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WhatsApp में आया धमाकेदार फीचर, सीक्रेट चैट होगी पूरी तरह सुरक्षित

 नई दिल्ली इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप में एक नया फीचर शामिल किया गया है, जिसका नाम इनकॉग्निटो चैट है. इसकी मदद से यूजर्स मेटा AI के साथ सीक्रेट चैट करने में मदद मिलेगी. यह चैट पूरी तरह से सीक्रेट होगी. आमतौर पर कई एक्सपर्ट का कहना है कि AI के साथ की गई चैटिंग कंपनी द्वारा पढ़ी जाती हैं।  मेटा ने न्यू फीचर को Incognito Chat with Meta AI नाम दिया है. AI के साथ की गई पूरी बातचीत को सीक्रेट रखने के लिए तैयार किया गया है।  मेटा का ये नया फीचर प्राइवेट प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है. ऐलान में बताया है कि इनकॉग्निटो चैट में सभी AI प्रोसेसिंग एक ट्रस्टेड एक्जीक्युशन एनवायरमेंट (TEE) के अंदर होता है, जिसका उद्देश्य कि सीक्रेट चैटिंग किसी के भी द्वारा एक्सेस ना की जा सके. यहां तक कि खुद मेटा भी उसको एक्सेस नहीं कर पाएगा।  वॉट्सऐप इनकॉग्निटो चैट के फीचर्स      Meta का दावा है कि यह पहला बड़ा AI प्रोडक्ट है, जिसमें चैटिंग के लॉग कंपनी के सर्वर पर स्टोर नहीं किए जाते हैं।      डिसअपीरिंग मैसेज : इनकॉग्निटो चैट के अंदर AI से की गई बातचीत अस्थाई रूप से भी सेव नहीं होती है. सेशन से बाहर निकलते ही सभी मैसेज खुद ब खुद डिलीट हो जाते हैं।      एंड टू एंड एनक्रिप्शन जैसी सुरक्षा: इनकॉग्निटो चैट की सिक्योरिटी की तुलना कंपनी ने एंड टू एंड एनक्रिप्शन के साथ कर दी है. कंपनी ने बताया है कि इस डेटा को कोई भी बाहरी या कंपनी द्वारा नहीं देखा जा सकेगा।  वॉट्सऐप में मेटा AI को यूज करना बहुत ही आसान है. इसके लिए मेटा आइकन पर क्लिक करें. उसके बाद उसमें कुछ प्रॉम्प्ट पहले से लिस्ट हैं, जिनका यूज किया जा सकता है. साथ ही मेटा AI के साथ यूजर्स चैट कर सकते हैं. मेटा AI की मदद से इमेज आदि को भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 

सितंबर 2026 से कुछ स्मार्टफोन्स में नहीं चलेगा WhatsApp, जानें कौन से होंगे प्रभावित

