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तालिबान के हमले से पाकिस्तान में खलबली, डूरंड लाइन पर गोलीबारी और सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक

काबुल/इस्लामाबाद  अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. स्थानीय मीडिया के अनुसार, शनिवार तड़के करीब 3 बजे पक्तिका प्रांत के तेरवा जिले में दुरंड रेखा के पास दोनों देशों की सेनाओं के बीच फिर से झड़प शुरू हो गई. अभी तक इस ताजा लड़ाई में किसी के हताहत होने या नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. टोलो न्यूज की रिपोर्ट्स में बताया गया कि अफगानिस्तान की इस्लामिक अमीरात की सेनाओं ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान में मीरानशाह और स्पिनवाम इलाके में स्थित पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हवाई हमले किए. स्पिनवाम के सैन्य अड्डे पर हमले के बाद आग लगने की भी खबर है. अफगान पक्ष का कहना है कि इन ड्रोन हमलों को ‘रद अल-जुल्म’ नाम दिया गया है. यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से पिछली रात खोस्त और पक्तिया प्रांत में की गई बमबारी के जवाब में की गई. पाकिस्तान क्या कह रहा है? पाकिस्तान ने इससे पहले काबुल, कंधार और पक्तिया में हवाई हमले किए थे. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान के खिलाफ ‘खुली जंग’ की घोषणा की है. पाकिस्तान का कहना है कि उसने यह कार्रवाई अफगान सीमा से हुई फायरिंग के जवाब में की. पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय के अनुसार, उसकी सेना ने ‘तुरंत और प्रभावी जवाब’ दिया है और देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे. तालिबान तो संभल नहीं रहा, भारत से क्या लड़ेगा पाकिस्तान दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शुक्रवार सुबह अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने एक चौंकाने वाली घोषणा करते हुए दावा किया कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस सैन्य कार्रवाई ने दोनों देशों के बीच पहले से ही जारी तनाव को संभावित पूर्ण युद्ध की स्थिति में खड़ा कर दिया है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हवाई हमला शुक्रवार सुबह करीब 11:00 बजे किया गया। तालिबान के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के भीतर गहरी पैठ बनाते हुए राजधानी इस्लामाबाद के पास फैजाबाद में एक सैन्य शिविर, नौशेरा में सैन्य मुख्यालय, जम़रुद के सैन्य टाउनशिप और एबटाबाद जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को अपना निशाना बनाया। मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्ला ख्वारज्मी ने ऑपरेशन की सफलता की पुष्टि करते हुए कहा, "यह हवाई अभियान पूरी तरह सफल रहा। हमने पाकिस्तान सेना के उन प्रमुख केंद्रों, ठिकानों और सुविधाओं को ध्वस्त किया है जो सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण थे।" तालिबान प्रशासन ने इस आक्रामक कार्रवाई को प्रतिशोध करार दिया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ समय से पाकिस्तानी सेना द्वारा अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया जा रहा था। इन कथित हवाई घुसपैठ और सीमा पार हमलों के जवाब में ही काबुल ने सीधे हमले का रास्ता चुना है। अफगान सेना के प्रमुख फसीहुद्दीन फितरत ने सख्त लहजे में पाकिस्तान को चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पाकिस्तान की ओर से कोई भी सैन्य गतिविधि दोबारा हुई तो उसका जवाब और भी अधिक भयानक होगा। फितरत ने अफगानी जनता को संबोधित करते हुए कहा, "हम अफ़गानिस्तान के मुस्लिम समुदाय को आश्वस्त करते हैं कि हम किसी भी आक्रामकता का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेंगे। हम उंगली का जवाब मुक्के से देंगे।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हमले दोहराए गए तो अफगान सेना इस्लामाबाद सहित पाकिस्तान के अन्य प्रमुख शहरों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगी। सीमा पर टैंक और भारी हथियारों की तैनाती टोलो न्यूज के सूत्रों के अनुसार, इस्लामिक अमीरात की सेना केवल हवाई हमलों तक सीमित नहीं है। जमीनी स्तर पर भी बड़े पैमाने पर तैयारी देखी जा रही है। अफगान सेना ने सीमावर्ती क्षेत्रों में टैंक, हल्के और भारी हथियारों का जखीरा तैनात कर दिया है। किसी भी संभावित जवाबी हमले या सीधे टकराव की स्थिति में इन हथियारों के इस्तेमाल के आदेश दे दिए गए हैं। तालिबान की यह सैन्य क्षमता दुनिया के लिए अप्रत्याशित हो सकती है। विश्लेषक अब्दुल सादिक हामिदजोय ने कहा, "मुजाहिदीन केवल चार साल से नहीं, बल्कि पिछले चालीस वर्षों से युद्ध लड़ रहे हैं। उनके पास न केवल सैन्य योजनाएं हैं, बल्कि आधुनिक क्षमताओं का मुकाबला करने का अनुभव भी है।" वहीं, एक अन्य विशेषज्ञ शाहजादा मसूद ने इस स्थिति पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि अफगान कभी युद्ध के पक्षधर नहीं रहे हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों ने उन्हें इस कड़े सैन्य कदम के लिए मजबूर कर दिया है। बढ़ता क्षेत्रीय संकट काबुल और इस्लामाबाद के बीच इस सीधी सैन्य भिड़ंत ने वैश्विक समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर जवाबी हमलों और आतंकवाद को पनाह देने के आरोप लगाते रहे हैं। जानकारों का मानना है कि यदि यह संघर्ष तुरंत नहीं रुका तो यह पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डाल सकता है और एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल, पाकिस्तान की ओर से इस हमले के नुकसान को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सीमा पर दोनों ओर से सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं। ट्रंप का क्या रहा रिएक्शन इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब अफगानिस्तान के हालात पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह दखल देंगे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके पाकिस्तान के साथ ‘बहुत, बहुत अच्छे’ रिश्ते हैं और वहां की सरकार की तारीफ की. ट्रंप के बयान को क्षेत्रीय हालात के बीच पाकिस्तान के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है. पाकिस्तान-अफगानिस्तान का तनाव कम कराने के लिए आए ये देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अफगान तालिबान ने संकेत दिया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है. हालिया झड़पों और हवाई हमलों के बाद काबुल की ओर से कहा गया है कि मुद्दों का हल आपसी सम्मान और समझ के आधार पर निकाला जाना चाहिए. अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने कहा कि अफगानिस्तान हमेशा संवाद के जरिए समाधान चाहता है. तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी कहा कि मौजूदा हालात को बातचीत से सुलझाना बेहतर रास्ता है. इस बीच कतर, सऊदी अरब … Read more

