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सम्राट चौधरी ने दिल्ली में उठाई बिहार की आवाज, जल जीवन मिशन समेत कई योजनाओं के लिए मांगा फंड

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और बुनियादी ढांचों को मजबूत करने के लिए पुरजोर आवाज उठाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार ने अपने संसाधनों से निवेश कर 'जल जीवन मिशन' के राष्ट्रीय लक्ष्य को समय से पहले हासिल किया है। हालांकि, कुछ कारणों से इस योजना की केंद्रीय राशि अब तक राज्य को प्राप्त नहीं हो सकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार ने केंद्र के समक्ष अपनी लंबित और भावी योजनाओं के लिए बड़ी वित्तीय मांग रखी है। 18 हजार करोड़ की वित्तीय मदद की गुहार बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में बताया कि राज्य ने हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इस निवेश की भरपाई और वर्तमान योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए उन्होंने केंद्र से कुल 18 हजार करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। इस मांग के तहत उन्होंने खर्च हो चुकी राशि के केंद्रांश के रूप में 13 हजार करोड़ रुपये और वर्तमान में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की अपील की। राज्य ने हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इसकी भरपाई और वर्तमान योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र से कुल 18 हजार करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। कौशल विकास और नए संस्थानों के लिए विशेष फंड बिहार में युवाओं के हुनर को निखारने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सामने कई प्रस्ताव रखे। उन्होंने राज्य में चल रहे कौशल विकास कार्यों का ब्योरा देते हुए वित्तीय मदद की मांग की।     आर्यभट्ट अंतरराष्ट्रीय कौशल हब के तहत पटना में 640 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक केंद्र की स्थापना की जा रही है।     पीएम-सेतु योजना के माध्यम से 75 आईटीआई को मजबूत करने के लिए 3,615 करोड़ की डिमांड केंद्र से की गई।     'इंटिग्रेटेड स्कीम इन स्कीलिंग आर्किटेक्चर' पायलट प्रोजेक्ट के लिए 750 करोड़ की मांग सम्राट सरकार ने की।     जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के लिए 1,500 करोड़ की मांग केंद्र सरकार से की गई।     भागलपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए राशि की मांग भी सम्राट सरकार ने की है। पीएम-विश्वकर्मा योजना में बिहार की प्रगति रिपोर्ट बैठक के दौरान राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम-विश्वकर्मा योजना' के अंतर्गत बिहार में अब तक 1.18 लाख पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया जा चुका है। इससे जमीन पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। हॉकी विश्व कप और राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए मदद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को खेल के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए केंद्र से विशेष सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2028 में बिहार 'नेशनल यूथ गेम्स', वर्ष 2030 में 'हॉकी विश्व कप' और वर्ष 2031 में 'राष्ट्रीय खेल' (National Games) की मेजबानी करने के लिए तैयार है। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री को आश्वस्त किया कि बिहार 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र पर चलते हुए 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर काम कर रहा है।  

