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योगी सरकार का बड़ा फैसल,प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों के पुलिस अफसर बदले

लखनऊ यूपी सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल कर दिया। शासन ने 12 आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया है। इनमें तीन अपर पुलिस अधीक्षक, चार सहायक पुलिस अधीक्षक और पांच सहायक पुलिस आयुक्त के पद पर तैनात थे। अचानक हुए इस तबादले से विभाग में हड़कंप मचा है। शासन ने जिनका तबादला किया है उनमें सहारनपुर अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सागर जैन को प्रयागराज पुलिस उपायुक्त प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट, गोंडा पूर्वी अपर पुलिस अधीक्षक रहे मनोज कुमार रावत को संभल में अपर पुलिस अधीक्ष दक्षिणी, मेरठ अपर पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह को बहराइच का अपर पुलिस अधीक्षक नगर बनाया है। इसी तरह सीतापुर के सहायक पुलिस अधीक्षक विनायक गोपाल भोसले को मेरठ अपर पुलिस अधीक्षक नगर, मेरठ सहायक पुलिस अधीक्षक अंतरिक्ष जैन को बुलंदशहर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, संभल के सहायक पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार को प्रतापगढ़ का अपर पुलिस अधीक्षक (नगर पूर्वी), अलीगढ़ सहायक पुलिस अधीक्षक मयंक पाठक को सहारनपुर में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), सहायक पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद सुश्री लिपि नागयाच को अपर पुलिस उपायुक्त वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट, नोएडा पुलिस कमिश्नरेट सहायक पुलिस आयुक्त सुश्री टि्विंकल जैन को लखनऊ अपर पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ, सहायक पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज राजकुमार मीणा को अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल) मिर्जापुर, सहायक पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नेट लखनऊ ऋषभ रुनवाल को सोनभद्र का अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल), सहायक पुलिस आयुक्त वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट डॉ. ईशान सोनी को जालौन का अपर पुलिस अधीक्षक बनाया है। एक दिन पहले पांच आईएएस अधिकारियों का हुआ था तबादला एक दिन पहले शासन ने पांच आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। प्रतीक्षारत गुंजन द्विवेदी को मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा रत्नेश सिंह को अपर निदेशक, उप्र प्रशासन व प्रबंधन अकादमी के पद पर तैनाती दी गई है। सचिव उप्र लोक सेवा आयोग अशोक कुमार को विशेष सचिव सिंचाई, जल संसाधन व परती भूमि विकास विभाग तथा कारागार प्रशासन बनाया गया है। विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग तथा कुलसचिव डा.राम मनोहर लोहिया विधि विवि गिरिजेश कुमार त्यागी को सचिव उप्र लोक सेवा आयोग बनाया गया है। विशेष सचिव सिंचाई, जल संसाधन व परती भूमि विकास विभाग तथा कारागार प्रशासन अनीता वर्मा सिंह को विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग तथा कुलसचिव डा.राम मनोहर लोहिया विधि विवि बनाया गया है।

अवैध वसूली का खेल खत्म: रेत परिवहन के नाम पर कार्रवाई, पदाधिकारियों पर FIR होगी दर्ज

अभनपुर. अवैध वसूली के संगठित खेल पर प्रशासन ने आखिरकार शिकंजा कसा है। ग्राम दुलना में रेत परिवहन के नाम पर चल रहे वसूली रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद तहसीलदार ने सीधे FIR दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक 1 फरवरी 2026 को हुई जांच में खुलासा हुआ कि रेत से भरे वाहनों से बाकायदा डायरी बनाकर पैसे वसूले जा रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह पूरा खेल गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो खुद को ग्राम विकास समिति से जोड़कर वसूली कर रहे थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभनपुर ने जांच कर उच्च अधिकारी को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें साफ तौर पर अवैध वसूली की पुष्टि हुई। इसके बाद तहसीलदार ने थाना प्रभारी गोबरा नवापारा को कड़ा पत्र जारी करते हुए तुरंत FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले में ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव सहित कई लोग शामिल हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस इस संगठित वसूली गिरोह पर तुरंत कार्रवाई कर पाएगी या मामला फिर ठंडे बस्ते में जाएगा? फिलहाल प्रशासन के इस कड़े रुख से अवैध वसूली में लिप्त लोगों के बीच डर और बेचैनी साफ नजर आ रही है।

