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शंकराचार्य विवाद में सियासत गरमाई: अविमुक्तेश्वरानंद से अखिलेश की मुलाकात, भाजपा पर साधा निशाना

लखनऊ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होने संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनके साथ पूर्व सांसद अनु टंडन भी मौजूद रहे। आपको बता दें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को वाराणसी से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरूआत की थी। जौनपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर होते हुए 4 दिन में यानी 10 मार्च को लखनऊ पहुंचे थे। यहां बुधवार को गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया था। इस दौरान उन्होने की बड़े ऐलान किए। यूपी की परिक्रमा करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद उन्होने बताया कि वे 52 दिन की यात्रा के बाद 3 मई से 23 जुलाई तक 81 दिन यूपी की परिक्रमा करेंगे। इसका नाम गविष्टि यात्रा होगा। शुरुआत और समापन गोरखपुर से होगा। 24 जुलाई को लखनऊ के इसी मंच पर फिर जुटेंगे। अंत में शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना गठित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि गो हत्या रोकने, सनातन धर्म की रक्षा के लिए लोग आगे आएं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन प्रदेश सरकार पर तीखे बाण छोड़े। 26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति मिली कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंखनाद कार्यक्रम हुआ। पहले काशी के मठ में रोकने की योजना बनी, फिर लखनऊ में न घुसने देने की, फिर कहा अनुमति न दो, मंगलवार को रात 9 बजे 16 शर्तों के साथ साथ अनुमति दी गई। कुछ देर बाद 10 शर्तें और जोड़कर 26 कर दी गईं। फिलहाल वे लखनऊ के कृष्णा नगर में प्रवास कर रह रहे हैं। हम कोई पार्टी नहीं बना रहे- अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम कोई पार्टी नहीं बना रहे हैं। हमें किसी पार्टी से भी गुरेज नहीं और प्यार भी नहीं है। हम जनता के बीच जाएंगे तो यही समझाएंगे कि गाय के लिए जो काम करे, उसे वोट दीजिए। राजा गलत दिशा में जाए तो रास्ता दिखाएं। शंकराचार्य पद सनातन धर्म का सुप्रीम कोर्ट है, महामंडलेश्वर हाईकोर्ट और साधु-संत लोअर कोर्ट हैं। यही हमारी हिन्दू पद्धति है। यह भीड़तंत्र नहीं भिड़नेवाला तंत्र है। गाय हमारी माता है और इसके बगैर अस्तित्व ही नहीं रहेगा। गाय-ब्राह्मण का अपमान करने वाले निशाचर हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि तुमसे हमारा रिश्ता एक ही हो सकता है और वह है युद्ध का। अखाड़ों को लिखेंगे पत्र शंकराचार्य ने कहा कि हमारे साधु समाज में भी विकृति आ गई है। एक लकीर खींच दी गई है। सब अखाड़ों को पत्र लिखकर पूछेंगे कि वह किसके साथ हैं। उनकी सेना में सन्यासी, बैरागी, उदासीन होंगे। और गृहस्थ होंगे। हमारी सेना में आने वाले सभी का पहले पुलिस सत्यापन कराएंगे। हरदम उस पर नजर रखेंगे। यदि उसके ऊपर किसी ने आरोप लगाया है तो उसका केस हम लड़ेंगे। कुछ साधु संत घर (संसार) छोड़कर चले गए। संप्रदायों का वस्त्र धारण करने के बाद प्रोफेसर, सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री बन रहे हैं। यह नहीं चलेगा। हमारे गेरुआ वस्त्र उतारकर रख दो। सनातन धर्म जीवन में मनमानी की अनुमति नहीं देता। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, लखनऊ मध्य से विधायक रविदास मेहरोत्रा, पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, संत समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।  

