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टेनिस सितारे कार्लोस अल्काराज और यानिक सिनर लॉरियस 2026 के बड़े दावेदार

लुसाने कार्लोस अल्काराज़ और जैनिक सिनर को वर्ल्ड स्पोर्ट्समैन ऑफ़ द ईयर कैटेगरी में 2026 लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स के लिए नामित किया गया है, जिसमें नेक्स्ट जेन एटीपी स्टार जोआओ फोंसेका को वर्ल्ड ब्रेकथ्रू ऑफ़ द ईयर के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। ये नॉमिनेशन लॉरियस अवॉर्ड्स में पुरुषों के टेनिस के हाल के मज़बूत प्रदर्शन को जारी रखते हैं। वर्ल्ड स्पोर्ट्समैन ऑफ़ द ईयर जीतने वाले सबसे नए पुरुष खिलाड़ी नोवाक जोकोविच थे, जिन्होंने 2024 में यह सम्मान जीता था। अल्काराज़ और सिनर दोनों पहली बार यह अवॉर्ड जीतने की कोशिश कर रहे हैं। अल्काराज़ पहले से ही लॉरियस विनर हैं, जिन्होंने यूएस ओपन में अपना पहला मेजर टाइटल जीतने के बाद 2023 में ब्रेकथ्रू ऑफ़ द ईयर अवार्ड जीता और एटीपी रैंकिंग में नंबर 1 पर पहुँचे। तब से, स्पैनियार्ड ने मेजर और एटीपी मास्टर्स 1000 लेवल पर अपनी ट्रॉफियों की संख्या में इज़ाफ़ा करना जारी रखा है। 2025 में, स्पैनियार्ड ने टूर में सबसे ज़्यादा आठ टाइटल जीते, जिसमें रौलां गैरो और यूएस ओपन के मेजर शामिल हैं। सिनर, जो अपना पहला लॉरियस अवार्ड भी चाहते हैं, ने 2025 में ऑस्ट्रेलियन ओपन और विंबलडन जीता और ट्यूरिन में अपने घरेलू मैदान पर लगातार दूसरी बार निट्टो एटीपी फ़ाइनल्स का ताज जीता। इटैलियन खिलाड़ी जून 2024 से सितंबर 2025 तक रैंकिंग में नंबर 1 खिलाड़ी भी थे, इससे पहले कि अल्काराज़ US ओपन जीतने के बाद टॉप पर वापस आ गए। ब्रेकथ्रू कैटेगरी में फोंसेका का नॉमिनेशन पहचानता है टूर पर ब्राज़ील का तेज़ी से आगे बढ़ना। 19 साल के इस खिलाड़ी ने 2025 में दो एटीपी टूर टाइटल जीते और करियर के सबसे अच्छे नंबर 24 पर पहुँचे। 2026 लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवार्ड्स 20 अप्रैल को मैड्रिड के सिबेल्स पैलेस में होंगे।  

एकतरफा मुकाबला: श्रीलंका ने वेस्टइंडीज को रौंदा, नौ विकेट से जीत के साथ सीरीज भी अपने नाम