हरियाणा के सिखों को मिला रिकॉर्ड संख्या में वीजा, ननकाना साहिब और करतारपुर साहिब में नतमस्तक होंगे श्रद्धालु

  कुरुक्षेत्र धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से आज आस्था और उत्साह की एक विशेष तस्वीर सामने आई। पाकिस्तान स्थित पवित्र गुरुधामों के दर्शन और बैसाखी पर्व मनाने के लिए 255 भारतीय सिख श्रद्धालुओं का जत्था आज रवाना हुआ। कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही से हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 5 विशेष बसों में अमृतसर के लिए रवानगी श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए कुल 5 बसों की व्यवस्था की गई है। यह जत्था कुरुक्षेत्र से सीधा अमृतसर पहुँचेगा, जहाँ रात्रि विश्राम के बाद कल वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। यात्रियों में अपने पवित्र स्थलों के दर्शन को लेकर भारी उत्साह देखा गया। बैसाखी और खालसा सृजन दिवस का संगम इस वर्ष पाकिस्तान में बैसाखी पर्व को खालसा सृजन दिवस के रूप में बेहद श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। श्रद्धालु वहां ननकाना साहिब, पंजा साहब और करतारपुर साहिब सहित विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में नतमस्तक होंगे। कई श्रद्धालुओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें जीवन में पहली बार इन पवित्र स्थलों के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। रिकॉर्ड संख्या में वीजा मिलना बड़ी उपलब्धि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अनुसार, इस बार हरियाणा प्रदेश से रिकॉर्ड 255 यात्रियों को वीजा जारी किया गया है। प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अनुमति मिली है, जो सिख समाज के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। 10 दिनों की यात्रा के बाद 19 अप्रैल को होगी वापसी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सभी श्रद्धालु पाकिस्तान के अलग-अलग गुरुधामों में धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। दर्शन और बैसाखी समारोह संपन्न करने के बाद, यह जत्था 19 अप्रैल को वापस भारत (वतन वापसी) लौटेगा। रवानगी के समय पूरा वातावरण 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयकारों से गूंज उठा।  

आर्थिक मोर्चे पर यूपी की बड़ी छलांग, नेट जीएसटी संग्रह में कर्नाटक और गुजरात को पीछे छोड़ा

लखनऊ उत्तर प्रदेश ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य कर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में प्रदेश नेट कलेक्शन के आधार पर देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। पोस्ट सेटलमेंट वृद्धि के मामले में राज्य ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश को एसजीएसटी और आईजीएसटी से कुल 84.80 हजार करोड़ रुपये मिले। इसमें से 2.37 हजार करोड़ रुपये की रिकवरी के बाद नेट संग्रह 82.42 हजार करोड़ रुपये रहा। इस आधार पर उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा। महाराष्ट्र 1.84 लाख करोड़ रुपये के नेट संग्रह के साथ पहले स्थान पर है। मार्च 2026 में राज्य का संग्रह 7.53 हजार करोड़ रुपये रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में आठ प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि मजबूत आर्थिक गतिविधियों का संकेत है। नेट संग्रह की स्थिति  वित्त वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश का एसजीएसटी और आईजीएसटी कलेक्शन 82.42 हजार करोड़ रुपये रहा। यह महाराष्ट्र के 1.84 लाख करोड़ रुपये के बाद दूसरा सबसे बड़ा संग्रह है। कर्नाटक का नेट संग्रह 81.06 हजार करोड़ रुपये रहा। गुजरात का नेट संग्रह 73.17 हजार करोड़ रुपये और तमिलनाडु का 72.97 हजार करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वृद्धि दर में अग्रणी प्रदर्शन  उपभोक्ता आधारित राज्यों में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन वृद्धि के मामले में सबसे बेहतर रहा है। मार्च 2026 में राज्य के संग्रह में आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में गिरावट आई। जीएसटी संग्रह में यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर व्यापार और उपभोग से जुड़ी है। जीएसटी 2.0 में करों में कटौती के बावजूद उत्तर प्रदेश का कर संग्रह बढ़ा है। राज्यकर आयुक्त डॉ. नीतिन बंसल का कहना है कि जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी सीधे तौर पर व्यापार और उपभोग से जुड़ी होती है। जीएसटी 2.0 में आम लोगों को राहत के लिए करो में कटौती के बावजूद उत्तर प्रदेश का कर संग्रह बढ़ा है। जबकि उपभोक्ता आधारित अन्य राज्यों में नकारात्मक ग्रोथ है। वर्तमान वित्त वर्ष में इसे और बढ़ाने के लिए विभाग कई नए प्रयास कर रहा है। कई नई शुरुआत कर रहा है जिसका असर जल्द सामने आएगा।  