हौसले ने बदली तकदीर : मुर्गी पालन से आत्मनिर्भर बनीं ग्राम जमथान की सकून मौर्या

रायपुर मजबूत इरादे, मेहनत और सही अवसर मिलने पर साधारण परिस्थितियों में रहने वाला व्यक्ति भी सफलता की नई कहानी लिख सकता है। मनेन्द्रगढ-भरतपुर-चिरमिरी जिले के ग्राम जमथान की निवासी  सकून मौर्या ने अपने आत्मविश्वास, मेहनत और स्व-सहायता समूह के सहयोग से यही कर दिखाया है। आज वे मुर्गी पालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनकर गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। स्व-सहायता समूह से जुड़कर मिला नया आत्मविश्वास       साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली सकून मौर्या पहले अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंतित रहती थीं। इसी दौरान वे महामाया महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, बैंकिंग और स्वरोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने कुछ नया करने का निर्णय लिया। बैंक सहायता से शुरू किया मुर्गी पालन        समूह के सहयोग और मार्गदर्शन से उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के माध्यम से 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग करते हुए उन्होंने मुर्गी पालन का कार्य शुरू किया। शुरुआत में यह एक छोटा प्रयास था, लेकिन अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने इस कार्य को धीरे-धीरे एक सफल व्यवसाय में बदल दिया। मुर्गी पालन से मिली आर्थिक मजबूती आज मुर्गी पालन उनके परिवार की आय का एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 93 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पहले से बेहतर तरीके से पूरा कर पा रही हैं। अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा सकून मौर्या की सफलता को देखकर गांव की कई महिलाएं भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित हो रही हैं। उनका कहना है कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहायता मिली, बल्कि आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिली। सकून मौर्या की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, अवसर और सहयोग मिले तो वे अपनी मेहनत और संकल्प से जीवन की दिशा बदल सकती हैं और आत्मनिर्भर बनकर समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती हैं।

एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे सीएम योगी, श्रीरामलला के चरणों में झुकाया शीश

अयोध्या गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला के चरणों में शीश झुकाया। उन्होंने श्रीराम मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की। उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। यहां से निकल कर मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीरामलला के दर्शन किए, आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संतों से भी की मुलाकात, पूछा कुशलक्षेम मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में संतों से भी मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री यहां सबसे पहले महंत प्रेमदास जी महाराज से मिले। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अन्य संतों से भी मिलकर उनका हालचाल जाना। इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर रामकथा पार्क हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री/कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, चंद्रभानु पासवान, अमित सिंह चौहान, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय आदि मौजूद रहे।

