेशकाटे ने कहा, “उसने कल रात नेट्स में बहुत अच्छी बैटिंग की, उसने 90 मिनट बैटिंग की।” “आपको उसे थोड़ी जगह भी देनी होगी। वह ग्रुप फेज में बहुत अच्छा महसूस नहीं कर रहा था, उसने कुछ दिन हॉस्पिटल में बिताए और (नामीबिया के खिलाफ) गेम मिस कर दिया। यह उसके लिए अब तक बहुत निराशाजनक टूर्नामेंट रहा है। लेकिन मैंने कल रात उसकी बॉल स्ट्राइकिंग में कुछ बहुत अच्छे संकेत देखे। इसलिए उसके बारे में कोई चिंता नहीं है, जब दूसरा फेज आएगा तो वह ठीक हो जाएगा।” यह समझा जा सकता है कि अभिषेक का इस कॉम्पिटिशन में एक भी रन न खरीद पाना चिंता की बात क्यों नहीं है। पहली बात, वह डेढ़ साल के शानदार प्रदर्शन के दम पर टूर्नामेंट में आया है, जिसने उसे दुनिया की रैंकिंग लिस्ट में टॉप पर पहुंचाया है। दूसरी बात, उसके आउट होने का कोई खास पैटर्न नहीं है, जबकि अमेरिका और पाकिस्तान दोनों ने माना है कि उन्होंने बाएं हाथ के इस खिलाड़ी के आउट होने की प्लानिंग में काफी समय बिताया था। उन्होंने संजय कृष्णमूर्ति की गेंद पर डीप कवर में कैच दे डाला, सलमान आगा की गेंद पर मिड ऑन पर पुल करने में चूक गए, और आर्यन दत्त की गेंद पर पुल करने से चूक गए। असल में कोई पैटर्न नहीं है। यह देखते हुए कि बाकी बैट्समैन ने अलग-अलग मौकों पर अच्छा खेला है, अभिषेक की मुश्किलों ने अभी तक टीम को परेशान नहीं किया है, ठीक वैसे ही जैसे ज़्यादातर दिनों में होता है जब अभिषेक रन नहीं बना पाए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ ईशान किशन की धमाकेदार बल्लेबाजी ने यह पक्का कर दिया कि अभिषेक का जल्दी आउट होना चिंता की बात नहीं है। इससे पहले, इसी तरह के दुर्लभ शुरुआती आउट में, संजू सैमसन ने बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरी लगाई थीं, जब अभिषेक क्लिक नहीं कर पाए थे। टी20 में भारत का दबदबा ओपनर्स द्वारा शुरुआती कंट्रोल हासिल करने की वजह से आया है। ऊपर से देखें तो, पिछले वर्ल्ड कप के बाद से ओपनिंग स्लॉट पर कब्जा करने वाले सभी खिलाड़ियों ने ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है, इतना कि रोहित शर्मा और विराट कोहली की जगह भरना मुश्किल नहीं था, और पुरानी यादों के लिए भी, उनकी कमी महसूस नहीं हुई। लेकिन थोड़ा हटकर देखें, तो आपको जितना अंदाज़ा होगा, उससे कहीं ज़्यादा बातें छिपी हुई हैं। ओपनर्स – अभिषेक, संजू सैमसन, शुभमन गिल, ईशान किशन और यशस्वी जायसवाल – की अपनी-अपनी काबिलियत ने इस सच्चाई को छिपा दिया है कि भारत को इस दबदबे के दौर में अच्छी ओपनिंग पार्टनरशिप नहीं मिल रही है, जहाँ उन्होंने अपने लगभग 80 प्रतिशत मैच जीते हैं। उस कंट्रोल का ज़्यादातर दबाव नंबर 3 – ईशान किशन, तिलक वर्मा और उनके जैसे खिलाड़ियों पर पड़ा है, खासकर उस समय जब सूर्यकुमार यादव भी संघर्ष कर रहे थे। डेशकाटे इस बात की पुष्टि करते हैं कि हालांकि यह ध्यान देने वाली बात है, लेकिन बहुत सारे खिलाड़ी हैं जो अलग-अलग समय पर योगदान दे रहे हैं, जो टीम के लिए काम करता है। डेशकाटे ने कहा, “टीम का रिकॉर्ड खुद बोलता है। हमेशा कोई एक ऐसा खिलाड़ी होता है जो हमें पावरप्ले से बाहर निकाल देता है, भले ही हम दो या तीन विकेट जल्दी गंवा दें। हम फिर भी पावरप्ले से काफ़ी मजबूती से बाहर निकलने में कामयाब रहते हैं।” अभिषेक का रन न बनाना अभी टीम के लिए चिंता की बात नहीं हो सकती है, लेकिन कॉम्पिटिशन के ज़्यादा अहम स्टेज में आगे बढ़ते हुए, कड़ी टक्कर देने वाली टीमों के खिलाफ, उनका योगदान ही अंतर पैदा कर सकता है। उनके योगदान की कमी पहले ही छोटे-छोटे लेवल पर देखी जा चुकी है। सभी गेम जीतने के बावजूद, भारत की बैटिंग इस कॉम्पिटिशन में अभी तक अपने पीक स्टैंडर्ड के करीब नहीं पहुंच पाई है। क्या अभिषेक शर्मा के शो से कोई फ़र्क पड़ता?  

