samacharsecretary.com

शादी से पहले पहुंची टीम, पंजाब में 15 बाल विवाह रोके गए, प्रशासन की सराहनीय पहल

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए अप्रैल 2026 के दौरान राज्यभर में 15 बाल विवाह समय रहते रुकवाए। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि इन मामलों में त्वरित हस्तक्षेप से बच्चों का बचपन, उनकी शिक्षा और भविष्य सुरक्षित किया गया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों और उनके उज्ज्वल भविष्य पर गंभीर प्रहार है। रोका गया हर बाल विवाह एक बच्चे के सपनों को नई दिशा देने और उसे सुरक्षित बचपन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य का अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों का स्थान विवाह मंडप में नहीं, बल्कि विद्यालय में है। महीने में 3000 से अधिक जागरुक कार्यक्रम करवाए मंत्री के अनुसार, बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अप्रैल माह के दौरान पंजाब में 3000 से अधिक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। स्कूलों, गांवों, आंगनवाड़ी केंद्रों और विभिन्न समुदायों में हुए इन कार्यक्रमों के जरिए अभिभावकों, युवाओं और आम नागरिकों को बाल विवाह के नुकसान तथा बच्चों के अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाइयां, चाइल्ड वेलफेयर कमेटियां, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। बाल विवाह, बाल शोषण, बाल मजदूरी या बच्चों से जुड़े किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दी जा सकती है, जहां से तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाने की मांग डॉ. बलजीत कौर ने पंचायती राज संस्थाओं, शिक्षकों, धार्मिक एवं सामाजिक नेताओं और आम लोगों से अपील की कि वे बाल विवाह के खिलाफ इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और किसी भी संदिग्ध मामले की तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि जनभागीदारी, व्यापक जागरूकता और कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के बल पर पंजाब बाल विवाह के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और बच्चों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक तथा अवसरों से भरपूर समाज के निर्माण का लक्ष्य हासिल करेगा।

प्रदर्शन में भाग लेना पड़ा महंगा, हरियाणा की महिला शिक्षक पर गिरी निलंबन की गाज

रोहतक  हरियाणा के रोहतक जिले के एक सरकारी स्कूल में कार्यरत एक अतिथि शिक्षिका को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले सप्ताह हुए एक प्रदर्शन में शामिल होने के कुछ दिनों बाद निलंबित कर दिया गया है। यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित किया गया था। जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ने  शिक्षिका सुलेखा दलाल को आठ जून से निलंबित करने का आदेश जारी किया। हालांकि आदेश में निलंबन का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। खुद को बताया था कॉकरोच की मां आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान रोहतक खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय उनका मुख्यालय रहेगा और उन्हें बिना पूर्व अनुमति के वहां से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। गौरतलब है कि एक वीडियो क्लिप में दलाल को जंतर-मंतर पर आयोजित सीजेपी के प्रदर्शन के बोलते हुए देखा गया था। वीडियो में कथित तौर पर उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि यह लड़ाई है। इस बार ‘करो या मरो’ की लड़ाई है। अब ‘कॉकरोच की मां’ मैदान में उतर चुकी है। हम किसी समूह का हिस्सा नहीं हैं, हम अपने बच्चों के साथ हैं। एक मां पूरे देश की मां होती है। क्या बोली टीचर     निलंबन को लेकर पूछे जाने पर दलाल ने कहा कि उन्हें इसके कारण की जानकारी नहीं है।     उन्होंने कहा कि मैं कई वर्षों से काम कर रही हूं। मुझे यह नहीं पता था कि वहां (प्रदर्शन में) शामिल नहीं हुआ जा सकता।     मुझे लगता है कि निलंबन से पहले मुझे कारण बताया जाना चाहिए था।     शिक्षिका ने बताया कि उनके स्नातक पुत्र ने उस भर्ती परीक्षा में भाग लिया था, जिसमें कथित अनियमितताएं सामने आई हैं।     उन्होंने कहा कि इसलिए मेरा बेटा और एक अभिभावक के रूप मैं प्रभावित हैं। मेरा किसी पार्टी या संगठन से कोई संबंध नहीं उन्होंने कहा कि मैं वहां केवल एक चिंतित मां के रूप में गई थी। मैंने जो कहा, वह एक मां का दर्द था। मेरा किसी पार्टी या संगठन से कोई संबंध नहीं है। उल्लेखनीय है कि अतिथि शिक्षक की नियुक्ति सरकार द्वारा अस्थायी रिक्तियों को भरने के लिए अनुबंध के आधार पर की जाती है। सीजेपी का प्रदर्शन छह जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ था, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों और युवाओं ने कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग की थी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। यह समूह हाल के हफ्तों में परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया अभियानों के जरिए चर्चा में आया है और खुद को शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांग करने वाला युवा मंच बताता है।  