सेंट जॉर्ज स्पिनर सुगंधिका कुमारी और इनोका राणावीरा (दो-दो विकेट) के बाद सलामी बल्लेबाज हसिनी परेरा (नाबाद 52) की अर्धशतकीय पारी की बदौलत श्रीलंका की महिला टीम ने तीसरे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज को नौ विकेट से हराकर दिया। इसी के साथ श्रीलंका ने तीन मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली। मंगलवार रात खेले गये मुकाबले में श्रीलंका की कप्तान चामरी अटापट्टू ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत खराब रही और उसने 28 के स्कोर तक अपने तीन विकेट गंवा दिये। कप्तान मेथ्यू हेली (आठ), शॉनिशा हेक्टर (पांच) और एबोनी ब्रैथवेट (आठ) रन बनाकर आउट हुई। इसके बाद स्टेफ़नी टेलर, डिएंड्रा डॉटिन की जोडी ने पारी काे संभालने का प्रयास किया। राणावीरा ने डॉटिन (28) को पगाबधा आउट किया, और चार बॉल बाद, कविशा दिलहारी ने दूसरी सेट बैटर, स्टेफनी टेलर को 24 रन पर आउट कर दिया। 18 ओवर के बाद 83 रन पर 5 विकेट गंवा चुकी वेस्टइंडीज 100 रन के अंदर सिमटने का खतरा थी। ऐसे संकट के समय चिनेल हेनरी ने दी, 15 गेंदों पर नाबाद 32 रन बनाए और आखिरी दो ओवर में 36 रन बनाने में उनकी मदद की। इन दो ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर वेस्टइंडीज 5 विकेट पर 119 रन ही बना पाई। श्रीलंका के लिए सुगंधिका कुमारी और इनोका राणावीरा दो-दो विकेट लिये। कविशा दिलहारी ने एक बल्लेबाज को आउट किया। इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की महिला टीम ने 17.4 ओवर में एक विकेट पर 221 रन बनाकर मुकाबला नौ विकेट से अपने नाम कर लिया। हसिनी परेरा और चामरी अटापट्टू की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़े। सातवें ओवर में एफी फ्लेचर ने अटापट्टू को आउटकर इस साझेदारी को तोड़ा। अटापट्टू ने 22 गेंदों में पांच चौके लागते हुए 32 रन बनाये। इसके बाद बल्लेबाजी करने आयी इमेशा दुलानी ने हसिनी परेरा के साथ अविजित 72 रनों की साझेदारी कर श्रीलंका को जीत दिला दी। हिसनी परेरा ने 59 गेंदों में चार चौके और एक छक्का उड़ाते हुए नाबाद 52 रनों की पारी खेली। इमेशा दुलानी ने 25 गेंदों में पांच चौकों की मदद से नाबाद 34 रन बनाये।  

स्व-सहायता समूह से बदली सुनीता दीदी की तकदीर

रायपुर खेती-किराना और महुआ व्यापार से बनीं आत्मनिर्भर बीजापुर जिले से लगभग 15 किलोमीटर दूर नियद नेल्ला नार क्षेत्र के ग्राम चेरपाल की रहने वाली सुनीता दीदी आज आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई हैं। कभी एक साधारण गृहिणी के रूप में जीवन जीने वाली सुनीता दीदी ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और आज वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। पहले सुनीता दीदी  के परिवार की आय केवल खेती और एक छोटी किराना दुकान पर निर्भर थी। खेती मौसम पर आधारित होने के कारण आय स्थिर नहीं रहती थी। इससे बच्चों की पढ़ाई और घर की आवश्यक जरूरतों को पूरा करना भी कठिन हो जाता था। इसी दौरान सुनीता दीदी ने गांव के स्व-सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह की बैठकों में उन्हें बचत, ऋण और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी मिली। समूह के माध्यम से सुनीता दीदी नियमित बचत करने के बाद उन्हें आरएफ से 1,500 रूपए, सीआईएफ से 50 हजार रूपए और बैंक लिंकेज से 30 हजार रूपए का ऋण मिला। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के लिए कई छोटे-छोटे कार्य शुरू किए। सबसे पहले उन्होंने खेती को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। उन्नत बीज, जैविक खाद और आधुनिक खेती तकनीकों का उपयोग कर उन्होंने उत्पादन बढ़ाया। इससे उन्हें फसल और सब्जियों से सालाना लगभग 52 हजार से 55 हजार रूपए की आय होने लगी। इसके बाद उन्होंने अपने घर के पास की छोटी किराना दुकान को व्यवस्थित तरीके से चलाना शुरू किया। गांव के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का सामान उपलब्ध कराने से दुकान अच्छी चलने लगी और इससे उन्हें सालाना लगभग 45 हजार से 50 हजार रूपए की आय मिलने लगी। इसके साथ ही सुनीता दीदी ने गांव में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हुए महुआ, टोरा सहित अन्य वनोपज का क्रय-विक्रय भी शुरू किया। वे ग्रामीणों से महुआ और टोरा खरीदकर उसे साफ-सफाई के साथ सुरक्षित रखती हैं और बाजार में अच्छे दामों पर बेचती हैं। इससे उन्हें सालाना लगभग 15 हजार से 20 हजार रूपए का अतिरिक्त लाभ मिलने लगा। खेती, किराना दुकान और वनोपज व्यापार से उनकी आय लगातार बढ़ती गई। मेहनत, सही योजना और स्व-सहायता समूह के सहयोग से सुनीता दीदी की वार्षिक आय अब लगभग 1 लाख 20 हजार रूपए से अधिक हो गई है। आज सुनीता दीदी अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना चुकी हैं। साथ ही वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि सरकारी योजनाओं और स्व-सहायता समूहों के सहयोग से महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