उत्तर प्रदेश में 5.5 लाख प्रगणक संभालेंगे डिजिटल जनगणना का जिम्मा, मुख्य सचिव ने 10 अप्रैल तक तैयारी पूरी करने के दिए निर्देश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के पहले चरण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्‍होंने निर्देश दिए कि मकान सूचीकरण और गणना से जुड़े सभी प्रारंभिक कार्य 10 अप्रैल तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। बैठक में महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण भी शामिल हुए। उन्होंने भी जनगणना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। पर्यवेक्षकों को 16 अप्रैल से 7 मई के बीच ट्रेनिंग इस मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि यूपी में लगभग 5.5 लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती की जानी है, जिसके लिए उनका सत्यापित और ताजा डिजिटल डेटाबेस निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयार किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से घनी शहरी बस्तियों, झुग्गी क्षेत्रों और अधिक गतिशील आबादी वाले इलाकों में सटीक और पूर्ण गणना सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को फील्ड में भेजने से पहले 16 अप्रैल से 7 मई के बीच अनिवार्य और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए। जनगणना के आंकड़े देश के विकास की दिशा तय करते हैं। यह विकास की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। सभी अधिकारी और कर्मचारी इसे जन-अभियान के रूप में संचालित करें ताकि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें। तकनीकी सहायकों की होगी भर्ती प्रशिक्षण से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं जैसे कक्ष, प्रोजेक्टर, जलपान और उपस्थिति शासनादेश के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं और यह प्रक्रिया 6 मई से पहले पूरी कर ली जाए। गोयल ने कहा कि गणना ब्लॉकों का सीमांकन स्पष्ट और त्रुटिरहित होना चाहिए। इसके लिए तकनीकी सहायकों की भर्ती शीघ्र पूरी कर जियो-टैगिंग और सीमांकन कार्य को मजबूत बनाया जाए। स्व-गणना की सुविधा भी रहेगी मुख्‍य सचिव ने बताया कि इस बार जनगणना में आम नागरिकों के लिए स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश में स्व-गणना पोर्टल 7 मई से 21 मई 2026 तक सक्रिय रहेगा, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।     उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी।     डेटा संग्रहण, प्रविष्टि, सत्यापन और निगरानी सभी प्रक्रियाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होंगी।     पहले चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकानों की गणना की जाएगी।     दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या गणना का कार्य संपन्न होगा।    

मोहला : कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिला मुख्यालय में निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

