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क्रिकेट प्रभावित: अमेरिका-ईरान तनाव के चलते वर्ल्ड कप के 6 मैच टाले गए

कीर्त‍िपुर  म‍िड‍िल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब क्रिकेट पर भी दिखाई देने लगा है. सुरक्षा हालात को देखते हुए ICC मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 (icc men's cricket world cup league-2) के छह मुकाबलों को फिलहाल टाल दिया गया है. ये मैच नेपाल की राजधानी काठमांडू के कीर्तिपुर स्थित त्रिभुवन यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेले जाने थे. यहां नेपाल, ओमान और यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) के बीच ट्राई-सीरीज 10 से 20 मार्च के बीच आयोजित होनी थी. हालांकि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए आयोजकों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस सीरीज को स्थगित करने का फैसला लिया है. नेपाल क्रिकेट एसोसिएशन ने दी जानकारी नेपाल क्रिकेट एसोसिएशन ने सोशल मीडिया के जरिए इस फैसले की पुष्टि की. बोर्ड ने कहा कि ICC और हिस्सा लेने वाले क्रिकेट बोर्डों के साथ चर्चा के बाद इन मुकाबलों की नई तारीखों की घोषणा की जाएगी. बयान में कहा गया- मिडिल ईस्ट में मौजूदा हालात को देखते हुए काठमांडू में 10 मार्च से शुरू होने वाले CWC लीग-2 के मैच अगली सूचना तक टाल दिए गए हैं. आगे की बातचीत के बाद जल्द ही नई तारीखों का ऐलान किया जाएगा. लीग-2 वर्ल्ड कप 2027 के लिए क्यों है अहम?  CWC लीग-2 अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए क्वालिफिकेशन का अहम रास्ता है.आठ टीमों की यह लीग करीब तीन साल तक चलती है. लीग चरण खत्म होने के बाद टॉप चार टीमें 10 टीमों के वर्ल्ड कप क्वालिफायर में जगह बनाती हैं. इस ट्राई सीरीज में नेपाल, ओमान और UAE के बीच कुल छह मुकाबले खेले जाने थे, जिन पर अब इस फैसले का असर पड़ा है. अगले दौर के मैच अप्रैल में लीग-2 के अगले राउंड के मुकाबले अप्रैल की शुरुआत में खेले जाने हैं. इस राउंड में स्कॉटलैंड, ओमान और नामीबिया की टीमें आमने-सामने होंगी. अन्य खेल भी प्रभावित म‍िड‍िल ईस्ट में जारी संघर्ष की वजह से सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि दूसरे खेलों पर भी असर पड़ा है. फुटबॉल की कई लीग स्थगित करनी पड़ी हैं.फ्लाइट सेवाओं में बाधा आने से अलग-अलग खेलों के कई भारतीय एथलीट दुनिया के अलग-अलग एयरपोर्ट पर फंस गए. दो बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु भी दुबई एयरपोर्ट पर फंस गई थीं. हालांकि वह सुरक्षित भारत लौट आईं, लेकिन इस कारण वह ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप में हिस्सा नहीं ले सकीं.

क्रिकेट जगत की बड़ी हस्तियों से रोशन हुई Sachin Tendulkar के बेटे Arjun Tendulkar की शादी

