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LPG उपभोक्ताओं के लिए राहत: पंजाब में 3-4 दिन में डिलीवरी, बुकिंग के नियम तय

बठिंडा. डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने जिले में घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। इस दौरान तेल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि जिले में घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। गैस सिलेंडर की डिलीवरी बुकिंग के 3-4 दिनों के भीतर की जा रही है और पेट्रोल पंपों व गैस एजेंसियों को सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि सरकारी निर्देशों के अनुसार अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, फार्मास्युटिकल उद्योग, बीज प्रोसेसिंग यूनिट्स, मछली पालन और एयरलाइन/रेलवे कैंटीनों को कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी राहत तेल कंपनियों के बिक्री अधिकारियों ने बताया कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में गैस बुकिंग का समय 45 दिन था, जिसे अब घटाकर 25 दिन कर दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को काफी राहत मिली है। कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि घरेलू गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें रोजाना अलग-अलग स्थानों पर जांच कर किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि पर नजर रख रही हैं। घबराने की जरूरत नहीं: DC डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिले में गैस और ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने सलाह दी कि गैस बुकिंग 25 दिन पहले ही कराएं और सिलेंडर डिलीवरी कोड के जरिए ही लें। साथ ही उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना KYC पूरा नहीं किया है, वे संबंधित गैस एजेंसियों या ऑनलाइन माध्यम से जल्द से जल्द KYC प्रक्रिया पूरी करें।

मंदिर गेट पर विवादित पोस्टर से हड़कंप, दमोह में ‘एंट्री बैन’ और लव जिहाद को लेकर चेतावनी

दमोह शहर के बड़ी देवी मंदिर गेट के बाहर चैत्र नवरात्रि पर्व पर हिंदू संगठन द्वारा पोस्टर लगाए गए हैं, जिसमें विधर्मियों का प्रवेश निषेध लिखा है। इसके अलावा अंदर टीन शेड पर भी लव जिहाद जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए पोस्टर लगाए गए हैं। मंदिर के मुख्य गेट पर लगाए गए यह पोस्टर इस समय चर्चा का विषय बन गए हैं। हिंदू संगठन की ओर से लगाए गए इन पोस्टरों में महिलाओं से पारंपरिक परिधान में मंदिर आने की अपील की गई है। विशेष समुदाय के युवकों पर छेड़छाड़ के आरोप हिंदू संगठन के नित्या प्यासी ने बताया कि बड़ी देवी मंदिर धार्मिक क्षेत्र है, वह घूमने वाला क्षेत्र नहीं है। जिन लोगों की आस्था हिंदू धर्म और सनातन धर्म में नहीं है, उन्हीं को लेकर हमने यह पोस्टर लगाए हैं। उसमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि विधर्मियों का प्रवेश निषेध है; माताएं-बहनें पारंपरिक सांस्कृतिक परिधान में ही माता की आराधना करें। उन्होंने आगे बताया कि पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि मंदिर में विशेष समुदाय के युवक यहां घूमते दिखाई दिए हैं और कई बार इन लोगों के द्वारा छेड़छाड़ जैसी घटनाएं भी की गई हैं। हमने कार्रवाई करते हुए पुलिस को इन्हें सौंपा है। 'प्रशासन बाद में पहुंचेगा, हम अपने हिसाब से कार्रवाई करेंगे' नित्या प्यासी ने आगे कहा कि जब आपकी आस्था हिंदू और सनातन धर्म में नहीं है तो बड़ी देवी मंदिर में क्यों जाना? वहां हमारी माताएं, बहनें मां की आराधना करती हैं, 9 दिन का उपवास करती हैं, तो वहां समुदाय विशेष के युवक को नहीं जाना चाहिए। यह लोग लव जिहाद की घटना के तहत ही यहाँ आते हैं और षड्यंत्र रचते हैं। लव जिहाद फैलाने के उद्देश्य से जो भी व्यक्ति हमें दोबारा मिलता है, तो अब हमारा कहना है कि प्रशासन तो बाद में पहुँचेगा, हम पहले ही अपने हिसाब से कार्रवाई करेंगे। कड़ी कार्रवाई का अल्टीमेटम, 'हाथ में डंडा है और इलाज भी जानते हैं' हमारा स्पष्ट रूप से कहना है कि यदि हमारे धार्मिक स्थान पर जाना है तो अपनी माता और बहनों को भी साथ लेकर जाइए, हम आपका फूल-मालाओं से स्वागत करेंगे। यदि आप लव जिहाद के उद्देश्य से जाएंगे तो हमारे हाथ में डंडा है और उसमें झंडा लगा रहता है। हम इसका इलाज भी जानते हैं; यदि मंदिर क्षेत्र में माता, बहनों के साथ छेड़छाड़ या लव जिहाद जैसी हरकत की गई तो इसका बहुत बड़ा नुकसान ऐसे लोगों को भुगतना होगा।  