मुंबई  आजकल डिजिटल दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि पुराने फोन और सॉफ्टवेयर को बनाए रखना कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है. इसी बीच व्हाट्सएप ने एक बड़ा ऐलान किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल सितंबर से कंपनी पुराने एंड्रॉयड वर्जन वाले फोनों पर अपना सपोर्ट बंद करने वाली है. अभी व्हाट्सएप एंड्रॉयड 5.0 और उसके ऊपर वाले डिवाइस पर चलता है, लेकिन 8 सितंबर 2026 से सिर्फ एंड्रॉयड 6.0 या उससे नए वर्जन वाले स्मार्टफोन ही ऐप इस्तेमाल कर पाएंगे।  इसका मतलब है कि एंड्रॉयड 5.0 और 5.1 वाले फोन यूज़र्स को सितंबर के बाद मैसेजिंग, कॉल्स या कोई नई सुविधा नहीं मिलेगी. कंपनी ने नए फीचर्स को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया है, क्योंकि पुराने सिस्टम पर नई चीजों को चलाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में प्रभावित यूज़र्स को ऐप के अंदर ही अलर्ट दिखने शुरू हो गए हैं. व्हाट्सएप सलाह दे रहा है कि वो अपना चैट हिस्ट्री बैकअप जरूर कर लें. बैकअप गूगल ड्राइव या फोन की मेमोरी में सेव किया जा सकता है, ताकि नया फोन लेने पर पुरानी बातों को भी आसानी से रिस्टोर किया जा सके।  भारत समेत कई देशों में पड़ेगा असर यह बदलाव भारत, ब्राजील, साउथ-ईस्ट एशिया और अफ्रीका जैसे इलाकों में ज्यादा असर डालेगा, जहां अभी भी बहुत से लोग पुराने स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल करते हैं. इन फोन्स को अक्सर सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं मिलते, इस कारण नई जरूरतों को पूरा करना उनके लिए संभव नहीं हो पाता. जो लोग व्हाट्सएप जारी रखना चाहते हैं, उन्हें एड्रॉयड 6.0 या उससे ऊपर वाले एंड्रॉयड फोन को खरीदना जरूरी होगा. यह नियम व्हाट्सएप मैसेंजर और व्हाट्सएप बिजनेस दोनों पर लागू होगा।  हालांकि, अगर आप पुराने आईओएस वर्ज़न वाला आईफोन यूज़ करते हैं, तो आपके ऊपर व्हाट्सएप के इस बदलाव का कोई असर नहीं होगा. iOS 15.1 या उसके बाद वाले वर्ज़न और iPadOS 15.1 या नए वाले डिवाइस पर व्हाट्सएप बिना किसी रुकावट चलता रहेगा. इसी बीच एक और अच्छी ख़बर आई है कि व्हाट्सएप एंड्रॉयड यूजर्स के लिए नोटिफिकेशन बबल्स फीचर लाने की तैयारी कर रहा है. फेसबुक मैसेंजर पर यह सुविधा पहले से उपलब्ध है, जहां चैट एक छोटे फ्लोटिंग बबल के रूप में दिखती है।  इससे यूज़र्स को दूसरे ऐप्स में काम करते हुए भी मैसेज पढ़ने में और रिप्लाई करने में आसानी होती है. अब इस फीचर को व्हाट्सएप पर भी लाया जा रहा है. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाट्सएप का बबल फीचर अभी बीटा टेस्टिंग में नहीं आया है, लेकिन जल्द ही उपलब्ध होने की उम्मीद है. इससे एंड्रॉयड फोन पर मल्टीटास्टिंग और ज्यादा आसान हो जाएगी।   

