samacharsecretary.com

पहाड़ों पर लौटी सर्दी: बदरीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से मौसम सुहाना

रुद्रप्रयाग रविवार को रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद में अचानक आए बदलाव के चलते केदारनाथ-बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, गौरसों सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। इससे दोनों धाम में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं दोनों जनपदों के घाटी वाले क्षेत्रों में बारिश से मौसम ठंडा हो गया। ठंड का प्रकोप बढ़ते ही लोगों को दोबारा गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। वहीं पिछले तीन-चार दिन से धधक रहे जंगलों को वर्षा से राहत मिली है। चारो ओर छाया आग का धुआं भी काफी हद तक छंट गया है। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही आग बुझने से जुटे वनकर्मियों ने राहत की सांस ली है। रविवार सुबह से ही केदारनाथ धाम में बादल छाए रहे और मौसम बदला-बदला नजर आया। दोपहर बाद अचानक बर्फबारी शुरू हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में ठंडक बढ़ गई। हालांकि धाम में करीब एक से दो इंच तक ही बर्फ जमी, लेकिन तापमान में गिरावट के कारण कड़ाके की ठंड महसूस की गई। रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय समेत अन्य घाटी क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम में ठंडक लौट आई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों तुंगनाथ, मध्यमेश्वर में भी हल्की बर्फबारी हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में सर्दी का असर बढ़ गया है। वहीं चमोली जिले में दोपहर बाद हेमकुंड, बदरीनाथ, गौरसों सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में वर्षा हुई। कई दिनों बाद हुई वर्षा के चलते काश्तकारों के चेहरे भी खिल उठे हैं। काश्तकारों का कहना है कि यह वर्षा फसलों के साथ ही जंगलों में लगी आग बुझने में मददगार होगी। जिले में छाई धुंध भी वर्षा से साफ हो गई है। जिले के मंडल घाटी, निजमुला घाटी, देवाल, कर्णप्रयाग सहित अन्य क्षेत्रों में लगी आग भी वर्षा के चलते बुझ गई है। इसके चलते वन विभाग ने भी राहत की सांस ली है।  

बर्फबारी का असर: जम्मू-कश्मीर की अहम सड़क बंद, यात्रियों को परेशानी

पुंछ  भारी बर्फबारी के चलते मुगल रोड पर यातायात फिलहाल बंद कर दिया गया है। खराब मौसम और सड़क पर जमी बर्फ के कारण प्रशासन ने एहतियातन वाहनों की आवाजाही रोक दी है। यात्रियों को फिलहाल इस मार्ग पर यात्रा न करने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जानकारी के अनुसार पीर पंजाल की ऊंची पहाड़ियों में ताज़ा बर्फबारी के बाद रविवार को ऐतिहासिक मुगल रोड पर यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही बर्फबारी, खासकर पीर की गली और आसपास के क्षेत्रों में, सड़क को बेहद फिसलन भरा और वाहनों के आवागमन के लिए असुरक्षित बना दिया है। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए एहतियात के तौर पर प्रशासन ने यातायात को रोक दिया। संबंधित सड़क रखरखाव एजेंसियों और जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है तथा मौसम में सुधार होने के बाद बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा।   इस बीच यात्रियों को सलाह दी गई है कि जब तक सड़क को आधिकारिक रूप से सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक मुगल रोड पर यात्रा करने से बचें। जम्मू-कश्मीर ट्रैफिक पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और यातायात बहाली को लेकर आगे की जानकारी जारी करेगी।

ग्रामीण विकास को नई रफ्तार: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने 7.82 करोड़ की लागत से बनने वाले नवापारा–सकरी–सतभांवा मार्ग का किया भूमिपूज

रायपुर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने रविवार को विकासखंड सिमगा के ग्राम सकरी में नवापारा–सकरी–सतभांवा मार्ग निर्माण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। पुल-पुलियों सहित इस मार्ग का निर्माण 7 करोड़ 82 लाख 58 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा।      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री  वर्मा ने कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रही है और इस बार जिले में कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। प्रदेश में बेहतर सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे गांवों का शहरों से संपर्क और मजबूत होगा।   मंत्री  वर्मा ने कहा कि किसानों के हित में सरकार लगातार कार्य कर रही है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद कृषक उन्नति योजना के तहत शेष राशि का एकमुश्त भुगतान भी होली से पहले किसानों को कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटी पूरी हो चुकी हैं। विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा    इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष डॉ. दौलतराम पाल, जिला पंचायत सदस्य डॉ. मोहन वर्मा, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

