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अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा, महिला सुरक्षा और आरक्षण पर उठाए सवाल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आ रहे हैं। गाजीपुर दौरे से पहले इस कांड को लेकर उन्होंने यूपी का सियासी पारा चढ़ा दिया है। सोमवार को लखनऊ में बुलाई एक प्रेस कांफ्रेंस में सपा मुखिया ने गाजीपुर कांड के पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया। इसी प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल टॉपर कशिश और इंटरमीडिएट टॉपर अंशिका वर्मा को आईपैड देकर सम्मानित भी किया। अखिलेश यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल सीमा राजभर और रामआश्रय विश्वकर्मा के नेतृत्व में गाजीपुर जाएगा। अखिलेश ने सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर द्वारा सपा पर गाजीपुर में माहौल खराब करने का आरोप लगाए जाने पर कहा कि उनका जवाब सीमा राजभर देंगी। अखिलेश ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को कहीं भी मौका मिल जाए तो सपाइयों पर गंभीर धाराएं लगाती है। असली पत्थरबाजों को तो छोड़ दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की इमेज खराब करने वालों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। अखिलेश ने कहा कि हिन्दुस्तानियत के खिलाफ पैदा हुए खतरे से एकजुट होकर लड़ेंगे। पीडीए को सम्मान दिलाने में पीढ़ियां लग जाएं तब भी दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि वह एकतंत्री लोगों और संविधान न मानने वालों से लड़ेंगे। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि पीडीए को उसका हक मिले। विजन इंडिया के तहत गाजियाबाद में किसानों को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने सपा की सरकार बनी तो यूपी में किसानों को 24 घंटे के अंदर भुगतान होगा। 15 हजार करोड़ का कार्पस फंड बनेगा। बुनकरों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। गाजीपुर कांड पर भाजपा को घेरा अखिलेश यादव ने गाजीपुर कांड पर भाजपा की घेराबंदी करते हुए कहा कि इस कांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदली गई। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि यूपी में महिलाओं-बेटियों के खिलाफ घटनाएं बढ़ी हैं। महिला सुरक्षा के सारे दावे फेल हुए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा से निवेदन है कि आग लगाना बंद करे। भाजपा की महिलाएं कह रही हैं कि जो आरक्षण देना है वो क्यों नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने भाजपा पर महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं को राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण देने के मामले पर उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने का बिल तो संसद में कबका पास हो चुका है। सरकार को तत्काल इसे लागू कर देना चाहिए लेकिन मोदी सरकार खुद महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती है। स्वास्थ्य सेवाओं और डीजल-पेट्रोल-खाद का मुद्दा उठाया अखिलेश यादव ने यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक भाजपा सरकार नहीं हटेगी सुधार नहीं होगा। उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव खत्म होते ही सरकार डीजल-पेट्रोल और खाद के दाम बढ़ाएगी। एएमयू की तारीफ की इस मौके पर अखिलेश यादव ने एमपी यादव की पुस्तक अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि एएमयू से बेहतरीन छात्र निकले हैं और वे आज पूरी दुनिया में हैं।

सपा सरकार का वादा: अखिलेश यादव ने कहा- 300 यूनिट बिजली फ्री और महिलाओं को 40 हजार पेंशन

 लखनऊ सपा मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में बुंदेलखंड और अन्य जिलों से आए कार्यकर्ताओं के बीच भविष्य की योजनाओं का खुलासा किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार आने पर उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी. इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाते हुए उन्होंने सालाना 40 हजार रुपये पेंशन देने का वादा भी किया. अखिलेश यादव ने वर्तमान सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए स्मार्ट मीटर और बढ़ती महंगाई को मुख्य मुद्दा बनाया, जिससे आम जनता त्रस्त है।  स्मार्ट मीटर और बिजली बिल पर साधा निशाना अखिलेश यादव ने बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है और बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है।  सपा मुखिया ने दावा किया कि बिजली कंपनियों से एडवांस कमीशन लेने के कारण आम लोगों से अधिक वसूली की जा रही है, जिससे जनता में भारी गुस्सा है।  खाद की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रहार पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने खाद की कमी और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा भी उठाया. अखिलेश ने कहा कि प्रदेश की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रही है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होने की अपील की ताकि 2027 में बदलाव लाया जा सके और समाजवादी नीतियों के जरिए महंगाई व भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके। 