सेमीफाइनल का बड़ा मुकाबला: इंग्लैंड ने टॉस जीता, भारत को पहले बैटिंग

मुंबई वानखेड़े  टी20 विश्व कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल भारत और इंग्लैंड के बीच वानखेड़े स्टेडियम में खेला जा रहा है। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 9 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। इंग्लैंड की टीम भले ही कई मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी है लेकिन टीम ने अभी तक 6 मुकाबले जीते हैं। इंग्लैंड ने एकमात्र मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ गंवाया है, वहीं भारत ने अपने आखिरी सुपर-8 मुकाबले में वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है। भारत ने जारी टूर्नामेंट में अभी तक सिर्फ एक मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गंवाया है। सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व वाली भारतीय टीम ने 6 मुकाबले जीते हैं और खिताब जीतने की प्रबल दावेदार है। भारत और इंग्लैंड का यह लागातार तीसरे टी20 वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल मुकाबला है। इससे पहले 2022 और 2024 टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भी इन दोनों टीमों का एक दूसरे से आमना सामना हुआ था। गौर करने वाली बात है कि भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल जीतने वाली टीम ने ही पिछले दो टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता है। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड पिच रिपोर्ट पर नजर डालें तो पिच पर घास नजर आएगी जो शुरुआत में बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल सकते हैं। भारत-इंग्लैंड प्लेइंग इलेवन भारत (प्लेइंग XI): अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड (प्लेइंग XI): फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, सनातन पर प्रश्न उठाने वालों को होली जैसे पर्व का अहसास नहीं