प्लेऑफ की जंग के लिए इराक का खास इंतजाम, FIFA World Cup 2026 क्वालीफायर खेलने प्राइवेट प्लेन से मेक्सिको रवाना

बगदाद इराक फुटबॉल संघ के अध्यक्ष अदनान दिरजल ने पुष्टि की है कि इराक की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम FIFA वर्ल्ड कप 2026 के इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ में हिस्सा लेने के लिए मेक्सिको जाएगी। यह मुकाबला 31 मार्च को मेक्सिको के मोंटेरे शहर में खेला जाएगा। कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीम ने इस अहम मैच के लिए तैयारी शुरू कर दी है। बंद हवाई क्षेत्र के बीच यात्रा की चुनौती मध्य पूर्व क्षेत्र में 28 फरवरी से हवाई क्षेत्र बंद है। यह स्थिति अमेरिका और इजराइल के हमलों तथा इसके जवाब में ईरान द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद पैदा हुई। इन हालात के कारण यात्रा करना मुश्किल हो गया था, लेकिन इसके बावजूद इराक की टीम प्राइवेट प्लेन से मेक्सिको रवाना होगी। मेक्सिको ने सभी खिलाड़ियों को पहले ही वीजा जारी कर दिए हैं, जिससे टीम की यात्रा संभव हो पाई है। FIFA भी कर रहा है मदद इराक फुटबॉल संघ के प्रमुख अदनान दिरजल ने बताया कि FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने भी इस मामले में मदद के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि FIFA महासचिव मथियास ग्राफस्ट्रॉम को टीम की यात्रा में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने के लिए कहा गया है। दिरजल ने बताया कि टीम इस सप्ताह के अंत तक प्राइवेट विमान से मेक्सिको के लिए रवाना होगी। खिलाड़ियों से सिर्फ एक लक्ष्य पर ध्यान देने की अपील दिरजल ने खिलाड़ियों और स्टाफ से अपील की कि वे सभी कठिन परिस्थितियों के बावजूद केवल एक लक्ष्य पर ध्यान दें। उन्होंने कहा, 'हमारे पास सिर्फ 17 दिन बचे हैं और हमें पूरी तरह मैच की तैयारी पर ध्यान देना है। हमारा एक ही लक्ष्य है — वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करना।' उन्होंने यह भी कहा कि इराक फुटबॉल संघ और कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों को बेहतर माहौल देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं ताकि वे इस महत्वपूर्ण मैच पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें। प्लेऑफ में किससे होगा मुकाबला? प्लेऑफ मुकाबले में इराक का सामना बोलीविया या सूरीनाम में से किसी एक टीम से होगा। इस मैच की विजेता टीम को सीधे FIFA वर्ल्ड कप 2026 में खेलने का मौका मिलेगा। 39 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी की उम्मीद इराक की टीम ने आखिरी बार 1986 में FIFA वर्ल्ड कप खेला था। अब टीम के पास 39 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी करने का बड़ा मौका है और खिलाड़ी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पूरी तरह तैयार हैं। क्वालिफायर में शानदार प्रदर्शन इराक ने क्वालिफायर में भी अच्छा प्रदर्शन किया। टीम ने पांचवें राउंड में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को 3-2 से हराकर इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ में जगह बनाई थी।  