WhatsApp का नया फीचर, एक क्लिक में मोबाइल रिचार्ज होगा संभव

नई दिल्ली चैटिंग के अलावा WhatsApp में कई फीचर्स जोड़़े जा चुके हैं. धीरे-धीरे यह लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है. अब कंपनी ने भारत में एक नया फीचर लॉन्च किया है, जिसके जरिए अब यूजर्स सीधे व्हाट्सऐप के अंदर ही मोबाइल रिचार्ज कर पाएंगे।  इस फीचर की सबसे बड़ी खास बात यह है कि अब आपको रिचार्ज के लिए अलग-अलग ऐप्स खोलने की जरूरत नहीं होगी. कंपनी के मुताबिक यह फीचर धीरे-धीरे Android और iOS दोनों यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है और आने वाले हफ्तों में सभी तक पहुंच जाएगा।  WhatsApp और PayU की पार्टनर्शिप WhatsApp का यह नया सिस्टम पेमेंट कंपनी PayU के साथ पार्टनरशिप में लाया गया है, जिससे पेमेंट प्रोसेस तेज और आसान हो सके. इस फीचर के आने के बाद अब आप अपना नंबर ही नहीं, बल्कि अपने परिवार या दोस्तों का नंबर भी आसानी से रिचार्ज कर सकते हैं।  Jio, Airtel और Vi जैसे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर के सभी प्लान्स व्हाट्सऐप के अंदर ही दिखाई देंगे, जहां से आप अपनी जरूरत के हिसाब से प्लान चुन सकते हैं।  व्हाट्सऐप में ₹ का आइकन  व्हाट्सऐप ने इस फीचर को और आसान बनाने के लिए ऐप के होम स्क्रीन पर एक नया ₹ आइकन भी जोड़ा है. यह आइकन आपको सीधे पेमेंट सेक्शन में ले जाता है. यही से आप रिचार्ज कर सकते हैं, UPI पेमेंट भेज सकते हैं और कई शहरों में मेट्रो टिकट जैसी सुविधाएं भी इस्तेमाल कर सकते हैं।  WhatsApp से ऐसे होगा मोबाइल रिचार्ज अगर आप सोच रहे हैं कि व्हाट्सऐप से रिचार्ज कैसे करना है, तो इसका तरीका काफी आसान रखा गया है. सबसे पहले आपको ऐप में दिख रहे ₹ आइकन पर टैप करना होगा।  इसके बाद Mobile Prepaid Recharge का ऑप्शन चुनना होगा. फिर आप अपना या किसी और का नंबर सेलेक्ट कर सकते हैं. इसके बाद ऑपरेटर कन्फर्म करें और उपलब्ध प्लान्स में से एक प्लान चुन लें।  पेमेंट के लिए आप UPI, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं. जैसे ही आप पेमेंट कन्फर्म करेंगे, रिचार्ज पूरा हो जाएगा। रिचार्ज के अलावा टिकट तक की बुकिंग व्हाट्सऐप के मुताबिक, भारत में लोग पहले से ही इस ऐप का इस्तेमाल चैट, बिजनेस और कई जरूरी सर्विसेज के लिए कर रहे हैं. आज के समय में कई शहरों में लोग व्हाट्सऐप के जरिए मेट्रो टिकट बुक करते हैं, बिल भरते हैं और सरकारी सेवाओं का भी इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में मोबाइल रिचार्ज को भी इसी प्लेटफॉर्म पर लाना एक बड़ा कदम माना जा रहा है।  Meta इंडिया के बिजनेस मैसेजिंग डायरेक्टर रवि गर्ग ने कहा है कि भारत में व्हाट्सऐप लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. ऐसे में कंपनी का फोकस यह है कि ज्यादा से ज्यादा काम एक ही जगह पर आसान तरीके से हो सकें. यही वजह है कि अब रिचार्ज जैसी रोज की जरूरत को भी व्हाट्सऐप में जोड़ दिया गया है।  