गोरखपुर रंगोत्सव के पावन अवसर पर बुधवार दोपहर बाद गोरखनाथ मंदिर में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीएम योगी ने होली मिलन कार्यक्रम में उमड़े लोगों पर फूलों की वर्षा की और सभी को होली की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं। समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने वाली ताकतें ही सदैव विजयी होती हैं।  गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित होली मिलन समारोह में सीएम योगी ने कहा कि समाज में हमेशा दो प्रकार की ताकतें होती हैं। एक अच्छी सोच वाली ताकतें और दूसरी नकारात्मक सोच वाली ताकतें। नकारात्मक सोच वाली ताकतें हमेशा विध्वंसात्मक गतिविधियों को प्रश्रय देती हैं, जबकि सकारात्मक सोच वाली ताकतें अच्छी कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ती हैं और उनका परिणाम हमेशा सुखद होता है। शांति, आनंद, उल्लास और उमंग के साथ होलिकोत्सव का आयोजन भी सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का सुफल है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और दुनिया में रहने वाले सनातन धर्मावलंबियों ने उमंग और उत्साह के साथ समरसता के महापर्व होली का आयोजन कर अपनी विरासत पर गर्व की अनुभूति की। सनातन धर्म की श्रेष्ठता पर वही लोग प्रश्न करते हैं, जिन्हें होली जैसे पर्व का अहसास नहीं होता है। होली जैसे पर्व में न भेदभाव होता है और न ही छुआछूत होती है। सनातन धर्म के पर्व व त्योहार किसी न किसी महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी घटना से जुड़े हैं। इनके माध्यम से हमारी ऋषि परंपरा ने समाज को नई दिशा, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। सनातन धर्म के पर्व व त्योहार एकांकी नहीं होते बल्कि उनमें सामूहिकता का भाव होता है। समाज का हर तबका इसमें सहभागी बनता है।    सही दिशा में सोचता है भारत मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में दुनिया में अव्यवस्था है, पर भारत में शांति और उल्लास के साथ पर्व मनाए जा रहे हैं। इसका कारण यह है कि भारत की सोच सकारात्मक रही है। भारत सही दिशा में सोचता है। भारत ने कभी किसी को बुरा नहीं कहा, बुरा नहीं किया। और, जब बुरा किया नहीं, कहा नहीं तो बुरा सहा भी नहीं है।   राष्ट्र प्रथम की भावना से हो नागरिक दायित्वों का निर्वहन सीएम योगी ने कहा देश की प्रगति के लिए हम सभी को अपने अपने क्षेत्र में राष्ट्र प्रथम की भावना से नागरिक दायित्वों का निर्वहन करना होगा। भक्ति को राष्ट्रभक्ति से जोड़ना होगा। भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और नृसिंह हर कालखंड में होंगे, जरूरत हनुमान, अर्जुन और प्रह्लाद जैसी भक्ति भावना जगाने की है।  सीएम योगी ने उठाया होली गीतों का आनंद, खेली फूलों की होली होली मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुपरिचित लोकगायक राकेश श्रीवास्तव व उनकी टीम की तरफ से प्रस्तुत होली गीतों का आनंद उठाया। सांसद रविकिशन ने भी होली गीत सुनाया। होली गीत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों पर पुष्पवर्षा कर फूलों की होली खेली। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि, साधु-संत और बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता रही।

स्केटिंग करते 10 हजार किमी की धार्मिक यात्रा पर निकले पुनीत सिंह

समालखा. पंजाब के कपूरथला जिले के गांव सुल्तानपुर लोधी का 19 वर्षीय युवक पुनीत सिंह स्केटिंग करते हुए पूरे देश को नापने के संकल्प के साथ 10 हजार किलोमीटर की धार्मिक यात्रा पर निकला है। करीब दस दिन पहले शुरू हुई इस यात्रा के दौरान लगभग 300 किलोमीटर का सफर तय कर जब वह समालखा पहुंचा तो जीटी रोड स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह गुरुद्वारा साहिब में निफा संस्था की ओर से जोरदार स्वागत किया गया। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए निफा संस्था के प्रधान संदीप शर्मा ने बताया कि पुनीत सिंह इससे पहले भी स्केटिंग करते हुए पांच तख्त साहिब की धार्मिक यात्रा पूरी कर चुके हैं। इस बार वह पहले से भी बड़ी और चुनौतीपूर्ण यात्रा पर निकले हैं, जो पंजाब से शुरू होकर अरुणाचल प्रदेश तक जाएगी और करीब 10 हजार किलोमीटर लंबी होगी। मीडिया से बातचीत में पुनीत सिंह ने बताया कि उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहने का संदेश देना और सिख धर्म के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार करना है। उन्होंने कहा कि देशभर में युवाओं को सकारात्मक राह दिखाने के लिए यह पहल की गई है। इस मौके पर निफा संस्था के सदस्यों ने पुनीत सिंह को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया और शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना की। कार्यक्रम में निफा समालखा के सचिव देवेन्द्र पाल सिंह, राजेंद्र मनचंदा, डॉ. जोगिंदर गाहल्याण, प्रो. अशोक पांचाल, सौरभ मित्तल, सुरेश मित्तल, पंकज मल्होत्रा, भारत भूषण, परमिंदर भगत, गुरुद्वारा प्रबंधक सरदार गोपाल सिंह, निफा महिला विंग कोऑर्डिनेटर मनिंदर कौर, प्रियंका शर्मा, निशा मल्होत्रा, दिलजीत सिंह, सरदार जगतार सिंह बिल्ला व सरदार जिम्मी सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