अखिलेश यादव की चाय वाली दुकान पर रेड! खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद शटर डाउन

फतेपुर यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन सियासत अभी से तेज हो गई है। दो महीने पहले जिस दुकान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चाय पी थी, अब वहां खाद्य विभाग ने छापा मारा है। दुकानदार का आरोप है कि जब से सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उसके यहां चाय पी है तभी से उन्हें परेशान किया जा रहा है। कभी दबंग गाली-गलौज करके मारपीट करते हैं तो भी अधिकारी आए दिन आकर परेशान करते हैं और कई तरह के सवाल-जवाब करते हैं। दुकानदार ने अब चाय की दुकान को बंद कर दिया है। वजह कुछ भी हो लेकिन चाय की दुकान पर खाद्य विभाग की छापेमारी से सियासत गर्माने लगी है। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के चौकी चौराहे स्थित एक चाय दुकान पर खाद्य विभाग ने छापेमारी की है। यह वही दुकान है जिसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीती 20 फरवरी को चाय पी थी। दुकानदार का आरोप है कि जब से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनकी दुकान में चाय पी है। उसके बाद से उनके साथ चीजें ठीक नहीं हो रही है। 15 अप्रैल को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चौकी चौराहा स्थित शेषमणी यादव की चाय दुकान पर पहुंचकर निरीक्षण किया और चाय पत्ती का नमूना जांच के लिए भेज दिया। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई कि सपा प्रमुख को चाय पिलाने के चलते दुकानदार को निशाना बनाया गया है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। अफसरों ने दुकानदार के आरोपों को किया खारिज मामला सुर्खियों में आने के बाद सहायक आयुक्त खाद्य राजेश दीक्षित ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए बताया कि यह कार्रवाई एक अप्रैल को आईजीआरएस पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर की गई थी। उन्होंने बताया कि दुकान का लाइसेंस वर्ष 2028 तक वैध है और विभाग के पास सीधे दुकान सीज करने का प्रावधान भी नहीं है। साथ ही उसी दिन अन्य स्थानों पर भी नियमित जांच अभियान चलाया गया था। बतादें कि 20 फरवरी को अखिलेश यादव जिले में आए थे। यहां उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के यहां आयोजित शादी कार्यक्रमो में हिस्सा लिया था। चौकी चौराहे से निकलते हुए चाय दुकान में चाय पी थी। इसकी तस्वीरें भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर साक्षा की थी। दुकानदार ने बंद क चाय की दुकान, बेटे ने फेसबुक पर लिखी पोस्ट खाद्य विभाग की छापेमारी से परेशान होकर दुकानदार ने चाय क दुकान को बंद कर दिया। इसके बाद उसके बेटे आर्यन ने फेसबुक पर एक भावनात्मक पोस्ट लिखी। जिसमें उसने कहा, मैं आज से अपनी चाय की दुकान बंद कर रहा हूं। मैं एक गरीब फैमिली से हूं। मैं आप सभी से यह कहना चाहता हूं कि जब से हमारी दुकान में यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव जी ने चाय पी है तब से आए दिन दबंगों द्वरा हमारे साथ मारपीट, गाली-गलौज या फिर फूड सैंपल विभाग और अन्य विभाग के अधिकारी परेशान कर रहे हैं। इसी कारण सोशल मीडिया के माध्यम से मैं सारे पत्रकार भाइयों एवं हमारे जिले के कप्तान अंकल को यह बताना चाहता हूं कि मैं आज से अपनी चाय की दुकान बंद रहा हूं क्यों मैं एक गरीब फैमिली से हूं जो कि हम लोग लड़ाई झगड़ा करने वाले लोगों में से नहीं है और न ही हम किसी से लड़ाई कर पाएंगे। हमें इतना ज्यादा परेशान कर दिया गया है कि हम अपना गांव घर दुकान सब छोड़कर जा रहे हैं। आप सभी को धन्यवाद।  

