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रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा: बरकाकाना–कोडरमा डबल लाइन प्रोजेक्ट को हरी झंडी

रामगढ़/रांची. झारखंड में रेल यातायात को मजबूत और बेहतर बनाने के उद्देश्य से बरकाकाना से अरगड्डा, हजारीबाग होते हुए कोडरमा तक डबल रेल लाइन की महत्वाकांक्षी योजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। वर्तमान में इस रूट पर सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों के बचे संचालन में कई तरह की कठिनाइयां सामने आते थे। धनबाद मंडल से मिली जानकारी के अनुसार यह दोहरी लाइन का कार्य टेंडर प्रक्रिया में है। निर्धारित समय सीमा में कार्य को पूरा करना है। रेल मंत्रालय की योजना के अनुसार कोडरमा से बरकाकाना तक लगभग 133 किलोमीटर लंबी रेल लाइन को डबल किया जाएगा। इस परियोजना में लगभग तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान किया गया है। इस रेलखंड के डबल रेल लाइन से न केवल यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि मालगाड़ियों का संचालन भी अधिक होगा । झारखंड का यह क्षेत्र कोयला उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और यहां से बड़ी मात्रा में कोयला तथा अन्य खनिज देश के विभिन्न राज्यों में भेजे जाते हैं। दोहरी लाइन बनने के बाद माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी और उद्योगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। योजना के अनुसार इस परियोजना में करीब 17 बड़े पुल और लगभग 180 छोटे पुल-पुलियों का निर्माण किया जाना है। डबल रेल लाइन जल्द पूरी कर ली जाएंगी। कई स्थानों पर सड़क और रेल यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) भी बनाए जाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार परियोजना की स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया जैसे सर्वेक्षण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, टेंडर और अन्य तकनीकी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह रेल लाइन झारखंड के कोडरमा, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों से होकर गुजरती है। इसलिए इस परियोजना से इन जिलों के लाखों लोगों को सीधा लाभान्वित की संभावना है। डबल रेल लाइन बनने के बाद यात्रियों को अधिक ट्रेनें उपलब्ध हो सकेंगी और यात्रा का समय भी कम होगा। साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए भी रेल यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। डबल रेल लाइन से कई फायदे  आय में वृद्धिः रेल लाइन के पास के क्षेत्रों में व्यापार और वाणिज्य बढ़ता है, जिससे आय में वृद्धि होती है। रोजगार के अवसर: रेल लाइन के निर्माण और संचालन से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। संचार में सुधारः रेल लाइन से लोगों का आवागमन आसान होता है, जिससे संचार में सुधार होता है। व्यापार में वृद्धिः रेल लाइन से माल की ढुलाई आसान होती है, जिससे व्यापार में वृद्धि होती है। कोडरमा चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ से गुजरती है लाइन अभी दो एक्सप्रेस व एक पैसेंजर अप व डाउन ट्रेन चल रही, नई ट्रेनें मिलने की उम्मीद है। इस रूट पर अभी दो एक्सप्रेस ट्रेन पटना से रांची तक वंदे भारत व आसनसोल से इंटरसिटी एक्सप्रेस हटिया तक चल रही है वहीं कोडरमा से सुबह-शाम बरकाकाना के लिए पैसेंजर ट्रेन चल रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात बात यह है कि बरकाकाना स्टेशन को 33 करोड़ की लागत से सुंदरीकरण कर मॉडल स्टेशन बनाया जा रहा है। इस स्टेशन से विभिन्न राज्यों के लिए ट्रेन चलती है।

खंडवा में सनसनीखेज वारदात, बदमाशों ने मजदूरों को बनाया बंधक; 12 बोर बंदूक और कैश लूटा