सिंधु की दमदार जीत, सुपर 500 टूर्नामेंट में खिताब से दो कदम दूर

नई दिल्ली भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। आज यानि 12 जून को उन्होंने चीन की चेन सु यू को क्वार्टर फाइनल में एकतरफा मैच में मात दी। चेन को 21-6, 21-9 से हराने और अंतिम चार में जगह बनाने में सिंधु को सिर्फ 31 मिनट लगे। जिससे उनके साल के पहले खिताब की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। एकतरफा मैच में पीवी सिंधु की जीत इस सीजन के आठ BWF ( बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ) टूर्नामेंट में सिंधु का यह केवल दूसरा सेमीफाइनल है। उतार-चढ़ाव भरे नतीजों वाले सीजन के बाद पीवी सिंधु के लिए अच्छी खबर है। क्वार्टर फाइनल में ईशारानी बरुहा को मात देने के बाद उन्होंने सेमिफाइनल में चेन सु यू के सामने अपने अनुभव और आक्रामक खेल से बढ़त हासिल कर ली। पहले सेट में सिंधु ने 21-6 से जीत हासिल की। इसके बाद विपक्षी को मुकाबले में आने का मौका नहीं दिया। दूसरे सेट में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 21-9 से बाजा मार ली। यह इस टूर्नामेंट में उनकी सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस में गिनी जा सकती है। क्वार्टर फाइनल में ईशारानी को 22-20 और 21-12 से हराया था। यह मुकाबला सिर्फ 42 मिनट में खत्म हो गया था। तन्वी शर्मा के पास इतिहास रचने का मौका इस जीत के साथ पीवी सिंधु ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपर 500 में खिताब जीतने से सिर्फ दो जीत दूर हैं। क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में अपनी प्रतिद्वंद्वी को जिस तरह से हराया उससे उनका आत्मविश्वास जरूर बढ़ा होगा। इसके साथ ही आपको बता दें कि महिला सिंगल्स में भारत की उम्मीदों को युवा खिलाड़ी तन्वी शर्मा से भी बढ़ावा मिला है। जिन्होंने अपनी ही देश की मालविका बंसोड़ को सीधे गेम में हराकर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई। 17 साल की तन्वी ने 21-13, 21-15 से जीत हासिल की और ऑस्ट्रेलिया में अपना शानदार खेल जारी रखा। तन्वी ने पिछले राउंड में चीन की पांचवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चिउ पिन-चियन को हराकर पहले ही सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था और इसके बाद मालविका के सामने भी अच्छा खेल दिखाया।  

महिला सुरक्षा और गुमशुदा बालिकाओं की बरामदगी में MP पुलिस की पहल को राज्य महिला आयोग की सराहना

महिला सुरक्षा एवं गुमशुदा बालिकाओं की शीघ्र बरामदगी के लिए मध्यप्रदेश पुलिस के प्रयासों की राज्य महिला आयोग ने की सराहना भोपाल राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव एवं सदस्य सुश्री साधना स्थापक ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा से महिला सुरक्षा, महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम, गुमशुदा बालिकाओं की खोज एवं बरामदगी तथा पीड़ित सहायता से संबंधित विषयों पर चर्चा की। बैठक के दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष एवं सदस्य ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तथा गुमशुदा बालिकाओं की बरामदगी के संबंध में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों में प्रभावी कार्रवाई तथा संवेदनशील पुलिसिंग को और सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा मध्यप्रदेश पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं के प्रत्येक प्रकरण में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण, अंतरराज्यीय समन्वय एवं विशेष पुलिस टीमों के माध्यम से गुमशुदा बालिकाओं की खोज एवं सुरक्षित बरामदगी के मामलों में निरंतर सफलता प्राप्त हो रही है। उन्होंने बताया कि दूरस्थ एवं अंतरराज्यीय गुमशुदगी के मामलों में भी समन्वित प्रयासों के माध्यम से बड़ी संख्या में बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की गई है। महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रदेशभर में सतत प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में महिला सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने, पीड़ित सहायता तंत्र को सुदृढ़ करने तथा महिला एवं बालिका संबंधी मामलों में विभिन्न संस्थाओं के मध्य समन्वय बढ़ाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पुलिस मुख्यालय की महिला सुरक्षा शाखा के विशेष पुलिस महानिदेशक (SDG) श्री अनिल कुमार सहित महिला शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

