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अखिलेश यादव की सपा प्रवक्ताओं को सलाह- बिना तैयारी डिबेट में न जाएं, सोशल मीडिया पर संभलकर बोलें

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं की शनिवार को बैठक करीब दो घंटे तक चली. इस बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय और राजकुमार भाटी भी मौजूद रहे. बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं को कई अहम नसीहतें दीं।  जानकारी के मुताबिक, अखिलेश यादव ने कहा कि बिना तैयारी के डिबेट में जाना हास्यास्पद हो जाता है. धर्म और जाति के मुद्दों, जिनसे किसी की भावना आहत हो उनसे बचना है. अखिलेश ने कहा कि बिना तैयारी के नहीं बोलना है।  साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर मुद्दे पर बोलने से ज्यादा महत्वपूर्ण चुप रहना होता है, क्योंकि कई बार चुप रहकर भी बड़ा संदेश दिया जा सकता है।  10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती-बिगड़ती: अखिलेश यादव अखिलेश यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है. आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है।  आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है. अखिलेश ने कहा है कि बिना तैयारी के डिबेट में न जाएं. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं की शनिवार को बैठक करीब दो घंटे तक चली. इस बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय और राजकुमार भाटी भी मौजूद रहे।  बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं को कई अहम नसीहतें दीं. ने कहा कि बिना तैयारी के डिबेट में जाना हास्यास्पद हो जाता है. धर्म और जाति के मुद्दों, जिनसे किसी की भावना आहत हो उनसे बचना है. अखिलेश ने कहा कि बिना तैयारी के नहीं बोलना है।  साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर मुद्दे पर बोलने से ज्यादा महत्वपूर्ण चुप रहना होता है, क्योंकि कई बार चुप रहकर भी बड़ा संदेश दिया जा सकता है. रायबरेली से अखिलेश यादव ने शुरू की रथ यात्रा, कांग्रेस और सपा में ठनी! अखिलेश की 'रथयात्रा' पर भड़की कांग्रेस, अजय राय ने दी ये चुनौतीअखिलेश यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है।  आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है. यादव ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता गंभीरता से पार्टी का पक्ष रखें. हर मुद्दे पर जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही बयान दें या डिबेट में शामिल हों. इस बीच सपा प्रमुख ने कुछ दिन पहले रायबरेली में कहा था कि हर तरफ पीडीए की हवा चल रही है और यह चुनाव बीजेपी बनाम पीडीए है।  इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा. बता दें, अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी 'पीडीए रथयात्रा' की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, जबकि BJP नकारात्मक राजनीति करती है. अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है कि पीडीए के आंदोलन से बुलडोजर चलाने वाले बचने वाले नहीं हैं।  यादव ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता गंभीरता से पार्टी का पक्ष रखें. हर मुद्दे पर जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही बयान दें या डिबेट में शामिल हों।  इस बीच सपा प्रमुख ने कुछ दिन पहले रायबरेली में कहा था कि हर तरफ पीडीए की हवा चल रही है और यह चुनाव बीजेपी बनाम पीडीए है. इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा. बता दें, अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी 'पीडीए रथयात्रा' की शुरुआत की।  उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, जबकि BJP नकारात्मक राजनीति करती है. अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है कि पीडीए के आंदोलन से बुलडोजर चलाने वाले बचने वाले नहीं हैं. इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा और हमेशा के लिए डिमॉलिश कर देगा। 

रस्सी जल गई, अकड़ नहीं गई… अखिलेश यादव पर बीजेपी प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह का तीखा वार

