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शीतला अष्टमी कब मनाई जाएगी? जानें डेट, पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

सनातन धर्म में शीतला अष्टमी का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन माता शीतला का पूजन और व्रत किया जाता है. शीतला अष्टमी का व्रत हर वर्ष चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन रखा जाता है. इस व्रत को लोग बसौड़ा भी कहा करते हैं, क्योंकि इस व्रत में शीतला माता को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है. ये परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. मान्यता है कि बासी भोग लगाने से माता अति प्रसन्न होती हैं. माता शीतला का व्रत और पूजन करने जीवन में खुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. माता का व्रत और पूजन करने से आरोग्य का वरदान प्राप्त होता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल शीतला अष्टमी का व्रत किस दिन रखा जाएगा? साथ ही जानते हैं शीतला अष्टमी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि. शीतला अष्टमी कब है? पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 11 मार्च को रात 01 बजकर 54 मिनट पर हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन 12 मार्च को सुबह 04 बजकर 19 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, इस साल शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च को रखा जाएगा. शीतला अष्टमी पूजा शुभ मुहूर्त शितला अष्टमी के दिन शुभ मुहूर्त में माता की पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है. ऐसे में इस साल शीतला अष्टमी के दिन माता की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 36 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त शाम को 06 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. शीतला अष्टमी पूजा विधि शीतला अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर पहले स्नान करें और फिर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान सूर्य को जल चढ़ाएं. फिर घर के मंदिर में चौकी पर मां शीतला देवी की प्रतिमा या तस्वीर रखें. इसके बाद विधि-विधान से माता की पूजा करें. पूजा के दौरान माता के सामने दीपक और धूप जलाएं. माता को रोली, अक्षत और फूल चढ़ाएं. बासी भोजन का भोग अर्पित करें. व्रत कथा का पाठ करें. अंत में आरती से पूजा का समापन करें.

बजट घटा तो बढ़ेगी मुश्किलें: कुमारी सैलजा ने उठाए सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

चंडीगढ़ सिरसा की सांसद, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार के बजट 2026-27 पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय उसे लगातार कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से स्पष्ट है कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि वर्ष 2013-14 में कांग्रेस सरकार के समय कुल बजट खर्च का 21.77 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार के 2026-27 के बजट में यह घटकर मात्र 10.80 प्रतिशत रह गया है। शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस प्रकार की कटौती यह दर्शाती है कि सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा कहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। हरियाणा के लगभग 90 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल और हेडमास्टर के पद खाली पड़े हैं, जिससे स्कूलों में प्रशासनिक व्यवस्था और शैक्षणिक वातावरण दोनों प्रभावित हो रहे हैं। जब विद्यालयों में नेतृत्व ही नहीं होगा तो विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिल सकेगी। कुमारी सैलजा ने प्रदेश की विश्वविद्यालयों की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में लगभग 50 प्रतिशत टीचिंग पोस्ट खाली हैं, चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी भिवानी में 69 प्रतिशत, चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय सिरसा में लगभग 60 प्रतिशत तथा सीआरएसयू जींद में भी करीब 60 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। इससे साफ है कि प्रदेश की उच्च शिक्षा भी गंभीर संकट से गुजर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की नीति पर काम कर रही है ताकि लोगों का भरोसा सरकारी स्कूलों से खत्म हो जाए और निजी शिक्षा संस्थानों को बढ़ावा मिले। यदि सरकार वास्तव में शिक्षा को लेकर गंभीर होती तो खाली पदों को तुरंत भरती, विद्यालयों के ढांचे को मजबूत करती और शिक्षा के बजट में बढ़ोतरी करती। कुमारी सैलजा ने कहा कि बजट 2026-27 में किसानों के साथ भी अन्याय किया गया है। विशेष रूप से कपास किसानों के बजट में भारी कटौती की गई है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट विकास का रोडमैप नहीं बल्कि जुमलों और भाषणों का पुलिंदा है। शिक्षा, किसान और युवाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। सांसद लेंगी सिरसा में दिशा की बैठक सिरसा की सांसद, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा 6 मार्च को सुबह 10 बजे सिरसा के पंचायत भवन में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करेंगी। इससे पहले वह सुबह 9:30 बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, सिरसा में आमजन से मुलाकात कर लोगों की समस्याएं सुनेंगी। बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी। इसमें जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा समिति के सदस्य उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा कुमारी सैलजा 6 मार्च को दोपहर 3 बजे जींद के डीआरडीए हॉल में आयोजित दिशा की बैठक की अध्यक्षता करेंगी तथा 7 मार्च को सुबह 11 बजे जिला बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कोर्ट परिसर, बार रूम, फतेहाबाद पहुंचेंगी।

