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स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और ओआईएल के बीच सोमवार को होगा बड़ा एमओयू

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार डिजिटल कनेक्टिविटी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश की पहल पर ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया जाएगा। लखनऊ के होटल रेनेसां में आयोजित कार्यक्रम में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश और वनओटीटी इंटरटेनमेंट लि. (ओआईएल – हिंदुजा ग्रुप लि. की सहायक कंपनी) के बीच औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान होगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। गांवों में तेज और सुलभ होगी इंटरनेट की पहुंच ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। इस पहल के तहत न्याय पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 स्थानीय उद्यमियों को स्वतंत्र डिजिटल सेवा प्रदाता (डीएसपी) के रूप में कार्य करने के लिए सक्षम बनाया जाएगा। ये उद्यमी स्थानीय स्तर पर हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराएंगे, जिससे गांवों में इंटरनेट की पहुंच तेज और सुलभ होगी। इस पहल से बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिसकी मदद से स्थानीय युवाओं को उनके अपने ही क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे।  महिला उद्यमियों को मिलेगा बड़ा अवसर इस परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि डिजिटल सेवा प्रदाताओं (डीएसपी) में लगभग 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को नई पहचान और अवसर मिलेंगे, साथ ही महिलाएं डिजिटल सेवाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त होकर डिजिटल अर्थव्यवस्था की मुख्य धारा से जुड़ सकेंगी। यह पहल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि गांवों में नारी शक्ति को तकनीक और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। 20 लाख घरों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड परियोजना के तहत अगले 2 से 3 वर्षों में प्रदेश के 20 लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में तेज, सुलभ और भरोसेमंद इंटरनेट की पहुंच मजबूत होगी, जिससे ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल सेवाएं, ई-गवर्नेंस और रोजगार के नए अवसरों को भी गति मिलेगी। डिजिटल यूपी के विजन को मिलेगा बल परियोजना के अंतर्गत चयनित डिजिटल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, नेटवर्क निर्माण और आधुनिक तकनीकी सक्षमता जैसी संरचित सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का मजबूत नेटवर्क विकसित कर सकें। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘डिजिटल उत्तर प्रदेश’ के विजन को आगे बढ़ाने के साथ-साथ ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह, हिंदुजा ग्रुप के प्रतिनिधि तथा परियोजना से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे और ‘प्रोजेक्ट गंगा’ की रूपरेखा तथा इसके संभावित प्रभावों पर अपने विचार साझा करेंगे।

फाइनल में भारतीय ओपनर्स का धमाका, संजू-अभिषेक ने 6 ओवर में कूटे 92 रन

अहमदाबाद  आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला जा रहा है। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है, लेकिन भारतीय ओपनर्स ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के धागे खोल दिए। पावरप्ले में ही अभिषेक शर्मा ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। वहीं, भारतीय टीम ने 6 ओवर में बिना विकेट खोए 92 रन बनाए। भारत ने प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया। न्यूजीलैंड की टीम में कोल मैकोंची की जगह जैकब डफी आए हैं। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की है। पावरप्ले में भारत का प्रदर्शन भारतीय टीम को संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने अच्छी शुरुआत दिलाई। संजू ने मैट हेनरी के पहले ओवर में छक्का लगाया। इस ओवर में सात रन बने। हालांकि, अगले 5 ओवर में 85 रन इस जोड़ी ने जोड़े और 92 रन बिना किसी नुकसान के भारत ने बनाए। भारत और न्यूजीलैंड की टीमें ( प्लेइंग इलेवन) इंडिया (प्लेइंग XI): अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह न्यूज़ीलैंड (प्लेइंग XI): टिम सीफ़र्ट (विकेट कीपर), फिन एलन, रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशम, मिशेल सेंटनर (कप्तान), मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, जैकब डफी

कुख्यात पशु तस्कर बल्लू उर्फ अब्दुल रहमान को कोतमा पुलिस द्वारा सतना से किया गया गिरफ्तार