लखनऊ। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने संत कबीर नगर में गणेशोत्सव के दौरान मूर्ति विसर्जन की घटना से लेकर रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज विवाद, किसान कल्याण और संवैधानिक संस्थाओं के मुद्दे पर सपा पर तीखा हमला बोला। संत कबीर नगर की घटना पर सपा सांसद को घेरा संत कबीर नगर में गणेशोत्सव की मूर्ति विसर्जन की घटना को लेकर दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहे लोगों के बीच सपा सांसद ने अपने सांसद होने का रुतबा दिखाते हुए समाजवादी पार्टी के चिर-परिचित गुंडई अंदाज में निषाद समाज और सनातन पर टिप्पणी की, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सपा सांसद के बयान को लेकर वहां के लोगों में काफी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज सनातन को मानता है, विघ्नहर्ता भगवान गणेश और भगवान राम को मानता है। अगर कोई सनातन पर टिप्पणी करेगा तो निश्चित तौर पर समाज उसकी प्रतिक्रिया देने को तैयार है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण सपा सांसद को वहां से भागना पड़ा। रस्सी जल गई, लेकिन अकड़ नहीं गई रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज में सपा-ABVP विवाद को लेकर भी दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 2017 से लगातार हार का स्वाद चख रही है, लेकिन ‘रस्सी जल गई, फिर भी अकड़ नहीं गई। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े माफिया मिट्टी में मिल गए, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की अकड़ अभी भी बरकरार है। इसका परिणाम रायबरेली में देखने को मिला, जहां सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं की ओर से यह तक कहा गया कि नाम लिखकर रखेंगे और कहीं भी रहेंगे, देख लेंगे। ‘अखिलेश मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना बंद करें’ दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने’ देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता 2017 से उन्हें लगातार देख रही है और 2027 में जब ईवीएम उनके सामने होगी तो जनता बटन दबाकर अपना फैसला सुना देगी। बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी ‘नील बटा सन्नाटा’ होकर रह जाएगी और हकीकत में उसका कहीं अस्तित्व नहीं रहेगा। किसान कल्याण को लेकर भी सपा पर हमला किसान कल्याण के मुद्दे पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय से बिजली, सिंचाई की मुफ्त व्यवस्था, खाद और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही किसानों को समय से एमएसपी और गन्ना किसानों को समय से भुगतान किया जा रहा है। बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की सरकार में किसानों को सालों-साल भुगतान नहीं मिलता था, बल्कि गुंडई और वसूली होती थी। उन्होंने कहा कि आज योगी आदित्यनाथ की सरकार में गन्ना किसानों का भुगतान 15 दिन में हो रहा है। उनके मुताबिक केंद्र में नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार ने यह करके दिखाया है और किसानों की आय दोगुनी करने का जो वादा किया गया था, उसे पूरा किया गया है। संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विपक्ष के दृष्टिकोण पर भी दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और ‘इंडी’ अलायंस लाल-काली किताबें लेकर घूमते हैं और संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन जब अवसर आता है तो संविधान को तार-तार करने का काम करते हैं। उन्होंने राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें न भारत के संविधान पर भरोसा है, न राष्ट्रगीत पर और न ही किसी संवैधानिक संस्था पर। यहां तक कि उन्हें चुनाव आयोग पर भी भरोसा नहीं है। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब जनता का चुनावी फैसला इनके पक्ष में होता है तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन जब फैसला इनके खिलाफ आता है तो सब गड़बड़ बताया जाता है। AI वीडियो बनाकर भी सनातन को बदनाम नहीं कर पाएंगे दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया और AI वीडियो को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चाहे जितनी कोशिश कर लें, X पर जितनी पोस्ट कर लें, प्रेस बुलाकर कितनी भी बातें कर लें या अपने कार्यालय में बैठकर सनातन को बदनाम करने के लिए कितने भी AI वीडियो बनवा लें, जनता सब देख रही है। उन्होंने कहा कि जब जनता को 2017 से पहले का उत्तर प्रदेश और समाजवादी पार्टी का कुशासन याद आता है तो वह सिहर उठती है।

‘AC में बैठकर वोट नहीं मिलेंगे, जमीन पर आइए, किसान लट्ठ लेकर तैयार है’: अखिलेश पर रालोद का हमला

