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Khelo India Tribal Games: कुश्ती स्पर्धा की शुरुआत आज, देशभर के 144 रेसलर मैदान में

रायपुर. खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के चौथे दिन आज कुश्ती स्पर्धा का आगाज होगा। अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में देशभर से आए पहलवान अपने दमखम का प्रदर्शन करेंगे। इस प्रतियोगिता में 30 राज्यों के कुल 144 पुरुष और महिला रेसलर्स हिस्सा ले रहे हैं। मुकाबले आज से 31 मार्च तक आयोजित किए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, कुश्ती के मैच रोजाना तीन चरणों में खेले जाएंगे। प्रतियोगिता की शुरुआत हर दिन सुबह 8 बजे से होगी, जिसमें अलग-अलग भार वर्गों में खिलाड़ी आमने-सामने होंगे। अंबिकापुर में शुरू हो रही कुश्ती स्पर्धा खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी, जहां देशभर के युवा पहलवान पदक के लिए कड़ी टक्कर देते नजर आएंगे। 30 राज्य और कुल नौ खेल खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा लेंगे। कुल नौ खेलों का आयोजन होगा। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे, जबकि मल्लखंब और कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल होंगे। यहां पर होंगे आयोजन करीब 3,800 प्रतिभागी इन खेलों में हिस्सा लेंगे, जो 3 अप्रैल तक चलेंगे। प्रतियोगिताएं रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित की जाएंगी। कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे। एथलेटिक्स में सर्वाधिक 34 स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। तैराकी (24), कुश्ती (18), वेटलिफ्टिंग (16) और तीरंदाजी (10) में भी दो अंकों में स्वर्ण पदक होंगे। हॉकी और फुटबॉल टीम खेल हैं, जिनका आयोजन रायपुर में होगा। एथलेटिक्स जगदलपुर में और कुश्ती सरगुजा में आयोजित की जाएगी। भारत के शीर्ष खिलाड़ी, हॉकी ओलंपियन दिलीप तिर्की, सलीमा टेटे और शीर्ष धावक अनिमेष कुजूर ने कहा कि “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खेलों में करियर बनाने और आदिवासी समुदाय से निकले दिग्गज खिलाड़ियों से प्रेरणा लेने का एक शानदार मंच है।” हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व ओलंपियन दिलीप तिर्की ने साई मीडिया से कहा, “मेरे लिए और हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि देश में पहली बार इस तरह की चौंपियनशिप शुरू हो रही है। यह युवाओं और आदिवासी खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलों में आगे बढ़ने, तथा देश के लिए खेलने का एक बेहतरीन अवसर है। हमारे  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विज़न है कि भारत एक खेल राष्ट्र बने। वे चाहते हैं कि हर युवा किसी न किसी खेल से जुड़ा रहे।” चार राज्यों के 100 से अधिक खिलाड़ी ले रहे हिस्सा मेजबान राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और असम से 100 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पुरुष और महिला खिलाड़ियों का अनुपात लगभग 50-50 रहेगा, जो ओलंपिक चार्टर में लैंगिक समानता के सिद्धांत के अनुरूप है। दिलीप तिर्की ने बताया कि, “केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी चाहते हैं कि खेलों के माध्यम से हमारे खिलाड़ी, खासकर आदिवासी खिलाड़ी, बेहतर करियर बना सकें, अपने जीवन को सुधार सकें और देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। मैं स्वयं एक आदिवासी परिवार से आता हूं और खेलों, विशेषकर हॉकी के माध्यम से आज यहां तक पहुंचा हूं। मुझे विश्वास है कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी आदिवासी बच्चों का भविष्य उज्ज्वल है। पहले भी कई आदिवासी खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया है और वे हमारे समाज के प्रेरणास्रोत बने हैं।” आदिवासी युवाओं को एक मंच पर लाने का काम  राष्ट्रीय 100 मीटर और 200 मीटर रिकॉर्ड धावक और भारत के उभरते एथलेटिक्स स्टार अनिमेष कुजूर ने कहा कि “भारत में अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां खेल पूरी तरह नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन और भी खास बन जाता है। मैं सरकार के इस प्रयास की सराहना करता हूं, जिसने देशभर के आदिवासी युवाओं को एक मंच पर लाने का काम किया है।” ट्रायल्स से हुआ चयन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस उद्घाटन संस्करण में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय खेल महासंघों की ओर से आयोजित ट्रायल्स के माध्यम से किया गया है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भारतीय खेल प्राधिकरण (सांई)की तरफ से नियुक्त कोच नजर रखेंगे। तिर्की ने कहा कि हमारे सभी आदिवासी खिलाड़ी और बच्चे खेलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाएं, देश के लिए खेलें और अपना करियर बनाएं। प्रधानमंत्री का 2036 ओलंपिक और विकसित भारत का विज़न है कि हमारा देश एक युवा और खेल राष्ट्र बने। मुझे पूरा विश्वास है कि एक दिन हमारा देश एक सशक्त खेल राष्ट्र के रूप में उभरेगा।