राजीव गांधी का नाम पटियाला लॉ यूनिवर्सिटी से हटाने का प्रस्ताव, अकादमिक काउंसिल ने किया पारित

 पटियाला पंजाब के पटियाला स्थित राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ की अकादमिक काउंसिल ने विश्वविद्यालय के नाम से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाने की सिफारिश की है. प्रस्ताव के अनुसार, विश्वविद्यालय का नया नाम केवल “नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी” रखा जा सकता है. इस फैसले की पुष्टि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जयशंकर सिंह ने की है.  उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव अकादमिक काउंसिल में पारित हो चुका है और अब इसे कार्यकारी परिषद तथा पंजाब सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. अंतिम फैसला पंजाब सरकार का होगा. इस फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है. पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने इसका विरोध किया है. उनका कहना है कि यह कदम चुनावों से पहले राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश हो सकती है.  उन्होंने आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा पर ऐसे मुद्दे उठा कर राजनीतिक लाभ कमाने का आरोप लगाया. सांसद ने यह भी कहा कि देश में संस्थानों के नाम बदलने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे हमारी ऐतिहासिक विरासत प्रभावित हो रही है. नाम बदलने की मांग पहली बार नहीं उठी है. नवंबर 2024 में अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने भी केंद्र सरकार से इस विश्वविद्यालय का नाम बदलने की मांग की थी. उनका तर्क था कि 1984 के सिख विरोधी दंगों की पृष्ठभूमि में राजीव गांधी का नाम सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करता है. यह विश्वविद्यालय साल 2006 में पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए एक अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था. अब सभी की निगाहें पंजाब सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि वह इस सिफारिश को स्वीकार करती है या नहीं.