अखिलेश यादव का हमला: महिला आरक्षण को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

नई दिल्ली समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक के बहाने 'नारी को नारा बनाने' की कोशिश कर रही है। सपा प्रमुख ने महिला आरक्षण से संबंधित तीन विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के लिए आरक्षण के समर्थन में है, लेकिन 'भाजपाई चालबाजी' के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया, 'भाजपा इस (महिला) आरक्षण को लेकर नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही। लेकिन जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा, उनका मान-सम्मान कैसे रखेंगे। जिस मूल संगठन से आप निकले हैं, उसमें मान-सम्मान के लिए कितनी नारी हैं?' सपा सांसद ने कहा, हम महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन सवाल यह है कि भाजपा के अंदर जल्दबाजी क्यों है? सच तो यह है कि भाजपा जनगणना को टालनी चाहती है, वह जाति जनगणना को टालना चाहती है और ऐसा कर वह आरक्षण को टालना चाहती है। उन्होंने सरकार पर आधी आबादी में मुस्लिम महिलाओं को नहीं गिनने का आरोप लगाते हुए कहा, 'हमारी मांग है कि आधी आबादी में पिछड़े और मुस्लिम महिलाओं को भी शामिल किया जाए।' उन्होंने दावा किया कि भाजपा का असली लक्ष्य वोट हासिल करना और सत्ता में बने रहना है, इसलिए ये विधेयक लाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की यही राजनीतिक चाल है कि जब पुराने लोग समझ जाते हैं तो वे नये लोगों को लक्षित करते हैं, लेकिन वह इसमें सफल नहीं होगी। भाजपा की चंदा वसूली के कारण बढ़ी है महंगाई कन्नौज से सपा सांसद ने सत्तारूढ़ दल पर यह भी आरोप लगाया, 'भाजपा की कमीशन खोरी और चंदा वसूली की वजह से जो महंगाई बढ़ी है उससे उनकी (महिलाओं की) रसोई सूनी हो गई है। रही-सही कसर सिलेंडर की कमी और बेतहाशा बढ़ती कीमतों ने पूरी कर दी है।' उन्होंने एनसीआर और अन्य स्थानों पर वेतन वृद्धि को लेकर पिछले कुछ दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं सहित कामगारों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि यह विधेयक इतना ही सही है तो इसे मेरठ और नोएडा के कामगारों के बीच बैठकर घोषित किया जाए कि उनके लिए इसमें क्या-क्या किया जा रहा है। महिलाओं के बीच प्रतिस्पर्धा करा देगी भाजपा सपा प्रमुख ने कहा कि परिसीमन के बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ कर यदि 600 हो रही है, तो कहीं उसमें कोई षडयंत्र तो नहीं है और यदि ऐसा है तो जैसे (भाजपा) अयोध्या में हारी, एक बार फिर उत्तर में हारेगी। उन्होंने महिलाओं के लिए लोकसभा या विधानसभा सीट सुरक्षित नहीं रखने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसा कर वह (भाजपा) महिलाओं के बीच ही प्रतिस्पर्धा करा देगी। उन्होंने पार्टी आधार पर महिला आरक्षण का प्रावधान करने की मांग की और भाजपा की एक पूर्व सांसद पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए कहा, 'सास-बहू वाली तो हार गई हैं आपकी। पार्टी को तो मौका मिलेगा।' सपा सांसद ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी चक्रीय आधार पर महिला आरक्षण के खिलाफ है क्योंकि ऐसा होने पर कोई भी अपने क्षेत्र में जनता से ज्यादा भावनात्मक लगाव नहीं रखेगा।

शंकराचार्य विवाद में सियासत गरमाई: अविमुक्तेश्वरानंद से अखिलेश की मुलाकात, भाजपा पर साधा निशाना

