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बूझमाड़ की बेटी वनिता नेताम ने रचा इतिहास: ‘आदि पर्व 2026’ में वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

रायपुर अबूझमाड़ की बेटी वनिता नेताम ने ‘आदि पर्व 2026’ में रचा इतिहास नवा रायपुर स्थित आदिवासी संग्रहालय में 13 एवं 14 मार्च 2026 को आयोजित ‘आदि पर्व 2026’ में छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की भव्य झलक देखने को मिली। इस आयोजन में प्रदेश की विभिन्न जनजातियों के प्रतिभागियों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य, गीत और सांस्कृतिक परंपराओं की आकर्षक प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र से शामिल हुई प्रतिभागी वनिता नेताम ने पारंपरिक जनजातीय वेशभूषा में मंच पर अपनी संस्कृति की शानदार प्रस्तुति दी। उनकी पारंपरिक पोशाक और आभूषणों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया और उपस्थित दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। कार्यक्रम के दौरान आयोजित ट्राइबल अटायर शो को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में भाग लेकर वनिता नेताम ने भी अपना नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया, जो नारायणपुर जिले और अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। आदि पर्व 2026 का आयोजन आदिवासी संस्कृति, परंपरा और विरासत को संरक्षित करने तथा उसे देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया। इस मंच के माध्यम से जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक पहचान मिल रही है।

राज्यसभा चुनाव पर कांग्रेस में कलह? MLA बोले- नेता सक्रिय नहीं थे, बयान से मचा सियासी बवाल

पटना. राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता Manoj Biswas के बयान ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पार्टी द्वारा जिस उम्मीदवार को नामित किया गया, वह उन्हें पसंद नहीं था, इसी कारण उन्होंने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। मनोज बिस्वास ने यह भी कहा कि इस चुनाव में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश अध्यक्ष की सक्रिय भागीदारी नजर नहीं आई। उनके अनुसार, ऐसे अहम चुनाव में नेतृत्व की अनुपस्थिति ने कई नेताओं को असहज कर दिया। ‘मतदाताओं की भावना का रखा ख्याल’ उन्होंने कहा कि वे जनता के वोट से विधायक बने हैं और खासतौर पर अल्पसंख्यक समुदाय का समर्थन उन्हें मिला है। ऐसे में वे अपने मतदाताओं की भावनाओं के खिलाफ जाकर वोट नहीं दे सकते थे। पार्टी लाइन से अलग दिखा रुख Manoj Biswas का यह रुख पार्टी लाइन से अलग माना जा रहा है। आमतौर पर ऐसे चुनावों में पार्टी व्हिप का पालन किया जाता है, लेकिन इस बार उनका निर्णय अलग नजर आया। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दल इसे कांग्रेस के भीतर असंतोष का संकेत बता रहे हैं, वहीं पार्टी के भीतर भी इस मुद्दे पर मंथन शुरू हो सकता है। चुनावी रणनीति पर उठे सवाल विशेषज्ञों का मानना है कि उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया और रणनीति को लेकर पार्टी के अंदर मतभेद सामने आए हैं। यह आने वाले चुनावों में पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है। इस घटना ने एक बार फिर पार्टी अनुशासन और व्यक्तिगत असहमति के बीच संतुलन की बहस को हवा दी है। क्या नेताओं को खुलकर असहमति जतानी चाहिए या पार्टी निर्णय का पालन करना चाहिए—यह सवाल फिर उठ खड़ा हुआ है। आगे क्या होगा, इस पर नजर अब नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस मामले पर क्या रुख अपनाता है। क्या इस बयान पर कोई कार्रवाई होगी या इसे व्यक्तिगत राय मानकर नजरअंदाज किया जाएगा, यह आने वाले दिनों में साफ हो सकेगा।

श्री हरमंदिर साहिब परिसर में कंकाल को पगड़ी और जूते पहनकर घुमाने का मामला, SGPC ने शुरू की जांच