संदीप पाटिल का दावा: उस घटना के बाद गौतम गंभीर ने देखना तक छोड़ दिया

नई दिल्ली बीसीसीआई के पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने खुलासा किया है कि गौतम गंभीर लंबे समय से उनसे बात नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम से ड्रॉप होने के बाद से गंभीर उनसे बात नहीं करते हैं। बात करना तो दूर, उनकी तरफ देखते तक नहीं हैं गौतम गंभीर का 2006 से 2012 तक भारतीय क्रिकेट में अपना ही रुतबा रहा। वह 2007 और 2011 की विश्व विजेता टीमों का हिस्सा रहे। वैसे तो उन्होंने नवंबर 2016 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था लेकिन सही मायनों में तो 2013 में ही वह एक तरह से टीम इंडिया से बाहर हो चुके थे। संदीप पाटिल ने विकी लालवानी शो पर कहा कि उनकी अगुआई में चयन समिति ने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज चेहरों युवराज सिंह, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंदर सहवाग और यहां तक कि महान सचिन तेंदुलकर पर भी कठिन फैसले लिए थे लेकिन इनमें से गंभीर ही हैं जो अभी तक उस चीज को नहीं भुला पाए हैं। पाटिल ने कहा, ‘जब आप चयन समिति की कुर्सी पर बैठे होते हैं तब आप कुछ बड़े फैसले लेने के लिए जिम्मेदार होते हैं। आप खिलाड़ियों के साथ अपनी दोस्ती या घनिष्ठता को नहीं देख रहे होते हैं। सचिन जब 14 साल के थे तब से उनके साथ मेरी अच्छी घनिष्ठता रही है। वह मेरे अंडर खेले हैं, साथ मेरे साथ खेले हैं। जब कभी भी मैं उन्हें कुछ टेक्स्ट करता हूं तो वह तुरंत जवाब देते हैं। मैं हाल ही में एक फ्लाइट में युवराज सिंह से मिला, बहुत गर्मजोशी से मिले। यहां तक कि वीरेंदर सहवाग भी। वे सभी मुझसे अच्छी तरह बात करते हैं। गंभीर को छोड़कर। वह मुझे बहुत प्रिय थे। यहां तक कि आज भी हैं। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं लेकिन वह मुझे नाराज हैं जो ठीक भी है। यहां तक कि मैं भी जब टीम से निकाला गया तब चयन समिति से नाराज हुआ था। मैंने पाकिस्तान में 100 किए थे। कोटला में इंग्लैंड के खिलाफ दोनों पारियों में सबसे ज्यादा रन बनाए लेकिन तब भी ड्रॉप कर दिया गया। उसके बाद फिर कभी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला।’ गंभीर की टीम से छुट्टी के बाद शिखर धवन का रास्ता साफ हुआ जिन्होंने मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू किया और शानदार 187 रन बनाए। रोहित शर्मा के साथ मिलकर शिखर धवन ने वनडे और टी20 में भारत की सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी में से एक बनाई जबकि गंभीर नजरअंदाज होते रहे। वह आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते रहे और बाद में दिल्ली कैपिटल्स में लौटे और आखिरकार 2018 में हर तरह के क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। संदीप पाटिल ने कहा कि गंभीर अब भी उनसे खफा हैं। उन्होंने कहा, 'गंभीर अब भी खफा हैं। उन्होंने मुझसे कभी बात नहीं की। हम बहुत सारे अलग-अलग शो पर एक साथ आए। हम एक ही कमरे में बैठे लेकिन गौतम ने मेरी तरफ देखा भी नहीं। ठीक है। हर बार जब मैं उनके पास जाकर 'Hi' कहा तो उन्होंने कभी भी उसका जवाब नहीं दिया। एक बार भी नहीं देखा। लेकिन ठीक ही है।' पुराने दिनों में गौतम गंभीर के साथ अपने गर्मजोशी भरे रिश्तों का जिक्र करते हुए पाटिल ने कहा, 'हम टूर्स पर साथ में टेनिस खेले। हमारे बीच में बहुत ही शानदार तालमेल थी। जब मुझे कोच के पद से हटाया गया था तब गौती मुझे हर दो हफ्ते में एक बार कॉल करते थे। वह वैसे थे। गौतम अपने करियर को लेकर बहुत गंभीर थे और अपनी बैटिंग और अप्रोच पर फोकस बनाए रखते थे। कोई भी क्रिकेटर उस स्टेज पर खेल नहीं छोड़ना चाहता जब आप अच्छा कर रहे होते हैं। कोई भी ड्रॉप होना नहीं चाहता। लक्ष्मण, द्रविड़ शांति से रिटायर हो गए। सहवाग एक अच्छा जश्न चाहते थे लेकिन वैसा नहीं हुआ।'  

बीजापुर में बड़ी कार्रवाई: होटल-ढाबों में घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग पर प्रशासन सख्त

बीजापुर/दंतेवाड़ा जिले में होटल और ढाबों में घरेलू गैस सिलेंडर के उपयोग पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन निरीक्षण अभियान के तहत अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल ने टीम के साथ जिला मुख्यालय बीजापुर में संचालित होटल और ढाबों का औचक निरीक्षण किया। घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग नहीं निरीक्षण के दौरान होटल संचालकों और ढाबा मालिकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग न करें और केवल व्यावसायिक (कॉमर्शियल) गैस सिलेंडर का ही इस्तेमाल करें। अधिकारियों ने कहा कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस का उपयोग नियमों के विरुद्ध है और ऐसा पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं विशेषकर एलपीजी गैस, डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता से जुड़ी शिकायतों और सुझावों की निगरानी के लिए उत्तम कुमार भारती, सहायक खाद्य अधिकारी बीजापुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही सभी गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी एजेंसियों में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखें, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। दंतेवाड़ा में गैस का पर्याप्त स्टॉक दंतेवाड़ा में गैस सिलेंडर की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर खाद्य अधिकारी सुश्री वेणुका ध्रुव ने विराम लगाया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सभी गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक की गई है, ताकि गैस सिलेंडर की कृत्रिम कमी की स्थिति न बने।  