भारत समर्थक आवाज बनीं निशाना? कनाडा में नैन्सी ग्रेवाल के कत्ल पर खालिस्तानियों पर शक

नई दिल्ली कनाडा में पंजाबी मूल की मशहूर यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल का कत्ल हो गया है। नैन्सी को कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिस ट्रूडो और खालिस्तानियों के आलोचक के तौर पर देखा जाता था। उनकी कनाडा की लासेल में चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस का कहना है कि कनाडा के विंडसर में रहने वाली नैन्सी का कत्ल मंगलवार की रात को किया गया। पुलिस ने बताया कि नैन्सी को रात 9:30 बजे के करीब घायल अवस्था में पाया गया। वह खून से लथपथ मिली थीं। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी अत्यधिक खून बहने के कारण मौत हो गई। वह सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणियों के लिए जानी जाती थीं। इस हत्याकांड में खालिस्तानियों को भी संदेह से देखा जा रहा है। भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव पैदा होने के दौरान उन्होंने खुलकर तीखी टिप्पणियां की थीं। अकसर वह कनाडा के पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो और खालिस्तानियों की निंदा करती थीं। उन्होंने कई बार पंजाब के कुछ धार्मिक और राजनीतिक नेताओं की आलोचना की थी। उनकी हत्या को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है। अब तक पुलिस ने इस मामले में किसी को हिरासत में नहीं लिया है और ना ही किसी पर संदेह जाहिर किया है। इस मामले की जांच तेज करते हुए पुलिस ने नैन्सी के घर और उसके आसपास के इलाके की घेराबंदी की है। सबूतों को सुरक्षित करके रखा गया है। फॉरेंसिक जांच की जा रही है। इसी इलाके में दो सप्ताह पहले भी एक शख्स की हत्या हुई थी। इस घटना ने एक बार फिर से कनाडा की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। बता दें कि कनाडा में लंबे समय से खालिस्तानी तत्व ऐक्टिव रहे हैं। इन्हीं को लेकर भारत और कनाडा के रिश्तों में भी तनाव आ गया था। हालांकि जब जस्टिन ट्रूडो की सत्ता से विदाई हुई और नया नेतृ्त्व आया तो चीजें बदल गई हैं। फिलहाल पुलिस आसपास के घरों की फुटेज तलाश रही है। पुलिस को लगता है कि नैन्सी के घर कौन-कौन गया था। उनके बारे में पता चल जाए तो आगे जांच में काफी मदद मिल जाएगी। खालिस्तानी सरगना गुरपतवंत सिंह पर भी खुलकर बोलती थीं हमला खालिस्तानी सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू पर भी तीखा हमला वह अकसर बोलती थीं। ग्रेवाल की परवरिश हरियाणा के सिरसा में हुई थी और वह लंबे समय से कनाडा में बसी हुई थीं। सिरसा के ही सतलुज पब्लिक स्कूल से पढ़ीं और फिर कॉलेज का रुख करने वालीं ग्रेवाल अपनी मुखरता के लिए जानी जाती थीं। कनाडा में खालिस्तान का विरोध करने वाले लोगों की वह आवाज बन गई थीं। नैन्सी ग्रेवाल अकसर महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर राय रखती थीं और कभी भी खालिस्तानी तत्वों की धमकियों के आगे झुकीं नहीं।  