PayU के चीफ बिजनेस ऑफिसर हेमांग दत्तानी का कहना है कि लोगों को वही सर्विस सबसे ज्यादा पसंद आती है, जो उन्हें उसी प्लेटफॉर्म पर मिल जाए जहां वे पहले से समय बिताते हैं. व्हाट्सऐप पर रिचार्ज लाना इसी सोच का हिस्सा है, ताकि यूजर्स बिना ऐप बदले अपना काम पूरा कर सकें।  गौरतलब है कि WhatsApp अब एक ऑल-इन-वन ऐप बनने की तरफ बढ़ रहा है, जहां चैट, पेमेंट, टिकट बुकिंग और अब मोबाइल रिचार्ज जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी. इस तरह के ऐप्स को सुपर ऐप भी कहा जाता है. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि WhatsApp और कौन-कौन सी सर्विसेज को अपने प्लेटफॉर्म में जोड़ता है। 

WhatsApp ने लॉन्च किया नया सेक्शन, बिजनेस मैसेज अब होंगे और भी आसान

नई दिल्ली इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप एक नया फीचर पर काम कर रहा है, जिसका काम बिजनेस चैट को ऑर्गनाइज करने का है. इस फीचर का नाम ऑटो ऑर्गनाइज बिजनेस चैट है. वॉट्सऐप के अपकमिंग फीचर को ट्रैक करने वाले पोर्टल Wabetainfo ने इस फीचर की जानकारी दी है।  वॉट्सऐप के लेटेस्ट फीचर की मदद से यूजर्स अपने बिज़नेस अकाउंट्स के साथ होने वाली बातचीत को आसानी से ढूंढ सकेंगे. एक डेडिकेटेड लिस्ट के जरिए WhatsApp अपने आप सभी बिजनेस अकाउंट्स के चैट्स को बिना किसी मैनुअली सेटअप के फिल्टर कर लेगा. न्यू अपडेट के बाद यूजर्स को एक ही जगह पर बिजनेस चैट्स एक्सेस करना आसान हो जाएगा।  रिपोर्ट के मुताबिक, अभी यह फीचर डेवलमेंट स्टेज में है, जिसको अभी बेहतर बनाने की दिशा काम हो रहा है. इस बीच, WhatsApp बिज़नेस मैनेजमेंट को और आसान बनाने के नए तरीके भी तलाश रहा है।  Wabetainfo ने किया है पोस्ट  एंड्रॉयड 2.26.15.9 बीटा अपडेट के बाद यह सामने आया है कि WhatsApp एक ऐसे फीचर पर काम कर रहा है, जो बिजनेस चैट्स को ऑटोमेटिक ऑर्गनाइज़ करेगा और स्पैम को कम करेगा।  मौजूदा समय में यूजर्स को उनके बिजनेस अकाउंट्स के मैसेज नॉर्मल चैट लिस्ट में नजर आते हैं. हालांकि जब बिजनेस मैसेज की संख्या ज्यादा हो जाती है तो जरूरी चैट्स को को खोजना मुश्किल हो जाता है।  कैसे काम करेगा नया बिज़नेस चैट मैनेजमेंट फीचर न्यू फीचर के आने के बाद यूजर्स तय कर सकेंगे कि कौन से बिज़नेस चैट्स मुख्य चैट लिस्ट में रहें और कौन से नहीं. बिज़नेस मैसेज मिलने के 24 घंटे बाद उन्हें नए बिज़नेस सेक्शन में मूव किया जा सकेगा।  बिज़नेस सेक्शन क्या है WhatsApp का बिजनेस सेक्शन किस रूप में नजर आएगा, उसको लेकर अभी कोई क्लियर जानकारी नहीं है. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह एक अलग चैट लिस्ट हो सकती है. यह WhatsApp एक नया इनबॉक्स पेश करे, जैसा कि Archived Chats या थर्ड-पार्टी चैट्स के लिए होता है। 