युवा उद्यमिता को मिल रही नई उड़ान, योगी सरकार के विजन को लखीमपुर के अब्दुल ने किया साकार

लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा चलाई जा रहीं महत्वकांक्षी योजनाएं आज युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बन चुकीं हैं। सरकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी मिल रही है। लखीमपुर खीरी के ग्राम श्रीनगर के रहने वाले अब्दुल माबूद ने योगी सरकार के विजन को धरातल पर उतारा है।  अब्दुल माबूद ने अपनी मेहनत और सरकारी योजना के माध्यम से रेडीमेड गारमेंट का सफल व्यवसाय खड़ा किया है। उन्होंने साल 2021 में उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ के तहत 10 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। जिसके बाद सरकारी योजना से मिली वित्तीय सहायता ने उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने आधुनिक मशीनें खरीदीं और अपने छोटे से काम को एक संगठित उद्योग का रूप दे दिया। उनके यूनिट में हर महीने करीब 5 से 6 हजार लोअर (ट्रैक पैंट) बनते हैं। अब्दुल माबूद का यह उद्यम केवल उनके लिए कमाई का साधन ही नहीं, बल्कि आसपास के लोगों के लिए भी रोजगार का साधन बना है। इस उद्योग से न सिर्फ 24 लोगों को रोजगार मिला, उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। लागत और खर्चों के बाद अब्दुल की शुद्ध मासिक आय 50 हजार रुपये से अधिक है। योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन उत्तर प्रदेश में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है। ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा करना है। पारंपरिक कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण के साथ मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान करना है। इच्छुक युवा पूर्ण जानकारी प्राप्त करके आधिकारिक पोर्टल KVIC PMEGP e-Portal के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

योगी सरकार में गो-आश्रय स्थलों की निगरानी हुई हाईटेक

लखनऊ उत्तर प्रदेश में गोवंश संरक्षण को तकनीक से जोड़ते हुए एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश भर के जनपदों में संचालित 5446 गो-आश्रय स्थलों को सीसीटीवी निगरानी से जोड़ दिया गया है, जहां अब तक कुल 7592 कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। यह पहल न केवल पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि गोवंश की सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने का भी मजबूत माध्यम बन रही है। पशुओं के खान-पान, स्वास्थ्य, साफ-सफाई आदि की लगातार निगरानी संभव अब इन आश्रय स्थलों की 24×7 निगरानी संभव हो गई है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए पशुओं के खान-पान, स्वास्थ्य, साफ-सफाई और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है। यह व्यवस्था प्रशासनिक जवाबदेही को भी मजबूत कर रही है। समय पर चारा, स्वच्छ पानी और चिकित्सा उपलब्ध कराना लक्ष्य प्रदेश के इन गो-आश्रय स्थलों में बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं, जिनकी देखभाल सरकार की प्राथमिकता में है। सीसीटीवी निगरानी के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पशुओं को समय पर चारा, स्वच्छ पानी और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। पूरे प्रदेश में एकीकृत और सुदृढ़ निगरानी तंत्र होगा विकसित पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार, यह डिजिटल निगरानी प्रणाली प्रशासनिक पारदर्शिता के साथ-साथ आम जनता के विश्वास को भी सुदृढ़ कर रही है। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो रही है। वर्तमान में 56 जनपदों में कमांड एवं कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, जहां से इन कैमरों की मॉनिटरिंग की जा रही है, जबकि शेष 19 जनपदों में सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड के माध्यम से जल्द ही कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। इससे पूरे प्रदेश में एकीकृत और सुदृढ़ निगरानी तंत्र विकसित होगा। नियमित मॉनिटरिंग होगी सुनिश्चित सरकार ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि सीसीटीवी कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और किसी भी खराबी की स्थिति में तत्काल सुधार कराया जाए। साथ ही अधिकारियों को समय-समय पर स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

IPL 2026 में ओपनिंग सेरेमनी का नहीं होगा आयोजन, BCCI ने लिया बड़ा फैसला, ग्रैंड सेलिब्रेशन कब होगा?