प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में है पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी अपर मुख्य सचिव खाद्य शमी ने की समीक्षा

भोपाल  प्रदेश में पेट्रोल,डीजल एवं एलपीजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। यह जानकारी ऑयल कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने अपर मुख्य सचिव खाद्य  रश्मि अरुण शमी द्वारा गुरुवार को मंत्रालय में की गयी पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान दी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की समीक्षा के निर्देश दिये थे। समीक्षा बैठक में ऑयल कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान खपत को देखते हुए पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। अपर मुख्य सचिव ने ऑयल कम्पनियों को जिलावार अपने फील्ड ऑफिसर तथा डिपो प्रभारी को संभागायुक्त एवं कलेक्टर से सम्पर्क करने तथा नियमित रूप से स्टॉक की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये कि डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी की जमाखोरी एवं कालाबाजारी किसी भी स्थिति में न हो। डीलर स्तर पर प्रतिदिन स्टॉक की समीक्षा की जाए। बैठक में कमिश्नर खाद्य  कर्मवीर शर्मा, एमडी नागरिक आपूर्ति निगम  अनुराग वर्मा और ऑयल कम्पनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

बिहार की राजनीति में BJP की बढ़त: JDU पर कैसे भारी पड़ी भगवा पार्टी

नई दिल्ली बिहार की राजनीति में भाजपा और जेडीयू का गठबंधन दशकों पुराना है, लेकिन समय के साथ इस गठबंधन की शक्ति का संतुलन अब पूरी तरह बदलता दिख रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही कभी 'छोटे भाई' की भूमिका में रहने वाली भाजपा आज बिहार में एनडीए की 'सीनियर पार्टनर' बनने जा रही है। 1990 के दशक में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ नीतीश कुमार ने एक गठबंधन तैयार किया। उस समय नीतीश कुमार की समता पार्टी का आधार बड़ा माना जाता था। 2000 में झारखंड अलग होने से पहले का आखिरी चुनाव था। इस समय नीतीश कुमार की साख बिहार में निर्विवाद नेता के रूप में स्थापित हो चुकी थी। अक्टूबर 2005 में जब पहली बार नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए की सरकार बनी तो जदयू ने 88 सीटें जीतीं और भाजपा ने 55 सीटें। नीतीश कुमार की पार्टी स्पष्ट रूप से सीनियर पार्टनर थी। 2010 के विधानसभा में नीतीश कुमार की लोकप्रियता का चरम था। जदयू ने 115 सीटें जीती, जबकि भाजपा 91 सीटों पर रही। सीट शेयरिंग में भी जदयू को ज्यादा सीटें मिली थीं। लेकिन जैसे ही 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की केंद्रीय राजनीति में नरेंद्र मोदी की एंट्री होती है तो नीतीश कुमार असहज हो गए। 2013 में भाजपा के द्वारा प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद नीतीश कुमार ने भाजपा से गठबंधन तोड़ दिया। उन्होंने राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर महागठबंधन का गठन किया। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अकेले दम पर शानदार प्रदर्शन किया, जबकि जदयू मात्र 2 सीटों पर सिमट गई। यह पहला संकेत था कि बिहार में भाजपा का जनाधार अब स्वतंत्र रूप से बढ़ चुका है। 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार राजद के साथ गए। हालांकि वह चुनाव जीत गए, लेकिन भाजपा ने अकेले लड़कर भी 24.4% वोट शेयर हासिल किया, जो किसी भी अकेली पार्टी से ज्यादा था। सीनियर पार्टनर बनने का सफर 2017 में नीतीश कुमार वापस एनडीए में आए, लेकिन अब भाजपा की सौदेबाजी की शक्ति बढ़ चुकी थी। 2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू और भाजपा गठबंधन ने चुनाव लड़ा। इस चुनाव में भाजपा को 74 सीटें मिलीं और जेडीयू को सिर्प 43। यह पहला अवसर था जब एनडीए के भीतर भाजपा, जदयू से काफी आगे निकल गई । हालांकि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने, लेकिन संख्या बल के मामले में भाजपा 'बड़े भाई' की भूमिका में आ गई। इस चुनाव में चिराग पासवान ने जेडीयू की अधिकांश सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में जेडीयू और भाजपा को बराबर की सीटें मिलीं। दोनों के 12-12 सांसद चुनाव जीते। 2025 के विधानसभा चुनाव में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वहीं, जेडीयू 85 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही। आपको बता दें कि 2025 के चुनाव में एनडीए में रहते हुए जेडीयू पहली बार बराबर सीटों पर चुनाव लड़ा। दोनों ही दलों ने 101-101 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। भाजपा के फैक्टर भाजपा का कोर वोट बैंक लगातार स्थिर रहा, जबकि जदयू का वोट शेयर गठबंधन बदलने और एंटी-इंकंबेंसी के कारण प्रभावित हुआ। 2020 और 2025 के चुनावों में भाजपा का स्ट्राइक रेट जदयू की तुलना में काफी बेहतर रहा। 2014 के बाद से भाजपा ने बिहार के ग्रामीण इलाकों और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) में अपनी स्वतंत्र पैठ मजबूत की, जो पहले कभी केवल नीतीश कुमार की ताकत मानी जाती थी।  