लखनऊ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होने संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनके साथ पूर्व सांसद अनु टंडन भी मौजूद रहे। आपको बता दें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को वाराणसी से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरूआत की थी। जौनपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर होते हुए 4 दिन में यानी 10 मार्च को लखनऊ पहुंचे थे। यहां बुधवार को गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया था। इस दौरान उन्होने की बड़े ऐलान किए। यूपी की परिक्रमा करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद उन्होने बताया कि वे 52 दिन की यात्रा के बाद 3 मई से 23 जुलाई तक 81 दिन यूपी की परिक्रमा करेंगे। इसका नाम गविष्टि यात्रा होगा। शुरुआत और समापन गोरखपुर से होगा। 24 जुलाई को लखनऊ के इसी मंच पर फिर जुटेंगे। अंत में शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना गठित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि गो हत्या रोकने, सनातन धर्म की रक्षा के लिए लोग आगे आएं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन प्रदेश सरकार पर तीखे बाण छोड़े। 26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति मिली कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंखनाद कार्यक्रम हुआ। पहले काशी के मठ में रोकने की योजना बनी, फिर लखनऊ में न घुसने देने की, फिर कहा अनुमति न दो, मंगलवार को रात 9 बजे 16 शर्तों के साथ साथ अनुमति दी गई। कुछ देर बाद 10 शर्तें और जोड़कर 26 कर दी गईं। फिलहाल वे लखनऊ के कृष्णा नगर में प्रवास कर रह रहे हैं। हम कोई पार्टी नहीं बना रहे- अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम कोई पार्टी नहीं बना रहे हैं। हमें किसी पार्टी से भी गुरेज नहीं और प्यार भी नहीं है। हम जनता के बीच जाएंगे तो यही समझाएंगे कि गाय के लिए जो काम करे, उसे वोट दीजिए। राजा गलत दिशा में जाए तो रास्ता दिखाएं। शंकराचार्य पद सनातन धर्म का सुप्रीम कोर्ट है, महामंडलेश्वर हाईकोर्ट और साधु-संत लोअर कोर्ट हैं। यही हमारी हिन्दू पद्धति है। यह भीड़तंत्र नहीं भिड़नेवाला तंत्र है। गाय हमारी माता है और इसके बगैर अस्तित्व ही नहीं रहेगा। गाय-ब्राह्मण का अपमान करने वाले निशाचर हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि तुमसे हमारा रिश्ता एक ही हो सकता है और वह है युद्ध का। अखाड़ों को लिखेंगे पत्र शंकराचार्य ने कहा कि हमारे साधु समाज में भी विकृति आ गई है। एक लकीर खींच दी गई है। सब अखाड़ों को पत्र लिखकर पूछेंगे कि वह किसके साथ हैं। उनकी सेना में सन्यासी, बैरागी, उदासीन होंगे। और गृहस्थ होंगे। हमारी सेना में आने वाले सभी का पहले पुलिस सत्यापन कराएंगे। हरदम उस पर नजर रखेंगे। यदि उसके ऊपर किसी ने आरोप लगाया है तो उसका केस हम लड़ेंगे। कुछ साधु संत घर (संसार) छोड़कर चले गए। संप्रदायों का वस्त्र धारण करने के बाद प्रोफेसर, सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री बन रहे हैं। यह नहीं चलेगा। हमारे गेरुआ वस्त्र उतारकर रख दो। सनातन धर्म जीवन में मनमानी की अनुमति नहीं देता। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, लखनऊ मध्य से विधायक रविदास मेहरोत्रा, पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, संत समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।  

राष्ट्रीय पार्टी बनने की राह पर सपा! असम चुनाव में उम्मीदवार उतारने की तैयारी में अखिलेश यादव