खंडवा नर्मदानगर थाना क्षेत्र के ग्राम पामाखेड़ी में गुरुवार सुबह दिनदहाड़े डकैती की वारदात से क्षेत्र में दहशत फैल गई। काले रंग की कार से आए सात से आठ नकाबपोश बदमाशों ने जयंती माता मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ललित-वासुदेव सोलंकी के खेत पर बने मकान में धावा बोल दिया। बदमाशों ने घर पर मौजूद तीन मजदूरों को रस्सी से बांधकर कमरे में बंद कर दिया और इत्मीनान से वारदात को अंजाम दिया। बदमाश घर से 12 बोर की लायसेंसी बंदूक और 1.60 लाख रुपये नकदी ले गए। जानकारी के अनुसार घटना सुबह करीब छह से साढ़े छह बजे के बीच की है।उस समय मकान मालिक ललित सोलंकी अपने परिवार के साथ देवास जिले के सतवास में एक विवाह समारोह में शामिल होने गए हुए थे।घर पर दो खेतीहर मजदूर मौजूद थे।इसी दौरान काले रंग की कार से आए नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर मजदूरों को पकड़ लिया और रस्सी से बांध दिया। तीसरा मजदूर तो आया तो उसे बना लिया बंधक इसी बीच ललित सोलंकी का एक नौकर पशुओं का दूध निकालने के लिए वहां पहुंचा तो बदमाशों ने उसे भी पकड़कर बांध दिया। तीनों मजदूरों को मकान के पीछे बने कमरे में बंद कर दिया गया।इसके बाद बदमाशों ने घर के अंदर तलाशी ली और सामान अस्त-व्यस्त कर दिया। बदमाश अपने साथ एक 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक और करीब एक लाख साठ हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। चौथा मजदूर पहुंचा तब लगी डकैती की सूचना     घटना की जानकारी तब सामने आई जब सोलंकी का एक अन्य मजदूर पशुओं को खोलकर खेत ले जाने के लिए पहुंचा।     उसने बंधे मजदूरों को देखा और तुरंत इसकी सूचना ललित सोलंकी को दी।     इसके बाद सोलंकी ने नर्मदानगर थाने में डकैती की सूचना दी।     सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विकास खींची पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।     खंडवा से एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए।     पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है। सात-आठ माह पहले भी लूट का प्रयास बताया जा रहा है कि ललित सोलंकी अपने खेत में बने मकान में परिवार के साथ रहते हैं। करीब सात-आठ महीने पहले भी अज्ञात बदमाशों ने यहां लूट का असफल प्रयास किया था। सुबह के समय हुई इस डकैती की घटना से पामाखेड़ी और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।पुलिस का कहना है कि आरोपितों की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है और जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा।  

झारखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा: RIMS-2 एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल, 8 मेडिकल कॉलेज खुलेंगे

रांची. झारखंड विधानसभा में बुधवार को स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन विभाग का के बजट पर कटौती प्रस्ताव को खारिज करते हुए मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि हम राज्य के हर नागरिक को सुलभ, सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना चाहते हैं। अंसारी ने शिबू सोरेन को नमन करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की और विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि आपने 25 वर्षों में नौ मेडिकल कॉलेज खोले और हेमंत सरकार एक साल में आठ मेडिकल कॉलेज खाेलने जा रही है। रिम्स-2 को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की ओर से उठाए गए सवालों के जवाब में इरफान ने कहा कि हर हाल में इस वर्ष निर्माण कार्य शुरू होगा। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से सदन का अवगत कराया। अंसारी ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि कोई गरीब भूखा न सोए और संकट की घड़ी में सरकार हर नागरिक के साथ मजबूती से खड़ी रहे। राज्य में स्वास्थ्य विभाग के लिए 7,990 करोड़ रुपये का बजट है तो खाद्य आपूर्ति विभाग के लिए 2,887 करोड़ एवं आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 1,859 करोड़ का बजट। गोड्डा, साहिबगंज में भी मेडिकल कॉलेज बनाएंगे अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सरकार बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है। इसी क्रम में राज्य में 8 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण में जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, खूंटी और सरायकेला-खरसावां में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में गोड्डा, साहिबगंज और लातेहार में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। इससे राज्य के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी मजबूत होगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि रिम्स-2 का इस साल से ही निर्माण कार्य शुरू होगा। इसके तहत पहले चरण में 1400 बेड और दूसरे चरण में 2600 बेड का अस्पताल परिसर बनकर तैयार होगा। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र को राजनीति से दूर रखें। यहां अंडर ग्रेजुएट के पांच सौ से अधिक और पोस्ट ग्रेजुएट के एक हजार सीट होंगे। 25 हाई टेक ट्रामा सेंटर, 750 अबुआ मेडिकल स्टोर इस दौरान उन्होंने सभी मेडिकल कॉलेज में एमआरआइ, 25 हाई टेक ट्रामा सेंटर, 750 अबुआ मेडिकल स्टोर आदि खोलने की घोषणा की। बताया कि राज्य में पहली बार रांची के सदर अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा बहाल हाेने जा रही है। इसके साथ ही सभी जिलों में एनीमिया की जांच की सुविधा होगी और सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक झारखंड एनीमिया मुक्त राज्य बने। उन्होंने बताया कि राज्य में आइएएस और आइपीएस को मिलनेवाली स्वास्थ्य सुविधाएं मंत्री, विधायक और पूर्व मंत्रियों को भी दी जाएगी। सभी गर्भवती महिलाओं का मुफ्त में अल्ट्रासाउंड कराया जाएगा। इसके बाद उन्होंने धान खरीद को लेकर अपने वक्तव्य में कहा कि राज्य में पहली बार वन टाइम धान खरीद की प्रक्रिया शुरू की गई है। हमने 80 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है। जल्द ही 100 प्रतिशत धान खरीद होगी। इसी तरह धोती साड़ी वितरण योजना की मदद से गरीबों को वस्त्र मुहैया कराया जा रहा है।