सिर्फ एक मुट्ठी सौंफ बदल सकती है घर का माहौल, जानें कहाँ रखें

हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति में रसोई घर को ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। रसोई में मौजूद मसाले न केवल स्वाद और सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार इनका ज्योतिषीय महत्व भी बहुत गहरा है। इन्हीं मसालों में से एक है सौंफ । आमतौर पर हम सौंफ का उपयोग मुखशुद्धि या अचार में करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक मुट्ठी सौंफ आपके घर के वास्तु दोषों को दूर कर मानसिक तनाव  को कम कर सकती है ? आइए विस्तार से जानते हैं कि सौंफ का सही इस्तेमाल कैसे आपके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि ला सकता है। शयनकक्ष और सिरहाने के पास यदि आपको रात में बुरे सपने आते हैं या मानसिक तनाव के कारण नींद नहीं आती, तो एक छोटे से सफेद या लाल सूती कपड़े में एक मुट्ठी सौंफ बांधकर पोटली बना लें। इस पोटली को अपने तकिए के नीचे या सिरहाने की तरफ रखें। इससे राहु का दोष कम होता है और मन शांत रहता है, जिससे गहरी और शांतिपूर्ण नींद आती है।  उत्तर-पूर्व दिशा घर की उत्तर-पूर्व दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है। इस दिशा में एक कांच की कटोरी में थोड़ी सी सौंफ भरकर रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे वैचारिक मतभेदों को कम करता है और शांति का माहौल बनाता है। किचन की उत्तर दिशा किचन में सौंफ को हमेशा उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा के डिब्बे में रखना शुभ माना जाता है। इससे घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती। अगर आप लंबे समय से किसी मानसिक उलझन या तनाव से गुजर रहे हैं, तो सौंफ के ये उपाय रामबाण सिद्ध हो सकते हैं। यदि आपकी कुंडली में मंगल भारी है, जिसके कारण आपको छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता है, तो जेब में एक हरे रंग के रुमाल में थोड़ी सी सौंफ बांधकर रखें। इससे स्वभाव में सौम्यता आती है। बुध की मजबूती: हर बुधवार को एक मुट्ठी सौंफ का दान करना या गाय को सौंफ के साथ हरा चारा खिलाना आपके व्यापारिक तनाव को खत्म करता है। नकारात्मकता का नाश: घर के मुख्य द्वार के पास एक ऊंचे स्थान पर थोड़ी सी सौंफ छुपा कर रखने से बाहर से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा घर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाती।

राज्यपाल ने माँ महामाया का दर्शन कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली की कामना की

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका राज्यपाल  रमेन डेका ने आज रतनपुर पहुंचकर माँ महामाया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ महामाया से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना कर आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में राज्यपाल का मंदिर समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष  लवकुश कश्यप, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, सहित  मोहित जायसवाल एवं माँ महामाया मंदिर समिति के पदाधिकारियों मौजूद थे।