इतिहास रचा जम्मू-कश्मीर ने, 67 साल बाद रणजी ट्रॉफी जीती; कर्नाटक को फाइनल में दी शिकस्त

नई दिल्ली रणजी ट्रॉफी 2025-26 का खिताब जम्मू-कश्मीर ने जीत लिया है। जेएंडके की टीम को कर्नाटक की पहली पारी पर विशाल बढ़त के आधार पर विजेता घोषित किया गया। रणजी ट्रॉफी फाइनल के पांचवें दिन जम्मू-कश्मीर ने अपनी दूसरी पारी 342/4 के स्कोर पर घोषित की, जिसमें कामरान इकबाल (160) और साहिल लोतरा (101) ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने-अपने शतक पूरे किए। दोपहर लगभग 2:10 बजे कप्तान पारस डोगरा द्वारा पारी घोषित किए जाने के बाद दोनों कप्तानों ने हाथ मिलाया और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। चूंकि जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 291 रनों की विशाल बढ़त हासिल की थी, इसलिए उन्हें विजेता घोषित किया गया और इस तरह उन्होंने 67 वर्षों के इतिहास में अपना पहला रणजी खिताब जीतकर नया इतिहास रचा। इस मैच में जम्मू एंड कश्मीर के लिए 121 रनों की पारी शुभम पुंडीर ने खेली थी, जबकि 88 रन यावर हसन ने बनाए थे। 72 रन साहिल लोत्रा ने और 70-70 रनों की पारी कप्तान पारस डोगरा और कन्हैया वधवान ने खेली थी। 61 रन अब्दुल समद ने भी बनाए थे। प्रसिद्ध कृष्ण को पांच विकेट मिले थे। कर्नाटक के लिए 160 रनों की पारी मयंक अग्रवाल ने खेली। उनके अलावा कोई अर्धशतक भी नहीं जड़ सका। आकिब नबी डार ने 5 विकेट निकाले। दूसरी पारी में कामरान इकबाल ने शतक पूरा कर लिया है।

पंजाब में बड़ी कार्रवाई: अमृतसर पुलिस ने पकड़ा ड्रग्स और हथियारों का नेटवर्क

अमृतसर (पंजाब) बरामद हथियारों में एक ग्लॉक 9 एमएम पिस्तौल, एक जिगाना 9 एमएम पिस्तौल और एक .32 बोर की पिस्तौल शामिल है। यह सभी हथियार और नशीले पदार्थ अंतरराष्ट्रीय सीमापार तस्करी के जरिये भारत लाए जा रहे थे। अमृतसर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित दो संगठित ड्रग्स और अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में कमिश्नरेट पुलिस ने इस ऑपरेशन को अंजाम देते हुए कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने 5.438 किलोग्राम हेरोइन, तीन अत्याधुनिक पिस्तौल, 34 कारतूस और 4,500 रुपये की ड्रग्स मनी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, बरामद हथियारों में एक ग्लॉक 9 एमएम पिस्तौल, एक जिगाना 9 एमएम पिस्तौल और एक .32 बोर की पिस्तौल शामिल है। यह सभी हथियार और नशीले पदार्थ अंतरराष्ट्रीय सीमापार तस्करी के जरिये भारत लाए जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पाकिस्तान स्थित तस्करों के सीधे संपर्क में थे। जांच एजेंसियों ने बताया कि हेरोइन और अवैध हथियारों को भारतीय क्षेत्र में पहुंचाने के बाद एक सुव्यवस्थित नेटवर्क के माध्यम से अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाता था। इस नेटवर्क में कई स्तरों पर काम करने वाले लोग शामिल थे, जिनकी भूमिकाएं अलग-अलग तय थीं। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।  