प्रदेश के प्राधिकरणों, आवास विकास, यूपीएसआईडीसी की अपंजीकृत संपत्तियों का कराया जा रहा पंजीकरण

लखनऊ, योगी सरकार प्रदेश के राजस्व संग्रह व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्टाम्प एवं निबंधन विभाग विशेष अभियान चलाकर अपंजीकृत संपत्तियों के पंजीकरण, लंबित स्टाम्प वादों के निस्तारण और विभिन्न संस्थाओं से देय स्टाम्प शुल्क की वसूली पर जोर दे रहा है। अभियान का उद्देश्य राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ संपत्ति लेनदेन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। स्टाम्प दरों का कराया जा रहा व्यापक सर्वे प्रदेश भर के विकास प्राधिकरणों,  आवास विकास परिषद,  यूपीएसआईडीसी तथा अन्य संस्थाओं की अपंजीकृत संपत्तियों का विशेष अभियान के तहत पंजीकरण कराया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न विकास प्राधिकरणों और सरकारी एजेंसियों से जुड़े समझौतों और परियोजनाओं की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि निर्धारित स्टाम्प शुल्क का भुगतान समय पर हो। इसके साथ ही स्टाम्प दरों का भी व्यापक सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे का उद्देश्य प्रदेश में संपत्तियों की अद्यतन और वास्तविक न्यूनतम बाजार दरों को मूल्यांकन सूची में शामिल करना है, ताकि राजस्व संग्रह में पारदर्शिता आए और बाजार की वास्तविक स्थिति के अनुरूप दरें तय की जा सकें। सर्किल दर सूची के सरलीकरण और मानकीकरण का प्रारूप पहले ही जारी किया जा चुका है।  जीडीए की न्यू टाउनशिप योजना से मिलेगा 100 करोड़ का राजस्व विभाग की ओर से राजस्व बढ़ाने के लिए विभिन्न जिलों में विशेष कार्ययोजनाएं भी बनाई गईं हैं। मुरादाबाद में एमडीए की सहायक और गोविंदपुरम आवासीय योजनाओं से लगभग 22 करोड़ रुपये, वाराणसी में वीडीए की गंजारी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से करीब 40 करोड़ रुपये तथा गोरखपुर में जीडीए की न्यू टाउनशिप योजना से लगभग 100 करोड़ रुपये के राजस्व की संभावना है। इसके अलावा जीआईडीए के लीज और फ्रीहोल्ड विलेखों से लगभग 50 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। इन सभी स्रोतों से मार्च 2026 तक करीब 200 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। एनएचएआई के टोल प्लाजा से 72 करोड़ का स्टाम्प देय निर्धारित एनएचएआई के टोल प्लाजा से जुड़े मामलों की भी गहन समीक्षा की जा रही है। प्रदेश में एनएचएआई के कुल 123 टोल प्लाजा और संबंधित एजेंसियों के बीच हुए समझौतों का परीक्षण कर लगभग 72 करोड़ रुपये की स्टाम्प देयता निर्धारित की गई है। इन मामलों में विभिन्न न्यायालयों में वाद दर्ज किए गए हैं और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। गाजियाबाद में एक मामले का निस्तारण करते हुए लगभग 70 लाख रुपये की वसूली की गई है, जबकि कुशीनगर में दो मामलों में लगभग 52 लाख रुपये की वसूली की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश के कई जिलों में विकास प्राधिकरणों और निजी कॉलोनाइजरों की अपंजीकृत संपत्तियों के पंजीकरण के माध्यम से भी राजस्व बढ़ाने की योजना है। गौतमबुद्धनगर में यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जुड़े मामलों से लगभग 93 करोड़ रुपये का राजस्व की संभावना है। वहीं, मेरठ में निजी बिल्डरों की अपंजीकृत संपत्तियों और आरआरटीएस परियोजना से लगभग 252 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। इसी तरह गाजियाबाद में जीडीए की हरनंदीपुरम आवासीय योजना और यूपीएसआईडीसी की मोदीनगर परियोजना से लगभग 153 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति की संभावना जताई गई है। इसी तरह बरेली में बीडीए की पीलीभीत आवासीय योजना से करीब 50 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।