अनूपपुर         पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर  मोती उर रहमान के निर्देशन में थाना कोतमा के पशु तस्करी एवं अवैध हथियार रखने के अपराध में लम्बे समय से फराऱ चल रहे पशु तस्करी के सरगना बल्लू उर्फ अब्दुल रहमान को थाना कोतमा पुलिस टीम ने दिनांक 07.3.26 को सतना जिले से गिरफ्तार किया है।          मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 31.01.2026 को मुखबिर सूचना पर कोतमा हाईवे जंगल चौकी के पास से ट्रक क्रमांक सीजी 04 एन एक्स 5617  में परिवहन किये जा रहे 22 नग मवेशी भैंस पड़ा जप्त किये गये थे तथा उक्त ट्रक से ही 315 बोर का एक देशी कट्टा तथा 02 नग जिन्दा कारतूस भी बरामद किया गया था । उक्त प्रकरण में आरोपी उमेश केवट पिता स्व. दीनदयाल केवट निवासी पुरानी बस्ती कोतमा एवं अंकित द्विवेदी पिता रमेश कुमार द्विवेदी निवासी ग्राम झाली थाना कोठी जिला सतना (म.प्र.) , एवं वाहन मालिक  संजय पटेल उर्फ प्रभु दयाल पटेला गढिया टोला सतना को गिरफ्तार किया जा चुका है । इसी अपराध में लम्बे समय से फरार चल रहे पशु तस्करी के सरगना बल्लू उर्फ अब्दुल रहमान निवासी मवेशी बाजार कोतमा मूल निवासी ग्राम उमरपुर थाना बुढ़ाना जिला मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) को कल दिनांक 07.3.26 को जिला सतना से गिरफ्तार किया गया है ।  आरोपी बल्लू उर्फ अब्दुल रहमान के विरूध्द थाना कोतमा एवं अन्य थानों  तथा शहडोल जिले में कुल  11 अपराध पशु तस्करी संबंधी तथा अन्य धाराओं के पंजीबध्द हैं । साथ ही उक्त अपराधी का  जिला बदर का प्रकरण भी प्रचलन में है ।                उक्त कार्य़वाही में निरी. रत्नाम्बर शुक्ल थाना प्रभारी कोतमा के साथ  सउनि सुखीनंद यादव , प्र0आर0  दिनेश राठौर , आर. स्वदेश सिंह  , आर. जितेन्द्र मंडलोई , प्र.आर. राजेन्द्र अहिरवार (सायबर सेल) एवं नगर रक्षा समिति सदस्य नीरज सोनी की महत्वपूर्ण  भुमिका रही ।

TMC के रवैये पर योगी का प्रहार: राष्ट्रपति के प्रति दुराग्रह बताया राजनीतिक अहंकार

लखनऊ पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रवास के दौरान प्रोटोकॉल का उल्लंघन और कार्यक्रम स्थल में अचानक बदलाव का विवाद बढ़ता जा रहा है. इसे लेकर भाजपा नेता लगातार ममता सरकार को घेर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर बंगाल सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने राष्ट्रपति के साथ किए गए व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने इसकी निंदा की है. योगी ने एक्स पर लिखा है कि ‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति पश्चिम बंगाल में हुआ व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और अक्षम्य है. यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र, मातृशक्ति और जनजातीय समाज की अस्मिता का अपमान है. राष्ट्रपति का पद भारतीय गणतंत्र की सर्वोच्च संवैधानिक गरिमा का प्रतीक है. इस पद के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की असंवेदनशीलता अस्वीकार्य है.’ इसे भी पढ़ें : अब ‘धर्मयुद्ध’ की जरूरत है…शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने हिंदुओं को दिया बड़ा मैसेज, 11 मार्च को करने जा रहे कुछ बड़ा योगी ने आगे लिखा कि ‘संथाल संस्कृति और मा. राष्ट्रपति जी के प्रति TMC का यह दुराग्रह उनके राजनीतिक अहंकार और ओछी मानसिकता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है. संपूर्ण देश इस कृत्य से आहत है. पश्चिम बंगाल सरकार को अपने इस अमर्यादित आचरण के लिए देश से अविलंब सार्वजनिक क्षमा मांगनी चाहिए.’ ये है पूरा मामला दरअसल, पूरा विवाद राष्ट्रपति मुर्मू के उत्तर बंगाल दौरे के दौरान सामने आया. राष्ट्रपति दार्जिलिंग जिले में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं थीं. पहले कार्यक्रम बिधाननगर (फांसीदेवा ब्लॉक) में प्रस्तावित था, जहां बड़ी संख्या में संथाल आदिवासी समुदाय के लोग पहुंच सकते थे. लेकिन राज्य प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़भाड़ और अन्य कारणों का हवाला देकर कार्यक्रम को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोशाईपुर (या गोसाईंपुर) में स्थानांतरित कर दिया. राष्ट्रपति ने खुद इस बदलाव पर नाराजगी जताई और कहा कि नया स्थान छोटा था, जिससे कई लोग पहुंच नहीं पाए.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की सफल महिला उद्यमियों की सराहना, अन्य महिलाओं के लिए बताया प्रेरणास्रोत