भारत्तोलन पुरुष 88 किग्रा वर्ग में अरुणाचल के रुबा ताडु बने चैंपियन

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 भारत्तोलन पुरुष 88 किग्रा वर्ग में अरुणाचल के रुबा ताडु बने चैंपियन देवराकोंडा प्रेम सागर और  सोरम हिटलर टाग्रू ने दिखाया दमखम, रायपुर में शानदार प्रतिस्पर्धा का रहा रोमांच रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल मैदान रायपुर में आयोजित पुरुष 88 किलोग्राम भारोत्तोलन प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया और कड़े मुकाबले देखने को मिले। इस प्रतिस्पर्धा में अरुणाचल प्रदेश के रुबा ताडु ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 274 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 117 किग्रा तथा क्लीन एंड जर्क में 157 किग्रा वजन उठाकर शीर्ष स्थान सुनिश्चित किया।           दूसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश के देवरकोंडा प्रेम सागर रहे, जिन्होंने कुल 270 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता। वहीं अरुणाचल प्रदेश के ही सोरम हिटलर टाग्रू ने 262 किलोग्राम के साथ तीसरा स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक हासिल किया। प्रतियोगिता में ओडिशा के सनातन मलिक (249 किग्रा) चौथे स्थान पर रहे, जबकि असम के प्रीतम सोनोवाल (248 किग्रा) ने पांचवां स्थान प्राप्त किया। मध्यप्रदेश के पृथ्वीराज चौहान (226 किग्रा) छठे स्थान पर रहे।             इसके अलावा त्रिपुरा के डेनियल जमातिया (192 किग्रा), गोवा के एलेस्टर गोम्स (152 किग्रा), तेलंगाना के सिद्दाबोइना नवीन (146 किग्रा) और छत्तीसगढ़ के छत्रपाल ठाकुर (130 किग्रा) ने भी प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने-अपने प्रदर्शन से अनुभव हासिल किया।            इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां हर खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया। आयोजन ने न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों के बीच खेल भावना और एकता को भी मजबूत किया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के इस आयोजन से यह स्पष्ट होता है कि आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ये खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

Durg Update: चिटफंड पीड़ितों की लिस्ट तैयार, रिफंड प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