जालोर में एमडी फैक्ट्री से ड्रग्स बनाने वाला 400 लीटर केमिकल बरामद

जालोर/जोधपुर. राजस्थान में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत (एनटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। आईजी विकास कुमार ने बताया कि जालोर जिले के बागोड़ा थाना क्षेत्र के गावड़ी गांव में 'ऑपरेशन विष सर्जना' के तहत एमडी ड्रग (मेफेड्रोन) बनाने की एक संगठित और अत्याधुनिक फैक्ट्री का पर्दाफाश किया गया। कार्रवाई के दौरान मौके से करीब 400 लीटर विभिन्न केमिकल बरामद किए गए, जिनसे लगभग 50 किलोग्राम एमडी तैयार की जा सकती थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपए आंकी गई है। फैक्ट्री से ड्रग निर्माण में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक उपकरण और अन्य संसाधन भी जब्त किए गए हैं। डोडा-चूरा के तस्कर इस धंधे में शामिल आईजी के अनुसार, कई पुराने तस्कर जो पहले डोडा-चूरा और अफीम के कारोबार में लिप्त थे, अब सिंथेटिक ड्रग्स जैसे एमडी की ओर मुड़ रहे हैं। इसकी वजह कम लागत, कम स्थान में उत्पादन, आसान परिवहन और अधिक मुनाफा है। साथ ही युवाओं में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी को देखते हुए पुलिस ने पूर्व तस्करों पर निगरानी बढ़ा दी थी। सुराग के आधार पर टीम फैक्ट्री तक पहुंची सूचना मिलने पर एनटीएफ टीम बागोड़ा क्षेत्र में सक्रिय हुई, लेकिन शुरुआती दौर में सटीक स्थान का पता नहीं चल पाया। जांच के दौरान कबाड़ियों से मिली सूचना अहम साबित हुई। पिछले 15 दिनों से इलाके में घूम रहे कबाड़ियों ने बताया कि एक स्थान से बड़ी संख्या में खाली केमिकल ड्रम मुफ्त में दिए जा रहे हैं। इसी सुराग के आधार पर टीम फैक्ट्री तक पहुंची। गुजरात और जोधपुर से मंगाया जाता था कच्चा माल  पूछताछ में सामने आया कि कच्चा माल गुजरात और जोधपुर के विभिन्न क्षेत्रों से भीनमाल की एक ट्रेवल एजेंसी के जरिए मंगवाया जाता था। इस नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार पूर्व में बड़ा तस्कर रहा है, जो वर्तमान में जेल में बंद है। उसके जेल जाने के बाद आरोपी ओमप्रकाश ने खुद को सरगना बना लिया। बताया जा रहा है कि उसने इंटरनेट और पूर्व अनुभव के आधार पर एमडी बनाने की तकनीक सीखी। पिछले चार महीनों में वह हर 10 दिन में करीब 10 किलो एमडी तैयार कर सप्लाई कर चुका था।

ई-भूमि पोर्टल के जरिए किसान 30 अप्रैल तक बेचें जमीन

चंडीगढ़. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) प्रदेश में नए सेक्टर बसाने के लिए 1.47 लाख एकड़ जमीन खरीदेगा। इसके तहत 69 शहरों में 500 से अधिक सेक्टर विकसित किए जाएंगे। प्रदेश सरकार की घोषणा के अनुसार एचएसवीपी ने पहले चरण में 13 शहरों में करीब 40 हजार एकड़ जमीन खरीदने के लिए ई-भूमि पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। किसान 30 अप्रैल तक पोर्टल पर अपनी सहमति दे सकेंगे। हरियाणा सरकार ने ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से किसानों से आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत सेक्टर विकसित करने के लिए जमीन खरीदने की योजना बनाई है। पहले चरण में गुरुग्राम, पिंजौर-कालका, कोट-बेहला, लाडवा, अंबाला, घरौंडा, नारायणगढ़, पिहोवा, फरीदाबाद, होडल, हांसी, नरवाना और समालखा में किसानों के लिए दो माह तक पोर्टल खुला रहेगा, जहां वे अपनी जमीन बेचने की सहमति दे सकेंगे। एचएसवीपी ने इच्छुक भू-मालिकों और भू-संग्राहकों से जमीन विक्री या प्रस्ताव देने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

एचपीवी टीकाकरण अभियान का आगाज, पहले चरण में 8 लाख बेटियों को लगेंगे टीके

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के अजमेर से राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया, उन्होंने कहा ये अभियान देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है। ये अभियान महिलाओं में होने वाले  सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए शुरू किया गया है, मध्य प्रदेश में भी आज इसकी शुरुआत की गई। राजधानी भोपाल के कैलाशनाथ काटजू अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में प्रादेशिक स्तर पर इसकी शुरुआत की गई, उप मुख्यमंत्री एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला कार्यक्रम में शामिल हुए, वहीं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। सरकार करा रही निःशुल्क टीकाकरण  सीएम ने कहा महिलाओं में होने वाले गर्भाशय के कैंसर यानि सर्वाइकल कैंसर से जीवन बचाने के लिए ये राष्ट्रव्यापी अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया है, उन्होंने बताया कि हमने 8 लाख टीकों का लक्ष्य रखा है इसमें से 7 लाख 55 हजार डोज हमें केंद्र से मिले है, सीएम ने बताया कि बाजार में 4 हजार रुपए का डोज है लेकिन सरकारी अस्पतालों में ये निःशुल्क लगाया जाएगा। पहले चरण में 8 लाख बच्चियों को लगेंगे टीके   कार्यक्रम में शामिल स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मीडिया को बताया कि पहले चरण में 14 से 15 साल उम्र की  8 लाख बेटियों फ्री टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया है, उन्होंने कहा कि इस टीकाकरण के लिए बच्चियों के परिजनों की सहमति लेना अनिवार्य है।