लखनऊ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश की राजधानी में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मान कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के वाराणसी मंडल की महिलाओं के सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानियां सामने आईं। इस अवसर पर वाराणसी मंडल के वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर जनपदों की 600 से अधिक महिलाएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ीं। इनमें से कई लाभार्थी महिलाओं ने राज्य सरकार की विभिन्न महिला स्वावलंबन की योजनाओं से मिले लाभ के बारे में मुख्यमंत्री को बताया और उनका आभार व्यक्त किया। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के साहस, प्रयासों और स्वावलंबन की मिसाल बनने के लिए उनकी सराहना की और प्रदेश की अन्य महिलाओं को भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री से संवाद कार्यक्रम के दौरान वाराणसी की सीता देवी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से उन्होंने स्वयं भी ई-रिक्शा चलाकर और क्षेत्र की लगभग ढाई सौ महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग दिया है। सीता देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि शुरुआत में लोगों के ताने सुनने पड़ते थे और डर भी लगता था, लेकिन अब उनका डर दूर हो चुका है। अब वे न केवल स्वावलंबी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी इस दिशा में मदद करतीं हैं। मुख्यमंत्री ने उनके साहस की सराहना की और अन्य महिलाओं को भी स्वावलंबी बनाने के उनके प्रयासों के लिए आभार जताया। इसी क्रम में गाजीपुर की प्रमिला देवी ने बताया कि वे प्राथमिक विद्यालय में रसोइया का कार्य करती हैं और योगी सरकार की कई योजनाओं से लाभान्वित हैं। इनमें विधवा पेंशन योजना, पारिवारिक लाभ, कन्या सुमंगला योजना, उज्ज्वला योजना और राशन कार्ड योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से उनके स्वास्थ्य के लिए आयुष्मान कार्ड योजना के बारे में पूछा और उसका लाभ लेने के लिए कहा। उन्होंने प्रमिला देवी को अपने पैरों पर खड़े होकर स्वावलंबन का उदाहरण पेश करने के लिए बधाई दी। चंदौली जिले की सोनी कुमारी ने मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बताया कि वे फूलों की खेती करती हैं और महिला समूहों के माध्यम से क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी इस कार्य से जोड़कर स्वावलंबन की ओर प्रेरित करती हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे फूलों की खेती के लाभों के बारे में विस्तार से पूछा और मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों का उपयोग कर धूपबत्ती और अगरबत्ती बनाने के प्रशिक्षण के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री योगी ने सोनी देवी को अपने उद्यम का विस्तार कर अन्य महिलाओं को भी सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में जौनपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ी दुर्गा मौर्य ने बताया कि उन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं के तहत एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) बनाकर किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग, कम लागत में अधिक उत्पादन की तकनीकों का लाभ लेने के बारे में सहयोग प्रदान किया है। दुर्गा मौर्य ने बताया कि वे ड्रोन दीदी के रूप में भी कार्य करती हैं और इसके साथ ही उद्योग विभाग से ऋण लेकर नमकीन बनाने की फैक्ट्री स्थापित की है, जिससे अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने एफपीओ बनाकर महिलाओं और किसानों के उत्थान के लिए किए जा रहे उनके कार्यों की सराहना की तथा अन्य योजनाओं में प्रशिक्षण लेने और महिलाओं को प्रशिक्षित करने के लिए प्रेरित किया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सत्र योगी सरकार की नारी सशक्तीकरण की योजनाओं के प्रभाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री से संवाद कार्यक्रम के माध्यम से पता चला कि प्रदेश की महिलाएं न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रहीं हैं, बल्कि दूसरों को भी इस दिशा में प्रेरित कर रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यह आयोजन नारी शक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला साबित हुआ।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लखनऊ में WEP यूपी स्टेट चैप्टर का उद्घाटन