बेंगलुरु  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आईपीएल 2026 के भव्य आगाज को लेकर एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है। पिछले साल बेंगलुरु में आरसीबी की पहली खिताबी जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ की दुखद घटना के कारण इस साल ओपनिंग सेरेमनी आयोजित नहीं की जाएगी। इस दुर्घटना ने 11 लोगों की जान चली गई थी। जिसके कारण आरसीबी को फैंस के गुस्से का भी सामना करना पड़ा था। पीड़ितों को श्रध्दांजली देने के लिए रद्द हुआ जश्न बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने  बातचीत में पुष्टि की है कि 4 जून, 2025 को बेंगलुरु में हुई उस त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले 11 पीड़ितों की याद में यह फैसला लिया गया है। 28 मार्च को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होने वाले शुरुआती मैच से पहले कोई सांस्कृतिक या मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा। बीसीसीआई इसे उन दिवंगत आत्माओं के प्रति श्रध्दांजली के रूप में देख रहा है। 31 मई को होगा ग्रैंड क्लोजिंग समारोह भले ही टूर्नामेंट की शुरुआत सादगी से होगी, लेकिन बीसीसीआई आईपीएल के 19वें सीजन के समापन को यादगार बनाने की तैयारी कर रहा है। देवजीत सैकिया ने बताया कि 31 मई को फाइनल मैच के दिन एक भव्य क्लोजिंग सेरेमनी का आयोजन किया जाएगा। पिछले साल कोलकाता के ईडन गार्डन्स में शाहरुख खान, श्रेया घोषाल और करण औजला जैसे सितारों ने अपनी प्रस्तुति दी थी, वैसी ही कुछ चमक इस साल के अंत में देखने को मिल सकती है। संवेदनशीलता की पुरानी परंपरा यह पहली बार नहीं है जब बीसीसीआई ने किसी त्रासदी के कारण जश्न रद्द किया हो। इससे पहले 2019 में पुलवामा हमले के बाद भी आईपीएल 12 की ओपनिंग सेरेमनी को रद्द कर दिया गया था। उस समय समारोह के लिए आवंटित धन को शहीद सीआरपीएफ जवानों के परिवारों को दान कर दिया गया था। बीसीसीआई ने जल्द ही आईपीएल के बाकी मैचों के शेड्यूल की घोषणा करने की बात भी कही है। RCB vs SRH: डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरेगी बेंगलुरु सीजन का पहला मुकाबला बैंगलोर में ही  28 मार्च को शाम 7:30 बजे से एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा. आरसीबी इस बार डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर मैदान में उतरेगी, क्योंकि पिछले सीजन में टीम ने पंजाब किंग्स को हराकर अपना पहला ऐतिहासिक खिताब जीता था. क्लोजिंग सेरेमनी का होगा आयोजन  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)आईपीएल फाइनल वाले दिन ग्रैंड क्लोजिंग सेरेमनी की तैयारी कर रहा है. आईपीएल 2026 का फाइनल 31 मई को खेला जाएगा. पूरे सीजन का शिड्यूल अभी तय नहीं हुआ है  10 टीमों वाली इस लीग के लिए पहले चरण में  बीसीसीआई ने अभी केवल 20 मैचों का शेड्यूल तय किया है. उम्मीद की जा रही है कि इस सीजन का क्लोजिंग सेरेमनी भव्य और शानदार होगा. क्या बारिश बिगाड़ेगी खेल? बेंगलुरु के मौसम को लेकर क्रिकेट फैंस थोड़े चिंतित हो सकते हैं. मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को मैच के दौरान 10 से 15 प्रतिशत बारिश की संभावना है. हालांकि, फैंस को उम्मीद है कि डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी और हैदराबाद के बीच एक हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलेगा. मैच और वेदर अपडेट्स: एक नज़र में विवरण                           जानकारी पहला मैच                      RCB vs SRH तारीख और समय           28 मार्च, शाम 7:30 बजे स्थान                           एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु बारिश की संभावना       10% से 15% फाइनल की तारीख      31 मई 2026  

इजरायल ने होर्मुज ब्लॉकेड के इंचार्ज ईरानी कमांडर तंगसीरी को किया मार, बंदर अब्बास पर हुई भीषण हवाई स्ट्राइक