अप्रैल माह में पैक्स से 10 लाख किसानों को जोड़ने के लिए चलाया जाएगा वृहद सदस्यता अभियान

भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभाग की वर्तमान गतिविधियों एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि प्रदेश में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) और विपणन सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण के लिए एक विशेष कमेटी गठित की जाए। यह कमेटी सहकारी संस्थाओं की वर्तमान स्थिति का अध्ययन कर उनके संचालन, संरचना और कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में सुझाव देगी तथा 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मंत्री  सारंग ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को “कृषि कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है, ऐसे में सहकारिता क्षेत्र की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि वर्ष को ध्यान में रखते हुए सहकारिता संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। मंत्री  सारंग ने कहा कि पैक्स को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत इकाई के रूप में विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए पैक्स की सदस्यता बढ़ाने के उद्देश्य से अप्रैल माह में प्रदेशभर में वृहद सदस्यता अभियान चलाया जाए, जिसके तहत लगभग 10 लाख किसानों को सहकारिता से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने से ग्रामीण स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और किसानों को संस्थागत सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा। मंत्री  सारंग ने खाद वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि डबल लॉक की स्थिति में नगद भुगतान के माध्यम से पैक्स के जरिए खाद वितरण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बन सकेगी। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता  डी.पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता  मनोज पुष्प सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मोनालिसा की शादी से मचा विवाद, डायरेक्टर का आरोप — ‘यह लव जिहाद है, मेरे साथ धोखा हुआ’

