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जनहित सर्वोपरि, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, अधोसंरचना विकास एवं मानव संसाधन संबंधी विषयों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, सुलभ एवं प्रभावी बनाने के लिये विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती, नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण कार्यों की प्रगति, चिकित्सालयों के संधारण एवं रख-रखाव, सागर स्थित कैंसर हॉस्पिटल के लिये पदों की स्वीकृति, प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण (लैब स्ट्रेंदनिंग) और स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने संबंधी विषयों की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि अंडर सर्व्ड एवं दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, जिससे अंतिम पंक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित हो सकें। उन्होंने कहा कि केवल चिकित्सकों की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता भी सशक्त स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में प्रभावी एवं ठोस प्रयास किए जाएँ। सीएम केयर्स के अंतर्गत अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) से जुड़े प्रकरणों में अतिरिक्त व्यय की प्रतिपूर्ति संबंधी विषय पर भी चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि जरूरतमंद मरीजों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने के लिये आवश्यक प्रावधान किए जाएँ।उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कैंसर उपचार पैकेज को शामिल किए जाने के लिये आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे कैंसर रोगियों को उपचार में अधिक आर्थिक सहायता मिल सके और गुणवत्तापूर्ण उपचार तक उनकी पहुँच आसान हो। स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सहज एवं संवेदनशील बनाए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विभागीय स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सहज एवं संवेदनशील बनाए जाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही गंभीर बीमारी, पति-पत्नी की एक ही स्थान पर पदस्थापना, दिव्यांग आश्रित, विधवा एवं परित्यक्ता जैसे संवेदनशील प्रकरणों को स्थानांतरण प्रक्रिया में प्राथमिकता प्रदान की जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अशोक बर्णवाल, आयुक्त धनराजू एस सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।    

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन व महापौरमती राजपूत ने किया 03 करोड़ 75 लाख रू. के विकास कार्यो का भूमिपूजन एवं 01 करोड़ 10 लाख रू. के कार्य का किया लोकार्पण