तेहरान  मध्य पूर्व में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक इजरायल ने एक बड़ा दावा किया है. एक इजरायली अधिकारी के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौसेना के कमांडर अलीरेजा तंगसीरी की इजरायली हमले में मौत हो गई है. दावा किया जा रहा है कि यह हमला ईरान के रणनीतिक बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में हुआ।  तंगसीरी ईरान के ताकतवर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना शाखा का नेतृत्व कर रहे थे. एक अधिकारी ने यह भी दावा किया कि कमोडोर तंगसीरी होर्मुज को बंद कराने की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।  तंगसीरी को होर्मुज में ईरान की आक्रामक समुद्री रणनीति का मुख्य सूत्रधार माना जाता था. वे अक्सर अमेरिका और इजरायल को समुद्र में कड़ी चुनौती देने वाले बयानों के लिए चर्चा में रहते थे. यदि उनके मारे जाने की पुष्टि होती है, तो यह ईरान के सैन्य ढांचे और विशेषकर उसकी नौसैनिक शक्ति के लिए बड़ा झटका होगा।  ट्रम्प ने फिर से अमेरिका की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे ईरान से बातचीत चल रही है और ईरानी सरकार युद्धविराम चाहती है, लेकिन घरेलू दबाव के डर से खुलकर ऐसा नहीं कह पा रही। उन्होंने कहा, “हम इतनी बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं कि दुनिया ने ऐसा पहले कभी नहीं देखा। वे बातचीत कर रहे हैं और बहुत ज्यादा समझौता करना चाहते हैं। लेकिन उन्हें डर है कि अगर उन्होंने यह बात कही तो उनके अपने लोग ही उन्हें मार सकते हैं। उन्हें हमसे भी डर है। इस बड़े दावे के बावजूद, तेहरान की ओर से अभी तक अपने शीर्ष कमांडर की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. बंदर अब्बास ईरान का सबसे महत्वपूर्ण नौसैनिक अड्डा है, जहां से पूरे फारस की खाड़ी की निगरानी की जाती है।    आपको बता दें कि अभी तक इस जंग में अमेरिका और इजरायल ईरान के तीन दर्जन से अधिक प्रमुख सैन्य कमांडरों को निशाना बना चुके हैं।  इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुंच सकता है. ईरान द्वारा अपने शीर्ष सैन्य अधिकारी की मौत का बदला लेने के लिए जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है, जिससे खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षा संकट और गहरा सकता है।  कच्चे तेल की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल पहुंची ईरान जंग थमने की उम्मीद कम होती दिख रही है और इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतें फिर बढ़ गईं। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें 2% बढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह बढ़त ऐसे समय आई है जब ईरान ने ट्रम्प के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। दरअसल, बुधवार को खबर आई थी कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पर बातचीत चल रही है, जिससे कीमतों में थोड़ी गिरावट आई थी। लेकिन ईरान के इनकार के बाद फिर से बाजार में चिंता बढ़ गई है। ईरान जंग शुरू होने के बाद से अब तक तेल की कीमतें 40% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। इसकी बड़ी वजह होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही में भारी कमी है, जिससे सप्लाई प्रभावित हो रही है। ईरान के विदेश मंत्री की खुली धमकी इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री ने खुली धमकी दी है. उन्होंने कहा है कि जहां भी अमेरिकी हित दिखेंगे, वहां हमला किया जाएगा, और जो देश अमेरिका का साथ देगा, वो भी निशाने पर होगा. इस बयान ने पूरे इलाके में डर और तनाव और बढ़ा दिया है. हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अमेरिका को अपने तेल भंडार से तेल निकालना पड़ रहा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें झटके खा रही हैं।  बहरीन में ड्रोन हमला उधर बहरीन में ईरान के हमले से आग लगने की खबर आई, जबकि UAE ने भी पुष्टि की है कि वो ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों को इंटरसेप्ट कर रहा है. वहीं लेबनान में हिजबुल्लाह ने इजरायली सैनिकों पर कई हमले करने का दावा किया है. इस बीच खबर आई थी कि अमेरिका का F-18 फाइटर जेट ईरान ने मार गिराया. हालांकि अमेरिका के सेंटकॉम ने इस दावे का फैक्ट चेक किया है और कहा कि ईरान ने किसी भी US फाइटर जेट को नहीं गिराया है, जो पहले दावा किया जा रहा था।   ट्रंप कर सकते हैं बड़ा ऐलान, इजराइल चिंतित ईरान युद्ध लाइव अपडेट्स: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शनिवार तक ईरान के साथ सीजफायर का ऐलान कर सकते हैं. इजराइली मीडिया के अनुसार तेल अवीव को चिंता है कि अमेरिका अचानक एकतरफा तरीके से लड़ाई रोक सकता है ताकि बातचीत का रास्ता खुल सके. सूत्रों का कहना है कि अगर ईरान कोई ‘बड़ी रियायत’ देता है तो ट्रंप अस्थायी रूप से युद्ध रोक सकते हैं. इसी बीच इजराइल ने संभावित सीजफायर से पहले सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है ताकि ज्यादा से ज्यादा बढ़त हासिल की जा सके. हालांकि अमेरिका-ईरान के बीच विस्तृत समझौते की संभावना अभी कम बताई जा रही है।  'इजराइल के साथ खड़े हैं', युगांडा का बड़ा बयान ईरान युद्ध लाइव अपडेट्स: मिडिल ईस्ट में जारी जंग पर अब अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं. युगांडा के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज जनरल मुहूजी काइनरुगाबा ने इजराइल का खुलकर समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि ‘इजराइल का अस्तित्व का अधिकार है और उस पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए.’ उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया इस जंग से थक चुकी है और अब इसे खत्म होना चाहिए. साथ ही चेतावनी दी कि अगर इजराइल को खत्म करने की बात की गई तो युगांडा इस युद्ध में शामिल हो सकता है। 