अमृतसर  एआई के जरिए एक वीडियो बनाकर कुछ लोगों की ओर से श्री हरमंदिर साहब की बेअदबी करने का मामला सामने आया है। वीडियो में एक कंकाल को पगड़ी पहनकर श्री हरमंदिर साहिब परिसर और लंगर हाल में जूते पहनकर घूमते हुए दिखाया गया है। इससे सिख समुदाय में रोष फैल गया है।   सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मामले में जांच शुरू कर दी है। कमेटी की ओर से संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई करने की पैरवी शुरू कर दी है।  करीब डेढ़ मिनट का यह वीडियो सात दिन अमृतसर में थीम पर तैयार किया गया है। इसमें पहले दिन श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा, दूसरे दिन लंगर हॉल के दृश्य, तीसरे दिन जलियांवाला बाग, चौथे दिन अमृतसरी कुलचे खाते और लस्सी पीते हुए, पांचवें दिन अटारी-वाघा बॉर्डर पर सेरेमनी देखते हुए, छठे दिन शहर की गलियों में घूमते और दुर्गियाना मंदिर में दर्शन करते हुए दृश्य शामिल किए गए हैं। सातवें दिन के हिस्से में सूर्योदय के समय फिर से श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा के दौरान जूते पहने हुए बैठे होने का दृश्य दिखाया गया है, जिस पर सबसे अधिक आपत्ति जताई जा रही है। एसजीपीसी के अधिकारियों  का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जिस किसी की ओर से भी ऐसी शरारत की गई है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करवाई जाएगी। फिलहाल, संबंधित एजेंसियां वीडियो की सत्यता और इसके प्रसार से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी हैं। 

लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: भोपाल में हाउसिंग बोर्ड का डाटा एंट्री ऑपरेटर 5 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

भोपाल राजधानी के जवाहर चौक स्थित मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (हाउसिंग बोर्ड) के कार्यालय में मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने संपदा शाखा प्रक्षेत्र-एक में पदस्थ आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटर ज्ञानेंद्र कुमार पटेल को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपित ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से उनके ईडब्ल्यूएस मकान की लीज नवीनीकरण के बदले 10 हजार रुपये की मांग की थी। जानकारी के अनुसार, सुल्तानाबाद निवासी आवेदक दूधनाथ शुक्ला, जो उपभोक्ता संघ से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, ने वर्ष 1993 में कोटरा सुल्तानाबाद स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में अपनी पत्नी के नाम से एक ईडब्ल्यूएस मकान लिया था। इस मकान की लीज के नवीनीकरण के लिए आरोपित ज्ञानेंद्र पटेल लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। परेशान होकर आवेदक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की। पुलिस महानिदेशक,याेगेश देशमुख विशेष पुलिस स्थापना ( लोकायुक्त संगठन) के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश राठौर के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया। मंगलवार को जैसे ही आरोपित ने पहली किश्त के रूप में 5,000 रुपये लिए, लोकायुक्त की टीम ने उसे उसके कार्यालय कक्ष में ही धर दबोचा। आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधन) 2018 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।  

मुस्कान बामने बोलीं—करुणा पांडे के साथ काम करना हर बार खास

मुंबई, अभिनेत्री मुस्कान बामने का कहना कि करुणा पांडे के साथ एक बार फिर स्क्रीन शेयर करना उनके लिये बेहद खास अनुभव रहा है। सोनी सब के शो पुष्पा इम्पॉसिबल की कहानी के केंद्र में है पुष्पा (करुणा पांडे), जिसकी ताक़त, अपनापन और हिम्मत हर मुश्किल में परिवार को एकजुट रखती है। शो में एक और भावनात्मक परत जोड़ रही हैं मुस्कान बामने, शनाया मेहता का किरदार निभा रही हैं, जो पुष्पा के मूल्यों और विश्वासों को चुनौती देती है। करुणा पांडे के साथ एक बार फिर स्क्रीन शेयर करना मुस्कान के लिए बेहद खास अनुभव रहा है।मुस्कान के लिए करुणा के साथ दोबारा काम करना एक ‘फुल-सर्कल मोमेंट’ जैसा है। दोनों कलाकारों ने पहले भी साथ काम किया था, जब करुणा ने मुस्कान की ऑन-स्क्रीन माँ का किरदार निभाया था। करुणा पांडे के साथ दोबारा काम करने के अनुभव पर मुस्कान बामने ने कहा, “पुष्पा इम्पॉसिबल में करुणा मैम के साथ फिर से काम करना मेरे लिए बेहद खास एहसास है। सालों पहले उन्होंने मेरी ऑन-स्क्रीन माँ का किरदार निभाया था और अब हम एक बिल्कुल अलग डायनामिक में स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। इसे और दिलचस्प बनाता है कि हमारे किरदार लगातार एक-दूसरे से टकराते रहते हैं। शनाया बाग़ी और ज़िद्दी है, जबकि पुष्पा अनुशासन और मूल्यों में गहरा विश्वास रखती है, इसलिए उनकी पर्सनैलिटी नैचुरली क्लैश करती है। लेकिन बतौर कलाकार करुणा मैम बेहद गर्मजोशी से भरी और सपोर्टिव हैं, जिसकी वजह से इन इंटेंस सीन को निभाना और भी मज़ेदार हो जाता है। ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’, सोमवार से शनिवार रात 9:30 बजे सोनी सब पर प्रसारित होता है।  