सहारनपुर के बाद बुलंदशहर में भी सपा को रद्द करनी पड़ी रैली, रालोद का दावा – 36 कौम के विरोध का असर 'AC में बैठकर वोट नहीं मिलेंगे, जमीन पर आइए, किसान लट्ठ लेकर तैयार है': अखिलेश पर रालोद का हमला पश्चिमी यूपी में अखिलेश की दो रैलियां रद्द, RLD बोली- 'समझ में आ गया होगा कि चौधरी कौन है?' लखनऊ  समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले बयान को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सपा के साथ चल रही जुबानी जंग के बीच अब राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने अखिलेश यादव के प्रस्तावित बुलंदशहर दौरे के रद्द होने पर निशाना साधा है। रालोद प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने दावा किया कि पश्चिम यूपी में 36 बिरादरी के विरोध के चलते सपा को पहले सहारनपुर और अब बुलंदशहर की रैली रद्द करनी पड़ी। दरअसल अखिलेश यादव का 11 सितंबर को बुलंदशहर दौरा प्रस्तावित था, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। इससे पहले उनका सहारनपुर दौरा भी रद्द हुआ था। इन दोनों घटनाओं को लेकर रालोद ने सपा पर हमला तेज कर दिया है। रोहित अग्रवाल ने वीडियो जारी कर कहा कि अब अखिलेश यादव को समझ में आ गया होगा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ‘चौधरी’ कौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने उस चौधरी परिवार का अपमान करने का प्रयास किया, जिसने उनके (अखिलेश के) परिवार को राजनीति की ‘ABCD’ सिखाने का काम किया। रालोद प्रवक्ता ने कहा कि समाज को बांटने की राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एसी कमरों में बैठकर बड़ी-बड़ी बातें करना आसान है, लेकिन चुनाव के समय जनता के बीच जाना पड़ता है। अग्रवाल ने दावा किया कि पश्चिमी यूपी का किसान लट्ठ लेकर अपने मान-सम्मान का हिसाब मांगने के लिए तैयार है। 2027 के चुनाव में जनता देगी जवाब रोहित अग्रवाल ने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि सपा को वोट मांगने के लिए जमीन पर उतरना पड़ेगा। ऑडिटोरियम में बैठकर चुनाव नहीं जीता जा सकता। रालोद प्रवक्ता ने दावा किया कि जाट समाज और चौधरी परिवार के अपमान पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता अखिलेश यादव को चुनाव में जवाब देगी। अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक-एक सीट के लिए तरस जाएगी और उसका खाता तक नहीं खुलेगा। अखिलेश यादव के किस बयान पर मचा है बवाल? समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीते 17 अगस्त को लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान बिना नाम लिए राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) प्रमुख जयंत चौधरी पर तंज कसा था। इसमें उन्होंने कहा था कि गठबंधन में न जाने कहां-कहां से लोग आ गए थे, जिन्हें उन्होंने "चवन्नी से रुपया बना दिया था", लेकिन वे फिर भी साथ छोड़कर चले गए। सपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान से भी बढ़ी तल्खी अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने भी मुजफ्फरनगर में बयान दिया कि सपा ने चवन्नी को रुपया बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को राजनीति की एबीसीडी तक नहीं आती थी, उन्हें समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक मंच दिया और आगे बढ़ाने का काम किया। इस बयानबाजी पर राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी चौधरी चरण सिंह के परिवार और जाट समाज के स्वाभिमान को ठेस पहुंचा रही है।

सपा सरकार में बाबू जगदेव कुशवाहा की प्रतिमा लगेगी, अखिलेश यादव का बड़ा वादा

  लखनऊ   समाजवादी पार्टी, प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में आज बिहार के समाजवादी नेता श्रद्धेय बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा के शहादत दिवस पर कुशवाहा, शाक्य, मौर्य, सैनी समाज का सम्मेलन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहीद बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।     इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई बहुत पुरानी है। भाजपा सामाजिक न्याय विरोधी है। नकारात्मक राजनीति करती है। विपक्ष पर झूठे आरोप लगाती है। बदनाम करती है। भाजपा बाबा साहब का संविधान और कानून नहीं मानती है। बाबा साहब का संविधान बचाने और सामाजिक न्याय के लिए पीडीए सरकार बनाना जरूरी है। भाजपा के खिलाफ पीडीए ही विकल्प है। पीडीए की लड़ाई बड़ी है। पीडीए की एकजुटता से भाजपा घबराई है। तरह-तरह का षड्यंत्र कर रही है। भाजपा गरीबों, कमजोरों पर अन्याय कर रही है। उसका एजेण्डा नफरत फैलाना है। उन्होंने कहा कि सच्चा सनातनी कभी दूसरे से नफरत नहीं करता है और दूसरे के साथ अन्याय नहीं करता है।     अखिलेश यादव ने कहा कि आज कार्यक्रम में सामाजिक न्याय की लड़ाई को लड़ने वाले बड़ी संख्या में लोग मौजूद है। सभी ने पीडीए समाज को और जोड़ने तथा पीडीए आंदोलन को और मजबूत करने का संकल्प लिया। सबने मिलकर पीडीए सरकार बनाने और सामाजिक न्याय के राज की स्थापना का संकल्प लिया है जिससे सबको हक और सम्मान मिले। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती पर छुट्टी घोषित की जाएगी और सपा सरकार में लखनऊ के सबसे महत्वपूर्ण स्थान गोमती रिवर फ्रंट पर बाबू जगदेव कुशवाहा की प्रतिमा लगाकर स्मारक बनाया जाएगा। यादव ने कहा कि श्रद्धेय बाबू जगदेव कुशवाहा ने अपना पूरा जीवन वंचित, शोषित तबके को न्याय दिलाने और सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने में लगा दिया।     अखिलेष यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में प्रदेश में भगवान बुद्ध से जुड़े स्थानों कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर, सारनाथ, सोनभद्र और अन्य में विश्वस्तीय इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित कर दुनिया से जोड़ने और सुविधाएं देने का काम होगा।     अखिलेश यादव ने जातीय जनगणना कराने की मांग करते हुए कहा कि कुशवाहा, शाक्य, मौर्या, सैनी समाज के लोग आबादी में ज्यादा हैं लेकिन संख्या कम बताई जाती है। इनकी गिनती होनी चाहिए। आबादी के हिसाब से हक और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा, जो लोग सुरंग में रहकर आरक्षण के खिलाफ साजिश कर रहे हैं, उनकी सुरंगवादी सोच को नहीं चलने दिया जाएगा।     समारोह की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने की। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी, सांसद बाबू सिंह कुशवाहा, नीरज मौर्य एवं देवेश शाक्य, विधायक ऊषा मौर्य, राम अवतार सैनी, पूर्व एमएलसी लीलावती कुशवाहा, कार्यक्रम संयोजक जयपाल सैनी, कार्यक्रम संचालक अवनीश कुशवाहा पूर्व विधायक, जगदीश कुशवाहा पूर्व सांसद, आलोक शाक्य, प्रवक्ता राज कुमार भाटी, डॉ. नवल किशोर शाक्य आदि ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभाग किया। प्रदेश अध्यक्ष छात्र सभा विनीत कुशवाहा, आरएस कुशवाहा, दीनानाथ कुशवाहा, अमरनाथ मौर्य, वैभव सैनी प्रदेश उपाध्यक्ष छात्र सभा शामिल रहे।        

