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स्व-सहायता समूह से जुड़कर पूनम देवी बनीं आत्मनिर्भर, अब ‘लखपति दीदी’ के रूप में बना रहीं नई पहचान लखपति दीदी’ के रूप में बना रहीं नई पहचान

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं विभिन्न योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा की  पूनम देवी भी इसी बदलाव की एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी हैं।       पूनम देवी,जो गणेश महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं, आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में जानी जाती हैं। कभी सीमित संसाधनों के साथ घर-परिवार की जिम्मेदारियों में लगी रहने वाली पूनम देवी ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन की दिशा बदल दी।      पूनम देवी बताती हैं कि पहले वे घर-गृहस्थी के कामकाज तक ही सीमित थीं और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए मजदूरी का सहारा लेना पड़ता था। आर्थिक स्थिति सामान्य थी, जिससे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन हो जाता था। इसी दौरान उन्होंने गणेश महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह से जुड़ने के बाद उन्हंन बचत, ऋण सुविधा और स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी मिली। समूह की अन्य महिलाओं को मछली पालन, बकरी पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आय अर्जित करते देख उन्हें भी प्रेरणा मिली। वर्ष 2025 के मार्च माह मं  उन्होंने मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपये का ऋण     प्राप्त किया। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने छोटे से किराना दुकान के विस्तार में किया।      किराना दुकान को व्यवस्थित और बड़ा करने के बाद उनके व्यवसाय में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगी। वर्तमान में उनकी दुकान से हर माह लगभग 30 से 35 हजार रुपये तक की बिक्री हो जाती है। इस आय से वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी अच्छी तरह से कर पा रही हैं।      पूनम देवी का कहना है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिरता दोनों आए हैं। आज वे न केवल अपने परिवार के लिए सहारा बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।      ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जिले में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

गलत दिशा के चलते शादी का सफर खतरे में, गाड़ी नाले में फिसली

कानपुर कानपुर से उन्नाव में शादी समारोह में शामिल होने जा रहे दो लोग गूगल मैप की गलत दिशा के कारण हादसे का शिकार होते-होते बच गए। गूगल मैप के बताए शॉर्टकट रास्ते पर चलते हुए उनकी कार अचानक नाले में जा गिरी। हालांकि राहत की बात यह रही कि दोनों को कोई गंभीर चोट नहीं आई। कानपुर के नौबस्ता निवासी सुनील कुमार और संदीप शुक्रवार रात करीब 10 बजे कार से उन्नाव के बारासगवर क्षेत्र के भगवंतखेड़ा गांव में रहने वाले सूर्यपाल यादव के यहां शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। गूगल मैप पर भगवंतखेड़ा की लोकेशन डाली उन्होंने गूगल मैप पर भगवंतखेड़ा की लोकेशन डाली, जिसके अनुसार यह स्थान लालकुआं से करीब एक किलोमीटर दूर बताया गया। गूगल मैप के निर्देशों का पालन करते हुए कार चला रहे संदीप ने आनंदी देवी मंदिर से रुझई मार्ग की ओर कार मोड़ दी। कुछ दूरी पर उन्हें कच्चा रास्ता मिला। आगे बढ़ने पर जब केवल पैदल रास्ता नजर आया तो उन्होंने कार वापस मोड़ने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से कार आधे से ज्यादा नाले में जा गिरी। हाइड्रा मशीन की मदद से कार को नाले से निकाला दोनों किसी तरह कार से बाहर निकल आए और बाद में अन्य साधन से शादी समारोह में पहुंचे। शनिवार सुबह हाइड्रा मशीन की मदद से कार को नाले से बाहर निकाला गया। संदीप ने बताया कि गूगल मैप के शॉर्टकट के कारण वे गलत रास्ते पर पहुंच गए थे। वहीं बीघापुर थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि इस घटना की कोई आधिकारिक सूचना उन्हें नहीं दी गई है।