लखनऊ लोकसभा चुनाव 2024 में जबरदस्‍त सफलता हासिल करने के बाद समाजवादी पार्टी ने राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लक्ष्‍य पर नजर गड़ा दी है। इस रणनीति के तहत पार्टी पहली बार असम विधानसभा चुनाव में हिस्‍सा लेने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है सपा पांच से 10 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार उतार सकती है। जल्‍द ही इसका आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। असम में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। बताया जा रहा है कि सपा असम के मुस्लिम बहुल इलाकों में अपने प्रत्‍याशी उतारेगी। सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव भी वहां चुनाव प्रचार करने जा सकते हैं। महाराष्‍ट्र में दो और गुजरात में 1 सपा विधायक यूपी के बाहर की बात करें तो सपा के महाराष्‍ट्र में दो विधायक और गुजरात में एक विधायक हैं। यह राष्‍टीय पार्टी के मानक से काफी कम है। दरअसल, राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए लोकसभा या विधानसभा चुनावों में न्‍यूनतम चार राज्‍यों में कुल वैध वोटों का कम से कम 6 प्रतिशत होना जरूरी है। साथ ही लोकसभा में कम से कम चार सीटें होना चाहिए या लोकसभा चुनावों में कम से कम तीन अलग राज्‍यों से कुल सीटों का 2 प्रतिशत यानी 11 सीटें जीती हों। देखा जाए तो सपा के पास लोकसभा में इससे कहीं ज्‍यादा सीटें हैं पर वह एक ही राज्‍य उत्‍तर प्रदेश में है। इसलिए वह राष्‍ट्रीय पार्टी के मानकों को पूरा नहीं करती। यूपी में सपा के 37 सांसद गौरतलब है कि 2024 में सपा ने लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। सीटों के लिहाज से सपा बीजेपी और कांग्रेस के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। उसके पास 37 सांसद हैं। सपा ने बीजेपी के गढ़ माने जाने वाली कई सीटों पर अपना परचम लहराया था। इसमें अयोध्‍या उल्‍लेखनीय है। असम में इसी साल होने हैं विधानसभा चुनाव राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्‍त करने के लिए समाजवादी पार्टी की नजर असम विधानसभा चुनावों पर है। असम में इसी साल तक चुनाव होने हैं। सपा अपने परंपरागत मुस्लिम वोटों पर नजर गड़ाए हुए हैं। इसी रणनीति के तहत सपा असम के मुस्लिम बहुल इलाकों में ही प्रत्‍याशी खड़ा करने की योजना बनाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सपा 5 से 10 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार खड़े कर सकती है।

सपा को मिला बड़ा सियासी बल, रोहित पांडेय व पूर्व DIG की एंट्री; अखिलेश का BJP पर हमला

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हर राजनीतिक दल ने अपनी सियासी गोटियां सेट करनी शुरू कर दी हैं। प्रदेश में सियासी हलचलें काफी तेज हो गई हैं। इस बीच शनिवार को संतकबीरनगर सीट से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रोहित कुमार पांडे ने सैकड़ों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में सपा मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रोहित के साथ-साथ पूर्व डीआईजी राम शरद राम, डीएनएनएस यादव, अंकित सिंह और पूर्व पुलिस अधिकारी राजीव गुप्ता को भी पार्टी में शामिल कराया। इस मौके पर उन्होंने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने एलपीजी के बढ़े दामों और भारी टैक्स को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘जब जाएंगे भाजपाई, तभी हटेगी महंगाई।’ सपा मुखिया ने कहा कि सरकार टैक्स लगा कर महंगाई बढाती जा रही है। सिलेंडर पर सीधे 60 रुपये बढ़ा दिया गया। उन्होंने कहा कि याद रखना होगा कि महंगाई एक बार बढ़ने के बाद कम नहीं होती है। अखिलेश ने कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकार है वहां-वहां लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कानपुर की एक घटना का हवाला देते हुए सपा मुखिया ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग के लोग ही अपराधियों को जानकारी लीक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस वालों की कॉल डिटेल निकली तो पता चला कि वे अपराधियों से मिले हुए हैं। गांजे की तस्करी में भी पुलिस की संलिप्तता है। उन्होंने सवाल उठाया किक आखिर भारी मात्रा में पकड़ा जाने वाला गांजा जाता कहां है? उत्तर प्रदेश में 2012 से 2017 तक रही समाजवादी पार्टी की सरकार की उपलब्धियों गिनाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी सरकार में एक्सप्रेसवे, लैपटॉप वितरण, रिवर फ्रंट और थर्मल प्लांट जैसे तमाम बड़े काम हुए। सीएम योगी की विदेश यात्रा पर निशाना साधते हुए अखिलेश याव ने कहा, ‘ये पहले ऐसे सीएम हैं जो अपनी विदाई से पहले घूमने निकल गए।’ उन्होंने भाजपा द्वारा लॉन्च किए गए एक गाने पर आपत्ति जताई और कहा कि हम इस पर एफआईआर करवाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें पता है कि कोई पकड़ा नहीं जाएगा क्योंकि इसमें बीजेपी के लोग ही शामिल हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में बेरोजगार की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में फंसे लोगों को सरकार को जिम्मेदारी से वापस लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से आज हमारी विदेश नीति विदेशों में तय होती है। रूस को भारत का पुराना मित्र बताते हुए उन्होंने कहा कि सस्ता मिले तो रूस से और तेल लेना चाहिए। अखिलेश यादव ने फॉम-7 को लेकर चुनाव आयोग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चुनाव आयोग झूठा है। वो झूठ बोल रहा है कि फार्म-7 नहीं भरवाए गए। कौन हैं रोहित पांडे? रोहित कुमार पांडे पूर्व में लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। सपाइयों का कहना है कि उनके पार्टी ज्वाइन करने से संगठन को जमीनी स्तर पर बड़ी मजबूती मिलेगी।