खरगोन महाकुंभ में वायरल होने के बाद चर्चा में आई मोनालिसा भोंसले के आज प्रेमी फरमान खान से विवाह को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह कोई बगावत नहीं बल्कि 'लव जिहाद' का मामला है। उन्होंने दावा किया कि मोनालिसा के करियर को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी, लेकिन घटनाक्रम ने उन्हें मानसिक रूप से आहत कर दिया है। केरल में पुलिस सुरक्षा और मंदिर में शादी अभिनेत्री बनने की राह पर चल रही मोनालिसा ने अपने प्रेमी फरमान खान के साथ केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित थम्पानूर पुलिस स्टेशन पहुंचकर पुलिस से मदद मांगी और बाद में मंदिर में जाकर आज उससे शादी कर ली। बताया जा रहा है कि मोनालिसा और फरमान खान के बीच करीब डेढ़ साल पहले फेसबुक के माध्यम से बातचीत शुरू हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उनका रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। महाकुंभ से लेकर फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' तक का सफर मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि महाकुंभ के दौरान मोनालिसा का वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने उसकी सादगी और व्यक्तित्व से प्रभावित होकर उसे अपनी फिल्म में अभिनेत्री बनाने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि उस समय देश-दुनिया में इस निर्णय का स्वागत हुआ था। हालांकि, उनके अनुसार कुछ विरोधियों को यह बात पसंद नहीं आई और उन पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें जेल भेज दिया गया। निर्देशक का संघर्ष और व्यक्तिगत निवेश उन्होंने कहा कि जेल में रहते हुए भी उन्होंने अपनी फिल्म की कहानी लिखी और बाद में फिल्म पूरी की। मिश्रा का दावा है कि मोनालिसा के करियर को बनाने के लिए उन्होंने काफी आर्थिक और व्यक्तिगत प्रयास किए, यहां तक कि फिल्म को पूरा करने के लिए उन्होंने बड़ा कर्ज भी लिया। मिश्रा ने यह भी कहा कि मोनालिसा का पारिवारिक जीवन काफी जटिल रहा है और उसने कई बार अपने निजी संघर्षों के बारे में उनसे चर्चा की थी। उनके अनुसार मोनालिसा अपने परिवार की परिस्थितियों को लेकर भावुक रहती थी और कई बार उसने अपनी भावनाएं उनसे साझा की थीं। विश्वासघात और षड्यंत्र का दावा निर्देशक ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने मोनालिसा को उनके प्रभाव से दूर करने की कोशिश की और उसे अलग दिशा में प्रभावित किया। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों को उन्होंने मोनालिसा की पढ़ाई और प्रशिक्षण के लिए जोड़ा था, उनमें से कुछ ने बाद में उनके विश्वास को तोड़ा। मिश्रा के अनुसार वर्तमान घटनाक्रम ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि जिस लड़की को उन्होंने आगे बढ़ाने की कोशिश की, आज उसी के फैसले ने उन्हें जवाब देने की स्थिति में नहीं छोड़ा है। पारदी समुदाय से इंटरनेट सेंसेशन बनने की कहानी मोनालिसा भोंसले मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर के वार्ड नंबर 9 में अपने परिवार के साथ रहती हैं। वह पारदी समुदाय से संबंध रखती हैं, जो पारंपरिक रूप से अलग-अलग जगहों पर घूमकर रुद्राक्ष और पत्थर की मालाएं बेचने का काम करता है। इस समुदाय को करीब चार दशक पहले इस वार्ड में बसाया गया था। प्रयागराज के महाकुंभ में रुद्राक्ष की माला बेचते समय उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद वह इंटरनेट सेंसेशन बन गईं। उनकी लोकप्रियता से प्रभावित होकर फिल्म निर्माता सनोज मिश्रा ने उन्हें अपनी नई फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' में मुख्य अभिनेत्री के रूप में साइन किया। उन्होंने जी-जान लगाकर मोनालिसा को अभिनय सीखने में भी भरपूर मदद की।  

सोनू निगम से मुलाकात पर दिव्या दत्ता की खुशी, तस्वीर के साथ लिखा खास संदेश

मुंबई, अभिनेत्री दिव्या दत्ता इन दिनों अपनी आगामी वेब सीरीज ‘चिरैया’ को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में अभिनेत्री की मुलाकात मशहूर गायक सोनू निगम से हुई। इस मुलाकात की जानकारी अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर शेयर की। अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में सोनू को खास दोस्त से संबोधित किया। उन्होंने बताया कि दोनों की मुलाकात एक खास यात्रा के दौरान हुई। इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई सेल्फी में दोनों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है। कैप्शन में दिव्या ने लिखा, “जब सफर के दौरान अचानक अपनी सबसे अच्छी दोस्त से मुलाकात हो जाए, तो पूरा सफर जैसे संगीत से भर जाता है। है ना? “ दिव्या के कैप्शन से साफ पता चल रहा है कि दोनों की दोस्ती काफी गहरी और पुरानी है। जहां दिव्या अभिनय के क्षेत्र में बड़ा नाम हैं, वहीं सोनू भी गायिकी में खास मुकाम रखते हैं। फैंस को दोनों की पोस्ट काफी पसंद आ रही है। वे कमेंट सेक्शन पर दोनों की जमकर तारीफ कर रहे हैं और दोनों की दोस्ती की सराहना कर रहे हैं। अभिनेत्री जल्द ही वेब सीरीज ‘चिरैया’ लेकर आ रही हैं। यह सीरीज घरेलू अन्याय और वैवाहिक संबंधों में सहमति जैसे संवेदनशील विषयों पर सवाल उठाती है कि क्या शादी करने भर से जीवनभर की सहमति मिल जाती है। इसी के साथ ही, निर्देशक शशांत शाह ने सीरीज के जरिए स्पष्टता से एक मैसेज दिया है कि शादी कोई लाइसेंस नहीं है और चुप्पी कभी सहमति नहीं मानी जा सकती। शशांत शाह द्वारा निर्देशित सीरीज में दिव्या दत्ता मुख्य भूमिका में नजर आएंगी, जो कुरीति पर सवाल उठाने के साथ-साथ अपनों से ही लड़ती दिखेंगी। वहीं, इसमें संजय मिश्रा भी अहम किरदार में नजर आएंगे। इसके अलावा सिद्धार्थ शॉ, प्रसन्ना बिष्ट, फैसल राशिद, टिन्नू आनंद और सरिता जोशी जैसे कलाकार भी इसमें शामिल हैं। यह सीरीज एसवीएफ एंटरटेनमेंट द्वारा बनाई गई है और जियो हॉटस्टार पर एक्सक्लूसिव तौर पर स्ट्रीम होगी।  