ग्रामीणों को मिला रहा है रोजगार के अवसर

रायपुर ग्रामीणों को मिला रहा है रोजगार के अवसर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले में भी पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहे हैं। जिले में संचालित होमस्टे में बाहरी क्षेत्रों से पर्यटक पहुंच रहे हैं और यहां की प्राकृतिक सुंदरता तथा स्थानीय संस्कृति का अनुभव कर रहे हैं।     जिला प्रशासन भी ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इन प्रयासों के कारण जशपुर के गांवों में स्थित होमस्टे धीरे-धीरे पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर भी मिल रहे हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के रायपुर से आए दो पर्यटक केरे स्थित महुआ होमस्टे में ठहरे थे। पर्यटकों ने यहां के शांत वातावरण, प्राकृतिक सौंदर्य और गांव के सादगीपूर्ण जीवन का अनुभव किया। उन्होंने स्थानीय खान-पान और ग्रामीण आतिथ्य की भी सराहना की।      वहीं मध्य प्रदेश के सीधी जिले से आए चार पर्यटक देवोबरा (मयाली) स्थित बनफूल होमस्टे में ठहरे। इन पर्यटकों ने भी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और गांव के माहौल को बेहद पसंद किया। ग्रामीणों द्वारा की गई आत्मीय मेहमाननवाजी उनके लिए खास अनुभव रही।      स्थानीय होमस्टे में पर्यटक कार्तिकेय सिंह, कुसुम, अरविन्द पटेल,निधि , रोशन साहू प्रीति साहू आदि अन्य पर्यटकों के ठहरने के लिए सुविधा दी जा रही है। जशपुर में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान मिल रही है और आने वाले समय में इसके और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।

महिलाओं के नेतृत्व में विकास, यही नए भारत की दिशा: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़

जयपुर,  उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि महिलाओं की तरक्की में सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना से धरातल पर सकारात्मक बदलाव सामने आने लगे हैं। आज देश के हर क्षेत्र में महिलाएं बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। वर्ष 2014 के बाद से महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक नई चर्चा शुरू हुई है। कर्नल राठौड़ रविवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित महिला सम्मान समारोह एवं परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार की योजनाओं से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं। महिलाओं को उद्यम से जोड़ने के लिए उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं में अतिरिक्त सब्सिडी सहित अन्य प्रावधान किए गए हैं। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बड़ी भूमिका है। विकसित भारत-2047 के विजन में गांव-कस्बों में महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले छोटे-छोटे उद्यमों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। आज औद्योगिक क्षेत्र में भी महिलाएं बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने सफल महिला उद्यमियों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक महिलाओं को प्रोत्साहित करें और उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ें, ताकि सभी को इनका लाभ मिल सके। महिलाओं को एक्सीलेंस अवार्ड, ऋण के चैक, स्वीकृति पत्र, भूमि आवंटन पत्र और विजेताओं को साईकिल— कर्नल राठौड़ ने उद्यमी, खिलाड़ी और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 11 महिलाओं को एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया। विभाग में कार्यरत महिला कार्मिकों को भी विशेष कार्यों के लिए सम्मानित किया। साथ ही, एक शहीद आश्रित की पुत्री को उद्योग प्रसार अधिकारी पद के लिए नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया। योजनाओं के तहत 2 महिलाओं को ऋण के चेक, 9 महिलाओं को स्वीकृति पत्र और 2 महिलाओं को रीको के तहत भूमि आवंटन पत्र भी प्रदान किए गए। इस दौरान एक लाइव गेम का आयोजन किया गया, जिसमें एक ई-साइकिल और एक स्पोर्ट्स साइकिल प्रदान की गई। इससे पहले ओडीओपी नीति के तहत आईसीईएस की ‘कौशल वाहिनी- स्किल ऑन व्हील्स’ को झंडी दिखाकर शिल्पकारों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। राज्य सरकार की योजनाओं से मिला प्रोत्साहन, अब यूएसए से मिल रहे ऑर्डर— उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभ प्राप्त करने वाले 10 उद्यमी महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के लाभ से काफी प्रोत्साहन मिला है। उद्योग शुरू करने में आर्थिक सहयोग के अलावा देश-विदेश में अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने पर भी अनुदान मिल रहा है। इस दौरान रान्जका गारमेंट की श्रीमती डेमा मित्तल ने कहा कि राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति से काफी लाभ मिला है। सरकार के सहयोग से यूएसए में अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का मौका मिला है, अब वहां से ऑर्डर मिल रहे हैं। विभाग की महिला कार्मिकों को ही जिम्मेदारी— महिला दिवस को ध्यान में रखते हुए इस आयोजन को और भी विशेष बनाने के लिए सारी जिम्मेदारी विभाग की महिला अधिकारियों को ही सौंपी गई है। आयोजन की पूर्व रूपरेखा तैयार करने के साथ ही पंजीकरण से लेकर स्टेज तक सारा कार्य महिला अधिकारियों द्वारा ही संपादित किया गया। रीको एमडी श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार द्वारा स्वागत उद्बोधन और राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त श्रीमती मनीषा अरोड़ा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिखर अग्रवाल, आयुक्त सुरेश ओला सहित उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और राजस्थली की श्रीमती माया ठाकुर सहित अन्य महिला उद्यमी  मौजूद रहे। साथ ही, फिक्की फ्लो की चैयरपर्सन डॉ. रिम्मी शेखावत, सीआईआई इंडियन वुमेन नेटवर्क की चैयरपर्सन सुश्री श्रद्धा अग्रवाल, आरसीसीआई यंग वुमेन एंटरप्रीन्योर की चैयरपर्सन सुश्री चांदनी जग्गा और लघु उद्योग भारती की राष्ट्रीय सचिव सुश्री अंजु सिंह ने भी संबोधित किया।