दुखद खबर: अखिलेश यादव के भाई प्रतीक नहीं रहे, अस्पताल में इलाज के दौरान निधन

लखनऊ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के परिवार से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव (38) का लखनऊ में निधन हो गया है. प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के छोटे बेटे थे. वे अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे।  प्रतीक यादव को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. वे बीजेपी लीडर अपर्णा यादव के पति थे. हालांकि, पिछले दिनों पति-पत्नी के बीच विवाद की भी खबरें आई थीं. हालांकि, मौजूदा वक्त में वे परिवार के साथ ही रह रहे थे लेकिन कहा जा रहा है कि पारिवारिक कलह जारी थी।  बीते कुछ दिनों से उनकी तबियत खराब थी और इलाज चल रहा था. आज यानी बुधवार को सुबह उन्हें हॉस्पिटल लाया गया और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रतीक यादव के निधन की खबर मिलते ही यादव परिवार और समाजवादी पार्टी के समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है।  अपर्णा यादव के पति थे प्रतीक प्रतीक यादव, बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति थे और राजनीतिक तौर पर लो-प्रोफाइल रहते हुए बिजनेस और फिटनेस सेक्टर से जुड़े थे. फिलहाल इस खबर को लेकर परिवार की ओर से कोई औपचारिक पुष्टि सामने नहीं आई है. मौत के कारणों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है और विस्तृत जानकारी का इंतज़ार किया जा रहा है।  शरीर पर चोट के कोई निशान हीं फिलहाल पुलिस मामले को गंभीरता से देख रही है. शव का पंचनामा किया जा रहा है और कुछ ही देर में डॉक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा. सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव के शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे मामला और रहस्यमय हो गया है।  फेफड़ों की समस्या से परेशान थे प्रतीक अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी. जानकारी के मुताबिक प्रतीक लंबे वक्त से फेफड़ों की समस्या से परेशान थे. उनके लंग्स में क्लॉट था, जिसका इलाज मेदांता में चल रहा था. सुबह जब उनकी तबीयत बिगड़ी तो वो रिएक्ट नहीं कर रहे थे. तभी तुरंत परिजन सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे।  KGMU में होगा पोस्टमार्टम प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों का पैनल करेगा, ताकि मौत की वजह साफ हो सके. बता दें कि 38 वर्षीय प्रतीक, मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना यादव के बेटे थे।  – समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पोस्टमार्टम हाउस से निकलने के बाद प्रतीक यादव को लेकर एक भावुक बयान दिया. अखिलेश यादव ने कहा कि प्रतीक अपने स्वास्थ्य के प्रति काफी जागरूक था और हमेशा अपने बिजनेस में व्यस्त रहता था. उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले उनकी प्रतीक यादव से मुलाकात हुई थी, जिस दौरान उन्होंने प्रतीक को अपने काम पर ध्यान देने की सलाह दी थी।  – अखिलेश यादव ने प्रतीक यादव को एक 'बहुत अच्छा लड़का' बताते हुए कहा कि वह परिवार के लिए हमेशा समर्पित रहा. बिजनेस के उतार-चढ़ाव पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कई बार व्यापार में नुकसान होने पर व्यक्ति मानसिक रूप से प्रभावित हो जाता है।  – अखिलेश ने यादव परिवार की एकजुटता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पूरा परिवार इस वक्त दुख में एक साथ खड़ा है. भविष्य की कार्रवाई के बारे में बात करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि परिवार जो भी फैसला करेगा, उसी के मुताबिक कानूनी रास्ते पर आगे बढ़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि जो भी परिवार कहेगा, उस पर ही आगे की प्रक्रिया और जांच की जाएगी।  – प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम लखनऊ में KGMU के डॉक्टरों का पैनल कर रहा है. जानकारी के मुताबिक, पोस्टमार्टम के लिए KGMU की डॉ. मौसमी और डॉ. शिवली के नाम तय किए गए हैं, जबकि एक सीनियर डॉक्टर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे. पोस्टमार्टम से पहले वीडियोग्राफी की औपचारिक कार्रवाई पूरी कर ली गई है. अब कुछ ही देर में पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू की जाएगी. पूरे मामले को देखते हुए पोस्टमार्टम हाउस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।  क्यों हुई मौत? किस बीमारी की वजह से उनकी मौत हुई है यह पता नहीं चला है. कुछ वक्त पहले वे मेदांता में भर्ती किए गए थे. इस दौरान अपर्णा यादव और अखिलेश यादव मिलने भी पहुंचे थे. हालत स्थिर होने के बाद उन्हें वापस घर लाया गया था।  जिम करना, कई तरह की दवाइयां लेने जैसी बातें उन्हें लेकर कही जा रही थी. वे कुछ दिनों से पूरी तरह से स्वस्थ नहीं दिखाई दे रहे थे. लेकिन बीमारी जानलेवा हो सकती है, इसका अंदाजा किसी को नहीं था।  प्रतीक यादव का शव अस्पताल में रखा हुआ है. मौके पर परिवार को लोग पहुंचे हैं।  जिम का बिजनेस अपने परिवार की राजनीतिक बैकग्राउंड से दूर, प्रतीक यादव रियल एस्टेट और फिटनेस एंटरप्रेन्योरशिप के सेक्टर में काम करते थे. उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के लंदन स्थित लीड्स यूनिवर्सिटी से MBA किया था।  प्रतीक यादव फिटनेस फ्रीक थे. लखनऊ में उनके जिम का बिजनेस भी है. उन्हें जिम करने और फिट रहने का बहुत ज्यादा शौक था।  प्रतीक ने अब तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ा और न ही पार्टी में कोई बड़ा पद संभाला था. वे आम तौर पर सक्रिय राजनीति से दूर ही रहे. साल 2017 में दिए गए एक इंटरव्यू में यादव ने कहा था कि वह जब तक संभव हो सकेगा, राजनीति से दूर रहेंगे और अपने कारोबार पर ध्यान देंगे. हालांकि, पार्टी के अंदरूनी हलकों से कभी-कभार उनके चुनाव लड़ने की मांग उठती रही, लेकिन उन्होंने कभी भी सियासत में अपना करियर बनाने के बारे में नहीं सोचा। 

अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा, महिला सुरक्षा और आरक्षण पर उठाए सवाल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आ रहे हैं। गाजीपुर दौरे से पहले इस कांड को लेकर उन्होंने यूपी का सियासी पारा चढ़ा दिया है। सोमवार को लखनऊ में बुलाई एक प्रेस कांफ्रेंस में सपा मुखिया ने गाजीपुर कांड के पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया। इसी प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल टॉपर कशिश और इंटरमीडिएट टॉपर अंशिका वर्मा को आईपैड देकर सम्मानित भी किया। अखिलेश यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल सीमा राजभर और रामआश्रय विश्वकर्मा के नेतृत्व में गाजीपुर जाएगा। अखिलेश ने सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर द्वारा सपा पर गाजीपुर में माहौल खराब करने का आरोप लगाए जाने पर कहा कि उनका जवाब सीमा राजभर देंगी। अखिलेश ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को कहीं भी मौका मिल जाए तो सपाइयों पर गंभीर धाराएं लगाती है। असली पत्थरबाजों को तो छोड़ दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की इमेज खराब करने वालों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। अखिलेश ने कहा कि हिन्दुस्तानियत के खिलाफ पैदा हुए खतरे से एकजुट होकर लड़ेंगे। पीडीए को सम्मान दिलाने में पीढ़ियां लग जाएं तब भी दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि वह एकतंत्री लोगों और संविधान न मानने वालों से लड़ेंगे। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि पीडीए को उसका हक मिले। विजन इंडिया के तहत गाजियाबाद में किसानों को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने सपा की सरकार बनी तो यूपी में किसानों को 24 घंटे के अंदर भुगतान होगा। 15 हजार करोड़ का कार्पस फंड बनेगा। बुनकरों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। गाजीपुर कांड पर भाजपा को घेरा अखिलेश यादव ने गाजीपुर कांड पर भाजपा की घेराबंदी करते हुए कहा कि इस कांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदली गई। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि यूपी में महिलाओं-बेटियों के खिलाफ घटनाएं बढ़ी हैं। महिला सुरक्षा के सारे दावे फेल हुए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा से निवेदन है कि आग लगाना बंद करे। भाजपा की महिलाएं कह रही हैं कि जो आरक्षण देना है वो क्यों नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने भाजपा पर महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं को राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण देने के मामले पर उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने का बिल तो संसद में कबका पास हो चुका है। सरकार को तत्काल इसे लागू कर देना चाहिए लेकिन मोदी सरकार खुद महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती है। स्वास्थ्य सेवाओं और डीजल-पेट्रोल-खाद का मुद्दा उठाया अखिलेश यादव ने यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक भाजपा सरकार नहीं हटेगी सुधार नहीं होगा। उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव खत्म होते ही सरकार डीजल-पेट्रोल और खाद के दाम बढ़ाएगी। एएमयू की तारीफ की इस मौके पर अखिलेश यादव ने एमपी यादव की पुस्तक अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि एएमयू से बेहतरीन छात्र निकले हैं और वे आज पूरी दुनिया में हैं।