दुर्ग. जिला प्रशासन चिटफंड कंपनी यश ड्रीम के शिकार ढाई हजार निवेशकों को पैसा लौटाने की कवायद में जुट गया है। सूची तैयार कर सभी के प्रमाणित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। हालांकि अभी प्रशासन ने राशि तय नहीं की है। पहली किस्त में 45 सौ निवेशकों को करीब 7 करोड़ रुपए की राशि बांटी गई थी। उन्हें पैसा करीब ढाई साल बाद लौटाया गया था। चिटफंड कंपनी यश ड्रीम के करीब 14 हजार निवेशक हैं, जिन्हें पैसा मिलने की उम्मीद है। कंपनी की संपत्ति नीलाम करने के बाद करीब 20 करोड़ रुपए शासन के खाते में जमा है। एसडीएम उत्तम ध्रुव ने बताया कि निवेशकों की सूची तैयार हो गई है। दस्तावेज सत्यापन के बाद पैसा लौटाने की प्रक्रिया की जाएगी। इधर, यश ड्रीम कंपनी की जो जमीन मोक्षित कापर्पोरेशन कंपनी के संचालक ने ली थी, उसे नए सिरे से नीलाम करने की प्रक्रिया की जा रही है। नीलामी के लिए कई बार इश्तहार जारी किया गया, लेकिन कोई निवेशक जमीन खरीदने सामने नहीं आया। उक्त जमीन बेचने के बाद जो राशि आएगी, उसे भी निवेशकों को लौटाया जाएगा। 60 लाख के फ्लैट व 62 लाख के प्लॉट की जानकारी मिली प्रशासन के मुताबिक कंपनी के एरिया मैनेजर के नाम से जुनवानी इलाके में दो फ्लैट मिले है। इसकी कीमत मार्केट रेट के मुताबिक 60.85 लाख रुपए है। इसी तरह दोनों के नाम से मिले खाली प्लाट की कीमत 62.72 लाख रुपए है। अधिकारियों के मुताबिक कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए महासमुंद से भी पत्र मिला था। जिसके बाद कंपनी से संपर्क किया गया था। उसके बाद चिटफंड कंपनी के एरिया मैनेजर्स को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया गया था। संतोषपूर्ण जबाव नहीं मिलने के बाद कुर्की की प्रक्रिया शुरू की गई। कंपनी की प्रॉपर्टी चिन्हित करने के बाद नीलामी की जा रही है। इसे लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शुष्क इंडिया के 25 निवेशकों को 14 लाख लौटाने की तैयारी इधर, प्रशासन ने शुष्क इंडिया चिटफंड कंपनी के ठगी के शिकार 21 सौ पीड़ितों में 1150 को चिन्हित कर लिया है। बाकी निवेशकों की जानकारी नहीं मिल पाई है। ये निवेशक या तो राज्य छोड़कर चले गए हैं, यहां फिर इनमें से कुछ की मौत हो चुकी है। इनके परिजन और निवेश बॉड का भी पता नहीं चल पाया है। कंपनी के 25 निवेशकों को 14 लाख 75 हजार रुपए देने की तैयारी है। इनमें 1 लाख से 12 हजार तक के बड़े निवेशक शामिल हैं। निवेशक मीना यादव, परमेश्वर यादव, गौरी चंद्राकर, पार्वती देवी, राजेंद्र मंडल, झीमन चंद्राकर, सीमा सिंह, गौतम बाई, उमेश मंडल, सुरेंद्र वर्मा, अशोक यादव, आर संतोष, नेहा भगत, बिसाहीन बाई, बालमुकुंद शामिल हैं। 25 के बाद 1150 निवेशकों को 45 लाख रुपए भी लौटाएंगे प्रशासन ने शुष्क इंडिया चिटफंड कंपनी के 1150 निवेशकों को 45 लाख रुपए लौटाएगी। अधिकारियों के मुताबिक कंपनी में निवेशक करने वालों में करीब 200 निवेशक ऐसे हैं, जिन्होंने 50 हजार से 1 लाख रुपए के बीच पैसा निवेश किया था। कंपनी की संपत्ति कुर्क करने के बाद 45 लाख रुपए जुटाएंगे। कंपनी के निवेशकों की सूची में 21 निवेशक शामिल थे। लेकिन इनमें सिर्फ 1150 को ही चिन्हित किया जा सका। इन सारे निवेशकों की जानकारी प्रशासन ने जुटा ली है। वैधानिक प्रक्रिया के तहत आवेदन भी मंगाए गए हैं। जल्द ही इन सभी निवेशकों को राशि लौटाए जाने की प्रक्रिया शुरू की जानी है। ताकि उन्हें परेशानी से राहत मिल सके। संचय इंफ्रा के डायरेक्टर 16 निवेशकों को लौटाएगा 25 लाख, प्रक्रिया हुई शुरू ओडिसा से दो दिन पहले गिरफ्तार संचय इंफ्रा चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर अरविंद मिश्रा ने अपने वकील और परिजन के माध्यम से निवेशकों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक डायरेक्टर ने निवेशकों को 25 लाख रुपए लौटाने के लिए कोर्ट में एफिडेविट देने को तैयार है। कंपनी के डायरेक्टर के परिजन निवेशक राजेश श्रीवास्तव, वीरेंद्र सिंह, दिलीप कुमार, तरुण कुमार, इमरान आलम, उज्जवल चुरामनी, विरेंद्र राजपूत, करुणा बेनर्जी, इमरान आलम, दलजीत उप्पल, प्रगट सिंह, नरेंद्र सिंह, योगेश तिवारी, मोहिनी कुमारी, नीरज जैन और लक्ष्मी चंद्र को पैसा लौटाने के लिए तैयार हो गया है। इसे लेकर भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मध्य प्रदेश में 29 मार्च से 3 दिन तक बारिश, 40 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना बनी हुई है। अचानक हुए इस बदलाव