जयपुर को पहले चरण में नहीं मिला मौका, IPL के दूसरे राउंड में सवाई मान सिंह स्टेडियम में होंगे मुकाबले

जयपुर. राजस्थान के क्रिकेट फैंस के लिए एक मायूस करने वाली खबर सामने आ रही है। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का बिगुल 28 मार्च से बजने जा रहा है। लेकिन गुलाबी नगरी जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में फिलहाल चौके-छक्कों की गूंज सुनाई नहीं देगी। बता दें कि बीसीसीआई द्वारा जारी पहले फेज के 20 मैचों के शेड्यूल में जयपुर को एक भी मैच की मेजबानी नहीं मिली है। जयपुर में मैच न होने की सबसे बड़ी वजह SMS स्टेडियम की जर्जर हालत और सुरक्षा मानकों में कमी को माना जा रहा है। हाल ही में राजस्थान रॉयल्स ने स्टेडियम का विस्तृत सर्वे करवाया था। सर्वे की 700 पन्नों की रिपोर्ट में स्टेडियम के ढांचे और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। राजस्थान रॉयल्स के प्रबंधन ने सरकार और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन से सुरक्षा की लिखित जिम्मेदारी लेने को कहा था। हालांकि, मुख्य सचिव और खेल सचिव ने बीसीसीआई को पत्र लिखकर मरम्मत और सुरक्षा का भरोसा दिलाया है, लेकिन पहले फेज के लिए जयपुर को 'अनफिट' ही माना गया। राजस्थान रॉयल्स का शेड्यूल जयपुर में मैच न होने के कारण राजस्थान रॉयल्स अपने शुरुआती 'होम मैच' असम के गुवाहाटी में खेलेगी। आईपीएल के 19वें सीजन के शुरुआती कार्यक्रम पर एक नजर… तारीख    मुकाबला    वेन्यू (मैदान) 30 मार्च    राजस्थान रॉयल्स vs चेन्नई सुपर किंग्स    गुवाहाटी 04 अप्रैल    राजस्थान रॉयल्स vs गुजरात टाइटंस    अहमदाबाद 07 अप्रैल    राजस्थान रॉयल्स vs मुंबई इंडियंस    गुवाहाटी 10 अप्रैल    राजस्थान रॉयल्स vs आरसीबी    गुवाहाटी क्या दूसरे फेज में जयपुर को मिलेगा मौका? फिलहाल 28 मार्च से 12 अप्रैल तक का ही शेड्यूल जारी हुआ है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि यदि इस बीच स्टेडियम की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर पूरा कर लिया जाता है, तो आईपीएल के दूसरे फेज में जयपुर को कुछ मैचों की मेजबानी मिल सकती है। राज्य सरकार और खेल विभाग लगातार बीसीसीआई के संपर्क में हैं, ताकि राजस्थान के फैंस को अपने घरेलू मैदान पर संजू सैमसन की टीम को खेलते देखने का मौका मिल सके। राजस्थान रॉयल्स अपना पहला मुकाबला 30 मार्च को डिफेंडिंग चैंपियन के खिलाफ गुवाहाटी के बारापारा स्टेडियम में खेलेगी।