टी20 वर्ल्ड कप फाइनल: जीत या हार, दोनों टीमों के हाथ करोड़ों का इनाम

नई दिल्ली भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है। दोनों ही टीमें इतिहास रचने को तैयार है। अगर न्यूजीलैंड आज जीतता है तो टी20 क्रिकेट को एक नया विजेता मिलेगा, क्योंकि न्यूजीलैंड आज तक टी20 वर्ल्ड कप का खिताब नहीं जीत पाया है। वहीं अगर भारत जीतता है तो तीन बड़े कारनामे होंगे। पहला भारत बैक टू बैक टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बनेगा। वहीं आज तक किसी टीम ने तीन टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीते। इसके अलावा कोई टीम आज तक घर पर टी20 वर्ल्ड कप का खिताब नहीं जीत पाई है। आईए जानते हैं भारत और न्यूजीलैंड में से जीतने वाली टीम को कितनी प्राइज मनी मिलेगी। इकनॉमिक्स टाम्स के अनुसार, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने टूर्नामेंट के 2026 एडिशन के लिए कुल $13.5 मिलियन (₹120 करोड़ से ज्यादा) के प्राइज़ पूल की घोषणा की है, जो 2024 इवेंट की तुलना में लगभग 20% ज्यादा है। भारत और श्रीलंका में होस्ट किए गए मैचों के साथ, मजबूत ब्रॉडकास्टिंग डील और स्पॉन्सरशिप रेवेन्यू ने ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए कुल प्राइज फंड को बढ़ाने में मदद की है। टी20 वर्ल्ड कप विजेता और उप-विजेता प्राइज मनी ट्रॉफी उठाने वाली टीम को $3 मिलियन (लगभग ₹27.48 करोड़) मिलेंगे, जबकि रनर-अप को $1.6 मिलियन (लगभग ₹14.65 करोड़) मिलेंगे। इसका मतलब है कि चाहे इंडिया जीते या न्यूजीलैंड, दोनों टीमों को अच्छी-खासी रकम मिलने की गारंटी है। इसके अलावा सेमीफाइनल में हारकर बाहर होने वाली साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड की टीम को $790,000 (लगभग ₹7.24 करोड़) की प्राइज मनी से नवाजा जाएगा। वहीं सुपर 8 से बाहर होने वाली टीमों को $380,000 (लगभग ₹3.48 करोड़) की प्राइज मनी मिलेगी। इसमें पाकिस्तान, मेजबान श्रीलंका और वेस्टइंडीज जैसी तगड़ी टीमें शामिल हैं। ग्रुप-स्टेज टीमों के लिए प्राइज मनी टूर्नामेंट में कुल 20 टीमों ने हिस्सा लिया। ग्रुप स्टेज में बाहर होने वाली टीमों को भी $250,000 (लगभग ₹2.29 करोड़) मिलेंगे, जिससे यह पक्का होगा कि हिस्सा लेने वाली हर टीम को प्राइज मनी मिले।

जिला पुरातत्त्वीय संघों के गठन पर तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू

रायपुर महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में 07 से 09 मार्च तक आयोजन, विशेषज्ञों ने साझा किए विरासत संरक्षण के अनुभव प्रदेश की पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और जनभागीदारी को सुदृढ़ बनाने की दिशा में संस्कृति विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के निर्देश पर संस्कृति विभाग अंतर्गत पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय, रायपुर द्वारा “जिला पुरातत्त्वीय संघों के निर्माण एवं कार्यविधियाँ” विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 07 से 09 मार्च 2026 तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, सिविल लाइन्स, रायपुर में आयोजित की जा रही है। महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में 07 से 09 मार्च तक आयोजन, विशेषज्ञों ने साझा किए विरासत संरक्षण के अनुभव      कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य के विभिन्न जिलों में जिला पुरातत्त्वीय संघों के गठन, उनके कार्य एवं दायित्वों को स्पष्ट करना तथा पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना है। इस आयोजन के माध्यम से जिला स्तर पर पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण के लिए एक मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार करने और स्थानीय स्तर पर जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यशाला के दौरान पुरातत्त्व, संग्रहालय प्रबंधन तथा विरासत संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। इन सत्रों में जिला पुरातत्त्वीय संघों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे अपने-अपने जिलों में धरोहर संरक्षण से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें।      प्रथम तकनीकी सत्र में “संग्रहालयों के संचालन में जिला पुरातत्त्वीय संघों की भूमिका” विषय पर मुख्य व्याख्यान प्रो. आर. एन. विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त प्राध्यापक एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व, इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय द्वारा दिया गया। उन्होंने अपने व्याख्यान में संग्रहालयों के सुचारु संचालन, स्थानीय समुदाय की भागीदारी तथा पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण में जिला स्तर के संगठनों की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।      इसके बाद आयोजित परिचर्चा सत्र में राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जिला पुरातत्त्वीय संघों के माध्यम से संचालित गतिविधियों की जानकारी साझा की। साथ ही उन्होंने कार्यान्वयन के दौरान आने वाली चुनौतियों और समस्याओं पर भी चर्चा की, जिन पर विशेषज्ञों ने व्यावहारिक और समाधानकारी सुझाव प्रस्तुत किए।      पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय के संचालक  विवेक आचार्य ने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से जिला स्तर पर पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण के लिए संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को नई गति मिलेगी।      कार्यक्रम के सफल आयोजन में कार्यक्रम प्रभारी डॉ. पी.सी. पारख, प्रभात कुमार सिंह, डॉ. अरुंधति परिहार, मती रोशनी शर्मा, डॉ. वृषोत्तम साहू, प्रवीन तिर्की, डॉ. राजीव मिंज, विष्णु नेताम, समीर टल्लू, मुकेश जोशी, अमर भरतद्वाज, नूतन एक्का एवं अरुण निर्मलकर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इरान संकट: खामेनेई की हत्या की धमकी, ट्रंप ने कही अहम प्रतिक्रिया