CM हेमंत ने नेमरा गांव में बाहा पूजा का निरीक्षण किया, तालाब और विकास कार्यों का लिया हाल

रांची  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पैतृक गांव नेमरा (गोला प्रखंड, रामगढ़ जिले) में बाहा पूजा के अवसर पर विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ तालाब का दौरा किया और जल संरक्षण व सफाई से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की। तालाबों का संरक्षण जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाबों का संरक्षण ग्रामीण जीवन और पर्यावरण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को काम में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अंचल अधिकारी समेत कई विभागीय अधिकारी मौजूद थे। तालाब निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सामुदायिक भवन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में बाहा पूजा के आयोजन, सुरक्षा, यातायात और अतिथियों के ठहरने की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने निर्देश दिए कि पूजा के दौरान ग्रामीणों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। पूर्व विधायक और अन्य अतिथियों का आगमन बाहा पूजा में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री एक दिन पहले बुधवार शाम को नेमरा पहुंचे थे। इस दौरान पूर्व विधायक सीता सोरेन भी कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने गांव पहुंचीं। मुख्यमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है और सामुदायिक भवन में अतिथियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक व्यवस्था बीएसएनएल टावर के पास नियंत्रित की जा रही है ताकि आवागमन सुचारू रहे। गांव में उत्साह का माहौल बाहा पूजा के अवसर पर नेमरा गांव में उत्साह और खुशी का माहौल है। प्रशासनिक तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं के बीच पारंपरिक समारोह को शांतिपूर्ण और भव्य बनाने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।  

IRIS Dena पर सस्पेंस: भारत से जुड़ाव की चर्चा के बीच अमेरिका की कार्रवाई से मचा हड़कंप

वाशिंगटन अमेरिकी हमले का शिकार हुई ईरानी IRIS Dena को ईरान ने भारत का मेहमान बताया था। हालांकि, भारतीय नौसेना के साथ अभ्यास करने और विदा होने की तारीख अलग इशारा कर रही हैं। ईरान ने आरोप लगाए हैं कि अमेरिका ने भारत के मेहमान पर बगैर चेतावनी हमला कर दिया था। हाल ही में अमेरिकी स्ट्राइक में IRIS Dena डूब गई थी, जिसमें करीब 80 लोगों की मौत हो गई थी। कब आया भारत और कब निकला सूत्रों ने बताया है कि 28 फरवरी को युद्ध छिड़ने के बाद जहाज ने भारत से मदद नहीं मांगी थी। IRIS Dena 16 फरवरी से 25 फरवरी तक चले वाइजैग में IFR यानी इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का हिस्सा बनी थी। खास बात है कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुात 28 फरवरी को की थी। भारतीय मेहमान थी या नहीं इस लिहाज से ईरानी जहाज 25 फरवरी के बाद भारतीय क्षेत्र के बाहर था और विदा होने के बाद अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में था। अखबार को सूत्रों ने बताया कि जहाज और उसमें शामिल लोग 16 फरवरी से 25 फरवरी के बीच भारतीय मेहमान थे। इसके बाद जहाज ने भारत किसी भी तरह की कोई मदद की मांग नहीं की थी। खास बात है कि अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी पोत पर हमले की पुष्टि कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह किसी दुश्मन युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबोने की पहली घटना है। ईरान ने बताया था भारतीय मेहमान ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, 'लगभग 130 नाविकों को ले जा रहे और भारत की नौसेना के अतिथि पोत 'फ्रिगेट देना' पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया। मेरी बात याद रखना- अमेरिका ने जो उदाहरण पेश किया है, उसे उस पर अत्यधिक पछतावा होगा।' ईरान के सबसे नए युद्धपोतों में से एक, आईरिस देना, मौदगे श्रेणी का एक फ्रिगेट है जो ईरानी नौसेना के लिए समुद्र में गश्त करता है। यह भारी तोपों, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, पोत-रोधी मिसाइलों और टॉरपीडो से लैस था। पोत पर एक हेलीकॉप्टर भी था। श्रीलंका ने बचाया बुधवार को विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने संसद को बताया कि श्रीलंका की नौसेना को सूचना मिली थी कि 180 लोगों को ले जा रहा पोत 'इरिस देना' संकट में है, जिसके बाद श्रीलंका ने बचाव अभियान के लिए अपने पोतों और वायुसेना के विमानों को भेजा।  

