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CM विष्णु देव साय बोले—सरहुल हमारी सांस्कृतिक पहचान, इसे सहेजना सबकी जिम्मेदारी

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज जशपुर के दीपू बगीचा में आयोजित पारंपरिक सरहुल महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने धरती माता, सूर्य देव एवं साल वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, उत्तम वर्षा और समृद्ध फसल की कामना की। सरहुल की पारंपरिक रस्म के तहत पूजा कराने वाले बैगा द्वारा मुख्यमंत्री के कान में सरई (साल) फूल खोंचकर शुभ आशीष प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने जिलेवासियों को सरहुल उत्सव एवं हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरहुल महोत्सव सदियों से प्रकृति, धरती और जीवन के संतुलन का प्रतीक रहा है। बैगा, पाहन एवं पुजारी द्वारा की जाने वाली पूजा-अर्चना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामूहिक जीवन मूल्यों की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि यह पर्व जनजातीय समाज की समृद्ध सभ्यता और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है, जिसे सहेजकर रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता से किए गए वादों को तेजी से पूरा कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 25 किश्तों में 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी किए जा चुके हैं, जिससे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। वहीं 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत धर्म स्वातंत्र्य विधेयक भी सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगा। उल्लेखनीय है कि सरहुल परब चैत्र माह में मनाया जाने वाला उरांव समुदाय का प्रमुख पर्व है, जो प्रकृति के नवजीवन और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। इस पर्व में धरती माता और सूर्य देव के प्रतीकात्मक विवाह के साथ सामूहिक पूजा की जाती है। सरना स्थल पर पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना, प्रसाद वितरण और लोकनृत्य-गीतों के माध्यम से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ किया जाता है। घर-घर सरई फूल और पवित्र जल का वितरण कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजी 100 से अधिक महिलाओं एवं युवतियों की टोली ने मनमोहक सरहुल नृत्य प्रस्तुत किया। मांदर की गूंजती थाप और उत्साह से भरे वातावरण ने पूरे परिसर को जनजातीय संस्कृति के रंग में रंग दिया, जहां जनसैलाब उमड़ पड़ा और उत्सव का उल्लास चरम पर रहा। इस अवसर पर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष  सत्येंद्र सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री  योगेश बापट, विधायक मती गोमती साय, नगर पालिका अध्यक्ष  अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

दमोह अस्पताल में हंगामा, जेल प्रहरी से बदसलूकी का वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी

 दमोह  दमोह जिला अस्पताल में एक बंदी की सुरक्षा में तैनात जेल प्रहरी के साथ बदमाश द्वारा झूमा-झटकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घटना बुधवार रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जो गुरुवार को सामने आई। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो में एक बदमाश जेल प्रहरी के साथ हाथापाई करता नजर आ रहा है और उसकी वर्दी फाड़ने का प्रयास कर रहा है। दूसरे वीडियो में आरोपी गालियां देते हुए खुद को जहीर खान बताते हुए जान से मारने की धमकी दे रहा है। अस्पताल में भर्ती बंदी की सुरक्षा में था प्रहरी जेल उप अधीक्षक एमएल पटेल ने बताया कि एक बंदी के बीमार होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार रात 10 बजे से 2 बजे तक प्रहरी छोटेलाल अहिरवार की ड्यूटी थी। इसी दौरान बदमाश ने उसके साथ झूमा-झटकी की और मारपीट करने की कोशिश की। बाइक लेने गया तो घेरकर किया हमला प्रहरी ने बताया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद जब वह अपनी बाइक लेने साइकिल स्टैंड पर गया, तभी दो बदमाशों ने उसे घेर लिया। इनमें से एक आरोपी पहले जेल में बंद रह चुका है। पहचान होने पर वह आक्रोशित हो गया और हाथापाई करने लगा। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।  

IPL में कप्तान के अंडर रन मशीन बने ये 5 बल्लेबाज, MS Dhoni की अगुवाई में किसने मचाया धमाल?