वॉट्सऐप जैसा फीचर अब जीमेल में, एक क्लिक में काम हो जाएगा, यूज करने का तरीका जानें

 नई दिल्ली गूगल ने एक बड़ा ऐलान किया है, जिसमें जीमेल यूजर्स को एंड टू एंड एनक्रिप्शन का सपोर्ट मिलेगा. यह सपोर्ट एंड्रॉयड और आईओएस दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम पर मिलेगा. एंड टू एंड एनक्रिप्शन की सुविधा इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप पर भी मिलता है।  एक बार अपडेट मिलने के बाद यूजर्स को सेंसटिव ईमेल भेजने के लिए सिक्योरिटी लेयर के लिए अलग से सॉफ्टवेयर या एक्सटेंशन की जरूरत नहीं होगी. ईमेल सुरक्षित तरीके से रिसीवर तक पहुंच जाएगा।  एंड टू एंड एनक्रिप्शन क्या होता है?  एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, असल में एक तरह का डिजिटल सिक्योरिटी लॉक सिस्टम है. इस टेक्नोलॉजी का यूज करने पर डेटा भेजने वाले और रिसीव करने वाले के अलावा अन्य कोई शख्स ईमेल या मैसेज को बीच में डिकोड नहीं कर पाएगा।  सीधे शब्दों में समझें तो आप किसी बक्से को भेजते हैं, जिसमें सोना-चांदी है. ऐसे लोग उसमें ताला लगा देते हैं और चाबी सिर्फ रिसीवर के पास है. एंड टू एंड एनक्रिप्शन कुछ ऐसे ही काम करता है।  गूगल ने जीमेल के एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सपोर्ट को एंड्रॉयड और आईओएस डिवाइस तक एक्सपेंशन का ऐलान किया है. एक बार अपडेट मिलने के बाद यूजर्स अब सीधे Gmail मोबाइल ऐप की मदद से एन्क्रिप्टेड ईमेल लिख, भेज और पढ़ सकेंगे।  इन यूजर्स को मिलेगी सुविधा  एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन गूगल वर्क स्पेस के एंटरप्राइज यूजर्स को मिलेगी, जिनके पास क्लाइंट-साइड एनक्रिप्शन कैपिबिलटीज है. इसके लिए पहले एडमिन कंसोल के जरिए एंड्रॉयड और आईओएस सपोर्ट को एक्टिवेट करना होगा, उसके बाद ही यूजर्स इसका एक्सेस कर पाएंगे।  गूगल बता चुका है कि अपडेट रैपिड रिलीज और शेड्यूल रिलीज दोनों डोमेन के लिए लाइव हो चुका है. एक बार मोबाइल पर एंड टू एंड इनक्रिप्शन की सुविधा मिलने के बाद यूजर्स कहीं से भी सुरक्षित तरीके से एक्सेस कर पाएंगे. पहले एन्क्रिप्टेड ईमेल के लिए डेस्कटॉप या थर्ड-पार्टी टूल्स की जरूरत होती थी। 