कोयल मल्लिक ने छोड़ी राज्यसभा सीट, TMC की संख्या घटी; ममता बनर्जी की बढ़ी चिंता

कोलकत्ता   पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। तीन राज्यसभा सांसदों के जाने का दुख मना रही ममता को चौथा झटका लगा है। राज्यसभा सांसद कोयल मलिक ने सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक इस्तीफा दे चुके हैं। कोयल मल्लिक चौथी राज्यसभा सांसद हैं, जिन्होंने इस्तीफा दिया है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि उन्होंने पार्टी से भी इस्तीफा दिया है या फिर नहीं। बता दें, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी को लगातार झटके लगते जा रहे हैं। पहले तीन दर्जन से ज्यादा विधायकों ने ममता को राजनीतिक हाशिए पर धकेल दिया। इसके बाद एक दर्जन लोकसभा सांसदों ने भी काकोली घोष दास्तीदार के नेतृत्व में ममता का साथ छोड़ने का ऐलान किया था। 13 राज्यसभा सांसदों के साथ केंद्र सरकार को चुनौती देने वाली ममता बनर्जी की मुश्किलें अब राज्यसभा सांसदों ने भी बढ़ाना शुरू कर दी है। पहले शुखेंदु शेखर रे ने 8 जून को इस्तीफा देकर इसकी शुरुआत की और अब हालत यह है कि चार सांसद इस्तीफा दे चुके हैं। सिर्फ दो महीने में अभिनेत्री से नेता बनी कोयल मल्लिक ने दिया इस्तीफा गौरतलब है कि स्टार लोगों को राजनीति में लाने वाली ममता बनर्जी ने बंगाली अभिनेत्री कोयल मल्लिक को इसी साल अप्रैल में राज्यसभा भेजा था। शपथ लेने के बाद उत्साहित नजर आ रही कोयल ने मीडिया से बात करते हुए देश सेवा की बात कही थी। उन्होंने कहा, "मैंने बेहद सोच समझकर यह फैसला लिया है। यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। देश की सेवा और लोगों की सेवा से बढ़कर कुछ नहीं है। कौन हैं कोयल मल्लिक? बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री कोयल मल्लिक का असली नाम रुक्मिणी मल्लिक है। दिग्गज बंगाली अभिनेता रंजीत मल्लिक के घर जन्मी कोयल ने शुरुआत से ही फिल्मों में अपना सफर शुरू करने की चाह रखी। 2003 में नाटेर गुरु नामक फिल्म से उन्होंने अपना फिल्मी करियर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने बंगाली फिल्म इंडस्ट्री पर राज करना शुरू कर दिया। युवाओं के बीच में मशहूर कोयल को ममता बनर्जी ने राज्यसभा जाने के लिए मनाया और अप्रैल 2026 में उन्हें राज्यसभ का सांसद बना दिया गया। राज्यसभा सांसद बनाए जाने के बाद कोयल ने ममता बनर्जी के प्रति अपना लगाव भी जाहिर किया था। लेकिन 4 मई के बाद हालात बदल गए। लोकसभा के सांसदों के बागी होने के बाद तृणमूल कांग्रेस के तीन राज्यसभा सांसद पद छोड़ चुके थे। इसी क्रम में कोयल घोष ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के मुताबिक, कोयल ने कोलकाता से ईमेल के जरिए अपना इस्तीफा संसद को सौंपा है।

पार्किंग की झंझट खत्म? चंडीगढ़ में रोबोट संभालेगा गाड़ियां, निरीक्षण करने पहुंचे दिल्ली मेयर