मानसून से पहले पूरे हों एनीकट और बांध निर्माण कार्य, अधिकारियों को निर्देश

अलवर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने गुरूवार को अलवर में वन विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ  भाखेडा, भूरासिद्ध व जरखवाला एनीकट एवं निदानी बांध का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री शर्मा ने जल संरक्षण से संबंधित कार्यों का बारीकी से अवलोकन कर निर्देश दिये कि एनिकट व बांध निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए सभी कार्य मानसून से पूर्व ही पूर्ण होना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिये कि एनिकट व बांध में वर्षा जल आने में कोई अवरोध न रहे, इसके लिए आसपास के केचमेंट एरिया की साफ-सफाई करायें। डिसिल्टिंग आदि कार्य को भी समयबद्ध रूप में पूर्ण करायें। उन्होंने निर्देश दिये कि एनिकट के किनारे भ्रमण हेतु सुन्दर पाथवे, ग्रीनरी एवं सौन्दर्यकरण के कार्य शुरू करें। ये एनिकट बनने से पर्यावरण संरक्षण के साथ वन्यजीवों व पेड-पौधों को जल की उपलब्धता होगी,  वर्षा जल संरक्षण से शहर के भूमिगत जल स्तर में वृद्धि होगी। इन एनिकटों के सौन्दर्यकरण से पर्यटन में भी वृद्धि होगी। उन्होंने चोर डूंगरी पहाडी पर श्रीराम वाटिका हेतु चिन्हित किए गए स्थान का अवलोकन कर वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाटिका के निर्माण हेतु कार्य योजना तैयार कर इसका निर्माण प्राकृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण को दृष्टिगत रखते हुए कराया जाए जिससे यहां आने वाले लोगों को प्राकृतिक परिवेश का अनुभव हो सके। उन्होंने निर्देश दिया कि वाटिका में वृहद स्तर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाएं,  सौन्दर्यकरण व हरियाली पर विशेष फोकस करें। इसके उपरान्त उन्होंने अपने प्रतिदिन के पौधारोपण के संकल्प के तहत मातृवन में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक श्री अरूण प्रसाद, डीएफओ अलवर श्री राजेन्द्र हुड्डा, डीएफओ सरिस्का श्री अभिमन्यु सहारण, श्री घनश्याम गुर्जर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