एमपी में 7 दिन में व्हाट्सएप पर बर्थ सर्टिफिकेट, नया डिजिटल मॉडल होगा फायदेमंद

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार अब आम लोगों को बड़ी सुविधा देने जा रही है। बचपन से लेकर स्कूल, नौकरी और सरकारी कार्यों तक के लिए जरूरी माना जाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है जन्म प्रमाण पत्र। जिसे लेने के लिए बच्चों के माता पिता या अन्य परिजनों को कई बार लगातार अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं। यहां तक कि लंबी लाइन में इंतजार भी करना होता है। लेकिन अब इस पूरी झंझट को खत्म करने और इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार यह नई सुविधा करने जा रही है। इसके तहत अब 7 दिन में आपके व्हाट्सएप (Whatsapp) मोबाइल नंबर पर बच्चे का जन्मप्रमाण पत्र (Birth Certificate) आ जाएगा। प्रदेश भर में लागू होगा नया डिजिटल मॉडल यह नया डिजिटल मॉडल (MP New Digital Model) प्रदेश भर में लागू करने की तैयारी है। मॉडल लागू होते ही करोड़ों परिवार इसका लाभ ले सकेंगे। इन्हें घर बैठे ही अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र मिल जाएगा। वह भी केवल 7 दिन में बता दें कि वर्तमान में यह सुविधा (Whatsapp) केवल भोपाल के हमीदिया अस्पताल में ही चल रही है। वहां इसे काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। अब सरकार ने इसे पूरे मध्य प्रदेश में लागू करने का फैसला लिया है। क्या होंगे फायदे? -जन्म प्रमाण पत्र बनाने की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी। -परिजनों को अस्पताल जाकर बार-बार फॉलो-अप करने या लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पडे़गी। -जन्म के 7 दिन के अंदर प्रमाण पत्र वॉट्सएप पर ही उपलब्ध हो जाएगा। -यह प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी हो जाएगी। सबसे ज्यादा राहत इन्हें इस नये डिजिटल मॉडल की पहल (Birth Certificate on whatsapp) से खासकर नवजात शिशु के माता-पिता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। क्यों कि अभी तक जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए इन्हें कई बार अस्पताल जाना पड़ता था और प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। नया मॉडल इस परेशानी को पूरी तरह खत्म कर देगा। डिजिटल इंडिया की ओर एक और महत्वपूर्ण कदम सरकार का कहना है कि यह कदम डिजिटल इंडिया में एक और महत्वपूर्ण प्रयास है। नया मॉडल लागू होने के बाद मध्य प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में जन्म पंजीकरण की प्रक्रिया और अधिक सुगम और आसान हो जाएगी।

यूजर्स की हुई मौज! WhatsApp में जल्द दिखेगा नया फीचर, जानिए पूरी डिटेल

नई दिल्ली व्हाट्सप्प अपने प्लेटफॉर्म में एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है, जिससे चैटिंग का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी एक ऐसे नए सिस्टम पर काम कर रही है, जिसमें यूजर्स को एक-दूसरे से जुड़ने के लिए अपना मोबाइल नंबर साझा करने की जरूरत नहीं होगी। यह फीचर 2026 तक वैश्विक स्तर पर लॉन्च किया जा सकता है। नए अपडेट के तहत हर यूजर को एक यूनिक यूजरनेम दिया जाएगा, ठीक उसी तरह जैसे Instagram या X (Twitter) पर होता है। इसके बाद किसी से बात करने के लिए फोन नंबर सेव करने की आवश्यकता नहीं होगी। यूजर्स केवल यूजरनेम के जरिए किसी को खोजकर सीधे मैसेज भेज सकेंगे। यह बदलाव आम यूजर्स के साथ-साथ बिजनेस अकाउंट्स के लिए भी काफी उपयोगी साबित हो सकता है। फोन नंबर की भूमिका अभी भी बनी रहेगी हालांकि इस नए सिस्टम के आने के बाद भी फोन नंबर पूरी तरह खत्म नहीं होंगे। उन्हें अकाउंट की सुरक्षा और वेरिफिकेशन के लिए बैकएंड में इस्तेमाल किया जाता रहेगा। यानी नंबर जरूरी तो रहेंगे, लेकिन उन्हें सार्वजनिक रूप से शेयर करना अनिवार्य नहीं होगा। नया फीचर कैसे करेगा काम जब यह फीचर लागू होगा, तब यूजर्स अपने WhatsApp अकाउंट के लिए एक यूनिक यूजरनेम सेट कर सकेंगे। इसके बाद कोई भी व्यक्ति उस यूजरनेम को सर्च करके उनसे संपर्क कर पाएगा, बिना उनका मोबाइल नंबर देखे। यूजर्स को यह विकल्प भी मिलेगा कि वे इस नए फीचर का उपयोग करें या पुराने तरीके से चैटिंग जारी रखें। प्राइवेसी और सुविधा में सुधार इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यूजर्स की प्राइवेसी को होगा। कई लोग अपना फोन नंबर शेयर करने में असहज महसूस करते हैं, ऐसे में यह फीचर उनके लिए काफी मददगार होगा। इससे अनजान लोगों के साथ नंबर साझा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और बातचीत ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी। बिजनेस यूजर्स के लिए फायदेमंद यह फीचर खासतौर पर कंपनियों और बिजनेस अकाउंट्स के लिए भी उपयोगी होगा। वे अपने यूजरनेम के जरिए ग्राहकों से आसानी से जुड़ सकेंगे। इससे कस्टमर सपोर्ट और कम्युनिकेशन पहले से ज्यादा सरल और प्रभावी हो जाएगा। चैटिंग करने का बदल जाएगा तरीका अगर यह फीचर लागू होता है, तो WhatsApp का उपयोग करने का तरीका काफी बदल जाएगा। यूजर्स को ज्यादा नियंत्रण, बेहतर प्राइवेसी और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी। यह बदलाव मैसेजिंग के अनुभव को और भी आधुनिक और सुरक्षित बना सकता है।