के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह भी जारी की है। बदलते मौसम का असर राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में साफ देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि कल से लगातार तीन दिनों तक प्रदेश में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान भोपाल, उज्जैन समेत लगभग 40 जिलों में मौसम प्रभावित रहेगा। बारिश के साथ-साथ कई क्षेत्रों में तेज आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग के अधिकतर जिलों में मौसम का मिजाज बदलने की पूरी संभावना है। इन इलाकों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और लू जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं। वहीं, शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के असर से ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बादल छाए रहे। हालांकि यह सिस्टम आज शनिवार को कमजोर हो जाएगा, जिससे तापमान में बढ़ोतरी होगी। इसके बाद 29 मार्च से नया सिस्टम एक्टिव होगा, जिसका असर 30 और 31 मार्च को सबसे ज्यादा रहेगा। 40 जिलों में बारिश की संभावना मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 31 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 40 जिलों में बारिश हो सकती है। 29 मार्च को हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं, जबकि 30 और 31 मार्च को तेज बारिश होने की संभावना है। कई जिलों में बढ़ा तापमान नर्मदापुरम में मार्च के दौरान चौथी बार लू चली है। लगातार गर्म हवाओं के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। खजुराहो में 39.6 डिग्री, रतलाम और मंडला में 39.5 डिग्री, खंडवा में 39.1 डिग्री, खरगोन में 38.5 डिग्री, रायसेन में 38.4 डिग्री और सिवनी-सागर में 38.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में तापमान 37 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि ग्वालियर में 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मार्च में तीसरी बार बदलेगा मौसम मार्च महीने में अब तक आंधी-बारिश के दो दौर आ चुके हैं, जिनमें 45 से अधिक जिलों में प्रभाव देखा गया और 17 जिलों में ओले भी गिरे। अब तीसरा दौर 29 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च तक जारी रहने की संभावना है। हालांकि 27 मार्च को भी मौसम में बदलाव देखा गया था, लेकिन उसका असर सीमित रहा। पिछले 24 घंटे में इस तरह रहा मौसम, चित्रकूट में बारिश! प्रदेश में पिछले 24 घंटे में सतना के चित्रकूट में तेज आंधी के साथ हुई जोरदार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया. यहां रामनवमी के अवसर पर 21 लाख दीप जलाए जाने थे, लेकिन अचानक हुई और बारिश ने दीपों में पानी भर दिया. मौसम के बदले मिजाज ने पूरे आयोजन पर पानी फेर दिया और आनन-फानन में मंच को तिरपाल से ढकना पड़ा. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से प्रदेश में नमी आ रही है. शुक्रवार को भी ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग के 20 से ज्यादा जिलों में बादल छाए रहे. शनिवार को पुराना सिस्टम कमजोर होकर आगे बढ़ेगा, जिससे आज दिन में गर्मी बढ़ेगी. लेकिन रविवार से नया सिस्टम फिर से सक्रिय हो जाएगा. अगले 3 दिन इस तरह रहेगा मौसम 28 मार्च: इस दिन प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बादल छाने का अनुमान है. कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है. वहीं, भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत कई जिलों में तेज गर्मी रहेगी. 29 मार्च: उत्तरी हिस्से में बारिश का अलर्ट रहेगा. जिसके चलते ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर जैसे जिले प्रभावित रहेंगे. 30 मार्च:  भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, निवाड़ी, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड और दतिया में बारिश होने की संभावना हैं. 31 मार्च: भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, सिवनी, दमोह, कटनी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में पानी गिरने के आसार बनेंगे. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 37.0°C इंदौर में 37.0°C जबलपुर में 38.4°C ग्वालियर में 36.1°C उज्जैन में 37.0°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में  19.8°C इंदौर में 19.0°C जबलपुर में 21.5°C ग्वालियर में 21.5°C उज्जैन में 18.5°C