नाबालिग पीड़िताओं से समझौता कराने के आरोप में SI पर कार्रवाई, SSP ने बैठाई जांच

बिलासपुर. 7 वर्षीय दो मासूमों से दुष्कर्म मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है. सिरगिट्टी थाना में पदस्थ उप निरीक्षक (SI) शीतला प्रसाद त्रिपाठी को लाइन अटैच कर दिया गया है. मामले की जांच की जिम्मेदारी अब एएसपी रश्मित कौर चावला को सौंप दी गई है. दरअसल, 14 साल के नाबालिग ने 7 साल की दो मासूमों के साथ दुष्कर्म किया है. मामले में दोनों पीड़िताओं की माता का आरोप है कि जब वह थाना में शिकायत दर्ज करवाने पहुंची थी, तब उनपर उप निरीक्षक शीतला प्रसाद त्रिपाठी ने समझौता करने के लिए दबाव बनाया. इसकी शिकायत परिजनों ने एसएसपी से की थी.  चॉकलेट खिलाने के बहाने करता था गलत काम मासूमों ने परजिनों को बताया कि आरोपी उन्हें चॉकलेट खिलाने के नाम से ले जाकर गलत काम करता था. उस समय उन्हें रस्सी से बांधकर रखा जाता था.  एसएसपी ने दिए कड़े निर्देश  मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह ने जांच की जिम्मेदारी एएसपी रश्मित कौर चावला को दी है. उन्हें मामले की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. एसएसपी ने समय पर जांच पूरी कर अभियोग पत्र कोर्ट में पेश करने के अलावा वीकली रिपोर्ट मांगी है.

सम्राट चौधरी ने दिल्ली में उठाई बिहार की आवाज, जल जीवन मिशन समेत कई योजनाओं के लिए मांगा फंड

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और बुनियादी ढांचों को मजबूत करने के लिए पुरजोर आवाज उठाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार ने अपने संसाधनों से निवेश कर 'जल जीवन मिशन' के राष्ट्रीय लक्ष्य को समय से पहले हासिल किया है। हालांकि, कुछ कारणों से इस योजना की केंद्रीय राशि अब तक राज्य को प्राप्त नहीं हो सकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार ने केंद्र के समक्ष अपनी लंबित और भावी योजनाओं के लिए बड़ी वित्तीय मांग रखी है। 18 हजार करोड़ की वित्तीय मदद की गुहार बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में बताया कि राज्य ने हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इस निवेश की भरपाई और वर्तमान योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए उन्होंने केंद्र से कुल 18 हजार करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। इस मांग के तहत उन्होंने खर्च हो चुकी राशि के केंद्रांश के रूप में 13 हजार करोड़ रुपये और वर्तमान में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की अपील की। राज्य ने हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इसकी भरपाई और वर्तमान योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र से कुल 18 हजार करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। कौशल विकास और नए संस्थानों के लिए विशेष फंड बिहार में युवाओं के हुनर को निखारने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सामने कई प्रस्ताव रखे। उन्होंने राज्य में चल रहे कौशल विकास कार्यों का ब्योरा देते हुए वित्तीय मदद की मांग की।     आर्यभट्ट अंतरराष्ट्रीय कौशल हब के तहत पटना में 640 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक केंद्र की स्थापना की जा रही है।     पीएम-सेतु योजना के माध्यम से 75 आईटीआई को मजबूत करने के लिए 3,615 करोड़ की डिमांड केंद्र से की गई।     'इंटिग्रेटेड स्कीम इन स्कीलिंग आर्किटेक्चर' पायलट प्रोजेक्ट के लिए 750 करोड़ की मांग सम्राट सरकार ने की।     जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के लिए 1,500 करोड़ की मांग केंद्र सरकार से की गई।     भागलपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए राशि की मांग भी सम्राट सरकार ने की है। पीएम-विश्वकर्मा योजना में बिहार की प्रगति रिपोर्ट बैठक के दौरान राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम-विश्वकर्मा योजना' के अंतर्गत बिहार में अब तक 1.18 लाख पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया जा चुका है। इससे जमीन पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। हॉकी विश्व कप और राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए मदद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को खेल के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए केंद्र से विशेष सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2028 में बिहार 'नेशनल यूथ गेम्स', वर्ष 2030 में 'हॉकी विश्व कप' और वर्ष 2031 में 'राष्ट्रीय खेल' (National Games) की मेजबानी करने के लिए तैयार है। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री को आश्वस्त किया कि बिहार 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र पर चलते हुए 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर काम कर रहा है।  