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष व पत्रकारों दिया बधाई

दुर्ग इसी तारतम्य में आज दुर्ग से जगन्नाथ पुरी तीर्थ यात्रा के लिए छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला इकाई दुर्ग  के समस्त ब्लाक  पाटन, अमलेश्वर, अंडा उतई, अहिवारा , कुम्हारी,धमधा एवं दुर्ग शहर से 50 पत्रकारों ने जगन्नाथ पुरी , भुवनेश्वर कोणार्क भ्रमण करने हेतु तीन दिवसीय तीर्थ यात्रा पर निकला  इस मौके पर दुर्ग शहर विधायक एवं शिक्षा व कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने समस्त संगठन के पत्रकारों को तीर्थ यात्रा हेतु मंगल शुभकामनाएं प्रेषित किया  इस मौके पर छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के समस्त पत्रकार साथियों ने दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल को उनके जन्मोत्सव के मौके पर बधाई देने उनके निवास कार्यालय पहुंचे जिसके पश्चात सांसद  विजय बघेल ने बस को हरी झंडी दिखाकर दुर्ग से पुरी के लिए रवाना किया इस यात्रा में विशेष आभार एवं धन्यवाद के साथ दुर्ग विधानसभा के विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट व शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव एवं सांसद विजय बघेल के प्रति छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के समस्त पदाधिकारी ने कृतज्ञता व्यक्त किया है वहीं तीर्थ यात्रा में शामिल होने वाले पत्रकारों में छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला अध्यक्ष ललित साहू, जिला महासचिव ईश्वर साहू, जिला सचिव रोशन सिंह बंभोले, जिला उपाध्यक्ष अनिल साहू, संरक्षक वीरेंद्र पुरी गोस्वामी , जिला कार्यकारी सदस्य अखिलेश साहू, अश्वनी जांगड़े, जिला मीडिया प्रभारी रवि सेन, जिला सह सचिव करण ताम्रकार,शहर अध्यक्ष शैलेंद्र साहू, धमधा ब्लॉक निकेत ताम्रकार, अमलेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष करण साहू, रुपेश साहू,घनश्याम साहू,CP सिन्हा,कैलाश साहू,जीवन नाटक,हरीश वर्मा,रामजी निर्मलकर,अश्वनी जांगड़े,बागों कैमरा मैंन,दुर्गेश कुमार,संजय साहू,उदय साहू,रोशन बमभोले जी,राम साहू,मुकेश देवांगन,आकाश सोनी,तरुण हरिहारनो दिलीप,साकेत वास्तव ,रामकुमार यादव,धूलेस्वर साहू,सुधीर ताम्रकार,खिलेन्द्रा साहू,लक्ष्मण साहू अश्वनी साहू ,गोविंद सुरेश सोनकर,होरी साहू,परसराम साहू,श्रवण साहू महेश,राजू लाल,खिलेश गंजीर एवं सभी ब्लॉक के संगठन के पत्रकार साथी इस यात्रा में शामिल हुए