वॉट्सऐप करेगा डिजिटल अरेस्ट में इस्तेमाल हो रहे डिवाइस ID को ब्लॉक, केंद्र सरकार का कड़ा कदम

  नई दिल्ली डिजिटल अरेस्ट स्कैम को लेकर सरकार ने बड़ा एक्शन का ऐलान किया है. सरकार ने वॉट्सऐप को डिजिटल अरेस्ट इस्तेमाल हो रहे डिवाइस IDs ब्लॉक करने का आदेश दिया है. बहुत से स्कैम में इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp का यूज किया जाता है, जिसमें विक्टिम के पास वॉट्सऐप कॉल, वीडियो कॉल और मैसेज तक भेजे जाते हैं।  गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली साइबर विंग इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर (I4C) की रिपोर्ट के आधार पर एक्शन लेने को कहा है. असल में साइबर स्कैमर्स बार-बार नए अकाउंट बनाते हैं, इसलिए डिवाइस लेवल पर रोक लगाने की तैयारी।  WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म पर Skype जैसी सेफ्टी फीचर्स लागू करने पर विचार हो रहा है. IT Rules 2021 के तहत डिलीट अकाउंट का डेटा 180 दिन तक सुरक्षित रखने पर जोर दिया जा सकता, जिससे जांच एजेंसियों को जांच में मदद मिल सके. मैलिशियस APK और फर्जी ऐप्स को पहचानकर ब्लॉक उनको भी ब्लॉक करने की योजना है।  WhatsApp एक पॉपुलर मैसेजिंग ऐप है, जिसका बारत में करोड़ों लोग यूज करते हैं. इसी पॉपुलैरिटी का फायदा उठाते हुए साइबर स्कैमर्स वॉट्सऐप पर आईडी बनाकर भोले-भाले लोगों को शिकार बनाते हैं. ऐसे में सरकार साइबर ठगों द्वारा यूज होने वाली ID को ब्लॉक करना चाहती है।   डिवाइस IDs क्या होता है?  डिवाइस IDs, असल में किसी भी गैजेट की पहचान होती है, जो एक यूनिक नंबर होता है. यह ठीक वैसा नंबर होता है जैसा कि भारत में हर एक भारतीय का आधार नंबर होता है।  डिवाइस आईडी कई तरह की हो सकती है, जिसमें IMEI नंबर, मैक एड्रेस , डिवाइस सीरियल नंहर और एडवर्टाइजिंग नंबर भी होता है।      IMEI नंबरः मोबाइल नेटवर्क में फोन की पहचान के लिए (सिम आधारित) यूज होती है.      MAC एड्रेस: Wi-Fi या नेटवर्क पहचान के लिए यूज होती है.      डिवाइस सीरीज नंबर: यह कंपनी प्रोवाइड कराती है और यह यूनिक नंबर होता है.     Advertising ID: ऐप्स और Ads के लिए यूज होता है.  डिजिटल अरेस्ट स्कैम क्या होता है?   डिजिटल अरेस्ट स्कैम में आरोपी खुद को पुलिस/एजेंसी बताकर विक्टिम को डराते हैं और पैसे ठगते हैं. WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म का यूज करके वे विक्टिम को अलग-अलग बहाने बनाकर पहले विक्टिम को डराते हैं, फिक गिरफ्तारी की धमकी देते हैं।  इसके बाद उनको किसी दूसरे शहर में जांच के लिए बुलाते हैं और जब विक्टिम दूसरे शहर पहुंचने में असर्मथता दिखाता है तो उसे डिजिटली जांच में सहयोग करने को कहते हैं. इसी को डिजिटल अरेस्ट कहा जाता है. इन केस में विक्टिम को कैमरे के सामने रहने का फेक ऑर्डर दिया जाता है. बीते करीब दो साल से बहुत से लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके उनकी मेहनत की कमाई को ठगा जा रहा है।  डिजिटल अरेस्ट स्कैम से ऐसे सेफ रहें साइबर ठग डिजिटल अरेस्ट स्कैम का शिकार बनाने के लिए अलग-अलग ट्रिक का यूज करते हैं. इसमें वे फेक सिम कार्ड का मिसयूज, पार्सल स्कैम और यहां तक फर्जी नोटिस भेजकर भी डरा सकते हैं।  डिजिटल अरेस्ट स्कैम से बचाव के लिए जरूरी है कि अनजान नंबर से आने वाले कॉल पर भरोसा नहीं करना और घबराना नहीं है. फर्जी आरोप सुनकर डरना नहीं है. बचाव के लिए करीबी पुलिस स्टेशन या संचार साथी की हेल्प लाइन नंबर पर कॉल करें और पूरे मामले के बारे में बताएं।   ऑनलाइन गिरफ्तारी जैसा कुछ नहीं होता  अनजान नंबर से आने वाला कॉल या वीडियो कॉल करने वाला शख्स फोन पर या वीडियो कॉल पर गवाही देने को कहता है. सबसे पहले जान लें कि ऑनलाइन जांच जैसा कोई प्रावधान नहीं है. इसके लिए करीबी पुलिस थाने भी जा सकते हैं।  ओटीपी और बैंक डिटेल्स शेयर ना करें  डिजिटल अरेस्ट करके जांच के नाम पर लोगों की बैंक डिटेल्स और फैमिली के अन्य मेंबर्स की डिटेल्स मांगी जाती है. यहां तक कि बैंक अकाउंट में मौजूद रकम भी पूछते हैं फिर OTP या फिर जांच के नाम पर रुपयों को दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करने को कहेंगे. ऐसे लोगों से सावधान रहना है और उनकी कंप्लेंट संचार साथी पर जाकर करें। 

WhatsApp के नए फीचर से चैटिंग होगी आसान, ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन की टेस्टिंग iOS पर शुरू