चंडीगढ़. आने वाले समय में स्मार्टसिटी का पार्किंग सिस्टम बदल सकता है। इसमें देरी हो सकती है, लेकिन इस आइडिया पर काम शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में मेयर सौरभ जोशी ने नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नई दिल्ली स्थित बाबा खड़क सिंह मार्ग पर विकसित मल्टीलेवल रोबोटिक पार्किंग सुविधा का दौरा किया और वहां की कार्यप्रणाली का विस्तृत अध्ययन किया। मेयर ने कहा कि चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव और सीमित शहरी भूमि को देखते हुए आधुनिक पार्किंग प्रबंधन समय की आवश्यकता बन गया है। दिल्ली में स्थापित रोबोटिक पार्किंग सिस्टम अत्याधुनिक तकनीक का उदाहरण है, जहां वाहन चालक को पार्किंग के लिए अलग से जगह तलाशने की आवश्यकता नहीं पड़ती। वाहन को एक निर्धारित प्लेटफार्म पर खड़ा करने के बाद पूरी प्रक्रिया स्वचालित रूप से संचालित होती है और वाहन सुरक्षित रूप से निर्धारित स्थान पर पहुंच जाता है। पार्किंग के अलग-अलग तल पर लिफ्ट के जरिए कार खाली जगह पर पहुंचकर पार्क हो जाती है। उन्होंने बताया कि ऐसे समाधान न केवल कम जगह में अधिक वाहनों की पार्किंग संभव बनाते हैं, बल्कि ट्रैफिक जाम कम करने, ईंधन की बचत करने और प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चंडीगढ़ में भी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट पार्किंग मॉडल विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नगर निगम शहर के विभिन्न व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर स्मार्ट पार्किंग प्रणाली लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन कर रहा है। इसके अलावा, शहर में कई नई मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं का भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, ताकि पार्किंग संकट का स्थायी समाधान निकाला जा सके। सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध शहर है चंडीगढ़ मेयर ने कहा कि चंडीगढ़ की पहचान सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध शहर के रूप में है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देख अब तकनीक आधारित समाधान अपनाना जरूरी हो गया है। दिल्ली की रोबोटिक पार्किंग प्रणाली का अध्ययन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्राप्त अनुभव और तकनीकी जानकारी का उपयोग चंडीगढ़ में बेहतर पार्किंग ढांचा विकसित करने में किया जाएगा। जरूरतों के अनुरूप व्यवस्था विकसित करनी होगी मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि लक्ष्य केवल पार्किंग स्थल बढ़ाना नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक स्मार्ट, सुरक्षित और कुशल शहरी परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, जिससे चंडीगढ़ देश के अग्रणी स्मार्ट शहरों में अपनी पहचान और मजबूत कर सके। नगर निगम अधिकारियों ने भी रोबोटिक पार्किंग प्रणाली की संचालन प्रक्रिया, रखरखाव, क्षमता, लागत और सुरक्षा मानकों से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। आने वाले समय में इन पहलुओं का अध्ययन कर चंडीगढ़ के लिए उपयुक्त मॉडल तैयार किया जाएगा।

बंटी रोमाणा को कनाडा में रोका गया, पंजाब में दर्ज केस बने वजह; एयरपोर्ट से वापस भेजे गए

 फरीदकोट शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं फरीदकोट के हलका इंचार्ज परमबंस सिंह बंटी रोमाणा को कनाडा में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। टोरंटो एयरपोर्ट पर रोके जाने के बाद रोमाणा को वापस भारत लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार, कनाडाई अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर उनकी एंट्री रोक दी। इसके बाद रोमाणा ने दावा किया कि कनाडा के इमिग्रेशन विभाग को उनके खिलाफ एक शिकायत भेजी गई थी, जिसमें पंजाब में उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों और उनसे संबंधित अदालती कार्यवाही का उल्लेख किया गया था।  रोमाणा का कहना है कि जिन मामलों का जिक्र शिकायत में किया गया, वे राजनीतिक गतिविधियों और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायत में उन्हें राजनीतिक उद्देश्य से कनाडा पहुंचने वाला बताया गया था, जिसके आधार पर उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इस घटनाक्रम के बाद रोमाणा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ की गई शिकायत राजनीतिक प्रेरित है और इसका उद्देश्य उनकी गतिविधियों को प्रभावित करना है। 