नई दिल्ली महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर गुरुवार (5 मार्च 2026) को मुंबई में सानिया चंडोक के साथ विवाह के बंधन में बंधने वाले हैं। शादी समारोह में खेल, राजनीति और बॉलीवुड जगत की बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। पिछले साल अर्जुन तेंदुलकर की अगस्त 2025 में सानिया के साथ निजी समारोह में सगाई की थी। शादी की तैयारियां पिछले कुछ दिनों से जोर-शोर से चल रही थीं। 3 मार्च को मुंबई में मेहंदी और संगीत समारोह आयोजित किया गया, जहां पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह अपनी पत्नी हेजल कीच के साथ, हरभजन सिंह-गीता बसरा, इरफान पठान-सफा बेग और अन्य दिग्गज पहुंचे थे। दक्षिण मुंबई के एक लग्जरी होटल में आयोजित इस विवाह समारोह में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम शामिल हुए। पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी अपनी पत्नी साक्षी धोनी के साथ स्टाइलिश अंदाज में नजर आए, जबकि भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी अपनी पत्नी के साथ समारोह में शामिल हुए। इसके अलावा राहुल द्रविड़, हरभजन सिंह, युवराज सिंह, इरफान पठान, जहीर खान जैसे कई पूर्व क्रिकेटर और उनके परिवार भी पहुंचे। इस दौरान भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर भी मौजूद रहे। शादी में अम्बानी परिवार, बच्चन परिवार भी मौजूद हैं। कौन है सानिया चंडोक सानिया चंडोक एक सफल बिजनेसवुमन हैं और उद्योगपति रवि घई की पोती हैं। दोनों काफी समय से एक दूसरे को जानते हैं और अब वह शादी के बंधन में बंध गए हैं। सानिया ने 'लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स'से पढ़ाई की है। वे एक पशु चिकित्सा हैं और मुंबई में ('Mr. Paws') लग्जरी पेट स्पा चलाती हैं। गोवा के लिए खेलने वाले पेशेवर क्रिकेटर अर्जुन तेंदुलकर आज सानिया चंदोक के साथ परिणय सूत्र में बंधेंगे। भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने शादी समारोह के दौरान की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है, जिसमें सचिन तेंदुलकर अपनी पत्नी अंजलि और बेटे अर्जुन तेंदुलकर, उनकी पत्नी सानिया चंडोक और पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना अपनी पत्नी के साथ नजर आ रहे हैं।  

चाणक्य नीति के अनुसार: जो माता-पिता करते हैं ये 5 काम, उनकी संतान जरूर पाती है बड़ा मुकाम

हर माता-पिता चाहते हैं कि उनकी संतान जीवन में सफल बने, सम्मान पाए और एक मजबूत इंसान के रूप में अपनी पहचान बनाए। इसके लिए केवल अच्छी पढ़ाई या पैसा ही काफी नहीं होता, बल्कि सही परवरिश, मजबूत संस्कार और सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है। आचार्य चाणक्य ने सदियों पहले संतान के पालन-पोषण को ले कर ऐसे स्पष्ट और व्यवहारिक सूत्र बताए, जो आज भी उतने ही उपयोगी हैं। यदि आप इन बातों को अपने जीवन में अपनाते हैं तो आप अपने बच्चे को केवल सफल ही नहीं बल्कि एक बेहतर इंसान भी बना सकते हैं। चलिए जानते है आचार्य चाणक्य द्वारा बताए गए ये सूत्र क्या है। शुरुआत से ही संस्कार और अनुशासन सिखाएं आचार्य चाणक्य के अनुसार बच्चे के जीवन के पहले पांच वर्ष बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय आपको उसे भरपूर प्रेम देना चाहिए। प्यार से बच्चा भावनात्मक रूप से मजबूत बनता है और उसके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है। इसके बाद अगले दस वर्षों में उसे अनुशासन सिखाएं। उसे सही और गलत का अंतर समझाएं। नियमों का महत्व बताएं और जिम्मेदारी लेना सिखाएं। जब बच्चा सोलह वर्ष का हो जाए, तो उसके साथ मित्र जैसा व्यवहार करें। उस पर हुक्म चलाने के बजाय उसे समझें, उसकी बात सुनें और मार्गदर्शन दें। इससे वह आपसे खुलकर बात करेगा और गलत रास्ते पर जाने की संभावना कम होगी। शिक्षा को सबसे बड़ा धन मानें चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन है, जिसे कोई चुरा नहीं सकता। इसलिए केवल स्कूल की पढ़ाई पर ध्यान देना काफी नहीं है। अपने बच्चे को जीवन से जुड़ी बातें भी सिखाएं। उसे समझाएं कि कैसे सही निर्णय लेना है, कैसे लोगों से व्यवहार करना है और कठिन परिस्थिति में कैसे शांत रहना है। उसे सवाल पूछने दें और उसकी सोचने की क्षमता बढ़ाएं। जब बच्चा समझदारी से फैसले लेना सीख जाता है, तब वह जीवन में आगे बढ़ता है और गलतियों से भी सीखता है। बच्चे के चरित्र निर्माण पर ध्यान दें धन, पद और शोहरत समय के साथ बदल सकते हैं लेकिन चरित्र जीवनभर साथ रहता है। इसलिए बचपन से ही बच्चे में सच्चाई, ईमानदारी और मेहनत की आदत डालें। उसे बताएं कि गलत रास्ते से मिली सफलता टिकाऊ नहीं होती। जब बच्चा सच बोलने और सही काम करने की आदत डाल लेता है, तो वह हर परिस्थिति में मजबूत बना रहता है। आप खुद भी अपने व्यवहार से उदाहरण पेश करें क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो वे घर में देखते हैं। संगति पर नजर रखें बच्चा किन लोगों के साथ समय बिताता है, इसका उसके स्वभाव और सोच पर गहरा असर पड़ता है। इसलिए उसकी संगति पर ध्यान देना जरूरी है। उसे अच्छे दोस्तों का महत्व समझाएं। यदि आप देखें कि वह गलत संगति में जा रहा है, तो डांटने के बजाय प्यार से समझाएं। उसके मित्रों को जानने की कोशिश करें और ऐसा माहौल बनाएं कि वह आपसे हर बात साझा कर सके। अच्छी संगति बच्चे को आगे बढ़ाती है और उसे सही दिशा देती है। आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है अत्यधिक लाड़-प्यार बच्चे को कमजोर बना सकता है। आप अपने बच्चे को हर छोटी समस्या से बचाने के बजाय उसे समस्याओं का सामना करना सिखाएं। उसे छोटे-छोटे निर्णय खुद लेने दें। जब वह गलती करे तो उसे समझाएं, लेकिन हर बार उसकी जगह खुद फैसला ना लें। इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार होगा। आत्मनिर्भर बच्चा ही आगे चलकर मजबूत और सफल इंसान बनता है।