रायपुर निगम के विभिन्न वार्डो को मिली 04 करोड़ 85 लाख रू. के विकास कार्यो की सौगात नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र में लगातार जारी विकास कार्यो की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में आज निगम के विभिन्न वार्डो को 04 करोड़ 85 लाख रूपये के विकास कार्यो की सौगात प्राप्त हुई। प्रदेश के  वाणिज्य उद्योग,  सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवंागन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौरमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में 03 करोड़ 75 लाख रूपये के विकास कार्यो का भूमिपूजन किया गया, वहीं 01 करोड़ 10 लाख रूपये के विकास कार्य का लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ। इस मौके पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर, पार्षद नरेन्द्र देवांगन, अशोक चावलानी सहित निगम के अन्य पार्षदगण व जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।      नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 04 राताखार पुल से बजरंग चैक होते हुये बाईपास सड़क तक 02 करोड़ रूपये की लागत से सी.सी.सड़क का निर्माण कार्य किया जाना हैं, इसी प्रकार वार्ड क्र. 04 राताखार सतनाम भवन परिसर के पास 15 लाख रूपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष व किचन शेड का निर्माण, वार्ड क्र. 03 राताखार मुक्तिधाम में 45 लाख रूपये की लागत से व्हूम वेस्ट प्रदूषण मुक्त दाहगृह का प्रदाय स्थापना संचालन  एवं संधारण कार्य कराया जाना हैं। इसी प्रकार वार्ड क्र. 18 कोहडि़या स्थित ब्रम्हकुमारी प्रजापति आश्रम के पास 10 लाख रूपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष निर्माण, वार्ड क्र. 17 भैंसखटाल ढोढ़ीपारा में नहर किनारे सूरज बरेठ घर के पास 06 लाख रूपये की लागत से सांस्कृतिक मंच एवं अन्य विस्तार कार्य तथा वार्ड क्र. 03 अंतर्गत 99 लाख 78 हजार रूपये की लागत से टी.पी.नगर जोन कार्यालय का निर्माण कार्य भी कराया जाना हैं, इन सभी विकास कार्यो का भूमिपूजन आज उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौरमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान किया गया, वहीं 01 करोड़ 09 लाख 51 हजार रूपये की लागत से नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रांतर्गत सेंट्रल स्टोर से स्टेडियम चैक तक रेलिंग सहित डिवाईडर एवं विद्युतीकरण कार्य निगम द्वारा कराया गया है, जिसका लोकार्पण आज उनके करकमलों से किया गया।  छत्तीसगढ़ का हो रहा तेजी से विकास  इस अवसर पर दिये गये अपने उद्बोधन में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्राप्त हो रहे लगातार मार्गदर्शन में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास कर रही है। उन्होने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने हम सबको छत्तीसगढ़ राज्य को तोहफा दिया था, और अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हमारे छत्तीसगढ़ को सजाने संवारने का कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि 15 वर्षो तक डाॅ.रमन सिंह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे, उन्होने जब छत्तीसगढ़ की कमान संभाली उस समय प्रदेश की स्थिति ठीक नही थी, किन्तु उन्होने छत्तीसगढ़ राज्य का तेजी से विकास किया तथा छत्तीसगढ़ के विकास पुरूष कहलायें। मंत्री देवांगन ने कहा कि विगत कुछ वर्षो से प्रदेश का विकास थम गया था किन्तु पिछले 02 वर्षो से मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय ने राज्य में विकास को पुनः गति व दिशा दी हैं तथा हमारा छत्तीसगढ़ राज्य नई ऊर्जा के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। एक ओर जहाॅं प्रदेश में उद्योग, धंधे बढ़ रहे हैं, रोजगार बढ़ रहा है, अधोसंरचना विकास के कार्य हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केन्द्र व राज्य सरकार की दर्जनों जनकल्याणकारी व गरीब हितैषी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन कर गरीब, निर्धन परिवारों का जीवन स्तर ऊंचा उठाया जा रहा है।  निगम क्षेत्र के विकास के लिये धनराशि की कमी नहीं   इस अवसर पर महापौरमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डो में व्यापक स्तर पर विकास कार्य संपादित हो रहे हैं तथा विकास कार्यो के लिये धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही, उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन विभिन्न मदों से लगातार नये-नये विकास कार्य स्वीकृत करा रहे हैं तथा विभिन्न मदों के अंतर्गत विगत 02 वर्षो में निगम क्षेत्र में लगभग 01 हजार करोड़ रूपये के विकास कार्य उनके द्वारा स्वीकृत कराये जा चुके हैं। उन्होने कहा कि मुझे खुशी है कि आज राताखार वार्ड में अन्य कार्यो के साथ-साथ 02 करोड़ रूपये की लागत से सी.सी. रोड के निर्माण का भी शुभारंभ कराया गया है, वहीं उद्योग मंत्री देवंागन के प्रयास से सर्वमंगला पुल सड़क तथा उसके दोनों ओर एप्रोच सड़क का कायाकल्य किया जा रहा है, जो 02-04 दिनों में पूरा हो जायेगा।  विकास पथ पर लगातार अग्रसर है कोरबा   इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योेग मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन एवं महापौरमती संजूदेवी राजपूत के दिशा निर्देशन में कोरबा विकास के पथ पर निरंतर तेजी के साथ अग्रसर हो रहा है, उनके द्वारा निगम के सभी 67 वार्डो में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केवल जनताजनार्दन की इच्छा व उनकी आवश्यकता के अनुरूप बडे़ पैमाने पर विकास कार्य कराये जा रहे हैं। मैं इस मंच के माध्यम से उद्योग मंत्री देवांगन व महापौरमती राजपूत को इसके लिये धन्यवाद देता हूॅं तथा विश्वास रखता हूॅं कि विकास की यह गति लगातार यू ही जारी रहेगी।  उद्योग मंत्री व महापौर ने राताखार में कराये बडे़ पैमाने पर कार्य  इस अवसर पर वार्ड पार्षद रविसिंह चंदेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौरमती संजूदेवी राजपूत ने राताखार वार्ड मंे बडे़ पैमाने पर कार्य कराये हैं, और अब एक ओर जहाॅ 02 करोड़ रूपये से सी.सी. रोड बनेगी, वहीं दूसरी ओर अत्याधुनिक प्रदूषण मुक्त शवदाहगृह का निर्माण भी होगा, इसके अतिरिक्त अन्य विकास कार्य भी होंगे। उन्होने कहा कि राताखार बस्ती के निवासियों के लिये यह गौरव का विषय है कि उनकी बस्ती की ही रहने वालीमती संजूदेवी राजपूत आज कोरबा की महापौर है।       कार्यक्रम के दौरान सभापति नूतन सिंह ठाकुर, प्रजापिता ब्रम्हकुमारी  संस्था से बिन्दु दीदी व रूकमणी दीदी, अशोक चावलानी के साथ-साथ पार्षद रविसिंह चंदेल, लक्ष्मणवास, सरोज शांडिल्य, मुकुंद सिंह कंवर, ईश्वर पटेल, रामकुमार साहू, प्रेमलता बंजारे, मण्डल अध्यक्ष मनीष मिश्रा, योगेश मिश्रा, वैभव शर्मा, रामेश्वर वैष्णव, पूर्व पार्षद दीपा राठौर, मनोज राठौर, दिनेश झा, नरेन्द्र पाटनवार, अनिल यादव, आकाशवास्तव, मोनू आदिले, सीकेेन्द्र मसीह, कृष्णा … Read more