लखनऊ महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नीति आयोग की प्रमुख पहल वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म (WEP) का उत्तर प्रदेश स्टेट चैप्टर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ में औपचारिक रूप से शुरू किया गया। यह नया कार्यालय गोमती नगर के विभूति खंड स्थित रोहतास समिट बिल्डिंग में यूपी इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (UPICON) के अंतर्गत स्थापित किया गया है।  वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म (WEP) नीति आयोग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देश में महिला उद्यमियों के लिए एक मजबूत और एकीकृत मंच तैयार करना है। इसके माध्यम से महिला उद्यमियों को मेंटोरशिप, वित्तीय सहायता, बाजार से जुड़ाव, नियामकीय सहयोग और नेटवर्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार भी महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार की औद्योगिक और स्टार्टअप नीतियों के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों और कारीगरों को प्रोत्साहन देने की विभिन्न योजनाओं ने प्रदेश में महिला उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। लखनऊ में WEP का स्टेट चैप्टर स्थापित होने से प्रदेश की महिला उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर के संसाधनों, मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे पारंपरिक उद्योगों जैसे चिकनकारी, जरदोजी और बनारसी वस्त्र के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी और उद्यमिता को नई गति मिलेगी। लखनऊ की प्रसिद्ध महिला उद्यमी और समृद्धि क्रिएशन की संस्थापक सुष्मिता दत्ता ने यूपी चैप्टर का उद्घाटन किया। सुष्मिता दत्ता चिकनकारी पर आधारित परिधान और वस्त्र निर्माण क्षेत्र में अग्रणी उद्यमी हैं और लखनऊ की जीआई टैग प्राप्त पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के साथ ही बड़ी संख्या में महिला कारीगरों को रोजगार उपलब्ध करा रहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिला उद्यमियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न संस्थागत सहयोगियों ने भाग लिया और उत्तर प्रदेश में एक मजबूत तथा समावेशी उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के संकल्प को दोहराया।

मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ के द्वारा निकल गई पदयात्रा व रैली

राजेंद्र ग्राम राजेंद्र ग्राम-मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ के द्वारा समस्त जिले व बॉर्डर पदयात्रा निकालकर मुख्यमंत्री महोदय मध्य प्रदेश शासन को ज्ञापन सपने के लिए राजेन्द्र ग्राम में ड्राइवर महासंघ के द्वारा रैली निकाला गया और ड्राइवर महासंघों के द्वारा अपने मांगों को लेकर रविवार यानी आज से निकाली गई जिसमें मध्य प्रदेश के सभी जिलों से सभी महासंघ ड्राइवरो सदस्यों के द्वारा पदयात्रा व रैली निकाली गई जिसमें विभिन्न जिलों व बॉर्डर से होते हुए माननीय मुख्यमंत्री महोदय के निज निवास भोपाल में जाकर ज्ञापन सौंपेंगे और कहां गया हम ड्राइवर महासंगों के द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से यह पद यात्रा की जाएगी इसके संबंध में सभी ड्राइवर संघ के सदस्यों की सुरक्षा सुरक्षित तरीके से हो सके  और यह भी कहा गया कि मार्ग में कहीं भी कोई तरीके की बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए मध्य प्रदेश महासंघ आपको पूर्व में ही     सूचित किया जा चुका है कि पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। ड्राइवर महासंघों की मांग  जनसाधारण द्वारा आक्रोश हो रहे ड्राइवर समाज के लिए स्वतंत्र धारा किया जाए। और गाड़ी के लिए पार्किंग ड्राइवर के लिए विश्रामगृह व शौचालय की व्यवस्था की जाए। 65 वर्ष के बाद पेंशन योजना लागू की जाए एवं दुर्घटना के समय 20 लाख का बीमा व 10 लख रुपए इलाज के लिए दिया जाए । और ड्राइवर को द्वितीय श्रेणी की सैनिक मान्यता दी जाए। और ड्राइवर को आवास योजना के लिए पांच लाख रुपये  की मान्यता प्राप्त की जाए। और सरकार के द्वारा लाइसेंस के लिए जो ₹15000 रखा गया है उसको कम किया जाए। ड्राइवर को राजमार्ग पर प्रशासन द्वारा प्रताड़ित न किया जाए। भारतीय न्याय संहिता के द्वारा 106/02 को पूर्ण रूप से निरस्त किया जाए। ऐसे 14 मांगों को लेकर मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ के द्वारा रैली निकालकर अपने मांगों को लेकर पदयात्रा रैली राजेंद्र ग्राम से निकाली गई और कहा गया हमारी मांगे पूरी करो।