योगी के विदेशी दौरे पर सियासत गरम, अखिलेश बोले—100 विधायक लाओ और मुख्यमंत्री बन जाओ!

लखनऊ अखिलेश यादव ने कहा कि यदि कोई अपने साथ 100 विधायक तोड़कर लाता है तो विपक्ष उसे मुख्यमंत्री बनने में पूरा सहयोग और समर्थन करेगा। उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएम बनने की इच्छा दोनों की है। जो भी 100 विधायक लाएगा वो सीएम बनने का मौका पाएगा। जो नहीं लाएगा वो क्या पाएगा? उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल धीरे-धीरे गरमाने लगा है। रविवार को जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेंस की। सपा प्रमुख ने इसमें रविवार से शुरू हो रही सीएम योगी की विदेश यात्रा (सिंगापुर और जापान) पर तंज कसा और दोनों डिप्टी सीएम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएम तो बाहर जा रहे हैं, पीछे से हम ऑफर देते हैं कि 100 विधायक लेकर आएं और यूपी के सीएम बन जाएं। यह ऑफर दोहराते हुए उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम का जिक्र करते हुए उन्होंने दोहराया कि जो 100 विधायक लाएगा वो सीएम बन जाएगा। उन्होंने इस ऑफर की वैलिडिटी भी बताई। कहा कि एक हफ्ते तक के लिए यह ऑफर है। बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसके पहले भी इस तरह का खुला ऑफर दिया था। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपने साथ 100 विधायक तोड़कर लाता है तो विपक्ष उसे सीएम बनाने में पूरा सहयोग और समर्थन करेगा। उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएम बनने की इच्छा दोनों की है। जो भी 100 विधायक लाएगा वो सीएम बनने का मौका पाएगा। जो नहीं लाएगा वो क्या पाएगा? बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार की शाम को सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे पर रवाना हो रहे हैं। इस यात्रा उद्देश्य यूपी को भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है। यात्रा के दौरान सीएम योगी वैश्विक दिग्गज कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। इस दौरान उनकी कई कंपनियों के साथ चर्चा होगी। प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने कई और मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे पीड़ा बढ़ रही है, वैसे-वैसे पीडीए परिवार भी बढ़ रहा है। सीएम योगी की विदेश यात्रा पर एक और तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि किसी चापलूस अधिकारी की सलाह पर वो वहां जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जापान जाकर उन्हें अफसोस होगा कि दस साल में उन्होंने क्या नहीं किया। सपा प्रमुख ने भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पानी की टंकियां अब भ्रष्टाचार का भार नहीं सह पा रही हैं। एक लाख करोड़ की बुलेट ट्रेन अब दो लाख करोड़ में बन रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भले ही उनकी सुरक्षा हटा ली जाए लेकिन वह सरकार को हटाकर ही मानेंगे।  