फूलों की खेती से रत्ना ने लिखी सफलता की कहानी, बिहान योजना से मिला सहारा

रायपुर बिहान योजना से खिला रत्ना का भविष्य- फूलों की खेती से बनीं सफल उद्यमी छत्तीसगढ़ शासन की ‘बिहान’ (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी योजना से जुड़कर सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत डिगमा की निवासी  रत्ना मजुमदार आज सैकड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। अपनी मेहनत और सरकारी सहयोग से उन्होंने न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि एक सफल महिला उद्यमी के रूप में पहचान भी बनाई है। पारंपरिक खेती को दिया व्यावसायिक रूप     रत्ना मजुमदार बताती हैं कि उनके ससुर पहले से ही छोटे स्तर पर फूलों की खेती करते थे। ‘माँ महामाया स्व-सहायता समूह’ से जुड़ने के बाद उन्होंने इस पारंपरिक कार्य को व्यवसाय का रूप देने का निर्णय लिया। समूह के माध्यम से उन्होंने पहली बार एक लाख रुपये का ऋण लिया और एक एकड़ भूमि में आधुनिक तकनीक से फूलों की खेती शुरू की। मेहनत और लगन के चलते आज वे दो एकड़ भूमि में सफलतापूर्वक फूलों का उत्पादन कर रही हैं। आधुनिक तकनीक से बढ़ी उत्पादन क्षमता रत्ना ने खेती में आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाया है। वे उन्नत किस्म के पौधे कोलकाता से मंगवाती हैं, जो मात्र 24 दिनों में फूल देना शुरू कर देते हैं और लगभग तीन महीनों तक लगातार उत्पादन देते हैं। खेतों में ‘ड्रिप इरिगेशन’ (टपक सिंचाई) प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जिससे जल संरक्षण के साथ पौधों को पर्याप्त पोषण भी मिलता है। वर्तमान में वे गेंदा फूल की तीन प्रमुख किस्में-लाल, नारंगी और पीला उगा रही हैं। इसके अलावा सर्दियों के मौसम में ‘चेरी’ की खेती भी करती हैं। त्योहारों में बढ़ती मांग से बढ़ता मुनाफा रत्ना के अनुसार नवरात्रि, शिवरात्रि, रामनवमी और दीपावली जैसे पर्वों के दौरान बाजार में फूलों की मांग काफी बढ़ जाती है, जिससे अच्छी कीमत मिलती है। सामान्य दिनों में दरें कम होने के बावजूद वैज्ञानिक खेती के कारण उन्हें सालभर लाभ मिलता रहता है। उन्होंने समूह से लिया गया ऋण समय पर चुका दिया है और अब अपनी आय का निवेश खेती के विस्तार में कर रही हैं। सरकारी योजनाओं ने दिया आत्मनिर्भरता का मार्ग       अपनी सफलता का श्रेय रत्ना मजुमदार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं को दिया है। उनका कहना है कि ‘बिहान’ योजना से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिला है। सरकार से मिले ऋण और मार्गदर्शन ने उन्हें नई पहचान दिलाई है। बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक परिवर्तन की नई कहानी लिखी जा रही है। रत्ना मजुमदार जैसी स्वावलंबी महिलाएँ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं

20 हजार से अधिक सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों पर ईसीसीई किट का वितरण