तेहरान लारीजानी ने एक्स पर एक अलग पोस्ट में ईरान के पड़ोसियों से यह भी कहा था कि उन्हें या तो अमेरिका को ईरान के खिलाफ अपने इलाके का इस्तेमाल करने से रोकना चाहिए, या हमारे पास खुद ऐसा करने के अलावा कोई चारा नहीं होगा। ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी ने रविवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की कीमत चुकाएंगे। खामेनेई के करीबी लारीजानी ने रविवार को एक्स पर पोस्ट किया, "हम अपने लीडर और अपने लोगों के खून का बदला लगातार लेंगे। ट्रंप को इसकी कीमत चुकानी होगी और चुकाएंगे।" इस पर ट्रंप ने इन धमकियों को खारिज करते हुए दो टूक कहा है कि वह लारीजानी को जानते ही नहीं। 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच तब युद्ध की शुरुआत हुई, जब अमेरिका व इजरायल ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान में कई हमले किए। इनमें अली खामेनेई समेत कई की मौत हो गई। इसके बाद से तेहरान गल्फ देशों पर लगातार हमले कर रहा है और दुबई, बहरीन, कुवैत, कतर समेत कई जगहों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले करके बड़े नुकसान कर रहा है। ईरान ने अमेरिका के कई बेस पर अटैक किए हैं। ट्रंप ने सीबीएस न्यूज को बताया, "मुझे नहीं पता कि वह किस बारे में बात कर रहे हैं, वह कौन हैं। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।'' उन्होंने कहा कि लारीजानी पहले ही हार चुके हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान पर अमेरिकी हमले जारी रहेंगे और तेहरान से बिना शर्त सरेंडर की मांग की। लारीजानी ने एक्स पर एक अलग पोस्ट में ईरान के पड़ोसियों से यह भी कहा था कि उन्हें या तो अमेरिका को ईरान के खिलाफ अपने इलाके का इस्तेमाल करने से रोकना चाहिए, या हमारे पास खुद ऐसा करने के अलावा कोई चारा नहीं होगा। ट्रंप का दावा, ईरान ने किया था मिनाब में बालिकाओं के स्कूल पर हमला वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के मिनाब शहर में एक स्कूल पर हुए हमले में अमेरिका की जिम्मेदारी से इनकार करते हुए कहा है कि इसे ईरान ने ख़ुद अंजाम दिया था। इस हमले में 175 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकांश बच्चे बताए जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उनकी राय में यह हमला ईरान की एक त्रुटिपूर्ण मिसाइल के कारण हुआ हो सकता है। उल्लेखनीय है कि सीएनएन, न्यू यॉर्क टाइम्स और वॉशिंगटन पोस्ट जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की जांच में अलग निष्कर्ष सामने आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार उपग्रह चित्रों और अन्य दृश्य प्रमाणों के आधार पर यह संभावना जतायी गयी है कि 28 फरवरी को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के दौरान दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में स्थित एक लड़कियों के प्राथमिक विद्यालय को निशाना बनाया गया।  

लोकभवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ज़मीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं का हुआ सम्मान