स्वयं सहायता समूह की ताकत: राजश्री शुक्ला ने बिजली बिल सेवा से जीता पूरे गांव का विश्वास

लखनऊ बाराबंकी की राजश्री शुक्ला आज उस बदलाव की मिसाल हैं, जो सरकारी योजनाओं और व्यक्तिगत मेहनत के संगम से संभव हुआ है। कभी सीमित संसाधनों के साथ जीवनयापन करने वाली राजश्री आज “विद्युत सखी” के रूप में अलग पहचान बना चुकी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई इस पहल ने उन्हें न सिर्फ रोजगार दिया, बल्कि उन्हें अपने जिले में एक नई पहचान भी दी है। घर-घर जाकर बिजली बिल संग्रह करने का उनका काम आज हजारों लोगों के लिए सुविधा और भरोसे का प्रतीक बन चुका है। घर-घर सेवा, गांव को मिली सुविधा: डिजिटल भुगतान से बदली ग्रामीण व्यवस्था राजश्री का काम केवल बिल संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन में एक बड़ी सुविधा लेकर आया है। उनके प्रयासों से गांव के लोगों को लंबी कतारों में खड़े होने से राहत मिली है और समय पर बिल जमा होने से बिजली विभाग के राजस्व संग्रह में भी सुधार हुआ है। अब तक वे 81,000 से अधिक बिजली बिल की राशि एकत्र कर चुकीं हैं। उनकी मेहनत का परिणाम है कि उन्होंने अभी तक कुल ₹18 करोड़ से अधिक की राशि का बिल जमा कराया है। आज उनकी वार्षिक आय ₹10 लाख से अधिक है, जो यह दर्शाती है कि सही अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक रूप से सशक्त बन कर अपने पैरों पर खड़ी हो सकतीं हैं। राधा स्वयं सहायता समूह से मिली सफलता: लाख रुपये तक पहुंची आय राजश्री ‘राधा स्वयं सहायता समूह’ से जुड़ी हैं और उन्होंने वर्ष 2021 में मात्र ₹30,000 की बैंक सहायता से इस काम की शुरुआत की थी। शुरुआत में यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने गांव-गांव जाकर जागरूकता शिविर लगाए, लोगों को डिजिटल भुगतान, बिल सेवाओं और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कुछ समय बाद ही उनकी मासिक आय 80 हजार रुपये से अधिक हो चुकी है। उनकी ईमानदारी और मेहनत ने धीरे-धीरे लोगों का विश्वास जीत लिया। आज स्थिति यह है कि गांव की महिलाएं खुद उन्हें फोन कर बिल भुगतान में सहायता मांगती हैं। यह विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी बन गया है। सम्मान और प्रेरणा: एक महिला से हजारों तक पहुंचा आत्मनिर्भरता का संदेश राजश्री शुक्ला की इस उपलब्धि को राज्य स्तर पर भी सराहा गया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें सम्मानित किया। उनकी सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि महिलाएं भी हर क्षेत्र में आगे बढ़कर न केवल खुद को, बल्कि समाज को भी सशक्त बना सकती हैं।  9 नवंबर 2024 को आयोजित “आकांक्षा हाट” कार्यक्रम के अवसर पर उत्तर प्रदेश की 5 मेधावी महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिनमें विद्युत सखी राजश्री शुक्ला भी शामिल थीं। इसके अलावा उन्हें 15 अगस्त 2023 और 26 जनवरी 2024 और 15 अगस्त 2025 के बीच मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया जा चूका है। उनकी उपलब्धियों के चलते उन्हें 15 अगस्त 2024 को दिल्ली के लाल किले पर प्रधानमंत्री की ओर से आमंत्रित किया गया, जहां वे ध्वजारोहण समारोह की साक्षी बनीं। इसके साथ ही 14 अगस्त 2024 को ग्रामीण विकास मंत्रालय में आयोजित बैठक एवं भोज कार्यक्रम में भी उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।  योगी सरकार की पहल ‘विद्युत सखी’ से बदलता उत्तर प्रदेश आज उत्तर प्रदेश में विद्युत सखियां सक्रिय रूप से अच्छा काम कर रही हैं, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में हजारों करोड़ रुपये के बिजली बिल संग्रह कर राज्य की व्यवस्था को मजबूत किया है। यह पहल केवल एक योजना नहीं, बल्कि महिला सशक्तीकरण, डिजिटल सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास का एक सशक्त मॉडल बन चुकी है। राजश्री शुक्ला जैसी महिलाएं इस बात का प्रमाण हैं कि जब सरकार की योजनाएं सही दिशा में लागू होती हैं और लोग उन्हें अपनाते हैं, तो बदलाव सिर्फ संभव नहीं, बल्कि स्थायी हो जाता है।