9 स्टेट, 10 नेशनल और 1 इंटरनेशनल पदक, छतरपुर की बेटी ने 18 साल में रचा इतिहास

छतरपुर  छोरियां छोरों से कम नहीं होतीं तभी तो बुन्देलखंड के छतरपुर की छोरियां जिले का नाम रोशन करने में आगे दिखाई दे रही हैं. हाल ही में क्रांति गौड ने देश की महिला क्रिकेट टीम में खेलकर पूरी दुनिया में छतरपुर का नाम रोशन किया है. ऐसी ही एक किसान की 18 साल की बेटी ने एक दो नहीं बल्कि 20 मेडल जीत कर देश और जिले का नाम आगे बढ़ाया है. वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में 9 राज्य स्तरीय, 10 नेशनल स्तरीय और 1 इंटरनेशनल मेडल अपने नाम किया है. इंटरनेशन प्रेसीडेंट कप में चंद्रकला ने सिल्वर मेडल हासिल किया छतरपुर शहर के वार्ड नम्बर 8 की रहने वाली किसान की 18 साल की बेटी चंद्रकला कुशवाहा को नवम्बर 2025 में उत्तराखंड टिहरी लेक इंडिया में 28 से 30 नवम्बर 2025 तक आयोजित इंटरनेशन प्रेसीडेंट कप प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिला, जिसमें 20 देशों की खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था. चंद्रकला ने सिल्वर मेडल हासिल कर छतरपुर शहर के साथ-साथ जिला सहित पूरे बुंदेलखंड और देश का नाम रोशन किया है. बचपन से ही गेम का शौक था दरअसल, छतरपुर शहर की रहने वाली किसान की बेटी चंद्रकला कहती हैं कि "बचपन से ही गेम खेलने का शौक था, प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद कक्षा 6वीं में उसने एक्सीलेंस स्कूल में प्रवेश लिया. जब वह कक्षा 7वीं में थी, तभी स्कूल के माध्यम से शूटिंग के लिए चयन हुआ लेकिन शूटिंग ट्रायल में उम्र कम होने के कारण उसका चयन नहीं हो सका. इसके बाद कोच सौरभ कुशवाहा ने मलखंभ सीखने के लिए प्रेरित किया, तो चंद्रकला ने कक्षा 7 वीं में पढ़ाई के दौरान वर्ष 2019-20 में मलखंभ की कक्षा ज्वाइन कर ली. मलखंभ के बाद वाटर स्पोर्ट्स में चयन पहले मलखंभ का अभ्यास किया और फिर कैनोइंग, कयाकिंग, वाटर स्कीइंग यानी वाटर स्पोर्ट्स में चयन. वाटर स्पोर्ट्स की खिलाड़ी बनी चंद्रकला कहती हैं कि मलखंभ कक्षा में सीनियर खिलाड़ी अधिक होने के कारण शुरूआत में मलखंभ अभ्यास करने में उसे कम मौका मिला जिससे उसने अपने घर में छत के कुंदे से रस्सी बांधकर उस पर चढ़ना और अभ्यास करना शुरू किया. इसके बाद कोरोना के समय कुछ दिनों के लिए मलखंभ कक्षाएं बंद हो गईं तो, उसने घर पर ही अपना नियमित अभ्यास जारी रखा. चंद्रकला के पिता नंद किशोर कुशवाहा एक छोटी सी कपड़ों की दुकान भी चलाते हैं, लेकिन बेटी के हुनर और जज्बे को देखकर घर पर ही मलखंभ के आकार की लकड़ी लगवा दी. घर पर नियमित दो से तीन घंटे अभ्यास करने से मलखंभ और योग के आसन करने में वह पूरी तरह से पारंगत हो गई. शुरूआत में दो साल तक मलखंभ खेलकर पदक प्राप्त किए. 2022 में भोपाल स्पोर्ट्स एकेडमी ज्वाइन की फिजिकल अच्छा होने से उसका वाटर स्पोर्ट चयन प्रक्रिया में चयन हो गया. जिसके बाद वर्ष 2022 में उसने भोपाल स्पोर्ट्स एकेडमी ज्वाइन की. एकेडमी में पहुंचने के एक साल बाद ही पहला ब्रांज मेडल 2023 दिसम्बर में जीता. इसके बाद चंद्रकला ने अपना अभ्यास जारी रखा और तीन साल में 20 मेडल हासिल किए. चंद्रकला ने बताया कि, यहां तक पहुंचने में उनके दादा स्व. सरमन लाल कुशवाहा का सराहनीय योगदान रहा, वह हमेशा से ही उत्साह बढ़ाते रहे. चंद्रकला का क्या कहना है वहीं, जब 20 मैडल जीतने वाली चंद्रकला कुशवाहा बताती हैं कि "मेरी शुरुआत मलखंभ से हुई थी और अब वह कैनोइंग, कयाकिंग के लिए पिछले 3 साल से लगातार प्रयासरत थीं तभी जीत पाईं. 