कोनी में अवैध गैस रिफिलिंग का बड़ा खुलासा, पुलिस ने 55 सिलेंडर किए जब्त

बिलासपुर शहर में गैस कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी है। कोनी क्षेत्र में गुडाखू फैक्ट्री के सामने वाली गली में संचालित एक अवैध रिफिलिंग सेंटर पर खाद्य विभाग ने छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मौके से 55 खाली और भरे हुए गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। जानकारी के अनुसार आरोपी श्रवण साहू किराए के मकान में डंप यार्ड बनाकर पिछले डेढ़ साल से गैस का अवैध कारोबार कर रहा था। वह घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर छोटी टंकियों में भरता था और उन्हें ऊंचे दामों पर बेचता था। खाद्य विभाग को मिली थी सूचना खाद्य विभाग को सूचना मिली थी कि कोनी इलाके में गैस की अवैध रिफिलिंग कर कालाबाजारी की जा रही है। सूचना के आधार पर सहायक जिला खाद्य अधिकारी राजीव लोचन तिवारी के नेतृत्व में टीम ने किराए के मकान पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान वहां बड़ी संख्या में सिलेंडर पाए गए। जांच में सामने आया कि आरोपी का मुख्य निशाना हॉस्टल में रहने वाले छात्र थे। वह 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर 5 किलो की छोटी टंकियों में भरता था और उन्हें छात्रों को सप्लाई करता था। घनी आबादी वाले क्षेत्र में यह अवैध कारोबार पिछले डेढ़ साल से चल रहा था। एक ही व्यक्ति के पास 55 सिलेंडर मिलने से गैस वितरण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग अब उन डिलीवरी बॉय और एजेंसियों की पहचान कर रहा है, जिनके जरिए आरोपी तक इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर पहुंचे।  

सम्राट चौधरी के घर बड़ी बैठक से सियासी हलचल, कुशवाहा और चौधरी आवास पर भी नजरें

पटना राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन हर हाल में जीत दर्ज करना चाहती है। दो दिन पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के सभी दलों की बैठक बुलाई थी। एक दिन पहले AIMIM के बिहार प्रमुख अख्तरूल ईमान ने उनसे मुलाकात की। राज्यसभा चुनाव में अपने पांचों विधायकों के समर्थन की बात की। इधर, एनडीए के विधायकों की भी बैठक बुलाई गई है। यह बैठक तीन चरणों में होगी। पहली बैठक आज डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर होगी। इसके बाद 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर और 15 मार्च को संसदीय कार्य मंत्री व जदयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी के आवास पर बैठक बुलाई गई है। तीनों दिन भोज की व्यवस्था की गई है। रात्रि भोज का भी इंतजाम किया गया है डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने गुरुवार यानी आज शाम को एनडीए के विधायकों को बुलाया है। रात्रि भोज का भी इंतजाम किया गया है। इस बैठक में विधायकों को एकजुट किया जाएगा। साथ ही मतदान प्रक्रिया की बारिकियों की जानकारी दी जाएगी। ऐसा पहली बार हो रहा है जब सम्राट चौधरी ने इतनी बड़ी बैठक बुलाई है। राजनीतिक पंडितों की मानें तो यह सब राज्यसभा की पांचवी सीट जीतने के लिए किया जा रहा है। राज्यसभा की पांच सीट पर छह उम्मीदवार खड़े हो गए हैं। विधायकों की संख्या को देखते हुए भाजपा और जदयू के खाते में दो-दो सीटें तो आ जाएंगे लेकिन पांचवीं सीट के लिए एनडीए और महागठबंधन को संघर्ष करना पड़ रहा है। एनडीए को पांचवी सीट जीतने के लिए तीन और महागठबंधन को छह विधायकों की जरूरत है। AIMIM और IIP के बयान के बाद बढ़ी एनडीए में टेंशन एक दिन पहले AIMIM के प्रमुख अख्तरूल ईमान ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी। उन्होंने पत्रकारों से बातची के दौरान कहा कि हमलोगों की बीच पॉजिटिव बात हुई है। लेकिन, अंतिम फैसला हमारे मुखिया असदुद्दीन ओवैसी को लेंगे। उन्होंने कहा कि 15 मार्च को मेरे आवास पर इफ्तार पार्टी है। इसमें तेजस्वी यादव भी आएंगे। इसके बाद राजद के विधायकों ने दावा किया कि हमलोगों के पास पूर्ण बहुमत आ गया है। हमारे उम्मीदवार एडी सिंह जीत रहे हैं। वहीं तेजस्वी यादव ने कहा कि हमें अपने उम्मीदवार के जीतने पर पूरा भरोसा है।  वहीं आईआईपी पार्टी के प्रमुख इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने कहा दावा है कि महागठबंधन के संपर्क में एनडीए के कुछ विधायक हैं। हमलोगों के बाद 41 नहीं 45 विधायकों का समर्थन है। इसलिए पांचवी सीट पर हमलोगों की जीत आसानी से हो जाएगी। जानिए एनडीए की ओर किस नेता ने क्या कहा? एनडीए के ओर से राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा दावा कर चुके हैं कि राज्यसभा की सभी पांचों सीटें एनडीए जीत रही है। विपक्ष के कई विधायक हमारे संपर्क में हैं। चुनाव के बाद सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी। हमलोग जीत रहे हैं। वहीं बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि पांचों सीटों पर एनडीए की शानदार जीत तय है। कहीं कोई संशय नहीं है। विपक्ष के कुछ विधायक भी हमारे संपर्क में हैं। हर हाल में एनडीए की ही जीत होगी। कौन कौन हैं राज्यसभा उम्मीदवार…     जदयू- नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर     भाजपा- नितिन नवीन, शिवेश राम     रालोमो- उपेंद्र कुशवाहा     राजद- अमरेंद्र धारी सिंह (एडी सिंह)