सपा सरकार का वादा: अखिलेश यादव ने कहा- 300 यूनिट बिजली फ्री और महिलाओं को 40 हजार पेंशन

 लखनऊ सपा मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में बुंदेलखंड और अन्य जिलों से आए कार्यकर्ताओं के बीच भविष्य की योजनाओं का खुलासा किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार आने पर उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी. इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाते हुए उन्होंने सालाना 40 हजार रुपये पेंशन देने का वादा भी किया. अखिलेश यादव ने वर्तमान सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए स्मार्ट मीटर और बढ़ती महंगाई को मुख्य मुद्दा बनाया, जिससे आम जनता त्रस्त है।  स्मार्ट मीटर और बिजली बिल पर साधा निशाना अखिलेश यादव ने बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है और बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है।  सपा मुखिया ने दावा किया कि बिजली कंपनियों से एडवांस कमीशन लेने के कारण आम लोगों से अधिक वसूली की जा रही है, जिससे जनता में भारी गुस्सा है।  खाद की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रहार पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने खाद की कमी और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा भी उठाया. अखिलेश ने कहा कि प्रदेश की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रही है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होने की अपील की ताकि 2027 में बदलाव लाया जा सके और समाजवादी नीतियों के जरिए महंगाई व भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके। 

अखिलेश यादव की चाय वाली दुकान पर रेड! खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद शटर डाउन