सिंधु की दमदार जीत, सुपर 500 टूर्नामेंट में खिताब से दो कदम दूर

नई दिल्ली भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। आज यानि 12 जून को उन्होंने चीन की चेन सु यू को क्वार्टर फाइनल में एकतरफा मैच में मात दी। चेन को 21-6, 21-9 से हराने और अंतिम चार में जगह बनाने में सिंधु को सिर्फ 31 मिनट लगे। जिससे उनके साल के पहले खिताब की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। एकतरफा मैच में पीवी सिंधु की जीत इस सीजन के आठ BWF ( बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ) टूर्नामेंट में सिंधु का यह केवल दूसरा सेमीफाइनल है। उतार-चढ़ाव भरे नतीजों वाले सीजन के बाद पीवी सिंधु के लिए अच्छी खबर है। क्वार्टर फाइनल में ईशारानी बरुहा को मात देने के बाद उन्होंने सेमिफाइनल में चेन सु यू के सामने अपने अनुभव और आक्रामक खेल से बढ़त हासिल कर ली। पहले सेट में सिंधु ने 21-6 से जीत हासिल की। इसके बाद विपक्षी को मुकाबले में आने का मौका नहीं दिया। दूसरे सेट में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 21-9 से बाजा मार ली। यह इस टूर्नामेंट में उनकी सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस में गिनी जा सकती है। क्वार्टर फाइनल में ईशारानी को 22-20 और 21-12 से हराया था। यह मुकाबला सिर्फ 42 मिनट में खत्म हो गया था। तन्वी शर्मा के पास इतिहास रचने का मौका इस जीत के साथ पीवी सिंधु ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपर 500 में खिताब जीतने से सिर्फ दो जीत दूर हैं। क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में अपनी प्रतिद्वंद्वी को जिस तरह से हराया उससे उनका आत्मविश्वास जरूर बढ़ा होगा। इसके साथ ही आपको बता दें कि महिला सिंगल्स में भारत की उम्मीदों को युवा खिलाड़ी तन्वी शर्मा से भी बढ़ावा मिला है। जिन्होंने अपनी ही देश की मालविका बंसोड़ को सीधे गेम में हराकर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई। 17 साल की तन्वी ने 21-13, 21-15 से जीत हासिल की और ऑस्ट्रेलिया में अपना शानदार खेल जारी रखा। तन्वी ने पिछले राउंड में चीन की पांचवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चिउ पिन-चियन को हराकर पहले ही सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था और इसके बाद मालविका के सामने भी अच्छा खेल दिखाया।  

महिला सुरक्षा और गुमशुदा बालिकाओं की बरामदगी में MP पुलिस की पहल को राज्य महिला आयोग की सराहना

महिला सुरक्षा एवं गुमशुदा बालिकाओं की शीघ्र बरामदगी के लिए मध्यप्रदेश पुलिस के प्रयासों की राज्य महिला आयोग ने की सराहना भोपाल राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव एवं सदस्य सुश्री साधना स्थापक ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा से महिला सुरक्षा, महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम, गुमशुदा बालिकाओं की खोज एवं बरामदगी तथा पीड़ित सहायता से संबंधित विषयों पर चर्चा की। बैठक के दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष एवं सदस्य ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तथा गुमशुदा बालिकाओं की बरामदगी के संबंध में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों में प्रभावी कार्रवाई तथा संवेदनशील पुलिसिंग को और सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा मध्यप्रदेश पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं के प्रत्येक प्रकरण में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण, अंतरराज्यीय समन्वय एवं विशेष पुलिस टीमों के माध्यम से गुमशुदा बालिकाओं की खोज एवं सुरक्षित बरामदगी के मामलों में निरंतर सफलता प्राप्त हो रही है। उन्होंने बताया कि दूरस्थ एवं अंतरराज्यीय गुमशुदगी के मामलों में भी समन्वित प्रयासों के माध्यम से बड़ी संख्या में बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की गई है। महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रदेशभर में सतत प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में महिला सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने, पीड़ित सहायता तंत्र को सुदृढ़ करने तथा महिला एवं बालिका संबंधी मामलों में विभिन्न संस्थाओं के मध्य समन्वय बढ़ाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पुलिस मुख्यालय की महिला सुरक्षा शाखा के विशेष पुलिस महानिदेशक (SDG) श्री अनिल कुमार सहित महिला शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