49 साल बाद राजस्थान विधानसभा में ऐतिहासिक फैसला, विधायकों की संख्या बढ़ाने की तैयारी

जयपुर. राजस्थान की राजनीति में आने वाले समय में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। पिछले 49 सालों से स्थिर रही विधानसभा सीटों की संख्या में अब भारी इजाफा होने की संभावना है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के अनुसार, आगामी जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद प्रदेश में विधायकों की संख्या 200 से बढ़कर 270 हो सकती है। जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्पीकर देवनानी ने बताया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विधानसभा में 280 विधायकों के बैठने की क्षमता वाला हॉल तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में सदन में केवल 200 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है। 70 नई सीटें जुड़ने की संभावना जल्द ही देश में जनगणना होने वाली है, जिसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होगी। राजस्थान में लगभग 70 नई सीटें जुड़ने की संभावना है। हमने भविष्य को देखते हुए स्ट्रक्चर तैयार कर लिया है, ताकि सदन छोटा न पड़े। -वासुदेव देवनानी, विधानसभा अध्यक्ष राजस्थान में सीटों का गणित: 1952 से अब तक राजस्थान में आखिरी बार सीटों का विस्तार 1977 में हुआ था। तब से लेकर अब तक जनसंख्या में भारी वृद्धि हुई है, लेकिन सीटों की संख्या 200 पर ही टिकी रही। वर्ष    विधानसभा चुनाव    कुल सीटें    क्या हुआ बदलाव? 1952    पहला चुनाव    160    पहली बार सीटों का निर्धारण 1957    दूसरा चुनाव    176    16 सीटों की बढ़ोतरी 1967    विधानसभा चुनाव    184    8 सीटें और बढ़ाई गईं 1977    विधानसभा चुनाव    200    आखिरी बार संख्या में वृद्धि संसद की तर्ज पर बनेगा 'सेंट्रल हॉल' विधानसभा परिसर को आधुनिक और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 14 करोड़ रुपए के बजट की घोषणा की है। सेंट्रल हॉल: दिल्ली की संसद की तरह यहां भी एक भव्य सेंट्रल हॉल बनेगा। सुविधाएं: यहां सभी दलों के विधायक एक साथ बैठकर अनौपचारिक चर्चा कर सकेंगे। साथ ही चाय, नाश्ते और भोजन की विशेष व्यवस्था होगी। विधान परिषद हॉल का उपयोग विधानसभा परिसर में पहले से ही विधान परिषद के लिए एक ढांचा (स्ट्रक्चर) मौजूद है। सीटों की संख्या बढ़ने पर इस हॉल को मुख्य सदन की तरह विकसित कर उपयोग में लाया जाएगा। परिसीमन से कैसे बदलेगा सियासी नक्शा? सीटों की संख्या बढ़ने का सीधा असर राजस्थान की राजनीति और भूगोल पर पड़ेगा। 70 नई सीटें बनने से प्रदेश के कई युवा और नए नेताओं के लिए विधानसभा पहुंचने की राह आसान होगी। परिसीमन के दौरान जनसंख्या के आधार पर कई सामान्य सीटें SC/ST के लिए आरक्षित हो सकती हैं, जबकि कुछ वर्तमान आरक्षित सीटें सामान्य हो सकती हैं। कई बड़े विधानसभा क्षेत्रों को काटकर दो हिस्सों में बांटा जाएगा, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक पकड़ में बदलाव आएगा। अगला कदम क्या है? परिसीमन की प्रक्रिया परिसीमन आयोग के गठन और जनगणना की रिपोर्ट आने के बाद ही शुरू होगी। माना जा रहा है कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।