रायपुर लोकभवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ज़मीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं का हुआ सम्मान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और रंग पंचमी के अवसर पर लोकभवन में महिला सम्मान समारोह और फूलों की होली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, उद्यम और पत्रकारिता के क्षेत्र मेें उल्लेखनीय भूमिका अदा करने वाली महिलाएं शामिल हुई। इस अवसर पर राज्यपाल  रमेन डेका ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आई शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, आदिवासी विकास के क्षेत्र में ज़मीनी स्तर पर कार्य कर रही महिलाओं का सम्मान किया। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान कर प्रदेश में जन कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने और समाज के सभी लोगों की निःस्वार्थ भाव से सेवा के लिए उनके योगदान की सराहना की।  डेका ने देश के विकास में महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति इस देश के विकास की धुरी है और मेरी सरकार अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक विकास पहुंचाने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हम सभी के लिए एक गौरवशाली दिन है। यह दिन महिला समानता की दिशा में कार्य करने प्रेरित करता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हुए, हम सभी को एक ऐसे विश्व के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः मजबूत करने की आवश्यकता है जहाँ सभी महिलाओं को सशक्त, सम्मानित और समावेशी बनाया जा सके। लोकभवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ज़मीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं का हुआ सम्मान  डेका ने कहा कि भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला शक्ति केंद्र, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र योजना, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में मददगार साबित हुई है। महिला सशक्तिकरण एक सतत और प्रगतिशील समाज के निर्माण का एक शक्तिशाली साधन है। इसलिए, छत्तीसगढ़ सरकार ने भी महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएँ और नीतियाँ विकसित की हैं। इनमें से कुछ हैं महतारी वंदन योजना, जो समाज के कमजोर वर्ग की महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना, किशोरी शक्ति योजना और सुकन्या योजना का उद्देश्य लड़कियों को लाभ पहुँचाना है। इस अवसर पर स्पीकर के रूप में आमंत्रित डॉ. शम्पा चौबे ने कहा कि महिलाओं को सशक्त होने के लिए सबसे पहले अपनी मनःस्थिति को मजबूत करना आवश्यक है। शिक्षिका रंजीता साहू ने सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा का अलख जगाने की यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि समाज से हमें बहुत कुछ मिलता हैं उसे धीरे-धीरे कर समाज को लौटाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि लोकभवन के प्रति उनके मन में बहुत आदर है क्योंकि 2005 में उनके पति को तात्कालिक राज्यपाल  के. एम. सेठ ने शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया था। इसलिए वे और उनके पति गरीब बच्चों की बेहतर शिक्षा की दिशा में काम कर रहे है। उन्होंने 12 लाख रूपए का बैंक लोन लेकर वनांचल क्षेत्रों में 162 स्कूलों में स्मार्ट टी.व्ही. के माध्यम से आधुनिक शिक्षा के लिए काम किया। इसके अलावा गुल्लक कार्यक्रम चलाकर बचत हेतु प्रेरित किया। अंतरर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सु नेहा यादव ने अपनी सफलता के पीछे अपनी मां की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि उनकी मां ने एक सिंगल पैरेंट के रूप में उनका पालन पोषण किया। जबकि उनके जन्म के पहले ही पिता द्वारा त्याग दिए जाने के बाद उनके पास आय का कोई जरिया नहीं था फिर भी उन्होंने अकेले ही अपनी बेटी को अच्छी परवरिश दी और अंतरर्राष्ट्रीय खिलाड़ी बनाया। कार्यक्रम में डॉ प्रीति सतपथी ने महिलाओं से जुडे़ आवश्यक कानूनों और अधिनियमों की जानकारी दी। इस अवसर पर मती प्रदीपा प्रसन्ना ने वनांचल क्षेत्रों में कार्य के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ की महिलाएं संघर्ष करते हुए भी मजबूती से अपने घर और समाज के विकास में योगदान दे रही हैं, जो प्रेरणादायक है।  राज्यपाल के गोद ग्राम से आए सोनपुरी जिला खैरागढ़ की मती निलेश्वरी वर्मा, मती सोहद्रा पाल, ग्राम बिजली गरियाबंद की मती हेम कुमारी निषाद, मती पुरईन निषाद, ग्राम टेमरी जिला बेमेतरा की मती रितु देवांगन, मती पूजा घृतलहरे का सम्मान किया साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, धरसींवा मती अनुबाला चक्रवर्ती, BETEO तिल्दा सामुदायिक विकासखण्ड अधिकारी सु शिखा कुशवाहा, अस्पताल परिचालक AIIMS  मती आरती देवांगन, मती माधूरी बरवा, महिला बाल विकास, निमोरा की सहायिका कार्यकर्ता मती रामवती साहू, महिला बाल विकास, तुता की सहायिका कार्यकर्ता मती लक्ष्मी यादव, नगर निगम, रायपुर सुपरवाईजर मती पिंकी तांडी, मती वर्षा तांडेकर, पं. रविशंकर शुक्ल विवि, रायपुर की कर्मचारी टी मोहिनी, कलेक्टोरेट, रायपुर ज्योति साहू, पूनम सिंह ठाकुर, सुजाता शेष, रूद्राणी सिंह राजपूत, गोपा सान्याल, डॉ. प्रीति सतपथी, लोकभवन कर्मचारी कुसुम मानिकपुरी, अन्नपूर्णना महोबिया, श्यामा वर्मा, महिला आरक्षक को सम्मानित किया गया। इस अवसर राज्यपाल ने जी. एस. टी. से संबंधित ई-बुक का भी विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालक मती सोनालिका शुक्ला ने किया।                                          लोकभवन में आयी महिलाओं ने रंग पंचमी के अवसर पर फूलों वाली होली खेलकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी।  इस अवसर पर महिला बाल विभाग द्वारा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।  इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना एवं लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

संवैधानिक अनादर पर मोदी की टिप्पणी, TMC पर कड़ा आरोप

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम के बहिष्कार को लेकर टीएमसी सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे संविधान व लोकतंत्र का अपमान बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सम्मान के साथ समझौता किया गया और यह न केवल राष्ट्रपति बल्कि देश के संविधान का भी अपमान है। यह लोकतंत्र की महान परंपरा का भी अपमान है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संथाल समुदाय के एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल गई थीं। लेकिन इस महत्वपूर्ण और पवित्र कार्यक्रम में उन्हें उचित सम्मान देने के बजाय टीएमसी ने उसका बहिष्कार किया। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं और वह हमेशा आदिवासी समुदाय के विकास और कल्याण को लेकर चिंतित रही हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से कार्यक्रम के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई गई। टीएमसी सरकार पर सत्ता के अहंकार प्रधानमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार ने इस आयोजन को पूरी तरह अव्यवस्था के हवाले कर दिया। उनका कहना था कि यह घटना केवल राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, बल्कि यह भारत के संविधान और उसकी मूल भावना का भी अनादर है। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र की महान परंपरा में राष्ट्रपति का पद सर्वोच्च सम्मान का प्रतीक होता है। ऐसे में किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर इस पद की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार पर सत्ता के अहंकार में डूबे होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती हैं। राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल उल्लंघन पर केंद्र सख्त इससे पहले केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगा है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल, कार्यक्रम स्थल और मार्ग व्यवस्था से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन पर पश्चिम बंगाल सरकार से रविवार शाम 5 बजे तक जवाब तलब किया गया है। केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत के लिए उपस्थित न होना "ब्लू बुक" के नियमों का उल्लंघन बताया है।