कोयल मल्लिक ने छोड़ी राज्यसभा सीट, TMC की संख्या घटी; ममता बनर्जी की बढ़ी चिंता

कोलकत्ता   पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। तीन राज्यसभा सांसदों के जाने का दुख मना रही ममता को चौथा झटका लगा है। राज्यसभा सांसद कोयल मलिक ने सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक इस्तीफा दे चुके हैं। कोयल मल्लिक चौथी राज्यसभा सांसद हैं, जिन्होंने इस्तीफा दिया है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि उन्होंने पार्टी से भी इस्तीफा दिया है या फिर नहीं। बता दें, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी को लगातार झटके लगते जा रहे हैं। पहले तीन दर्जन से ज्यादा विधायकों ने ममता को राजनीतिक हाशिए पर धकेल दिया। इसके बाद एक दर्जन लोकसभा सांसदों ने भी काकोली घोष दास्तीदार के नेतृत्व में ममता का साथ छोड़ने का ऐलान किया था। 13 राज्यसभा सांसदों के साथ केंद्र सरकार को चुनौती देने वाली ममता बनर्जी की मुश्किलें अब राज्यसभा सांसदों ने भी बढ़ाना शुरू कर दी है। पहले शुखेंदु शेखर रे ने 8 जून को इस्तीफा देकर इसकी शुरुआत की और अब हालत यह है कि चार सांसद इस्तीफा दे चुके हैं। सिर्फ दो महीने में अभिनेत्री से नेता बनी कोयल मल्लिक ने दिया इस्तीफा गौरतलब है कि स्टार लोगों को राजनीति में लाने वाली ममता बनर्जी ने बंगाली अभिनेत्री कोयल मल्लिक को इसी साल अप्रैल में राज्यसभा भेजा था। शपथ लेने के बाद उत्साहित नजर आ रही कोयल ने मीडिया से बात करते हुए देश सेवा की बात कही थी। उन्होंने कहा, "मैंने बेहद सोच समझकर यह फैसला लिया है। यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। देश की सेवा और लोगों की सेवा से बढ़कर कुछ नहीं है। कौन हैं कोयल मल्लिक? बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री कोयल मल्लिक का असली नाम रुक्मिणी मल्लिक है। दिग्गज बंगाली अभिनेता रंजीत मल्लिक के घर जन्मी कोयल ने शुरुआत से ही फिल्मों में अपना सफर शुरू करने की चाह रखी। 2003 में नाटेर गुरु नामक फिल्म से उन्होंने अपना फिल्मी करियर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने बंगाली फिल्म इंडस्ट्री पर राज करना शुरू कर दिया। युवाओं के बीच में मशहूर कोयल को ममता बनर्जी ने राज्यसभा जाने के लिए मनाया और अप्रैल 2026 में उन्हें राज्यसभ का सांसद बना दिया गया। राज्यसभा सांसद बनाए जाने के बाद कोयल ने ममता बनर्जी के प्रति अपना लगाव भी जाहिर किया था। लेकिन 4 मई के बाद हालात बदल गए। लोकसभा के सांसदों के बागी होने के बाद तृणमूल कांग्रेस के तीन राज्यसभा सांसद पद छोड़ चुके थे। इसी क्रम में कोयल घोष ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के मुताबिक, कोयल ने कोलकाता से ईमेल के जरिए अपना इस्तीफा संसद को सौंपा है।

पार्किंग की झंझट खत्म? चंडीगढ़ में रोबोट संभालेगा गाड़ियां, निरीक्षण करने पहुंचे दिल्ली मेयर