स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों एवं निबंध तथा पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने सभी को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन हमें यह याद दिलाता है कि एक सशक्त और जागरूक उपभोक्ता ही मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव होता है।  राजपूत ने कहा कि खाद्य पदार्थों के रूप में धीमा जहर देने वाले के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करें, तभी इस दिवस की सार्थकता सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक नागरिक किसी न किसी रूप में उपभोक्ता है इसलिए उसके अधिकारों की रक्षा करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उपभोक्ताओं को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और उचित मूल्य पर वस्तुएं एवं सेवाएं उपलब्ध हो, यह हमारा दायित्व भी है और संकल्प भी है। मंत्री  राजपूत ने कहा कि खरीददारी करते समय बिल लेना, उत्पाद की गुणवत्ता और समाप्ति की तिथि अवश्य देखना, किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराना, यह सभी जागरूक उपभोक्ता को मजबूत बनाते हैं। उपभोक्ताओं के हित में भारत सरकार ने वर्ष 2019 में नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम बनाया। यह कानून उपभोक्ताओं के रक्षा की गारंटी देता है। इसमें 06 प्रकार के अधिकार चुनने का अधिकार, सूचित होने का अधिकार, उपभोक्ताओं की सुरक्षा का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, उपभोक्ता की समस्याओं के निराकरण का अधिकार और उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार (जागरूक बने रहने का अधिकार) बताये गये हैं।  राजपूत ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध हैं। भ्रामक खबरों से सावधान रहें। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वर्तमान परिस्थितियों में बड़े आयोजनों से बचें। जिद्दी उपभोक्ता बनें मंत्री  राजपूत ने कहा कि अपने अधिकारों के लिये उपभोक्ताओं को जिद करना चाहिये। ठगी होने पर उपभोक्ताओं को उपभोक्ता न्यायालयों की मदद लेनी चाहिए और इस संबंध में दूसरों को भी जागरूक करना चाहिये। उन्होंने इस संबंध में एक घटना का उल्लेख करते हुए सागर के डॉक्टर हरिसिंह गौर को भी याद किया।  राजपूत ने कहा कि मेरा आग्रह है कि हम सभी उपभोक्ता हैं तथा हम सभी का यह कर्तव्य है कि अनुचित व्यापार को रोकने में अपनी जागरूकता का परिचय दें एवं ठगे जाने से बचें। उपभोक्ता कानून में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का प्रावधान है। सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से भी की जाती है। जिला आयोग/फोरम के निर्णय से असंतुष्ट होने पर राज्य आयोग में अपील का भी प्रावधान है। नापतौल में कमी मिलने पर कोई भी उपभोक्ता नापतौल कार्यालय एवं आयोग में शिकायत कर सकता है। जिला उपभोक्ता आयोग में 14 हजार से अधिक मामले निराकृत मंत्री  राजपूत ने बताया कि राज्य उपभोक्ता आयोग में वर्ष 2025-26 तक लगभग 3 हजार मामलों का निराकरण किया गया। इसी प्रकार जिला उपभोक्ता आयोग में 14 हजार से अधिक मामलों का निराकरण किया गया। राज्य उपभोक्ता आयोग में दिसंबर, 2020 से अभी तक 7 हजार 5 सौ से अधिक मामले ऑनलाईन दर्ज किये गये। जिला उपभोक्ता आयोगों में 26 हजार से अधिक मामले ऑनलाईन दर्ज हुये। सदस्य राज्य उपभोक्ता आयोग डॉ. मोनिका मलिक ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य "सुरक्षित उत्पाद-सशक्त उपभोक्ता" है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल 2574 मामले निराकृत हुए जबकि 2285 नये मामले दर्ज किये गये। आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण  कर्मवीर शर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों से अवगत कराने के लिये यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने उपभोक्ता अधिकारों के बारे में जानकारी दी। पुरस्कार कार्यक्रम में वर्ष 2025 में बेहतर कार्य करने वाले स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों, पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। संस्थाओं में 1 लाख 11 हजार रूपये का प्रथम पुरस्कार अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन कटनी को तथा 51 हजार रूपये का द्वितीय पुरस्कर प्राकृतिक चिकित्सालय महाविद्यालय समिति ग्वालियर को दिया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार उज्जैन की कु. अश्विता पोरवाल, द्वितीय इंदौर की कु. रानी चौधरी तथा तृतीय पुरस्कार छतरपुर की कु. खुसबू रैकवार को मिला। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार छतरपुर की कु. शुभि सेन, द्वितीय छतरपुर की ही कु. तपस्या कुशवाह और तृतीय पुरस्कार धार की कु. पलक सिसोदिया को दिया‍गया। सर्वश्रेष्ठ स्टॉल का पुरस्कार भारतीय खाद्य निगम, द्वितीय पुरस्कार म.प्र. वेयर हाउसिंग और तृतीय खाद्य एवं औषधि प्रशासन को मिला। कार्यक्रम में प्रदर्शनी के माध्यम से उपभोक्ताओं को मिलावट की पहचान, उपभोक्ताओं के अधिकार, औषधि क्रय एवं उपयोग में सावधानियां आदि विषय पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई। आभार प्रदर्शन संयुक्त संचालक  हरेन्द्र सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान आयुक्त नागरिक आपूर्ति निगम  अनुराग वर्मा, नियंत्रक नापतौल  बृजेश सक्सेना, आयोग के सदस्य  नेमी जैन और सुखदेव मिश्रा सहित उपभोक्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।  

दौलत की रेस में भारतीय महिला का जलवा, सावित्री जिंदल बनीं दुनिया की सबसे अमीर महिला

