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चुनावी रण में CM हेमंत की कमान, असम में रहकर साधेंगे वोटरों को

रांची झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के अध्यक्ष हेमंत सोरेन असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सीधे चुनावी अभियान की कमान संभालेंगे। वे 28 मार्च से असम में रहकर पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं करेंगे। पार्टी का लक्ष्य स्थानीय मुद्दों, आदिवासी अस्मिता और क्षेत्रीय अधिकारों को प्रमुख चुनावी एजेंडा बनाना है। झामुमो ने अपने सभी स्टार प्रचारकों को निर्देश दिया है कि वे 27 मार्च तक असम पहुंच जाएं और चुनावी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। पार्टी की असम में सक्रियता केवल चुनावी उपस्थिति तक सीमित नहीं है। झामुमो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करना चाहती है और खासकर पूर्वोत्तर के आदिवासी बहुल इलाकों में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है। झारखंड मॉडल, जिसमें स्थानीय संसाधनों पर अधिकार, भूमि संरक्षण और सामाजिक न्याय शामिल हैं, असम में भी प्रचारित किया जाएगा। पार्टी अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहना चाहती पार्टी महासचिव विनोद पांडेय पहले से ही असम में रहकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं। उनका काम स्थानीय संगठन को सक्रिय करना, बूथ स्तर तक नेटवर्क तैयार करना और उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाना है। झामुमो ने भारत निर्वाचन आयोग को 20 स्टार प्रचारकों की सूची भी सौंप दी है। इस सूची में हेमंत सोरेन के अलावा डॉ. सरफराज अहमद, सुप्रियो भट्टाचार्य, जोबा मांझी, अभिषेक प्रसाद, पंकज मिश्रा, दीपक बिरुवा, विजय हांसदा और अन्य नेता शामिल हैं। असम में झामुमो की यह सक्रियता संकेत देती है कि पार्टी अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहना चाहती। हेमंत सोरेन का सीधा नेतृत्व इस अभियान को और मजबूत बनाता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि झामुमो का यह प्रयास चुनावी नतीजों पर कितना असर डालता है और पार्टी के लिए नए राजनीतिक अवसर खोलता है या नहीं।  

नशे का बड़ा खेल बेनकाब: साबूदाने की आड़ में हेरोइन तस्करी, 2 आरोपी गिरफ्तार; असम से बिहार तक नेटवर्क

समस्तीपुर बिहार के समस्तीपुर जिले में पुलिस और नारकोटिक्स सेल के एक संयुक्त अभियान ने एक नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसके परिणामस्वरूप दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 6 लाख रुपए मूल्य की हेरोइन जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 21 मार्च, 2026 की सुबह एक विशेष खुफिया जानकारी मिली थी कि एक नशीले पदार्थों के गिरोह के सदस्य हेरोइन की एक खेप लेकर शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पर पहुंचेंगे। तेजी से कार्रवाई करते हुए, स्थानीय पुलिस अधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को मिलाकर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने एक जाल बिछाया और स्टेशन के पास के इलाके की घेराबंदी कर दी। 4 डिब्बों में छिपाकर रखी थी हेरोइन अभियान के दौरान, दो व्यक्तियों (एक पुरुष और एक महिला) को स्टेशन के बाहर संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते हुए पकड़ा गया। आरोपियों की पहचान वैशाली निवासी राहुल कुमार (26) और असम निवासी शांति देवी के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान, पुलिस ने हेरोइन जिसे स्थानीय रूप से 'कोटा' कहा जाता है बरामद की, जिसे साबूदाना (sago) के चार डिब्बों के अंदर छिपाकर रखा गया था। इसके अलावा, उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन, नकदी, रेलवे टिकट और पहचान पत्र भी जब्त किए गए। बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क की संलिप्तता का संदेह शुरुआती पूछताछ में पता चला कि आरोपी पूर्वोत्तर राज्यों से बिहार में नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल थे। पुलिस को एक बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क की संलिप्तता का संदेह है और वह गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने तथा उनके आपराधिक संपर्कों का पता लगाने पर काम कर रही है। पटोरी पुलिस स्टेशन में NDPS अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज किया गया है, और आगे की जांच जारी है।  