जब सिद्धू बने सुनील ग्रोवर ने मलाइका संग की मस्ती, रवि किशन ने ओरी को सिखाई भोजपुरी – ‘पगला जईबा लोग’

मुंबई कपिल शर्मा अपने शो 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' में सबसे बड़े स्टार्स को लाने के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, इस सीजन के मेहमानों की लिस्ट में अलग-अलग लोगों का मिक्सचर देखने को मिल रही है। शो के हाल ही में जारी प्रोमो में मलाइका अरोड़ा, रवि किशन और इंटरनेट पर्सनैलिटी ओरी को 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' के सोफे पर बैठे देखा जा सकता है। साथ ही, शो में सिद्धू पाजी और मलाइका के बीच जो गपशप होती है, वो भी काफी मजेदार है। प्रोमो में कपिल शर्मा खुद भी इस पर मजाक करने से खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने कहा, 'ओरी और रवि दोनों मुंबई से हैं, लेकिन दोनों की पर्सनैलिटीज अलग-अलग है। रवि एकदम देसी है। ये अपनी मिट्टी से चिपके रहते हैं और ओरी जिससे मिलते हैं, उससे चिपक जाते हैं।' यह कमेंट ओरी की उस खास अदा पर कटाक्ष थी, जिसमें वह फोटो क्लिक करते समय किसी दूसरे की छाती पर हाथ रख देते हैं। रवि किशन ने ओरी को सिखाई भोजपुरी कृष्णा अभिषेक ने रवि और ओरी को एक साथ मंच पर लाने के बारे में मजाक करते हुए कहा, 'ये कैसा कॉम्बिनेशन है?' इसके बाद रवि किशन ओरी को भोजपुरी में बोलना सिखाते हैं और उनसे कहते हैं, 'ओरी बोलो कि पगला जईबा सब लोग।' और फिर ओरी उसे दोहराते भी हैं। हर कोई हंसी से लोटपोट हो जाता है। मलाइका अरोड़ा और सिद्धू की मस्ती प्रोमो के अगले पार्ट में शो के गेस्ट नवजोत सिंह सिद्धू मलाइका अरोड़ा के आने पर बेहद खुश नजर आए। कपिल ने मलाइका से पूछा, 'जीवन में क्या ज्यादा जरूरी है, अच्छा होना या शरारती होना?' सिद्धू ने तुरंत जवाब दिया, 'मलाइका मैम बहुत शरारती हैं, मैं बता नहीं सकता कि कितनी।' कपिल ने फिर चुटकी लेते हुए कहा कि मलाइका की मां उनके बारे में उतना नहीं जानतीं जितना सिद्धू जानते हैं। सुनील ग्रोवर ने मलाइका से किया फ्लर्ट फिर सुनील ग्रोवर सिद्धू के वेश में मंच पर आए और मलाइका के साथ छेड़छाड़ करते, उन्हें गुलाब देते और यहां तक कि उन्हें शादी का प्रपोजल देते नजर आए। मलाइका भी इसमें उनका साथ दे रही थीं। अंत में सिद्धू ने ग्रोवर की नकल की तारीफ करते हुए कहा, 'मनजोत सिंह तेरे आगे नवजोत फेल।' 'ग्रेट इंडियन कपिल शो' में आईं मशहूर हस्तियां 'ग्रेट इंडियन कपिल शो' का चौथा सीजन चल रहा है। प्रियंका चोपड़ा, कार्तिक आर्यन और रानी मुखर्जी जैसे स्टार्स से लेकर क्रिकेटरों और कई मशहूर हस्तियों तक, कई बड़े नाम इस सीजन में शो में नजर आ चुके हैं।