HPV टीके का सुरक्षा कवच: सरकार का बड़ा कदम, किशोरियों के लिए मुफ्त वैक्सीनेशन अभियान

जगदलपुर. बस्तर में अब स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने एचपीवी टीकाकरण शुरू हुआ। जिला अस्पताल में अभियान की शुरुआत के साथ ही टीके लगाए गए। 14 से 15 वर्ष की करीब 9500 किशोरियों को यह वैक्सीन दी जाएगी। यह वही टीका है जो बाजार में महंगा होता है, लेकिन यहां मुफ्त दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे सभी ब्लॉकों तक पहुंचाने की तैयारी कर ली है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह टीका कैंसर के खतरे को काफी कम करता है। पिछले वर्षों में इस बीमारी से कई महिलाओं की जान जा चुकी है। अधिकारियों ने कहा समय पर टीकाकरण ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। अभियान स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों में भी चलाया जाएगा। लक्ष्य है कि कोई भी किशोरी इस सुरक्षा से वंचित न रहे। यह पहल बस्तर में महिला स्वास्थ्य को लेकर नई उम्मीद बनकर उभरी है। किशोरियों को मिलेगा कैंसर से सुरक्षा एचपीवी वैक्सीन के माध्यम से महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए प्रतिरोधक क्षमता विकसित की जाती है। यह टीका विशेष रूप से किशोरियों के लिए प्रभावी माना जाता है। टीकाकरण के लिए वही किशोरियां पात्र होंगी जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली हो, लेकिन 15 वर्ष का जन्मदिन न मनाया हो। आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड या अन्य फोटो पहचान पत्र मान्य होगा। पहचान पत्र उपलब्ध न होने की स्थिति में अभिभावक द्वारा हस्ताक्षरित शपथ पत्र भी मान्य किया जाएगा। टीकाकरण के बाद लाभार्थियों का पंजीकरण यू-विन पोर्टल पर किया जाएगा और उन्हें डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक लाभार्थी को टीकाकरण के बाद 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाएगा तथा सभी सत्रों में चिकित्सा अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी

पूरा हुआ मनीषा का सपना, मिला सुरक्षित आशियाना मनीषा

रायपुर एक सुरक्षित और पक्का घर हर परिवार के जीवन में स्थिरता, सम्मान और सुकून लेकर आता है। जब वर्षों का सपना हकीकत बनता है, तो वह केवल एक मकान नहीं बल्कि खुशियों और आत्मविश्वास की नई शुरुआत भी होता है। ऐसा ही सुखद बदलाव कोरबा नगर निगम के बुधवारी बाजार की मती मनीषा शुक्ला के जीवन में आया, जब प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के माध्यम से उनका पक्के घर का सपना साकार हुआ। मती मनीषा शुक्ला एक निजी स्कूल में शिक्षिका है। उनके पति  विपिन कुमार शुक्ला और वे लंबे समय से अपने परिवार के लिए एक पक्का मकान बनवाने का विचार कर रहे थे, लेकिन सीमित आय के कारण एक साथ बड़ी राशि जुटा पाना उनके लिए आसान नहीं था। वे जिस पुराने घर में रहते थे, वह पुराना हो चुका था। बारिश के मौसम में घर में पानी टपकने और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता था। घर की स्थिति खराब होने के कारण समय-समय पर मरम्मत करानी पड़ती थी और जगह कम होने से मेहमानों के आने पर भी असुविधा होती थी। वर्ष 2025-26 में हुए सर्वे के दौरान उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 की सूची में शामिल हुआ। आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनका आवास स्वीकृत हो गया। जल्दी ही योजना की पहली किस्त उनके बैंक खाते में आ गई, जिससे उन्होंने अपने सपनों के घर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। मनीषा ने योजना से मिली राशि के साथ अपनी वर्षों की जमा पूंजी भी जोड़ी और एक मजबूत तथा सुंदर पक्का मकान बनवाया। अब उनका घर पूरी तरह तैयार हो चुका है। वे अपने परिवार के साथ नए घर में आराम और सुकून के साथ जीवन व्यतीत कर रही हैं। पक्का मकान बनने से मनीषा की न केवल दैनिक जीवन की परेशानियाँ खत्म हुई हैं, बल्कि समाज में उनकी प्रतिष्ठा भी बढ़ी है। अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में रह रहा है। वह कहती हैं प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके जैसे कई परिवारों को पक्के घर का सपना पूरा करने का अवसर दिया है।