अवैध गुटखा निर्माण पर बड़ी कार्रवाई, छापेमारी में 12 आरोपी दबोचे गए

दुर्ग. जिले के अंडा थाना क्षेत्र के ग्राम कुथरेल और अंडा में दो स्थानों पर पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान अवैध गुटखा बनाकर बेचने वालों को पकड़ा गया। आरोपी वासिंग पाउडर की आड़ में गुटखा बनाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने लगभग 10 बोरियों में 60 किलो अवैध गुटखा और पैकिंग मशीने जब्त की है। इस मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को सूचना मिली थी कि आरोपी वाशिंग पाउडर बनाने की आड़ में सितार गुटखे का नकली गुटखा तैयार कर मार्केट में खपा रहे हैं। जैसे ही टीम ने ग्राम अंडा और कुथरेल के दो ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की, तब उन्होंने देखा कि आरोपी वाशिंग पाउडर बनाने की आड़ में नकली जर्दायुक्त गुटखा तैयार कर रहे थे। 10 बोरी गुटखा, पैकिंग मशीनें और नकली गुटखा बनाने की सामग्री जब्त पुलिस के अनुसार ये आरोपी पूर्व में छत्तीसगढ़ में अवैध गुटखा कारोबार के मुख्य सरगना गुरूमुख जुमनानी के गुटखा फैक्ट्री में काम कर चुके हैं। इस कार्रवाई के दौरान मौके से 10 बोरियों में 60 किलो गुटखा, तीन पैकिंग मशीनें और नकली गुटखा बनाने की सामग्री जब्त की गई। पुलिस ने गोदामों को किया सील, जांच के लिए भेजा सैंपल पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने गोदामों को सील कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है। खाद्य विभाग ने जब्त किए गए गुटखे को सैंपलिंग के लिए भेज दिया है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद इसमें कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले पर बड़ा एक्शन, ओवररेटिंग मामले में 4 अधिकारी सस्पेंड

रायपुर. छत्तीसगढ़ में शराब की ओवररेटिंग की शिकायतों पर आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा विभिन्न जिलों की मदिरा दुकानों में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचने के मामले सामने आने के बाद आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने 4 आबकारी उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। वहीं 8 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। आबकारी विभाग के अनुसार, रायपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बलौदाबाजार-भाटापारा और धमतरी जिलों की मदिरा दुकानों में ओवररेटिंग के मामले पकड़े गए। विभागीय जांच में संबंधित अधिकारियों के क्षेत्राधिकार में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है। फाफाडीह शराब दुकान में 20 रुपये अधिक वसूले गए विदेशी मदिरा दुकान फाफाडीह (रायपुर) में औचक निरीक्षण के दौरान विक्रेता अश्वन कुमार मेरिया द्वारा ऑल सीजन गोल्डन कलेक्शन रिजर्व व्हिस्की के दो पाव निर्धारित 480 रुपये के बजाय 500 रुपये में बेचे जाने का मामला सामने आया। इस मामले में विक्रेता के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। मामला आबकारी उपनिरीक्षक कौशल किशोर सोनी के प्रभार क्षेत्र का होने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। गंडई में भी मिली ओवररेटिंग की शिकायत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान गंडई में विक्रेता वेदप्रकाश निर्मलकर द्वारा तीन पाव देशी शराब निर्धारित 240 रुपये के बजाय 250 रुपये में बेचे जाने का मामला सामने आया। इसके बाद विक्रेता के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। इस मामले में वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक प्रभाकर सिरमौर को निलंबित किया गया है। वहीं सहायक जिला आबकारी अधिकारी चन्द्रप्रताप सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। हिरमी और कुरूद में भी कार्रवाई बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान हिरमी में विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से 30 रुपये अधिक वसूले जाने का मामला सामने आया। इस प्रकरण में प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक मनराखन नेताम को निलंबित किया गया है। इसी प्रकार धमतरी जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान कुरूद में दो अलग-अलग मामलों में देशी शराब की बिक्री निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर किए जाने की पुष्टि हुई। इस मामले में आबकारी उपनिरीक्षक पुरुषोत्तम सिन्हा को निलंबित किया गया है। इन आठ अधिकारियों को नोटिस आबकारी विभाग ने जिन 8 जिला आबकारी और सहायक जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, उनमें निरुपमा लोन्हारे, मुकेश अग्रवाल, जलेश सिंह, अजय सिंह धुर्वे, राजेश कुमार शर्मा, जेबा खान, चंद्रप्रताप सिंह और अल्ताफ खान शामिल हैं। आबकारी आयुक्त ने कहा कि संबंधित अधिकारियों के प्रभार क्षेत्रों में इस प्रकार की गंभीर अनियमितताओं का पाया जाना उनके कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, उदासीनता और शिथिल नियंत्रण को दर्शाता है। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लंघन मानते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