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का 28 मार्च से आगाज होने जा रहा है। यह लीग का 19वां सीजन है। नया सीजन शुरू होने से पहले जानिए आईपीएल में एक कप्तान के अंडर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप 5 बल्लेबाज कौन हैं?   सुरेश रैना आईपीएल में एक कप्तान के अंडर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सुरेश रैना के नाम दर्ज है। वह चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में एमएस धोनी की अगुवाई में चमके। उन्होंने धोनी के अंडर 4599 रन बनाए। पूर्व बल्लेबाज 2021 में आखिरी बार आईपीएल में खेला। सीएसके की कमान अब ऋतुराज गायकवाड़ के पास है। एबी डिविलियिर्स लिस्ट में दूसरे नंबर पर साउथ अफ्रीका के पूर्व दिग्गज एबी डिविलियिर्स हैं। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) में विराट कोहली की कप्तानी में 3892 रन जुटाए। उन्होंने भी 2021 में अंतिम आईपीएल मैच खेला। कोहली ने आईपीएल 2022 से आरसीबी की कप्तानी छोड़ दी थी। फाफ डुप्लेसी साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर फाफ डुप्लेसी ने सीएसके में रहते हुए धोनी की अगुवाई में 2882 रन जोड़े। उनका 2021 में सीएसके से नाता टूटा। फिर डुप्लेसी तीन साल आरसीबी के कप्तान रहे। वह पिछले सीजन दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के लिए खेले थे। कीरोन पोलार्ड वेस्टइंडीज के पूर्व धाकड़ ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड ने मुंबई इंडियंस (एमआई) में रोहित शर्मा के नेतृत्व में 2551 रन बटोरे। उन्होंने 2022 में आखिरी आईपीएल मैच खेला। रोहित के अंडर एमआई ने पांच आईपीएल खिताब जीती। मुंबई की बागडोर अब हार्दिक पांड्या के पास है। सूर्यकुमार यादव सूर्यकुमार यादव सूची में पांचवें पायदान पर हैं। वह मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हैं। ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए मशहूर सूर्या ने आईपीएल में रोहित की कप्तानी में 2443 रन बनाए।

ग्वालियर हाईकोर्ट सख्त: शिवपुरी की डाटा एंट्री ऑपरेटर भर्ती निरस्त, अधिकारियों पर जुर्माना

ग्वालियर  MP हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने शिवपुरी में निकाली गई डाटा एंट्री ऑपरेटर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता पाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। आनंद सिंह बहारावत की एकलपीठ ने योगेश कुमार कुशवाह की याचिका पर सुनवाई करते हुए 26 सितंबर 2014 को जारी भर्ती विज्ञापन को रद कर दिया। उसके आधार पर हुई सभी नियुक्तियों को भी निरस्त कर दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से क्या दी गई दलील याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जय प्रकाश कुशवाह ने दलील दी कि यह विज्ञापन राज्य सरकार के 11 सितंबर 2014 के आदेश के आधार पर जारी किया गया था, लेकिन भर्ती प्रक्रिया को 14 जुलाई 2011 के लोक सेवा प्रबंधन विभाग के सर्कुलर के अनुसार होना था। इस सर्कुलर में केवल स्नातक योग्यता और मेरिट के आधार पर चयन का प्रविधान था, जबकि शिवपुरी प्रशासन ने नियमों के खिलाफ जाकर न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक की शर्त जोड़ दी और विषय संबंधी शर्तों का भी सही पालन नहीं किया, जिससे कई योग्य उम्मीदवार आवेदन से वंचित हो गए। तीन महीने के भीतर नया विज्ञापन जारी करने का आदेश राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता रिंकेश गोयल ने विज्ञापन का समर्थन किया, लेकिन कोर्ट ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि अतिरिक्त कलेक्टर, शिवपुरी ने निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया और गलत तरीके से विज्ञापन जारी किया। इस आधार पर कोर्ट ने कलेक्टर, शिवपुरी को निर्देश दिए कि वे तीन महीने के भीतर नियमों के अनुसार नया विज्ञापन जारी करें और संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई भी करें। आयु सीमा के आधार पर खारिज नहीं होग आवेदन कोर्ट ने यह भी माना कि प्रशासन की गलती के कारण याचिकाकर्ता योगेश कुमार कुशवाह भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके, इसलिए जब नई भर्ती निकलेगी तो उनके आवेदन को आयु सीमा के आधार पर खारिज नहीं किया जाएगा। साथ ही, हाई कोर्ट ने प्रशासन की लापरवाही को गंभीर मानते हुए याचिकाकर्ता को 1.50 लाख रुपये का मुआवजा देने और 25 हजार रुपये नगर निगम ग्वालियर के स्वच्छता फंड में जमा कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कुल 1.75 लाख रुपये की राशि बाद में संबंधित दोषी अधिकारी से वसूली जा सकती है।  