CSK को IPL 2026 से पहले बड़ा नुकसान, धोनी चोट के कारण शुरुआती दो हफ्ते नहीं खेलेंगे

चेन्नई चेन्नई सुपर किंग्स के स्टार खिलाड़ी धोनी चोटिल होने के कारण दो हफ्तों को लिए आईपीएल से बाहर हो गए हैं. उनकी पिंडली की मांसपेशी में खिंचाव आ गया है, जिसके कारण वह सीज़न के पहले दो हफ़्तों तक नहीं खेल पाएंगे. फ्रेंचाइज़ी ने शनिवार को इस बात की पुष्टि की. CSK सोमवार शाम को गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ अपने अभियान की शुरुआत करने के लिए तैयार है. धोनी को लेकर सीएसके ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में लिखा, "जल्द ठीक हो जाओ, Thala।". संजू सैमसन करेंगे विकेटकीपिंग धोनी के चोटिल होने से यकीनन फैन्स को निराशा हाथ लगी है.  धोनी की गैरमौजूदगी में, CSK विकेटकीपिंग की ज़िम्मेदारी भारत के ओपनर संजू सैमसन को सौंप सकती है. सैमसन को पिछले दिसंबर में आईपीएल 2026 की नीलामी से पहले ट्रेड करके टीम में शामिल किया गया था.  इसके लिए CSK ने रवींद्र जडेजा और सैम करन को राजस्थान रॉयल्स को देकर सैमसन को अपनी टीम में लिया था। अगस्त 2020 में इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा करने के बाद से, धोनी सिर्फ़ IPL में नजर आते हैं. पिछले सीज़न में, धोनी सुपर किंग्स के लिए सभी 14 मैचों में खेले, जिसमें उन्होंने 24.50 की औसत और 135.17 के स्ट्राइक रेट से कुल 196 रन बनाए.  पिछले साल सीजन की शुरुआत में ही, कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के कोहनी में फ्रैक्चर के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो जाने के बाद, धोनी ने कप्तानी की बागडोर भी संभाल ली थी। फैन्स को निराशा पहले दो हफ्तों के लिए धोनी के न रहने से फैन्स निराश हो गए हैं. धोनी के न खेलने से आईपीएल का रोमांच भी थोड़ा काम हो गया है. लेकिन फैन्स दुआ कर रहे हैं कि माही जल्द से जल्द फिट होकर टीम में लौटे। धोनी पहले 3 मैचों में नहीं दिखेंगे धोनी अगर 2 हफ्ते तक बाहर रहे तो कम से कम 3 मैच मिस करेंगे. चेन्नई को अपना पहला मैच 30 मार्च को गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ  खेलना है, फिर वो 3 अप्रैल को  चेन्नई में ही पंजाब किंग्स खेलेगी. इसके बाद 5 अप्रैल को तीसरा मैच चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेलेगी।  इस खबर से साफ हो गया है कि 19वें सीजन के शुरुआती मैचों में फैंस को विकेट के पीछे 'माही' की जादुई कीपिंग और बल्ले से फिनिशिंग टच देखने को नहीं मिलेगा. धोनी 44 साल के हो चुके हैं. इस उम्र में मांसपेशियों की चोट से उबरना आसान नहीं होता, मेडिकल टीम उन्हें जल्द फिट करने की कोशिश में जुटी है. अब देखना होगा कि धोनी बीच सीजन किस मुकाबले के साथ मैदान पर वापसी करेंगे।  धोनी का चोटिल होना चेन्नई के लिए बड़ा झटका क्यों? आईपीएल 2026 का सीजन दिग्गज एमएस धोनी के करियर का फेयरवेल सीजन माना जा रहा है. बढ़ती उम्र और फिटनेस संबंधी समस्याओं के चलते धोनी शायद अगला सीजन ना खेलें. इसलिए फैंस इस बार उन्हें हर एक मैच में देखना चाहते थे, लेकिन अब वो कई मैचों से बाहर रहेंगे। धोनी इस लीग के इतिहास के सबसे सफल कप्तान हैं. उन्होंने अपनी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को 5 बार (2010, 2011, 2018, 2021, 2023) खिताब जिताया है. 2008 में डेब्यू के बाद से उन्होंने 278 मैचों में 5439 रन बनाए हैं. खास बात ये है कि उनकी कप्तानी में सीएसके 10 से ज्यादा बार प्लेऑफ में पहुंची है. धोनी एक बेहतरीन फिनिशर और विकेटकीपर हैं. उनका मैदान पर रहना ही कई विरोधी टीमों को दवाब में ला देता है, क्योंकि धोनी के पास टीम को चलाने और फंसे हुए मैचों में टफ फैसले लेकर टीम को वहां से निकालने की जबरदस्त कला और समझ है, इसलिए प्लेइंग 11 में कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ को उनकी कमी साफ तौर पर खलेगी।  CSK Full Squad- एमएस धोनी, संजू सैमसन, ऋतुराज गायकवाड़, आयुष म्हात्रे, डेवाल्ड ब्रेविस, उर्विल पटेल, शिवम दुबे, रामकृष्ण घोष, खलील अहमद, मुकेश चौधरी, नाथन एलिस, अंशुल कंबोज, जेमी ओवर्टन, गुरजपनीत सिंह, नूर अहमद, श्रेयस गोपाल, अकील होसैन, प्रशांत वीर, कार्तिक शर्मा, मैथ्यू शॉर्ट, अमन खान, सरफराज खान, मैट हेनरी, राहुल चाहर, जैक फोक्स 

क्या सभी 1.5 टन के एसी एक बराबर ठंडक देते हैं? जानें वाट्स, स्टार रेटिंग और कमरे के साइज का सही गणित

Air Conditioner Cooling Capacity VS Tonnage क्या आपको भी लगता है कि सभी 1.5 टन के AC एक बराबर ठंडक देते हैं? अगर हां, तो ऐसा नहीं है। असल में AC के कूलिंग करने की क्षमता Ton से नहीं बल्कि कूलिंग कैपेसिटी से पता चलती है। ऐसे में एक जैसे Ton वाले AC भी अलग-अलग कूलिंग कैपेसिटी रख सकते हैं। अगर आप सिर्फ Ton को देखते हुए कम कूलिंग कैपेसिटी वाला AC खरीद लें, तो हो सकता है कि वे आपका कमरा ठंडा ही न कर सके। सिर्फ Ton देखकर नहीं खऱीदना चाहिए AC AC Buying Guide 2026 बाजार में 1.5 Ton के अलग-अलग ब्रैंड के AC एक दूसरे से 5000 रुपये तक कम में मिल जाते हैं। ग्राहक भी ज्यादातर सस्ता मॉडल ही चुनते हैं और समझते हैं कि उन्होंने एक बढ़िया डील क्रैक कर ली। असल में ऐसा नहीं है। दरअसल AC की असली ताकत Ton में नहीं, बल्कि Watts में छिपी कूलिंग कैपेसिटी में होती है। ज्यादातर लोग AC सिर्फ Ton देखकर खरीद लेते हैं। वहीं लोग यह भी मानकर चलते हैं कि 1.5 Ton के सभी AC एक बराबर ठंडक देते हैं। इन तमाम बातों को आप मिथक मान सकते हैं। कभी भी AC खरीदते हुए सिर्फ इस बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए कि AC कितने Ton का है, बल्कि AC की कूलिंग कैपेसिटी चेक करनी चाहिए और उसके बाद अपने कमरे के साइज के आधार पर तय करना चाहिए कि आपके लिए कौन सा AC सही है। अगर इस गणित से अभी तक आप अनजान हैं, तो संभव है कि आपका AC कमरे को ठंडा ही न कर पाएं और भारी बिजली बिल भरने के बाद भी आप पसीने में तर-बतर रहें। Ton नहीं AC की कूलिंग कैपेसिटी पर गौर करें AC खरीदते हुए आपको सिर्फ 1 टन या 1.5 टन पर ध्यान नहीं देना चाहिए बल्कि उसकी कूलिंग कैपेसिटी को चेक करना चाहिए। यह kW यानी कि Kilowatt मे या BTU से पता चलती है। असल में एक 1.5 टन के AC की कूलिंग कैपेसिटी 5.2 से 5.3 kW होनी चाहिए।वहीं कई कंपनियां AC को सस्ता करने के चक्कर में 1.5 Ton के नाम पर सिर्फ 4.7 या 4.8 kW की कैपेसिटी देती हैं। AC की कैपेसिटी कम होने से AC कमरे के साइज के हिसाब से छोटा पड़ जाता है और उसे लगातार काम करना पड़ता है। इससे बिजली की खपत बढ़ती है। कमरे के अनुसार चुनें कूलिंग कैपेसिटी कूलिंग कैपेसिटी का गणित समझने के बाद यह भी जानना जरूरी है कि कितने साइज के कमरे के लिए कितनी कूलिंग कैपेसिटी वाला AC लेना चाहिए। अगर कमरा 100 स्क्वायर फीट का है, तो 2600W-3500W की कूलिंग वाला 1 Ton का AC काफी रहता है। वहीं 100-150 स्क्वायर फीट साइज के कमरे के लिए 4000W – 5200W कूलिंग कैपेसिटी वाला 1.5 Ton का AC ठीक रहता है। इसी तरह 200 स्क्वायर फीट से ज्यादा या टॉप फ्लोर के लिए 5200W – 6500W कूलिंग कैपेसिटी वाला 2 टन तक का AC ठीक रहता है। ऐसे चुनें 3 स्टार या 5 स्टार रेटिंग वाला AC कूलिंग कैपेसिटी और कमरे के साइज का गणित समझने के बाद समझ लें कि कैसे 3 स्टार या 5 स्टार रेटिंग वाला AC चुनना चाहिए? दरअसल अगर AC दिन में 6-8 घंटे चलता है, तो 5 स्टार AC ही लें। वहीं AC इससे कम समय के लिए चलना हो, तो आप 3 स्टार AC भी ले सकते हैं।

सांदीपनि स्कूल का रिजल्ट चौंकाने वाला, 332 में से 245 छात्र फेल, प्रिंसिपल को नोटिस जारी

लटेरी  स्थानीय सांदीपनि विद्यालय के कक्षा 9वीं के परीक्षा परिणाम ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय के कुल 332 छात्रों में से 245 छात्रों के अनुत्तीर्ण होने की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी एसपीएस जाटव ने प्राचार्य रामेश्वर शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और दो दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा अधिकारी ने छात्रों को दिया आश्वासन मामले के तूल पकड़ने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों और छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है और जून माह में पुनः परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। हालांकि इस बीच अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वे जानना चाहते हैं कि फेल छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित होंगी या नहीं और पुनः परीक्षा की फीस का भार किस पर पड़ेगा।  

भारत पर युद्ध का कोई असर नहीं,अनिल विज ने वैश्विक ईंधन मूल्य वृद्धि से नागरिकों को बचाने के लिए PM मोदी की सराहना की