देसी अंदाज में छाएंगे रणदीप हुड्डा, निभाएंगे हरियाणवी जाट का रोल

मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा अपनी आने वाली फिल्म में हरियाणवी जाट के किरदार में नजर आयेंगे। रणदीप हुड्डा ने हाल ही में श्रद्धा कपूर के साथ अपनी आने वाली फिल्म ईथा की शूटिंग खत्म करने के बाद अपनी अगली फिल्म पर काम शुरू कर दिया है। यह नई फिल्म सच्ची घटनाओं से प्रेरित एक कंटेंट-ड्रिवन कहानी है, जिसमें रणदीप अपने हमेशा वाले हटके और दमदार अंदाज़ में नजर आने वाले हैं।इस फिल्म का पहला शेड्यूल पूरा हो चुका है और अब वह अगले शेड्यूल की तैयारी में जुट गए हैं। इस बार रणदीप एक हरियाणवी जाट के किरदार में दिखेंगे, जो एक ऐसी कहानी का हिस्सा है जो रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालने वाले भ्रामक विज्ञापनों की सच्चाई उजागर करती है। फिल्म की कहानी पूरी तरह सच्ची घटनाओं से प्रेरित है। अंजीत भटनागर निर्देशित इस फिल्म में पांच नेशनल अवॉर्ड विनिंग टीम मेंबर्स शामिल हैं, जो इसकी कहानी और विजन को और भी मजबूत बनाते हैं। साथ ही, फिल्म को साउथ इंडस्ट्री के एक बड़े प्रोड्यूसर का सपोर्ट भी मिला है, जिससे इसका स्केल काफी बड़ा नजर आ रहा है।फिल्म का दूसरा शेड्यूल मार्च के आखिर में हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में शुरू होगा।  