इंडियन वेल्स ओपन में भारतीय चमक: युकी भांबरी और गोरान्सन की जोड़ी सेमीफाइनल में

नई दिल्ली भारत के युकी भांबरी और उनके स्वीडिश जोड़ीदार आंद्रे गोरान्सन गुरुवार सुबह इंडियन वेल्स ओपन के सेमीफाइनल में पहुंच गए। भांबरी और गोरानसन की जोड़ी ने ऑस्ट्रियाई-इटैलियन जोड़ी अलेक्जेंडर एर्लर और एंड्रिया वावसोरी को हराया। भांबरी और गोरान्सन ने एर्लर और वावसोरी पर 6-3, 7-6(2) से जीत दर्ज की। यह एटीपी मास्टर्स 1000 लेवल पर भांबरी का पहला सेमीफाइनल है, इससे पहले वह मास्टर्स 1000 लेवल पर दो बार डबल्स क्वार्टर-फाइनल में पहुंच चुके हैं।वह इससे पहले दो बार इंडियन वेल्स 2025 (गोरान्सन के साथ) और मियामी मास्टर्स 2025 (नूनो बोर्गेस के साथ) में क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे। युकी भांबरी और आंद्रे गोरान्सन की जोड़ी ने अभी तक टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया है। राउंड ऑफ 16 में, भांबरी और गोरानसन ने सैंडर एरेंड्स और जिरी लेहेका की जोड़ी को 6-4, 6-4 से हराया, इससे पहले उन्होंने डेविड पेल और फैब्रिस मार्टिन की जोड़ी को सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से हराकर अपने कैंपेन की शानदार शुरुआत की थी। अब उनका सामना खाचानोव/रूबलेव और रिंडरकनेच/वाचेरोट के विजेताओं से होगा, और फाइनल में जगह बनाना दांव पर है। पिछले महीने, भांबरी एटीपी रैंकिंग 20वें नंबर पर पहुंचे थे। यह उनकी सबसे ऊंची रैंकिंग है। वह रोहन बोपन्ना के बाद टॉप 20 में जगह बनाने वाले पहले भारतीय पुरुष डबल्स खिलाड़ी बन गए। गोरानसन के साथ मिलकर, भांबरी ने साल के पहले ग्रैंड स्लैम, मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियन ओपन में शानदार प्रदर्शन किया, और तीसरे राउंड में पहुंचकर जरूरी रैंकिंग पॉइंट्स हासिल किए ताकि वह इस दहलीज को पार कर सकें। भांबरी 2025 सीजन से लगातार आगे बढ़ रहे हैं। वह न्यूजीलैंड के माइकल वीनस के साथ यूएस ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचे थे, जहां उन्हें चौथी सीड वाली ब्रिटिश जोड़ी जो सैलिसबरी और नील स्कुप्स्की ने एक सेट और ब्रेक की बढ़त के बाद बहुत कम अंतर से हराया था। मार्च 2025 में, भांबरी ने ऑस्ट्रेलिया के एलेक्सी पोपिरिन के साथ मिलकर दुबई टेनिस चैंपियनशिप में अपना पहला एटीपी 500 खिताब जीता। यह जोड़ी एक सेट से पीछे होने के बाद वापस आई और चार मैच पॉइंट बचाकर यूएस ओपन और ऑस्ट्रेलियन ओपन के डबल्स चैंपियन हैरी हेलियोवारा और हेनरी पैटन को एक रोमांचक फाइनल में 3-6, 7-6 (12), 10-8 से हराया।  

युवराज सिंह की टीम से विदाई पर बड़ा खुलासा, क्या एमएस धोनी थे जिम्मेदार?