मोहला : कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिला मुख्यालय में निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण  धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, ठेकेदारों को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश ट्रांजिट हॉस्टल, आईटीआई और ऑडिटोरियम के निर्माण में पाई लापरवाही, कलेक्टर ने तत्काल सुधार और कड़ी कार्रवाई की दी चेतावनी सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण संतोषजनक, समय सीमा में पूरा करने के लिए कलेक्टर ने दिए विशेष निर्देश   मोहला कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति द्वारा जिला मुख्यालय मोहला में निर्माणाधीन विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ट्रांजिट हॉस्टल, आईटीआई भवन, सामुदायिक भवन ऑडिटोरियम एवं सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र डिजिटल लाइब्रेरी सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों का स्थल पर जाकर जायजा लिया। इस दौरान कार्यों की प्रगति गुणवत्ता तथा निर्धारित समय-सीमा का विशेष रूप से मूल्यांकन किया गया।           निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ट्रांजिट हॉस्टल, आईटीआई एवं सामुदायिक भवन ऑडिटोरियम के निर्माण कार्यों में धीमी प्रगति एवं लापरवाही पाए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी एवं ठेकेदारों की कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथ ही कहा कि कार्यों में और अधिक विलंब या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।           वहीं, सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण कार्य की प्रगति अपेक्षाकृत संतोषजनक पाई गई। कलेक्टर ने इस कार्य की सराहना करते हुए भी संबंधित एजेंसी को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य को शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आम जनता को इसका लाभ समय पर मिल सके। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग करें कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्ध पूर्णता प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

स्मार्ट मीटर वालों की बल्ले-बल्ले: बिहार में 8 घंटे मिलेगी सस्ती बिजली, नया टैरिफ लागू

बांका. अब बिजली उपभोक्ताओं का बिल समय के अनुसार तय होगा। बिजली विभाग ने टाइम ऑफ डे टैरिफ लागू कर दिया है, जिसके तहत दिन को तीन हिस्सों में बांटकर अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देना और बिजली व्यवस्था पर दबाव कम करना है। नई व्यवस्था के अनुसार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का समय आफ-पीक माना गया है। इस दौरान बिजली 20 प्रतिशत सस्ती मिलेगी। शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक पीक आवर रहेगा। इस दौरान बिजली महंगी होगी। घरेलू उपभोक्ताओं को करीब 10 प्रतिशत अधिक प्रति यूनिट देना पड़ेगा। व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए यह दर 20 प्रतिशत तक अधिक होगी। रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक फिर सामान्य दर लागू रहेगी। खर्च में कमी ला सकेंगे उपभोक्ता बिजली विभाग के अनुसार, इस नई व्यवस्था से उपभोक्ता दिन के समय अधिक बिजली उपयोग कर अपने खर्च में कमी ला सकते हैं। साथ ही शाम के पीक समय में लोड कम होगा, जिससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होगी और सौर ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर निर्धारित दर से अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क लगेगा। हालांकि, यह नियम केवल स्मार्ट मीटर वाले एक किलोवाट या उससे अधिक लोड के उपभोक्ताओं पर ही लागू होगा। कृषि फीडर के उपभोक्ताओं को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। दो लाख के करीब लगे हैं स्मार्ट मीटर नई व्यवस्था को फिलहाल वैसे उपभोक्ताओं के लिए लागू किया गया है, जिनके घर या प्रतिष्ठान पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जिले में बिजली विभाग के दो डिवीजन हैं। बांका और अमरपुर। दोनों डिवीजन की अगर बात की जाए तो तो उपभोक्ताओं की संख्या करीब चार लाख के आसपास है, इसमें से आधे यानी दो लाख उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसका फायदा स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को मिलेगा। उनको जो अगले महीने का बिजली बिल आएगा, वह नए नियम के अनुसार ही आएगा। जिनके घर स्मार्ट मीटर नहीं लगाए गए हैं, उन्हें पुराने नियमों के अनुसार ही बिजली बिल का भुगतान करना होगा। नया बिजली टैरिफ: सस्ती बिजली (ऑफ-पीक आवर): सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक। महंगी बिजली (पीक आवर): शाम 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक। सामान्य दर: रात 11:00 बजे से सुबह 9:00 बजे तक सामान्य दर रहेगी। टाइम आफ डे टैरिफ लागू – जिला में टाइम आफ डे टैरिफ लागू कर दिया गया है। स्मार्ट मीटर जिनके घर या प्रतिष्ठान पर लगे हैं, उसी को नए टैरिफ दर से बिजली बिल का भुगतान करना होगा। यहां पर अब तक करीब दो लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। – ई. कुमार सौरभ, कार्यपालक अभियंता, बांका डिविजन।