सिविल एयरपोर्ट में अफरा-तफरी, धमकी भरे कॉल से यात्रियों में दहशत

प्रयागराज डायल-112 पर आई एक कॉल ने शनिवार को प्रयागराज के सिविल एयरपोर्ट पर हड़कंप मचा दिया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि उसने सपना देखा है कि दोपहर एक बजे के बाद उड़ान भरने वाली सभी फ्लाइट क्रैश हो जाएंगी। इस सूचना के बाद पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं और एयरपोर्ट पर कई घंटे तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। मेरा सपना हमेशा सच होता है जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब एक बजे पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल-112 पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि एक बजे के बाद प्रयागराज सिविल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली सभी फ्लाइट क्रैश हो जाएंगी। मैंने ऐसा सपना देखा है और मेरा सपना हमेशा सच होता है। एजेंसियों में अफरा-तफरी मच गई यह सूचना मिलते ही लखनऊ कंट्रोल रूम ने एयरपोर्ट प्रशासन और स्थानीय पुलिस को अलर्ट कर दिया। इसके बाद एयरपोर्ट डायरेक्टर, सुरक्षा अधिकारी, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल बम निरोधक दस्ता, सिविल पुलिस और एसएसएफ की टीमें एयरपोर्ट पहुंचीं और परिसर के प्रवेश-निकास द्वार सहित कई स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली करीब कई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान एयरपोर्ट परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने कॉल करने वाले की तलाश शुरू की और प्रयागराज व लखनऊ से सर्विलांस टीमों को सक्रिय किया गया। जांच के दौरान रात में कुशीनगर निवासी उमेश कुमार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस का कहना है कि युवक मानसिक रूप से कमजोर प्रतीत हो रहा है। फिलहाल उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

खादर क्षेत्र में 400 मवेशियों के साथ पहुंचे वन गुर्जर, वन विभाग की टीम ने 16 किमी तक खदेड़कर दी कार्रवाई की चेतावनी

बिजनौर पौधे बचाने के लिए गंगा के खादर में लगभग 400 भैंसों के साथ आए वन गुर्जरों को वन विभाग की टीम ने खदेड़ दिया। टीम लगभग 16 किलोमीटर तक वन गुर्जर और उनकी भैंसों के पीछे चली व उन्हें अपने क्षेत्र से बाहर निकाल दिया। उन्हें फिर से उत्तराखंड जाने को कहा गया। इतना ही नहीं, फिर से खादर में दिखने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई हैं। खादर में वन विभाग, सिंचाई व राजस्व आदि विभागों की हजारों बीघा भूमि है। इस भूमि पर लोग अवैध कब्जा कर फसल बो देते हैं। हाल ही में वन विभाग ने लगभग 200 हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जे को मुक्त कर पौधारोपण किया है। पौधों के संरक्षण पर भी काम किया जा रहा है। उधर, खादर में वन गुर्जर भी आकर डेरा डाल देते हैं। इनके पशु पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं। शनिवार की रात उत्तराखंड की ओर से आए एक दर्जन से अधिक वन गुर्जरों ने रावली क्षेत्र में आकर डेरा डाल दिया। उनके पास 400 से अधिक भैंस व गाय थीं तथा लगभग एक हजार पशु एक दो दिन में आने वाले थे। क्षेत्रीय वनाधिकारी महेशचंद्र गौतम को इसका पता चला तो वे टीम के साथ मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने वन गुर्जरों को फिर से उत्तराखंड की ओर ही जाने को कहा। इस बीच वन गुर्जरों ने किसान संगठनों के नेताओं से फोन भी कराए और एक दो किसान नेता वहां मौके पर आ भी गए, लेकिन वन विभाग ने किसी की नहीं सुनी। रात नौ बजे वन गुर्जरों को उनके पशुओं सहित वहां से खदेड्ना शुरू कर दिया। रात को लगभग नौ बजे रावली क्षेत्र के गांव रतनपुर के पास से उन्होंने वन गुर्जरों को चंदक के रेलवे फाटक तक खदेड़ा। वन विभाग की टीम वन गुर्जरों और उनके पशुओं के पीछे पीछे ही चली। इस सब में रात के एक बज गए। वन गुर्जरों को गंगा के वन क्षेत्र में फिर न आने की चेतावनी दी गई। खादर में डेरे बना लेते हैं वन गुर्जर वन गुर्जर पशुपालन करते हैं। ये खादर में डेरे बना लेते हैं। पशु वहीं चरते हैं। इससे इनकी एक रुपये की लागत नहीं आती। बाढ़ आने पर कई बार प्रशासन ने टापुओं पर रहने वाले वन गुर्जरों को रेस्क्यू किया है। वन गुर्जरों को नाव से लाया जाता है, जबकि उनके पशु गंगा की धारा में आराम से तैरते हुए उनके पीछे आ जाते हैं। आरक्षित वन क्षेत्र में डेरे नहीं बनाने दिए जाएंगे वन गुर्जरों को आरक्षित वन क्षेत्र में डेरे नहीं बनाने दिए जाएंगे। इनके पौधे नए पौधरोपण को नष्ट कर देते हैं। वन संपदा को किसी को नष्ट नहीं करने दिया जाएगा। -महेश चंद्र गौतम, क्षेत्रीय वनाधिकारी  