मणिपुर: उखरूल में सुरक्षाबलों ने ध्वस्त किए 6 अवैध बंकर, हिंसा रोकने के लिए की बड़ी तैनाती

 इंफाल मणिपुर के उखरूल जिले में बढ़ती हिंसा के बीच सुरक्षाबलों ने बड़ा अभियान चलाया है. पुलिस के मुताबिक, लितान इलाके में सक्रिय सशस्त्र समूहों द्वारा बनाए गए 6 अवैध बंकरों को ध्वस्त कर दिया गया है. ये बंकर हाल ही में हुई गोलीबारी में इस्तेमाल हो रहे थे, जिसमें कई लोग घायल हुए थे. इस कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव तो बना हुआ है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है।  गुरुवार को पुलिस ने जानकारी दी कि उखरूल जिले के लितान और मोंगकट चेपू अपर गांवों में सुरक्षाबलों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया. इस ऑपरेशन के दौरान कुल छह अवैध बंकरों को ढहा दिया गया. ये बंकर सशस्त्र समूहों द्वारा बनाए गए थे और इन्हें रणनीतिक रूप से ऐसे स्थानों पर बनाया गया था जहां से हमले करना आसान हो. सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को इलाके में शांति बहाल करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।  पुलिस के बयान के मुताबिक, यह ऑपरेशन  चलाया गया और यह कार्रवाई पिछले दिन शुरू हुए अभियान का ही हिस्सा थी. सुरक्षाबलों ने व्यवस्थित तरीके से बंकरों को चिन्हित किया और फिर उन्हें ध्वस्त किया. इन बंकरों का इस्तेमाल हाल ही में हुई गोलीबारी के दौरान किया गया था, जिससे इलाके में भय का माहौल बना हुआ था. इस कार्रवाई के बाद कई बंकर अब पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके हैं।  लितान इलाके में हाल ही में सशस्त्र समूहों के बीच हुई गोलीबारी में कम से कम तीन लोग घायल हो गए थे. यह घटना स्थानीय लोगों के लिए काफी डरावनी रही, क्योंकि गोलीबारी रिहायशी इलाकों के आसपास हो रही थी. सुरक्षाबलों ने इस घटना के बाद तुरंत इलाके में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी थी और लगातार निगरानी रखी जा रही थी।  यह पूरा घटनाक्रम लितान सारेइखोंग इलाके में कुकी और तंगखुल नागा समुदायों के बीच बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है. फरवरी में दोनों समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 30 से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया गया था. इस घटना के बाद से ही इलाके में तनाव बना हुआ है और छोटी-छोटी घटनाएं भी बड़े संघर्ष का रूप ले रही हैं।  फरवरी की घटना के बाद आसपास के गांवों जैसे मोंगकोट चेपू और शार्काफुंग में भी कई बार गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं. इन घटनाओं ने पूरे इलाके को संवेदनशील बना दिया है. लोग डर के साये में जी रहे हैं और रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो रही है. सुरक्षाबलों की लगातार तैनाती के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं।  हाल ही में हुई घटनाओं में मंगलवार को कामजोंग जिले के शार्काफुंग इलाके में फायरिंग के दौरान तंगखुल नागा समुदाय के दो लोग घायल हो गए. वहीं सोमवार को मोंगकोट चेपू में एक कुकी महिला भी गोलीबारी में घायल हुई थी. ये घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि इलाके में तनाव अभी भी चरम पर है और किसी भी समय हालात बिगड़ सकते हैं।  पुलिस ने बताया कि सुरक्षाबल अब भी इलाके में सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन अभियान चला रहे हैं. संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की हिंसा को रोका जा सके. अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर और कड़े कदम उठाए जाएंगे। 

विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकती है टेक्नोलॉजी: मुख्यमंत्री

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि टेक्नोलॉजी विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकती है। हमारी गति को प्रगति में बदल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। बजट में भी टेक्नोलॉजी पर विशेष ध्यान देने का प्रयास किया है। जब हम तकनीक नहीं अपनाते, उससे परहेज करते हैं तो प्रतिस्पर्धा में नहीं होते हैं। और, जब प्रतिस्पर्धा में नहीं होते हैं तो प्रगति की जगह दुर्गति की ओर जाते हैं। हमें प्रगति का अनुसरण करना है। सीएम योगी गुरुवार को गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के गोरखपुर सेंटर के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवाओं में बहुत टैलेंट है। उसके टैलेंट को जब हम टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ते हैं तो वह अपनी प्रतिभा को कई गुना तेजी के साथ आगे बढ़ाने में सफल होता है। यही कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र ने पिछले 11 वर्षों में देश में किया है। दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी भारत में है। यहां युवाओं में स्केल तो था लेकिन उसे वर्ष 2014 के पहले की सरकारों ने महत्व नहीं दिया। स्केल को स्किल में बदलने का प्रयास नहीं किया, कोई प्लेटफार्म नहीं उपलब्ध कराया। परिणाम था कि युवा हतोत्साहित होता था, पलायन करता था। युवाओं के मन में निराशा थी। लेकिन, वर्ष 2014 के बाद एक-एक कर हर क्षेत्र में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। न केवल भारत सरकार के स्तर पर, बल्कि हर जनपद स्तर पर युवाओं के स्केल को स्किल में बदलने के लिए अनेक कार्यक्रम प्रारंभ हुए। उन कार्यक्रमों की श्रृंखला में एसटीपीआई का गोरखपुर केंद्र भी अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। इसका शुभारंभ वासन्तिक नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर होना अत्यंत शुभ लक्षण है।  एसटीपीआई से मिलेगी युवाओं के सपनों को नई उड़ान मुख्यमंत्री ने कहा कि एसटीपीआई का यह सेंटर गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा। इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि स्टार्टअप चलाने वाला व्यक्ति केवल अपना कंप्यूटर लेकर वहां जाएगा। उसे जगह, बिजली कनेक्शन और अन्य जन सुविधाओं की चिंता नहीं करनी है। देश और दुनिया में जहां कहीं भी सॉफ्टवेयर की टेक्नोलॉजी आज अपनी धमक दिखा रही है, उसके पीछे यही सफल मॉडल है। गोरखपुर में पहली बार इसे शुरू किया जा रहा है। प्लग एंड प्ले मॉडल पर यहां के युवाओं को अपने स्टार्टअप के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध हुआ है। 15 अप्रैल को होगा पूर्वी यूपी के पहले सेंटर आफ एक्सीलेंस का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अप्रैल को गोरखपुर में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर आफ एक्सीलेंस का शुभारंभ भी हो जाएगा। यह सेंटर आफ एक्सीलेंस महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में बना है। ये सभी कार्यक्रम दिखाते हैं कि अब केवल हार्डवेयर में ही नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर में भी पूर्वी उत्तर प्रदेश का युवा अपनी प्रतिभा का परिचय वैश्विक मंच पर देने में सफल हो पाएगा। पिछले 11 वर्ष के अंदर स्टार्टअप संस्कृति को आगे बढ़ाने का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में 20 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं और इनमें से आधे महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। हर व्यक्ति के अंदर प्रतिभा है, लेकिन उसके हुनर को मंच चाहिए। एमएमएमयूटी में बनेगा ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी का सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस मुख्यमंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी को भविष्य की ऊर्जा बताते हुए कहा कि सरकार गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनवा रही है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। एनर्जी के लिए हमें किसी अन्य देश पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी एक माध्यम बनने वाली है। हम लोग हाल में जापान गए थे। जापान के साथ हमारी बातचीत हुई है। जापान में ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी काफी एडवांस्ड स्टेज में है। हम उनसे मिलकर इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे। टेक्नोलॉजी को आने में और इनोवेशन को रिसर्च एंड डेवलपमेंट में बदलने में थोड़ा समय लगता है। संभावनाओं के अनुरूप विकसित किए जा रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जिस क्षेत्र में जो संभावनाएं हैं, उसी को देखकर सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। आईआईटी कानपुर व एसजीपीजीआई लखनऊ में मेडिटेक, कानपुर में लेदर व ड्रोन टेक्नोलॉजी और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रोबोटिक्स के सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित करने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है। सरकार विश्व बैंक के साथ मिलकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के 28 जिलों और बुंदेलखंड के सात जिलों में एग्रीटेक पर काम कर रही है। ऐसे ही स्टार्टअप डेयरी,  मत्स्य पालन और अन्य फील्ड में भी स्थापित हो सकते हैं। नौ वर्षों में गोरखपुर में हुआ एक लाख करोड़ रुपये का निवेश मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान गोरखपुर के विकास और इसकी उपलब्धियों की भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि बीते नौ वर्षों में गोरखपुर के विकास में एक लाख करोड रुपये का निवेश हुआ है। यहां एम्स, खाद कारखाना, पिपराइच चीनी मिल बनी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक बना। आयुष विश्वविद्यालय, कई पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थान बने। स्केल डेवलपमेंट के केंद्र बने। चारों ओर हाईवे और फोरलेन की कनेक्टिविटी हुई। गोरखपुर से अंदर की सड़कों को लेकर, अन्य तमाम प्रकार की सुविधाओं को लेकर काम हुए। गोरखपुर में एक लाख करोड रुपये निवेश करने से लाखों नौजवानों के लिए नौकरी और रोजगार की संभावना आगे बढ़ी है।  गीडा में दिखती है नवनिर्माण की नई प्रगति सीएम योगी ने कहा कि गीडा ने पिछले नौ वर्ष में नव निर्माण की नई प्रगति को देश और दुनिया के सामने रखा है। एक समय था जब गीडा में दो उद्योग लगे थे। उन दो उद्योगों में केवल 29-30 करोड रुपये की पूंजी लगी थी। जबकि पिछले नौ वर्ष में यहां लगभग 350 से अधिक उद्योग लगे हैं, 17000 करोड रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। 50000 से अधिक नौजवानों को नौकरी और रोजगार की संभावना अकेले गीडा ने विकसित की है। गीडा में प्लग एंड प्ले के जिस मॉडल पर सॉफ्टवेयर पार्क विकसित हुआ है, ऐसे ही यहां पर सरकार फ्लैटेड फैक्ट्री कार्यक्रम को लेकर आई है। गीडा में प्लास्टिक पार्क भी … Read more