नई दिल्ली पूर्व भारतीय क्रिकेटर और चयनकर्ता Sandeep Patil ने एक लंबे समय से चल रहे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि MS Dhoni का Yuvraj Singh को भारतीय टीम से बाहर करने के फैसले में कभी कोई हाथ नहीं था। पाटिल ने बताया कि अपने चयनकर्ता कार्यकाल के दौरान उन्होंने कभी भी धोनी को युवराज को ड्रॉप करने की मांग करते नहीं सुना। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब युवराज के पिता लगातार धोनी पर आरोप लगाते रहे हैं। चयन बैठकों में कभी नहीं उठी ऐसी मांग संदीप पाटिल ने एक इंटरव्यू में कहा कि चयन समिति की बैठकों, विदेशी दौरों या मैचों के दौरान कभी भी धोनी ने युवराज सिंह को टीम से बाहर करने की बात नहीं कही। उन्होंने कहा कि वह इस बात को पूरी जिम्मेदारी के साथ रिकॉर्ड पर कह सकते हैं कि धोनी ने ऐसा कोई सुझाव या दबाव नहीं बनाया। पाटिल के अनुसार, धोनी का चयन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का स्वभाव भी नहीं था और वह चयन समिति के फैसलों का सम्मान करते थे। धोनी को था चयन समिति पर पूरा भरोसा पाटिल ने आगे कहा कि धोनी हमेशा चयनकर्ताओं के निर्णयों का सम्मान करते थे। उन्होंने बताया कि टीम के कप्तान के तौर पर धोनी को चयन समिति की कार्यप्रणाली पर पूरा भरोसा था और वह आमतौर पर टीम चयन के मामलों में ज्यादा दखल नहीं देते थे। इस बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि युवराज सिंह को टीम से बाहर करने का फैसला चयनकर्ताओं की रणनीति और उस समय के प्रदर्शन के आधार पर लिया गया होगा। योगराज सिंह लगातार लगाते रहे हैं आरोप दूसरी ओर युवराज सिंह के पिता Yograj Singh कई बार सार्वजनिक रूप से धोनी को अपने बेटे के करियर में गिरावट के लिए जिम्मेदार ठहरा चुके हैं। योगराज ने कई इंटरव्यू में यह कहा कि धोनी के कारण ही युवराज को टीम से बाहर किया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि वह इस मामले में धोनी को कभी माफ नहीं करेंगे। एक इंटरव्यू में योगराज सिंह ने कहा था कि धोनी ने उनके बेटे के साथ गलत किया और इससे युवराज का करियर प्रभावित हुआ। उन्होंने यहां तक कहा कि युवराज सिंह जैसा खिलाड़ी फिर से देखने को शायद ही मिले और वह चार-पांच साल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकते थे। उनके इस बयान ने क्रिकेट जगत में काफी चर्चा पैदा की थी। पाटिल ने कहा – पिता का भावुक होना स्वाभाविक संदीप पाटिल ने योगराज सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक पिता का अपने बेटे के लिए भावुक होना बिल्कुल स्वाभाविक है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में आरोप गलत व्यक्ति पर लगाए जा रहे हैं। पाटिल के अनुसार, चयन प्रक्रिया कई पहलुओं को ध्यान में रखकर होती है और किसी एक व्यक्ति को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है।

ईरान जंग का सीधा असर दिल्ली पर: ढाबों में महंगी हुई चाय-रोटी, कई जगह दाल मखनी और कबाब बंद