फतेपुर यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन सियासत अभी से तेज हो गई है। दो महीने पहले जिस दुकान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चाय पी थी, अब वहां खाद्य विभाग ने छापा मारा है। दुकानदार का आरोप है कि जब से सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उसके यहां चाय पी है तभी से उन्हें परेशान किया जा रहा है। कभी दबंग गाली-गलौज करके मारपीट करते हैं तो भी अधिकारी आए दिन आकर परेशान करते हैं और कई तरह के सवाल-जवाब करते हैं। दुकानदार ने अब चाय की दुकान को बंद कर दिया है। वजह कुछ भी हो लेकिन चाय की दुकान पर खाद्य विभाग की छापेमारी से सियासत गर्माने लगी है। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के चौकी चौराहे स्थित एक चाय दुकान पर खाद्य विभाग ने छापेमारी की है। यह वही दुकान है जिसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीती 20 फरवरी को चाय पी थी। दुकानदार का आरोप है कि जब से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनकी दुकान में चाय पी है। उसके बाद से उनके साथ चीजें ठीक नहीं हो रही है। 15 अप्रैल को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चौकी चौराहा स्थित शेषमणी यादव की चाय दुकान पर पहुंचकर निरीक्षण किया और चाय पत्ती का नमूना जांच के लिए भेज दिया। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई कि सपा प्रमुख को चाय पिलाने के चलते दुकानदार को निशाना बनाया गया है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। अफसरों ने दुकानदार के आरोपों को किया खारिज मामला सुर्खियों में आने के बाद सहायक आयुक्त खाद्य राजेश दीक्षित ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए बताया कि यह कार्रवाई एक अप्रैल को आईजीआरएस पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर की गई थी। उन्होंने बताया कि दुकान का लाइसेंस वर्ष 2028 तक वैध है और विभाग के पास सीधे दुकान सीज करने का प्रावधान भी नहीं है। साथ ही उसी दिन अन्य स्थानों पर भी नियमित जांच अभियान चलाया गया था। बतादें कि 20 फरवरी को अखिलेश यादव जिले में आए थे। यहां उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के यहां आयोजित शादी कार्यक्रमो में हिस्सा लिया था। चौकी चौराहे से निकलते हुए चाय दुकान में चाय पी थी। इसकी तस्वीरें भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर साक्षा की थी। दुकानदार ने बंद क चाय की दुकान, बेटे ने फेसबुक पर लिखी पोस्ट खाद्य विभाग की छापेमारी से परेशान होकर दुकानदार ने चाय क दुकान को बंद कर दिया। इसके बाद उसके बेटे आर्यन ने फेसबुक पर एक भावनात्मक पोस्ट लिखी। जिसमें उसने कहा, मैं आज से अपनी चाय की दुकान बंद कर रहा हूं। मैं एक गरीब फैमिली से हूं। मैं आप सभी से यह कहना चाहता हूं कि जब से हमारी दुकान में यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव जी ने चाय पी है तब से आए दिन दबंगों द्वरा हमारे साथ मारपीट, गाली-गलौज या फिर फूड सैंपल विभाग और अन्य विभाग के अधिकारी परेशान कर रहे हैं। इसी कारण सोशल मीडिया के माध्यम से मैं सारे पत्रकार भाइयों एवं हमारे जिले के कप्तान अंकल को यह बताना चाहता हूं कि मैं आज से अपनी चाय की दुकान बंद रहा हूं क्यों मैं एक गरीब फैमिली से हूं जो कि हम लोग लड़ाई झगड़ा करने वाले लोगों में से नहीं है और न ही हम किसी से लड़ाई कर पाएंगे। हमें इतना ज्यादा परेशान कर दिया गया है कि हम अपना गांव घर दुकान सब छोड़कर जा रहे हैं। आप सभी को धन्यवाद।  

अखिलेश यादव का हमला: महिला आरक्षण को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

नई दिल्ली समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक के बहाने 'नारी को नारा बनाने' की कोशिश कर रही है। सपा प्रमुख ने महिला आरक्षण से संबंधित तीन विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के लिए आरक्षण के समर्थन में है, लेकिन 'भाजपाई चालबाजी' के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया, 'भाजपा इस (महिला) आरक्षण को लेकर नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही। लेकिन जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा, उनका मान-सम्मान कैसे रखेंगे। जिस मूल संगठन से आप निकले हैं, उसमें मान-सम्मान के लिए कितनी नारी हैं?' सपा सांसद ने कहा, हम महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन सवाल यह है कि भाजपा के अंदर जल्दबाजी क्यों है? सच तो यह है कि भाजपा जनगणना को टालनी चाहती है, वह जाति जनगणना को टालना चाहती है और ऐसा कर वह आरक्षण को टालना चाहती है। उन्होंने सरकार पर आधी आबादी में मुस्लिम महिलाओं को नहीं गिनने का आरोप लगाते हुए कहा, 'हमारी मांग है कि आधी आबादी में पिछड़े और मुस्लिम महिलाओं को भी शामिल किया जाए।' उन्होंने दावा किया कि भाजपा का असली लक्ष्य वोट हासिल करना और सत्ता में बने रहना है, इसलिए ये विधेयक लाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की यही राजनीतिक चाल है कि जब पुराने लोग समझ जाते हैं तो वे नये लोगों को लक्षित करते हैं, लेकिन वह इसमें सफल नहीं होगी। भाजपा की चंदा वसूली के कारण बढ़ी है महंगाई कन्नौज से सपा सांसद ने सत्तारूढ़ दल पर यह भी आरोप लगाया, 'भाजपा की कमीशन खोरी और चंदा वसूली की वजह से जो महंगाई बढ़ी है उससे उनकी (महिलाओं की) रसोई सूनी हो गई है। रही-सही कसर सिलेंडर की कमी और बेतहाशा बढ़ती कीमतों ने पूरी कर दी है।' उन्होंने एनसीआर और अन्य स्थानों पर वेतन वृद्धि को लेकर पिछले कुछ दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं सहित कामगारों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि यह विधेयक इतना ही सही है तो इसे मेरठ और नोएडा के कामगारों के बीच बैठकर घोषित किया जाए कि उनके लिए इसमें क्या-क्या किया जा रहा है। महिलाओं के बीच प्रतिस्पर्धा करा देगी भाजपा सपा प्रमुख ने कहा कि परिसीमन के बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ कर यदि 600 हो रही है, तो कहीं उसमें कोई षडयंत्र तो नहीं है और यदि ऐसा है तो जैसे (भाजपा) अयोध्या में हारी, एक बार फिर उत्तर में हारेगी। उन्होंने महिलाओं के लिए लोकसभा या विधानसभा सीट सुरक्षित नहीं रखने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसा कर वह (भाजपा) महिलाओं के बीच ही प्रतिस्पर्धा करा देगी। उन्होंने पार्टी आधार पर महिला आरक्षण का प्रावधान करने की मांग की और भाजपा की एक पूर्व सांसद पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए कहा, 'सास-बहू वाली तो हार गई हैं आपकी। पार्टी को तो मौका मिलेगा।' सपा सांसद ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी चक्रीय आधार पर महिला आरक्षण के खिलाफ है क्योंकि ऐसा होने पर कोई भी अपने क्षेत्र में जनता से ज्यादा भावनात्मक लगाव नहीं रखेगा।