20 मैडल मेरे पास है, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड टिहरी सहित भोपाल में आयोजित प्रतिगोगिता में हिस्सा लिया है. परिवार का बहुत सपोर्ट रहता है. मेरी पढ़ाई अभी पंजाब के अमृतसर में चल रही है." क्या बोले चंद्रकला के चाचा छत्तरपुर की चंद्रकला कुशवाहा के चाचा जानकी कुशवाहा बताते हैं बहुत मेहनत की है बेटी को यहां तक पहुंचाने में, गरीब किसान परिवार से हैं हम लोग, बच्ची का हुनर और जज्बा देखकर उसे आगे बढ़ाया. अब बस यही सपना है देश का नाम रोशन करे."

घरेलू हिंसा पर अंतरराष्ट्रीय बहस: अफगानिस्तान बनाम भारत के कानून कितने अलग?

काबुल  अफगानिस्तान में महिलाओं की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. अफगानिस्तान को चलाने वाले तालिबान ने एक नया कानून लागू किया है, जो महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा को कानूनी रूप से मान्यता देता है. इस कानून के तहत पति अपनी पत्नी और बच्चों को उस हद तक शारीरिक सजा दे सकता है, जब तक उससे हड्डी न टूटे या खुला घाव न बने. यानी हड्डी नहीं टूटी तो पीटना गलत नहीं है. रिपोर्ट के अनुसार यह दंड संहिता तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा के हस्ताक्षर से लागू हुई है. यह कानून एक तरह की नई जाति व्यवस्था बनाता है, जिसमें सजा इस बात पर निर्भर करती है कि अपराध करने वाला व्यक्ति “आजाद” है या “गुलाम”. अफगानिस्तान का नया क्रिमिनल कोड  तालिबान एडमिनिस्ट्रेशन के लगाए गए नए क्रिमिनल कोड के तहत शादी के अंदर घरेलू व्यवहार को विवादित तरीके से देखा गया है. बताए गए नियमों से यह पता चलता है कि पति अपनी पत्नी या बच्चों को शारीरिक सजा दे सकता है. बशर्ते इससे हड्डियां ना टूटे या फिर खुले घाव ना हों. यह असरदार तरीके से घरों के अंदर घरेलू हिंसा के लिए कानूनी कवर देता है. यहां तक की ऐसे मामलों में भी जहां ज्यादा जोर लगाने से हड्डियां टूट जाती हैं, सिर्फ ज्यादा से ज्यादा सजा कथित तौर पर 15 दिन की जेल तय की गई है. न्याय पाने के लिए एक महिला को जज के सामने अपनी चोट दिखानी होती है और वह भी पूरी तरह से ढके हुए रहकर और अपने पति या किसी पुरुष संरक्षक के साथ आकर. इतना ही नहीं बल्कि कानून में यह भी कहा गया है कि अगर कोई शादीशुदा महिला अपने पति की इजाजत के बिना रिश्तेदारों से मिलने जाती है तो उसे 3 महीने तक की जेल हो सकती है.  भारत में घरेलू हिंसा कानून  भारतीय न्याय संहिता के मुताबिक पति या फिर उसके रिश्तेदारों द्वारा की गई  क्रूरता को एक गंभीर अपराध माना जाता है. शारीरिक का मानसिक क्रूरता के लिए 3 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है. यह एक नॉन बेलेबल अपराध है. जिसका मतलब है कि पुलिस बिना वारंट के आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है और जमानत भी अपने आप नहीं मिलती. घरेलू हिंसा से महिलाओं का प्रोटेक्शन एक्ट  भारत का घरेलू हिंसा से महिलाओं का प्रोटेक्शन एक्ट शारीरिक हमले तक ही सीमित नहीं है. इसमें आर्थिक, भावनात्मक, बोलकर किया गया और मानसिक शोषण भी शामिल है. एक महिला प्रोटेक्शन ऑर्डर के लिए मजिस्ट्रेट के पास जा सकती