मुंबई  WhatsApp पर चैटिंग करना और भी आसान होने जा रहा है, जिसमें यूजर्स आसानी से दूसरी भाषा में बात करने वाले लोगों से चैट कर पाएंगे. इसके लिए ऑटोमेट्रिक ट्रांसलेशन फीचर पर काम हो रहा है. इसकी जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है।  वॉट्सऐप के अपकमिंग फीचर को ट्रैक करने वाले पोर्टल Wabetainfo ने बताया है कि ऐपल के ऑपरेटिंग सिस्टम iOS प्लेटफॉर्म के लिए ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन फीचर पर टेस्टिंग हो रही है।  ट्रांसलेशन फीचर के तहत यूजर्स  21 भाषाओं में से किसी एक का चुनाव करना होगा. इसके बाद अपनी लैंग्वेज के साथ उनको ट्रांसलेट कर सकेंगे. इसके लिए सिर्फ एक टॉगल को ऑन करना होगा, जिसकी जानकारी एक स्क्रीनशॉट्स शेयर करके भी दी है।  वॉट्सऐप का यह फीचर उन लोगों से चैट करने में मददगार साबित होगा, जो आपकी भाषा को नहीं जानते हैं और दूसरी लैंग्वेज में बातचीत करते हैं. उदाहरण के तौर पर समझें तो एक शख्स हिंदी बोलता, समझता और लिख सकता है, जबकि दूसरा शख्स हिंदी ना तो बोल सकता है, ना पढ़ सकता है और ना ही लिख सकता है. ऐसे में वॉट्सऐप उन यूजर्स के लिए यूजफुल साबित होगा।  रिपोर्ट में बताया है कि ट्रांसलेशन के बावजूद एंड टू एंड एनक्रिप्शन सुविधा को मेंटेन करके रखा जाएगा. वॉट्सऐप बीटा के iOS 26.11.10.70 वर्जन टेस्टिंग के लिए उपलब्ध है।  टेस्टिंग वर्जन से पता चला है WhatsApp ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन फीचर पर काम कर रहा है, जो करीब 21 अलग-अलग लैंग्वेज को सपोर्ट करेगा. इसके लिए एक स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किया है।  WAbetainfo ने बताया है कि ट्रांसलेशन फीचर ऐसे काम करेगा।  स्क्रीनशॉट्स में दिखाया गया है कि यूजर्स को किसी एक शख्स का चैट ओपन करना होगा. फिर उसके अंदर दिए गए ट्रांसलेशन को ऑन करना होगा, जिसमें लैंग्वेज को सिलेक्ट भी करना होगा के कौन सी भाषा को किस भाषा में ट्रांसलेट करना है।  पॉपुलैरिटी को बनाए रखने के लिए देते हैं नए-नए फीचर्स  WhatsApp अपनी पॉपुलैरिटी को बनाए रखने के लिए लगातार ऐप में नए-नए फीचर्स को शामिल कर रहा है. साथ ही जो फीचर्स पहले से उनको बेहतर करने की दिशा में काम कर रहा है. इस मैसेजिंग ऐप पर एक सिंपल से यूजर इंटरफेस पर ढेरों फीचर्स मिलते हैं.  WhatsApp का iOS पर ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन फीचर कितना कारगर साबित होगा, उसका पता तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा. हालांकि टेस्टिंग के बाद इसको स्टेबल वर्जन में कब जारी किया जाएगा, उसकी कोई टाइम लाइन नहीं दी है. 

WhatsApp में बड़ी अपडेट, नया AI ऑप्शन सिर्फ सिंपल स्टेप्स में इस्तेमाल करें

 नई दिल्ली  WhatsApp ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप के अंदर एक न्यू टैब दिखाया गया है, जिसका नाम Meta AI Tab है, जिसकी मदद से यूजर्स आसानी से AI फीचर्स को एक्सेस कर पाएंगे। लेटेस्ट अपडेट की जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है. रिपोर्ट में बताया है कि न्यू टैब की मदद से यूजर्स आसानी से AIसे इंटरैक्ट कर सकेंगे. इसमें टेक्स्ट और वॉयस कमांड से बातचीत की जा सकेगी. साथ ही यहां एनीमेटेड इमेज आदि को तैयार किया जा सकेगा। इस एंड्रॉयड बीटा वर्जन में दिखा नया टैब  Wabetainfo ने पोस्ट करके बताया है कि WhatsApp बीटा के Android 2.26.6.5 वर्जन में न्यू टैब दिखाई दिया है. यह एक सेंटरलाइज AI पावर्ड टूल है। Wabetainfo ने पोस्ट किया एंड्रॉयड यूजर्स को टेस्टिंग के लिए मिला  WhatsApp ने अभी सीमित एंड्रॉयड यूजर्स के साथ इसकी टेस्टिंग शुरू की है. कई यूजर्स इस फीचर्स को यूज कर रहे हैं. Wabetainfo ने इसको लेकर एक स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किया है, जहां बताया है कि न्यू AI टैब कैसा नजर आएगा। Meta AI के लिए एक नया टैब पोस्ट में एम्बेड इमेज की मदद से आप देख सकते हैं कि कुछ बीटा टेस्टर्स को बॉटम पर Meta AI के लिए एक नया टैब दिया है. मैसेजिंग ऐप में नया टैब जोड़ने के लिए मैसेजिंग ऐप में मुख्य इंटरफेस से कम्युनिटीस टैब को रिमूव कर दिया है। एक पुराने पोस्ट में पहले ही बताया जा चुका था कि इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप में  कम्युनिटीज टैब की जगह AI पावर्ड चैट्स के लिए एक नया सेक्शन आ रहा है।