असम BJP की लिस्ट आई, प्रद्युत कांग्रेस छोड़ दिसपुर से, CM हिमंता जालुकबारी से लड़ेंगे चुनाव

 दिसपुर असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. बीजेपी की इस सूची में कुल 88 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई है। बीजेपी की इस पहली लिस्ट में सबसे बड़ा नाम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का है. वो अपनी पारंपरिक सीट जालुकबारी से ही चुनाव मैदान में उतरेंगे. कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए प्रद्युत को दिसपुर से टिकट दिया गया है। बीजेपी ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अपने मजबूत चेहरों को मौका दिया है. गुवाहाटी और उसके आसपास की सीटों पर खास ध्यान दिया गया है। गोलकगंज से अश्विनी राय सरकार, धुबरी से उत्तम प्रसाद और मंदिया से बदल चंद्र आर्य को टिकट मिला है. गोआलपाड़ा वेस्ट से पबित्र राभा और दुधनाई से टंकेश्वर राभा को उम्मीदवार बनाया गया है. बिरसिंह-जरुआ से माधवी दास और अभयापुरी से भूपेन राय चुनावी मैदान में होंगे. वहीं, भोवानिपुर-सोरभोग सीट से रंजीत कुमार दास को उम्मीदवार बनाया गया है यहां देखें असम बीजेपी कैंडिडेट की लिस्ट नलबाड़ी: जयंत मल्ला बरुआ तिहू: चंद्रमोहन पटवारी रंगिया: भवेश कलिता कमलपुर: दिगंत कलिता गुवाहाटी सेंट्रल: विजय कुमार गुप्ता न्यू गुवाहाटी: दिप्लू रंजन शर्मा पलासबाड़ी: हिमांशु शेखर बैश्य बरखेरी: नारायण डेका चमरिया: ज्योत्सना कलिता बता दें कि असम में बीजेपी ने असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) के साथ गठबंधन किया है. राज्य की 126 विधानसभा सीटों में से बीजेपी 89 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. वहीं, 26 सीटों पर AGP और 11 सीटों पर BPF चुनाव लड़ेगी। चुनाव प्रचार में जुटेंगे पीएम मोदी और अमित शाह असम विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अप्रैल के पहले हफ्ते में राज्य के दौरे पर रहेंगे, जहां वो 1 अप्रैल, 3 अप्रैल और 6 अप्रैल को तीन बड़ी जनसभाओं को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री के साथ-साथ गृह मंत्री अमित शाह भी राज्य में चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे. वो असम के कई इलाकों में चुनावी रैलियां करेंगे।

राष्ट्रीय पार्टी बनने की राह पर सपा! असम चुनाव में उम्मीदवार उतारने की तैयारी में अखिलेश यादव

लखनऊ लोकसभा चुनाव 2024 में जबरदस्‍त सफलता हासिल करने के बाद समाजवादी पार्टी ने राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लक्ष्‍य पर नजर गड़ा दी है। इस रणनीति के तहत पार्टी पहली बार असम विधानसभा चुनाव में हिस्‍सा लेने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है सपा पांच से 10 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार उतार सकती है। जल्‍द ही इसका आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। असम में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। बताया जा रहा है कि सपा असम के मुस्लिम बहुल इलाकों में अपने प्रत्‍याशी उतारेगी। सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव भी वहां चुनाव प्रचार करने जा सकते हैं। महाराष्‍ट्र में दो और गुजरात में 1 सपा विधायक यूपी के बाहर की बात करें तो सपा के महाराष्‍ट्र में दो विधायक और गुजरात में एक विधायक हैं। यह राष्‍टीय पार्टी के मानक से काफी कम है। दरअसल, राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए लोकसभा या विधानसभा चुनावों में न्‍यूनतम चार राज्‍यों में कुल वैध वोटों का कम से कम 6 प्रतिशत होना जरूरी है। साथ ही लोकसभा में कम से कम चार सीटें होना चाहिए या लोकसभा चुनावों में कम से कम तीन अलग राज्‍यों से कुल सीटों का 2 प्रतिशत यानी 11 सीटें जीती हों। देखा जाए तो सपा के पास लोकसभा में इससे कहीं ज्‍यादा सीटें हैं पर वह एक ही राज्‍य उत्‍तर प्रदेश में है। इसलिए वह राष्‍ट्रीय पार्टी के मानकों को पूरा नहीं करती। यूपी में सपा के 37 सांसद गौरतलब है कि 2024 में सपा ने लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। सीटों के लिहाज से सपा बीजेपी और कांग्रेस के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। उसके पास 37 सांसद हैं। सपा ने बीजेपी के गढ़ माने जाने वाली कई सीटों पर अपना परचम लहराया था। इसमें अयोध्‍या उल्‍लेखनीय है। असम में इसी साल होने हैं विधानसभा चुनाव राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्‍त करने के लिए समाजवादी पार्टी की नजर असम विधानसभा चुनावों पर है। असम में इसी साल तक चुनाव होने हैं। सपा अपने परंपरागत मुस्लिम वोटों पर नजर गड़ाए हुए हैं। इसी रणनीति के तहत सपा असम के मुस्लिम बहुल इलाकों में ही प्रत्‍याशी खड़ा करने की योजना बनाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सपा 5 से 10 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार खड़े कर सकती है।