है. उसे साझा घर में रहने का भी अधिकार है. ऐसे कोर्ट ऑर्डर का उल्लंघन करने पर 1 साल तक की जेल हो सकती है. दहेज हत्याओं के लिए कड़ी सजा  शादी के 7 साल के अंदर दहेज हत्या या फिर संदिग्ध मौत जैसे गंभीर मामलों में कानून में काफी कड़ी सजा का प्रावधान है. भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत पति या ससुराल वालों को कम से कम 7 साल तक की जेल हो सकती है. इतना ही नहीं बल्कि दोषी पाए जाने पर उम्र कैद तक बढ़ सकती है. लोग बोलने से डर रहे द इंडिपेंडेंट के अनुसार, मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि लोग इस कानून के खिलाफ गुप्त रूप से भी बोलने से डर रहे हैं. इसकी वजह यह है कि तालिबान ने नया आदेश जारी किया है, जिसमें इस कानून पर चर्चा करना भी अपराध बताया गया है. अफगानिस्तान का मानवाधिकार संगठन रवादारी, जो देश से बाहर रहकर काम करता है, ने एक बयान में संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से अपील की है कि इस आपराधिक प्रक्रिया संहिता को तुरंत लागू करने से रोका जाए और इसे रोकने के लिए सभी कानूनी उपाय अपनाए जाएं. महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि रीम अलसालेम ने एक्स पर लिखा कि इस नए कानून का महिलाओं और लड़कियों पर असर बेहद डरावना है. तालिबान यह अच्छी तरह समझ चुका है कि उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है. सवाल यह है कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय उन्हें गलत साबित करेगा, और अगर करेगा तो कब.

अब मोटापे का मुफ्त इलाज, महाराजा यशवंतराव अस्पताल में नि:शुल्क सर्जरी

इंदौर  मध्य प्रदेश में अब मोटापे से परेशान लोगों को सरकारी स्तर पर मोटापे से मुक्ति मिल सकेगी. दरअसल, पहली बार इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में नि:शुल्क बेरिएट्रिक सर्जरी (वजन घटाने की सर्जरी) की शुरुआत की गई है. यहां पर 120 किलो वजन की एक महिला का पहला सफल ऑपरेशन किया गया है. यही नहीं अब यहां बेरिएट्रिक क्लिनिक शुरू होने जा रही है. प्राइवेट अस्पताल में बेरिएट्रिक सर्जरी का खर्च कम से कम 4-5 लाख दरअसल, प्रदेश भर में ऐसे हजारों लोग हैं जो मोटापे से परेशान हैं. इनमें कई ऐसे मरीज हैं जो 100 किलो के वजन को पार कर गए हैं. ऐसे लोगों को तमाम बीमारियों के अलावा हार्ट अटैक, डायबिटीज, हाईपरटेंशन और अन्य खतरे सर्वाधिक रहते हैं. लेकिन इससे बचने के लिए जो बेरिएट्रिक सर्जरी जरूरी है, निजी अस्पतालों में उसका शुल्क न्यूनतम 4 से 5 लाख है. इस स्थिति में मध्यम और गरीब वर्ग के ज्यादातर लोग यह सर्जरी नहीं करवा पाते. इंदौर की एक 120 किलो वजन की महिला का सफल ऑपरेशन यही परेशानी इंदौर के खजराना क्षेत्र की निवासी 30 वर्षीय गुलअफशा नामक महिला की थी जिसने अपना वजन 120 किलो होने के कारण इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया के समक्ष इलाज की गुहार लगाई थी. इसके बाद डॉ. घनघोरिया की सर्जरी टीम ने बरिएट्रिक सर्जरी प्लान की. डाइट प्लान तय किया और ऑपरेशन की तारीख 12 फरवरी तय की.