भारतीय शूटिंग के युग का अंत, जसपाल राणा ने दुनिया को कहा अलविदा

नई दिल्ली भारतीय खेल इतिहास के सबसे चमकदार निशानेबाजों में शामिल जसपाल राणा का निधन हो गया है. वह 49 साल के थे. जर्मनी से लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और दिल्ली में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर से भारतीय खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. राणा जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से भारतीय दल की वापसी की उड़ान के दौरान बीमार पड़ गए थे और उन्हें एक चिकित्सा प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था. नई दिल्ली में उतरते ही उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और उन्हें स्टेंट डाले गए थे. राणा भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के लिए ‘हाई परफार्मेंस कोच’ के रूप में कार्यरत थे. जसपाल  राणा अपने पीछे पत्नी रीना राणा, पुत्री देवांशी, पुत्र युवराज, पिता नारायण सिंह राणा तथा दो भाई-बहन सुषमा सिंह और सुभाष राणा को छोड़ गए हैं. गढ़वाल से ग्लोबल मंच तक 28 जून 1976 को उत्तराखंड के एक गढ़वाली परिवार में जन्मे जसपाल राणा का संबंध एक खेल-प्रेरित परिवार से था. उनके पिता नारायण सिंह राणा सेना के पूर्व अधिकारी रहे और बाद में उत्तराखंड के पहले खेल मंत्री बने. बचपन से ही निशानेबाजी का माहौल उन्हें विरासत में मिला और उनके पिता ही उनके पहले कोच बने. महज 12 वर्ष की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया था, जिससे उनका नाम तेजी से उभरने लगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने X पर लिखा कि राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है.     करियर की शुरुआत और अंतरराष्ट्रीय पहचान 1988 में अहमदाबाद में हुए राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने देश का ध्यान खींचा. इसके बाद 1994 में मिलान (इटली) में जूनियर वर्ल्ड शूटिंग चैम्पियनशिप  में उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैलाई. 1996 अटलांटा ओलंपिक में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और 10 मीटर एयर पिस्टल व 50 मीटर फ्री पिस्टल इवेंट में हिस्सा लिया. कॉमनवेल्थ गेम्स के सबसे सफल भारतीय जसपाल राणा का नाम कॉमनवेल्थ गेम्स इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. – कुल 15 पदक – 9 स्वर्ण, 4 रजत, 2 कांस्य – 1994, 1998, 2002 और 2006 में लगातार चार संस्करणों में पदक 2002 मैनचेस्टर कॉमनवेल्थ गेम्स उनका सबसे सफल संस्करण रहा, जहां उन्होंने 6 पदक जीतकर इतिहास रचा.  एशियन गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन 2006 दोहा एशियन गेम्स में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए- – 3 स्वर्ण पदक – 1 रजत पदक 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में 590 अंक बनाकर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, जो उनके करियर का सबसे प्रतिष्ठित क्षण माना जाता है. सम्मान और राष्ट्रीय पहचान उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च खेल और नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया- – अर्जुन पुरस्कार (1994) – पद्मश्री (1997) – द्रोणाचार्य पुरस्कार (2020 में- कोचिंग के लिए)  कोचिंग में सुनहरा अध्याय खेल करियर के बाद उन्होंने कोचिंग को अपना मिशन बनाया. 2012 के बाद उन्होंने युवा भारतीय निशानेबाजों को तैयार करना शुरू किया और भारतीय शूटिंग की नई पीढ़ी को मजबूत आधार दिया. 2018 से वे ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के कोच बने. दोनों के बीच 2021 में कुछ समय का अलगाव रहा, लेकिन 2023 में वे फिर साथ आए और 2024 ओलंपिक की तैयारी की. उनकी ट्रेनिंग शैली को बेहद अनुशासित और अंतरराष्ट्रीय स्तर का माना जाता था, जिसमें ओलंपिक जैसी परिस्थितियों का अभ्यास कराया जाता था. राणा हमेशा कहते थे कि कोचिंग उनका जुनून है और उनका उद्देश्य खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर तैयार करना है, न कि व्यावसायिक लाभ. देहरादून स्थित उनकी अकादमी से कई युवा निशानेबाज निकले जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया. दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा का निधन, 49 साल की उम्र में ली आखिरी सांस  एक युग का अंत जसपाल राणा का जाना भारतीय शूटिंग के लिए एक अपूरणीय क्षति है. उन्होंने न केवल पदक जीते, बल्कि एक पूरी पीढ़ी तैयार की जिसने भारत को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाया. उनकी विरासत भारतीय खेल इतिहास में हमेशा जीवित रहेगी -एक ऐसे खिलाड़ी