सीएम भजनलाल की होली से पहले बड़ी घोषणा से खुशी से झूमे धनिया किसान-व्यापारी

जयपुर. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने होली के अवसर पर हाड़ौती के किसानों और व्यापारियों को बड़ी सौगात दी है। शुक्रवार को विधानसभा में उन्होंने मार्केटिंग कॉस्ट को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में धनिये के व्यापार को प्रोत्साहन और मार्केट लिंकेज बढ़ाने के उद्देश्य से मंडी शुल्क 1.60 प्रतिशत से घटाकर 0.50 प्रतिशत तथा आढ़त की दर 2.25 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत करने की घोषणा की। सीएम भजनलाल के इस निर्णय से हाड़ौती क्षेत्र में धनिये का रकबा और कारोबार बढ़ने की संभावना है। साथ ही, धनिया प्रोसेसिंग की नई इकाइयों के लिए रास्ता साफ होगा और मौजूदा इकाइयों को भी बड़ी राहत मिलेगी। इससे क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। धनिया कारोबारियों ने घोषणा का किया स्वागत धनिया कारोबारियों ने मंडी शुल्क और आढ़त में कमी की घोषणा का स्वागत किया है। अब तक गुजरात और मध्यप्रदेश में धनिये पर कम टैक्स होने के कारण हाड़ौती का धनिया वहां की मंडियों में जा रहा था, जिससे स्थानीय कारोबार प्रभावित हो रहा था। नई दरें लागू होने से प्रतिस्पर्धा की स्थिति सुधरेगी। प्रदेश में कोटा संभाग उत्पादन में अव्वल उद्यान विभाग के अनुसार, प्रदेश में धनिया उत्पादन में कोटा संभाग पहले स्थान पर है। राज्य के कुल धनिया उत्पादन में हाड़ौती की हिस्सेदारी लगभग 95 प्रतिशत है। निर्यात गुणवत्ता के धनिये के उत्पादन को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार के साझा कार्यक्रम के तहत वर्ष 2005 में कृषि निर्यात जोन (एईजेड) बनाया गया था, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण यह योजना प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप, धनिये का रकबा वर्ष दर वर्ष घटता गया। यहां के धनिये की विशेष तासीर हाड़ौती और चित्तौड़गढ़ जिले के साथ-साथ मध्यप्रदेश की भूमि में उत्पादित धनिये में विशेष सुगंध पाई जाती है। देश के अन्य राज्यों में उत्पादित धनिये में यह गुणवत्ता नहीं मिलती। हाड़ौती संभाग के धनिया दाने का वजन अपेक्षाकृत कम होता है, जो इसकी एक विशेष पहचान है। गुजरात में उत्पादित धनिये में यह गुणवत्ता नहीं पाई जाती। आवाज बना ‘अपनी उपज-अपना उद्योग’ अभियान राजस्थान पत्रिका ने ‘अपनी उपज-अपना उद्योग’ अभियान के तहत धनिये का उत्पादन बढ़ाने और प्रोसेसिंग उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग को प्रमुखता से उठाया। अभियान के दौरान लगातार समाचार प्रकाशित कर मध्यप्रदेश और गुजरात की तुलना में राजस्थान में अधिक मंडी शुल्क और आढ़त का मुद्दा प्रमुखता से सामने रखा गया। पत्रिका का आभार जताया राजस्थान पत्रिका की ओर से धनिये पर मंडी शुल्क और आढ़त कम करने की मांग को लेकर निरंतर समाचार प्रकाशित किए गए। पत्रिका के सार्थक प्रयासों से ही सरकार ने यह निर्णय लिया है। इसके लिए राजस्थान पत्रिका का आभार। मुख्यमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का भी धन्यवाद। – महावीर गुप्ता, महासचिव, राजस्थान एसोसिएशन ऑफ स्पाइसेस हाड़ौती अंचल में धनिया बुवाई के आंकड़े   वर्ष – हैक्टेयर 2012-13 156024 2013-14 178210 2014-15 242870 2015-16 193759 2016-17 126775 2017-18 97738 2018-19 87965 2019-20 72532 2021-22 87596 2022-23 62032 2023-24 43594 2024-25 30558।

