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बिजली की कीमतों में 10.2% का इजाफा, 23-26 फरवरी को नियामक आयोग की जनसुनवाई में भाग लें

भोपाल प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से बिजली की दरों में 10.2 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव पर विद्युत नियामक आयोग 23 फरवरी से 26 फरवरी तक जनसुनवाई आयोजित करेगा। यह जनसुनवाई हाइब्रिड मोड में होगी, जिसमें उपभोक्ता ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से या भोपाल स्थित आयोग के कोर्ट कक्ष में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।   आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं ने लिखित आपत्तियां पहले ही प्रस्तुत कर दी हैं, वे निर्धारित तिथि पर अपने पक्ष को विस्तार से रख सकते हैं।  दरों में 15 फीसदी कमी की गुंजाइश : अग्रवाल विद्युत मामलों के विशेषज्ञ और अधिवक्ता राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में बिजली दरों में वृद्धि की बजाय लगभग 15 प्रतिशत तक कमी संभव है। उन्होंने दावा किया कि इसके समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध हैं। अग्रवाल 23 फरवरी को सत्यापन याचिका 2024-25 की सुनवाई में तथा 24 फरवरी को पूर्व क्षेत्र की जनसुनवाई में आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे जनसुनवाई में भाग लेकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। 9 लाख से अधिक लोगों को मिल रही मुफ्त बिजली राज्य सरकार द्वारा बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को मुफ्त या रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में करीब 9 लाख 30 हजार उपभोक्ताओं को निशुल्क बिजली का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा अटल गृह ज्योति योजना के तहत लगभग एक करोड़ हितग्राहियों को लाभ दिया जा रहा है, जबकि अटल कृषि ज्योति योजना के अंतर्गत करीब 26 लाख किसानों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यह जानकारी हाल ही में सरकार ने विधानसभा में दी है।  कंपनियों ने अपनी याचिका में कुल 6,044 करोड़ रुपये का घाटा बताते हुए इस वृद्धि की मांग की है. इस प्रस्ताव पर नियामक आयोग ने अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और उपभोक्ताओं से 25 जनवरी 2026 तक आपत्तियां आमंत्रित की हैं. आपत्तियों के निराकरण और चर्चा के लिए जनसुनवाई का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया है. – पूर्व क्षेत्र (जबलपुर): 24 फरवरी 2026 – पश्चिम क्षेत्र (इंदौर): 25 फरवरी 2026 – मध्य क्षेत्र (भोपाल): 26 फरवरी 2026 – पुरानी खारिज राशियों को घाटे में शामिल करने का आरोप विद्युत मामलों के विशेषज्ञ एडवोकेट राजेंद्र अग्रवाल ने इस टैरिफ वृद्धि का पुरजोर विरोध किया है. उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि कंपनियों द्वारा दर्शाए गए 6,044 करोड़ रुपये के घाटे में 3,451 करोड़ रुपये की वह राशि भी शामिल है जो 12 साल पुरानी है और जिसे आयोग पहले ही अवैधानिक मानकर खारिज कर चुका है. इसके अतिरिक्त, 750 करोड़ रुपये की मांग स्मार्ट मीटर के नाम पर की गई है, जो उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ है. श्री अग्रवाल ने मांग की है कि कोरोना काल से चली आ रही ऑनलाइन सुनवाई को बंद कर पूर्व की भांति जबलपुर, इंदौर और भोपाल में व्यक्तिगत उपस्थिति वाली जनसुनवाई आयोजित की जाए. उन्होंने तर्क दिया कि भौतिक उपस्थिति वाली सुनवाई से ही अधिक से अधिक उपभोक्ता प्रभावी ढंग से अपना विरोध दर्ज करा सकेंगे.  

छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 सत्र 23 फरवरी से, मंतातरण विरोधी कानून और 2 लाख करोड़ के बजट पर फोकस

 रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा का आगामी बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जो राजनीतिक दृष्टि से बेहद गरमागरम रहने के आसार हैं। इस सत्र में साय सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट पेश करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य निपटाएगी। चर्चा है कि सरकार इस सत्र में बहुप्रतीक्षित मंतातरण विरोधी विधेयक पेश कर सकती है। राजनीतिक सरगर्मियां तेज सत्र की तैयारियों और सदन में घेराबंदी की रणनीति बनाने के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने 23 फरवरी की शाम चार बजे राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। वहीं, सत्तापक्ष भाजपा ने भी सदन की कार्यवाही को लेकर रणनीति तैयार करने के लिए उसी दिन अपने विधायक दल की बैठक आहूत की है। 24 फरवरी को वित्‍त मंत्री करेंगे पेश, विजन 2047 पर जोर 24 फरवरी 2026 को विधानसभा सत्र में अपना बजट पेश करेगी. वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जानकारी दी कि यह बजट नई थीम और विजन के साथ आएगा, जैसा कि पिछले बजट में “ज्ञान” और “गति” पर जोर था. उन्होंने बताया कि इस बार बजट का दृष्टिकोण विजन 2047 के अनुरूप होगा, जिसमें दीर्घकालिक विकास और रणनीति को स्थान दिया जाएगा जबकि मुख्य वर्गों के लिए विशेष पहल बनाए जाने की बातें उठीं. बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा, जिसमें पहले दिन राज्यपाल अभिभाषण देंगे और अगले दिन यानि 24 फरवरी को बजट दस्तावेज पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री का कहना है कि बजट 2026-27 में महिलाओं, युवाओं और किसानों के साथ-साथ आधारभूत संरचना, खेल एवं स्वास्थ्य जैसी प्राथमिकताओं पर विशेष ध्यान होगा. बजट सत्र लगभग 20 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें शामिल होंगी. बजट की तैयारी और प्राथमिकताएँ में विजन 2047  छत्तीसगढ़ का यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि आने वाले दशकों के लिए रोडमैप भी पेश करेगा. वित्त मंत्री ने कहा है कि बजट में नए विजन और दीर्घकालिक रोडमैप के साथ 2047 तक प्रदेश के विकास की दिशा दिखाई जाएगी और इसमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा औद्योगिक विकास जैसे प्रमुख लक्ष्यों को शामिल किया जाएगा. महिला, युवा और किसान केंद्रित योजनाएँ वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस बार बजट में महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए विशेष अनुदान और योजनाओं पर जोर दिया जाएगा. पिछले बजट के अनुभवों से सीख लेकर इस बार इन वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा नेट और रोजगार सृजन से जुड़े उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है. इन्फ्रास्ट्रक्चर और खेल सुविधाएँ सूत्रों के मुताबिक इस बजट में राज्य के नगर पंचायतों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में रिंग रोड निर्माण के लिए लगभग ₹100 करोड़ का प्रावधान किया जा सकता है. इसके अलावा नए खेल परिसर, इंडोर स्टेडियम और नवीनीकरण योजनाएँ भी शामिल होने की संभावना है, जिससे युवा वर्ग के लिए खेल और कौशल विकास के अवसर बढ़ेंगे. आयुष्मान योजना, ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर फोकस इस बजट में आयुष्मान योजना, ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण और कृषि प्रोत्साहन के लिए मजबूत प्रावधान किए जाने की बात सामने आ रही है. बजट पेश होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन क्षेत्रों को कितना वित्तीय समर्थन मिलेगा और किस तरह की दीर्घकालिक योजनाएँ लागू होंगी.  विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026-27 प्रदेश की आर्थिक गति को बनाए रखने और सामाजिक कल्याण के लक्ष्यों को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. इसे विकास, रोजगार और आधारभूत सेवाओं को मजबूत करने वाले प्रावधानों के रूप में देखा जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ के दीर्घकालिक विजन के अनुरूप हो सकते हैं. दो लाख करोड़ का हो सकता है बजट सत्र के दूसरे दिन यानी 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी सदन में राज्य का वार्षिक बजट प्रस्तुत करेंगे। अनुमान है कि इस बार बजट का आकार दो लाख करोड़ रुपये के आसपास होगा। इस बजट में युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए विशेष प्राविधान और बड़ी योजनाओं की घोषणा की जा सकती है। 1,000 से अधिक सवाल 20 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। अब तक विधानसभा सचिवालय में एक हजार से अधिक प्रश्न लगाए जा चुके हैं। आधा दर्जन से अधिक विधेयकों के सदन के पटल पर रखे जाने की संभावना है, जिनमें से मंतातरण विरोधी कानून पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।