चंडीगढ़. आने वाले समय में स्मार्टसिटी का पार्किंग सिस्टम बदल सकता है। इसमें देरी हो सकती है, लेकिन इस आइडिया पर काम शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में मेयर सौरभ जोशी ने नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नई दिल्ली स्थित बाबा खड़क सिंह मार्ग पर विकसित मल्टीलेवल रोबोटिक पार्किंग सुविधा का दौरा किया और वहां की कार्यप्रणाली का विस्तृत अध्ययन किया। मेयर ने कहा कि चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव और सीमित शहरी भूमि को देखते हुए आधुनिक पार्किंग प्रबंधन समय की आवश्यकता बन गया है। दिल्ली में स्थापित रोबोटिक पार्किंग सिस्टम अत्याधुनिक तकनीक का उदाहरण है, जहां वाहन चालक को पार्किंग के लिए अलग से जगह तलाशने की आवश्यकता नहीं पड़ती। वाहन को एक निर्धारित प्लेटफार्म पर खड़ा करने के बाद पूरी प्रक्रिया स्वचालित रूप से संचालित होती है और वाहन सुरक्षित रूप से निर्धारित स्थान पर पहुंच जाता है। पार्किंग के अलग-अलग तल पर लिफ्ट के जरिए कार खाली जगह पर पहुंचकर पार्क हो जाती है। उन्होंने बताया कि ऐसे समाधान न केवल कम जगह में अधिक वाहनों की पार्किंग संभव बनाते हैं, बल्कि ट्रैफिक जाम कम करने, ईंधन की बचत करने और प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चंडीगढ़ में भी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट पार्किंग मॉडल विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नगर निगम शहर के विभिन्न व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर स्मार्ट पार्किंग प्रणाली लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन कर रहा है। इसके अलावा, शहर में कई नई मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं का भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, ताकि पार्किंग संकट का स्थायी समाधान निकाला जा सके। सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध शहर है चंडीगढ़ मेयर ने कहा कि चंडीगढ़ की पहचान सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध शहर के रूप में है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देख अब तकनीक आधारित समाधान अपनाना जरूरी हो गया है। दिल्ली की रोबोटिक पार्किंग प्रणाली का अध्ययन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्राप्त अनुभव और तकनीकी जानकारी का उपयोग चंडीगढ़ में बेहतर पार्किंग ढांचा विकसित करने में किया जाएगा। जरूरतों के अनुरूप व्यवस्था विकसित करनी होगी मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि लक्ष्य केवल पार्किंग स्थल बढ़ाना नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक स्मार्ट, सुरक्षित और कुशल शहरी परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, जिससे चंडीगढ़ देश के अग्रणी स्मार्ट शहरों में अपनी पहचान और मजबूत कर सके। नगर निगम अधिकारियों ने भी रोबोटिक पार्किंग प्रणाली की संचालन प्रक्रिया, रखरखाव, क्षमता, लागत और सुरक्षा मानकों से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। आने वाले समय में इन पहलुओं का अध्ययन कर चंडीगढ़ के लिए उपयुक्त मॉडल तैयार किया जाएगा।

बंटी रोमाणा को कनाडा में रोका गया, पंजाब में दर्ज केस बने वजह; एयरपोर्ट से वापस भेजे गए

 फरीदकोट शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं फरीदकोट के हलका इंचार्ज परमबंस सिंह बंटी रोमाणा को कनाडा में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। टोरंटो एयरपोर्ट पर रोके जाने के बाद रोमाणा को वापस भारत लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार, कनाडाई अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर उनकी एंट्री रोक दी। इसके बाद रोमाणा ने दावा किया कि कनाडा के इमिग्रेशन विभाग को उनके खिलाफ एक शिकायत भेजी गई थी, जिसमें पंजाब में उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों और उनसे संबंधित अदालती कार्यवाही का उल्लेख किया गया था।  रोमाणा का कहना है कि जिन मामलों का जिक्र शिकायत में किया गया, वे राजनीतिक गतिविधियों और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायत में उन्हें राजनीतिक उद्देश्य से कनाडा पहुंचने वाला बताया गया था, जिसके आधार पर उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इस घटनाक्रम के बाद रोमाणा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ की गई शिकायत राजनीतिक प्रेरित है और इसका उद्देश्य उनकी गतिविधियों को प्रभावित करना है।