हरियाणा में निकाय चुनाव भी अगले महीने, पंजाब में डेरा फैक्टर चर्चा में

चंडीगढ़ चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा समेत अन्य दलों ने कमर कस ली है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की हो रही है। वे पिछले कई महीनों से लगातार पंजाब के दौरे कर रहे हैं। पत्रकार राम चंद्र छत्रपति हत्याकांड में बरी किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं गर्म हो गई हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनावों की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं और राजनीतिक दल अपने पैर जमाने की कोशिश में जुटे हैं। हरियाणा में भी अगले महीने निकाय चुनाव होने हैं। बहुत जल्द इन चुनावों की घोषणा हो सकती है। पंजाब व हरियाणा की राजनीति में डेरा सच्चा सौदा का प्रभाव लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। दोनों राज्यों के कई प्रभावशाली नेता डेरा का आशीर्वाद लेने जाते रहे भी रहे हैं। पंजाब के मालवा क्षेत्र विशेष रूप से बठिंडा, मानसा, फरीदकोट, मुक्तसर, संगरूर और फाजिल्का जैसे जिलों में डेरा के अनुयायियों की बड़ी संख्या मानी जाती है। इन क्षेत्रों में कई विधानसभा सीटों पर डेरा समर्थकों की संख्या इतनी है कि वे चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। पंजाब के बीते चुनावों में कई राजनीतिक दल चुनाव के दौरान डेरा समर्थकों का समर्थन हासिल करने की कोशिश करते रहे हैं। इसी तरह से हरियाणा में पंजाब से लगते सीमावर्ती क्षेत्र सिरसा, अंबाला, कुरुक्षेत्र, हिसार में भी डेरा का अच्छा प्रभाव रहा है। गुरमीत राम रहीम को मिली कानूनी राहत का मनोवैज्ञानिक प्रभाव उनके अनुयायियों पर पड़ सकता है। यह अलग बात है कि साध्वियों से रेप के मामले में डेरा प्रमुख जेल में रहेंगे, फिर इस फैसले से उनके समर्थकों के बीच एक सकारात्मक संदेश जा सकता है। यदि डेरा नेतृत्व किसी राजनीतिक दल के पक्ष में खुलकर समर्थन देता तो मालवा क्षेत्र की कई सीटों पर चुनावी समीकरण बदल सकता है। इसका एक दूसरा पहलू भी है। पंजाब की राजनीति में सिख धार्मिक संगठनों और डेरा परंपराओं के बीच लंबे समय से वैचारिक टकराव रहा है। इसलिए यदि किसी राजनीतिक दल को डेरा समर्थकों का खुला समर्थन मिलता है, तो इससे कुछ सिख मतदाताओं के बीच नकारात्मक प्रतिक्रिया भी उत्पन्न हो सकती है। हालांकि यह तो वक्त ही बताएगा कि डेरा किसे समर्थन देता है। पंजाब में अगले साल चुनाव होने हैं। चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा समेत अन्य दलों ने कमर कस ली है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की हो रही है। वे पिछले कई महीनों से लगातार पंजाब के दौरे कर रहे हैं। इससे वे पंजाब में चर्चाओं के केंद्र में आ गए हैं। पंजाब में भाजपा अभी तक मजबूत जनाधार बनाने के प्रयास में है और वह पारंपरिक क्षेत्रीय समीकरणों से बाहर नए सामाजिक समूहों को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।उधर, पंजाब में आम आदमी पार्टी भी रणनीति के तहत अपनी तैयारियों में जुटी हुई है।