जल गंगा संवर्धन अभियान से रैपुरा रेंज की रामडोल एवं दाने बाबा झिरियों में लौटा जल

भोपाल दक्षिण पन्ना वनमंडल की रैपुरा रेंज अंतर्गत भरतला बीट में स्थित रामडोल की झिरिया एवं दाने बाबा की झिरिया में जल गंगा संवर्धन अभियान में प्राकृतिक झिरियों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य कराया गया। इसके परिणामस्वरूप इन झिरियों को पुनर्जीवन मिला और भीषण गर्मी में भी इनमें जल बना हुआ है। इससे झिरियों के आसपास के वन क्षेत्रों में वन्य पक्षियों की वापसी हुई है तथा क्षेत्र की जैव-विविधता पुनर्जीवित हो उठी है। प्राकृतिक जल स्रोतों के आसपास बड़ी संख्या में मधुमक्खियों के छत्ते अब शहद से भरे दिखाई दे रहे हैं। पक्षियों के घोंसले फिर आबाद हो गए हैं और अन्य वन्यजीवों की सक्रियता भी बढ़ी है। वन क्षेत्र में दूधराज (एशियन पैराडाइज फ्लाईकैचर), ब्लैक-नैप्ड मोनार्क, किंगफिशर, बाज, उल्लू, मोर, हरियल तथा जंगली मुर्गा सहित अनेक पक्षी प्रजातियाँ विहार कर रही हैं। कई पक्षियों के घोंसलों में अंडे भी पाए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि यह क्षेत्र अब वन्यजीवों, स्थानीय तथा प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल प्राकृतिक आवास बन गया है। स्थानीय ग्रामीणों और वनकर्मियों ने बताया कि पिछली गर्मियों तक भीषण गर्मी के दौरान यहां की प्राकृतिक झिरियाँ सूख जाया करती थीं। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत वन विभाग ने इन झिरियों की पहचान कर उनकी सफाई और मरम्मत कराई। वन विभाग के प्रयासों से इस वर्ष इन झिरियों में जल निरंतर प्रवाहित हो रहा है। जल स्रोतों से वन्यजीवों और पक्षियों को राहत मिल रही है। साथ ही मधुमक्खियों, तितलियों और अन्य छोटे जीवों के लिए भी यह वन क्षेत्र महत्वपूर्ण पारिस्थितिक आश्रय बन गया है। जल संरक्षण और जैव-विविधता संरक्षण का यह समन्वित प्रयास दक्षिण पन्ना वनमंडल में प्राकृतिक संरक्षण के एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है।  