कुरुक्षेत्र में मोहन भागवत बोले- ‘कर्म से ही मजबूत हुआ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’

कुरुक्षेत्र. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने हरियाणा में लगातार दूसरे दिन शनिवार को श्रीमद्भगवद्गीता की धरा पर पहुंची सज्जन शक्ति को कर्म का महत्व का समझाया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवगद्गीता सदन में करीब 140 मिनट में संबाेधन में उन्होंने संघ के उद्देश्य और 100 वर्ष के संघर्ष के बारे में बताया। उन्होंने प्रदेश भर से आए 500 से अधिक सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों, न्यायाधीशों और शिक्षाविदों को संबोधित किया। उनके प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा को शांत भी किया। 'संघ जैसा कोई नहीं' उन्होंने कहा कि आज संघ अपने स्वयंसेवकों के कर्म से ही यहां तक पहुुंचा है। समाज में परिवर्तन के लिए हमें स्वयं से शुरू करना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की किसी से कोई तुलना नहीं की सकती। संघ जैसा कुछ नहीं है, अब विदेशी भी संघ की प्रणाली को समझ रहे हैं, वह भी चाहते हैं कि वह अपने देश में भी कोई ऐसा संगठन खड़ा करें। संघ के बारे में बाहर से कोई किसी भी तरह की धारणा न बनाए। अगर संघ के बारे में जानना है तो वह संघ की शाखा में आइए। कोई रोक-टोक नहीं है और कोई फीस नहीं है। वह संघ के बारे में समझें, बारीकी से समझने के लिए तीन-चार साल लगाए। जब चाहे छोड़ दे, इसके बारे में समझने के बाद अगर कोई धारणा बनाएगा तो हमें भी इससे सुधार करने में आसानी होगी। किसी के कहने पर व्यर्थ की धारणा बनाना और जो है नहीं उस पर बात करने से कोई लाभ नहीं होने वाला।