ईरान ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध की वजह से उपजे गैस संकट का असर राजधानी के होटलों पर देखने को मिल रहा है। होटल ईंधन बचाने के लिए कई तरह के बदलाव कर रहे हैं। खासतौर पर धीमी आंच पर पकाने वाले पकवान जैसे कबाब और दाल मखनी को मेन्यू से अस्थायी रूप से हटा दिया गया है। वहीं, अधिकतर होटल-ढाबों में खाना-पीना महंगा हो चुका है। लागत में इजाफे की वजह से ग्राहकों को चाय से रोटी तक के लिए अधिक कीमत देनी पड़ रही है। दाल मखनी और गलौटी कबाब जैसी डिशेज जिन्हें 8 से 12 घंटे तक धीमी आंच पर पकाना पड़ता है, उन्हें कई रेस्तरां ने अस्थायी रूप से अनुपलब्ध कर दिया है। गैस आधारित तंदूरों का उपयोग सीमित कर दिया गया है। कई होटलों में अब केवल पीक ऑवर्स (रात 8 से 11 बजे) में ही तंदूरी डिशेज परोसी जा रही हैं। होटलों ने अपने 10-15 पन्नों के विस्तृत मेन्यू को छोटा करके 2-3 पन्नों का लिमिटेड मेन्यू कर दिया है। फोकस उन डिशेज पर है जो सॉते या स्टीमिंग तकनीक से जल्दी बन जाती हैं, क्योंकि इनमें गैस की खपत कम होती है। कई प्रीमियम डाइनिंग आउटलेट्स अब कोल्ड ऐपेटाइज़र सलाद और सैंडविच जैसी चीजों को प्रमोट कर रहे हैं जिन्हें पकाने की आवश्यकता नहीं होती। इससे उनकी गैस की निर्भरता कम हो रही है। बड़े होटलों ने भारी कमर्शियल इंडक्शन प्लेट्स, एयर फ्रायर्स और इलेक्ट्रिक ओवन का इस्तेमाल 40% तक बढ़ा दिया है। हालांकि, इससे बिजली के बिल में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन गैस की अनिश्चितता से बचने का यह एकमात्र तरीका बचा है। इससे उनका ब्रांड का नाम कायम रहेगा। होटलों में लाइव कुकिंग काउंटर (जहां शेफ सामने खाना बनाते थे) ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र होते थे, उन्हें फिलहाल बंद कर दिया है क्योंकि वहां गैस की बर्बादी अधिक होती है। रेहड़ी-पटरी व छोटे ढाबों पर आजीविका का संकट यह वर्ग स्ट्रीट फूड संस्कृति का आधार है। इन्हें रोजाना नकद में सिलेंडर लेना पड़ता है। आपूर्ति कम होने से वेंडर्स छोटे दुकानदारों के बजाय बड़े होटलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। सिलेंडर न मिलने पर कई रेहड़ी वाले अवैध रिफिलिंग (छोटे 5 किलो के अवैध सिलेंडर) का सहारा ले रहे हैं। गैस की कीमत बढ़ने से रोज़ाना की बचत में ₹200-₹400 की कमी आई है। 7 रुपये वाली रोटी 9 की हुई गैस सिलेंडर आपूर्ति प्रभावित होने से द्वारका मोड़ इलाके में एक रेस्तरां ने रोटी के दाम में अचानक दो रुपये की बढ़ोतरी कर दी। रेस्तरां मालिक का कहना था कि गैस का दाम बढ़ने के चलते रोटी का दाम भी बढ़ाना पड़ रहा है। द्वारका मोड़ इलाके में रहने वाले आकाश कुमार ने बताया कि अक्सर ऑफिस से देर से आने पर वह सब्जी तो घर में बनाते हैं लेकिन रोटी रेस्तरां से मंगा लेते हैं। उनके करीब स्थित एक रेस्तरां में तवा रोटी उन्हें सात रुपये के दर से पड़ती है, अब अचानक मालिक ने दाम बढ़ा दिए हैं। वहीं, नोएडा में एक चाय विक्रेता ने बताया कि उन्होंने 10 रुपये वाली चाय की कीमत अब 15 रुपये कर दी है। उन्होंने कहा कि जो सिलेंडर उन्हें 1000 रुपये में मिल जाता था उसके लिए अब 2500 रुपये देने पड़े हैं। इस वजह से कीमत में इजाफा करना पड़ा है। ढाबा बंद होने की कगार पर कनॉट प्लेस स्थित सिंधिया हाउस के पास एक तंग गली में स्थित ढाबा अब बंद होने की कगार पर है। यह ढाबा ऑफिस कर्मचारियों, टैक्सी ड्राइवरों और दूसरे रोजगार से जुड़े लोगों के लिए सस्ता और स्वादिष्ट भोजन का प्रमुख ठिकाना है, लेकिन कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई रुकने से मालिक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ढाबा मालिक ने बताया कि उनके यहां रोजाना दो सिलेंडर की खपत होती है, लेकिन अब सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी गई है। स्टॉक में सिर्फ एक सिलेंडर बचा है, जिसके बाद रसोई ठप हो जाएगी। यहां भोजन करने पहुंचे मेरठ के गोविंद प्रसाद ने कहा कि वे मार्केटिंग के जॉब में हैं, लिहाजा सुबह मेरठ से जल्दी निकलने के कारण टिफिन नहीं लाते, दोपहर में यह ढाबा ही सहारा है। यदि बंद हुआ तो महंगे रेस्टोरेंट में खाना या घर से पैक करना पड़ेगा, जो मुश्किल होगा। टैक्सी ड्राइवर वीरू मौर्या ने बताया कि मंडी हाउस के अन्य ढाबों में भी रेट बढ़ गए हैं। समारोह में खाने के मेन्यू में कटौती की सरोजिनी नगर में स्थित सामुदायिक भवन में अलग-अलग दिनों में शादी समारोह हैं। एलपीजी गैस संकट के बीच बैंक्वेट हॉल में भी परेशानी बढ़ गई है। हलवाइयों ने खाने के मेन्यू में कटौती कर दी है। पिलंजी गांव के रहने वाले रोहन ने बताया कि शुक्रवार को उनके भाई की रिसेप्शन पार्टी है। वहीं, गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिक रुपये देने पर भी कोई सिलेंडर देने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि घर पर मेहमान आ रहे हैं। लेकिन, अचानक आए एलपीजी संकट ने पूरी तैयारी बिगाड़ दी है। रोहन ने बताया कि उन्होंने जिसे खाने का ठेका सौंपा था, उन्होंने अंतिम मौके पर सिलेंडर की कमी होने पर तय मेन्यू तैयार करने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि 30 से 40 फीसदी मेन्यू में कटौती की गई है।