चुनावी मोर्चे पर पंजाब के 33 अफसर तैनात, 5 राज्यों में संभालेंगे कमान

चंडीगढ़. केंद्र के चुनाव आयोग की ओर से पश्चिम बंगाल, केरल, असम, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पंजाब से 26 वरिष्ठ आईएएस और 7 आईपीएस अधिकारियों को बतौर जनरल और सुरक्षा आब्जर्वर नियुक्त किया गया है। इन अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने और 4 मई को नतीजे आने तक संबंधित राज्यों में तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार ये अधिकारी नामांकन प्रक्रिया से लेकर चुनाव प्रचार, मतदान और मतगणना तक पूरे चुनावी घटनाक्रम पर नजर रखेंगे। उन्हें अपने-अपने आवंटित विधानसभा क्षेत्रों में जिला डिप्टी कमिश्नरों और रिटर्निंग अधिकारियों के निर्देशों के तहत कार्य करना होगा। पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अन्य राज्यों के वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को आब्जर्वर के रूप में नियुक्त करने की परंपरा रही है। तैनात किए गए अधिकारियों में राहुल तिवाड़ी, गुरकीरत किरपाल और प्रियंक भारती जैसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शामिल हैं, जबकि आईपीएस अधिकारियों में कौस्तुभ शर्मा प्रमुख नाम हैं। खास बात यह है कि छह महिला अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें अपनीत रियात और दीप्ति उप्पल को केरल, सेना अग्रवाल और सोनाली गिरी को पश्चिम बंगाल तथा अलका मीना (आईपीएस) को असम में तैनात किया गया है। पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक अधिकारियों की तैनाती की गई है, जहां अमित ढाका, अरविंद कुमार एमके, हरप्रीत सिंह सूदन, अजीत बालाजी जोशी, कुलवंत सिंह, परमिंदरपाल सिंह, रामवीर, शौकत अहमद पारे, सैयद सहरिश असगर और वरुण रुजम सहित कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। तमिलनाडु में भी पंजाब के छह आईएएस अधिकारियों- घनश्याम थोरी, गुरिंदरपाल सिंह सहोता, परमवीर सिंह, राजीव प्रसार, संदीप कुमार और ओमा शंकर गुप्ता- को ऑब्जर्वर बनाया गया है। वहीं आईपीएस अधिकारी कौस्तुभ शर्मा को भी वहां तैनात किया गया है। इसके अलावा अमृत सिंह और उपकार सिंह को पुडुचेरी में जिम्मेदारी सौंपी गई है। चुनाव आयोग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को दिया जा रहा बढ़ावाः मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मातृ वंदन योजना में छत्तीसगढ़ ने ऐसे ही नहीं मारी बाजी शिकायतों का तेज निराकरण और मंजूरी पर फोकस कर हासिल किया देश में पहला स्थान प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को दिया जा रहा बढ़ावाः मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय  आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर राज्य स्तर के अधिकारियों ने सेवा, समर्पण और दृढ़ निश्चय से हासिल की उपलब्धि रायपुर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना को लाभार्थियों तक पहुंचाने में छत्तीसगढ़ अव्वल रहा है। इससे एक बार फिर साबित हुआ है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में  डबल इंजन की सरकार न सिर्फ जनकल्याणकारी योजनाओं को तेजी से अमल में लाती है, बल्कि प्रशासनिक सक्रियता से उसे हर तबके तक समय पर पहुंचाने के अपने वादे को पूरा करती है।  गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रोत्साहित करने की इस केंद्रीय योजना के तेजी से क्रियान्वयन और शिकायतों का त्वरित निपटान कर छत्तीसगढ़ ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। यह सिर्फ एक सरकारी योजना का राज्य सरकार द्वारा क्रियान्वयन भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी और राज्य स्तर के अधिकारियों तक के सेवा, समर्पण और दृढ़ निश्चय से हासिल की गई उपलब्धि है। जच्चा एवं बच्चा का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। ऐसे मिली उपलब्धि प्रशासनिक अमले द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लगातार मॉनिटरिंग की गई और लाभार्थियों के पंजीयन पर मुख्य रूप से फोकस किया गया। इस योजना का लाभ लेने के लिए वर्ष 2023-24 में जहां 1,75,797 गर्भवती महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, वहीं वर्ष 2024-25 में 2,19,012 रजिस्ट्रेशन किए गए। इसे ही लक्ष्य मानते हुए वर्ष 2025-26 में  फरवरी तक 2,04,138 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया जो लक्ष्य का 93.3 प्रतिशत है। रजिस्ट्रेशन के बाद इसे तुरंत मंजूरी देने पर फोकस किया गया। तय प्रक्रिया के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा फार्म भरने, पर्यवेक्षक द्वारा इसके सत्यापन और परियोजना अधिकारी और राज्य स्तर पर मंजूरी देने में तेजी लाई गई। भरे गए  आवेदनों के 83 प्रतिशत का परीक्षण कर इसे भुगतान के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया। केंद्र से छत्तीसगढ़ को मिली स्वीकृति की दर भी सबसे ज्यादा 83.87 रही है। इसके बाद तीसरी कैटेगरी शिकायतों के निराकरण के संबंध में आंकड़ों का परीक्षण किया गया। लाभार्थियों की ज्यादातर शिकायतें भुगतान न होने को लेकर थी। इस पर तत्काल ध्यान दिया गया और कोई कमी थी तो उसे दूर किया गया। हालांकि राज्य सरकार ने सभी शिकायतों का निराकरण कर दिया गया, लेकिन केंद्र सरकार के आंकड़ों में 30 दिन से ज्यादा लंबित शिकायतों की संख्या 7 प्रतिशत पाई गई है। इसके बावजूद 93 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण कर राज्य पहले स्थान पर रहा।  यदि तीन वर्षों के आंकड़ों को देखा जाए तो छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत कुल 5,98,947 गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया, जिनमें से 5,40,624 को स्वीकृति दे दी गई।  गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान और उससे पूर्व पौष्टिक आहार व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार इस योजना के तहत 5 हजार रुपये और दूसरी बेटी के जन्म पर एकमुश्त 6 हजार रुपये देती है। यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है। गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन के समय 1,000 रुपये, 6 माह बाद 2,000 रुपये और बच्चे के जन्म, पंजीकरण और टीकाकरण के बाद 2,000 रुपये का भुगतान किया जाता है। इसका मकसद संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर को कम करना है।