लुधियाना में उत्तर भारत की पहली स्मार्ट कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी

लुधियाना. मॉडल टाउन स्थित दीप अस्पताल में स्मार्ट काक्लियर इंप्लांट सर्जरी की गई। इस सर्जरी के तहत न्यूक्लियस नेक्सा तकनीक से दोनों कानों में काक्लियर इंप्लांट लगाया गया। अस्पताल ने कहा कि यह उत्तर भारत की पहली स्मार्ट काक्लियर इंप्लांट सर्जरी है। यह सर्जरी डॉ. राजीव कपिला और उनकी टीम ने की। टीम में डॉ. आरती शर्मा और डा. कीर्ति गुप्ता भी थे। इसके अलावा एनेस्थीसिया टीम के साथ सीनियर आडियोलाजिस्ट नवदीप कंवर और सीनियर स्पीच तथा एवीटी थेरेपिस्ट सिमरन कौर ने भी अहम भूमिका निभाई। डॉ. राजीव ने बताया कि न्यूक्लियस नेक्सा नई पीढ़ी की आधुनिक सुनने की तकनीक है, जिसे दुनिया का पहला स्मार्ट काक्लियर इम्प्लांट प्लेटफार्म माना जाता है। इस तकनीक से सुनने की समस्या से जूझ रहे लोगों को बेहतर सुनने की क्षमता मिल सकती है। डॉ. राजीव कपिला ने बताया कि उन्हें काक्लियर इंप्लांट सर्जरी के क्षेत्र में 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है और वे अब तक सैकड़ों बच्चों और वयस्कों को सुनने की क्षमता दिलाने में मदद कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चों में सुनने की समस्या शुरुआती महीनों में पता नहीं चल पाती, जबकि यही समय उनके बोलने, समझने और मस्तिष्क के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। यदि समय रहते समस्या का पता चल जाए और इलाज किया जाए, तो बच्चे के बोलने, सीखने और सामाजिक विकास में होने वाली देरी को रोका जा सकता है।

सेमीफाइनल से पहले Mohammad Amir का बड़ा दावा, इंग्लैंड के खिलाफ भारत पर उठाए सवाल