दिल की धड़कन थमने के बाद डॉक्टरों का कमाल, 120 जूल शॉक से महिला की बची जान

शहडोल जिला अस्पताल के आईसीयू में डॉक्टरों की तत्परता से एक महिला को नई जिंदगी मिली। दिल की धड़कन रुकने के बाद डिफिब्रिलेटर शॉक देने पर मरीज का हृदय दोबारा धड़कने लगा। इस सफल उपचार के बाद डॉक्टरों और परिजनों ने राहत की सांस ली। गंभीर हालत में भर्ती करवाया गया था सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने बताया कि हृदय रोग से पीड़ित महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल के फीमेल वार्ड में भर्ती कराया गया था। उस समय मरीज का ब्लड प्रेशर रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था और उसकी स्थिति बेहद नाजुक थी। डिफिब्रिलेटर शॉक देने का निर्णय मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सक डॉ. वसीम खान ने बिना देर किए महिला को आईसीयू में शिफ्ट कर डिफिब्रिलेटर शॉक देने का निर्णय लिया। उपचार शुरू करने से पहले परिजनों को मरीज की स्थिति और संभावित जोखिम के बारे में जानकारी दी गई और लिखित सहमति ली गई। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने आपातकालीन उपचार शुरू किया। उपचार के दौरान महिला को इलेक्ट्रिक शॉक दिया गया और जरूरी इमरजेंसी दवाओं के साथ उसकी लगातार निगरानी की गई। कुछ ही देर बाद डिफिब्रिलेटर शॉक का असर हुआ और मरीज का दिल, जो कुछ समय के लिए रुक गया था, फिर से धड़कने लगा।