प्रियंका गांधी ने असम में खोला BJP के खिलाफ मोर्चा, पेश की 20 सूत्रीय चार्जशीट

असम कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने बृहस्पतिवार को गुवाहाटी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली असम सरकार के खिलाफ 20 सूत्री 'आरोपपत्र' जारी किया, जिसमें राज्य प्रशासन पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने और अल्पसंख्यकों में भय पैदा करने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। विपक्षी पार्टी ने विधानसभा चुनावों से पहले यह 'आरोपपत्र' जारी किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एक दशक के शासनकाल के बावजूद भाजपा सरकार छह आदिवासी समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलवाने और चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 351 रुपये करने के अपने वादे को पूरे करने में विफल रही। असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की उम्मीदवार चयन समिति की अध्यक्ष वाद्रा दो दिवसीय असम दौरे पर हैं। कांग्रेस ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर 'व्यापक भ्रष्टाचार' का भी आरोप लगाया। पार्टी ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और उनके करीबी मंत्रियों एव उनके परिवार के सदस्यों पर 'अवैध रूप से संपत्ति जमा करने' का आरोप लगाया।  

डिब्रूगढ़ से पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला: असम में बांग्लादेशी घुसपैठ पर कही बड़ी बात, यूरिया प्लांट का लोकार्पण

गुवाहाटी पीएम नरेंद्र मोदी दो दिवसीय असम के दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने गुवाहाटी स्थित ‘स्वाहिद स्मारक क्षेत्र’ में असम आंदोलन के शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद डिब्रूगढ़ में अमोनिया-यूरिया प्लांट का उद्घाटन किया, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 12.7 लाख टन होगी। यह यूनिट 2030 तक चालू हो जाएगी। प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को खाद के लिए लाठियां खानी पड़ती थीं। जो काम कांग्रेस को उस समय करना था, उसने नहीं किया। इसलिए मुझे एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ रही है। बांग्लादेशी घुसपैठियों को कांग्रेस ने ही बसाया है और कांग्रेस ही उन्हें बचा रही है। SIR का विरोध कर रही है। तुष्टिकरण और वोट बैंक के इस कहर से हमें असम को बचाकर रखना है। मैं आपको गारंटी देता हूं कि असम की पहचान और सम्मान की रक्षा के लिए भाजपा फौलाद बनकर खड़ी है। इससे पहले पीएम ने गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी में क्रूज पर 25 बच्चों के साथ करीब 45 मिनट परीक्षा पे चर्चा भी की। मोदी ने नामरूप में ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉर्प लिमिटेड (BVFCL) के मौजूदा परिसर में नए फर्टिलाइजर यूनिट की आधारशिला रखी। ANI के मुताबिक गुवाहाटी दौरे पर परीक्षा पर चर्च कार्यक्रम में भाग लेंगे, जिसमें प्रधानमंत्री ने असम के 25 प्रतिभाशाली छात्रों से बात करेंगे. यह बातचीत ब्रह्मपुत्र नदी में चल रहे एक क्रूज पर आयोजित की जाएगी. असम आंदोलन (1979-1985) ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) और ऑल असम गण संग्राम परिषद के नेतृत्व में चला था. इसका मुख्य उद्देश्य अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान कर उन्हें राज्य से बाहर करना था. इस आंदोलन के दौरान व्यापक प्रदर्शन, हड़तालें और पुलिस कार्रवाई हुईं, जिसमें सैकड़ों लोग शहीद हो गए. आंदोलन का समापन 1985 में असम समझौते के साथ हुआ, जिस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने हस्ताक्षर किए थे.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काजीरंगा नेशनल पार्क का किया भ्रमण