देश में सर्वाधिक 13 लाख 41 हजार से अधिक किसानों से हुआ गेहूं का उपार्जन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में 100 लाख मीट्रिक टन निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 104 लाख 22 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ का उपार्जन हुआ है। मध्यप्रदेश को गेहूं खरीदी के लिये 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से केन्द्र सरकार द्वारा इस लक्ष्य को 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 13 लाख 41 हजार 266 किसानों से गेहूं का उपार्जन कर देश में नम्बर-1 है, वहीं गेहूं उपार्जन के मामले में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। कोविड-19 की अवधि को छोड़कर विगत 10 वर्षों में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं का सर्वाधिक उपार्जन किया गया है। प्रदेश में लघु एवं सीमांत किसानों से सबसे पहले गेहूं की खरीदी की गई। कुल 8 लाख 9 हजार 990 सीमांत एवं लघु कृषकों से 32 लाख 14 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं का उपार्जन किया गया। सतत मॉनिटरिंग प्रदेश में हो रहे गेहूँ उपार्जन की सतत मॉनीटरिंग की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिये उपलब्ध जरूरी सुविधाओं का आकस्मिक निरीक्षण भी किया। साथ ही किसानों से संवाद कर उपार्जित गेहूँ के भुगतान आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों के हित में जिन किसानों ने स्लाट बुक करा लिये थे, उनके गेहूं उपार्जन की अवधि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक कर दी थी। किसानों को हुआ 23,708.13 करोड़ से अधिक का भुगतान किसानों को अब तक उपार्जित गेहूं का 23,708.13 करोड़ रूपये का भुगतान भी किया जा चुका है। उपार्जित गेहूं में से 96 लाख 52 हजार 957 मीट्रिक टन का परिवहन भी किया जा चुका है। यह उपार्जित गेहूं का 93 प्रतिशत है। किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया है। संभागवार उपार्जन रीवा संभाग में 6 लाख 15 हजार 851 मीट्रिक टन, जबलपुर में 12 लाख 73 हजार 667, शहडोल में 70 हजार 666, सागर में 8 लाख 56 हजार 968, भोपाल में 28 लाख 47 हजार 284, नर्मदापुरम में 9 लाख 22 हजार 508, उज्जैन में 22 लाख 84 हजार 47, इंदौर में 8 लाख 62 हजार 719, ग्वालियर में 4 लाख 36 हजार 805 और चंबल संभाग में 2 लाख 40 हजार 581 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हुआ है।  उपार्जन के समुचित प्रबंध प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल काटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल काटों में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिया गया। किसानों की सुविधा के लिये तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया। देयक जारी करने का समय भी रात 12 बजे तक कर दिया गया। गेहूं का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन तक किया गया। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिये पीने का पानी, बैठने के छायांदार स्थान और जन-सुविधाओं की व्यवस्थाएं की गई थी। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के भंडारण की भी समुचित व्यवस्था की गई है। किसानों की उपज की तौल समय पर हो सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रों में बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ-सफाई के लिये पंखा एवं छन्ना आदि की समुचित व्यवस्थाएं की गई थीं।  

मंगोलिया के लिए भगवान बुद्ध के परम शिष्यों के पवित्र अस्थि अवशेष श्रद्धापूर्वक रवाना

भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि आज का दिन भारत और मध्यप्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह है। यह पावन अस्थि अवशेष न केवल हमारी अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर हैं, बल्कि वैश्विक शांति और सौहार्द के प्रतीक भी हैं। मंत्री पटेल राजा भोज एयरपोर्ट पर भगवान बुद्ध के शिष्यों सारिपुत्र और महामोद्गलायन के पवित्र अवशेषों को राजकीय सम्मान के साथ मंगोलिया रवाना करने के कार्यक्रम के संबोधित कर रहे थे। मंत्री पटेल ने कहा कि भगवान बुद्ध के शिष्यों के पवित्र अवशेषों के मंगोलिया में प्रदर्शन करने से वैश्विक पहचान मिलेगी। उन्होंने रेखांकित किया कि भगवान बुद्ध के इन महान शिष्यों की पवित्र अस्थियां संपूर्ण विश्व में केवल तीन देशों—भारत,लंका एवं म्यांमार में ही संरक्षित हैं, जो हमारे प्रदेश और देश के लिए अत्यंत गौरव की बात है। इससे मंगोलिया सहित सभी देशों के बौद्ध अनुयायी प्रदेश में आने के लिए प्रेरित होंगे। मंत्री पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सांस्कृतिक नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जन-जन की आस्था और देश के आध्यात्मिक मूल्यों को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अपने पूर्व कार्यकाल का स्मरण करते हुए बताया कि जब वे भारत के संस्कृति मंत्री थे, तब एक विशेष नीति बनाई गई थी कि जिस देश से एक लाख से अधिक पर्यटक भारत आएंगे, वहां उनकी स्थानीय भाषा में साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इसी नीति के तहतलंका से दो लाख से अधिक पर्यटकों के आगमन पर सांची में उनकी भाषा में साइन बोर्ड लगाए गए, जिससे श्रद्धालुओं को सांची और अन्य बौद्ध स्थलों की यात्रा के दौरान सुगमता और आत्मीयता का अनुभव होता है। उन्होंने बल देकर कहा कि सांची केवल अपने पाषाण स्तूपों के कारण विश्व धरोहर स्थल नहीं है, अपितु इन चैतन्य अस्थि अवशेषों की पावन उपस्थिति के कारण वैश्विक श्रद्धा का केंद्र है, जिसके कारण विश्व भर से पर्यटक यहाँ खिंचे चले आते हैं। पूर्व में इन अवशेषों की सफल थाईलैंड यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के साथ हमारे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध अत्यंत प्राचीन और प्रगाढ़ हैं, और यह यात्रा इन संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगी। सांची आध्यात्मिक वैभव का अनुपम खजाना — पूज्य बानगल उपतिस्स नायक थेरी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित बौद्ध धर्मगुरु बड़े गुरु पूज्य बानगल उपतिस्स नायक थेरी ने सांची की महत्ता को बताते हुए कहा कि सांची केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक वैभव का एक अनमोल खजाना है। बौद्ध जगत में इस स्थान की महिमा अतुलनीय है। उन्होंने पूर्व के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि जब ये पवित्र अस्थि अवशेष पूर्व में थाईलैंड प्रवास पर गए थे, तब वहां लगभग 5.5 मिलियन (55 लाख) से अधिक श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धाभाव से इनकी पूजा-अर्चना की थी। उन्होंने कहा कि बौद्ध परंपरा में इन अवशेषों (रेलिक्स) का स्थान सर्वोपरि है और उन्हें सांची जैसी पवित्र धरा का कस्टोडियन (संरक्षक) बनने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जो उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि भगवान बुद्ध की यह विरासत विश्व बंधुत्व की एक अमूल्य निधि है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मूल मंत्र 'विकास भी, विरासत भी' का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासन इस संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रहा है। इस प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय और आध्यात्मिक प्रकल्प संपूर्ण विश्व को यह दिग्दर्शित करते हैं कि भारत आदि काल से विश्वगुरु रहा है और अपनी इसी सांस्कृतिक संपन्नता के कारण सदैव विश्वगुरु के पद पर सुशोभित रहेगा। कलेक्टर मिश्रा ने अपनी व्यक्तिगत अनुभूतियों को साझा करते हुए कहा कि उनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुआ है, जो स्वयं भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल और उनसे जुड़े अत्यंत पवित्र क्षेत्रों से घिरा हुआ है। ऐसे में भोपाल की धरती पर इस पावन विदाई समारोह का साक्षी बनना उनके लिए परम सौभाग्य की बात है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस गरिमामयी आयोजन के माध्यम से मध्यप्रदेश की पहचान मध्य एशिया के देश मंगोलिया तक सुदृढ़ रूप से पहुंचेगी। भविष्य में भी इस प्रकार के सांस्कृतिक आदान-प्रदान के कार्यक्रम अन्य देशों के साथ आयोजित किए जाएंगे, जो हमारे प्रदेश के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण हैं क्योंकि मध्यप्रदेश ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत से समृद्ध प्रदेश है। इस गरिमामयी प्रस्थान समारोह में छोटे गुरु पूज्य बानगल विमल तिस्स थेरी, इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फेडरेशन (आईबीसी) के संचालक कर्नल यश सक्सेना, संस्कृति विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी राजेश कुमार गुप्ता सहित अनेक प्रबुद्ध जन और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी गणमान्य नागरिकों ने मंत्रोच्चार और पूर्ण धार्मिक विधि-विधान के बीच भगवान बुद्ध के शिष्यों के पवित्र अवशेषों को मंगोलिया यात्रा के लिए भावभीनी और श्रद्धापूर्वक विदाई दी।    