  नई दिल्ली फोर्ब्स 2026 की ताजा रैंकिंग के अनुसार दुनिया में महिला अरबपतियों की संख्या पिछले साल के 406 से बढ़कर अब 481 हो गई है। रिटेल जायंट वॉलमार्ट की एलिस वॉल्टन ने एक बार फिर अपना नंबर-1 का पायदान बरकरार रखा है वहीं भारत की सावित्री जिंदल 39.1 अरब डॉलर (करीब 3.2 लाख करोड़ रुपये) की नेटवर्थ के साथ दुनिया की 7वीं सबसे अमीर महिला बन गई हैं। कौन हैं दुनिया की 3 सबसे शक्तिशाली अमीर महिलाएं?     एलिस वॉल्टन (अमेरिका): वॉलमार्ट की विरासत को संभालने वाली एलिस की संपत्ति 11.1 लाख करोड़ रुपये है। शेयरों में उछाल ने उन्हें टॉप पर बनाए रखा है।     फ्रैंकोइस बेटेनकोर्ट मेयर्स (फ्रांस): मशहूर ब्यूटी ब्रांड लॉरियल (L'Oreal) की मालकिन फ्रैंकोइस 8.3 लाख करोड़ रुपये की मालकिन हैं। वे सौंदर्य प्रसाधन की दुनिया की बेताज रानी हैं।     जूलिया कोच (अमेरिका): कोच इंक (Koch Inc.) की प्रमुख जूलिया की नेटवर्थ 6.7 लाख करोड़ रुपये है। एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उनकी कंपनी का बड़ा प्रभाव है। दुनिया की टॉप-10 महिला अरबपति (नेटवर्थ लाख करोड़ में): रैंक नाम देश मुख्य कंपनी/क्षेत्र 1 एलिस वॉल्टन अमेरिका वॉलमार्ट (रिटेल) 2 फ्रैंकोइस बेटेनकोर्ट मेयर्स फ्रांस लॉरियल (कॉस्मेटिक्स) 3 जूलिया कोच अमेरिका कोच इंक (केमिकल्स) 4 आइरिस फॉन्टबोना चिली माइनिंग (कॉपर) 5 जैकलीन मार्स अमेरिका मार्स इंक (कैंडी/पेट फूड) 6 राफेला अपोंटे–डायमंट स्विट्जरलैंड शिपिंग (लॉजिस्टिक्स) 7 सावित्री जिंदल भारत जिंदल ग्रुप (स्टील/पावर) 8 मिरियम एडेलसन अमेरिका लास वेगास सैंड्स (कैसीनो) 9 एबिगेल जॉनसन अमेरिका फिडेलिटी (इन्वेस्टमेंट) 10 झेंग शुलियांग चीन हॉन्गकिआयो (एल्युमिनियम)   भारत की सावित्री जिंदल ने दी दिग्गजों को टक्कर जिंदल ग्रुप की सावित्री जिंदल इस सूची में 7वें स्थान पर हैं। स्टील, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे भारी उद्योगों में जिंदल परिवार की पकड़ ने सावित्री जिंदल की संपत्ति में बड़ा इजाफा किया है। वे न केवल भारत की सबसे अमीर महिला हैं, बल्कि एशिया की आर्थिक शक्ति का भी प्रतिनिधित्व करती हैं। कैसे बढ़ी महिलाओं की दौलत? विशेषज्ञों का मानना है कि स्टॉक मार्केट में तेजी, तांबे और एल्युमिनियम जैसी वस्तुओं की वैश्विक मांग में वृद्धि और तकनीकी विस्तार ने इन महिला अरबपतियों की संपत्ति को नए आयाम दिए हैं। फिडेलिटी की एबिगेल जॉनसन जैसी महिलाओं ने क्रिप्टो और डिजिटल निवेश के जरिए भी अपनी पकड़ मजबूत की है।

अटल टनल में भारी जाम: बर्फबारी का दीदार करने पहुंचे सैकड़ों वाहन फंसे, पुलिस ने संभाला मोर्चा