  चाय बागान में श्रमिकों और बहनों से किया आत्मीय संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने असम प्रवास के दौरान रविवार को विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और चाय बागान का भ्रमण किया। उन्होंने बागान में चाय उत्पादन की प्रक्रिया का अवलोकन कर स्थानीय किसानों और श्रमिक बहनों से आत्मीय संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चाय उद्योग असम का गौरव और अर्थव्यवस्था का प्रतीक है। परिश्रम, अपनत्व एवं सादगी की धरती असम और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार-उद्योग के साथ ईको-टूरिज्म, वन्य जीव पर्यटन की दिशा में भी परस्पर सहयोग, विश्वास और साझेदारी को बढ़ाने के लिए विशेष पहल होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संरक्षण की मनमोहक झलक देखी एवं हाथियों को स्नेह से गन्ना खिलाकर दुलार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां वन्यजीवों के संरक्षण संवर्धन के लिये नवाचारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की और उद्यान भ्रमण के दौरान अजगर को प्राकृतिक आवास में छोड़ा। उल्लेखनीय है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एक सींग वाले गैंडे सहित पूर्वी हिमालयी जैव विविधता का केन्द्र है। इसे यूनेस्को द्वारा विश्व-धरोहर घोषित किया गया। यह उद्यान हाथियों, जंगली भैंसों, दलदली हिरणों और विभिन्न पक्षी प्रजातियों का आश्रय स्थल है। यह उद्यान वन्य जीवों की बड़ी संख्या के साथ वन्य जीव संरक्षण गतिविधियों के लिए भी विख्यात है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया आसाम के वन्य जीव कन्वेंशन सेंटर का भ्रमण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को आसाम राज्य के कोहोरा स्थित वन्य जीव कन्वेंशन सेंटर का अवलोकन किया। उन्होंने सेंटर में वन्य जीवों के संधारण एवं प्रजाति संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “वन्य जीव हमारी धरोहर हैं। ये धरती की खुशहाली का प्रतीक हैं। मध्यप्रदेश में भी वन्य जीव संरक्षण के लिए अनेक नवाचार और प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस कन्वेंशन सेंटर कम म्यूजियम की पहचान न केवल वन्य जीव संरक्षण कार्यों से, बल्कि अवैध शिकार और वन्यजीवों के अवैध व्यापार पर रोकथाम के लिए किए गए ठोस कदमों से भी जुड़ी है। यहाँ 22 सितंबर 2021 को विश्व गैंडा दिवस के अवसर पर यहां राज्यभर से बरामद 2,479 गैंडों के सींगों का औपचारिक दहन किया गया था। यह कदम आसाम की वन्यजीव संरक्षण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा। इन सींगों के विनाश से पहले चुनिंदा सींगों के नमूने सावधानीपूर्वक सुरक्षित किए गए थे, ताकि भविष्य के वैज्ञानिक अध्ययनों में उनका उपयोग किया जा सके। जुलाई 2025 में इन नमूनों की संख्या बढ़कर 2,573 हो गई, जिन्हें डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) भेजा गया था। इस सेंटर में हुई यह वैज्ञानिक पहल इसीलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जब्त किए गए सींगों की उत्पत्ति का पता लगाने, उनकी प्रामाणिकता की पुष्टि करने और वन्यजीव अपराधों के विरुद्ध फोरेंसिक जांच को मजबूती देने में सहायक सिद्ध हो रही है। इससे गैंडा प्रजाति के संरक्षण में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और पूरी पारदर्शिता के साथ प्रभावी कार्यवाही को अंजाम देने के लिए सशक्त आधार (इथिकल बेसिस) भी मिल रहे हैं।