कलेक्टर ने पुस्तक दान रथ को दिखाई हरी झंडी

रायपुर कलेक्टर ने पुस्तक दान रथ को दिखाई हरी झंडी बस्तर जिले में शिक्षा और ज्ञान की नई अलख जगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक अत्यंत सराहनीय और अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। कलेक्टर  आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में पूरे जिले में पुस्तक दान अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया है। जिसका मुख्य लक्ष्य घरों की अलमारियों में रखी पुरानी और उपयोगी किताबों को उन जरूरतमंद हाथों तक पहुँचाना है जो संसाधनों के अभाव में ज्ञान की मुख्यधारा से दूर रह जाते हैं। इस पुनीत कार्य के लिए जिला प्रशासन ने समस्त आम जनता, जनप्रतिनिधियों, शासकीय अधिकारियों और विद्यार्थियों से एक भावुक अपील की है कि वे अपनी पुरानी ज्ञानवर्धक पुस्तकें, महापुरुषों की प्रेरणादायक जीवनियाँ और सामान्य ज्ञान की किताबें दान कर किसी विद्यार्थी के जीवन की दिशा बदलने में सहभागी बनें। प्रशासन का मानना है कि यह अभियान न केवल पुरानी किताबों को नया जीवन देगा, बल्कि समाज में दान की एक नई और बौद्धिक संस्कृति को भी विकसित करेगा। कलेक्टर ने पुस्तक दान रथ को दिखाई हरी झंडी       इस महाभियान को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन द्वारा एक विशेष पुस्तक दान रथ तैयार किया गया है, जिसे कलेक्टर  आकाश छिकारा ने कलेक्ट्रेट परिसर में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के पहले ही दिन उत्साह का माहौल देखा गया और शहर के पावर हाउस चैक, डोंगरीपारा, कोहकापाल, धरमपुरा और नया बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों से होते हुए सिटी कोतवाली तक लोगों ने बढ़-चढ़कर अपनी पुस्तकें दान कीं। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी  बीआर बघेल और आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त  गणेश राम सोरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने खुद भी इस मुहिम में योगदान दिया।         सिलसिलेवार तरीके से यह अभियान अगले सात दिनों तक बस्तर के कोने-कोने में पहुँचेगा, जिसके तहत 20 मार्च को तोकापाल के एर्राकोट और करंजी क्षेत्रों में, 21 मार्च को बास्तानार और किलेपाल में तथा 22 मार्च को दरभा और तीरथगढ़ के अंचलों में यह रथ भ्रमण करेगा। इसी क्रम में 23 मार्च को बकावण्ड, 24 मार्च को लोहण्डीगुड़ा और अंतिम दिन 25 मार्च को बस्तर विकासखंड के भानपुरी और केशरपाल जैसे क्षेत्रों में सघन रूप से पुस्तकें संग्रहित की जाएंगी। एकत्रित की गई इन बहुमूल्य पुस्तकों को जिला ग्रंथालय एवं विकासखंड स्तर के पुस्तकालयों में पूरी संजीदगी के साथ संरक्षित किया जाएगा, ताकि वे जिज्ञासु पाठकों और जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के काम आ सकें। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा से पारित हुआ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा से पारित हुआ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026  छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा -वित्त मंत्री ओपी चौधरी रायपुर छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और सुव्यवस्थित विकास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस संशोधन का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में अनियंत्रित विस्तार और अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण स्थापित करते हुए योजनाबद्ध विकास को गति देना है। सदन में चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि वर्तमान में नगर विकास योजनाएं तैयार करने और उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मुख्यतः रायपुर विकास प्राधिकरण और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण जैसे प्राधिकरणों पर निर्भर है। हालांकि, राज्य गठन के बाद विभिन्न कारणों से ऐसी योजनाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, जिससे कई शहरों में अव्यवस्थित विकास और अवैध प्लॉटिंग की समस्या बढ़ी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी से नगर विकास योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। विशेष रूप से अहमदाबाद में रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाएं योजनाबद्ध तरीके से विकसित की गई हैं। वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी रायपुर मास्टर प्लान के अंतर्गत एम.आर.-43 मार्ग का निर्माण नगर विकास योजना के माध्यम से किया जा रहा है, जो इस प्रणाली की उपयोगिता को दर्शाता है। संशोधन के तहत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-38 में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार अब नगर विकास योजनाएं तैयार करने के लिए अधिकृत एजेंसियों के दायरे का विस्तार किया जाएगा। नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरणों के अलावा राज्य शासन के अभिकरणों और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को भी इस कार्य के लिए अधिकृत किया जा सकेगा। इस बदलाव के बाद छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम जैसे संस्थान भी नगर विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में भागीदारी निभा सकेंगे। इससे योजनाओं की संख्या में वृद्धि होने के साथ-साथ औद्योगिक और आवासीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि इस विधेयक का मूल उद्देश्य राज्य में सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना, अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश लगाना और उद्योग व आवास के लिए व्यवस्थित भूखंडों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संशोधन छत्तीसगढ़ के शहरी परिदृश्य को अधिक सुव्यवस्थित और विकासोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