इसके बाद महिला की सर्जरी एम वाय एच अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक पद्धति द्वारा की गई. इसे मिनी गैस्ट्रिक बायपास (MGB) बेरिएट्रिक के रूप में किया गया. जो दूरबीन द्वारा फ्री में किया गया. डॉ. घनघोरिया ने बताया "इस तरह के आपरेशन में स्पेशल बेरिएट्रिक लेप्रोस्कोपिक सेट लगता है तथा महंगे स्टेपलर लगते हैं, जिनका खर्च शासन द्वारा वहन किया गया. ऑपरेशन के बाद 5 दिन चले उपचार के बाद 17 फरवरी को महिला को अस्पताल से छुट्टी मिल गई. महिला को अब जल्द ही मोटापे से मुक्ति मिलने की उम्मीद बंधी है जिसे लेकर वह खासी खुश है. प्राइवेट और कॉर्पोरेट अस्पताल में उसे सर्जरी का 4 से 5 लख रुपए का खर्च बताया गया था. इसके अलावा उसे हर महीना ₹10,000 की दवाइयां बताई गई थी. लेकिन सरकारी अस्पताल में यही सर्जरी फ्री में होने के कारण उसे बड़ी सौगात मिल सकी है." इंदौर में खुलेगी पहली बेरिएट्रिक क्लिनिक दरअसल, पश्चिमी मध्य प्रदेश में मरीज का फ्लो सर्वाधिक रहने के कारण इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अब बरिएट्रिक सर्जरी के लिए अलग से विशेष क्लिनिक शुरू करने का फैसला किया है. डॉ, घनघोरिया ने बताया जल्द ही मेडिकल कॉलेज के अधीन इंदौर में पहले सरकारी बेरियाट्रिक क्लिनिक का शुभारंभ होगा.

T20 वर्ल्ड कप 2028: 12 टीमें कंफर्म, टूर्नामेंट की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के पास

मुंबई   टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका में जारी है, लेकिन अगले वर्ल्ड कप के लिए अभी से ही 8 टीमों को डायरेक्ट क्वालीफाई कर लिया है. आईसीसी के नियमों के अनुसार वर्ल्ड कप शानदार प्रदर्शन करके सुपर 8 में पहुंचने वाली टीमें अगले वर्ल्ड कप में सीधा क्वालीफाई कर जाएंगी. इस नियम के अनुसार भारत, पाकिस्तान, जिम्बाब्वे, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड की टीमों को 2028 टी20 वर्ल्ड कप का कंफर्म टिकट मिल चुका है, क्योंकि ये टीम 2026 के टी20 वर्ल्ड कप के सुपर 8 में पहुंच गई हैं. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड अगले टी20 वर्ल्ड कप के मेजबान हैं, इसलिए उन्हें होस्ट के तौर पर डायरेक्ट क्वालिफिकेशन मिला हैं. चुंकी ऑटोमैटिक क्वालीफाई करनने वाली टीमों की तादाद 12 होंगी. जिसकी वजह से बाकी तीन स्पाट ICC की T20I टीम रैंकिंग में सबसे ऊपर रैंक वाली टीमों को दी जाएगी. रैंकिंग के हिसाब से बांग्लादेश, अफगानिस्तान और आयरलैंड वो तीन टीमें हैं जिनको भी 2028 टी20 वर्ल्ड कप का कंफर्म टिकट मिल गया है. इसके अलावा 20-टीमों के इस टूर्नामेंट में आखिरी आठ टीमें रीजनल क्वालिफायर खेल कर अपनी जगह अगल वर्ल्ड कप के लिए पक्की करेंगी. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 फेज के लिए मंच तैयार है. जिसमें आठ टीमें सेमीफाइनल स्पॉट के लिए अपने अपने ग्रुप से लड़ने की तैयारी कर रही हैं. अगला राउंड 21 फरवरी से शुरू होगा और 1 मार्च तक चलेगा. जिसमें मैच भारत वाले ग्रुप के मैच भारत में और श्रीलंका के ग्रुप वाले मैच श्रीलंका में खेले जाएंगे. सुपर 8 में चार सेमीफाइनलिस्ट तय होंगे, जिसमें हर ग्रुप से टॉप दो टीमें नॉकआउट राउंड में पहुंचेंगी. भारत सुपर 8 में डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर एंट्री कर रहा है, जबकि वेस्ट इंडीज, इंग्लैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका सभी ने टाइटल जीते हैं. वहीं साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड को अभी अपने पहले खिताब की तलाश है. जबकि जिम्बाब्वे टूर्नामेंट के सरप्राइज पैकेज में से एक बनकर उभरा है.