मनाली रविवार को हिमपात के दीदार करने पर्यटन स्थलों की ओर गए पर्यटकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा है। अटल टनल के दोनों छोर में आधा फीट तक हिमपात हुआ है। भारी हिमपात होने के कारण मुश्किलें भी बढ़ी हैं। हालांकि, पर्यटकों ने दिन भर बर्फ के फाहों का आनंद लिया, लेकिन भारी बर्फबारी उनके लिए परेशानी का कारण बन गई। अटल टनल से धुंधी तक उतराई में पर्यटन वाहन स्किड होने शुरू हुए जिस कारण हॉकी पुल से लेकर अटल टनल के दूसरे छोर तक लगभग आठ किमी लंबा जाम लग गया। हालांकि, लाहुल स्पीति पुलिस ने तीन बजे ही पर्यटकों को वापस भेजना शुरू कर दिया तथा मनाली पुलिस ने भी तीन बजे सोलंग नाला में चेक पोस्ट के आगे पर्यटक वाहनों को लाहुल की ओर जाने पर रोक लगा दी। लेकिन लगभग डेढ़ हजार पर्यटक वाहनों के ट्रैफिक जाम सभी के लिए दिक्कत का कारण बन गया। मनाली व लाहुल पुलिस टीमें अपनी अपनी ओर से पर्यटक वाहनों को निकालने में जुटी रही। भारी संख्या में पर्यटक लाहुल रवाना हुए थे सिस्सु थाना प्रभारी मुकेश राठौर ने बताया कि भारी हिमपात होता देख पर्यटकों को मनाली भेजना शुरू कर दिया था लेकिन पर्यटकों की संख्या अधिक होने व जाम लगने के कारण दिक्कत हुई। उन्होंने बताया कि देर शाम तक पुलिस ट्रैफिक सुचारु करने में जुटी हुई है। अटल टनल के दोनों छोर में भारी हिमपात होने से सैकड़ों पर्यटक वाहन फंसे, मनाली पुलिस रेस्क्यू में जुटी, अटल टनल के साउथ पोर्टल से तीन किमी दूर हाकी पुल तक उतराई में स्किड हो रहे वाहन  डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने कहा कि हिमपात का क्रम तेज होता देख तीन बजे पर्यटकों को अटल टनल की ओर जाने की लिए रोक दिया था लेकिन सुबह से भारी संख्या में पर्यटक लाहुल रवाना हुए थे। अटल टनल से हॉकी पुल तक वाहन स्किड हो रहे हैं इस कारण ट्रैफिक जाम लगा। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम भारी हिमपात के बीच वाहनों को निकालने में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि अधिकतर पर्यटकों को रेस्क्यू कर लिया है जबकि शेष पर्यटक वाहनों को निकालने का काम जारी है।  

युद्ध और आपदा में भारत बना रक्षक, विदेशियों को भी सुरक्षित निकालने में सबसे आगे

नई दिल्ली दुनिया भर में युद्ध और संकटग्रस्त क्षेत्रों में फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकालने के मामले में भारत को सबसे “प्रोएक्टिव और रिस्पॉन्सिव” देशों में से एक बताया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े निकासी अभियानों के जरिए हजारों नागरिकों को संघर्ष क्षेत्रों से सुरक्षित बाहर निकाला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने तेज कूटनीतिक प्रयास, सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सैन्य लॉजिस्टिक्स के जरिए कई सफल ऑपरेशन चलाए।  इनमें प्रमुख अभियान शामिल हैं:     Operation Raahat – यमन संकट के दौरान निकासी     Operation Sankat Mochan – दक्षिण सूडान से भारतीयों की वापसी     Operation Ganga – रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान छात्रों की निकासी     Operation Kaveri – सूडान संकट में राहत अभियान     इन अभियानों के जरिए हजारों भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया। विदेशी नागरिकों की भी मदद रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत ने केवल अपने नागरिकों को ही नहीं बल्कि संकट के समय अन्य देशों के नागरिकों को भी सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की, जिससे भारत की मानवीय छवि मजबूत हुई। जब मध्य-पूर्व में Iran और Israel के बीच तनाव बढ़ा, तब भारतीय सरकार ने स्थिति पर लगातार नजर रखी और निकासी के लिए तैयारियां तेज कीं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार की “सबसे बड़ी प्राथमिकता” है।  ‘ऑपरेशन सिंधु’ से सुरक्षित वापसी     2025 में पश्चिम एशिया के तनाव के दौरान भारत ने Operation Sindhu शुरू किया।     इस अभियान के तहत भारतीय नागरिकों को पहले Armenia पहुंचाया गया और फिर विशेष विमानों से भारत लाया गया।     रिपोर्ट के अनुसार इस प्रक्रिया को बेहद व्यवस्थित और सुरक्षित बताया गया। रूस-यूक्रेन युद्ध में सबसे बड़ा मिशन रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने Russia–Ukraine War में फंसे नागरिकों को निकालने के लिए Operation Ganga शुरू किया। इस अभियान में  23,000 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया। 18 देशों के 147 विदेशी नागरिकों को भी मदद मिली। इन लोगों को पहले पोलैंड, रोमानिया, हंगरी, स्लोवाकिया और मोल्दोवा जैसे पड़ोसी देशों में पहुंचाया गया और फिर विशेष उड़ानों से भारत लाया गया।  

सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान: चित्तौड़गढ़ दुर्ग भारत के गौरव और स्वाभिमान का प्रहरी

चित्तौड़गढ़ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक दुर्ग पर आयोजित 'जौहर श्रद्धांजलि समारोह' को संबोधित करते हुए मेवाड़ की धरा को भारत की शक्ति और भक्ति का संगम बताया। जौहर स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कि चित्तौड़ का किला केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि भारतीय नारी के गौरव, अस्मिता और त्याग की अमर गाथा है। नारी सम्मान और सुरक्षा की प्रेरणा योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में महारानी पद्मिनी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि जौहर केवल सत्ता का संघर्ष नहीं था, बल्कि यह नारी गरिमा की रक्षा का श्रेष्ठतम उदाहरण था। उन्होंने जोर देकर कहा, "आज का यह कार्यक्रम इस संकल्प का प्रतीक है कि भविष्य में किसी भी बेटी को जौहर जैसे कठिन दौर से न गुजरना पड़े। हर भारतीय नारी को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की गारंटी मिलना उनका अधिकार है।" उन्होंने मेवाड़ को भारत की नई पहचान देने वाली वीर भूमि बताया, जहाँ से पूरे विश्व ने त्याग और बलिदान की परिभाषा सीखी। जातिवाद और सांस्कृतिक षड्यंत्र पर प्रहार मुख्यमंत्री योगी ने समाज को बांटने वाली राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जातिवाद की राजनीति देश की नींव को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा, "बांटने वाली राजनीति हमें फिर से गुलामी की ओर धकेल रही है। जो लोग राम और कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वे आज संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर देश में अविश्वास का संकट पैदा कर रहे हैं।" उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो संबोधन को याद दिलाते हुए आह्वान किया कि हमें गर्व से स्वयं को हिंदू कहना चाहिए, क्योंकि हिंदू भाव सबको जोड़ता है, तोड़ता नहीं। इतिहास का सम्मान और सांस्कृतिक पुनरुद्धार समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मेवाड़ राजपरिवार के विश्वराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों को केवल मनोरंजन या पर्यटन की दृष्टि से नहीं, बल्कि इतिहास की दृष्टि से देखा जाना चाहिए। उन्होंने उदयपुर और नाथद्वारा जैसे नगरों में बढ़ते व्यावसायिकता पर चिंता जताते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग अदम्य जिजीविषा का प्रतीक है। उन्होंने घोषणा की कि दुर्ग में पर्यटकों के लिए एक 'एक्सपीरियंस सेंटर' स्थापित करने की पहल प्रस्तावित है, ताकि यहाँ आने वाले लोग राष्ट्रप्रेम और गौरव की अनुभूति के साथ लौटें। महत्वपूर्ण गतिविधियां पुस्तक विमोचन: कार्यक्रम के दौरान पूर्व राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘जयमल वंश प्रकाश’’ का विमोचन किया गया। पूजा-अर्चना: मुख्यमंत्री योगी ने दुर्ग स्थित जौहर स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की, यज्ञ में आहुति दी और कालिका माता मंदिर में देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान पूर्व राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘जयमल वंश प्रकाश’’ का अतिथियों ने विमोचन किया। समारोह में उत्कृष्ट उपलब्ध्यिं के लिए प्रतिभाओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह, सहकारिता राज्यमंत्री गौतम दक, विधायक श्रीचन्द कृपलानी, अर्जुनलाल जीनगर, शिव विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी, मसूदा विधायक वीरेन्द्र सिंह कानावत, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस लाइन स्थित हेलीपेड पर पहुंचे, जहां राज्यमंत्री गौतम दक, सांसद सी.पी. जोशी, विधायक चन्द्रभान सिंह आक्यां, श्रीचन्द कृपलानी, अर्जुनलाल जीनगर, अशोक कोठारी, वीरेन्द्र सिंह कानावत, दिलीप सिंह परिहार सहित जिला कलक्टर आलोक रंजन और पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने उनकी अगवानी की। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी दुर्ग स्थित जौहर स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित कर यज्ञ में आहुति दी। उन्होंने कालिका माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की समृद्धि की कामना भी की।