नई दिल्ली 2026 टी20 वर्ल्ड कप का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड द्वारा दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाने के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल पर टिकी हैं। इस महामुकाबले से पहले पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने एक टीवी शो 'हारना मना है' में बड़ी भविष्यवाणी की है। आमिर का मानना है कि इस मैच में भारतीय टीम के बजाय इंग्लैंड की टीम जीत की अधिक प्रबल दावेदार है। आमिर ने इंग्लैंड को 'फेवरेट' बताने के पीछे उनके खिलाड़ियों की गहराई और फॉर्म को मुख्य कारण बताया है। उनका तर्क है कि इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज जोस बटलर और फिल साल्ट फिलहाल बड़ी पारियां नहीं खेल पा रहे हैं, लेकिन फिर भी टीम लगातार मैच जीत रही है। आमिर ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर उन दोनों में से भी एक भी चल गया ना बटलर और साल्ट, तो वो मैच में बड़ा इम्पैक्ट डालेंगे।" उन्होंने हैरी ब्रुक, सैम कुरेन और विल जैक्स जैसे मध्यक्रम के बल्लेबाजों की अच्छी फॉर्म को इंग्लैंड की असली मजबूती करार दिया है। दूसरी ओर, आमिर ने भारतीय टीम के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी की ओर इशारा किया है। उनके अनुसार, भारतीय टीम का वर्तमान बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह लय में नहीं दिख रहा है और टीम केवल व्यक्तिगत प्रदर्शनों पर निर्भर है। आमिर ने सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा की फॉर्म पर चिंता जताते हुए कहा, "आप एक बॉलर (बुमराह) या एक बैट्समैन पर बिल्कुल श्योर नहीं हो सकते कि ये टीम डोमिनेट करेगी।" आमिर का मानना है कि भारत के एक-दो खिलाड़ी ही लंबी पारी खेल रहे हैं, जबकि एक चैंपियन टीम की तरह पूरी यूनिट का प्रदर्शन नजर नहीं आ रहा है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले इस मैच के लिए आमिर ने टॉस को भी बेहद महत्वपूर्ण माना है। उन्होंने विश्लेषण किया कि चूंकि वानखेड़े एक हाई-स्कोरिंग ग्राउंड है, इसलिए जो भी टीम लक्ष्य का पीछा (चेज) करेगी, उसे फायदा होगा। आमिर ने स्पष्ट रूप से भविष्यवाणी करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि इंग्लैंड फेवरेट है।" हालांकि इसी चर्चा में अन्य विशेषज्ञों ने स्वीकार किया कि भारत के पास घरेलू मैदान और दर्शकों के भारी समर्थन का लाभ है, लेकिन आमिर के अनुसार इंग्लैंड का संतुलन उन्हें इस मुकाबले में बढ़त दिलाता है।

भूमि पेडनेकर का करियर मंत्र: आत्मसम्मान की कीमत पर कोई समझौता नहीं

मुंबई  फिल्मी दुनिया में कलाकारों की चमक-दमक अक्सर लोगों को आकर्षित करती है, लेकिन इस चमक के पीछे कड़ा संघर्ष छिपा होता है। इस कड़ी में अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने अपने करियर, बचपन और निजी अनुभवों को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि अभिनय उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। कुछ बातें ऐसी हैं जिन पर वे कभी समझौता नहीं कर सकतीं। भूमि पेडनेकर हाल ही में वेब सीरीज 'दलदल' में नजर आई थीं। इस दौरान उन्होंने 'वुमन ऑफ इम्पैक्ट' कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अपने जीवन के कई अहम पहलुओं पर बात की। उन्होंने कहा, ''जब मैं सिर्फ 12 साल की थीं, तभी मैंने अपनी मां को साफ कह दिया था कि मैं अभिनेत्री बनना चाहती हूं। उस उम्र में यह सपना बहुत बड़ा था, लेकिन मैंने अपने लक्ष्य को कभी छोड़ा नहीं। मैंने मेहनत की, सीखा और धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई। आज मैं अपनी दमदार भूमिकाओं और मजबूत अभिनय के लिए जानी जाती हूं।'' कार्यक्रम के दौरान भूमि ने अपने स्कूल के दिनों की एक ऐसी घटना भी साझा की, जिसने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया था। उन्होंने कहा, ''एक दिन जब मैं अपनी कक्षा में लौटीं तो मुझे एक कागज का टुकड़ा मिला, जिस पर मेरे शरीर को लेकर मजाकिया और अपमानजनक शब्द लिखे थे। उस समय मैं बहुत छोटी थी और ऐसी बातें मेरे मन पर गहरा असर डाल गईं।'' उन्होंने कहा, ''कम उम्र में इस तरह की छींटाकशी और बदमाशी बच्चों को डर और असुरक्षा का एहसास कराती है। यह अनुभव मेरे लिए आसान नहीं था, लेकिन मैंने समय के साथ खुद को मजबूत बनाया।'' भूमि ने कहा, ''मैं किसी भी ऐसी भूमिका का हिस्सा नहीं बनूंगी जिसमें महिलाओं के प्रति अपमान हो। मेरे लिए आत्मसम्मान और महिलाओं का सम्मान सबसे अहम है। मैं ऐसी कहानियों का हिस्सा नहीं बनना चाहती, जहां महिला किरदार को कमजोर या कमतर दिखाया जाए। मैं ऐसे भी किरदार निभाना पसंद नहीं करती जिनमें करने के लिए बहुत कम हो। मैंने अपने करियर में बहुत मेहनत करके एक ऐसी पहचान बनाई है जो उनके अभिनय पर आधारित है, और मैं चाहती हूं कि दर्शक मुझसे मजबूत और प्रभावशाली भूमिकाओं की ही उम्मीद रखें।''