निजी स्कूल प्रबंधकों के लिए चेतावनी, नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

अमृतसर पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा विद्यार्थियों के हित में निर्णय लेते हुए निजी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ स्कूल की पाठ्य-पुस्तकें, वर्दियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री किसी एक दुकान से खरीदने के लिए बाध्य न करें। इसी संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी (सैकेंडरी शिक्षा) अमृतसर राजेश कुमार शर्मा ने विभिन्न निजी स्कूलों की जांच की। इस संबंध में शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी निजी स्कूलों को कक्षाओं के लिए निर्धारित पाठ्य-पुस्तकों व अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए आवश्यक सामग्री के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। कुछ निजी स्कूलों द्वारा इन निर्देशों के उल्लंघन की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके मद्देनजर आज जिला शिक्षा कार्यालय अमृतसर की एक उच्च स्तरीय टीम, जिसमें उप जिला शिक्षा अधिकारी (सैकेंडरी शिक्षा) राजेश खन्ना और जिला रिसोर्स कोऑर्डिनेटर राजन शामिल थे, ने विभिन्न निजी स्कूलों का दौरा कर नए सत्र के लिए विद्यार्थियों को दी जा रही पाठ्य-पुस्तकों, ली जा रही फीस और अन्य सुविधाओं की जांच की। डी.ई.ओ. ने कहा कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक स्कूल को विभिन्न कक्षाओं के लिए निर्धारित पाठ्य-पुस्तकों की सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य है, ताकि विद्यार्थी के माता-पिता किसी भी विक्रेता से किताबें खरीद सकें। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधकों द्वारा विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं के तहत सैक्रेड हार्ट स्कूल, मॉडल स्टडी पब्लिक स्कूल और स्टालवर्ट स्कूल सहित कई संस्थानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों के बाथरूम और अन्य सुविधाओं की भी जांच की गई। उन्होंने निजी स्कूलों को सख्त लहजे में कहा कि प्रत्येक स्कूल परिसर में पाठ्य-पुस्तकों की सूची लगाना अनिवार्य है और विद्यार्थियों के अभिभावक सूची के अनुसार किसी भी दुकान से किताबें खरीद सकते हैं। यदि कोई निजी स्कूल विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों को किसी विशेष दुकान, स्कूल परिसर में खुली दुकान या आसपास अस्थायी रूप से खुली दुकान से किताबें, शिक्षण सामग्री या वर्दी खरीदने के लिए मजबूर करता है या शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित शर्तों से अधिक फीस वसूलता है तो शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिकायत सही पाए जाने पर स्कूल की मान्यता की जा सकती है रद्द उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि कोई निजी स्कूल प्रबंधन उन्हें किसी विशेष दुकान से किताबें या वर्दियां खरीदने के लिए बाध्य करता है तो वे सीधे जिला शिक्षा कार्यालय अमृतसर से संपर्क करें। शिकायत सही पाए जाने पर स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। इस अवसर पर परमिंदर सिंह सरपंच (जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर), राजदीप सिंह स्टेनो और अन्य शिक्षा कर्मचारी भी उपस्थित थे।