समावेशी विकास और जनकल्याण के पथ पर तेजी से बढ़ रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश समावेशी विकास, नवाचार और जनकल्याण के दृढ़ संकल्प के साथ निरंतर बढ़ रहा आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में बताई गईं मध्यप्रदेश की उपलब्धियां भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गुरूवार को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में सभी वर्गों के विकास के लिए किए जा रहे विशेष प्रयत्नों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि काउंसिल की बैठक में 'विकसित भारत @2047' के संकल्प को साकार करने के लिए केंद्र और राज्यों की साझी भागीदारी, समन्वित प्रयासों तथा विकास के विभिन्न आयामों पर व्यापक और सार्थक चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए सुशासन, समावेशी विकास, नवाचार और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब देंगे विकास को गति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में जानकारी दी कि प्रदेश को नक्सलवाद का खात्मा केंद्र सरकार द्वारा तय की गई समय-सीमा से पहले करने में सफलता मिली है। प्रदेश के जो क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित थे, वहां विकास की गति तेज की जाएगी। युवाओं के विकास पर विशेष रूप से जोर रहेगा। इसके साथ ही प्रदेश में बहनों और बेटियों की उन्नति, कृषक कल्याण, नए मेडीकल कॉलेजों के माध्यम से उपचार कार्य को गुणवत्तापूर्ण बनाते हुए बेहतर कार्य हो रहा है। इसी तरह आरोग्य मंदिर सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश अग्रसर है। नदी जोड़ो परियोजनाओं के क्रियान्वयन की तैयारी की गई है। पीएममहाविद्यालयों के माध्यम से युवाओं को अनेक संकायों और विषयों के अध्ययन से जोड़ा गया है। कौशल विकास और औद्योगिकीकरण के प्रयास तेज हुए हैं। देश में सबसे पहले पीएम मित्र पार्क की धार जिले में स्थापना हुई है, यहां शीघ्र ही इकाइयों द्वारा रिकार्ड समय में कार्य प्रारंभ हो रहा है। भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के वेस्ट को निष्पादित करने के साथ ही प्रदेश में जनकल्याण की दृष्टि से अनेक नए कार्य प्रारंभ करने पर ध्यान दिया जा रहा है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की इस बैठक में मुख्यत: 'मूलभूत मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल', 'उत्पादक रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास', 'स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण' एवं 'सभी के लिए समानता और गरिमा' से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में देश में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास को बढ़ाने और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।