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निर्माणाधीन सड़क का किया निरीक्षण

रायपुर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निर्माणाधीन सड़क का किया निरीक्षण उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज लोरमी से गोंडखाम्ही नहर तक लगभग 10 किलोमीटर निर्माणाधीन सड़क का जायजा लिया। उन्होंने पोल शिफ्टिंग सहित सड़क  निर्माण से जुड़े सभी कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। श्री साव ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से सड़क निर्माण की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने और कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।    

भीषण गर्मी से तप रहा मध्यप्रदेश, IMD ने जारी किया हीटवेव अलर्ट

भोपाल नौतपा के चौथे दिन भी मध्य प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में रहा। प्रदेश के 10 शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। खजुराहो सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बड़े शहरों में ग्वालियर का पारा 44.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने प्रदेश के 48 जिलों में हीटवेव और तेज गर्मी का अलर्ट जारी किया है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले तीन दिनों में कई जिलों में आंधी और वर्षा की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार भोपाल में 43.8 डिग्री, जबलपुर में 44 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री और इंदौर में 41.8 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया। इधर, दमोह जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में गुरुवार शाम अचानक मौसम बदला और करीब आधे घंटे तक ओलावृष्टि हुई। इसके बाद वर्षा का दौर जारी रहा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। नौतपा के बीच आंधी-बारिश का भी अनुमान नौतपा के दौरान इस बार गर्मी के साथ वर्षा और तेज आंधी का असर भी देखने को मिल रहा है। पिछले तीन दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं वर्षा दर्ज की गई है। 29 से 31 मई के बीच प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्षा और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। इन जिलों में हीटवेव का अलर्ट मौसम विभाग ने निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं सागर, दमोह, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली सहित 10 जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। भोपाल, ग्वालियर, रायसेन, विदिशा और उज्जैन समेत 32 जिलों में येलो अलर्ट जारी है। लू से बचने के लिए सावधानी जरूरी मौसम विज्ञानियों ने लोगों को दोपहर 12 से तीन बजे तक घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। पर्याप्त पानी पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और शरीर को हाइड्रेट रखने की अपील की गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि मई के अंतिम दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और वर्षा का असर बढ़ेगा, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है।  

8 घंटे की पूछताछ के बाद CBI ने त्विषा की सास को लिया हिरासत में

भोपाल नोएडा की अभिनेत्री व मॉडल त्विषा शर्मा की भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में सास रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गुरुवार शाम को सीबीआई टीम ने उन्हें घर से गिरफ्तार किया। इसके लिए टीम सुबह 10 बजे घर पहुंच गई थी और करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। सीबीआई ने उन्हें भोपाल के मैनिट स्थित कैंप में रखा है। वहीं, त्विषा के पति समर्थ सिंह को पहले ही सीबीआई रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। घर पर घटनास्थल की मैपिंग कराई और जांच की समर्थ 29 मई तक की रिमांड पर है। सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम ने डीआईजी अब्दुल जब्बार के नेतृत्व में गुरुवार को सुबह गिरिबाला के घर पर घटनास्थल की मैपिंग कराई और विभिन्न बिंदुओं पर जांच-पड़ताल की। इसके बाद गिरिबाला से लगातार पूछताछ की गई। देर शाम गिरफ्तारी के दौरान घर के बाहर और आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। सीबीआई टीम ने सुरक्षा कारणों से अपनी गाड़ी घर के अंदर पार्क कराई और उसी में गिरिबाला को बैठाकर मैनिट स्थित सीबीआई कैंप कार्यालय ले गई। तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सवाल किए पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने गिरिबाला, त्विषा व समर्थ के रिश्तों को लेकर सवाल किए। उन्होंने मामले से जुड़े कई तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर भी सवाल किए। जांच एजेंसी पहले ही इस मामले में कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त कर चुकी है। हाई कोर्ट ने इसलिए रद की थी अग्रिम जमानत बता दें कि बुधवार देर रात एक बजे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को भोपाल न्यायालय से 15 मई को दी गई अग्रिम जमानत निरस्त कर दी थी। हाई कोर्ट ने माना था कि ट्रायल कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर पर्याप्त विचार नहीं किया। जबकि वाट्सएप चैट्स और गवाहों के बयानों में सास गिरिबाला सिंह के विरुद्ध भी स्पष्ट आरोप हैं। हाई कोर्ट ने यह भी माना कि जमानत मिलने के बाद आरोपित जांच में सहयोग नहीं कर रहीं। इन तथ्यों के आधार पर न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का संदर्भ देते हुए कहा कि यदि जमानत आदेश तथ्यों की अनदेखी पर आधारित हो तो उसे निरस्त किया जा सकता है। न्यायिक सेवा में कई अहम पदों पद रहीं हैं गिरिबाला भोपाल में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद से 2024 में रिटायर्ड हुईं गिरिबाला सिंह मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा की वरिष्ठ और अनुभवी न्यायिक अधिकारी रही हैं। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में दीवानी और आपराधिक मामलों की सुनवाई की। उन्होंने 1988 में मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर सिविल जज (क्लास-2) के रूप में न्यायिक सेवा में प्रवेश किया। 2010- 2011 में उच्च न्यायिक सेवा का हिस्सा बनीं। 2018 में भोपाल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर रहीं। इसके अतिरिक्त वह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की कुलसचिव रह चुकी हैं। गैस राहत कोर्ट भोपाल की न्यायाधीश भी रहीं। वर्तमान में भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-2 की अध्यक्ष हैं।  

संवेदनशील और प्रभावशाली शायरी के माध्यम से बद्र ने साहित्य जगत में विशिष्ट पहचान बनाई

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने प्रख्यात शायर एवं साहित्यकार बशीर बद्र के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बशीर बद्र ने अपनी संवेदनशील और प्रभावशाली शायरी के माध्यम से साहित्य जगत में विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी ग़ज़लों और रचनाओं ने मानवीय भावनाओं, रिश्तों और सामाजिक संवेदनाओं को बेहद खूबसूरती से अभिव्यक्त किया। उनकी लेखनी आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी। श्री शुक्ल ने कहा कि बशीर बद्र का निधन साहित्य एवं कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी रचनाएँ सदैव साहित्य प्रेमियों के हृदय में जीवित रहेंगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिजनों, प्रशंसकों एवं साहित्य जगत के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं।  

मरीन ड्राइव और कयाघाट ब्रिज परियोजना का निरीक्षण, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज रायगढ़ में केलो नदी पर निर्माणाधीन कयाघाट ब्रिज और मरीन ड्राइव का निरीक्षण किया। उन्होंने कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी तथा विभागीय अधिकारियों से दोनों कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्यों में तेजी लाते हुए इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने रायगढ़ सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में चल रहे सड़क और भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों की पूर्ण उपयोगिता (Functionality) और टिकाऊपन (Sustainability) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। श्री बंसल ने रायगढ़ जिले में लोक निर्माण विभाग के सभी उप संभागों में प्रगतिरत सड़कों और पुलों की समीक्षा के बाद नवीन भवनों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने ट्रांजिट हॉस्टल, मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन, प्रयास आवासीय स्कूल भवन, कामकाजी महिला छात्रावास और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण की कार्ययोजनाओं की जानकारी लेकर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने को कहा। रायगढ़ के कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत के सीईओ अभिजीत बबन पठारे, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता आर.के. रात्रे और जी.एस. मंडावी, अधीक्षण अभियंता के.पी. संत, एन.के. लाल और जे.पी. तिग्गा सहित कार्यपालन अभियंता एवं सभी अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।