स्कूलों की लापरवाही भारी, इंटरनल मार्क्स अपडेट नहीं—MP बोर्ड रिजल्ट में हो सकती है देरी

भोपाल मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम 15 अप्रैल को जारी करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन इस बार प्राचार्यों की लापरवाही के कारण देरी की आशंका बढ़ गई है। कई स्कूलों ने प्रायोगिक परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन के अंक अब तक ऑनलाइन दर्ज नहीं किए हैं। मंडल द्वारा पहले 12 मार्च तक अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि की समय-सीमा तय की गई थी, लेकिन कार्य पूरा नहीं होने पर इसे बढ़ाकर 29 मार्च कर दिया गया है। मंडल की सख्त चेतावनी मंडल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी विद्यालय निर्धारित समय-सीमा तक हर हाल में अंक ऑनलाइन दर्ज करें, ताकि परिणाम समय पर जारी हो सके। सचिव द्वारा जारी पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि 29 मार्च तक अंक प्रविष्ट नहीं किए गए, तो संबंधित विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन का कॉलम रिक्त छोड़कर ही परिणाम घोषित किया जाएगा। इसके बाद किसी प्रकार का संशोधन या पुनः प्रविष्टि की अनुमति नहीं होगी। परिणाम प्रक्रिया पर असर मंडल इस वर्ष अप्रैल के दूसरे सप्ताह में परिणाम जारी करना चाहता है, क्योंकि द्वितीय बोर्ड परीक्षा 7 मई से शुरू होनी है। लेकिन आंतरिक अंकों की प्रविष्टि में देरी से परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। स्कूल स्तर पर होता है मूल्यांकन मंडल ने तीन वर्ष पहले परीक्षा पद्धति में बदलाव करते हुए लिखित परीक्षा के साथ प्रायोगिक और प्रोजेक्ट कार्य को शामिल किया था। 100 अंकों में 80 अंक लिखित परीक्षा और 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के होते हैं। ये आंतरिक अंक स्कूल स्तर पर तैयार किए जाते हैं और उनकी ऑनलाइन प्रविष्टि की जिम्मेदारी प्राचार्यों की होती है। मंडल अधिकारियों के अनुसार कई जिलों के स्कूलों ने अभी तक यह कार्य पूरा नहीं किया है।