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश में शिक्षा की मजबूत नींव आंगनबाड़ी केंद्रों से रख रही है। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20,000 से अधिक सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) किट का वितरण किया गया। प्रदेश सरकार का मानना है कि तीन से छह वर्ष की आयु बच्चों के बौद्धिक विकास की सबसे संवेदनशील अवस्था होती है। ऐसे में यदि इसी चरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री और वैज्ञानिक पद्धति उपलब्ध करा दी जाए, तो आगे की शिक्षा यात्रा सशक्त बनती है।  प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को 39000 रुपये दे रही योगी सरकार  प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) किट के लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को 39000 रुपये योगी सरकार दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 में भी 03 से 06 वर्ष तक के बच्चों के लिए ईसीसीई को महत्व देते हुए स्कूली शिक्षा के बुनियादी स्तर में इसे सम्मिलित किया गया है। ईसीसीई के अन्तर्गत संसाधनों के रूप में प्री–स्कूल किट तथा ईसीसीई मैनुअल (पहल), वार्षिक गतिविधि कैलेंडर, बाल गतिविधि पुस्तिका उपलब्ध कराई जाती है। इसके अतिरिक्त नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) से प्रकाशित 06 कहानियों की किताबों के सेट के साथ ही टीचिंग लर्निंग मैटेरियल (टीएलएम) पर आधारित पुस्तिकाएं भी उपलब्ध कराई जा रहीं हैं।  खेल-खेल में सीख रहे हैं बच्चे ईसीसीई किटों के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलता है जिससे उनकी बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक क्षमताओं का विकास होता है। ईसीसीई किट के माध्यम से बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षा दी जाती है। रंगीन चार्ट, शैक्षिक खिलौने, पहेलियां और संज्ञानात्मक विकास से जुड़ी सामग्री बच्चों को सहज तरीके से सीखने का अवसर देती है। सरकार का जोर इस बात पर है कि शिक्षा बोझ न बने, बल्कि आनंद के साथ हो। खेल-खेल में अक्षर ज्ञान, संख्या पहचान और सामाजिक व्यवहार की समझ विकसित होगी। इससे बच्चों की जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और अभिव्यक्ति क्षमता को नया आयाम मिलेगा। सक्षम बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण वितरण तक सीमित नहीं रखना चाहती। इन्हें चरणबद्ध तरीके से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग, बेहतर फर्नीचर, सुरक्षित वातावरण और प्रशिक्षण प्राप्त कार्यकर्त्रियों की उपलब्धता से इन केंद्रों का स्वरूप बदल रहा है। यह बदलाव दर्शाता है कि सरकार प्रारंभिक शिक्षा को मुख्यधारा की नीति के केंद्र में ला रही है। आंगनबाड़ी अब गांव और मोहल्लों में छोटे-छोटे लर्निंग हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कदम योगी सरकार बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक विकास को समान महत्व दे रही है। पोषण, स्वास्थ्य जांच और शिक्षा को एकीकृत कर समग्र विकास का मॉडल तैयार किया गया है। प्रारंभिक अवस्था में सही मार्गदर्शन मिलने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है। सरकार की यह पहल दर्शाती है कि आने वाली पीढ़ी को सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए वह दीर्घकालिक और ठोस कदम उठा रही है।

कटनी में तनाव: पुरानी दुश्मनी में चली बमबाजी, 9 जख्मी, पुलिस ने संभाला मोर्चा

कटनी  माधव नगर बंगला लाइन में गुरुवार को बमबाजी की घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई। पुरानी रंजिश पर कुछ लोगों ने कई देशी बम फेंके, जिसमें झुलसने से 9 लोग घायल हुए हैं और उनमें बच्चे भी शामिल हैं। क्या है मामला जानकारी के अनुसार माधव नगर थाना क्षेत्र के बंगला लाइन कैंप में गुरुवार को पुरानी रंजिश के चलते अचानक हिंसक झड़प हो गई। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान करीब 10 देशी बम फेंके गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। 9 लोग घायल इस घटना में महिला, पुरुष और नाबालिग सहित 8 से 9 लोग घायल हो गए हैं। सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल कटनी में भर्ती कराया गया है। पुलिस बल तैनात घटना की सूचना मिलते ही माधव नगर पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बुधवार को बंगला लाइन के काली, मिठ्ठू और अड्डा नामक युवकों का कुछ लोगों से विवाद हुआ था और उसी के चलते आज वाहनों से युवक पहुंचे और क्षेत्र में बम पटककर दहशत फैलाते हुए भाग निकले। पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।