शंकराचार्य विवाद में सियासत गरमाई: अविमुक्तेश्वरानंद से अखिलेश की मुलाकात, भाजपा पर साधा निशाना

लखनऊ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होने संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनके साथ पूर्व सांसद अनु टंडन भी मौजूद रहे। आपको बता दें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को वाराणसी से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरूआत की थी। जौनपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर होते हुए 4 दिन में यानी 10 मार्च को लखनऊ पहुंचे थे। यहां बुधवार को गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया था। इस दौरान उन्होने की बड़े ऐलान किए। यूपी की परिक्रमा करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद उन्होने बताया कि वे 52 दिन की यात्रा के बाद 3 मई से 23 जुलाई तक 81 दिन यूपी की परिक्रमा करेंगे। इसका नाम गविष्टि यात्रा होगा। शुरुआत और समापन गोरखपुर से होगा। 24 जुलाई को लखनऊ के इसी मंच पर फिर जुटेंगे। अंत में शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना गठित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि गो हत्या रोकने, सनातन धर्म की रक्षा के लिए लोग आगे आएं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन प्रदेश सरकार पर तीखे बाण छोड़े। 26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति मिली कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंखनाद कार्यक्रम हुआ। पहले काशी के मठ में रोकने की योजना बनी, फिर लखनऊ में न घुसने देने की, फिर कहा अनुमति न दो, मंगलवार को रात 9 बजे 16 शर्तों के साथ साथ अनुमति दी गई। कुछ देर बाद 10 शर्तें और जोड़कर 26 कर दी गईं। फिलहाल वे लखनऊ के कृष्णा नगर में प्रवास कर रह रहे हैं। हम कोई पार्टी नहीं बना रहे- अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम कोई पार्टी नहीं बना रहे हैं। हमें किसी पार्टी से भी गुरेज नहीं और प्यार भी नहीं है। हम जनता के बीच जाएंगे तो यही समझाएंगे कि गाय के लिए जो काम करे, उसे वोट दीजिए। राजा गलत दिशा में जाए तो रास्ता दिखाएं। शंकराचार्य पद सनातन धर्म का सुप्रीम कोर्ट है, महामंडलेश्वर हाईकोर्ट और साधु-संत लोअर कोर्ट हैं। यही हमारी हिन्दू पद्धति है। यह भीड़तंत्र नहीं भिड़नेवाला तंत्र है। गाय हमारी माता है और इसके बगैर अस्तित्व ही नहीं रहेगा। गाय-ब्राह्मण का अपमान करने वाले निशाचर हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि तुमसे हमारा रिश्ता एक ही हो सकता है और वह है युद्ध का। अखाड़ों को लिखेंगे पत्र शंकराचार्य ने कहा कि हमारे साधु समाज में भी विकृति आ गई है। एक लकीर खींच दी गई है। सब अखाड़ों को पत्र लिखकर पूछेंगे कि वह किसके साथ हैं। उनकी सेना में सन्यासी, बैरागी, उदासीन होंगे। और गृहस्थ होंगे। हमारी सेना में आने वाले सभी का पहले पुलिस सत्यापन कराएंगे। हरदम उस पर नजर रखेंगे। यदि उसके ऊपर किसी ने आरोप लगाया है तो उसका केस हम लड़ेंगे। कुछ साधु संत घर (संसार) छोड़कर चले गए। संप्रदायों का वस्त्र धारण करने के बाद प्रोफेसर, सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री बन रहे हैं। यह नहीं चलेगा। हमारे गेरुआ वस्त्र उतारकर रख दो। सनातन धर्म जीवन में मनमानी की अनुमति नहीं देता। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, लखनऊ मध्य से विधायक रविदास मेहरोत्रा, पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, संत समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।