राजस्थान में मिसिंग लिंक सड़कों के लिए मिले अतिरिक्त 500 करोड़ रुपए

जयपुर/अजमेर. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में वित्त एवं विनियोग विधेयक पर बोलते हुए सड़कों को लेकर कई घोषणाएं की। सीएम भजनलाल ने मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 500 करोड़ रुपए के अतिरिक्त प्रावधान की घोषणा की। साथ ही कहा कि 900 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से सड़क निर्माण, चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं पुल निर्माण कार्य कराए जाएंगे। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमने बजट में मिसिंग लिंक के लिए 600 करोड़ रुपए और नॉन पेचेबल सड़कों के लिए एक हजार 400 करोड़ रुपए की घोषणा की थी। अब सरकार मिसिंग लिंक सड़कों के लिए अतिरिक्त 500 करोड़ रुपए और उपलब्ध कराएगी, ताकि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर हो सके। इस फैसले से जर्जर और अधूरी सड़कों के काम में तेजी आने की उम्मीद है। 1. कोटा एवं बूंदी जिले की विभिन्न मिसिंग लिंक सड़कों के कार्य-कोटा, बूंदी: 70 करोड़ रुपए 2. सिरवल-भीमाणा-दानवरली-बीजापुर-बलवना-जवाई बांध-सुमेरपुर सड़क (30 किमी)-पाली: 20 करोड़ रुपए 3. मादा और मोरखा के बीच पुलिया निर्माण कार्य-पाली: 4 करोड़ रुपए 4. एस.एच-91 सांगवाडा गलियाकोट से भीलूडा वाया घोटाद सड़क चौड़ाईकरण (10 किमी.) (सागवाड)-डूंगरपुर: 8 करोड़ रुपए 5. लालास से सांगलिया जाने वाले रास्ते पर डामर सड़क निर्माण कार्य (सांगलिया)-सीकर: 3 करोड़ रुपए 6. गाडाखेडा-शाहपुर-श्यामपुरा मैनाना-पालोता-बुहाना सड़क का चौडाईकरण एवं सुदृढीकरण कार्य जिसकी चौडाई 5.50 मी (12.5 किमी): 9 करोड 98 लाख रुपए 7. बदरिका से खरगपुर होते हुए उत्तर प्रदेश सीमा तक सड़क एवं उटंग नदी पर पुलिया निर्माण-धौलपुर: 3 करोड़ रुपए 8. रामगढ से जाम्बुखण्ड घुणी होते हुए कांठडी तक डामर सड़क मय पुलिया निर्माण (आसपुर)- डूंगरपुर: 7 करोड़ रुपए 9. कीकासर से गराबदेसर जिला बीकानेर वाया कंवलासर 0/0 किमी. से 17/0 किमी. की मिंसिंग लिंक सड़क निर्माण – बीकानेर: 6 करोड़ 80 लाख रुपए 10. गुमानपुरा से बावडी का बास वाया पृथ्वीपुरा तक सड़क का चौडाईकरण (4.50 किमी) (बस्सी)-जयपुर: 6 करोड़ 78 लाख रुपए 11. किशनगढ़ रेनवाल सीमा से ग्राम पचार, सीकर सीमा तक सड़क चौड़ाईकरण हेतु (4 किमी) (फूलेरा)-जयपुर: 7 करोड रुपए 12. देवलिया से खजुरी (5 किमी), धोलिया से कुण (4 किमी), सागडा बस स्टेण्ड से रावतबोर (5 किमी), बेडास से कादमा (3 किमी), आजणी से आडावेला अग्गड वाया सरवानिया (5 किमी) के सड़क निर्माण (धरियावद)-प्रतापगढ़: 5 करोड़ रुपए 13. अमानीपुरा (दांतारामगढ़) से मुण्डली, जयपुर सीमा तक वायां पिपडी तलाई (चक राजपुरा सीमा, गोडिया नाडा, दादरवालों की ढाणी, करड, बाल्यास) सड़क कार्य (14 किमी) (दांतारामगढ़)-सीकर: 11 करोड़ 90 लाख रुपए 14. रामपुरा से डाबड़ी धीर सिंह तक डामर सड़क चौड़ाईकरण एवं सुदृढिकरण कार्य (10 किमी)-झुन्झुनू: 7 करोड़ 50 लाख रुपए 15. सिरोही-कालन्द्री-रामसीन सड़क का चौड़ाईकरण कार्य (6 किमी.)-सिरोही: 6 करोड़ रुपए 16. सड़क निर्माण कार्य एवं प्रोटेक्शन वॉल राजौर रोड से उदय मीणा के मकान की ओर होते हुए बन्धन का पुरा तक (1 किमी.) (टोडाभीम)-करौली: 70 लाख रुपए 17. काछोली से पंचदेवल 3/800 पर आरसीसी पुलिया निर्माण (पिण्डवाडा आबू)-सिरोही: 4 करोड़ 50 लाख रुपए 18. झांकर जनापुर मार्ग पर चेनेज 0/900 पर पुलिया निर्माण (पिण्डवाडा आबू)-सिरोही: 3 करोड़ रुपए 19. माना की ढाणी से कोटडी धायलान सडक निर्माण कार्य वाया केरपुरा, रामपुरा, बरसिंहपुरा, अगलोई, गोविन्दपुरा, धीरजपुरा, दादिया रामपुरा में आदि विभिन्न सड़कों