सौरभ शर्मा का 100 करोड़ का सोना और नकद जब्त होगा, मुंबई प्राधिकरण ने किया बेनामी लेनदेन का खुलासा

भोपाल  आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी चेतन सिंह गौर से जुड़े करीब 100 करोड़ रुपए के सोना और नकदी को अब जब्त किया जाएगा।आयकर विभाग की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने भोपाल स्थित बेनामी निषेध इकाई (बीपीयू) की कार्रवाई को सही ठहराया है। वहीं, सौरभ शर्मा को सोने का वास्तविक मालिक बताया गया है। भोपाल के मेंडोरी में 18 और 19 दिसंबर की दरम्यानी रात एक इनोवा कार से 51.8 किलोग्राम सोना और 11.6 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए थे। इस मामले में आयकर विभाग ने जांच के बाद कार्रवाई शुरू की थी। पूरा मामला क्या है? यह मामला 18 और 19 दिसंबर 2025 की रात का है। भोपाल के मेंडोरी इलाके में एक इनोवा कार से 51.8 किलोग्राम सोना और 11.6 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए थे। इस मामले की जांच आयकर विभाग ने शुरू की थी। आयकर विभाग की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने भोपाल स्थित बेनामी निषेध इकाई (बीपीयू) की कार्रवाई को सही बताया है। साथ ही, सौरभ शर्मा को सोने का असली मालिक भी घोषित किया गया है। अस्थायी कुर्की का फैसला आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई ने अगस्त 2025 में पीबीपीटी अधिनियम, 1988 के तहत इस संपत्ति की अस्थायी कुर्की की थी। उस समय इन संपत्तियों की कीमत करीब 52 करोड़ रुपए बताई गई थी, लेकिन अब इनकी कीमत 100 करोड़ रुपए के आसपास हो गई है। जानकारी के अनुसार, अब इस संपत्ति को पूरी तरह जब्त किया जाएगा। चेतन सिंह गौर को बेनामीदार घोषित किया गया जांच एजेंसी ने यह पाया कि चेतन सिंह गौर को बेनामीदार और सौरभ शर्मा को वास्तविक मालिक के रूप में पहचाना गया है। इस मामले में आयकर विभाग ने बेनामी लेनदेन के तहत कार्रवाई की है। संपत्तियों की जांच जारी आयकर विभाग अब सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी 32 से अधिक संपत्तियों और बैंक खातों की जांच कर रहा है। इस मामले में अभी और फैसले आना बाकी हैं। ED और IT की कार्रवाई इस मामले में पहले लोकायुक्त ने ( सौरभ शर्मा संपत्ति जांच) और बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) ने भी जांच शुरू की थी। ED ने फरवरी 2025 में सौरभ शर्मा और उनके करीबियों को गिरफ्तार किया था और उनकी संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बावजूद, एमपी विधानसभा में सरकार का यह कहना कि 'जानकारी एकत्रित की जा रही है', विपक्षी खेमे को हमलावर होने का मौका दे रहा है।इस कार्रवाई के बाद, यह सौरभ शर्मा भ्रष्टाचार मामला अब और भी चर्चा में आ गया है और लोगों के बीच कई सवाल उठने लगे हैं।

Holi पर कई वाहन जब्त और काटे चालान

लुधियाना/खन्ना. होली के त्योहार को देखते हुए जिला खन्ना की पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आई। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर विशेष नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान हुड़दंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई और उनके चालान काटे गए। इसके साथ ही पुलिस ने कई दोपहिया वाहनों को भी जब्त किया है। कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस ने हुड़दंग करने वाले बच्चों के माता-पिता को भी हिदायत दी है। पुलिस ने परिवारों से अपील की कि वे अपने बच्चों को समझाएं कि होली का त्योहार आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाएं, न कि हुड़दंग कर दूसरों को परेशान करें।