चौंकाने वाला खुलासा: हरियाणा के युवाओं में दिल की बीमारी से बढ़ी मौतें

चंडीगढ़. हरियाणा में युवाओं के दिल कमजोर पड़ते जा रहे हैं। COVID-19 महामारी की शुरुआत से अब तक, राज्य में कुल 17,973 लोगों की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। दिल का दौरा पड़ने से जान गंवाने वाले इन लोगों में से ज्यादातर की उम्र 18 से 45 साल के बीच थी। बुधवार को हरियाणा सरकार ने इस मामले पर विधानसभा में एक रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 से दिल का दौरा पड़ने से होने वाली मौतों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। बजट सत्र के आखिरी दिन, जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने सरकार से पूछा कि 2020 में COVID-19 महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक, राज्य में 18 से 45 साल की उम्र के कितने युवाओं की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। उन्होंने सरकार से यह भी जानना चाहा कि क्या कोई ऐसा अध्ययन किया गया है, जिससे यह पता चल सके कि इन मौतों और COVID-19 संक्रमण या कोरोना टीकाकरण के बीच कोई संबंध है या नहीं। हालांकि, जब विधानसभा में उनके सवाल पर चर्चा हो रही थी, तब वह सदन में मौजूद नहीं थीं, फिर भी सरकार ने रिपोर्ट पेश की। विनेश फोगाट के सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि इन मौतों और कोविड-19 टीकाकरण के बीच कोई संबंध नहीं है; इसलिए, इस मामले पर किसी भी तरह का सर्वेक्षण करना जरूरी नहीं समझा गया। वर्ष दर वर्ष मौत का आंकड़ा साल     मौत का आंकड़ा 2020     2394 2021     3188 2022     2796 2023     2886 2024     3063 2025     3255 2026 (केवल जनवरी)     391 यमुना नगर, फरीदाबाद और नूंह में सर्वाधिक मौतें हरियाणा सरकार द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 में दिल के दौरे (हार्ट अटैक) से होने वाली सबसे ज़्यादा मौतें यमुनानगर जिले में हुईं। यहां, एक महीने के अंदर 71 युवाओं की मौत हो गई। दिल के दौरे से होने वाली मौतें इस प्रकार दर्ज की गईं: भिवानी जिले में नौ, चरखी दादरी में छह, फरीदाबाद में 43, फतेहाबाद में 30, गुरुग्राम में आठ, झज्जर में 17, जींद में 12, कैथल में 12, करनाल में आठ, कुरुक्षेत्र में 14, नूंह में 36, नारनौल में छह, पंचकूला में 19, पानीपत में पांच, पलवल में 37, रेवाड़ी में 17, सिरसा में 35, सोनीपत में छह, और यमुनानगर जिले में 71। राज्य के भीतर, इस एक महीने की अवधि के दौरान रोहतक, हिसार या अंबाला में दिल के दौरे से कोई मौत दर्ज नहीं की गई।

डॉ. शिबानी के सपनों को मिली प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से स्वावलंबन की उड़ान

रायपुर आज के बदलते दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। बस्तर जिले की डॉ. शिबानी रानी सारंगी ऐसी ही एक प्रेरणादायक शख्सियत बनकर उभरी हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से न केवल अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा किया, बल्कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना का लाभ उठाकर उद्यमिता के क्षेत्र में भी कदम रखा है।         बचपन से ही समाज सेवा का जज्बा रखने वाली डॉ. शिबानी ने कड़ी मेहनत से डेंटल सर्जरी की डिग्री प्राप्त की और ओरल व मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में विशेषज्ञता हासिल की, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद स्वयं का क्लिनिक स्थापित करना उनके लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती थी।         इस मुश्किल घड़ी में डॉ. शिबानी को एक मित्र के माध्यम से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जगदलपुर द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी मिली। उन्होंने तत्काल कार्यालय जाकर ऋण प्रक्रिया को समझा और पंजाब नेशनल बैंक की डिमरापाल शाखा में अपना आवेदन प्रेषित किया। योजना के तहत उन्हें 8 लाख 56 हजार 900 रुपए की ऋण राशि स्वीकृत हुई, जिससे उनके सपनों को धरातल पर आने का रास्ता मिल गया। शासन की ओर से उन्हें 2 लाख 25 हजार 500 रुपए की सब्सिडी (अनुदान) भी प्राप्त हुई, जिससे उनका वित्तीय बोझ काफी कम हो गया।         वर्ष 2024 में जगदलपुर के कोठारी कॉम्प्लेक्स स्थित राम पोलिक्लिनिक में अपने डेंटल क्लिनिक की शुरुआत कर डॉ. शिबानी ने एक सफल चिकित्सक के साथ ही व्यवसायी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। आज उनके क्लिनिक में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं और उनका सालाना टर्नओवर 3 से 4 लाख रुपए तक पहुंच गया है। विशेष बात यह है कि उन्होंने न केवल खुद को स्थापित किया, बल्कि अपने साथ दो अन्य महिलाओं को भी रोजगार प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। डॉ. शिबानी की यह सफलता सिद्ध करती है कि यदि मन में मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास हो, तो सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के सहयोग से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर एक्शन: रामकृष्ण हॉस्पिटल के ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज

रायपुर. राजधानी के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में हुए दर्दनाक हादसे में तीन सफाई कर्मचारियों की मौत के मामले में पुलिस ने घटना के 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज की। टिकरापारा थाना क्षेत्र में दर्ज की गई FIR में सफाई ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस बीच राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल बीती रात रायपुर पहुंचे और आज सुबह उन्होंने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। बता दें कि हरदीप सिंह गिल ने राजधानी रायपुर के संतोषी नगर स्थित BSUP कॉलोनी, सिमरन सिटी में मृतक कर्मचारियों के परिवारजनों से बातचीत की और घटना की पीड़ा को समझा। उन्होंने कहा, “परिवार के साथ आज मुलाकात की है। यह बहुत दुख की घड़ी है। मैंने उनकी पूरी बातें सुनी कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ।” घटना स्थल का भी जायजा लिया गया और अस्पताल के डॉक्टरों से मुलाकात कर आवश्यक जानकारी एकत्र की गई। हरदीप सिंह ने कहा, “घटना स्थल पर हमने जांच की और पाया कि वहां कई खामियां हैं। रात में अस्पताल ने सफाई की अनुमति क्यों दी, यह जांच का विषय है। यदि इन कर्मचारियों को काम करवाना था तो नगर निगम को सूचित किया जाना चाहिए था। जो भी इसमें दोषी ठहराया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” हरदीप सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हादसे में मृत कर्मचारियों के परिवार को तुरंत 30 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है। इसके अलावा, मृतक कर्मचारियों की नौकरी और पुनर्वास के लिए जो भी सरकारी जिम्मेदारी होगी, उसे पूरी तरह निर्वहन किया जाएगा। हरदीप सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में और कोई शिकायत सामने आती है, तो राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग निष्पक्ष जांच और कार्रवाई करेगा।

मौसम का यू-टर्न: पंजाब में तेज हवा और ओलावृष्टि की संभावना, सतर्क रहने की सलाह

लुधियाना. लुधियाना. पंजाब के कुछ हिस्सों में वीरवार और शुक्रवार मौसम का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें ओलावृष्टि के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। इससे पहले वीरवार भी विभिन्न जिलों में बादल छाए रहे। कहीं-कहीं वर्षा भी हुई। पिछले चौबीस घंटे में जिला पठानकोट में 4.5 एमएम वर्षा, अमृतसर में 0.5 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। जिला पटियाला में दिन का तापमान सबसे अधि 27.7 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना का तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस, रूपनगर का तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग ने पंजाब के लिए दो दिनों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत तकरीबन सभी जिलों में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और साथ में बारिश व ओलावृष्टि होने की संभावना है। विभाग के मुताबिक इससे आने वाले दिनों में पंजाब में दिन के तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। सबसे अधिक 27.7 डिग्री का पारा पटियाला का दर्ज किया गया। हालांकि पंजाब के न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य के नजदीक दर्ज किया गया। सबसे कम 12.5 डिग्री का पारा फरीदकोट का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री, लुधियाना का 26.2 डिग्री, पठानकोट का 22.7 डिग्री, बठिंडा का 25.5 डिग्री, फिरोजपुर का 23.0 डिग्री, होशियारपुर का 23.5 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 14.8 डिग्री, लुधियाना का 15.6 डिग्री, पटियाला का 14.7 डिग्री, पठानकोट का 14.0 डिग्री और बठिंडा का 15.3 डिग्री दर्ज किया गया। गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने चंडीगढ़ के लिए अगले 48 घंटों का येलो अलर्ट जारी किया है। शहर में 19 और 20 मार्च को गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इन दिनों आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। बारिश और बादलों के असर से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान 20 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है जबकि रात का पारा 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। हालांकि, 21 से 23 मार्च के बीच मौसम में कुछ सुधार देखने को मिलेगा। इस दौरान आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और तापमान धीरे-धीरे बढ़कर 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार हाल ही में शहर का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से थोड़ा कम रहा। वहीं कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी देखने को मिली। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।