इब्राहिम के बर्थडे पर करीना का खास मैसेज, बुआ ने कहा– इस साल सारे सपने पूरे हों

मुंबई पटौदी रियासत के वंशज और एक्टर सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान गुरुवार को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इब्राहिम के जन्मदिन के मौके पर उनके परिवार वालों ने शुभकामनाएं दीं। इब्राहिम की बुआ से लेकर सौतेली मां करीना कपूर तक ने उनके जन्मदिन पर पोस्ट किया है। इब्राहिम की बड़ी बुआ सबा पटौदी ने इंस्टाग्राम के जरिए जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने एक्टर के बचपन की खूबसूरत तस्वीरें पोस्ट कीं। इसके साथ उन्होंने लिखा, 'इग्गी (इब्राहिम) तुम वह सुपरहीरो हो, जिसमें मुझे हमेशा विश्वास रहा है। मेरा वो बच्चा जिसे मैंने कभी संभाला था। तुम मेरे लिए सब कुछ हो- भाई, भतीजा और बेटा और पोता भी। तुम वो चमकता सितारा हो, जो मजबूत और शानदार होगा।' सबा ने इब्राहिम के लिए कहा- बिल्कुल तुम्हारे दादा, मेरे अब्बा की तरह सबा ने आगे लिखा, 'तुम्हारी जिंदगी खुशहाल, सफल और नम्र बनी रहे, बिल्कुल तुम्हारे दादा, मेरे अब्बा की तरह, जिनसे तुम बहुत मेल खाते हो। तुम्हारा दिमाग और आकर्षण, मजबूती और हंसी सब उन्हीं की तरह है। जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं, इब्राहिम। तुमसे बहुत प्यार करती हूं।' सोहा अली खान ने कहा- इस साल तुम्हारे सारे सपने पूरे होते देखूं इब्राहिम अली खान की छोटी बुआ और एक्ट्रेस सोहा अली खान ने भी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर उनके साथ तस्वीर शेयर की। उन्होंने लिखा, 'इस साल तुम्हारे सारे सपने पूरे होते देखूं। जन्मदिन मुबारक हो।' करीना ने कहा- हैप्पी बर्थडे, बिग ब्रो करीना कपूर खान ने इंस्टाग्राम स्टोरी में इब्राहिम की तस्वीर पोस्ट कर लिखा, 'हैप्पी बर्थडे, बिग ब्रो। सबसे सुंदर लड़के इब्राहिम को जन्मदिन की शुभकामनाएं।' इब्राहिम ने फिल्म 'नादानियां' से एक्टिंग शुरू की इब्राहिम सैफ अली खान और अमृता सिंह के बेटे हैं। इब्राहिम ने फिल्म 'नादानियां' से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। हालांकि, फिल्म में उनकी एक्टिंग को ज्यादा पसंद नहीं किया गया था। कायोज ईरानी द्वारा निर्देशित फिल्म 'सरजमीं' पर नजर आए थे। फिल्म में उन्होंने कर्नल विजय मेनन (पृथ्वीराज सुकुमारन) के बेटे का किरदार निभाया था। फैंस को इस फिल्म में इब्राहिम का काम काफी पसंद आया था। स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म 'दिलर' से डेब्यू वर्कफ्रंट की बात करें तो इब्राहिम अब कुणाल देशमुख द्वारा निर्देशित स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म 'दिलर' से सिनेमाघरों में डेब्यू करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि फिल्म के बारे में अभी अधिक जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि खबरों के मुताबिक साउथ की मशहूर एक्ट्रेस श्रीलीला इब्राहिम के साथ लीड रोल में होंगी। दिलचस्प बात यह है कि 'दिलर' की कास्ट और क्रू ने पिछले साल लंदन में अपना पहला शूटिंग शेड्यूल पूरा किया था।