Punjab में हनीट्रैप गिरोह की महिला और पूर्व सरपंच गिरफ्तार

लुधियाना/फाजिल्का. पुलिस ने हनीट्रैप का पर्दाफाश करते हुए 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस संबंधी जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि, महिला और पूर्व सरपंच भोलेभाले लोगों को अपने जाल में फंसा करा बाद में उन्हें ब्लैकमेल कर पैसों की मांग करते थे। काबू किए गए आरोपियों की पहचान मंदीप कौर उर्फ ऋतु और जोगिंदरपाल सिंह उर्फ गुलाबी जोकि लाधुका से पूर्व सरपंच है। पूर्व सरपंच पर पहले भी मुकदमा दर्ज है। पुलिस को मिली शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से 25 हजार रुपये नकद, 2 मोबाइल फोन और एक कार बरामद की गई है। फिलहाल पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि उनसे और पूछताछ की जा सके। ऐसे बनाते थे शिकार सदर थाना फाजिल्का के एसएचओ प्रगट सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि महिला व्हाट्सएप के जरिए लोगों से संपर्क करती थी। वह पहले मासूम और भोले-भाले लोगों से बातचीत कर उन्हें अपने जाल में फंसाती थी। इसके बाद उनसे मुलाकात कर उनकी तस्वीरें या अन्य सबूत जुटाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था और पैसों की मांग की जाती थी। पुलिस अब इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। वहीं जांच दौरान सामने आया है कि, महिला ने जलालाबाद निवासी एक व्यक्ति को अपने जाल में फंसा कर उसे ब्लैकमेल करते हुए 4 लाख रुपए की मांग की। इस दौरान जब व्यक्ति ने दोनों आरोपियों को पैसे लेने के लिए बुलाया तो पुलिस ने दोनों दबोच लिया।

CBSE में दूर के मूल्यांकन केंद्रों में ड्यूटी से शिक्षक परेशान

लुधियाना. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) द्वारा चल रही वार्षिक परीक्षाओं के मूल्यांकन कार्य के लिए दूर दराज क्षेत्रों में बनाए गए इवैल्यूएशन सेंटरों ने अध्यापकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात यह हैं कि बोर्ड ने कई शिक्षकों की ड्यूटी शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित स्कूलों में बने सेंटरों पर लगा दी है, जिससे उन्हें रोजाना लंबा सफर तय करना पड़ेगा। कई विषय विशेषज्ञ अध्यापकों के अनुसार उनकी ड्यूटी खन्ना, माछीवाड़ा और समराला के आसपास स्थित स्कूलों में बनाए गए मूल्यांकन केंद्रों में लगी है। कई सेंटर मुख्य सड़क से अंदरूनी इलाकों में होने के कारण शिक्षकों को दो-दो वाहन बदलने पड़ेंगे  इससे रोजाना लगभग 80 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा  जो समय और ऊर्जा दोनों की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है। शिक्षकों का कहना है कि मूल्यांकन केंद्र पर पहुंचने का समय तय है और देरी होने पर प्रवेश नहीं दिया जाता। ऐसे में ट्रैफिक जाम, बसों की अनियमितता या मौसम में बदलाव की स्थिति में देरी होने का डर बना रहता है। महिला शिक्षकों ने  खासकर सुबह जल्दी या देर शाम लौटने के दौरान सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। कई शिक्षकों ने बताया कि  लगातार लंबी यात्रा के कारण थकान बढ़ने का असर कॉपियों की जांच की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है। लुधियाना के कई स्कूल प्रिंसिपलों ने बोर्ड को ई-मेल भेजकर सुझाव दिया है कि शिक्षकों की ड्यूटी शहर की सीमा के भीतर या निकटतम केंद्रों पर लगाई जाए, ताकि वे बिना अतिरिक्त दबाव के मूल्यांकन कार्य कर सकें। प्रिंसिपलों का तर्क है कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त स्कूल उपलब्ध हैं, जहां मूल्यांकन केंद्र बनाए जा सकते हैं। अब सभी की निगाहें बोर्ड के अगले निर्णय पर टिकी हैं कि क्या अध्यापकों की इन व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ड्यूटी  में कोई संशोधन किया जाएगा।