उत्तर बस्तर कांकेर : महतारी वंदन योजना के तहत हितग्राहियों का ई-केवायसी कराने की अपील

उत्तर बस्तर कांकेर राज्य शासन द्वारा समस्त हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने वाले हितग्राहियों का ई-केवायसी कराये जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना के तहत लाभान्वित समस्त महिलाओं का ई-केवायसी कराया जाना है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जिले में महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 01 लाख 80 हजार महिलाओं को प्रतिमाह लाभान्वित किया जा रहा है, इनमें से लगभग 27 हजार महिलाओं का ई-केवायसी पूर्ण हो चुका है। इस प्रकार जिले में महतारी वंदन योजना से लाभान्वित लगभग 01 लाख 53 हजार हितग्राहियों का ई-केवायसी कराया जाना है। इन महिलाओं के नाम, सूची संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के महतारी वंदन एप के लॉगिन आईडी में उपलब्ध है। केवल इन्हीं महिलाओं का ई-केवायसी निकट के कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर निःशुल्क कराया जा सकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा राज्य स्तर से चिप्स को नोडल एजेंसी बनाते हुए उनके अधीनस्थ संचालित कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से उक्त कार्य निःशुल्क कराये जाने के निर्देश दिये गए हैं। साथ ही सभी परियोजनाओं में व्हीएलई एवं पर्यवेक्षकों का संयुक्त प्रशिक्षण भी आयोजित किया जा चुका है। महतारी वंदन योजना से लाभान्वित ऐसी समस्त महिलाएं जिनका ई-केवायसी नहीं हुआ है उन्हें आवश्यक अभिलेखों जैसे अद्यतन आधार कार्ड की मूलप्रति एवं आंगनबाडी कार्यकर्ता से महतारी वंदन योजना का हितग्राही पंजीयन क्रमांक प्राप्त कर निकट के कॉमन सर्विस सेंटर सीएससी में अपना ई-केवायसी कराने कहा गया है, ताकि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत निरन्तर लाभान्वित किया जा सके। उल्लेखनीय हैं कि महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिन महिलाओं का ई-केवायसी 2-3 माह पूर्व कराया जा चुका है उन्हें पुनः ई-केवायसी कराये जाने की आवश्यकता नहीं है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए निकट की आंगनबाडी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षक से संपर्क किया जा सकता है।

वनप्लस ने लॉन्च किया 9000mAh बैटरी वाला दमदार फोन, एक बार चार्ज करने पर चलेगा ढाई दिन