हरियाणा मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) में चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. इसी बीच, भारत सरकार ने कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में 10 रुपये प्रति लीटर की भारी कटौती की है. इस कटौती के बाद पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटकर मात्र 3 रुपये प्रति लीटर रह गया है, जबकि डीजल पर इसे शून्य (Zero) कर दिया गया है. केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है और देश में फैल रही कई अफवाहों पर कड़ा प्रहार किया है. पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये की कटौती कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर परिस्थिति में देश की जनता का पूरा ध्यान रखते हैं. विज ने कहा कि खाड़ी देशों में युद्ध छिड़ा हुआ है, जिसके कारण दुनिया भर में और हमारे आस-पास के देशों में तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं. उन्होंने जोर देते हुए कहा, "हमारे देश के लोगों की जेब पर इस युद्ध का बोझ न पड़े और उन्हें परेशानी न हो, इसलिए मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है." लॉकडाउन की अफवाहों पर सख्त पलटवार मिडिल ईस्ट के युद्ध के चलते भारत में 'लॉकडाउन' लगने की सोशल मीडिया पर उड़ रही अफवाहों पर भी विज ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि जो लोग विदेशी ताकतों के हाथों में खेल रहे हैं और जो देश विरोधी ब्लॉगर हैं, वे हर वक्त कोई न कोई भ्रांति फैलाकर रखना चाहते हैं. विज ने तर्क दिया, "यह युद्ध यहां से 4000 से 5000 किलोमीटर दूर हो रहा है. हमारा देश खुद 4-5 युद्ध लड़ चुका है, तब भी यहां लॉकडाउन नहीं लगा था." उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल लोगों को भ्रमित करने और डराने के लिए ऐसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिसका जवाब जनता खुद देगी. अंबाला की साइंस इंडस्ट्री और LPG की किल्लत पर दिया भरोसा कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को दिए समस्याओं के तुरंत समाधान के निर्देश युद्ध के चलते देश में LPG गैस की किल्लत की चर्चाओं और अंबाला की प्रसिद्ध 'साइंस इंडस्ट्री' पर इसके प्रभाव को लेकर भी अनिल विज ने स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने आश्वासन दिया कि देश में गैस की किसी भी प्रकार की कोई किल्लत नहीं है और यह उचित मात्रा में उपलब्ध है. अंबाला की साइंस इंडस्ट्री के लोगों को आ रही कुछ दिक्कतों पर विज ने बताया कि उन्होंने उच्च अधिकारियों से बातचीत कर ली है और उद्योगपतियों की समस्याओं का तुरंत समाधान करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं.

किसानों को बड़ी राहत, बिजली की लागत बढ़ी पर नहीं बढ़ेंगे दाम

  हरियाणा हरियाणा में किसानों को 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से ट्यूबवेल बिजली मिलती रहेगी, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी. बढ़ती लागत के बावजूद सरकार सब्सिडी बढ़ाकर बिजली दरें स्थिर रखेगी. हरियाणा में किसानों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने 2026-27 के लिए बिजली दरों को लेकर अहम फैसला लिया है. हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के आदेश के मुताबिक, किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन पर 10 पैसे प्रति यूनिट की रियायती दर पर बिजली मिलती रहेगी. यह फैसला राज्यभर के लाखों किसानों को सीधे फायदा पहुंचाएगा. क्या है नया टैरिफ आदेश? हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने बिजली वितरण कंपनियों के लिए 2026-27 का टैरिफ आदेश जारी किया है. इसके तहत कृषि क्षेत्र को राहत जारी रखते हुए सब्सिडी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है. राज्य में कुल 83.79 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें लगभग 7.15 लाख किसान ट्यूबवेल कनेक्शन के जरिए बिजली का उपयोग करते हैं.   सब्सिडी और लागत का पूरा गणित बिजली आपूर्ति की लागत 7.35 रुपये से बढ़कर 7.48 रुपये प्रति यूनिट हो गई है, जिससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा है. इस बढ़ी हुई लागत को संतुलित करने के लिए राज्य सरकार 1,088.61 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देगी. इसके साथ ही 2026-27 में कुल सब्सिडी बढ़कर 7,870.32 करोड़ रुपये हो जाएगी, जो पिछले साल 6,781.71 करोड़ रुपये थी. किसानों और उपभोक्ताओं को मिलने वाले फायदे कृषि क्षेत्र को 2026-27 के लिए 1068.664 करोड़ यूनिट बिजली आवंटित की गई है, जो पिछले वर्ष के 930.427 करोड़ यूनिट से ज्यादा है. किसानों के लिए कुल बिजली लागत करीब 7,993.61 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें से केवल 123.30 करोड़ रुपये किसानों से वसूले जाएंगे, जबकि बाकी राशि सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करेगी. इससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम रहेगा और बिजली दरें स्थिर बनी रहेंगी. अतिरिक्त सुविधाएं और नई पहल सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कुछ और फैसले भी लिए हैं. ट्यूबवेल कनेक्शन के पात्र आवेदकों को 31 मई 2026 तक एक बार लोड बढ़ाने की अनुमति दी गई है. इसके अलावा, प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा और फिक्स्ड चार्ज पर 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी. साथ ही, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख शहरों में EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