का निर्माण (खंडेला)-सीकर: 15 करोड़ रुपए 20. एमडीआर-336 किमी-98/0 से 105/0 गांगडतलाई से आंनदपुरी में सड़क निर्माण (7 किमी) (बागीदौरा)- बांसवाड़ा: 10 करोड़ रुपए 21. काला कोटा (एमडीआर 114) से जिला सीमा कोटपुतली तक सड़क का चौड़ाईकरण (3.70 किमी.) (नीम का थाना)-सीकर: 9 करोड़ 36 लाख रुपए 22. खेजड़ों के बास से बौहरा भैरूजी, कुहाडा बुजुर्गा से जूनिया, मेहरू से मान्दोलाई, भांवता से सनोदिया, दाबडदुम्बा से मुडिया वाया रघुनाथपुरा, शुभदण्ड से सनोदिया सड़क, नीमेडा से बैरवा की ढाणी पंवालिया रोड़, कृपालु भैरू से वन का खेडा, रतवाई से खेडूल्या, खेडूल्या खुर्द से सारू का बास, रतवाई से केरली वाया बालाजी, पीपल्यिा से रायथला, मालूणी से महाराजपुरा, केरिया से देशमा, कुराड से वापुन्दा, प्रतापपुरा गणेशपुरा सड़क विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य (मालपुरा)-टोंक: 25 करोड़ रुपए 23. मौर से पंवालिया, सोटवाडा से मौरला, बरोल से सांस, टोडारायसिंह केकडी रोड़ से भगवानपुरा, बासेडा श्रीरामनगर से मौरला, बस्सी से काकलवाड़ा, बरोल से वापून्दा, मौरला से सोडवाडा, लावा चबराना सड़क से कुटका, कलमण्डा से मालूणी, एसएच-101 से सिन्धोलिया माताजी मन्दिर, सम्पर्क सड़क चांदसेन, कृपाल भैरू से महेरू, पंवालिया से भीमगढ, एसएच-101 से रामपुरा बास बागडी सड़क का नवीनीकरण कार्य (मालपुरा)-टोंक: 10 करोड़ रुपए 24. श्रीमाधोपुर में विभिन्न मिसिंग लिंक सडको के निर्माण कार्यों-सीकर: 10 करोड़ रुपए 25. टोल रोड स्टेट हाईवे संख्या-13 शाहपुरा से अजीतगढ़ को 7 मीटर से 10 मीटर चौडाईकरण (16 किमी) (श्रीमाधोपुर)- सीकर: 25 करोड़ रुपए 26. बस्सी से सल्लाडा तक सड़क चौडाईकरण एवं सुदृढिकरण कार्य (8 किमी)-सलूम्बर: 8 करोड़ रुपए 27. खण्ड़ार की क्षतिग्रस्त सड़कों के नवीनीकरण का कार्य सवाई माधोपुर: 20 करोड़ रुपए 28. नयाबोरिया में सूकली नदी पर पुल निर्माण (धरियावद)-प्रतापगढ़: 5 करोड़ रुपए 29. सालरिया से नाडोल सडक (8.5 किमी) (मारवाड़ जंक्शन)-पाली: 8 करोड़ 50 लाख रुपए 30. भोली खेडा से पाटिया खेडा चौराहा तक सड़क चौडाईकरण (22 किमी) (कुम्भलगढ़)-राजसमंद: 22 करोड़ रुपए 31. बनास नदी पर गोगाथला से माउ मार्ग पर कॉजवे निर्माण कार्य-राजसमंद: 13 करोड़ 75 लाख रुपए 32. बिदियाद बस स्टेशन से लाडोली-नान्दोली-धानधोली-ततारपुरा-कुचीपुला तक सडक (26 किमी) (परबतसर-मकराना)- डीडवाना-कुचामन: 15 करोड़ रुपए 33. चिडियानाथ जी की समाधि कच्ची सड़क को पक्की करने का कार्य (3.70 किमी) (जैतारण)-ब्यावर: 5 करोड़ रुपए 34. जिला सीमा सुरपुरा-लिलियां खाखडकी-इन्दावड-मोकला-लाम्बा जाटान-बासनी सेजा-टूकलिया-गोटन ओडीआर-32 तक सड़क निर्माण (30 किमी) (मेडता)-नागौर: 25 करोड़ रुपए 35. सावनभादौ से कनवास के रास्ते पर अरू नदी पर पुलिया निर्माण का कार्य (सांगोद)-कोटा: 2 करोड़ रुपए 36. जायल में विभिन्न मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण कार्य नागौर: 10 करोड़ रुपए 37. बोरावड़ हरिजन बस्ती बालाजी मन्दिर से बिदियाद वाया कोलाडूंगरी सड़क का सौन्दर्यकरण एवं चौड़ाईकरण (6 किमी.) (मकराना)- डीडवाना-कुचामन: 4 करोड़ 20 लाख रुपए 38. जैतारण में विभिन्न सड़क निर्माण कार्य-ब्यावर: 10 करोड़ रुपए 39. मानसगांव, पंचायत मानसगांव गोपीलाल यादव जी के खेत से बावडी के हनुमान जी तक सड़क निर्माण कार्य (3 किमी.) (लाड़पुरा)-कोटा: 2 करोड़ रुपए 40. रामराजपुरा, पंचायत मानसगांव में रामराजपुरा से भीमपुरा माताजी तक सड़क (3.80 किमी) (लाड़पुरा)-कोटा: 3 करोड़ 80 लाख रुपए 41. दधवाड़ा से चौपड़ों की ढ़ाणी होते हुए नोखा चांदावता से शिव गांव तक डामर सड़क निर्माण कार्य (20 किमी.) (खींवसर)-नागौर: 5 करोड़ 40 लाख … Read more