शंकराचार्य मुद्दे पर सियासी घमासान, अखिलेश ने योगी सरकार को घेरा

लखनऊ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा सीएम योगी को लेकर दिए गए बयान से मैं सहमत हूं। राजधानी लखनऊ में पार्टी ऑफिस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कोई मुख्यमंत्री, जो अपने आप को योगी कह रहे हों, पूजनीय शंकराचार्य को लेकर ऐसा कह सकते हैं क्या? इतना व्यवहार खराब हो सकता है? अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि हम शंकराचार्य से 100 प्रतिशत सहमत हैं। रविवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सिद्दीकी को सपा की सदस्यता ग्रहण कराई। उनके साथ उनकी पत्नी और 7 अन्य नेताओं ने भी रविवार को समाजवादी पार्टी का दामन थामा। नसीमुद्दीन सिद्दीकी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। मायावती का साथ छोड़ने के बाद उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की थी। पिछले महीने उन्होंने कांग्रेस से भी इस्तीफा दे दिया था। सिद्दीकी ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अलग-अलग दलों में रहते हुए भी हमेशा मुलायम सिंह यादव से प्रभावित रहा। इसी तरह मैंने हमेशा अखिलेश यादव को ही अपना नेता माना। पिछले महीने, नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस्तीफा भेजकर पार्टी छोड़ने का कारण व्यक्तिगत बताया था। अपने लिखित इस्तीफा पत्र में सिद्दीकी ने कहा कि वे 'अपरिहार्य कारणों' से अपनी प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों का त्याग कर रहे हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बसपा से की और मायावती सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला।

यूपी SIR बना सियासी संग्राम: अखिलेश बोले– पहले फार्म-7 खारिज करो, फिर बात करो

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी एसआईआर को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने मांग की कि अब तक जमा किए गए सभी फार्म-7 निरस्त किए जाएं। फार्म-7 पर आयोग का होलोग्राम लगाया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि फार्म-7 को लेकर पूरे प्रदेश से खबर आ रही है। भाजपा बड़े पैमाने पर धांधली कर रही है। समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत की है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में एक करोड़ 99 हजार 710 वोट काटने की तैयारी है। मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में सपा मुखिया ने आरोप लगाया कि सबसे पहले सीतापुर में ये खेल हुआ है। वहां जांच में पता चला कि जिसने शिकायत की है वो लिख भी नहीं सकता है। वह अंगूठा लगाता है जबकि शिकायत पर उसके हस्ताक्षर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा से मिलकर लाखों की संख्या में फार्म-7 छपवाए हैं। टारगेट करके पीडीए खासकर मुस्लिम समाज के लोगों के वोट काटे जा रहे हैं। इस आईएएस का नाम बाद में बताऊंगा उन्होंने आरोप लगाया कि आईएएस अफसर सीएम ऑफिस में बैठकर बीएलओ को धमका रहे हैं। उनके नाम की घोषणा मैं बाद में करूंगा। अखिलेश ने कहा कि मुझे लग रहा है कि मुझे लग रहा है कि वन नेशन वन इलेक्शन की तरफ जा रहे हैं और न जानें कहां जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि मतदाता को वोटल लिस्ट नहीं दिखाई जा रही है। मतदाता पूछते हैं तो उन्हें पंचायत चुनाव की लिस्ट दिखा दी जा रही है। इस दौरान पूर्व मंत्री योगेश ने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 6321 वोट काटने की तैयारी है। फार्म भरकर भेज दिए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में फार्म भरकर भेज दिए गए हैं। सुल्तानपुर में तो मुस्लिम महिला बीएलओ का ही नाम काट दिया गया। छपे-छपाए फार्म पर इपिक नंबर और डिटेल भरकर विधानसभावार भेजा जा रहा है। भाजपा हर विधानसभा में 10 हजार वोट कटवाना चाहती है। सदर सुल्तानपुर और कन्नौज में भी इसी तरह वोट काटा जा रहा है। लखनऊ सरोजनीनगर में 100 से अधिक फार्म पर दशरथ ने हस्ताक्षर कर जमा किए हैं। उन्होंने कहा कि नियम कहता है कि कोई गलत फार्म जमा करता है तो लोक अधिनियम के तहत एफआईआर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीडीए प्रहरी से अपील है कि एक भी वोट करने न पाए।