भारतीय सेना ने खराब गुणवत्ता के कारण वेरका दूध पाउडर की खेप वापस की, 125 टन पाउडर रद

लुधियाना भारतीय सेना को भेजे वेरका ब्रांड के दूध पाउडर की गुणवत्ता खराब मिलने पर पंजाब मिल्कफेड ने कड़ी कार्रवाई की है। मिल्कफेड के लुधियाना वेरका प्लांट के जनरल मैनेजर (जीएम) दलजीत सिंह, मैनेजर क्वालिटी कंट्रोल गुरइकबाल सिंह और मैनेजर प्रोडक्शन परितोष मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मिल्कफेड के एमडी राहुल गुप्ता ने कहा कि यह गंभीर चूक है, जिससे संगठन की साख को नुकसान पहुंचा है। बता दें कि वेरका की लुधियाना यूनिट द्वारा सप्लाई किया गया करीब 125 टन दूध पाउडर का ऑर्डर सेना ने रद किया था। इसे दो बैच (एक 58.338 टन का और दूसरा 66.654 टन) में सप्लाई किया गया था। गुणवत्ता खराब मिलने के बाद सेना ने दूध पाउडर को वापस कर दिया था। मिल्कफेड के एम डी बताया कि मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सेना को दो अलग-अलग लॉट (58.338 MT और 66.654 MT) में दूध पाउडर की आपूर्ति की गई थी. जांच के बाद सेना के कमांडिंग अधिकारी ने लुधियाना जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ को पत्र भेजकर खेप को अस्वीकार करने की सूचना दी. इसकी प्रति रक्षा मंत्रालय के मुख्य खरीद निदेशक को भी भेजी गई है।  मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक (MD) राहुल गुप्ता ने बचाव करते हुए कहा कि वेरका उत्पादों की क्वालिटी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि प्रोडक्ट्स को सेना के पास भेजने से पहले NABL-अप्रूव्ड लैब में जांचा गया था।  अब इन नमूनों को दोबारा जांच के लिए गुजरात स्थित NDDB की प्रतिष्ठित लैब 'CALF' भेजा जाएगा. यह पता लगाने के लिए एक 'फैक्ट फाइंडिंग कमेटी' बनाई गई है कि सेना ने इसे आखिर किस आधार पर रिजेक्ट किया।  विपक्ष का तीखा हमला इस बीच, विपक्षी दलों के नेताओं ने दूध पाउडर की खेप को अस्वीकार किए जाने के मुद्दे पर AAP सरकार पर जमकर निशाना साधा. शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस मुद्दे पर भगवंत मान सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सशस्त्र बलों की ओर से इतनी बड़ी मात्रा में खेप को अस्वीकार किया जाना, किसी राज्य-संचालित संस्था में क्वालिटी कंट्रोल की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।  उन्होंने एक बयान में दावा किया, "यह न सिर्फ करोड़ों रुपये का नुकसान है, बल्कि पंजाब की साख और विश्वसनीयता को भी एक गहरा आघात है।  मजीठिया ने आरोप लगाया, "इस घटनाक्रम ने सरकार की नाकामी को उजागर कर दिया है, खासकर तब जब वही दूध के उत्पाद पंजाब में उपभोक्ताओं को बेचे जा रहे हैं. जरा सोचिए, जो चीज हमारे सैनिकों के लिए अस्वीकार कर दी गई, वही पंजाब के लोग इस्तेमाल कर रहे हैं. यह पूरी तरह से जवाबदेही की कमी और जन-स्वास्थ्य के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है।  कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इसे मान सरकार के लिए बड़ी शर्मिंदगी बताया. रंधावा ने X पर एक पोस्ट में पूछा, ''यह कोई छोटी-मोटी चूक नहीं है; यह क्वालिटी कंट्रोल और जवाबदेही की पूरी तरह से विफलता को दर्शाता है. जब हमारे सशस्त्र बलों के लिए आपूर्ति की बात आती है, तो इसमें जरा भी समझौता नहीं किया जा सकता. पंजाब सरकार को जवाब देना होगा कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है और क्या कार्रवाई की जाएगी?"