स्मार्टफोन इंडस्ट्री में आजकल ढेरों स्मार्टफोन ऐसे लॉन्च हुए हैं, जिनके अंदर मेगा बैटरी का यूज किया है. यानी फोन में 7000mAh से लेकर  9000mAh बैटरी पैक तक के कई फोन मिल जाएंगे.  मंगलवार को वनप्लस ने भी 9000mAh की बैटरी वाला फोन लॉन्च किया है. बड़ा बैटरी पैक देने से स्मार्टफोन को सिंगल चार्ज में ज्यादा चलाया जा सकेगा. वनप्लस का दावा है कि 9000mAh बैटरी वाला वनप्लस नॉर्ड 6 एक बार फुल चार्जिंग के बाद ढाई दिन तक का बैटरी बैकअप देने की काबिलियत रखता है. आज के समय में लोगों का स्क्रीन टाइम बढ़ चुका है. ऑफिस के काम से लेकर इंडियन प्रीमियर लीक (IPL 2026) के मैच देखने तक में मोबाइल का यूज होता है. ऐसे में ज्यादा बैटरी बैकअप से यूजर्स को फायदा मिलता है. यूजर्स को बार-बार चार्जिंग की जरूरत नहीं होती है. मेगा बैटरी पैक होने के नुकसान भी     स्मार्टफोन में मेगा बैटरी पैक देने के कई नुकसान भी हैं. इसकी वजह से मोबाइल की थिकनेस बढ़ जाती है और फोन ज्यादा बल्की नजर नजर आता है.     मेगा बैटरी पैक की वजह से स्मार्टफोन में चार्जिंग टाइम में इजाफा हो जाता है. ऐसे में यूजर्स को मोबाइल बैटरी को फुल चार्ज करने में ज्यादा समय लगेगा.     स्मार्टफोन में ज्यादा बड़ी बैटरी होने की वजह से उसमें ओवर हीटिंग से संबंधित समस्या सामने आने लगती है. मोबाइल में ओवर हीटिंग की वजह से मोबाइल की परफोर्मेंस प्रभावित होती है और वह कई बार हैंग भी हो सकता है.     मेगा बैटरी होने की वजह से स्मार्टफोन में ब्लास्ट होने का खतरा बढ़ जाता है. अगर बैटरी पर ज्यादा प्रेशर बनता है तो बैटरी में आग लग सकती है. ऐपल और सैमसंग जैसी कंपनियां क्यों नहीं करती सैमसंग और ऐपल के फ्लैगशिप हैंडसेट भारत समेत दुनियाभर में पॉपुलर हैं. इसके बावजूद ये कंपनियां अपने हैंडसेट में मेगा बैटरी जैसे 7000mAh या 9000mAh बैटरी का यूज नहीं करती हैं. इसके पीछे कई वजह हैं, जैसे स्मार्टफोन थिकनेस, फोन सेफ्टी, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड और एफिसिएंसी मैनेजमेंट. सैमसंग और ऐपल अपनी फ्लैगशिप सीरीज में भले ही 5000mAh से कम साइज का बैटरी पैक यूज करते हैं, उसके बावजूद उसमें बेहतर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को प्रोवाइड कराते हैं. ऐसे में छोटा बैटरी पैक होने के बावजूद फुल डे बैटरी बैकअप मिलता है.

थाने में बड़ा घोटाला: 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, SP ने कड़ी कार्रवाई की

डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ थाना एक बार फिर विवादों में है। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आते ही पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एएसआई रोहित खूंटे और आरक्षक लक्ष्मी शंकर कंवर को निलंबित कर दिया है। वायरल हो रहे इस कथित वीडियो में थाना परिसर के भीतर संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। फुटेज में एक एएसआई, जिसे रोहित खूंटे बताया जा रहा है, मोबाइल फोन में एक महिला की तस्वीर को ज़ूम कर देखते नजर आते हैं। यह दृश्य पुलिस आचरण को लेकर कई सवाल खड़े करता है। इसके बाद वीडियो में कथित तौर पर एक वर्दीधारी आरक्षक, जिसे लक्ष्मी शंकर कंवर बताया जा रहा है, नगदी लेकर अपनी जेब में रखते दिखाई देता है।  आगे के हिस्से में एएसआई द्वारा बाहर आकर संबंधित व्यक्ति से और पैसों की मांग करने और “मामला निपटाने” की बात कहने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सामने आए दृश्य पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना रहे हैं और इसी संवेदनशीलता के चलते एसपी ने दोनों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। घटनाक्रम ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब यह सब थाने के भीतर हो रहा था, तो क्या थाना प्रभारी को इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर यह सब उनकी जानकारी में ही चल रहा था? किसी भी थाने की गतिविधियों की अंतिम जिम्मेदारी थाना प्रभारी की होती है, ऐसे में जांच का दायरा केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहना चाहिए।  मामला सामने आते ही एसपी अंकिता शर्मा ने “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत त्वरित कदम उठाते हुए वीडियो में दिख रहे एएसआई रोहित खूंटे और आरक्षक लक्ष्मी शंकर कंवर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई विभाग की सख्ती का संकेत जरूर है, लेकिन साथ ही यह भी सवाल उठता है कि जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस विभाग इस पूरे मामले की जांच कितनी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करता है।  जनता के बीच फिलहाल एक ही सवाल गूंज रहा है, क्या वर्दी के भीतर चल रही इस कथित ‘सौदेबाज़ी’ पर सख्त कार्रवाई होगी, या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा?